<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/ayatollah-khamenei/tag-65113" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Ayatollah Khamenei - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/65113/rss</link>
                <description>Ayatollah Khamenei RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष जारी: तेहरान में अब तक 600 लोगों की मौत, जान-माल का भारी नुकसान  </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में जारी अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान के कारण तेहरान में अब तक 636 लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हैं। सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद देश में 40 दिनों का शोक घोषित है। संघर्ष में अब तक कुल 1,348 नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों की चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/conflict-with-america-israel-continues-600-people-have-died-so-far/article-147637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/war.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। इजरायल और अमेरिका के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान की राजधानी तेहरान में अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को तेहरान की आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख मोहम्मद इस्माइल तवक्कोली के हवाले से बताया, इस दौरान (संघर्ष शुरू होने के बाद से) राजधानी में 636 लोग मारे गए हैं और अब तक 6,848 लोग घायल हुए हैं। तेहरान में लगभग 430 जगहों पर हमले हुए हैं। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने 12 मार्च को कहा था कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल के सैन्य अभियान के परिणामस्वरूप ईरान में 1,348 नागरिक मारे गए और 17,000 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह अभियान 28 फरवरी को ईरान के कई शहरों में शुरू किया गया था, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ। </p>
<p>ईरान ने इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका और इजरायल ने शुरू में दावा किया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से होने वाले कथित खतरे का मुकाबला करने के लिए उनका पूर्ववर्ती हमला जरूरी था, लेकिन जल्द ही उन्होंने यह साफ कर दिया कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन देखना चाहते हैं। </p>
<p>सैन्य अभियान के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई मारे गये। इस्लामिक गणराज्य ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/conflict-with-america-israel-continues-600-people-have-died-so-far/article-147637</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/conflict-with-america-israel-continues-600-people-have-died-so-far/article-147637</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:05:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/war.png"                         length="913314"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में खामेनेई की मौत पर सड़कों पर शिया समुदाय : तस्वीरें हाथ में लेकर प्रदर्शन कर जताया शोक,  छाती पीटकर किया विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर के बाद लखनऊ के घंटाघर पर हजारों शिया मुसलमानों ने प्रदर्शन किया। इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया। मौलाना सैफ अब्बास ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि खामेनेई मजलूमों की आवाज थे और यह घटना खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shia-community-protesters-took-to-the-streets-on-khameneis-death/article-145045"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/lucknow.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर का असर रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी देखने को मिला। घंटाघर क्षेत्र के पास बड़ी संख्या में शिया मुसलमान सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें हाथ में लेकर नारेबाजी की और उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान लोगों ने छाती पीटकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए।</p>
<p>प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि खामेनेई की हत्या की गई है और यह कार्रवाई धोखे से की गई। उनका आरोप था कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों ने विश्वासघात किया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक खामेनेई के जाने के बाद भी उनके विचार जिंदा रहेंगे। वहीं, शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। मौलाना ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल की नीतियों से दुनिया में तनाव और हिंसा बढ़ रही है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि खामेनेई केवल ईरान के नेता नहीं थे, बल्कि वे दुनिया भर के वंचित और उत्पीड़ित लोगों की आवाज थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात किस दिशा में जाएंगे, यह कहना मुश्किल है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि ईरान इस संकट से उबर जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/shia-community-protesters-took-to-the-streets-on-khameneis-death/article-145045</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/shia-community-protesters-took-to-the-streets-on-khameneis-death/article-145045</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 16:31:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/lucknow.png"                         length="1092554"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान में भड़का जनविद्रोह, इस्लामिक शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरें लोग</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में गिरते रियाल और 42.2% महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। 'मुल्ला शासन' के विरोध में लोग सड़कों पर हैं। आर्थिक बदहाली और अमेरिकी प्रतिबंधों ने खामेनेई सरकार के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/public-revolt-broke-out-in-iran-people-took-to-the/article-137860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/iran.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पिछले दो दिनों से ईरान के कई शहरों और कस्बों की सड़कों पर भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ईरानी रियाल की कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है और महंगाई दर 42.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसमें खाद्य पदार्थों की कीमतें 72 प्रतिशत बढ़ गई हैं। इसके बाद सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाला धार्मिक शासन तीन साल की सबसे बड़ी जन-विरोधी लहर का सामना कर रहा है। तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुआ सरकार विरोधी प्रदर्शन अब मशहद, इस्फहान, शिराज, हमदान समेत कई शहरों में फैल गया है।</p>
<p>ईरानी-अमेरिकी पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  पर लिखा कि ईरान से आ रहे कई वीडियो में लोग एक स्वर में नारे लगा रहे हैं- मुल्लाओं को ईरान छोड़ना होगा और तानाशाही मुदार्बाद। उनके मुताबिक, यह उस जनता की आवाज है जो अब इस्लामिक रिपब्लिक नहीं चाहती. 9.2 करोड़ से अधिक आबादी वाले इस देश में आर्थिक बदहाली और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति ने खामेनेई शासन के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। यह संकट ऐसे समय आया है, जब ईरान पहले से ही अपने परमाणु ठिकानों पर इजरायल और अमेरिका की कार्रवाइयों तथा डोनाल्ड ट्रंप की मैक्सिमम प्रेशर पॉलिसी के दबाव से जूझ रहा है।</p>
<p><strong>सड़कों पर शाह समर्थक नारे भी सुनाई दिए</strong></p>
<p>इसी बीच, ईरानी प्रवासियों द्वारा साझा की जा रही एक तस्वीर ने दुनिया का ध्यान खींचा है, जिसमें तेहरान की एक हाईवे पर एक व्यक्ति अकेले, शांत बैठा दिख रहा है, जबकि मोटरसाइकिलों पर सवार सुरक्षाबल उसकी ओर बढ़ रहे हैं। यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान (वअठक) के पॉलिसी डायरेक्टर जेसन ब्रॉडस्की ने इस दृश्य की तुलना 1989 के तियानआनमेन स्क्वायर आंदोलन की महशूर तस्वीर टैंक मैन से की है। कुछ विश्लेषकों का दावा है कि सड़कों पर शाह समर्थक नारे भी सुनाई दिए, जिनकी सत्ता को 1979 में खामेनेई समर्थित आंदोलन ने उखाड़ फेंका था।</p>
<p><strong>ईरान की जनता सड़कों पर क्यों उतरी?</strong></p>
<p>ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुए ये सरकार विरोधी प्रदर्शन 2022-23 के बाद सबसे बड़े हैं, जब महसा अमीनी की मौत के बाद देशव्यापी आंदोलन हुआ था। तेहरान और मशहद में सोमवार को प्रदर्शनकारियों की सुरक्षाबलों से झड़पें हुईं। सेंट्रल तेहरान, जहां सरकारी और व्यावसायिक केंद्र स्थित हैं, विरोध का बड़ा केंद्र बना। </p>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ग्रैंड बाजार के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के भीतर लोग नारे लगाते दिखे- डरो मत, हम सब साथ हैं। रियाल की ऐतिहासिक गिरावट ने आम लोगों की क्रय शक्ति को लगभग खत्म कर दिया है। खाने-पीने की चीजें, दवाइयां और रोजमर्रा के सामान आम नागरिकों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। हालात ये है कि तेहरान, इस्फहान, शिराज और मशहद में व्यापारी, दुकानदार और छोटे कारोबारी सड़कों पर उतर आए हैं। </p>
<p><strong>इसके लिए ट्रंप फैक्टर कितना जिम्मेदार?</strong></p>
<p>ईरान की आर्थिक बदहाली का बड़ा कारण उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध माने जा रहे हैं। अमेरिका के 2015 के परमाणु समझौते से पीछे हटने और ट्रंप की मैक्सिमम प्रेशर पॉलिसी ने ईरान की तेल से होने वाली आय को बुरी तरह प्रभावित किया है। ट्रंप के जनवरी 2025 में दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद ये प्रतिबंध और सख्त हुए हैं, जिसने हालात और बिगाड़ दिए। पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि इस्लामिक शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे ईरानियों का गुस्सा कोई हैरानी की बात नहीं है। </p>
<p><strong>रियाल के गिरने से नाराज मोबाइल फोन विक्रेताओं का प्रदर्शन </strong></p>
<p>हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया ने विरोध प्रदर्शनों को सीमित बताने की कोशिश की है। सरकारी समाचार एजेंसी ने इन्हें राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक नाराजगी करार दिया और कहा कि रियाल के गिरने से नाराज मोबाइल फोन विक्रेताओं ने प्रदर्शन किया। सुरक्षा बलों ने आंसू गैस और बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करने की भी कोशिश की, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं। ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर मोहम्मद रेजा फरजिन ने इस्तीफा दे दिया है। जिसे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर कहा कि लोगों की आजीविका उनकी मुख्य चिंता है और सरकार मॉनेटरी रिफॉर्म करने की योजना बना रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/public-revolt-broke-out-in-iran-people-took-to-the/article-137860</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/public-revolt-broke-out-in-iran-people-took-to-the/article-137860</guid>
                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 11:45:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/iran.png"                         length="2018164"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        