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                            <item>
                <title>आरबीआई मौद्रिक नीति से पहले बाजार में रौनक : सेंसेक्स 74,629.94 पर खुला, इन शेयरों में दिखेगी तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतिगत दरों की घोषणा से पहले घरेलू शेयर बाजार मजबूती के साथ खुले। सेंसेक्स करीब 100 अंक चढ़कर 74,629 पर खुला, जबकि निफ्टी ने 23,478 पर शुरुआत की। गवर्नर की घोषणा से पहले ऑटो, बैंकिंग, आईटी और फार्मा शेयरों में शानदार तेजी देखी जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/market-opened-in-green-sensex-opened-at-7462994-these-stocks/article-156043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market3.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक के रेपो तथा अन्य नीतिगत दरों पर बयान से पहले घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ खुले। बीएसई का सेंसेक्स 99.93 अंक की तेजी के साथ 74,629.94 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 164.59 अंक (0.22 प्रतिशत) ऊपर 74,524.60 अंक पर था। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक पूरी होने के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे नीतिगत दरों तथा विषयों पर समिति की ओर से बयान जारी करेंगे।</p>
<p>धातु को छोड़कर अन्य सभी सेक्टरों में अभी लिवाली चल रही है। ऑटो, बैंकिंग, वित्त, आईटी, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और रसायन समेत सभी समूहों के सूचकांकों में अच्छी तेजी है। निवेशकों की नजर उनके बयान पर बनी हुई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 62.40 अंक चढ़कर 23,478.95 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 40.20 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,456.75 अंक पर रहा।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में फिलहाल टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा और इंफोसिस के शेयर ऊपर हैं। टाटा स्टील, ट्रेंट, इंडिगो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक और पावरग्रिड में इस समय बिकवाली चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 11:07:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पटना में खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान पर हमला: शक की सुई प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों की तरफ, ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर समेत 3 लोग गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर पर असामाजिक तत्वों ने हमला कर तोड़फोड़ की और गार्ड को पीटा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद और दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद बिहार शिक्षा विभाग ने नई कोचिंग नीति बनाने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/attack-on-khan-global-studies-institute-in-patna-points-needle/article-155842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/patna.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार की राजधानी पटना के कदमकुआँ थाना क्षेत्र स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर मंगलवार देर रात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ और मारपीट की गई। इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग गार्ड को पीटते दिख रहे हैं। जिससे वह घायल हो गया। घायल गार्ड को उपचार के लिए भेजा गया है। इस मामले में त्वतरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद समेत उनके दो सहयोगी अभिषेक और गौरव को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है। इस घटना के बाद बिहार शिक्षा विभाग ने कोचिंग नीति बनाए जाने की घोषणा की है। </p>
<p>पुलिस सूत्रों के अनुसार 02 जून रात्रि करीब 10 बजे 15-20 लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर संस्थान परिसर में घुसकर तोड़फोड़ के साथ पथराव किया। इस दौरान हमलावरों ने सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की, जिसमे एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया। घायल सुरक्षाकर्मी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संस्थान एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्धों की पहचान होने की बात कही जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। नगर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से जारी सूचना में कहा गया है कि घटना में पहचान किये गए अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और शीघ्र ही इस पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>इस घटना के बारे में संस्थान के मालिक खान सर (फैसल खान) के मैनेजर अजित ने मीडिया को बताया कि मंगलवार रात 10 बजे जब सुरक्षाकर्मी गेट बंद कर रहा था, उसी समय 10-15 की संख्या में लोग गेट पर आ गये और उसके साथ दुर्व्यवहार करने लगे। सुरक्षाकर्मी ने जब विरोध किया तो उसे पकड़ लिया गया और मारपीट की गई, जिसमे वह बुरी तरह घायल हो गया। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तेजी से हरकत में आई और मामले को नियंत्रण में लिया। </p>
<p>पुलिस के आने पर तोड़फोड़ कर रहे असामाजिक तत्व घटना स्थल से भाग लिए। अजीत ने इस मामले में पुलिस की भूमिका की सराहना की और किसी का नाम रखे बगैर कहा कि इस घटना के पीछे खान सर से इर्ष्या करने वाले किसी कोचिंग संस्थान के मालिक का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस वारदात के समय गोली चलने जैसी आवाज तो आई थी लेकिन उन्होंने इसे प्रत्यक्ष तौर पर नही देखा था। उन्होंने कहा कि आज एहतियात के तौर पर संस्थान को बंद रखा गया है, लेकिन छात्र इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। संस्थान के संचालक खान सर ने भी घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की मांग की है। घटना के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र संस्थान के बाहर एकत्र हुए और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:51:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नीट-यूजी पेपर लीक: एनटीए ने दी सुप्रीम कोर्ट को कड़े सुरक्षा उपायों की जानकारी, बहु-चरण परीक्षाओं को शुरू करने का दिया सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया है कि नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा अब कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। पेपर लीक जांच सीबीआई को सौंपने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर यह ऐतिहासिक बदलाव किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-ug-paper-leaked-nta-informs-supreme-court-about-stringent-security/article-155418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nta-logo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को उच्चतन न्यायालय को बताया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 को रद्द करने और कथित पेपर लीक की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) को सौंपने का उसका फ़ैसला इस बात का प्रमाण है कि एजेंसी और केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को कितनी गंभीरता से ले रही हैं। एनटीए ने कहा कि पिछले दो सालों में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए विवादों के बाद नीट परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए कई बड़े सुधार लागू किए गए हैं। उच्चतम न्यायालय में जमा किए गए एक हलफ़नामे में एनटीए ने शीर्ष न्यायालय के निर्देशों के पालन में बनाई गयी उच्च-स्तरीय समिति के गठन और कामकाज से जुड़ी समय-सीमा की जानकारी दी।</p>
<p>एजेंसी ने न्यायालय को बताया कि उसके द्वारा आयोजित सभी बड़ी परीक्षाओं में से नीट यूजी 2026 ही एकमात्र ऐसी परीक्षा है जो अभी भी पेन और पेपर टेस्ट (पीपीटी) मोड में आयोजित की जा रही थी। यह मुख्य रूप से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा तय की गयी योजना के अनुसार की जा रही थी। हलफ़नामे में कहा गया है, "एनटीए की अन्य सभी बड़ी परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाती हैं।" एनटीए ने न्यायालय को बताया कि उच्च-स्तरीय समिति ने विशेष रूप से नीट यूजी को पीपीटी से सीबीटी मोड में बदलने की सिफ़ारिश की थी। साथ ही बहु-सत्र और बहु-चरण परीक्षाओं को शुरू करने का भी सुझाव दिया था।</p>
<p>एजेंसी के अनुसार, यह बदलाव संबंधित मंत्रालय के परामर्श से अगले परीक्षा चक्र से लागू किया जाएगा। यह हलफ़नामा नीट परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और व्यापक परीक्षा सुधारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के संबंध में दायर किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:52:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में हुए इज़ाफ़े पर कांग्रेस का हमला: सरकार को बताया 'महंगाई मैन', कहा- पेट्रोल का शतक पूरा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार को “महंगाई मैन” करार दिया है। उन्होंने तंज कसा कि दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 पहुंचाकर सरकार ने शतक पूरा कर लिया। तिवारी ने आरोप लगाया कि 10 दिनों में चौथी बार दाम बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाला गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-attacked-the-government-on-the-increase-in-the-prices/article-154918"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pramod-tiwari-i.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान पेट्रोल की कीमत 71 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने पेट्रोल के दामों का शतक पूरा कर ही लिया।”</p>
<p>प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार को “महंगाई मैन” बताते हुए कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि “अच्छे दिन” का असली मतलब क्या था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर आम लोगों की जेब पर बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। ताजा बढ़ोतरी में पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।</p>
<p>कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों और आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 18:32:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईंधन कीमतों पर खड़गे का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले- आखिर कब खत्म होगा &quot;फ्यूल लूट&quot; का सिलसिला, प्रतिदिन हो रही जनता की जेब पर डकैती  </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में चौथी बार दाम बढ़ाकर जनता की बचत पर पेट्रोल छिड़क दिया गया है। खरगे का आरोप है कि सरकार जनता की जेब काटकर सिर्फ तेल कंपनियों का मुनाफा बढ़ा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-president-kharges-big-attack-on-the-center-on-fuel/article-154917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/mallikarjun-kharge-33.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी बयान में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि "फ्यूल लूट" का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है और पिछले 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। खरगे ने कहा कि पिछले दो सप्ताह में पेट्रोल की कीमतों में कुल 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 7.53 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केद्र सरकार ने आम लोगों की बचत को "जलाने" के लिए पेट्रोल छिड़क दिया है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गंठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में 175.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि केंद्र सरकार के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमतों में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं हुई। इसके बावजूद पेट्रोल की कीमत 71.41 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 102.12 रुपये और डीजल 56.71 रुपये से बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जनता से पिछले 12 वर्षों में ईंधन के जरिए 43 लाख करोड़ रुपये की "लूट" की है, जो प्रतिदिन लगभग 1000 करोड़ रुपये के बराबर है। खरगे ने यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी जैसी सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जिससे साफ है कि भाजपा "जनता नहीं, मुनाफे" की राजनीति कर रही है। गौरतलब है कि हालिया बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:23:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दक्षिण एशिया राउंड टेबल में बोले टिम कर्टिस, यूनेस्को चेयर्स को बताया शिक्षा और नवाचार की सबसे बड़ी ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल में यूनेस्को के क्षेत्रीय निदेशक टिम कर्टिस ने हिस्सा लिया। भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने 'ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस' और नैतिक एआई जैसे नीतिगत विषयों पर चर्चा की। अमृता विश्वविद्यालय तीन यूनेस्को चेयर्स वाला भारत का एकमात्र संस्थान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/speaking-at-the-south-asia-round-table-tim-curtis-called/article-154953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px4.png" alt=""></a><br /><p>केरल। यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक टिम कर्टिस ने अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल के दौरान कहा कि यूनेस्को चेयर्स संगठन के वैश्विक नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नीति-स्तर की चर्चाओं को गहराई से प्रभावित करती हैं। इस कार्यक्रम में भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका से 22 से अधिक प्रतिनिधियों, यूनेस्को चेयरधारकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय शोध और सामुदायिक पहलों को यूनेस्को की 2026–2027 की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना था। प्रमुख विषयों में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और प्रदूषण जैसी “ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस”, डिजिटल परिवर्तन, नैतिक एआई, लैंगिक समानता और युवाओं की भागीदारी शामिल रहे।</p>
<p>कार्यक्रम में बांग्लादेश के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि सुसान वाइज और नेपाल के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि जैको डु टॉइट भी शामिल हुए। हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कुलाधिपति माता अमृतानंदमयी देवी से भी मुलाकात की। अमृता विश्व विद्यापीठम भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जहां तीन यूनेस्को चेयर्स स्थापित हैं—जेंडर इक्वैलिटी एंड वीमेन एम्पावरमेंट (डॉ.भवानी राव के नेतृत्व में), एक्सपीरिएंशियल लर्निंग फॉर सस्टेनेबल इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (डॉ.मनीषा वी.रमेश के नेतृत्व में) और असिस्टिव टेक्नोलॉजीज़ इन एजुकेशन (डॉ.प्रेमा नेदुंगाडी के नेतृत्व में)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रंप का बड़ा फैसला: एआई विनियमन पर कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर समारोह रद्द, देश की प्रगति हो जाएगी धीमी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विनियमन पर अपने कार्यकारी आदेश का हस्ताक्षर समारोह रद्द कर दिया है। ट्रंप का मानना है कि इस नीति से अमेरिकी टेक उद्योग के विकास और एआई अनुसंधान की प्रगति धीमी हो जाएगी, जबकि इसका उद्देश्य शक्तिशाली एआई मॉडलों की सरकारी जांच सुनिश्चित करना था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-big-decision-signing-ceremony-of-executive-order-on-ai/article-154632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता विनियमन पर अपने कार्यकारी आदेश के हस्ताक्षर समारोह को रद्द कर दिया है, क्योंकि खबरों के मुताबिक इससे अमेरिका में इस उद्योग के विकास में बाधा आएगी। वरिष्ठ व्हाइट हाउस संवाददाता सेलिना वांग ने यह जानकारी दी। वांग ने गुरुवार को एक्स पर बताया, "ट्रंप ने ओवल ऑफिस में समारोह से कुछ घंटे पहले ही अपने एआई कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर समारोह को रद्द कर दिया। इस आदेश से सरकार को सार्वजनिक रूप से जारी करने से पहले सबसे शक्तिशाली एआई मॉडलों की जांच करने की अनुमति मिलने की उम्मीद थी।</p>
<p>उन्होंने इसे रद्द कर दिया क्योंकि उनका मानना है कि इससे अमेरिका की प्रगति धीमी हो जाएगी।" मई की शुरुआत में, मीडिया ने बताया था कि अमेरिकी सरकार नए एआई मॉडलों पर निगरानी स्थापित करने पर विचार कर रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:38:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर बवाल, छात्रों-अभिभावकों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएसई की नई भाषा नीति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में कक्षा 9 और 10 में दूसरी भारतीय भाषा को अनिवार्य करने के फैसले को चुनौती दी गई है। अभिभावकों और छात्रों का तर्क है कि इस अचानक बदलाव के बजाय उन्हें विदेशी भाषाएं चुनने की आजादी मिलनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-over-cbses-three-language-policy-students-parents-knocked-at-the/article-154638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cbse.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सीबीएसई की नई भाषा नीति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां छात्रों और अभिभावकों की ओर से याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कक्षा 9 और 10 में दूसरी भारतीय भाषा को अनिवार्य बनाने के फैसले को चुनौती दी गई है।</p>
<p>सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति के तहत थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इसके अनुसार छात्रों को दो भारतीय भाषाओं के साथ एक अन्य भाषा पढ़नी होगी। हालांकि अभिभावकों का कहना है कि शुरुआत में यह व्यवस्था कक्षा 6 से लागू होने की बात कही गई थी, लेकिन अब अचानक बड़े छात्रों पर इसे लागू करना उचित नहीं है।</p>
<p>कई छात्रों ने तर्क दिया है कि वे तीसरी भाषा के रूप में जर्मन, फ्रेंच या चाइनीज जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ना चाहते हैं। मामले पर अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 13:15:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ओबीसी आरक्षण पर बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: मौजूदा ओबीसी उप-वर्गीकरण रद्द, 66 समुदाय सूची में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने ओबीसी सूची का उप-वर्गीकरण ढांचा रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट बैठक के बाद जारी अधिसूचना के अनुसार, अब केवल 66 समुदायों को 7% आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार पिछली तृणमूल सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्रों की नए सिरे से समीक्षा करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-west-bengal-government-existing-obc-sub-categorization-canceled/article-154454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bengal-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने बुधवार को राज्य सरकार की नौकरियों और पदों में आरक्षण से जुड़े अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची के मौजूदा उप-वर्गीकरण ढांचे को रद्द कर दिया। इसके साथ ही सरकार ने सात प्रतिशत आरक्षण के लिए ओबीसी श्रेणी के तहत केवल 66 समुदायों को बनाए रखने का फैसला किया है। यह अधिसूचना मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नबन्ना (सचिवालय) में हुई दूसरी कैबिनेट बैठक के एक दिन बाद आई है। इस बैठक में राज्य सरकार ने ओबीसी सूची की दोबारा जांच करने और पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जारी किए गए प्रमाण पत्रों की समीक्षा करने का निर्णय लिया था।</p>
<p>मंत्रिमंडल की दूसरी बैठक में लिए गए इस फैसले को इसके कानूनी और राजनीतिक निहितार्थों के कारण नए प्रशासन का सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव माना जा रहा है। सोमवार को हुई बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा था, "मंत्रिमंडल ने ओबीसी श्रेणी के भीतर मौजूदा उप-वर्गीकरण प्रणाली को समाप्त करने, पश्चिम बंगाल सरकार के तहत ओबीसी समुदायों के लिए आरक्षण के प्रतिशत की समीक्षा करने और राज्य की ओबीसी सूची की नए सिरे से जांच करने का निर्णय लिया है।"</p>
<p>पॉल ने कहा था, "इस मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी। राज्य सरकार उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के निर्देशों के अनुसार ही जातियों या समूहों को सूची में शामिल करने के बारे में फैसला करेगी।"राज्यपाल के निर्देश पर मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने घोषणा की कि 66 समुदायों को ओबीसी श्रेणी के तहत सात प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा। पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण और उप-वर्गीकरण से जुड़ा यह विवाद वाम मोर्चा सरकार के अंतिम दौर और मार्च 2010 से मई 2012 के बीच तृणमूल कांग्रेस सरकार के पहले कार्यकाल के समय का है। उस अवधि के दौरान, राज्य में 77 समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल किया गया था। इनमें से वाम मोर्चा सरकार के कार्यकाल के दौरान 42 मुस्लिम समुदायों को शामिल किया गया था। इसके बाद आरोप लगे कि आरक्षण का लाभ धर्म के आधार पर दिया जा रहा है, जिससे यह मामला कानूनी विवादों में फंस गया।</p>
<p>ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद ओबीसी सूची में 35 और समुदायों को जोड़ा, जिससे यह संख्या बढ़कर 77 हो गई, जिनमें से 75 मुस्लिम समुदाय से थे। वर्ष 2023 में, ममता सरकार ने एक नया ओबीसी आरक्षण कानून बनाया, जिसके तहत सभी 77 समुदायों को इसके दायरे में ले आया गया। इसके परिणामस्वरूप, राज्य में ओबीसी समुदायों की कुल संख्या बढ़कर 179 हो गई थी। इस नए आरक्षण कानून को हालांकि अदालत में चुनौती दी गई, जहां याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि धर्म के आधार पर दिए गए आरक्षण को रद्द किया जाना चाहिए।</p>
<p>इसके बाद, 22 मई 2024 को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य की ओबीसी सूची में 113 समुदायों को शामिल करने के फैसले को रद्द कर दिया, जबकि 66 समुदायों को सूची में बने रहने की अनुमति दी। अदालत ने टिप्पणी की थी कि कई समुदायों को शामिल करने का काम मुख्य रूप से धार्मिक आधार पर किया गया था। इस फैसले के बाद वर्ष 2010 से जारी किए गए लगभग पांच लाख ओबीसी प्रमाणपत्र अमान्य हो गए थे। तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बाद में उच्च न्यायालय के इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। मार्च 2025 में, पिछली राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया था कि पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग एक नया सर्वेक्षण करेगा और एक संशोधित ओबीसी सूची तैयार करेगा।</p>
<p>इसी साल जून में, ममता सरकार ने 76 नए समुदायों को शामिल करते हुए एक नई सूची जारी की, जिससे कुल ओबीसी श्रेणियों की संख्या 140 हो गई। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने संशोधित सूची के माध्यम से व्यावहारिक रूप से लगभग सभी पुराने समुदायों को वापस शामिल कर लिया है। पिछले साल 17 जून को, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उस संशोधित अधिसूचना के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस रोक के आदेश को चुनौती देते हुए फिर से उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। पिछले साल जुलाई में, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी थी और वर्तमान में यह मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष लंबित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 18:21:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऊर्जा बचत के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा कदम : ईवी कार से पहुंचे सचिवालय कपिल मिश्रा, वर्क फ्रॉम होम पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने ऊर्जा बचत का संदेश देने के लिए ईवी कार का उपयोग किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने 'मेट्रो मंडे' और दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे कड़े कदम उठाए हैं। व्यापारियों और अधिकारियों ने भी ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने के इस राष्ट्रीय दायित्व में अपना समर्थन दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/energy-conservation-is-not-just-an-option-but-a-national/article-153981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kapil-mishra.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। कपिल मिश्रा ऊर्जा संरक्षण का सन्देश देने के लिए आज ईवी कार चलाकर दिल्ली सचिवालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार दिल्ली वासियों के सहयोग से ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली में मेट्रो मंडे, दो दिन वर्क फ्रॉम होम और न्यूनतम गाड़ियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने सभी मंत्रीगण और अधिकारीगण भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे और अपने लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि श्रम मंत्रालय से एडवाइजरी भी जारी की गई है और इसे लेकर आज सुबह से उन्होंने दिल्ली के कई व्यापारियों एवं उद्योगपतियों से चर्चा भी की है। सभी लोग स्वतः प्रेरणा से प्रधानमंत्री के आह्वान के साथ खड़े हैं और वर्क फ्रॉम होम और इलेक्ट्रिक पॉलिसी को लागू कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। प्रधानमंत्री की देशवासियों से ईंधन बचत और ऊर्जा के जिम्मेदार उपयोग की अपील की गई तथा दिल्ली सरकार और दिल्ली वासी इसे पूरा करने के लिए संकल्पित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:32:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला: सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने से ज्वेलरी क्षेत्र पर गंभीर संकट, सुरजेवाला ने की विशेष आर्थिक राहत पैकेज की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सोने पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% करने के फैसले को ज्वेलरी उद्योग पर हमला बताया है। उन्होंने 3.5 करोड़ स्वर्णकारों और कारीगरों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की नीतियां MSME क्षेत्र को बर्बाद कर तस्करी को बढ़ावा दे रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-central-government-serious-crisis-in-jewelery-sector-due/article-153933"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/randeep-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सोने के गहने नहीं खरीदने की सलाह और सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले को ज्वेलरी उद्योग पर हमला बताते हुए सरकार से 3.5 करोड़ से अधिक सुनारों, स्वर्णकारों, कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज देने की मांग की है। कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सोने के गहने नहीं खरीदने की अपील तथा सरकार के सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने से ज्वेलरी क्षेत्र पर गंभीर संकट आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे 3.5 करोड़ से अधिक सुनारों, स्वर्णकारों, दुकानदारों, व्यापारियों, कारीगरों और कामगारों की आजीविका प्रभावित होने वाली है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश में स्वर्ण आभूषण सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और करोड़ों महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम भी हैं। यह देश में 90 प्रतिशत से अधिक ज्वेलरी कारोबार एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ा है, जिससे करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी चलती है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सोने के गहने नहीं खरीदने की सलाह और आयात शुल्क में बढ़ोतरी से ज्वेलरी कारोबार पर दोहरी मार पड़ेगी तथा इससे तस्करी बढ़ने की आशंका भी है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार के पहले ही नोटबंदी, कर नीतियों, जीएसटी और अनिवार्य हॉलमार्किंग जैसे फैसलों से यह क्षेत्र प्रभावित रहा है।</p>
<p>उन्होंने सरकार से स्वर्ण आभूषण उद्योग से जुड़े 3.5 करोड़ सुनारों, स्वर्णकारों, दुकानदारों, व्यापारियों, कारीगरों और कामगारों के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज की तत्काल घोषणा करने की मांग है ताकि वे सरकार की नीतियों से उत्पन्न संकट से उबर सकें। कांग्रेस ने यह भी मांग की कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के बजाय घरेलू गोल्ड मोबिलाइजेशन, रिसाइक्लिंग, ‘आइडियल गोल्ड स्टॉक्स’ के उपयोग तथा आयकर कानून में संशोधन कर परिवारों को अपनी पसंद के ज्वेलर्स को सोना उधार देने की अनुमति जैसे विकल्पों पर विचार किया जाए। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 14:50:09 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम मोदी की अपील पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: एक साल तक कोई मंत्री नहीं करेगा विदेशी दौरा, सरकारी कर्मचारी 2 दिन करेंगे वर्क फ्रॉर्म होम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में बड़े सुधार लागू किए हैं। अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करेंगे। ईंधन और बिजली बचाने के लिए कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है और मंत्रियों के विदेश दौरों पर एक साल तक पूर्ण रोक लगा दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-on-pm-modis-appeal-no/article-153833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guprta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कामकाज में ऊर्जा बचत और खर्चों में कटौती के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। दिल्ली सरकार के अनुसार अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” करेंगे, ताकि कार्यालयों में बिजली और संसाधनों की खपत कम की जा सके। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत दफ्तरों का टाइम टेबल चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा, जिससे ट्रैफिक दबाव और ईंधन की खपत कम हो सके। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने कहा है कि अब से आने वाले एक साल तक कोई भी मंत्री विदेश दौरा नहीं करेगा।</p>
<p>सरकार ने कर्मचारियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का भी फैसला लिया है। इससे निजी वाहनों का उपयोग घटेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। वहीं खर्चों में कटौती के तहत दिल्ली सरकार के किसी भी मंत्री को अगले एक साल तक विदेश दौरे की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत, आत्मनिर्भरता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की अपील की थी। दिल्ली सरकार उसी दिशा में यह कदम उठा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:11:38 +0530</pubDate>
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