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                <title>company - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>जयपुर-राजधानी के बांधों का निखरेगा स्वरूप, 90 करोड़ की परियोजना से पेयजल, सिंचाई और पर्यटन को नई रफ़्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ राजधानी के प्रमुख बांधों को और सुदृढ़ व आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में काम शुरू हो गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-company-will-have-to-hand-over-the-dpr-to/article-124047"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(21).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी के प्रमुख बांधों को और सुदृढ़ व आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में काम शुरू हो गया है। चंदलाई, कानोता और नेवटा बांध पर पेयजल और सिंचाई के लिहाज से जल परिशोधन व संरचनात्मक मजबूती को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।</p>
<p> नैपकान कंपनी को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसने आज से मौके पर काम शुरू कर दिया है। कंपनी को 181 दिन के भीतर डीपीआर तैयार कर सरकार को सौंपनी होगी। अनुमानित लागत करीब 90 करोड़ रुपए बताई जा रही है। डीपीआर में जल संरक्षण, शुद्धिकरण, पर्यावरणीय संतुलन और पर्यटन की संभावनाओं को भी प्रमुखता दी जाएगी। इन बांधों का स्वरूप निखरने से न केवल शहरवासियों को बेहतर पेयजल और सिंचाई सुविधा मिलेगी बल्कि राजधानी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि बांधों के विकास से जलाशयों के आसपास का पर्यावरण संतुलन सुधरेगा और प्राकृतिक सुंदरता में इजाफा होगा। परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। सरकार का उद्देश्य है कि जयपुर के जलस्रोतों को सुरक्षित कर उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Aug 2025 13:26:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रम्प के दबाव के आगे नहीं झुकेगी : कंपनी का पूरा ध्यान भारत में उपलब्ध टैलेंट पर, एपल भारत में ही बनाएगी आईफोन!</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी को दरकिनार करते हुए एपल भारत में ही आईफोन बनाएगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-company-will-not-bow-down-to-the-pressure-of/article-115298"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(7)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी को दरकिनार करते हुए एपल भारत में ही आईफोन बनाएगी। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, कंपनी को भारत में आईफोन के प्रोडक्शन से काफी फायदा होगा। इसीलिए कंपनी किसी राजनीतिक दबाव में कोई फैसला नहीं लेगी।</p>
<p>कंपनी के एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बताया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि एपल कंपनी ट्रम्प प्रशासन के किसी भी दबाव के बावजूद मुनाफे को तवज्जो देगी। कंपनी का पूरा ध्यान भारत में उपलब्ध टैलेंट और यहां बिजनेस के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर है।<br />गौरतलब है कि ट्रम्प ने एक दिन पहले ही कहा था कि अमेरिका में बेचे जाने वाले आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग भारत या किसी अन्य देश में नहीं, बल्कि अमेरिका में ही होनी चाहिए। यदि एपल अमेरिका में आईफोन नहीं बनाएगा तो कंपनी पर कम से कम 25% टैरिफ लगाया जाएगा।</p>
<p><strong>अभी 15% आईफोन भारत में बन रहे</strong><br />फिलहाल एप्पल कंपनी अमेरिका में स्मार्टफोन नहीं बनाती है। इसके ज्यादातर आईफोन चीन में बनाए जाते हैं, जबकि भारत में अब एपल के कुल उत्पादन का लगभग 15% हिस्सा बनता है, जो सालाना लगभग 40 मिलियन यूनिट है। एपल के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में बताया था कि अमेरिकी बाजार में बिकने वाले 50% आई्रदोन भारत में बन रहे हैं। कुक ने कहा कि भारत अप्रैल-जून तिमाही में अमेरिका में बिकने वाले आईफोन्स का कंट्री आॅफ ओरिजिन बन जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 May 2025 14:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एप्प्ल को पछाड़ दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनी एनवीडिया</title>
                                    <description><![CDATA[एनवीडिया कंपनी की कीमत 3.012 ट्रिलियन डॉलर के करीब हो गई है। इस उपलब्धि के बाद यह कंपनी दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/nvidia-becomes-world-most-valuable-company-surpassing-apple/article-80618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/apple-logi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। एनवीडिया कंपनी के शेयर में उछाय के बाद एनवीडिया अब दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। इससे पहले यह खिताब एलन मस्क की कंपनी एप्प्ल के नाम था। शेयर में बढ़ोतरी के बाद एनवीडिया कंपनी की कीमत 3.012 ट्रिलियन डॉलर के करीब हो गई है। इस उपलब्धि के बाद यह कंपनी दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। </p>
<p>एप्पल की कीमत ..003 ट्रिलियन डॉलर है। एप्पल फिलहाल नंबर तीन पर अपना स्थान बनाए हुए है। एनवीडिया के शेयरों में 5.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी की बात करे, तो पहले नंबर पर माइक्रोसॉफ्ट है। माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया की संपत्तियों में 3.15 ट्रिलियन डॉलर का ही अंतर है। फिलहाल माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 14:35:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपेक्षा ग्रुप मामला: 250 करोड़ की ठगी के आरोपी को 5 दिन की रिमांड पर भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[250 करोड़ की ठगी करने के मुख्य आरोपी मुरली मनोहर नामदेव ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर किया था। नामदेव की गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम घोषित था। कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन के रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। अपेक्षा ग्रुप कोटा में बनाई गई कंपनी है। इसकी आड़ में 13-14 कंपनियां खड़ी की गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/apeksha-group-case-accused-of-cheating-of-250-crores-on-5-day-remand/article-22061"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/apeksha-group-case..remand-par-araopi-..kota-news-7.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।  हाड़ौती संभाग में करीब 250 करोड़ की ठगी करने के आरोपी मुरली मनोहर नामदेव को  बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया । कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन के रिमांड पर भेजने का आदेश दिया । एसआईटी की टीम रिमांड के दौरान आरोपी से कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ के निवेशकों से की गई ठगी के बारें में पूछताछ करेगी। ठगी के मामले की जांच के लिए एसपी ने एसआईटी का गठन किया था। </p>
<p><strong>डीएसपी अमर सिंह  राठौड़</strong> ने बताया की मामले में एसआईटी गठित होने के बाद  मामले की जांच में तेजी आई  जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू हुई। मंगलवार को मुख्य आरोपी मुरली मनोहर नामदेव ने कोर्ट में सरेंडर किया था। नामदेव की गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम घोषित था। एडिशनल एसपी प्रवीण जैन ने बताया कि ठगी में तीन मुख्य आरोपी मुरली मनोहर नामदेव, संजय कश्यप व हरिओम सुमन थे। इनके अलावा अलग अलग मामलों में अलग अलग आरोपी है। इस मामले में अब तक अपेक्षा ग्रुप कम्पनी डायरेक्टर नामदेव व कश्यप समेत करीब 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक डायरेक्टर अभी भी फरार है। अपेक्षा ग्रुप कोटा में बनाई गई कंपनी है। इसकी आड़ में 13-14 कंपनियां खड़ी की गई। ये कोटा शहर में पहला बड़ा क्राइम है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Sep 2022 18:29:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इलेक्ट्रिक गाड़ियों में दावे से अधिक स्पीड होने पर कंपनी पर 100 करोड़ का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[बैटरी चलित इलेक्ट्रिक टू व्हीलर वाहनों में यदि कम्पनी के दावे से अधिक स्पीड मिली, तो वाहन निर्माता कम्पनी पर 100 करोड़ रुपए का जुर्माना और एक साल की सजा तक मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-fine-of-100-crore-on-company-for-high-speed-in-electric-vehicles/article-12896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/grey-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बैटरी चलित इलेक्ट्रिक टू व्हीलर वाहनों में यदि कम्पनी के दावे से अधिक स्पीड मिली, तो वाहन निर्माता कम्पनी पर 100 करोड़ रुपए का जुर्माना और एक साल की सजा तक मिलेगी। वाहन डीलर पर भी एक लाख रुपए और एक साल की जेल हो सकती है। प्रदेश में बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों में कम्पनी दावे से बढ़कर स्पीड,वजन और मोटर क्षमता रखने के मामलों में अब परिवहन विभाग सख्ती दिखाएगा। अभी 25 किमी प्रति घंटा से कम स्पीड वाली गाड़ियां,0.25 किलोवाट से कम क्षमता वाली मोटर और बैटरी को छोड़कर 60 किलो वजन तक गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। विभाग को जानकारी मिली है कि इलेक्ट्रिक गाड़ी निर्माता कम्पनियां रजिस्ट्रेशन से बचने की आड़ में वाहनों की गति, बैटरी क्षमता, बिजली मोटर और गाड़ी का वजन वास्तविक दावे से अधिक रख रही हैं।</p>
<p>खरीदार को गुमराह करके ऐसे वाहन बेचना अपराध होता है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की जांच में यदि कम्पनी के घोषित मापदण्डों का उल्लंघन मिला तो वाहन निर्माता कम्पनी पर 100 करोड़ रुपए और एक साल की जेल का सजा का प्रावधान लागू होगा। वाहन डीलर पर भी एक लाख रुपए और एक साल जेल का प्रावधान सख्ती से लागू होगा।</p>
<p>विभागीय अधिकारियों को ऐसे इलेक्ट्रिक वाहनों की वास्तविक गति, बैटरी क्षमता, बिजली मोटर और गाडी वजन की जांच करने के निर्देश दिए हैं। कम्पनी के दोषी पाए जाने पर तय प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- कन्हैयालाल स्वामी, आयुक्त, परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 10:19:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> देहरादून से गिरफ्तार हुआ नशीली दवा कम्पनी का संचालक</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। एसओजी ने रविवार को नशीली दवा प्रकरण में दवा निर्माता कंपनी के संचालक सुनील नंदवानी को गिरफ्तार किया है। यह अजमेर के रामगंज में दर्ज एनडीपीएस प्रकरण में फरार चल रहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news-drug-company-operator-arrested-from-dehradun/article-11433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sunil-nandwani.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसओजी ने रविवार को नशीली दवा प्रकरण में दवा निर्माता कंपनी के संचालक सुनील नंदवानी को गिरफ्तार किया है। यह अजमेर के रामगंज में दर्ज एनडीपीएस प्रकरण में फरार चल रहा था। एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि जब पुख्ता सूचना मिली तो दवा निर्माता कंपनी हिमालया मेडिकेट सेलाकुई देहरादून (उत्तराखंड) के संचालक सुनील नंदवानी (52) को पकड़ने के लिए पुलिस टीम उत्तराखंड रवाना की गई। टीम ने सुनील को देहरादून से गिरफ्तार किया।</p>
<p>आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया। जांच में सामने आया कि सुनील नशीली दवाइयों के कारोबार में लिप्त था। वह गिरोह के अन्य सदस्य सुशील करनानी, हरेराम, सुनील सैनी, बाबूलाल सैनी व अन्य के साथ मिलकर फर्जी फर्म बायोमेक्सटार, दीमापुर (नागालैंड) के नाम पर भारी मात्रा में नशीली दवाइयों को बनाकर फर्म रमैया एंटरप्राइजेज जयपुर को बेची थी। इस गिरोह के सदस्य जयपुर, अजमेर और राजस्थान के अन्य जिलों में अवैध तरीके से नशीली दवाइयों का कारोबार कर रहे थे। अब तक इस प्रकरण में श्याम सुंदर मूदंड़ा, शेख साजिद, मुकेश टांक, कमलदीप मौर्य और शशि भारती को गिरफ्तार किया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 14:22:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फोरलेन निर्माण कंपनी द्वारा खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[रामगंजमंडी उपखंड के मोडक थाना अंतर्गत सहरावदा पंचायत के तेलिया खेड़ी गांव के पास नहाते समय दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-children-died-due-to-drowning-in-a-pit-dug-by-a-four-lane-construction-company/article-9991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/modak-doobne-se-baccho-ki-maut.jpg" alt=""></a><br /><p>मोडक। रामगंजमंडी उपखंड के मोडक थाना अंतर्गत सहरावदा पंचायत के तेलिया खेड़ी गांव के पास नहाते समय दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार फोरलेन निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढों में पानी भरा हुआ था जहां पर राहुल और किरन नहाने के लिए गए हुए थे। किरन पानी में डूबने लगी तो राहुल बचाने गया, बचाने के प्रयास में  राहुल  भी पानी में डूब गया, जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।  <br /><br />प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल करण सिंह जाति भील ठाकुर उम्र 10 साल खेतपालिया रामपुरा जिला नीमच मप्र. हाल मुकाम पदद्म जी की फैक्ट्री तेलिया खेडी और दूसरा बच्चा किरन पुत्री टीना पप्पू भील ठाकुर राता देवी की बावड़ी उम्र 8 असनावर जिला झालावाड़ हाल मुकाम तेलिया खेड़ी पुलिस थाना मोडक। फोरलेन निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढों में पानी भरा हुआ था जहां पर राहुल और किरन नहाने के लिए गए हुए थे।  इस दौरान किरन पानी में डूबने लगी तो बचाने गया राहुल भी पानी में डूब गया, जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामवासी मौके पर एकत्रित हो गए तथा घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा दोनों ही शवों को ग्रामीणों के सहयोग से बाहर निकाला गया, जिन्हें मोडक चिकित्सालय लाया गया। जहां चिकित्सकों द्वारा जांच किए जाने के बाद मृत घोषित किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए।  जानकारी के अनुसार रोजगार की तलाश में कोटा स्टोन की फैक्ट्री पर दोनों के परिजन कार्य करते हैं ।  मोडक पुलिस ने मामला दर्ज करके अनुसंधान शुरू कर दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 May 2022 16:09:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>84 साल एक ही कंपनी में काम कर बनाया  वर्ल्ड रिकॉर्ड </title>
                                    <description><![CDATA[एक 100 साल के व्यक्ति ने दुनिया में सबसे अधिक समय तक एक ही कंपनी में काम कर के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। वाल्टर ऑर्थमन ने 84 साल तक एक ही कंपनी में काम कर के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/world-record-created-working-in-one-company/article-9299"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/44444-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्राजील। एक 100 साल के व्यक्ति ने दुनिया में सबसे अधिक समय तक एक ही कंपनी में काम कर के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। वाल्टर ऑर्थमन ने 84 साल तक एक ही कंपनी में काम कर के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया है। 1938 में उन्होंने टेक्सटाइल कंपनी इंडस्ट्रियास रेनोक्स में काम शुरू किया था।</p>
<p>इसके बाद प्रमोशन होकर वह सेल्स मैनेजर बन गए। तभी से वह कंपनी में सेल्स मैनेजर है। वॉल्टर ने कहा कि हमेशा वर्तमान के बारे में सोचा है। इसके कारण इतिहास बनाया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 May 2022 16:42:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश की अग्रणी एजुटेक कंपनी उत्कर्ष ने बनाया भारत का पहला डिजिटल क्लासरूम ऑन व्हील्स ‘शिक्षा रथ'</title>
                                    <description><![CDATA[उत्कर्ष क्लासेस का लक्ष्य डिजिटल शिक्षा में एक नई क्रांति लाना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/country-s-leading-edutech-company-utkarsh-built-india-s-first-digital-classroom-on-wheels-shiksha-rath/article-7866"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/133.jpg" alt=""></a><br /><p>देश की अग्रणी एजुटेक कंपनी उत्कर्ष क्लासेस ने आज भारत का पहला डिजिटल क्लासरूम ऑन व्हील्स - 'शिक्षा रथ' लॉन्च किया। अपनी तरह की इस अनूठी पहल का उद्देश्य पूरे भारत में व खासतौर से ग्रामीण हिस्सों में छात्रों को लाइव डिजिटल लर्निंग अनुभव प्रदान करके देश की शिक्षण प्रणाली में क्रांति लाना है।</p>
<p><br /><strong>क्या है इस शिक्षा रथ में ?</strong> <br />इस शिक्षा रथ में 4K इंटरेक्टिव पैनल व अत्याधुनिक कैमरों से युक्त डिजिटल स्टूडियो है।इंटरनेट की भी व्यवस्था है जिसके माध्यम से शिक्षा रथ से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर कक्षाएँ लाईव की जाकेगी।इसके अलावा यह ‘शिक्षा रथ’ किसी बड़ी सेलिब्रिटी की वेनिटी वेन की भाँति बेडरूम,किचन,बाथरूम,डाईनिंग रूम इत्यादि सभी सुविधाओं से युक्त है। 'शिक्षा रथ' अभिभावकों और बच्चों दोनों के बीच डिजिटल शिक्षा के लाभ के बारे में जागरूकता फैलाने में एक सहायक के रूप में कार्य करेगा। चूंकि कई शहरों और गाँवों में अच्छे शिक्षक नहीं मिल पाते हैं, इसलिए माता-पिता एक डिजिटल स्टूडियो के कामकाज को देख सकेंगे और अनुभव कर सकेंगे कि कैसे उनके बच्चे अपने घर पर देश के शीर्ष शिक्षकों से सीख सकते हैं।इससे विद्यार्थियों व अभिभावकों में ऑनलाइन शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।</p>
<p><br />उत्कर्ष क्लासेस के संस्थापक और सीईओ डॉ. निर्मल गहलोत कहते हैं, “उत्कर्ष देश के हर घर को गुणवत्तापूर्ण और एफोर्डेबल एजुकेशन प्रदान करने में विश्वास करता है। उत्कर्ष के इस वर्ष में अपने 2 दशकों के संचालन को पूरा करने के साथ, हमने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया, जिसमें हमारा लक्ष्य देश में डिजिटल लर्निंग के लाभों के बारे में अधिकतम जागरूकता फैलाना है और हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य को श्रेष्ठ आकार देने में अच्छी शिक्षा और मार्गदर्शन की भूमिका पर जोर देना है। इस पहल के माध्यम से हम अगले 2 वर्षों में 5 मिलियन से अधिक छात्रों तक पहुँचेंगे। हमारा शिक्षा रथ शुरू में देश के हिंदी भाषी क्षेत्र- राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली की यात्रा करेगा। हम अगले 5 वर्षों में पूरे भारत में 10 और शिक्षा रथ लॉन्च करेंगे।"<br />'शिक्षा रथ' 13 अप्रैल को जोधपुर से अपनी यात्रा शुरू करने के साथ ही राजस्थान के जैसलमेर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रामदेवरा की यात्रा करेगा। प्रायोगिक चरण में 'शिक्षा रथ' जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों के छोटे शहरों और गाँवों को कवर करेगा।<br />उत्कर्ष क्लासेस अपने लर्निंग एप के माध्यम से सरकारी भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ ही कक्षा 6 से 12वीं के लिए स्कूली शिक्षा के विद्यार्थियों हेतु घर बैठे उच्च कोटि की डिजिटल शिक्षा उपलब्ध करवाता है।जब यह 'शिक्षा रथ' विद्यार्थियों के गॉंव/शहर में यात्रा करेगा तब विद्यार्थी अपने पसंदीदा शिक्षकों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और सीखने में सक्षम होंगे। <br /><br /><strong>हमारे देश के छिपे हुए रत्नों की पहचान करेगा शिक्षा रथ</strong><br />प्रतिभा हर जगह है, अवसर नहीं है। हमारे देश के छोटे शहरों में गुणवत्ता वाले बहुत से शिक्षक निवास करते हैं, परन्तु कई कारणों से उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं होता है और जनता उनकी विशेषज्ञता से लाभान्वित नहीं हो पाती है। ‘डिजिटल क्लासरूम ऑन व्हील्स’ ऐसे शिक्षकों को उत्कर्ष के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश भर के विद्यार्थियों तक अपनी शैक्षिक सामग्री पहुँचाने में सक्षम बनाएगा।</p>
<p><br /><strong>यू-ट्यूब लाईव कक्षाएँ निर्बाध चलती रहेगी</strong> <br />इस शिक्षा रथ के माध्यम से उत्कर्ष के करेंट अफेयर्स के स्टार टीचर कुमार गौरव सर पूरे भारत में विद्यार्थियों को मोटिवेट करेंगे व उन्हें तनाव रहित रहकर,मेहनत करते हुए जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के टिप्स देंगे।इस दौरान कुमार गौरव सर की रोज़ाना सुबह 6 बजे यू-ट्यूब पर होने वाली करेंट अफेयर्स की लाईव क्लास (जो भारत की सर्वाधिक लाईव देखी जाने वाली क्लास है ) भी निर्बाध रूप से चलती रहेगी, वे शिक्षा रथ में निर्मित स्टूडियो के माध्यम से अपनी क्लास ले पायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/country-s-leading-edutech-company-utkarsh-built-india-s-first-digital-classroom-on-wheels-shiksha-rath/article-7866</link>
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                <pubDate>Wed, 13 Apr 2022 17:57:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अभी किराए पर ही उड़ान, डेढ़ साल बाद मिलेंगे हेलिकॉप्टर-विमान</title>
                                    <description><![CDATA[मल्टी टरबाइन जेट और चार सीटर हेलिकॉप्टर अगली सरकार में ही उपयोग आएंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--flying-on-rent-now--helicopter-aircraft-will-be-available-after-one-and-a-half-year--long-process-of-company-selection--modification-and-training-from-tender--multi-turbine-jet-and-four-seater-helicopter-will-be-used-only-in-the-next-government/article-6928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/helicopter.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार का हवाई बेड़ा अभी पूरी तरह से खाली है। एक विमान और हेलिकॉप्टर खरीद के टेंडर हो चुके हैं, लेकिन अभी डेढ़ साल सरकार को इनके आने का इंतजार करना ही पड़ेगा। ऐसे में फिलहाल सरकार की वीवीआईपी उड़ान के लिए किराए के विमान-हेलिकॉप्टर ही काम में लेने होंगे। प्रदेश के सिविल एविएशन विभाग वीवीआईपी उड़ान के लिए गुजरात की तर्ज पर 200 करोड़ का एक 10 सीटर मल्टी-टरबाइन अत्याधुनिक सुविधाओं से लबरेज जेट विमान और चार सीटर 30 करोड़ का हेलिकॉप्टर खरीद रहा है। टेंडर गत दो मार्च को हो गए हैं, अप्रैल में कंपनियों का चयन तो हो जाएगा, लेकिन इनके हवाई-बेड़े में लैंड होने में करीब डेढ़ साल का समय लगेगा यानी डिलेवरी चुनावों के वक्त तक ही हो पाएगी। ऐसे में इनका उपयोग अगली सरकार के वक्त ही हो पाएगा।<br /><br /><strong>7 साल में 100 करोड़ सेवाओं पर खर्च</strong><br />हवाई बेड़े में वीवीआईपी उड़ान के लिए सात साल से विमान-हेलिकॉप्टर नहीं है। इस समयावधि में किराए के विमान-हेलिकॉप्टर से ही वीवीआईपी उड़ान का काम चल रहा है। हर साल औसतन 18-20 करोड़ रुपए विमान सेवाओं पर खर्च होते हैं। पिछले दो साल महामारी के चलते राशि काफी कम खर्च हुई है। इस हिसाब से करीब सौ करोड़ रुपए अब तक किराए की उड़ान पर खजाने से खर्च हुए हैं। अभी डेढ़ साल और किराए पर ही विमान सेवा चलेगी। ऐसे में 27-30 करोड़ और खर्च होने का आंकलन है। <br /><br /><strong>खुद के सरकारी बेड़े में समय यूं लगेगा</strong><br />टेंडर की अंतिम तारीख के बाद कंपनियों से प्रजेंटेशन लिया जाएगा। फिर तकनीकी और फाइनेंशियल बिड़ खोली जाएगी, जिस कंपनी के हेलिकॉप्टर-विमान पर बात बनेगी, उनमें अत्याधुनिक सेवाओं के लिए सिविल एविएशन की तकनीकी कमेटी मैन्यूफेक्चरिंग कराएगी। इसके बाद मेंटिनेंस के लिए इंजीनियरों की टीम को और पायलटों को उड़ान के लिए विक्रेता कंपनी तीन माह की ट्रेनिंग देगी। इसके बाद डायरेक्टर जनरल आॅफ सिविल एविएशन की उड़ान को हरी झंडी मिलने की प्रक्रिया होगी। तब प्रदेश में वीवीआईपी उड़ान के लिए विमान मिलेंगे। <br /><br /><strong>महामारी ने रोकी थी पिछली खरीद</strong><br />गहलोत सरकार ने कोरोना महामारी शुरू होने से ठीक पहले फ्रांस की डेशो एविएशन कंपनी से मिड साइज 12 सीटर जेड विमान खरीद का निर्णय लिया था, लेकिन प्रस्ताव को महामारी के चलते सीएम ने मंजूर नहीं किया था। <br /><br />18 अप्रैल तक कंपनियों से टेंडर मांगे हैं। कंपनी चयन के बाद मोडिफिकेशन, ट्रेनिंग सहित अन्य कार्यों के बाद प्रदेश को मिलने में समय लगेगा।<br />-<strong>जितेन्द्र कुमार उपाध्याय, शासन सचिव, सिविल एविएशन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:07:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेज ही चलेंगे, बिजली सबमीटरों का कोई कुछ नहीं कर सकता,  करीब 40 लाख उपभोक्ता झेल रहे हैं इस अनदेखे 'करंट' को</title>
                                    <description><![CDATA[बिना एक्यूरेसी गारंटी के प्रदेश में करोड़ों बिजली सबमीटर्स लगे हुए हैं। करीब एक दर्जन प्राइवेट कम्पनियों के ये सबमीटर कम-ज्यादा चलने या खराबी पर किराएदारों उपभोक्ताओं की जेब ढीली करते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/electricity-submeters--will-run-fast--no-one-can-do-anything-with-electricity-submeters--about-40-lakh-consumers-are-facing-this-unseen--current/article-6602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sub-meter-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बिना एक्यूरेसी गारंटी के प्रदेश में करोड़ों बिजली सबमीटर्स लगे हुए हैं। करीब एक दर्जन प्राइवेट कम्पनियों के ये सबमीटर कम-ज्यादा चलने या खराबी पर किराएदारों उपभोक्ताओं की जेब ढीली करते हैं। औसतन बड़े शहरों सहित सभी जिलों में करीब 40 लाख उपभोक्ता बिजली के इस अनेदेखे करंट को झेल रहे हैं। बिजली कम्पनियों ने सबमीटर्स लगाने की छूट तो दे रखी है, लेकिन इनको लगाने, मरम्मत या गुणवत्ता जांच के कोई नियम और प्रावधान नहीं है। छोटे उपभोक्ताओं की इन मीटर्स को तेज या धीमे चलने की शिकायतें बनी रहती हैं। अधिकांश मीटर्स खराब होने के बाद डिस्पोज ही करने पड़ते हैं और दूसरा मीटर लगवाने से भार उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है।</p>
<p><strong>मेन मीटर और सबमीटर्स की रीडिंग में अंतर</strong><br />मीटर तेज चलने पर प्राइवेट कम्पनी का सर्विसमैन ग्राहक को यही कहता है कि ये तो तेज ही चलेंगे, कोई इसमें कुछ भी नहीं कर सकता। किराएदारों के लिए मुख्य मीटर से कनेक्टेड एक और उससे अधिक सबमीटर्स लगते हैं। मेन मीटर और सबमीटर्स की रीडिंग में मिलान पर अधिक यूनिट का अंतर समझ में आता है।</p>
<table style="width:708px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="text-align:center;height:41px;width:707px;" colspan="2"><strong>बिजली उपभोक्ताओं की फैक्ट फाइल</strong></td>
</tr>
<tr style="height:41.5px;">
<td style="height:41.5px;width:365.867px;">कुल बिजली उपभोक्ता       </td>
<td style="height:41.5px;width:341.133px;">1.52 करोड़</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:365.867px;">घरेलू उपभोक्ता                 </td>
<td style="height:41px;width:341.133px;">1.18 करोड़</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:365.867px;">कृषि उपभोक्ता                    </td>
<td style="height:41px;width:341.133px;">14 लाख</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:365.867px;">अघरेलू उपभोक्ता                 <strong><br /></strong></td>
<td style="height:41px;width:341.133px;">20 लाख<strong><br /></strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:708px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;width:706px;" colspan="2"><strong>बिजली खपत</strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:353.45px;">कृषि क्षेत्र में                       </td>
<td style="width:352.55px;">42%</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:353.45px;">उद्योग क्षेत्र में                    </td>
<td style="width:352.55px;">28%</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:353.45px;">घरेलू क्षेत्र में                      </td>
<td style="width:352.55px;">22%</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:353.45px;">कॉमर्शियल क्षेत्र में               </td>
<td style="width:352.55px;">8%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><br /><strong>इन कम्पनियों के सबमीटर्स की खपत</strong><br />बाजार में एलमर, लेन, फाइन, इंडोटेक, ल्यूमिनस, एवन, जयपुर मैटल्स, जीनस जैसी एक दर्जन कम्पनियों के सबमीटर्स उपलब्ध हैं। हर जिले में ये हजारों लाखों की संख्या में लगे हैं। बाजार की प्रचलित दरों में ये 650 रुपए से 2500 रुपए में उपलब्ध हैं। राजस्थान में 900 से 1500 रुपए मूल्य के सबमीटर्स ज्यादा बिकते हैं।</p>
<p>सम्पत्ति मालिक को किराएदार के लिए सबमीटर्स लगाने की छूट है, लेकिन इनको लगाने या मरम्मत करने के प्रावधान हमारे पास नहीं होते। यह सम्पत्ति मालिक और किराएदार के बीच आपसी समझौते का मामला है। किसी भी तरह की खराबी होने या विवाद में वे ही जिम्मेदार होंगे।<br /><strong>- अजीत सक्सेना, एमडी, जयपुर डिस्कॉम</strong></p>
<p>हमने कई बार बिजली सबमीटर्स के तेज चलने की शिकायतें की। बिजली कम्पनियां जिम्मेदारी नहीं लेती और मालिक दूसरा मीटर लगवाने की बात कहते हैं। बाजार में दूसरे मीटर्स की भी कोई गांरटी नहीं होती। मीटर तेज चलने पर मजबूरी में हम ज्यादा बिल चुकाते रहते हैं।<br /><strong>-विक्रम सिंह, किराएदार, निवासी हसनपुरा</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Mar 2022 10:07:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में इलेक्ट्रिक वाहन के लिए 104.4 अरब रुपए का निवेश करेगी सुजुकी </title>
                                    <description><![CDATA[वाहन निर्माता कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (एसएमसी) भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और बैटरी के स्थानीय विनिर्माण के लिए 104.4 अरब रुपए का निवेश करेगी और इसके लिए उसने गुजरात के साथ करार किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/company-will-invest-104-4-arab-for-electric-vehicles-in-india/article-6425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/firing-copy11.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वाहन निर्माता कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (एसएमसी) भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और बैटरी के स्थानीय विनिर्माण के लिए 104.4 अरब रुपए का निवेश करेगी और इसके लिए उसने गुजरात के साथ करार किया है। कंपनी ने बयान में बताया कि वह इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी के स्थानीय विनिर्माण के लिए 10,440 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।</p>
<p>एसएमसी सुजुकी मोटर गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहनों की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए 31 अरब रुपए और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी विनिर्माण का एक संयंत्र स्थापित करने के लिए 7300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/company-will-invest-104-4-arab-for-electric-vehicles-in-india/article-6425</link>
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                <pubDate>Sun, 20 Mar 2022 17:31:56 +0530</pubDate>
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