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                <title>ravan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>डेढ़ हजार रुपए फुट हो गई है रावण के पुतले की लागत, कारीगर बोले-मौसम साथ रहा तो ही हो पाएगी कमाई</title>
                                    <description><![CDATA[मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस ने भाजपा पार्षदों में सेंध का दावा कर सियासी हलचल बढ़ा दी है। 57 नवनिर्वाचित कांग्रेसी पार्षदों के अभिनंदन समारोह में नेताओं ने एकजुट रहने की अपील की। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने दावा किया कि भाजपा के कई पार्षद टिकट और प्रत्याशी चयन से नाराज हैं और अंतरात्मा की आवाज पर मतदान कर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-cost-of-ravanas-effigy-has-increased-to-one-and/article-166119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)56.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। इस बार बड़े आकार के पुतले तैयार करने वाले कारीगरों के सामने लागत बढ़ने की चुनौती है। बांस से लेकर कागज, तार, मैदा और रंग की कीमतों में इजाफा हुआ है। ऐसे में कारीगरों को उम्मीद है कि मौसम अनुकूल रहा तो सीजन में मेहनत का मुनाफा मिल सकता है। कारीगर के मुताबिक छोटे से लेकर बड़े पुतलों तक की कीमत उनके आकार और निर्माण तकनीक पर निर्भर करती है। करीब 25 फीट के पुतले की कीमत लगभग 40 हजार रुपए तक पहुंच सकती है। इससे बड़े पुतले तैयार करने के लिए मोटर का इस्तेमाल किया जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">करीब 55 से 60 फीट के पुतले 70 से 80 हजार रुपए तक में तैयार किए जाते हैं। पुतला तैयार करने में सबसे पहले बांस से ढांचा बनाया जाता है। इसके बाद उसमें मैदा, पेपर, तार, रंगीन कागज और पेंट जैसी सामग्री का इस्तेमाल होता है। इन सभी चीजों की कीमत बढ़ने से पुतला बनाने की लागत पर सीधा असर पड़ा है। इसके बावजूद ग्राहकों की मांग और बजट के अनुसार अलग-अलग आकार के पुतले तैयार किए जा रहे हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 10:28:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>धूं-धूं कर जलते हुए धरती पर गिरा रावण, लोगों ने लगाए जयघोष </title>
                                    <description><![CDATA[कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी जल गए। देवताओं ने आसमान से प्रभु पर पुष्पवर्षा की और लाखों लोगों ने जयघोष लगाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ravan-effigy-brrn-on-the-dashara/article-60420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(5)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रभु श्रीराम, श्रीलक्ष्मण और बजरंगबली के नेतृत्व में वानर सेना लंका पहुंची। मर्यादा पुरुषोत्तम ने रावण पर तीर चलाकर अभिमान को चूर किया, तो धरती डोल गई, आसमान में स्टार वॉर जैसे नजारे दिखे। रावण के पुतले की आंखों से शोले और मुंह से आग के निकलते गोले, रावण के सिर से अग्नि चक्र चला और दसकंधर का दंभ टूटा और धूं-धूं कर जलते हुए वह धरती पर आकर गिर गया। इसके साथ कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी जल गए। देवताओं ने आसमान से प्रभु पर पुष्पवर्षा की और लाखों लोगों ने जयघोष लगाए। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में शहर में विद्याधर नगर, आदर्श नगर, मानसरोवर सहित विभिन्न स्थानों पर रावण दहन किया गया। ईको फ्रेंडली आतिशबाजी, बैंड और डीजे की लाइव धुनों पर लोगों ने रावण दहन का आनंद उठाया।</p>
<p><strong>विद्याधर नगर</strong><br />विद्याधर नगर स्टेडियम समिति की ओर से विद्याधर नगर स्टेडियम में प्रदेश का सबसे बड़ा रावण (121 फीट) का दहन किया गया। वहीं कुंभकर्ण 111 फीट और मेघनाद 105 फीट के थे। पूर्व राजपरिवार के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने अयोध्या से आई रामज्योति से अग्नि ले रावण के पुतले पर बाण चलाया। पूरा स्टेडियम धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो के जयकारों से गूंज उठा। रावण दहन के लिए शिवकाशी से 11 लाख रुपए के पटाखे मंगवाए गए थे। रावण दहन के बाद इन्हें चलाया गया। खचाखच भरे स्टेडियम के आसपास लोग अपने घर की छतों और फ्लैट्स से रावण दहन का आनंद उठाया। समिति ने दावा किया कि रावण दहन में दो लाख लोगों ने हिस्सा लिया।</p>
<p><strong>आदर्श नगर  </strong><br />आदर्श नगर के दशहरा ग्राउंड पर श्री सनातन धर्म सभा के तत्वावधान में 105 फीट का रावण और 90 फुट का कुंभकरण का दहन किया गया। अध्यक्ष शिवदत्त विरमानी ने बताया कि 1956 से दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रामचरण बोहरा थे। विशिष्ट अतिथि राजीव अरोड़ा, कालीचरण सराफ और रफीक खान सहित अनेक लोग थे। दोपहर में राम मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें लवाजमे के साथ भगवान राम और लक्ष्मण जी के स्वरूप विराजमान थे। एक झांकी शिव दर्शन लीला की थी, अन्य झांकियों में भरत मिलाप, केवट द्वारा भगवान को गंगा पार आकर्षित कर रही थी। बैंड भक्ति संगीत की स्वर लहरियों पर शोभयात्रा राजापार्क चौराहा, धु्रव मार्ग सहित अनेक मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंची।</p>
<p><strong>मानसरोवर </strong><br />अरावली मार्ग पर शिप्रा पथ स्थित मैदान में 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। आतिशबाजी के बीच लाइव बैंड की प्रस्तुतियों पर सेलिब्रिटीज ने जनता को खूब डांस कराया। वहीं जगतपुरा के श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में 45 फीट लंब दशानन और 35 फीट के कुंभकरण का दहन किया गया। इस अवसर पर मंचित रामलीला में राक्षसी ताड़का का वध और मारीच सुबाहु वध का शानदार मंचन हुआ। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी थ्रीडी लाइटों से सजाया गया। हरे कृष्ण मूवमेंट राजस्थान के अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शुभ्रा सिंह भी मौजूद रहीं। शुरुआत में नालंदा कला केन्द्र के कलाकारों ने भारतनाटयम की विशेष भाव भंगिमाओं में शानदार प्रस्तुति दी। इसके पूर्व मंदिर से भगवान की पालकी यात्रा भी आकर्षण का केन्द्र रही। खोले के हनुमान मंदिर, प्रताप नगर सहित अनेक स्थानों पर रावण दहन किए गए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Oct 2023 11:27:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रावण के पुतले बनवाने पर सोने से महंगी पड़ेगी घड़ाई  </title>
                                    <description><![CDATA[सोने से महंगी पड़ेगी गढ़ाई। यह कहावत कोटा के दशहरा मेले में बनने वाले रावण के पुतलों पर सही साबित हो रही है। पुतले बनाने पर जहां मात्र 5.25  लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं उन पुतलों को खड़ा करने पर ही  8.70 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/making-an-effigy-of-ravana-will-costly-to-be-built/article-21257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/ravan-k-putle..kota-news-1.9.2022-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । सोने से महंगी पड़ेगी गढ़ाई। यह कहावत कोटा के दशहरा मेले में बनने वाले रावण के पुतलों पर सही साबित हो रही है। पुतले बनाने पर जहां मात्र 5.25 लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं उन पुतलों को खड़ा करने पर ही 8.70 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण की ओर से राष्ट्रीय दशहरा मेले का संयुक्त आयोजन किया जाएगा। दशहरा मेला तो 26 सितम्बर को दुर्गा पूजा के साथ शुरू हो जाएगा। जबकि रावण दहन दशहरे के दिन 5 अक्टूबर को होगा। दशहरे के लिए नगर निगम की ओर से हर साल रावण, कुम्भकरण व मेघनाद के पुतले बनवाए जाते हैं। कोरोना काल के दो साल में पुतलों की लम्बाई कम रखी गई थी। लेकिन इस बार दो साल बाद आयोजित हो रहे मेले में एक बार फिर से पुतलों की लम्बाई 72 से 75 फीट तक रखी जाएगी। नगर निगम द्वारा रावण, कुम्भकरण व मेघनाद के पुतले बनाने का टेंडर जारीे किया गया था। निगम ने इसके लिए 7.12 लाख की राशि निर्धारित की थी। पुतले बनाने के लिए दिल्ली व फतहपुर सीकरी के कारीगरों ने टेंडर में भाग लिया। निगम द्वारा खोली गई वित्तीय बिड में दिल्ली कीे फर्म मैसर्स अनीश की दर कम होने से नगर निगम ने उन्हें कार्यादेश जारी किया है। निगम अधिकारियों के अनुसार फतहपुर सीकरी की फर्म ने 6.50 लाख रुपए और दिल्ली की फर्म ने 5.50 लाख रुपए की दर दी थी। दिल्ली की फर्म की दर कम होने और नेगोशिएशन के बाद 5.25 लाख रुपए की राशि तय होने पर दिल्ली की फर्म को कार्यादेश जारी किया गया है। अब शीघ्र ही पुतले बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि दिल्ली के कारीगरों द्वारा दशहरा मेले में दूसरी बार रावण के पुतले बनाए जाएंगे। इससे पहले कोटा में 100 फीट से अधिक का पुतला भी दिल्ली की फर्म ने ही बनाया था। हालांकि उस समय जलने के दौरान ही पुतला ढहने से विवाद हो गया था। पुतले खड़े करने पर होंगे 8.70 लाख खर्च इधर रावण, मेघनाद व कुम्भकरण के पुतलों को खड़ा करने पर ही 8.70 लाख रुपए खर्च होंगे। निगम की ओर से तीनों पुतलों को खड़ा करने के लिए पेड़ा बनाने का टेंडर 4.40 लाख रुपए का जारी किया गया था। जिसे मैसर्स ए टू जेड फर्म द्वारा 4 लाख 44 हजार 900 रुपए में किया जाएगा। वहीं तीनों पुतलों को खड़ा करने के लिए लोहे की सीढ़ियां बनाने का टेंडर 5.10 लाख रुपए का जारी किया था। जिसे 14.89 फीसदी कम दर पर दिया गया है। इस तरह से ये दोनों काम 8.70 लाख रुपए में होंगे। जबकि पुतले बनाने का काम 5.25 लाख रुपए में होगा। नगर निगम कोटा दक्षिण के मेला प्रभारी ए.क्यू कुरैशी ने बताया कि रावण के पुतले बनाने के लिए दो फर्मो ने टेंडर डाला था। लेकिन दिल्ली की फर्म की दर कम होने से उसे कार्यादेश जारी किया है। अब एक-दो दिन में पुतले बनाने का काम शुरू हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Sep 2022 14:57:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रावण की जगह पेट्रोल औैर डीजल के दामों में फिर लगी आग :  पेट्रोल - डीजल  35-35 पैसे महंगा</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार दूसरे दिन पेट्रोल औैर डीजल हुआ 35-35 पैसे महंगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%B9-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%94%E0%A5%88%E0%A4%B0-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%97----%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2---%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%B2--35-35-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE/article-1700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/petrol-disal5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में फिर से उबाल आने के बीच शुक्रवार को विजयादशमी के दिन देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन 35-35 पैसे प्रति लीटर की बढोतरी की गयी। राजधानी दिल्ली मेंं आज पेट्रोल 35 पैसे प्रति लीटर बढ़ककर 105.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.87 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।</p>
<p><br /> इससे पहले सोमवार को लगातार सातवें दिन घरेलू स्तर पर पेट्रोल 30 पैसे प्रति लीटर और डीजल 35 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया था। उसके बाद दो दिनों तक शांति रही लेकिन आज फिर से इसमें तेजी आ गयी। बढ़़त के बाद मुंबई में पेट्रोल 111.09 रुपये और डीजल 101.78 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल सबसे महंगा 113.73 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 103.03 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। झारखंड की राजधानी राँची में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बराबर होने के करीब पहुंच चुकी है। राँची में पेट्रोल 99.60 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.07 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच चुकी है लेकिन राँची में पेट्रोल अभी भी पूरे देश में सबसे सस्ता है।</p>
<p><br /> अभी देश के अधिकांश प्रमुख बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गयी है और देश के अधिकांश बड़े शहरों में डीजल भी शतक लगाने की ओर बढ़ रहा है। कुछ शहरों में यह 100 रुपये के पार पहुंच चुका है। इस महीने में चार अक्टूबर और उसके बाद 12 एवं 13 अक्टूबर को छोड़कर सभी दिनों तेजी रही है। इस महीने में पेट्रोल अब तक 3.50 रुपये प्रति लीटर और डीजल चार रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।</p>
<p><br /> अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ। गुरूवार को अमेरिका में कच्चे तेल में उतार चढ़ाव का रूख देखा गया। इस दौरान कल रात कारोबार बंद होने पर ब्रेंट क्रूड 0.82 डॉलर की तेजी लेकर 84 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ गया। अमेरिकी क्रूड 0.87 डॉलर की बढ़त के साथ 81.31 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल 105.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.87 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया।</p>
<p><br /> पेट्रोल-डीजल के मूल्यों की रोजाना समीक्षा होती है और उसके आधार पर हर दिन सुबह छह बजे से नयी कीमतें लागू की जाती हैं।देश के चार बड़े महानगरों में आज पेट्रोल और डीजल के दाम इस प्रकार रहे:<br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>शहर का नाम——पेट्रोल (रुपये/लीटर)——(डीजल रुपये/लीटर)</strong></span></span></span><br /> दिल्ली————— 105.14—————— 93.87<br /> मुंबई-—————111.09—————— 101.78<br /> चेन्नई—————-102.40 -—————--98.26<br /> कोलकाता————105.76—————-—96.98</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 12:37:54 +0530</pubDate>
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