<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/policy/tag-6523" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>policy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6523/rss</link>
                <description>policy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ओबीसी आरक्षण पर बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: मौजूदा ओबीसी उप-वर्गीकरण रद्द, 66 समुदाय सूची में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने ओबीसी सूची का उप-वर्गीकरण ढांचा रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट बैठक के बाद जारी अधिसूचना के अनुसार, अब केवल 66 समुदायों को 7% आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार पिछली तृणमूल सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्रों की नए सिरे से समीक्षा करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-west-bengal-government-existing-obc-sub-categorization-canceled/article-154454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bengal-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने बुधवार को राज्य सरकार की नौकरियों और पदों में आरक्षण से जुड़े अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची के मौजूदा उप-वर्गीकरण ढांचे को रद्द कर दिया। इसके साथ ही सरकार ने सात प्रतिशत आरक्षण के लिए ओबीसी श्रेणी के तहत केवल 66 समुदायों को बनाए रखने का फैसला किया है। यह अधिसूचना मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नबन्ना (सचिवालय) में हुई दूसरी कैबिनेट बैठक के एक दिन बाद आई है। इस बैठक में राज्य सरकार ने ओबीसी सूची की दोबारा जांच करने और पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जारी किए गए प्रमाण पत्रों की समीक्षा करने का निर्णय लिया था।</p>
<p>मंत्रिमंडल की दूसरी बैठक में लिए गए इस फैसले को इसके कानूनी और राजनीतिक निहितार्थों के कारण नए प्रशासन का सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव माना जा रहा है। सोमवार को हुई बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा था, "मंत्रिमंडल ने ओबीसी श्रेणी के भीतर मौजूदा उप-वर्गीकरण प्रणाली को समाप्त करने, पश्चिम बंगाल सरकार के तहत ओबीसी समुदायों के लिए आरक्षण के प्रतिशत की समीक्षा करने और राज्य की ओबीसी सूची की नए सिरे से जांच करने का निर्णय लिया है।"</p>
<p>पॉल ने कहा था, "इस मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी। राज्य सरकार उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के निर्देशों के अनुसार ही जातियों या समूहों को सूची में शामिल करने के बारे में फैसला करेगी।"राज्यपाल के निर्देश पर मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने घोषणा की कि 66 समुदायों को ओबीसी श्रेणी के तहत सात प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा। पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण और उप-वर्गीकरण से जुड़ा यह विवाद वाम मोर्चा सरकार के अंतिम दौर और मार्च 2010 से मई 2012 के बीच तृणमूल कांग्रेस सरकार के पहले कार्यकाल के समय का है। उस अवधि के दौरान, राज्य में 77 समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल किया गया था। इनमें से वाम मोर्चा सरकार के कार्यकाल के दौरान 42 मुस्लिम समुदायों को शामिल किया गया था। इसके बाद आरोप लगे कि आरक्षण का लाभ धर्म के आधार पर दिया जा रहा है, जिससे यह मामला कानूनी विवादों में फंस गया।</p>
<p>ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद ओबीसी सूची में 35 और समुदायों को जोड़ा, जिससे यह संख्या बढ़कर 77 हो गई, जिनमें से 75 मुस्लिम समुदाय से थे। वर्ष 2023 में, ममता सरकार ने एक नया ओबीसी आरक्षण कानून बनाया, जिसके तहत सभी 77 समुदायों को इसके दायरे में ले आया गया। इसके परिणामस्वरूप, राज्य में ओबीसी समुदायों की कुल संख्या बढ़कर 179 हो गई थी। इस नए आरक्षण कानून को हालांकि अदालत में चुनौती दी गई, जहां याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि धर्म के आधार पर दिए गए आरक्षण को रद्द किया जाना चाहिए।</p>
<p>इसके बाद, 22 मई 2024 को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य की ओबीसी सूची में 113 समुदायों को शामिल करने के फैसले को रद्द कर दिया, जबकि 66 समुदायों को सूची में बने रहने की अनुमति दी। अदालत ने टिप्पणी की थी कि कई समुदायों को शामिल करने का काम मुख्य रूप से धार्मिक आधार पर किया गया था। इस फैसले के बाद वर्ष 2010 से जारी किए गए लगभग पांच लाख ओबीसी प्रमाणपत्र अमान्य हो गए थे। तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बाद में उच्च न्यायालय के इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। मार्च 2025 में, पिछली राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया था कि पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग एक नया सर्वेक्षण करेगा और एक संशोधित ओबीसी सूची तैयार करेगा।</p>
<p>इसी साल जून में, ममता सरकार ने 76 नए समुदायों को शामिल करते हुए एक नई सूची जारी की, जिससे कुल ओबीसी श्रेणियों की संख्या 140 हो गई। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने संशोधित सूची के माध्यम से व्यावहारिक रूप से लगभग सभी पुराने समुदायों को वापस शामिल कर लिया है। पिछले साल 17 जून को, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उस संशोधित अधिसूचना के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस रोक के आदेश को चुनौती देते हुए फिर से उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। पिछले साल जुलाई में, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी थी और वर्तमान में यह मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष लंबित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-west-bengal-government-existing-obc-sub-categorization-canceled/article-154454</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-west-bengal-government-existing-obc-sub-categorization-canceled/article-154454</guid>
                <pubDate>Wed, 20 May 2026 18:21:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/bengal-cm.png"                         length="1000493"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऊर्जा बचत के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा कदम : ईवी कार से पहुंचे सचिवालय कपिल मिश्रा, वर्क फ्रॉम होम पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने ऊर्जा बचत का संदेश देने के लिए ईवी कार का उपयोग किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने 'मेट्रो मंडे' और दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे कड़े कदम उठाए हैं। व्यापारियों और अधिकारियों ने भी ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने के इस राष्ट्रीय दायित्व में अपना समर्थन दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/energy-conservation-is-not-just-an-option-but-a-national/article-153981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kapil-mishra.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। कपिल मिश्रा ऊर्जा संरक्षण का सन्देश देने के लिए आज ईवी कार चलाकर दिल्ली सचिवालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार दिल्ली वासियों के सहयोग से ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली में मेट्रो मंडे, दो दिन वर्क फ्रॉम होम और न्यूनतम गाड़ियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने सभी मंत्रीगण और अधिकारीगण भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे और अपने लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि श्रम मंत्रालय से एडवाइजरी भी जारी की गई है और इसे लेकर आज सुबह से उन्होंने दिल्ली के कई व्यापारियों एवं उद्योगपतियों से चर्चा भी की है। सभी लोग स्वतः प्रेरणा से प्रधानमंत्री के आह्वान के साथ खड़े हैं और वर्क फ्रॉम होम और इलेक्ट्रिक पॉलिसी को लागू कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। प्रधानमंत्री की देशवासियों से ईंधन बचत और ऊर्जा के जिम्मेदार उपयोग की अपील की गई तथा दिल्ली सरकार और दिल्ली वासी इसे पूरा करने के लिए संकल्पित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/energy-conservation-is-not-just-an-option-but-a-national/article-153981</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/energy-conservation-is-not-just-an-option-but-a-national/article-153981</guid>
                <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:32:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/kapil-mishra.png"                         length="870022"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला: सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने से ज्वेलरी क्षेत्र पर गंभीर संकट, सुरजेवाला ने की विशेष आर्थिक राहत पैकेज की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सोने पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% करने के फैसले को ज्वेलरी उद्योग पर हमला बताया है। उन्होंने 3.5 करोड़ स्वर्णकारों और कारीगरों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की नीतियां MSME क्षेत्र को बर्बाद कर तस्करी को बढ़ावा दे रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-central-government-serious-crisis-in-jewelery-sector-due/article-153933"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/randeep-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सोने के गहने नहीं खरीदने की सलाह और सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले को ज्वेलरी उद्योग पर हमला बताते हुए सरकार से 3.5 करोड़ से अधिक सुनारों, स्वर्णकारों, कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज देने की मांग की है। कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सोने के गहने नहीं खरीदने की अपील तथा सरकार के सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने से ज्वेलरी क्षेत्र पर गंभीर संकट आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे 3.5 करोड़ से अधिक सुनारों, स्वर्णकारों, दुकानदारों, व्यापारियों, कारीगरों और कामगारों की आजीविका प्रभावित होने वाली है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश में स्वर्ण आभूषण सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और करोड़ों महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम भी हैं। यह देश में 90 प्रतिशत से अधिक ज्वेलरी कारोबार एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ा है, जिससे करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी चलती है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सोने के गहने नहीं खरीदने की सलाह और आयात शुल्क में बढ़ोतरी से ज्वेलरी कारोबार पर दोहरी मार पड़ेगी तथा इससे तस्करी बढ़ने की आशंका भी है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार के पहले ही नोटबंदी, कर नीतियों, जीएसटी और अनिवार्य हॉलमार्किंग जैसे फैसलों से यह क्षेत्र प्रभावित रहा है।</p>
<p>उन्होंने सरकार से स्वर्ण आभूषण उद्योग से जुड़े 3.5 करोड़ सुनारों, स्वर्णकारों, दुकानदारों, व्यापारियों, कारीगरों और कामगारों के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज की तत्काल घोषणा करने की मांग है ताकि वे सरकार की नीतियों से उत्पन्न संकट से उबर सकें। कांग्रेस ने यह भी मांग की कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के बजाय घरेलू गोल्ड मोबिलाइजेशन, रिसाइक्लिंग, ‘आइडियल गोल्ड स्टॉक्स’ के उपयोग तथा आयकर कानून में संशोधन कर परिवारों को अपनी पसंद के ज्वेलर्स को सोना उधार देने की अनुमति जैसे विकल्पों पर विचार किया जाए। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-central-government-serious-crisis-in-jewelery-sector-due/article-153933</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-central-government-serious-crisis-in-jewelery-sector-due/article-153933</guid>
                <pubDate>Fri, 15 May 2026 14:50:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/randeep-singh1.png"                         length="1390812"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी की अपील पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: एक साल तक कोई मंत्री नहीं करेगा विदेशी दौरा, सरकारी कर्मचारी 2 दिन करेंगे वर्क फ्रॉर्म होम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में बड़े सुधार लागू किए हैं। अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करेंगे। ईंधन और बिजली बचाने के लिए कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है और मंत्रियों के विदेश दौरों पर एक साल तक पूर्ण रोक लगा दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-on-pm-modis-appeal-no/article-153833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guprta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कामकाज में ऊर्जा बचत और खर्चों में कटौती के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। दिल्ली सरकार के अनुसार अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” करेंगे, ताकि कार्यालयों में बिजली और संसाधनों की खपत कम की जा सके। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत दफ्तरों का टाइम टेबल चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा, जिससे ट्रैफिक दबाव और ईंधन की खपत कम हो सके। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने कहा है कि अब से आने वाले एक साल तक कोई भी मंत्री विदेश दौरा नहीं करेगा।</p>
<p>सरकार ने कर्मचारियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का भी फैसला लिया है। इससे निजी वाहनों का उपयोग घटेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। वहीं खर्चों में कटौती के तहत दिल्ली सरकार के किसी भी मंत्री को अगले एक साल तक विदेश दौरे की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत, आत्मनिर्भरता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की अपील की थी। दिल्ली सरकार उसी दिशा में यह कदम उठा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-on-pm-modis-appeal-no/article-153833</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-on-pm-modis-appeal-no/article-153833</guid>
                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:11:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/rekha-guprta.png"                         length="874359"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार के लाखों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: मंहगाई भत्ते में बढ़ोतरी, सम्राट मंत्रिमंडल ने दी 18 प्रस्तावों को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें पुलिस सुदृढ़ीकरण हेतु नए पदों का सृजन और वित्तीय वर्ष के लिए ऋण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान करना शामिल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-gift-to-lakhs-of-employees-of-bihar-increase-in/article-153664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/da.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के सम्राट मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि को मंजूरी देने के साथ विकास, वित्त और प्रशासन से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई यह बैठक मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार के बाद पहली बैठक थी, जिसमें सभी 34 मंत्री शामिल हुए। बिहार मंत्रिमंडल ने इस वर्ष 01 जनवरी से विभिन्न वेतन आयोगों के तहत डीए बढ़ाने को मंजूरी दी थी। इस निर्णय के तहत छठे वेतन आयोग के तहत डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया है। पांचवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए इसे 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत किया गया, जबकि सातवें वेतन आयोग के तहत डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।</p>
<p>बैठक में मंत्रिमंडल ने बाजार से 64,141.28 करोड़ रुपये उधार लेने की योजना को भी मंजूरी दी। इस मंजूरी के बाद बाजार ऋण के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल ऋण जुटाने का लक्ष्य 72,901.30 करोड़ रुपये हो गया। इस बैठक में संवेदनशील जिलों में पुलिस व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल के एक अन्य निर्णय में कैबिनेट ने ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज’ के माध्यम से मूल्य वर्धित कर प्रबंधन सूचना प्रणाली (वैटमिस) अनुप्रयोग के वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) के नवीनीकरण के लिए एक करोड़ इकतीस लाख अस्सी हजार चार सौर चौदह (1,31,80,414) रूपये लागत को मंजूरी दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-gift-to-lakhs-of-employees-of-bihar-increase-in/article-153664</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-gift-to-lakhs-of-employees-of-bihar-increase-in/article-153664</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:58:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/da.png"                         length="1592080"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET-UG रद्द होने पर आनंद कुमार का बड़ा बयान, बोले-चीन जैसी सख्ती से ही रुकेगा पेपर लीक</title>
                                    <description><![CDATA[सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छात्रों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही परीक्षा प्रणाली में चीन जैसे कड़े सुधार और कोचिंग संस्थानों पर सख्त निगरानी की वकालत की। उन्होंने परीक्षार्थियों से निडर होकर पुनः तैयारी में जुटने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/anand-kumars-big-statement-on-cancellation-of-neet-ug-said/article-153598"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/andna.png" alt=""></a><br /><p>पटना। नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद सुपर-30 के संस्थापक और शिक्षाविद् आनंद कुमार ने परीक्षा प्रणाली में सख्ती बढ़ाने और कोचिंग संस्थानों पर कड़े नियम लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा विवादों से छात्रों का मनोबल टूटता है और उनके भविष्य पर असर पड़ता है। आनंद कुमार ने कहा कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा रद्द होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन राहत की बात यह है कि मामले से जुड़े आरोपियों को पकड़ लिया गया है। उन्होंने छात्रों से हिम्मत बनाए रखने और दोबारा परीक्षा की तैयारी में जुटने की अपील की।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को चीन की तरह कड़े कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। राजस्थान एसओजी द्वारा कोचिंग संस्थानों की भूमिका की जांच के बीच कुमार ने कहा कि कोचिंग सेंटरों पर सख्त निगरानी और नियमों का कठोर पालन जरूरी है। वहीं, नितिन विजय ने भी छात्रों और अभिभावकों से घबराने की बजाय शांत रहने की अपील की। चीन में लागू एंटी-चीटिंग तकनीक, परीक्षा केंद्रों की कड़ी निगरानी और कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण जैसे उपायों का उदाहरण देते हुए विशेषज्ञों ने भारत में भी मजबूत परीक्षा सुरक्षा प्रणाली की जरूरत बताई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/anand-kumars-big-statement-on-cancellation-of-neet-ug-said/article-153598</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/anand-kumars-big-statement-on-cancellation-of-neet-ug-said/article-153598</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:37:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/andna.png"                         length="370440"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने निजी स्कूलों और ट्यूशन इंडस्ट्री पर कसा शिकंजा, 100 अरब डॉलर का कारोबार प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने शिक्षा का व्यवसायीकरण रोकने के लिए कक्षा 1 से 9 तक के निजी स्कूलों और मुनाफे वाली कोचिंग पर पाबंदी लगा दी है। बच्चों का मानसिक दबाव कम करने हेतु अब ट्यूशन कंपनियां विदेशी निवेश या शेयर बाजार से फंड नहीं जुटा सकेंगी। इस ऐतिहासिक फैसले से $100 अरब की ट्यूशन इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-tightens-screws-on-private-schools-and-tuition-industry-business/article-153583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china2.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने अपनी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 6 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए संचालित लाभ कमाने वाले निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला प्राथमिक और जूनियर सेकेंडरी शिक्षा यानी कक्षा 1 से 9 तक लागू किया गया है। नई नीति के तहत अब स्कूल विषयों की पढ़ाई कराने वाली कंपनियां मुनाफा नहीं कमा सकेंगी, विदेशी निवेश नहीं ले सकेंगी और शेयर बाजार से पूंजी जुटाने पर भी रोक रहेगी। कई कंपनियों को गैर-लाभकारी संस्था में बदलने या संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>इस फैसले से चीन की करीब 100 अरब डॉलर की निजी ट्यूशन इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। कई बड़ीं शिक्षा कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सरकार ने सप्ताहांत और छुट्टियों में ट्यूशन, विदेशी पाठ्यक्रम और बच्चों पर अधिक होमवर्क जैसे मामलों पर भी रोक लगाई है।</p>
<p>चीन का कहना है कि बढ़ते शैक्षणिक दबाव और महंगी शिक्षा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और परिवारों पर असर डाल रही थी। हालांकि प्रतिबंधों के बावजूद देश में निजी ट्यूशन की मांग अब भी बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/china-tightens-screws-on-private-schools-and-tuition-industry-business/article-153583</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/china-tightens-screws-on-private-schools-and-tuition-industry-business/article-153583</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 14:05:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/china2.png"                         length="367870"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने से राज्य के नागरिकों को मिलेगा आयुष्मान भारत का लाभ: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद आयुष्मान भारत योजना लागू होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 'डबल-इंजन' सरकार अब बंगाल के लोगों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगी। सत्ता परिवर्तन के साथ ही केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं का मार्ग प्रशस्त हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/with-the-formation-of-bjp-government-in-west-bengal-the/article-153503"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद अब राज्य के लोगों को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नयी 'डबल-इंजन सरकार' प्रमुख केंद्रीय कल्याणकारी कार्यक्रमों का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "पश्चिम बंगाल के मेरे भाइयों और बहनों का कल्याण सर्वोपरि है। मुझे बहुत खुशी है कि राज्य के लोगों को आयुष्मान भारत तक पहुंच मिलेगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य देखभाल योजना है और शीर्ष गुणवत्ता वाली तथा सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करती है। साथ ही, डबल-इंजन सरकार प्रमुख केंद्रीय योजनाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।"</p>
<p>प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में भाजपा द्वारा औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने के बाद आई है। राज्य में तृणमूल कांग्रेस का 15 साल का शासन समाप्त हो गया और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता से बाहर हो गई। भाजपा ने आयुष्मान भारत के क्रियान्वयन और केंद्र के साथ बेहतर समन्वय को अपने चुनावी अभियान का मुख्य मुद्दा बनाया था और पिछली तृणमूल सरकार पर राजनीतिक कारणों से कई केंद्र प्रायोजित योजनाओं को रोकने का आरोप लगाया था।</p>
<p>आयुष्मान भारत, जिसे आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के रूप में जाना जाता है, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को माध्यमिक और तृतीयक अस्पतालों में भर्ती होने के लिए प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करती है। तृणमूल शासन के दौरान, पश्चिम बंगाल इस योजना से बाहर रहा था और इसके बजाय अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना 'स्वास्थ्य साथी' चला रहा था, जिसे बनर्जी सरकार ने एक अधिक समावेशी विकल्प के रूप में पेश किया था।</p>
<p>भाजपा ने बार-बार तर्क दिया था कि आयुष्मान भारत से बाहर रहने से बंगाल के निवासी देश भर के सूचीबद्ध अस्पतालों के विस्तृत नेटवर्क के लाभ से वंचित रह गए। हालांकि, तृणमूल का मानना था कि स्वास्थ्य साथी व्यापक कवरेज प्रदान करती है और उसने केंद्र पर कल्याणकारी योजनाओं के वितरण का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था। सत्ता परिवर्तन के साथ ही, नयी भाजपा सरकार से राज्य में आयुष्मान भारत को तेजी से लागू करने और अन्य कल्याणकारी पहलों को केंद्रीय योजनाओं के अनुरूप बनाने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/with-the-formation-of-bjp-government-in-west-bengal-the/article-153503</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/with-the-formation-of-bjp-government-in-west-bengal-the/article-153503</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 13:09:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/modi1.png"                         length="605041"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव का केंद्र पर कटाक्ष: चुनाव खत्म होते ही सरकार को याद आया ‘संकट’; ऐसी अपीलों से बाजार में भय, घबराहट और मंदी की आशंका </title>
                                    <description><![CDATA[सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की 'बचत अपीलों' को आर्थिक विफलता बताया है। उन्होंने तंज कसा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को संकट याद आ गया। अखिलेश ने डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये और महंगाई पर घेराव करते हुए सत्तारूढ़ दल को ही देश के लिए सबसे बड़ा संकट करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/akhilesh-yadavs-sarcasm-on-the-center-as-soon-as-the/article-153419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/akhilesh-yadav.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सोमवार को कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को “संकट” याद आ गया। उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे बड़ा संकट सत्तारूढ़ पार्टी ही है और केंद्र सरकार की हालिया अपीलें उसकी आर्थिक व नीतिगत विफलताओं को उजागर करती हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि यदि इतनी पाबंदियां लगानी पड़ रही हैं तो पांच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ सरकार के हाथ से आर्थिक व्यवस्था की लगाम छूट चुकी है। डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और रुपया कमजोर होता जा रहा है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने सोने की खरीद को लेकर सरकार की अपील पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जनता तो वैसे भी डेढ़ लाख तोले का सोना खरीदने की स्थिति में नहीं है, बल्कि सत्तापक्ष के लोग ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसकी जानकारी “लखनऊ से लेकर गोरखपुर” और “अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी” तक ली जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि सारी पाबंदियां चुनाव खत्म होने के बाद ही क्यों याद आईं। अखिलेश ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान सत्तापक्ष के नेताओं ने हजारों चार्टर विमान यात्राएं कीं, महंगे होटलों में ठहरे और बड़े पैमाने पर संसाधनों का इस्तेमाल किया। ऐसे में जनता पर ही प्रतिबंध और अपीलें थोपना उचित नहीं है।</p>
<p>सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की इस तरह की अपीलों से बाजार में भय, घबराहट और मंदी की आशंका पैदा होगी। सरकार का काम संकट से उबारना होता है, न कि अफरातफरी का माहौल बनाना। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सरकार विदेश नीति और गृह नीति दोनों मोर्चों पर विफल रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि सत्तापक्ष ने चुनावी राजनीति को प्रदूषित कर दिया है और समाज में नफरत फैलाकर सौहार्द को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक हर क्षेत्र में सत्ता पक्ष की नीतियों से देश को नुकसान हुआ है। सपा प्रमुख ने कहा कि जनता अब सत्तापक्ष की नीतियों से परेशान हो चुकी है और वोट मिलते ही सत्तापक्ष का खोट सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब बदलाव चाहती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/akhilesh-yadavs-sarcasm-on-the-center-as-soon-as-the/article-153419</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/akhilesh-yadavs-sarcasm-on-the-center-as-soon-as-the/article-153419</guid>
                <pubDate>Mon, 11 May 2026 17:00:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/akhilesh-yadav.png"                         length="517404"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश मंत्रालय का दावा: यूएई से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए किसी समझौते पर न​हीं हुई बात, फुजैरा के रास्ते भारतीय नागरिकों को निकालने की खबरों का किया खंड़न</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात से लाखों भारतीयों को निकालने की खबरों का खंडन किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 'फुजैरा मार्ग' वाले समझौते की रिपोर्ट पूरी तरह निराधार है और वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है। सरकार ने नागरिकों से भ्रामक सूचनाओं से बचने और आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-ministry-claims-no-agreement-has-been-reached-to-evacuate/article-153392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/india-vs-uae.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने मीडिया में आई इन खबरों का खंडन किया है जिनमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लाखों भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए एक समझौते पर विचार विमर्श का दावा किया गया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपने फैक्ट चैक हैंडल पर कहा है कि इस तरह की रिपोर्ट निराधार है और अभी भारतीय नागरिकों को यूएई से निकालने की कोई योजना नहीं है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि भारत और यूएई फुजैरा के रास्ते लाखों भारतीय नागरिकों को निकालने के समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूरोप की अपनी चार देशों की यात्रा से पहले यूएई जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-ministry-claims-no-agreement-has-been-reached-to-evacuate/article-153392</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-ministry-claims-no-agreement-has-been-reached-to-evacuate/article-153392</guid>
                <pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/india-vs-uae.png"                         length="639530"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनगणना-2027 में स्व-गणना के लिए सरकारी कर्मचारियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जनगणना-2027 के पहले चरण के लिए मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 15 मई तक स्व-गणना (Self-Enumeration) पूरी करने का निर्देश दिया है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री की पहल के बाद अब प्रशासन की बारी है। वेब पोर्टल के माध्यम से सटीक आंकड़े जुटाना इस राष्ट्रीय मिशन की प्राथमिकता है, जिससे विकास की नई राह खुलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-to-ensure-100-participation-of-government-employees-for-self-enumeration/article-153068"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/v.-srinivass.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना के तहत राज्य के समस्त राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की स्व-गणना में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों से कहा है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को 15 मई 2026 से पूर्व स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए प्रेरित करें और आवश्यक निर्देश जारी करें। जारी निर्देशों के अनुसार जनगणना-2027 का प्रथम चरण राजस्थान में 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा।</p>
<p>इससे पहले 1 मई से 15 मई 2026 तक निर्धारित वेब पोर्टल सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल⁠ पर स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध रहेगा। पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि 1 मई को महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं स्व-गणना कर प्रदेशवासियों के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में शत-प्रतिशत एवं सटीक आंकड़े सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी कार्मिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-to-ensure-100-participation-of-government-employees-for-self-enumeration/article-153068</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-to-ensure-100-participation-of-government-employees-for-self-enumeration/article-153068</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:27:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/v.-srinivass.png"                         length="774428"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधानसभा चुनाव 2026: आचार संहिता के दौरान चुनाव आयोग की रिकॉर्ड कार्रवाई, 1440 करोड़ की नकदी, नशीले द्रव्य, उपहार जब्त  </title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों के दौरान ₹1444 करोड़ से अधिक की अवैध नकदी, शराब और ड्रग्स जब्त कर नया रिकॉर्ड बनाया। यह 2021 की तुलना में 40% अधिक है। डिजिटल ईएसएमएस (ESMS) प्रणाली और कड़ी निगरानी के कारण तमिलनाडु और बंगाल में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई, जिससे चुनाव प्रलोभन मुक्त और निष्पक्ष रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/record-action-of-election-commission-during-assembly-elections-2026-code/article-153070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ec.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि हाल के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को धारा 144 और प्रलोभन से मुक्त रखने की उसकी सतर्कता और कार्रवाई में कुल 1444 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, नशीले द्रव्य, कीमती सामान और उपहार की स्तुएं जब्त की गयी। आयोग के अनुसार इस बार जब्त धन और अन्य संदिग्ध सामान इन राज्यों में 2021 चुनावों के दौरान की गयी जब्ती की तुलना में 40.14 प्रतिशत अधिक है। पिछले चुनावों में 1029.93 करोड़ रुपये की जब्ती की गयी थी। पश्चिम बंगाल में ज़ब्ती में सबसे ज़्यादा 68.92 प्रतिशतकी बढ़ोतरी देखी गई और तमिलनाडु में 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान की तुलना में जब्त नकद और सामान 48.40 प्रतिशत अधिक है।</p>
<p>आयोग की गुरुवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार तमिलनाडु में इस बार कुल 662.28 करोड़ रुपये की जब्ती की गयी है इनमें 105.22 करोड़ नकद, 4.94 करोड़ रुपये की 137248.53 लीटर शराब, 78.61 करोड़ रुपये नशीले द्रव्य, 165.86 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 307.65 रुपये के उपहार के सामान हैैं। पश्चिम बंगाल में कुल जब्ती 573.41 करोड़ रुपये की है जिसमें 31.14 करोड़ रुपये की नकदी , 151.86 करोड़ रुपये मूल्य की 5858648.98 लीटर शराब, 130.28 करोड़ रुपये के नशीले द्रव्य, 69.36 करोड़ रुपये की महंगी घातुएं और 190.77 करोड़ रुपये मूल्य के उपहार के सामान हैं।</p>
<p>असम में कुल जब्ती 117.24 करोड़ रुपये की है। इसमें 6.07 करोड़ रुपये की नकदी, 22.71 करोड़ रुपये की 8.28 लाख लीटर शराब, 70.08 करोड़ रुपये के नशीले द्रव्य, 3.68 करोड़ रुपये की महंगी धातुएं और 14.7 करोड़ रुपये के उपहार के सामान हैं। केरल में कुल जब्ती 80.67 करोड़ रुपये की रही जिसमें 12.12 करोड़ रुपये नकद, 2.51 करोड़ रुपये मूल्य की 78.22 हजार लीटर शराब, 58.47 करोड़ रुपये के नशीले दव्य, 2.25 करोड़ रुपये की महंगी धातुएं और 5.33 करोड़ रुपये के उपहार के सामान शामिल हैं।</p>
<p>पुड्डुचेरी में कुल 9.72 कोड़ रुपये की जब्ती में 33 लाख रुपये नकद, 39 लाख रुपये की शराब, करीब नौ करोड़ रुपये की महंगी धातुएं और दो लाख रुपये के उपहार के सामान शामिल हैं। आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों और 5 राज्यों के 7 रिक्त विधानसभा क्षेत्रों में 15 मार्च को चुनाव कराने की घोषणा करते हुए आदर्श आचार संहिता लागू कर दी थीं। आदर्श चुनाव संहिता परिणामों की घोषणा के बाद आज से हटा ली गयी है।</p>
<p>आयोग ने चुनाव को शांतिपूर्वक और निष्पक्ष तरीके से कराने के ठोस प्रबंध किये थे। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और उनके सीमावर्ती प्रदेशों के मुख्य सचिवों और अन्य अधिकारियों के साथ-साथ प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों के साथ कई समीक्षा बैठकें कीं गयी थी।आयाेग ने 376 व्यय पर्यवेक्षकों, 7,470 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों ) और 7,470 स्टैटिक सर्विलांस टीमों को भी तैनात किया गया था। आयोग ने कहा है कि ये ज़ब्तियां डिजिटल प्लेटफॉर्म - चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली (ईएसएमएस) - की मदद से संभव हो पाईं है जिनके माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान आसान हुआ है। गत 26 फरवरी को इस प्रणाली के चालू किये जाने के बाद से 06 मई तक ज़ब्त की गई कुल सामानों का मूल्य 1444 करोड़ रुपये से अधिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/record-action-of-election-commission-during-assembly-elections-2026-code/article-153070</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/record-action-of-election-commission-during-assembly-elections-2026-code/article-153070</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:09:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/ec.png"                         length="1187608"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        