<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/leadership/tag-6526" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>leadership - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6526/rss</link>
                <description>leadership RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वैश्विक पटल पर भारत की साख : पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी को मिले 33 सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान, आइए डालते हैं एक नज़र</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले दशक में विभिन्न देशों द्वारा 33 प्रतिष्ठित राजकीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। सऊदी अरब के 'किंग अब्दुलअजीज सैश' से लेकर स्लोवाकिया के 'ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस' तक, ये पुरस्कार भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और मजबूत कूटनीतिक संबंधों का जीवंत प्रमाण हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/in-the-last-decade-prime-minister-modi-received-33-international/article-157218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले दस वर्षों में दुनिया के विभिन्न देशों द्वारा 33 प्रतिष्ठित नागरिक और राजकीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। ये सम्मान न केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और वैश्विक प्रभाव को दर्शाते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख और मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों का भी प्रमाण हैं। इन 33 सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मानों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न वैश्विक संस्थाओं और संगठनों द्वारा भी अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, मजबूत कूटनीतिक संबंधों और प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाते हैं। आइए एक नजर डालते हैं। उन 33 प्रमुख सम्मानों पर जो विभिन्न देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किए हैं।</p>
<ol>
<li>
<p>अप्रैल 2016 में सऊदी अरब ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘किंग अब्दुलअज़ीज़ सैश’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>वर्ष 2016 में अफगानिस्तान ने उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘स्टेट ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान’ दिया।</p>
</li>
<li>
<p>फरवरी 2018 में फिलिस्तीन ने ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ सम्मान से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>वर्ष 2019 में संयुक्त अरब अमीरात ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>रूस ने 2019 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित करने की घोषणा की, जिसे उन्होंने जुलाई 2024 में प्राप्त किया।</p>
</li>
<li>
<p>मालदीव ने 2019 में ‘ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>बहरीन ने 2019 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>अमेरिका ने 2020 में प्रतिष्ठित ‘लीजन ऑफ मेरिट’ अवॉर्ड प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2021 में भूटान ने प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ देने की घोषणा की, जो मार्च 2024 में प्रदान किया गया।</p>
</li>
<li>
<p>मई 2023 में पलाऊ गणराज्य ने ‘एबाकल अवॉर्ड’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>फिजी ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>पापुआ न्यू गिनी ने ‘ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू’ सम्मान से नवाजा।</p>
</li>
<li>
<p>जून 2023 में मिस्र ने अपना सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ नाइल’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2023 में फ्रांस ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ सम्मान दिया।</p>
</li>
<li>
<p>अगस्त 2023 में ग्रीस ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>नवंबर 2024 में डोमिनिका ने ‘डोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>नवंबर 2024 में नाइजीरिया ने ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ सम्मान दिया।</p>
</li>
<li>
<p>गुयाना ने नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>बारबाडोस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस’ प्रदान करने का निर्णय लिया, जिसे मार्च 2025 में औपचारिक रूप से ग्रहण किया गया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2024 में कुवैत ने ‘मुबारक अल-कबीर ऑर्डर’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>मार्च 2025 में मॉरिशस ने अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>अप्रैल 2025 में श्रीलंका ने सर्वोच्च सम्मान ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से नवाजा।</p>
</li>
<li>
<p>जून 2025 में साइप्रस ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस-III’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2025 में घाना ने ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ सम्मान दिया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2025 में त्रिनिदाद एवं टोबैगो ने ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2025 में ब्राजील ने ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>नामीबिया ने जुलाई 2025 में ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ सम्मान से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2025 में इथियोपिया ने अपना सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2025 में ओमान ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ ओमान – फर्स्ट क्लास’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>फरवरी 2026 में इजराइल ने ‘मेडल ऑफ द नेसेट’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>मई 2026 में स्वीडन ने ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया, जो किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।</p>
</li>
<li>
<p>नॉर्वे ने ओस्लो यात्रा के दौरान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>जून 2026 में स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
</ol>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/in-the-last-decade-prime-minister-modi-received-33-international/article-157218</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/in-the-last-decade-prime-minister-modi-received-33-international/article-157218</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 11:50:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/modi1.png"                         length="1517390"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार के आगमन से पार्टी को मिलेगी नयी मजबूती: मदन राठौड़</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अजेय कुमार की नियुक्ति को संगठन के लिए गर्व का विषय बताया। जयपुर आगमन पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा के बाद कुमार ने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक की। राठौड़ ने कहा कि उनके अनुभव से संगठन और अधिक सशक्त बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-party-will-get-new-strength-with-the-arrival-of/article-156241"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/madan-rathore.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रदेश संगठन महामंत्री के रूप में अजेय कुमार की नियुक्ति भाजपा संगठन के लिए अत्यंत खुशी और गर्व का विषय बताते हुए कहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठन की भावना का सम्मान करते हुए अनुभवी एवं समर्पित कार्यकर्ता को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। राठौड़ ने शनिवार को श्री कुमार के जयपुर आगमन एवं इसके बाद प्रदेश कार्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक में यह बात कही। इससे पहले श्री कुमार ने मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।</p>
<p>बैठक में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, जिले के संगठनात्मक प्रभारी, सह प्रभारी, मोर्चो के अध्यक्ष- महामंत्री, बारह साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के अभियान की टोली, अभियान के प्रकल्पों की मानिटरिंग टीम मौजूद थी। राठौड़ ने कहा कि संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने अपना संपूर्ण जीवन समाज और संगठन की सेवा को समर्पित किया है तथा उनके अनुभव का लाभ राजस्थान भाजपा को मिलेगा। उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त, सक्षम एवं प्रभावी बनेगा तथा नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन महामंत्री की नियुक्ति के बाद अब उन्हें प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच अधिक समय देने का अवसर मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-party-will-get-new-strength-with-the-arrival-of/article-156241</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-party-will-get-new-strength-with-the-arrival-of/article-156241</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:03:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/madan-rathore.png"                         length="525709"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अजेय कुमार की मदन राठौड़ और राधा मोहन से मुलाकात: दिल्ली में हुई राजस्थान के नए संगठन महामंत्री की अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान भाजपा के नए संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल से मुलाकात की। बैठक में आगामी निकाय-पंचायत चुनाव और सरकार के कामकाज पर प्रारंभिक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी आज उनकी मुलाकात संभावित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ajay-kumars-activism-increased-after-meeting-top-leaders-in-delhi/article-155637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ajay-kumra.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के नए संगठन महामंत्री अजय कुमार नियुक्ति के साथ ही दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल से मिले हैं। जानकारी के अनुसार अजेय कुमार ने दोनों से मुलाकात में राजस्थान की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, सरकार के कामकाज और आगामी पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर प्रारंभिक चर्चा की बताएं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी दिल्ली दौरे पर हैं। ऐसे में उनकी आज भाजपा प्रदेश मुख्यालय में अजेय कुमार से मुलाकात भी हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ajay-kumars-activism-increased-after-meeting-top-leaders-in-delhi/article-155637</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ajay-kumars-activism-increased-after-meeting-top-leaders-in-delhi/article-155637</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 15:02:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/ajay-kumra.png"                         length="1281192"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> चिंतन शिविर : राहुल गाँधी ने की कांग्रेस जिलाध्य्क्ष के परिजनों से मुलाकात, व्हीलचेयर पर बैठे बुजुर्गों का जाना हाल</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर चिंतन शिविर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस जिला अध्यक्षों के परिवारों से व्यक्तिगत मुलाकात कर फीडबैक लिया। उन्होंने परिजनों के साथ फोटोशूट कराया और व्हीलचेयर पर आए बुजुर्गों का हालचाल जाना। राहुल गांधी की संवेदनशीलता और शालीनता देखकर युवाओं ने कांग्रेस से जुड़ने का भरोसा दिलाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/rahul-gandhi-met-the-family-members-of-congress-district-president/article-155629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/rahul-01.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चिंतन शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रदेश भर के सभी कांग्रेस जिला अध्यक्ष के परिवारों से व्यक्तिगत मुलाकात कर परिवार सहित फोटोशूट करवाया। राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों के अलावा उनके परिजनों से भी कांग्रेस संगठन और उनकी व्यक्तिगत रुचि सहित उनके जिले शहर और आसपास की गतिविधियों के बारे में फीडबैक लिया। राहुल गांधी से मिलकर बाहर निकले परिजनों ने पत्रकारों के समक्ष खुशी का इजहार करते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता से व्यक्तिगत रूप से मिलकर काफी खुशी हुई।</p>
<p>राहुल गांधी बहुत सरल और सभ्य है ऐसे नेता के नेतृत्व में कांग्रेस की केंद्रीय प्रदेश में सरकार बनना ही चाहिए। क्योंकि राहुल गांधी संवेदनशील नेता होने के साथ शालीन और पढ़े-लिखे नेता है। हर वर्ग के लिए संघर्ष करते हैं, जिला अध्यक्ष के परिवारों से कई युवा ने भी राहुल गांधी को भरोसा दिलाया कि उनकी शिक्षा पूरी होने के बाद वह भी अवश्य कांग्रेस संगठन ज्वाइन करेंगे। राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले परिवारों में कई बुजुर्ग भी मौजूद रहे।</p>
<p>उन्होंने गांधी को बताया कि जब वह 15 साल की उम्र में हुआ करते थे तब कांग्रेस संगठन के लिए एक कार्यकर्ता के रूप में काम करते थे। और आज उनके परिवार से कांग्रेस संगठन के जिला अध्यक्ष है। मुलाकात करने वालों में कुछ जिला अध्यक्ष के परिजन व्हीलचेयर पर आए तो, गांधी ने उनसे अलग से बात कर व्हील चेयर पर आने का कारण पूछा। जब उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट हो गया था या वृद्धावस्था के कारण चलने फिरने में परेशानी होती है, इसलिए व्हीलचेयर का उपयोग कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/rahul-gandhi-met-the-family-members-of-congress-district-president/article-155629</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/rahul-gandhi-met-the-family-members-of-congress-district-president/article-155629</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:45:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/rahul-01.png"                         length="1652517"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान भाजपा को मिला नया संगठन महामंत्री: अजेय कुमार संभालेंगे कमान, लंबे समय से खाली चल रहा था पद</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान भाजपा का लंबे समय से खाली संगठन महामंत्री पद भर गया है। प्रदेश महामंत्री अरुण सिंह ने दिल्ली से आदेश जारी कर अजेय कुमार को नया संगठन महामंत्री नियुक्त किया है। चंद्रशेखर मिश्रा के तेलंगाना जाने के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने आरएसएस से चर्चा के बाद यह अहम फैसला लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-bjp-gets-new-organization-general-secretary/article-155613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ajya-kumar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान भाजपा को लंबे समय से खाली पड़े संगठन महामंत्री के पद पर नया चेहरा मिल गया है । सोमवार को दिल्ली से प्रदेश महामंत्री अरुण सिंह ने आदेश जारी करके अजेय कुमार को भाजपा का नया संगठन महामंत्री बनाया है। इससे पहले भाजपा के संगठन महामंत्री के पद पर चंद्रशेखर मिश्रा थे, जिन्हें करीब डेढ़ साल पहले केंद्रीय नेतृत्व ने तेलंगाना का संगठन महामंत्री बना दिया था । तब से ही यह पद खाली चल रहा था । बीते दोनों में कई बार राजस्थान में संगठन महामंत्री के पद पर नए चेहरे की नियुक्ति की चर्चाएं चली लेकिन नियुक्ति नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से चर्चा के बाद बनी सहमति पर अजय कुमार को नया संगठन महामंत्री बनाया है।</p>
<p>अजय कुमार अभी उत्तराखंड में भाजपा के संगठन महामंत्री का काम देख रहे थे। जानकारी के अनुसार वे करीब 2 साल से उत्तराखंड में ही कार्यरत थे इससे पहले उत्तर प्रदेश में उन्हें एक जोन की जिम्मेदारी मिली हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-bjp-gets-new-organization-general-secretary/article-155613</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-bjp-gets-new-organization-general-secretary/article-155613</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 12:50:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/ajya-kumar.png"                         length="690306"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या विपक्ष को फिर एकजुट करेंगी ममता? राहुल से मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें ; बढ़ी सियासी हलचल, 6 जून को होगी भविष्य की रणनीति तय</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव में हार के बाद विपक्षी खेमे को एकजुट करने के लिए 6 जून को 'INDIA' गठबंधन की बैठक होगी। राहुल गांधी से लंबी बातचीत के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के इसमें शामिल होने की संभावना है। बैठक में भाजपा विरोधी दलों की एकजुटता और भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/will-mamata-unite-the-opposition-again-speculations-intensified-after-meeting/article-155486"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rahul1.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के छह जून को होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में शामिल होने की संभावना है। इसे एक बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम की तरह देखा जा रहा है। देश के बदलते राजनीतिक माहौल के बीच बनर्जी के इस अहम बैठक में शामिल हो सकने की सूचना तब सामने आई, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को बनर्जी से आधे घंटे से भी अधिक समय तक बातचीत की। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, चुनावी मोर्चे पर गठबंधन के कई मुख्य सहयोगियों को मिली लगातार हार के बाद विपक्षी खेमे की रणनीति निशाने पर है। ऐसे माहौल में ममता बनर्जी का इस बैठक में जाना सियासत के लिहाज से काफी मायने रखता है।</p>
<p>हालिया विधानसभा चुनावों में मिले निराशाजनक नतीजों के बाद गठबंधन के भविष्य की रणनीति तय करने के लिए इस बैठक को बेहद जरूरी माना जा रहा है। इसकी अहम वजह यह है कि हाल ही में आये चुनावी नतीजों ने देश के कई राज्यों में विपक्षी खेमे को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। खेमे के दो बड़े दलों को हार मिली है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को शिकस्त का सामना करना पड़ा और द्रमुक तमिलनाडु में सत्ता बचाने में नाकाम रही है।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छह जून की बैठक का ध्यान न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुकाबला करने की रणनीति पर होगा, बल्कि बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में गठबंधन के सहयोगियों के राजनीतिक वजूद और उनकी प्रासंगिकता को बचाये रखने के तौर-तरीकों पर भी रहेगा। ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना ने इस बैठक की अहमियत को और बढ़ा दिया है, क्योंकि कई लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देख रहे हैं, जो विपक्षी राजनीति में एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए इस बैठक को उनके नेतृत्व की कड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वे एक ऐसे समय में विपक्षी गठबंधन को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं, जब इसकी एकजुटता और भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p>तमिलनाडु के सियासी घटनाक्रमों की वजह से भी 'इंडिया' गठबंधन की स्थिरता को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गयी हैं। हालांकि कांग्रेस और द्रमुक ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन ख़बरों के मुताबिक चुनावी नतीजों के बाद दोनों पार्टियों के रिश्तों में कड़वाहट आ गयी है, क्योंकि कांग्रेस कथित तौर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय की पार्टी टीवीके के करीब जा रही है। इस बढ़ते तनाव ने इन अटकलों को हवा दे दी है कि द्रमुक गठबंधन के साथ अपने जुड़ाव पर दोबारा विचार कर सकती है।</p>
<p>इसी तरह केरल में वामपंथियों के हाथ से सत्ता जाने के बाद राजनीतिक विश्लेषक माकपा नेतृत्व के रुख पर भी पैनी नजर रख रहे हैं। यह पार्टी 'इंडिया' गठबंधन के भीतर सक्रिय रूप से जुड़ी रहेगी या नहीं, इस बात पर भी बैठक में चर्चा होने की उम्मीद है। इस पूरे ताने-बाने के बीच छह जून की यह बैठक काफी ज्यादा अहमियत रखती है, क्योंकि इसमें होने वाले मंथन से भाजपा विरोधी दलों की भावी दिशा और उनकी एकजुटता की एक साफ तस्वीर सामने आने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/will-mamata-unite-the-opposition-again-speculations-intensified-after-meeting/article-155486</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/will-mamata-unite-the-opposition-again-speculations-intensified-after-meeting/article-155486</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 18:41:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/rahul1.png"                         length="917806"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जस शो 2026 को मिला वैश्विक गौरव, हीरा उद्योग के दिग्गज मावजीभाई पटेल होंगे मुख्य अतिथि</title>
                                    <description><![CDATA[ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित JAS शो 2026 को इस बार वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। ₹20,000 करोड़ से अधिक के डायमंड एक्सपोर्ट वाले 'किरण जेम्स' के संस्थापक मावजीभाई पटेल उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इस आयोजन से भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jas-show-2026-gets-global-glory-diamond-industry-veteran-mavjibhai/article-155420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर द्वारा आयोजित देश के प्रतिष्ठित जेम्स एवं ज्वेलरी व्यापारिक आयोजन JAS शो 2026 को इस वर्ष वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। आयोजन समिति ने घोषणा की है कि विश्व के अग्रणी डायमंड उद्योगपति एवं किरण जेम्स के संस्थापक-चेयरमैन मावजीभाई पटेल उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला एवं जस शो कन्वीनर अशोक माहेश्वरी ने बताया कि मावजीभाई पटेल की उपस्थिति से आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग के लिए यह गौरव का विषय है कि विश्व की अग्रणी पॉलिश्ड डायमंड कंपनियों में शामिल Kiran Gems के संस्थापक इस आयोजन से जुड़ रहे हैं।</p>
<p>बताया गया कि किरण जेम्स का वार्षिक डायमंड एक्सपोर्ट 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक है तथा कंपनी ने 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार से जोड़कर उद्योग जगत में विकास और विश्वास का नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्ष 1985 में स्थापित कंपनी आज रफ डायमंड प्रोसेसिंग, कटिंग, पॉलिशिंग और अंतरराष्ट्रीय निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव अजय गोधा ने कहा कि मावजीभाई पटेल केवल सफल उद्योगपति ही नहीं, बल्कि भारतीय हीरा उद्योग की प्रेरणादायक हस्तियों में से एक हैं। अपने दूरदर्शी नेतृत्व, मेहनत और नैतिक व्यापारिक मूल्यों के बल पर उन्होंने भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jas-show-2026-gets-global-glory-diamond-industry-veteran-mavjibhai/article-155420</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jas-show-2026-gets-global-glory-diamond-industry-veteran-mavjibhai/article-155420</guid>
                <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:09:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1200-x-60-px%29-%28youtube-thumbnail%297.png"                         length="759171"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस्तीफे से पहले इमोशनल हुए शिवकुमार: छुए सिद्दायमैयार के पैर, बोले- आलाकमान से किया वादा निभाएंगे सिद्धारमैया</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के आवास 'कावेरी' पर आयोजित नाश्ते की बैठक में राजनीतिक सौहार्द का अनोखा नजारा दिखा। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सिद्दारमैया के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। कयासबाजियों के बीच दोनों नेताओं के गले मिलने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसे पार्टी की अंदरूनी एकजुटता के रूप में देखा जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/before-resigning-shivkumar-became-emotional-touched-the-feet-of-siddaramaiah/article-155263"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/karnataka-cm.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'कावेरी' में गुरुवार को आयोजित नाश्ते की बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। यह सम्मान और राजनीतिक सौहार्द का एक उल्लेखनीय प्रदर्शन था, जिसने कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व समीकरणों पर चल रही चर्चा के बीच तुरंत ध्यान आकर्षित किया। यह बैठक सिद्दारमैया द्वारा आयोजित की गई थी और इसमें शिवकुमार, जो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, के साथ-साथ कई कैबिनेट मंत्री और मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।</p>
<p>शिवकुमार द्वारा सिद्दारमैया के पैर छूने और उसके बाद दोनों नेताओं के गले मिलने की तस्वीरें दोनों नेताओं के कार्यालयों से जारी की गईं, जो बैठक से जुड़ी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गईं। ये तस्वीरें सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेजी से वायरल हुईं, जहां इन्हें राज्य कांग्रेस नेतृत्व के भीतर एकता और समन्वय के समन्वित संदेश के रूप में देखा गया। नाश्ते पर हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री के खेमे से जुड़े कई मंत्री और विधायक भी शामिल हुए, जिससे सत्तारूढ़ दल के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति और भी स्पष्ट हो गई।</p>
<p>गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि उन्हें बैठक की विशिष्ट जानकारी नहीं है और वे विवरण जुटाएंगे। उन्होंने दोहराया कि नेतृत्व संबंधी कोई भी निर्णय पार्टी उच्च कमान के पास है। एआईसीसी महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन के संबंध में कोई औपचारिक चर्चा या निर्णय नहीं लिया गया है। इस बीच, राज्यपाल थावरचंद गहलोत गुरुवार को बेंगलुरु में उपस्थित नहीं थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/before-resigning-shivkumar-became-emotional-touched-the-feet-of-siddaramaiah/article-155263</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/before-resigning-shivkumar-became-emotional-touched-the-feet-of-siddaramaiah/article-155263</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 15:03:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/karnataka-cm.png"                         length="1337229"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली संगठन में बड़ा फेरबदल: हर्ष मल्होत्रा बने नए प्रदेश अध्यक्ष, चार राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के नामों का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली भाजपा संगठन में बड़ा प्रशासनिक बदलाव। पार्टी आलाकमान ने वीरेंद्र सचदेवा की जगह केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया । आगामी चुनावों और दिल्ली-पंजाब के रणनीतिक सामाजिक समीकरणों को देखते हुए इस नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/major-reshuffle-in-delhi-organization-harsh-malhotra-becomes-the-new/article-155243"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/harsh-malhotra.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली संगठन में बड़ा फेरबदल हुआ है और अब दिल्ली भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। इस पद के लिए दिल्ली सरकार ने केंद्रीय राज्‍य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को कमान सौंपी है। रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले इस पद की जिम्मेदारी वीरेंद्र सचदेवा के पास थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को माहौल गर्मी है और ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी आलाकमान नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए अगले साल प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव को भी प्रमुख आधार बनाने पर विचार कर रही थी। पंजाब और दिल्ली के सामाजिक समीकरणों के मध्यनजर उनके नाम को रणनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा के नये अध्यक्षों की घोषणा करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को पार्टी की दिल्ली इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, डॉ. अर्चना गुप्ता को पार्टी की हरियाणा इकाई की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही भाजपा ने केवल सिंह ढिल्लों को पार्टी की पंजाब इकाई का अध्यक्ष बनाया है और अभिषेक देबरॉय को त्रिपुरा प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने गुरुवार को विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह ने मल्होत्रा को दिल्ली, डॉ. गुप्ता को हरियाणा, ढिल्लों को पंजाब और देबरॉय को त्रिपुरा प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया है। ये नियुक्तियां तत्काल रूप से प्रभावी होंगी।</p>
<p>मल्होत्रा मौजूदा समय में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। वह वर्ष 2015 से 2016 के दौरान पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर भी रह चुके हैं। पार्षद रहते हुए उन्होंने सरकारी स्कूलों में कुपोषण के खिलाफ सफल अभियान चलाया था। मल्होत्रा वीरेंद्र सचदेवा की जगह दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष बने हैं। मोहन लाल बड़ौली के स्थान पर हरियाणा भाजपा की अध्यक्ष बनीं डॉ. गुप्ता इससे पहले हरियाणा प्रदेश भाजपा की महामंत्री के रूप में कार्य कर रही थीं। इसके अलावा वह पानीपत जिले की जिलाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वह पेशे से एक डॉक्टर हैं और रेडियोलॉजी में गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी हैं।</p>
<p>पंजाब प्रदेश भाजपा के नये अध्यक्ष ढिल्लों पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं। ढिल्लों भाजपा में शामिल होने से पहले लंबे समय तक कांग्रेस में रह चुके हैं तथा पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह साल 2007 से 2017 तक बरनाला विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर लगातार दो बार विधायक निर्वाचित हुए। श्री ढिल्लों ने जून 2022 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। त्रिपुरा भाजपा के नये अध्यक्ष देबरॉय पहली बार 2023 में गोमती जिले के मटरबारी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। उन्होंने कर्नाटक के राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय 2020 में फार्मेसी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। वहीं भाजपा के गोमती जिला के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और जनता के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। देबरॉय (44) बूथ स्तर पर रणनीति बनाने के लिए जाने जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/major-reshuffle-in-delhi-organization-harsh-malhotra-becomes-the-new/article-155243</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/major-reshuffle-in-delhi-organization-harsh-malhotra-becomes-the-new/article-155243</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 13:22:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/harsh-malhotra.png"                         length="1519920"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'टुमॉरो मेकर्स' की शुरुआत: वंचित पृष्ठभूमि के प्रतिभावान छात्रों को मिलेंगे तरक्की के समान अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[गोदरेज फाउंडेशन ने असमानता को दूर करने के लिए राष्ट्रीय मंच ‘टुमॉरो मेकर्स’ लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य वंचित पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मेंटर्स और संस्थानों से जोड़ना है। यह पहल स्टेम (STEM), कला और रक्षा क्षेत्र में भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं की एक मजबूत पाइपलाइन तैयार करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/godrej-foundations-tomorrow-makers-will-provide-equal-opportunities-to-underprivileged/article-155245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>भारत की शिक्षा व्यवस्था में, खासकर छोटे शहरों और वंचित समुदायों के विद्यार्थियों के लिए किस कमी को टुमॉरो मेकर्स दूर करना चाहते हैं?</p>
<p>उमर मोमिन, गोदरेज फाउंडेशन हेड ने मीडिया को बताया कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है। कमी है, तो एक समान अवसरों की। देश में सबसे अधिक आय वर्ग वाले परिवारों के 51 प्रतिशत युवा उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ते हैं, जबकि सबसे कम आय वर्ग वाले परिवारों के केवल 8 प्रतिशत युवा ही उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुँच पाते हैं। बिना सपोर्ट के कम आय वर्ग वाले परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमताओं का विकास करने में असमर्थ हो जाते हैं। इस कमी को दूर करने के लिए गोदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले समाजसेवी ट्रस्ट, गोदरेज फाउंडेशन ने टुमॉरो मेकर्स की शुरुआत की है। यह एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है, जो वंचित पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचानने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह इन विद्यार्थियों को एक मजबूत पार्टनर ईकोसिस्टम के माध्यम से मेंटर्स और संस्थानों से जोड़ता है तथा अवंति फैलोज़, दक्षणा, स्लैम आउट लाउड, मेकरघाट, और डेल्टा स्क्वैड फाउंडेशन जैसे संगठनों के सहयोग से उन्हें अवसर उपलब्ध कराता है। हमारा लक्ष्य उन्हें केवल शिक्षा प्राप्त करने में मदद करना ही नहीं है, बल्कि हम स्टेम (साईंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स), इनोवेशन, कला और रक्षा सेवाओं में नेतृत्व का विकास भी करना चाहते हैं। हमारा मानना है कि अवसर प्रतिभा के आधार पर मिलने चाहिए, न कि बैकग्राउंड या पिन कोड के आधार पर।</p>
<p>टुमॉरो मेकर्स के अंतर्गत स्टेम के साथ कला और रक्षा को शामिल करना जरूरी क्यों था?</p>
<p>जैसा मैंने पहले बताया कि टुमॉरो मेकर्स की बुनियाद यह विश्वास है कि अवसर प्रतिभा के आधार पर मिलने चाहिए। लेकिन प्रतिभा कोई एक क्षेत्र में नहीं होती, इसलिए अवसर भी भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में मिलने चाहिए। माता-पिता अक्सर इंजीनियरिंग या मेडिसीन की ओर झुकाव रखते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि हर बच्चे में कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रतिभा होती है। स्टेम के लिए हमारा सहयोग अवंति फैलोज़, दक्षणा और जेनवाईज़ कर रहे हैं। कला के क्षेत्र में हमें स्लैम आउट लाउड की मदद मिल रही है। वहीं रक्षा क्षेत्र में डेल्टा स्क्वैड फाउंडेशन और युवातेजस हमें सहयोग दे रहे हैं। विभिन्न तरह की प्रतिभाओं को बढ़ावा देने में गहरी विशेषज्ञता के साथ ये पार्टनर जमीनी स्तर पर गहरी पकड़ और समुदाय का विश्वास भी रखते हैं। इससे हमें विभिन्न प्रतिभाओं और महत्वाकांक्षाओं वाले विद्यार्थियों को अनेक अवसर प्रदान करने में मदद मिलेगी। </p>
<p>आज वंचित बैकग्राउंड के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किन सबसे बड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ता है?</p>
<p>इन विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी बाधाएं पहुँच और एक्सपोज़र की हैं। उदाहरण के लिए, 27 से 37 प्रतिशत विद्यार्थी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए पेड कोचिंग सिस्टम पर निर्भर हैं, जिससे अवसर की उपलब्धता आर्थिक क्षमता पर निर्भर हो गई है। छोटे शहरों के विद्यार्थियों को कोचिंग उपलब्ध नहीं होती हैं। साथ ही, उन्हें मेंटरशिप, मिलकर तैयारी करने वाले साथी, प्रतियोगिताओं का एक्सपोज़र और उनके लिए मौजूद अवसरों का मार्गदर्शन भी नहीं मिल पाता है। नतीजा यह होता है कि इस सिस्टम द्वारा विद्यार्थी प्रतिभा नहीं बल्कि सुविधा की उपलब्धता के आधार पर आगे बढ़ जाते हैं। टुमॉरो मेकर्स के माध्यम से हम सभी विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना चाहते हैं, ताकि प्रतिभाशाली विद्यार्थी, चाहे किसी भी स्थान से आए हों, उन्हें समान रूप से वो अवसर प्राप्त हो सकें।</p>
<p>भारत के युवाओं के लिए टुमॉरो मेकर्स का क्या दीर्घकालिक प्रभाव होगा?</p>
<p>हमारा लक्ष्य साफ है। हम वंचित बैकग्राउंड के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अवसर उपलब्ध कराना चाहते हैं ताकि वो अपनी क्षमताओं का विकास कर सकें। पहले साल, हम संरचनाबद्ध तरीके से 5,000 से 10,000 विद्यार्थियों तक पहुँचेंगे। हमारी इस पहल में हमारे पार्टनर हमारी मदद करेंगे। इसके बाद हम क्वालिटी को बनाए रखते हुए अपनी इस पहल का विस्तार करेंगे। व्यापक स्तर पर यह हमारे देश के भविष्य से जुड़ा है। भारत का भविष्य केवल औसत सुधारों द्वारा तय नहीं होगा, बल्कि इस बात से तय होगा कि क्या विभिन्न आय, भौगोलिक क्षेत्रों और पहचान वाली असाधारण प्रतिभाओं को प्रभावशाली पदों और नेतृत्व तक पहुँचने का अवसर मिलेगा या नहीं। इसलिए हमारा दीर्घकालिक लक्ष्य विभिन्न स्थानों और सामाजिक आर्थिक बैकग्राउंड वाली प्रतिभाओं को आगे लाकर भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं की एक पाईपलाईन तैयार करना है।<br />साथ ही, हम पहली जनरेशन के सफल लोगों का ज्यादा बड़ा समूह बनाना चाहते हैं। क्योंकि जब एक युवा सफल होता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समुदाय पर पड़ता है।</p>
<p>टुमॉरो मेकर्स को देशव्यापी प्लेटफॉर्म बनाने के लिए पार्टनर संगठनों और मेंटर्स के साथ सहयोग कितने महत्वपूर्ण हैं?</p>
<p>टुमॉरो मेकर्स का काम करने का तरीका पार्टनरशिप पर आधारित है। हम शुरू से ही हर काम अपने आप करना नहीं चाहते हैं। इसलिए हम उन संगठनों के साथ साझेदारी कर रहे हैं, जो प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। उदाहरण के लिए अवंति फैलोज़ 7,000 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँच चुके हैं। स्लैम आउट लाउड ने 4.7 मिलियन से अधिक विद्यार्थियों को आगे बढ़ाया है और मेकरघाट 1.4 मिलियन से अधिक युवाओं से जुड़े हैं और 20,000 से अधिक एजुकेटर्स को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इससे साफ हो जाता है कि इस ईकोसिस्टम के पास प्रमाणित और प्रभावशाली मॉडल है, पर वो सब टुकड़ों मंल काम कर रहे हैं। टुमॉरो मेकर्स इस प्रमाणित ईकोसिस्टम को उच्च क्षमता वाले विद्यार्थियों से जोड़ेंगे, जिन्हें पहचान से लेकर तैयार और करियर में आगे बढ़ने तक हर चरण में मार्गदर्शन उपलब्ध नहीं हो पाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/godrej-foundations-tomorrow-makers-will-provide-equal-opportunities-to-underprivileged/article-155245</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/godrej-foundations-tomorrow-makers-will-provide-equal-opportunities-to-underprivileged/article-155245</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 13:05:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1200-x-60-px%29-%28youtube-thumbnail%29-%281%292.png"                         length="456944"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या कांग्रेस के हाथों से फिसल रहा कर्नाटक? दोनों पक्षों के दावे राजनीतिक रूप से उचित;  सिर्फ नेतृत्व नहीं, नियंत्रण भी</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी कलह तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को दिल्ली आलाकमान ने तलब किया है। 136 विधायकों के स्पष्ट बहुमत के बावजूद दोनों गुटों में नेतृत्व परिवर्तन और रोटेशन फॉर्मूले को लेकर रस्साकशी जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-karnataka-slipping-from-the-hands-of-congress-the-claims/article-155038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/karnataka.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति को एक बार फिर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच शक्ति संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है और यह मुद्दा केवल मुख्यमंत्री पद को लेकर व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता का नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य में सत्ता संतुलन, महत्वाकांक्षाओं और संगठनात्मक अनुशासन को संभालने की संरचनात्मक चुनौती का है। सिद्दारमैया और शिवकुमार को दिल्ली तलब किये जाने तथा पार्टी आलाकमान के साथ उनकी बैठकों के बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। यह सवाल कांग्रेस सरकार के 2023 में गठन के समय से ही मौजूद हैं। </p>
<p>फर्क सिर्फ इतना है कि अब दोनों खेमों की ओर से संकेत अधिक स्पष्ट हो गये हैं और पार्टी के कुछ वर्गों में अधीरता बढ़ी है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में एक राजनीतिक विरोधाभास है। कर्नाटक में कांग्रेस संख्यात्मक रूप से मजबूत है, लेकिन आंतरिक रूप से पूरी तरह एकजुट नहीं है। 224 सदस्यीय विधानसभा में 136 विधायकों के साथ पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है। इसके बावजूद यह मजबूती स्थिर नेतृत्व सहमति में तब्दील नहीं हो सकी है। स्थिति को अब तक अनौपचारिक समझौतों, परस्पर अपेक्षाओं और समय-समय पर आलाकमान के हस्तक्षेप के जरिए संभाला जाता रहा है। सिद्दारमैया अनुभव, जनाधार आधारित राजनीति और 'अहिंदा' सामाजिक समीकरण का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने लंबे समय से कर्नाटक में कांग्रेस के आधार को मजबूत किया है। उनके समर्थक उन्हें ऐसा स्थिर नेता मानते हैं जिसने चुनावी सफलता दिलायी और जो अब भी विधायकों के बीच प्रभाव बनाए हुए हैं।</p>
<p>दूसरी ओर, शिवकुमार संगठनात्मक क्षमता, चुनावी रणनीति और 2023 की जीत में अपनी भूमिका के आधार पर दावेदारी पेश करते हैं। उनका खेमा संख्या बल के साथ-साथ योगदान, समय और पार्टी संगठन पर पकड़ को भी अपनी ताकत मानता है। कांग्रेस आलाकमान के सामने चुनौती यह है कि दोनों पक्षों के दावे राजनीतिक रूप से उचित हैं, लेकिन लंबे समय तक दोनों को साथ लेकर चलना आसान नहीं है। एक पक्ष को संतुष्ट करने से दूसरे पक्ष में असंतोष बढ़ने का जोखिम बना रहता है। इसी कारण समाधान की जगह संतुलन साधने की राजनीति जारी है।</p>
<p>यही वजह है कि कर्नाटक की राजनीति बार-बार "रोटेशन", "मंत्रिमंडल फेरबदल" और "आलाकमान चर्चा" जैसे शब्दों के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। ये स्थायी समाधान नहीं, बल्कि दबाव को अस्थायी रूप से नियंत्रित करने के उपाय हैं, जो सरकार के भीतर दो शक्ति केंद्रों की मूल समस्या को टालते रहे हैं। हाल के दिनों में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा भी इसी पृष्ठभूमि में देखी जा रही है। विभागों में बदलाव या मंत्रिमंडल विस्तार से अस्थायी संतुलन जरूर बनाया जा सकता है, लेकिन इससे नेतृत्व अधिकार का मूल प्रश्न हल नहीं होता। इससे केवल मौजूदा व्यवस्था को कुछ समय के लिए आगे बढ़ाया जाता है।</p>
<p>असल सवाल यह नहीं है कि सिद्दारमैया अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या शिवकुमार भविष्य में मुख्यमंत्री बनेंगे। मुख्य प्रश्न यह है कि क्या कांग्रेस के पास ऐसी कोई स्थायी व्यवस्था है, जिसके तहत उस राज्य में दोहरे नेतृत्व को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके, जहां चुनावी सफलता ने कई दावेदार पैदा कर दिये हैं, लेकिन आलाकमान के अलावा कोई स्पष्ट निर्णायक व्यवस्था नहीं है। दल-बदल, विधानसभा अंकगणित या विपक्षी समीकरणों को लेकर लगायी जा रही अटकलों की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल किसी भी गुट के पास सरकार की स्थिरता को प्रभावित करने का स्पष्ट रास्ता नहीं दिखता और संख्या बल अब भी कांग्रेस के पक्ष में है। ऐसे में आलाकमान केवल दर्शक नहीं, बल्कि संतुलन बनाए रखने वाली प्रमुख शक्ति है। </p>
<p>हालांकि, उसकी क्षमता भी सीमित है। निर्णयों में देरी से अटकलें बढ़ती हैं, अस्पष्ट संकेतों से गुटीय व्याख्याओं को बल मिलता है और समझौता आधारित समाधान अक्सर उत्तराधिकार के सवाल को हल करने के बजाय टाल देते हैं। कर्नाटक की स्थिति भारतीय राजनीति के व्यापक स्वरूप को भी दर्शाती है, जहां मजबूत क्षेत्रीय नेताओं, व्यक्तिगत नेटवर्क और केंद्रीकृत पार्टी नियंत्रण के कारण चुनावी सफलता के बाद टकराव की स्थिति पैदा होती है, खासकर तब जब नेतृत्व पहले से स्पष्ट नहीं किया गया हो।</p>
<p>मंत्रिमंडल संतुलन, विभिन्न गुटों को आश्वस्त करने और नियंत्रित राजनीतिक संदेशों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। फिलहाल राजनीतिक हित निरंतरता के पक्ष में हैं, इसलिए किसी बड़े टकराव की संभावना कम मानी जा रही है।हालांकि सरकार संख्या बल के लिहाज से स्थिर है, लेकिन आंतरिक रूप से अस्थिर बनी हुई है। इसके पीछे वह मूल प्रश्न अब भी अनसुलझा है, जिससे पार्टी 2023 से बचती रही है; जब जीत सामूहिक हो, लेकिन नेतृत्व विवादित हो, तब अधिकार का निर्धारण कौन करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/is-karnataka-slipping-from-the-hands-of-congress-the-claims/article-155038</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/is-karnataka-slipping-from-the-hands-of-congress-the-claims/article-155038</guid>
                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:13:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/karnataka.jpg"                         length="1548623"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओबीसी की वंचित जातियों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने की मांग, कांग्रेस नेतृत्व को लिखा पत्र </title>
                                    <description><![CDATA[ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य राजेंद्र सेन ने कांग्रेस नेतृत्व को पत्र भेजकर वंचित ओबीसी जातियों को राज्यसभा में अवसर देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सैन, सुनार, कुम्हार और दर्जी जैसे उपेक्षित समाजों को राजनीतिक भागीदारी मिलने से सामाजिक न्याय मजबूत होगा और आगामी चुनावों में पार्टी को बड़ा समर्थन मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/letter-written-to-congress-leadership-demanding-representation-in-rajya-sabha/article-154662"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajendra-sen.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल सदस्य राजेन्द्र सेन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व को पत्र लिखकर ओबीसी वर्ग की वंचित जातियों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी यदि उन ओबीसी जातियों को राजनीतिक भागीदारी देती है जिन्हें आज तक लोकसभा और विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला, तो इससे सामाजिक और राजनीतिक न्याय को मजबूती मिलेगी। राजेन्द्र सेन ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भागीदारी देने का जो विजन रखा गया है, उसे धरातल पर उतारने के लिए वंचित ओबीसी समाजों को राज्यसभा में अवसर दिया जाना आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में कई मेहनतकश एवं सेवा आधारित ओबीसी समाज आज भी राजनीति में उपेक्षित हैं। उन्होंने अपने पत्र में सैन समाज, सुनार समाज, लुहार समाज, दर्जी समाज, जांगिड समाज, कुम्हार समाज, तेली समाज, कलाल समाज, रावणा राजपूत समाज एवं धाकड़ समाज सहित अनेक जातियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समाजों को आज तक विधानसभा और लोकसभा में पर्याप्त टिकट नहीं दिए गए हैं। इससे इन वर्गों में राजनीतिक भागीदारी की भावना कमजोर हुई है।</p>
<p>यदि कांग्रेस पार्टी इन वंचित ओबीसी समाजों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नेतृत्व को राज्यसभा में भेजती है, तो इससे इन समाजों में कांग्रेस के प्रति विश्वास मजबूत होगा तथा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी को व्यापक समर्थन प्राप्त होगा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि राज्यसभा में वंचित ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधियों को अवसर देकर सामाजिक न्याय एवं भागीदा</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/letter-written-to-congress-leadership-demanding-representation-in-rajya-sabha/article-154662</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/letter-written-to-congress-leadership-demanding-representation-in-rajya-sabha/article-154662</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 19:01:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/rajendra-sen.png"                         length="891122"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        