<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/policy/tag-6523" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>policy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6523/rss</link>
                <description>policy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विशेष संसद सत्र महिला सशक्तिकरण की दिशा में 'ऐतिहासिक कदम': पीएम मोदी ने कहा-माताओं और बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के विशेष सत्र को महिला सशक्तिकरण के लिए 'ऐतिहासिक' बताया है। उन्होंने विधायिकाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और गरिमा को राष्ट्र का सम्मान करार दिया। पीएम ने समावेशी विकास और लैंगिक समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इसे राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/special-parliament-session-is-a-historic-step-towards-women-empowerment/article-150606"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/modi-sansad.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुरुवार से शुरू हो रहा संसद का विशेष सत्र देश में महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में एक 'ऐतिहासिक कदम' है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की गरिमा और प्रतिनिधित्व को आगे बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "संसद के आज के विशेष सत्र से हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं और बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और इसी भावना के साथ हम इस दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक का आह्वान करते हुए कहा, "आप उदय हों और अपनी किरणों से विश्व को आलोकित करें। कण्व वंश के ऋषियों ने समृद्धि और प्रचुरता के लिए अपने भजनों के साथ आपका आह्वान किया है।" पीएम मोदी की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब संसद का एक दुर्लभ विशेष सत्र आयोजित हो रहा है, जिसमें विधायिकाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों सहित प्रमुख विधायी उपायों को उठाए जाने की व्यापक उम्मीद है। सरकार ने लगातार इस तरह की पहलों को समावेशी विकास और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास के रूप में पेश किया है।</p>
<p>संसद सत्र से पहले पीएम मोदी का यह संदेश उस दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, जो महिला सशक्तिकरण को न केवल एक नीतिगत प्राथमिकता के रूप में बल्कि राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक लोकाचार के रूप में भी स्थापित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/special-parliament-session-is-a-historic-step-towards-women-empowerment/article-150606</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/special-parliament-session-is-a-historic-step-towards-women-empowerment/article-150606</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:20:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/modi-sansad.png"                         length="606433"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में एयरोस्पेस-डिफेंस और सेमीकंडक्टर पॉलिसी होगी लागू : सरकार मनाएगी 2 साल का जश्न, परियोजनाओं का होगा शिलान्यास</title>
                                    <description><![CDATA[उद्योग विभाग नई नीतियों को लागू करेगा। 11 दिसंबर को एनआरआर चैप्टर संवाद, 12 को नवाचार दिवस कॉन्क्लेव और 13 को सड़क सुरक्षा अभियान चलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aerospace-defense-and-semiconductor-policy-will-be-implemented-in-the-state/article-134105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/bhajan-lal-sharma.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर प्रदेश में 10 से 25 दिसंबर तक विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इस दौरान राज्य सरकार एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी तथा सेमीकंडक्टर पॉलिसी सहित कई नई नीतियों को लागू करेगी। मुख्य समारोह 15 दिसंबर को प्रस्तावित है, जहां 34,600 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा। इसी दिन फ्लैगशिप योजनाओं के तहत किसानों, महिलाओं और पेंशनधारियों को डीबीटी के जरिए राशि हस्तांतरित की जाएगी। जानकारी के अनुसार कार्यक्रमों की शुरुआत 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस से होगी, जहां उद्योग विभाग नई नीतियों को लागू करेगा। 11 दिसंबर को एनआरआर चैप्टर संवाद, 12 को नवाचार दिवस कॉन्क्लेव और 13 को सड़क सुरक्षा अभियान चलेगा। </p>
<p>14 दिसंबर को स्वच्छता कार्यक्रम के तहत मंदिरों, स्मारकों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान होगा। 15 दिसंबर को राज्यस्तरीय कार्यक्रम के साथ रक्तदान शिविर, आरोग्य कैम्प और 22 मदर लैब व 800 स्पोक्स की शुरुआत की जाएगी। 16 से 18 दिसंबर तक प्रदर्शनी और सेवा शिविर होंगे। 18 दिसंबर को महिला सम्मेलन और 19 दिसंबर को किसान सम्मेलन में लाभार्थियों को डीबीटी के जरिए सहायता दी जाएगी। 21 दिसंबर को रन फॉर विकसित राजस्थान, 22 को युवा-रोजगार दिवस और 23 दिसंबर को पर्यावरण संरक्षण अभियान आयोजित होगा।  24 दिसंबर को पर्यटन कॉन्क्लेव में फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति और नई पर्यटन नीति लॉन्च की जाएगी। 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के साथ कार्यक्रमों का समापन होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aerospace-defense-and-semiconductor-policy-will-be-implemented-in-the-state/article-134105</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aerospace-defense-and-semiconductor-policy-will-be-implemented-in-the-state/article-134105</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 10:00:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/bhajan-lal-sharma.png"                         length="406852"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - कोई नहीं ढूंढ पाया बैल तो हटानी पड़ी शर्त</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों को तीस हजार की प्रोत्साहन राशि देने का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---no-one-could-find-the-bull-so-the-condition-had-to-be-removed/article-123914"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)47.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  सरकार की ओर से बैलों से खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लघु एवं सीमांत कृषकों को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रतिवर्ष 30 हजार रुपए देने की योजना शुरू की गई है। इसके लिए पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इस योजना की घोषणा को पांच माह हो चुके हैं, लेकिन अभी कोटा जिले में एक भी आवेदन नहीं आया है। इसका कारण योजना की एक शर्त है जो किसानों की राहत में बाधा बन रही थी। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को बैलों का बीमा करवाना होगा। जबकि कोई भी बीमा कम्पनी दुधारू पशु के अलावा अन्य पशुओं का बीमा नहीं करती है। ऐसे में कोटा जिले सहित पूरे प्रदेश में योजना का दम टूट रहा था। अब सरकार ने किसानों की परेशानी का समाधान करते हुए बैलों का बीमा करवाने की शर्त को हटा दिया है। अब पशु बीमा पॉलिसी के बिना भी किसान इस योजना में आवेदन कर सकेंगे।</p>
<p><strong>गांवों में घट रही बैलों की संख्या</strong><br />किसानों के अनुसार पहले हर गांव में बैलों की दर्जनों जोड़ियां देखने को मिलती थी। मगर अब समय बदल चुका है, और अधिकतर किसानों ने बैलों को त्याग दिया है। सिंचाई के साधनों से वंचित किसानों ने भी आधुनिक उपकरणों का सहारा लेकर बैलों की उपयोगिता को भुला दिया है। यही कारण है कि पशुधन की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। पहले कई स्थानों पर बड़े पशु मेले आयोजित किए जाते थे। इन मेलों में लाखों रुपए के बैल खरीदे और बेचे जाते थे, लेकिन जब से खेतों में बैलों का उपयोग कम हुआ, पशु मेलों का अस्तित्व भी संकट में आ गया। ऐसे में सरकार ने बैलों से खेती को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की है।</p>
<p><strong>इस शर्त के लिए काट रहे थे चक्कर</strong><br />राज्य सरकार की ओर से बैलों के सरंक्षण के लिए मुख्यमंत्री बजट घोषणा में नई योजना की घोषणा की गई थी। इसके तहत लघु एवं सीमांत कृषकों को बैलों से खेती किए जाने पर प्रोत्साहन राशि के रूप में 30 हजार रुपए प्रतिवर्ष उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया था। यह योजना पूरे प्रदेश के लिए लागू की गई थी और इसके लिए कृषि आयुक्तालय की ओर से सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे। बीमा योजना का लाभ लेने के लिए कई शर्ते रखी गई थी। इनमें बैलों की बीमा पॉलिसी वाली शर्त भी थी, लेकिन बैलों का बीमा कौन और कैसे करेगा इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं था। इस कारण कारण काश्तकार कृषि विभाग और पशुपालन विभाग के चक्कर काट रहे थे। बीमा पॉलिसी की शर्त के कारण  कोटा जिले में अभी तक इस योजना के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />जिले के किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 28 मई को गले की फांस बना बैलों का बीमा, एक भी नहीं आया आवेदन शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि इस योजना का लाभ लेने के लिए काश्तकारों को ई-मित्र पर जाकर अथवा स्वयं के स्तर पर राजकिसान साथी पोर्टल पर जनाधार के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसमें पशु बीमा पॉलिसी एवं स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी अपलोड करना आवश्यक होगा, लेकिन इसमें बैंलों का बीमा कौनसी एजेंसी करेगी इसका कोई भी उल्लेख नहीं है। प्राइवेट एजेंसी पशुओं का बीमा करती है, लेकिन वह सिर्फ दुधारू पशुओं का बीमा करती है। एजेसियां भी बैलों का बीमा करने से मना कर रही है। इसके चलते किसानों में असमंजस की स्थिति बन गई है। किसान कभी पशुपालन विभाग तो कभी कृषि विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।</p>
<p>पशु बीमा पॉलिसी की शर्त के कारण किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसके लिए किसान सरकारी विभागों में चक्कर लगा रहे थे। अब सरकार की ओर पशु बीमा पॉलिसी  की शर्त को हटवाने से किसानों का इसक प्रति रूझान बढ़ेगा।<br /><strong>- जगदीश कुमार, किसान नेता</strong></p>
<p>सरकार की ओर से बैलों से खेती को प्रोत्साहन देने के लिए योजना में 30 हजार रुपए प्रतिवर्ष दिए जाएंगे। इसमें बैलों का बीमा कराने में परेशानी की बात सामने आई थी। अब इस शर्त को हटा दिया गया है। केवल स्वास्थ्य प्रमाण पत्र देकर भी योजना का लाभ लिया जा सकता है।<br /><strong>-अतिश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---no-one-could-find-the-bull-so-the-condition-had-to-be-removed/article-123914</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---no-one-could-find-the-bull-so-the-condition-had-to-be-removed/article-123914</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Aug 2025 16:11:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%281%2947.png"                         length="553720"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरी सड़कों के लिए ‘मिल एंड फिल’ नीति लागू, रिसाइकल डामर का होगा उपयोग</title>
                                    <description><![CDATA["मिल एंड फिल" (Mill and Fill) नीति को सभी नगरीय निकायों में तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-mill-and-phil-policy-applied-for-green-roads-will/article-121882"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/swayat-shasan-vibhag-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण और मरम्मत की पारंपरिक पद्धति में बदलाव लाते हुए "मिल एंड फिल" (Mill and Fill) नीति को सभी नगरीय निकायों में तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस नीति के तहत अब पुनर्नवीनीकरण डामर (Recycled Asphalt) का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।</p>
<p>स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी किया है। दरअसल, कई शहरी निकायों में डामर या सीमेंट कंक्रीट की परतें बार-बार डालने से सड़कों की ऊंचाई आसपास के भवनों की तुलना में काफी बढ़ गई है, जिससे जलभराव और जल निकासी की गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, विशेषकर 20-30 साल पुराने क्षेत्रों में।</p>
<p>भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से भी रिसाइकल डामर के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई सर्कुलर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। रिसाइकल डामर को 100% नए डामर के समकक्ष या उससे बेहतर माना गया है। अब "मिल एंड फिल" पद्धति के तहत, पहले पुरानी सड़क की ऊपरी परत हटाई जाएगी और फिर पुनर्नवीनीकरण डामर से नई परत बिछाई जाएगी, जिससे सड़क की ऊंचाई नहीं बढ़ेगी और संरचनात्मक स्थिरता भी बनी रहेगी।</p>
<p>इस नीति के तहत सभी स्थानीय निकायों को निर्देशित किया गया है कि वे भविष्य की सभी सड़क परियोजनाओं में इस नीति का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें। यह कदम पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय बचत और टिकाऊ अधोसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-mill-and-phil-policy-applied-for-green-roads-will/article-121882</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-mill-and-phil-policy-applied-for-green-roads-will/article-121882</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 16:25:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/swayat-shasan-vibhag-copy1.jpg"                         length="108369"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - ड्रिप से होगी सिंचाई, एनएचएआई ने बदली राष्ट्रीय राजमार्गों पर पौधारोपण की पॉलिसी </title>
                                    <description><![CDATA[अब डीपीआर में ही देनी होगी लगने वाले पौधों की संख्या, उनके स्थान और सिंचाई की जानकारी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---irrigation-will-be-done-through-drip--nhai-changed-the-policy-of-plantation-on-national-highways/article-90227"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze-(9)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अब हाई वे पर सड़क बनाने के दौरान पौधारोपण की पॉलिसी में परिवर्तन किया है। नई पॉलिसी के तहत अब पौधारोपण की व्यवस्था को डीपीआर के तहत शामिल करना होगा। साथ ही सड़क बनाने के दौरान कटने वाले पेड़ों की संख्या के अनुसार पहले पौधारोपण करना होगा। जिससे पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान ना हो। इसके अलावा सड़कों पर पेड़ पौधों को पानी देने के लिए एक ड्रिप पद्द्ति से मजबूत सिंचाई व्यवस्था को सड़क के साथ विकसित करना होगा। उल्लेखनीय है कि नवज्योति ने इस संबंध में जून माह में ही समाचार प्रकाशित कर सरकार को सुझाव दिया था कि डिवाइडर और रोड साइड पर लगने वाले पौधों की सिंचाई ड्पि सिस्टम से की जाए। डिवाइडरों पर पौधे लगा तो दिए जाते हैं लेकिन सार संभाल नहीं होने तथा उचित सिंचाई व्यवस्था नहीं होने से यह पनप नहीं पाते हैं। ऐसे में यदि ड्पि सिस्टम से सींचे जाएं तो इनकी उम्र लम्बी हो सकती है। </p>
<p><strong>डीपीआर में शामिल हों पौधारोपण की लागत</strong><br />राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से जारी की गई नई पॉलिसी के तहत अब इंजीनियरों और संवोदक फर्म को हाईवे निर्माण की डीपीआर तैयार करते समय ही पौधारोपण की लागत भी दर्शानी होगी। जिससे सड़क की कुल लागत को अनुमानित किया जा सके। इसके अलावा डीपीआर में सड़क पर लगने वाले पौधों की संख्या और स्थान के बारे में भी जानकारी अपडेट करनी होगी। जिससे हाई वे की सड़क पर पौधारोपण को ट्रैक किया जा सके। वहीं डीपीआर में भूमि की उपलब्धता, पंक्तियों और पेड़ों की संख्या को दर्शाते हुए एक किलोमीटर-वार मानचित्र भी तैयार करना होगा।</p>
<p><strong>निर्माता को कम से कम पांच साल देखरेख की जिम्मेदारी</strong><br />नई पॉलिसी के तहत सड़क निर्माता को पौधारोपण के बाद उनकी देख रेख कम से कम पांच साल या उनके पूरी तरह से विकसित हो जाने तक करनी होगी। इसका मुख्य उद्देश्य सड़कों पर हरियाली को बढ़ाना है, क्योंकि कई बार सड़क का निर्माण पूरा हो जाने के बाद पौधारोपण तो हो जाता है लेकिन उनकी देखरेख में कमी के चलते सूखने लग जाते हैं। ऐसे में एनएचआई को दोबारा पौधारोपण करना पड़ता है जिसमें खर्चा भी आता है।</p>
<p><strong>सिंचाई के लिए ड्रिपिंग की हो व्यवस्था</strong><br />सड़कों पर पौधारोपण के बाद उनकी सिंचाई के लिए सस्ता और मजबूत तंत्र बनाना आवश्यक होगा। जिससे भविष्य में सिंचाई के लिए कोई प्रावधान न हो। वहीं प्राधिकरण की ओर से जारी नई पॉलिसी में कहा गया है कि अगर सड़क में ड्रिपिंग व्यवस्था को लगाने के लिए पर्याप्त स्थान हो तो निश्चित रूप से उसे लागू किया जाए। गौरतलब है कि नवज्योति ने डिवाइडर स्थित पौधों को ड्रिप सिंचाई पद्धति से पानी देने को लेकर पूर्व में भी खबर प्रकाशित की थी। साथ ही सड़क पर पौधारोपण पूरे निर्माण कार्य के पूरा हो जाने के बाद ही किया जाए। जिससे पौधारोपण को ज्यादा बेहतर तरीके से धरातल पर उतारा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---irrigation-will-be-done-through-drip--nhai-changed-the-policy-of-plantation-on-national-highways/article-90227</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---irrigation-will-be-done-through-drip--nhai-changed-the-policy-of-plantation-on-national-highways/article-90227</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 13:24:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/pze-%289%296.png"                         length="545163"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों पर किताबों और भारी बस्तों का बोझ कम करने की नीति, प्रदेश में नो बैग डे की शुरुआत </title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शनिवार को नो बैग डे यानी की बिना बस्ते के स्कूल की शुरुआत हो गई। शहर में प्रतियोगी परीक्षा होने से ज्यादातर बड़े स्कूल में अवकाश है, लेकिन आठवीं तक के अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित हुए विद्यालय के स्टूडेंट्स ने शनिवार को इस अनोखे दिन का खूब आनंद लिया और जहां बच्चों को राजस्थान और भाषा कौशल के बारे में बताया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/policy-to-reduce-the-burden-of-books-and-heavy-bags/article-14018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/bag-bojh_school.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शनिवार को नो बैग डे यानी की बिना बस्ते के स्कूल की शुरुआत हो गई। शहर में प्रतियोगी परीक्षा होने से ज्यादातर बड़े स्कूल में अवकाश है, लेकिन आठवीं तक के अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित हुए विद्यालय के स्टूडेंट्स ने शनिवार को इस अनोखे दिन का खूब आनंद लिया और जहां बच्चों को राजस्थान और भाषा कौशल के बारे में बताया गया। भाषा कौशल में अंग्रेजी से हिंदी ट्रांसलेशन, नए मीनिंग, संस्कृत से हिंदी की जानकारी दी गई। टीचर भी इस पहल को <span style="color:#000000;">सकारात्मक </span>मानते हैं, उनका कहना है कि 6 दिन शिक्षण के बाद 1 दिन बिना किताबों के बातों-बातों और खेल-खेल में होने वाली पढ़ाई उनके मन और मस्तिष्क पर ज्यादा प्रभाव डालती है।</p>
<p><strong> बस्ते का बोझ कम करने की कवायद:</strong> केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों को स्कूल बैग का बोझ हल्का करने की गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार बच्चे के स्कूल बैग का बोझ उसके वजन के 10 फीसदी तक होना चाहिए। सप्ताह में एक दिन बिना बैग भी इसी कवायद का हिस्सा है। देश में राजस्थान से पहले मणिपुर, उत्तर प्रदेश भी सप्ताह में एक दिन नो बैग डे लागू कर चुका है।</p>
<p><strong> 2 साल बाद फिर बस्ता मुक्त हुए हम:</strong> राज्य सरकार ने 2020 में इसकी घोषणा की थी, जिसके अनुसार नए सत्र से अब सरकारी स्कूलों के बच्चों को शनिवार को बस्ता लेकर स्कूल नहीं जाना है। इसलिए सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को नो बैग डे मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 20 फरवरी, 2020 को बजट भाषण के दौरान शिक्षा विभाग से संबंधित घोषणाओं में हफ्ते में एक दिन शनिवार को सरकारी स्कूलों में बैग नहीं ले जाने व उस दिन कोई अध्यापन कार्य नहीं किए जाने संबंधी फैसले का ऐलान किया था। सत्र 2022-23 में सप्ताह में प्रत्येक शनिवार को बस्ता मुक्त दिवस मनाया जा रहा है।े</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/policy-to-reduce-the-burden-of-books-and-heavy-bags/article-14018</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/policy-to-reduce-the-burden-of-books-and-heavy-bags/article-14018</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Jul 2022 15:15:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/bag-bojh_school.jpg"                         length="162540"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवाओं को तकनीक की ओर ले जाना है शिक्षा नीति का उद्देश्य : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नीति का पहला मूलमंत्र युवाओं को तकनीकी और उन्नत की ओर ले जाना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/aim-of-education-policy-is-to-take-youth-technology--says-modi/article-13828"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46546546546.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नीति का पहला मूलमंत्र युवाओं को तकनीकी और उन्नत की ओर ले जाना है। इससे सिर्फ डिग्री धारक युवाओं से देश को बचाया जा सके। मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अखिल भारतीय शिक्षा समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के पहले शिक्षा का उद्देश्य शिक्षित लोग नहीं, बल्कि सेवक वर्ग तैयार करना था। वह अंग्रेजों की शिक्षा पद्धति थी, लेकिन अब ऐसी शिक्षा पद्धति की जरूरत है, जो केवल युवाओं को डिग्रीधारक न बनाएं, बल्कि उनमें नेतृत्व की क्षमता भी उत्पन्न करे।</p>
<p>मोदी ने कहा कि यह उस धरती पर हो रहा है, जिस धरती पर आजादी से पहले एक शिक्षा का केंद्र स्थापित हुआ था। बनारस शिक्षा और ज्ञान का केंद्र था। मोदी ने कहा कि नये भारत के निर्माण के लिए आधुनिक व्यवस्थाओं का समावेश होना जरूरी है। देश को आगे बढ़ने के लिए जितने भी मानव संसाधनों की जरूरत हो। वह सभी शिक्षा व्यवस्था को देश के लिये मिलने का संकल्प लेना चाहिये। इस संकल्प का नेतृत्व शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को करना है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/aim-of-education-policy-is-to-take-youth-technology--says-modi/article-13828</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/aim-of-education-policy-is-to-take-youth-technology--says-modi/article-13828</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Jul 2022 16:42:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/46546546546.jpg"                         length="111998"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहुमंजिला इमारतों एवं टाउनशिप को पेयजल कनेक्शन के लिए शीघ्र जारी होगी पाॅलिसी </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में बहुमंजिला इमारतों एवं निजी टाउनशिप में रह रहे लोगों को पेयजल कनेक्शन देने के सम्बन्ध में बनने वाली नीति अगले 15 दिनों में फाइनल कर जारी की जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/policy-will-be-issued-soon-for-drinking-water-connection-to-multi-storey-buildings-and-townships/article-13023"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/mahesh-joshi-.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में बहुमंजिला इमारतों एवं निजी टाउनशिप में रह रहे लोगों को पेयजल कनेक्शन देने के सम्बन्ध में बनने वाली नीति अगले 15 दिनों में फाइनल कर जारी की जाए।<br />डॉ. जोशी शनिवार को बहुमंजिला इमारतों में पेयजल कनेक्शन देने के लिए बनने वाली नीति से सम्बन्धित अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि बहुमंजिला आवासीय भवनों में रह रहे लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनने वाली इस पाॅलिसी में सभी पक्षों के सुझावों को शामिल करते हुए एक अच्छी पाॅलिसी बनाई जाए, जो आमजन के हित में हो। उन्होंने पाॅलिसी से जुड़े अधिकारियों से पिछली दो बैठकों में हुई चर्चा और पाॅलिसी में शामिल बिन्दुओं के बारे में जानकारी ली।<br /><br />उन्होंने कहा कि बिल्डर्स, निजी टाउनशिप डवलपर्स के साथ ही रेजीडेन्ट वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधियों से व्यापक चर्चा कर पाॅलिसी को अंतिम रूप दिया जाए। जलदाय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेयजल उपलब्धता की विकट स्थिति एवं लगातार गिरते जा रहे भूजल स्तर को देखते हुए बहुमंजिला इमारतों एवं टाउनशिप डवलपर्स को जल संरक्षण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और अधिक से अधिक इमारतों में सीवरेज के पानी को ट्रीट कर वाॅशरूम एवं पौधों को पानी पिलाने के लिए इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत बनी बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों को पेयजल कनेक्शन देने के लिए पाॅलिसी में अलग से प्रावधान करने केे निर्देश दिए ताकि कम आय वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिल सके।<br /><br /><br />उल्लेखनीय है कि बहुमंजिला इमारतों एवं निजी टाउनशिप में रह रहे लोगों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में कोई व्यावहारिक नीति नहीं होने के कारण लम्बे समय से इन इमारतों में रहने वाले लोगों को पेयजल कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। इन लोगों की पेयजल सम्बन्धी समस्याओं को देखते हुए जलदाय मंत्री डाॅ. महेश जोशी ने 26 अप्रैल को आयोजित बैठक में अधिकारियों को बहुमंजिला इमारतों को पेयजल कनेक्शन के लिए पाॅलिसी तैयार करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए थे। जलदाय मंत्री के निर्देशों के बाद इस सम्बन्ध में मुख्य अभियंता (शहरी) की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/policy-will-be-issued-soon-for-drinking-water-connection-to-multi-storey-buildings-and-townships/article-13023</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/policy-will-be-issued-soon-for-drinking-water-connection-to-multi-storey-buildings-and-townships/article-13023</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 18:26:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/mahesh-joshi-.jpg"                         length="40184"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ई-वेस्ट पॉलिसी जल्द आएगी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। राजस्थान में खनन क्षेत्र को 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करना चाहिए। राज्य में बड़ी संख्या में छोटी और बड़ी माइंस हैं, यदि वे 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करते हैं, तो इससे दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/e-waste-policy-will-come-soon/article-11621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/conference-group.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में खनन क्षेत्र को 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करना चाहिए। राज्य में बड़ी संख्या में छोटी और बड़ी माइंस हैं, यदि वे 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करते हैं, तो इससे दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। यह बात राजस्थान ज्य प्रदूराषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्थान सरकार के चेयरमैन सुधांश पंत ने कही। वह जयपुर में कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘द 7आर्स कॉन्फ्रेंस रोडमैप फॉर ए ग्रीनर टुमॉरो’ के 5वें संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।  पंत ने कहा कि राजस्थान सरकार ई.वेस्ट पॉलिसी लेकर आ रही है।</p>
<p>जिसका ड्राफ्ट तैयार है और इसे हितधारकों के साथ उनकी टिप्पणियों और सुझावों के लिए साझा किया गया है। सीईओ और डब्ल्यूटीडी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अरुण मिश्रा ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। ऊर्जा के इस स्रोत की क्षमता का बेहतर और प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए। सेंट.गोबेन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ग्लास सॉल्यूशंस एंड स्ट्रेटेजिक प्रोजेक्ट्स के प्रबंध निदेशकए आइजनहावर स्वामीनाथन ने कहा कि आज के समय में बिल्डिंग्स पर्यावरण की समस्या का एक हिस्सा हैं। कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन बहुत अधिक है। डिप्टी हैड ऑफ  प्लांट ऑपरेशंस हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड मुकेश गोयल ने कहा कि पृथ्वी केवल एक ही है। यह बात किसी को भूलनी नहीं चाहिए। पेरिस जलवायु समझौते में, दुनिया भर के 700 शहरों के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों को भी ने उत्सर्जन में कटौती के लिए प्रतिबद्ध हैं। पंत ने ग्रीन रेटिंग कंपनियों को भी पुरस्कार प्रदान किए जो ग्रीन-फ्रेंडली प्रोसेस को अपना रही हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/e-waste-policy-will-come-soon/article-11621</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/e-waste-policy-will-come-soon/article-11621</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 14:27:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/conference-group.jpg"                         length="39904"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफीम नीति निर्धारण को लेकर सलाहकार समिति की बैठक आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[अफीम नीति निर्धारण को लेकर को लेकर शुक्रवार को राजस्थान इकाई सलाहकार समिति की बैठक कोटा में  आयोजित की गई ।  बैठक में कोटा, चित्तौड़गढ़, बारा तथा झालावाड़ जिले के किसानों तथा नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/advisory-committee-meeting-regarding-opium-policy-making/article-11226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/new-2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । अफीम नीति निर्धारण को लेकर को लेकर शुक्रवार को राजस्थान इकाई सलाहकार समिति की बैठक कोटा में  आयोजित की गई । बैठक की अध्यक्षता कोटा नारकोटिक्स उपायुक्त विकास जोशी ने की । बैठक में कोटा, चित्तौड़गढ़, बारा तथा झालावाड़ जिले के किसानों तथा नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।<br /><br />सांसद दुष्यंत सिंह व सीपी जोशी सहित  कई  किसानों, विधायक ने अफीम खेती के दौरान किसानों के सामने आ रही समस्याओं तथा उसके निराकरण संबंधी सुझाव दिए और अफीम नीति पर पर चर्चा की । इस दौरान अफीम उत्पादन संघर्ष समिति राजस्थान और मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज कुमार योगी ने नई अफीम नीति 2022 - 23 में सीपीएस पद्धति को किसानों के लिए हितेषी नहीं बताते हुए नई अफीम नीति में लागू नहीं करने की मांग की तथा अफीम को औषधीय पौधा बताते हुए उसे बचाने पर भी जोर दिया । उन्होंने परिचर्चा में बताया कि पिछले 5 वर्षों की गणना कर 100 व 103 पर अफीम लाइसेंस जारी किए गए थे लेकिन 4 वर्ष वालों को नहीं दिए गए इसलिए सुझाव दिया कि नारकोटिक्स विभाग अब 4 वर्ष की गणना करवाकर 80 एमक्यू वाई पर  किसानों को लाइसेंस जारी करवाए जाए। साथ ही 1990 से 2021 तक गुड क्वालिटी की अफीम देने वाले किसानों को पुन: अफीम लाइसेंस का पट्टा दिया जाए । किसानों को नई नीति के अनुसार 10 आरी  अफीम लाइसेंस  दिया जाए जाए  और  अफीम का मूल्य महंगाई को देखते हुए 15000 से 25000 तक किया जाए ।  छोटे-मोटे कारणों से पट्टा रद्द नहीं किया जाए तथा जो पट्टे रद्द हो गए हैं उन्हें पुन: बहाल किए जाएं । किसानों को समय पर पट्टे  वितरित किए जाएं जिससे समय पर तुलाई हो सके ।<br /><br /> किसान धन्नालाल  ने अफीम की नई नीति के दौरान फसल, किसान तथा उसके परिवार का बीमा कराए जाने की बात को पुरजोर से उठाया  तथा 10 से 20 परसेंट के नप्ति को नई नीति निर्धारण में करने का सुझाव दिया । किसानों ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि एनडीपीएस की धारा 29 के कारण  पुलिस किसानों को नाजायज तरीके से परेशान करती है । बैठक में अफीम खेती से जुड़े राजस्थान के किसानो ने  सलाह व सुझाव दिए ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/advisory-committee-meeting-regarding-opium-policy-making/article-11226</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/advisory-committee-meeting-regarding-opium-policy-making/article-11226</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 18:17:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/new-2.jpg"                         length="52763"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केन्द्र सरकार नीति और निर्णय से विकास के है साथ : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये आयोजित तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में निवेशकों को उत्तर प्रदेश में सफल और सुरक्षित निवेश का भरोसा दिलाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-government-is-with-development--policy-and-decisions-says-modi/article-11205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/modi-43522.jpg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये आयोजित तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में निवेशकों को उत्तर प्रदेश में सफल और सुरक्षित निवेश का भरोसा दिलाते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य की सरकार नीति, निर्णय, नीयत और स्वभाव से विकास के साथ हैं। मोदी ने तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का उद्घाटन करने के बाद संबोधन में देश के अग्रणी उद्योगपतियों से बदलते उत्तर प्रदेश के नये स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि हम नीति से भी विकास के साथ है। निर्णयों से भी विकास के साथ है। नीयत से भी विकास के साथ हैं और स्वभाव से भी विकास के साथ हैं।</p>
<p>मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आधुनिक एक्सप्रेस वे का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। उत्तर प्रदेश डिफेंस जंक्शन बनने वाला है, जेवर एयरपोर्ट, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश को दुनिया से जोडऩे में सेतु की भूमिका निभायेगा। उत्तर प्रदेश में बढ़ता निवेश राज्य के युवाओं के लिए नया अवसर लेकर आ रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भविष्य के आधुनिक भारत की विकास यात्रा में उप्र को सबसे मजबूत आधार स्तंभ बताया।उत्तर प्रदेश की जनता ने 37 साल बाद किसी सरकार को दोबारा विश्वास कर के सत्ता सौंपी है। इसलिये वह विश्वास के साथ यह सकते हैं कि ये उत्तर प्रदेश ही है, जो 21वीं सदी में भारत के विकास को गति प्रदान करेगा। अगले 10 वर्ष में इस बात को सही साबित होते देखेंगे। तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में विभिन्न औद्योगिक समूहों के 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से तमाम विकास परियोजनाओं का काम शुरु होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति में वह सार्म्थ्य है, जो संकल्पों को नई उड़ान एवं नई ऊंचाई देगा। उत्तर प्रदेश युवाओं का परिश्रम, सार्म्थ्य, समझ, समर्पण और संकल्पों को सिद्ध कर के रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-government-is-with-development--policy-and-decisions-says-modi/article-11205</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-government-is-with-development--policy-and-decisions-says-modi/article-11205</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 15:20:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/modi-43522.jpg"                         length="160276"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़कों के लिए नई पॉलिसी लाने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में सड़कों की मेंटीनेंस और नए प्रोजेक्ट निर्माणों को लेकर राज्य सरकार जल्द ही नई सड़क पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-preparations-to-bring-new-policy-for-roads/article-10922"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/2-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में सड़कों की मेंटीनेंस और नए प्रोजेक्ट निर्माणों को लेकर राज्य सरकार जल्द ही नई सड़क पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। इस पॉलिसी के बाद सड़क निर्माण के बाद उसकी मेंटीनेंस और नई योजनाओं के निर्माण के काम में आसानी हो सकेगी। पॉलिसी के तहत स्वत: ही सड़कों के सुदृढ़ीकरण की कार्य योजना स्वीकृत कर काम को आगे बढ़ाया जा सकेगा। पीडब्ल्यूडी की ओर से पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है, जिसका विधि परीक्षण भी अंतिम चरण में है। इसके बाद इस पॉलिसी को मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा।</p>
<p><strong>अभी क्या व्यवस्था</strong><br />वर्तमान में प्रदेश में फैले सड़कों के जाल की मेंटीनेंस केवल प्रोजेक्ट निर्माण की गारंटी नियमों के तहत ही करवाया जाता है अर्थात सड़क निर्माण के बाद उसकी निर्धारित अवधि पर फर्म को ही मेंटीनेंस करनी होती है। इसके बाद वायबिलिटी पीरियड खत्म होने के बाद विभाग के स्तर पर उसका बजट स्वीकृत कर उसे दुरुस्त करवाया जाता है। इसमें कई तरह की देरी होती है, जब तक उस सड़क की स्थिति भी ज्यादा खराब हो जाती है।</p>
<table style="width:392px;height:390px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:362px;height:41px;" colspan="6">पीडब्ल्यूडी के अधीन सड़कों की स्थिति (कि.मी.)</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:130.433px;height:41px;">वर्गीकरण </td>
<td style="width:25.5667px;height:41px;">  डामर   </td>
<td style="width:58px;height:41px;">मैटल  </td>
<td style="width:65px;height:41px;">ग्रेवल   </td>
<td style="width:73px;height:41px;">मौसमी </td>
<td style="width:10px;height:41px;">  योग</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:130.433px;height:41px;">एनएच</td>
<td style="width:25.5667px;height:41px;">  3527</td>
<td style="width:58px;height:41px;">   0   </td>
<td style="width:65px;height:41px;">5   </td>
<td style="width:73px;height:41px;">2 </td>
<td style="width:10px;height:41px;">  3534</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:130.433px;height:41px;">स्टेट हाइवे</td>
<td style="width:25.5667px;height:41px;"> 15124</td>
<td style="width:58px;height:41px;">   4</td>
<td style="width:65px;height:41px;">   0  </td>
<td style="width:73px;height:41px;">37   </td>
<td style="width:10px;height:41px;">15165</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:130.433px;height:41px;">एमडीआर </td>
<td style="width:25.5667px;height:41px;"> 8195</td>
<td style="width:58px;height:41px;">    2 </td>
<td style="width:65px;height:41px;">  47</td>
<td style="width:73px;height:41px;">133  </td>
<td style="width:10px;height:41px;">8387</td>
</tr>
<tr style="height:16px;">
<td style="width:130.433px;height:16px;">अन्य डीआर</td>
<td style="width:25.5667px;height:16px;"> 16014</td>
<td style="width:58px;height:16px;">   17 </td>
<td style="width:65px;height:16px;">  296</td>
<td style="width:73px;height:16px;">   0   </td>
<td style="width:10px;height:16px;">16327</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:130.433px;height:41px;">ग्रामीण सड़के   </td>
<td style="width:25.5667px;height:41px;">122173   </td>
<td style="width:58px;height:41px;">576   </td>
<td style="width:65px;height:41px;">2251   </td>
<td style="width:73px;height:41px;">0   </td>
<td style="width:10px;height:41px;">125000</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:130.433px;height:41px;">योग   </td>
<td style="width:25.5667px;height:41px;">165033   </td>
<td style="width:58px;height:41px;">599   </td>
<td style="width:65px;height:41px;">2599   </td>
<td style="width:73px;height:41px;">172   </td>
<td style="width:10px;height:41px;">168403</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>
<table style="width:417px;height:448px;">
<tbody>
<tr style="height:38px;">
<td style="height:38px;width:414px;" colspan="6"><br />राज्य में सड़कों की कुल लंबाई(कि.मी.)</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:71px;">एनएच   </td>
<td style="height:41px;width:78px;">9604   </td>
<td style="height:41px;width:64.7px;">0   </td>
<td style="height:41px;width:70.3px;">8   </td>
<td style="height:41px;width:64px;">1006  </td>
<td style="height:41px;width:66px;">10618</td>
</tr>
<tr style="height:64px;">
<td style="height:64px;width:71px;">स्टेट हाइवे</td>
<td style="height:64px;width:78px;">15580   </td>
<td style="height:64px;width:64.7px;">4   </td>
<td style="height:64px;width:70.3px;">0   </td>
<td style="height:64px;width:64px;">37   </td>
<td style="height:64px;width:66px;">15621</td>
</tr>
<tr style="height:53px;">
<td style="height:53px;width:71px;">एमडीआर</td>
<td style="height:53px;width:78px;"> 8597   </td>
<td style="height:53px;width:64.7px;">2   </td>
<td style="height:53px;width:70.3px;">47   </td>
<td style="height:53px;width:64px;">133   </td>
<td style="height:53px;width:66px;">8779</td>
</tr>
<tr style="height:74px;">
<td style="height:74px;width:71px;">अन्यडीआर</td>
<td style="height:74px;width:78px;"> 45436   </td>
<td style="height:74px;width:64.7px;">3184   </td>
<td style="height:74px;width:70.3px;">473   </td>
<td style="height:74px;width:64px;">4699   </td>
<td style="height:74px;width:66px;">53792</td>
</tr>
<tr style="height:60px;">
<td style="height:60px;width:71px;">ग्रामीण सड़कें   </td>
<td style="height:60px;width:78px;">139623   </td>
<td style="height:60px;width:64.7px;">1692   </td>
<td style="height:60px;width:70.3px;">36224   </td>
<td style="height:60px;width:64px;">2679   </td>
<td style="height:60px;width:66px;">180218</td>
</tr>
<tr style="height:68.9px;">
<td style="height:68.9px;width:71px;">योग   </td>
<td style="height:68.9px;width:78px;">218840   </td>
<td style="height:68.9px;width:64.7px;">4882   </td>
<td style="height:68.9px;width:70.3px;">36752   </td>
<td style="height:68.9px;width:64px;">8554   </td>
<td style="height:68.9px;width:66px;">269028</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>पॉलिसी में क्या खास</strong><br />अन्य राज्यों की तर्ज पर सड़क पॉलिसी तैयार की गई है। इस पॉलिसी के बाद हर सड़क की एक स्टडी रिपोर्ट होगी, जिसमें निर्धारित अवधि में उसके लिए मेंटीनेंस का प्रावधान होगा। विभाग के बजट खर्च को लेकर पॉलिसी के तहत ही सड़कों के नवीनीकरण और उसके मरम्मत के कार्य करवाए जा सकेंगे। इसमें सड़कों के पुल, आरओबी, अण्डरपास और भवन निर्माण के भी प्रावधान होंगे।</p>
<p><strong>सड़कों के लिए वसूल रहे सेस</strong><br />राज्य में सड़क विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने के उदेश्य से राजस्थान विधानसभा ने वर्ष 2004 में अधिनियम संख्या 13 के तहत राजस्थान सड़क विकास अधिनियम लागू किया था, जिसके तहत राज्य में पेट्रोल व डीजल पर सेस अधिरोपित किया गया है। वर्तमान में 2016 से पेट्रोल पर एक रुपए 50 पैसे और डीजल पर एक रुपए 75 पैसे प्रति लीटर की दर से सेस संग्रहित किया जा रहा है। इस संग्रहित निधि का उपयोग राज्य की सड़कों के विकास के लिए राजस्थान राज्य सड़क विकास निधि प्रबंधन बोर्ड के माध्यम से किया जाता है। निधि के अन्तर्गत वर्ष 2004-05 से वर्ष 2019-20 तक 9160.06 करोड़ की निधि प्राप्त की गई, जिसमें दिसंबर 2020 तक 5576.46 करोड़ खर्च किए गए।</p>
<p>नई सड़क पॉलिसी तैयार की जा रही है। इस पॉलिसी के बाद विभागीय कार्य योजना के तहत सड़कों के मेंटीनेंस और नए प्रोजेक्टों के काम हो सकेंगे<strong>- नवीन महाजन, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-preparations-to-bring-new-policy-for-roads/article-10922</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-preparations-to-bring-new-policy-for-roads/article-10922</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 10:21:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/2-copy.jpg"                         length="196928"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        