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                <title>shopkeepers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title> असर खबर का - दुकानदारों ने हटाए रेती-गिट्टी के ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होते ही नगरपालिका प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news----shopkeepers-removed-piles-of-sand-and-gravel/article-133945"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/8956.png" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। रामगंजमंडी जटिया कॉलेज से बाईपास तक सड़क पर बिल्डिंग मटेरियल फैले होने की समस्या पर दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होते ही नगरपालिका प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया।सड़क पर रेती-गिट्टी के ढेर और फैले मटेरियल के कारण बाइक सवारों के फिसलने की घटनाएं बढ़ रही थीं। शिकायत प्राप्त होने पर अधिशासी अधिकारी तरुण लहरी ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।</p>
<p>इसके बाद नगरपालिका टीम मौके पर पहुंची और दुकानदारों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि रोड पर रखा सारा मटेरियल तुरंत हटाया जाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय लोगों ने कहा कि दैनिक नवज्योति की खबर का स्पष्ट असर देखने को मिला है और प्रशासन की त्वरित सक्रियता से हादसों की आशंका कम होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 16:58:36 +0530</pubDate>
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                <title>सर्वर डाउन, गेहूं वितरण में अड़चन, राशन की दुकानों पर दूसरे दिन भी लगी लंबी कतारें</title>
                                    <description><![CDATA[दुकानदार मशीनें रीस्टार्ट करते रहे, लेकिन फिंगरप्रिंट मशीनें नेटवर्क फेल का संदेश देती रहीं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/server-down--disruption-in-wheat-distribution--long-queues-at-ration-shops-for-the-second-consecutive-day/article-131484"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन वितरण में तकनीकी खामी दूसरे दिन भी दूर नहीं हो सकी। मंगलवार को भी जिलेभर में सर्वर डाउन रहने से गेहूं वितरण बाधित रहा। कई राशन दुकानों पर लाभार्थी सुबह से ही लाइन में खड़े रहे, लेकिन मशीनों में फिंगरप्रिंट या ओटीपी वेरिफिकेशन न होने के कारण वितरण शुरू नहीं हो सका। लोगों को पसीने में तरबतर होकर घंटों इंतजार करना पड़ा। सर्वर डाउन रहने से कोटा जिले में गेहूं वितरण का काम बाधित रहा। लाभार्थियों को लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा, जबकि दुकानदारों की भी दिनभर मशक्कत जारी रही। विभागीय स्तर पर समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>दुकानों पर सुबह से ही उमड़ी भीड़</strong><br />सुबह करीब आठ बजे से ही शहर के प्रमुख इलाकों जैसे नयापुरा, तलवंडी, अनंतपुरा, दादाबाड़ी, गुमानपुरा और रेलवे कॉलोनी क्षेत्र की दुकानों पर लाभार्थी पहुंचने लगे। महिलाएं और बुजुर्ग बोरे व थैले लेकर पहुंचे, मगर सर्वर डाउन की सूचना मिलते ही कई लोग निराश होकर वापस लौट गए। दुकानदार मशीनें बार-बार रीस्टार्ट करते रहे, लेकिन फिंगरप्रिंट मशीनें नेटवर्क फेल का संदेश देती रहीं। राशन डीलरों ने बताया कि कल थोड़ी देर के लिए सर्वर चला था, लेकिन आज तो सुबह से अब तक कुछ भी नहीं हुआ। हर लाभार्थी की पहचान आॅनलाइन वेरिफिकेशन से होती है, सर्वर बंद हो तो कुछ नहीं कर सकते हैं।</p>
<p><strong>लाभार्थियों की परेशानी बढ़ी</strong><br />गुमानपुरा निवासी शारदा बाई ने कहा, सुबह नौ बजे आई थी, दोपहर हो गई लेकिन नंबर नहीं आया। सर्वर ठीक नहीं चल रहा। अब घर जाकर दोबारा आना पड़ेगा। दादाबाड़ी क्षेत्र के रामलाल मीणा बोले, बच्चे स्कूल गए हैं, घर में काम है, लेकिन गेहूं जरूरी है। रोज यही सर्वर की समस्या आती है। सरकार को इसका स्थायी हल निकालना चाहिए। इस सम्बंध में रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किया गया है, जिसके कारण सर्वर सिंकिंग में दिक्कत आ रही है। टीम लगातार काम कर रही है, जल्द ही सर्वर पूरी तरह बहाल हो जाएगा। तब तक दुकानदारों को लाभार्थियों को टोकन देकर प्राथमिकता से वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p><strong>पोस मशीनों में नया साफ्टेयर किया है अपलोड</strong><br />खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से पोस मशीनों में नया सॉफ्टवेयर अपलोड करने के कारण जिले में दो दिन तक गेहूं का वितरण नहीं हो पाया था।  योजना के लाभार्थियों को जानकारी नहीं होने से वे रोजाना राशन की दुकानों पर चक्कर लगा रहे थे। जैसे ही सिस्टम चालू हुआ तो सोमवार को कुछ दुकानों पर गेहूं का वितरण शुरू किया गया था। गेहूं वितरण की जानकारी मिलते ही शहर और ग्रामीण इलाकों की राशन दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई स्थानों पर तो कार्डधारक सुबह से ही लाइन में लग गए थे। मंगलवार को भी दुकानों पर कतारें लगी रही। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 15:49:29 +0530</pubDate>
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                <title>देखरेख के अभाव में कुंदनपुर हाट बाजार में लगे गंदगी के ढेर, सुविधाघर में शराब की बोतलों से सब्जी विक्रेताओं में नाराजगी </title>
                                    <description><![CDATA[समय पर सफाई नहीं होने से दुकानदारों और ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-maintenance-has-led-to-heaps-of-garbage-in-the-kundanpur-haat-bazaar--and-vegetable-vendors-are-upset-over-the-presence-of-liquor-bottles-in-the-toilet/article-127686"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/111-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>कुंदनपुर। कुंदनपुर में सहकारी समिति द्वारा लाखों की लागत से बने भवनों की देखरेख की जिम्मेदारी कोई निभाता नजर नहीं आ रहा है। सहकारी गोदाम परिसर में आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। परिसर में गंदगी और बारिश का पानी भरकर तालाब जैसा दृश्य बना देता है। मुख्य दरवाजा टूटा होने से गोदाम पशुओं का रैन बसेरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि समिति का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। नाबार्ड विभाग की ओर से लाखों की लागत से बने हाट बाजार की भी हालत खराब है। यहां सफाई व्यवस्था नदारद है। पेशाबघरों में शराबी बोतलें छोड़कर चले जाते हैं, जिससे पूरी मंडी में सड़ांध फैल जाती है। सब्जीमंडी के दुकानदार सीताराम सुमन, राजाराम, सुमन ने बताया कि शराबी कब आकर पीकर बोतलें छोड़ जाते हैं, पता ही नहीं चलता। समय पर सफाई नहीं होने से दुकानदारों और ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>समिति से लगाई सफाई की गुहार</strong><br />दुकानदार गजराज सिंह चंद्रावत, दिनेश नागर, दिनेश गुर्जर और राकेश सुमन ने बताया कि पेशाबघरों में शराब की बोतलें भरी पड़ी रहती हैं, जिनसे दुकानों में बदबू आती रहती है। उन्होंने समिति से हाट बाजार की सफाई करवाने और बोतलें हटाने की मांग की है।</p>
<p><strong>समिति की दुकानों में टपकता पानी </strong><br />ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा मुख्य बाजार में बनाई गई दुकानों में बरसात के दिनों में पानी टपकने की समस्या बनी रहती है। दुकानदारों का कहना है कि बारिश आते ही सामान खराब होने का डर सताने लगता है। उन्होंने छतों की मरम्मत करवाने की मांग उठाई है।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />हाट बाजार के पेशाबघरों में शराबियों द्वारा बोतलें छोड़ने का मामला सामने आया है। सफाईकर्मी लगाया गया है और एक-दो दिन में सफाई करवा दी जाएगी। सब्जीमंडी में दुकान लगाने वाले दुकानदारों को भी निगरानी रखनी चाहिए। <br /><strong>-सम्पतराज गोस्वामी, व्यवस्थापक, सहकारी समिति, कुंदनपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 16:17:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मिठाइयों पर दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
                                    <description><![CDATA[नियम बने चार साल हो गए, विभाग अभी समझाइश ही कर रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-111330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । हीटवेव व गर्मी के चलते इन दिनों मावा व पनीर और अन्य मिठाईयां जल्दी खराब हो रही है। दुकानदार फ्रीजर में रखी मिठाई  धडल्ले से बेच रहे है।  जैसे ही ग्राहक मिठाई खरीद कर घर ले जाता है उसमें खट्टापन आ जाता है।  ऐसे में ग्राहक अपने को ठगा ठगा महसूस करता है। उल्लेखनीय है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने 2021 में एक पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए थे कि मिठाई की प्रत्येक दुकान पर एक्सपायरी डेट की पर्ची डिस्प्ले बोर्ड पर लगाई जाए। मिठाई निर्माण की तारीख और उस मिठाई की एक्सपायरी डेट प्रत्येक मिठाई की प्लेट के सामने ग्राहक को दिखना चाहिए, लेकिन शहर के कई मिठाई विक्रेता एफएसएसएआई के दिशा निदेर्शों को ही डकार गए और किसी भी मिठाई की दुकान में एफएसएसएआई की गाइडलाइन के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड पर मिठाई की एक्सपायरी डेट देखने को नहीं मिल रही है, जबकि गर्मी के दिनों में कई मिठाई एक दिन में ही खराब हो जाती हैं, उनका दूसरे दिन उपयोग नहीं किया जा सकता है। मिठाई विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों के साथ की जा रही धोखाधड़ी को रोकने की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है।  फूड एण्ड सेफ्टी विभाग अधिकारी चार साल में  मिठाई विक्रेताओं को समझाइश ही कर रहे है। दिशा-निदेर्शों का पालन कराने और जुर्माना नहीं कर रहे है।</p>
<p><strong>बासी मिठाई का नहीं चल पा रहा पता</strong><br />लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था। इससे ग्राहक को पता चल सके कि मिठाई ताजा है या बासी है। अब तक यह सुविधा पैकिंग वस्तुओं पर ही लागू थी । इसे एक अक्टूबर 2021 से देश में खुली वस्तुओं की बिक्री पर भी लागू कर दिया है। लेकिन  चार साल बीतने आए फिर भी शहर में अभी इस नियम का पालन  मिठाइयों की दुकानों पर होता दिखाई नही दे रहा है। हालांकि शहर के कुछ प्रतिष्ठ मिठाई की दुकानों वाले जरूर इस नियम का पालन कर रहे है लेकिन वो भी रोज तारीख ही बदलते माल नहीं। बाकी बचे अधिकांश दुकानदार अभी मिठाई दुकानदार पुराने ढ़र्रे पर ही बिना एक्सपायरी डेट लिखे फ्रीजर में रखी मिठाइयां बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले साढे तीन साल से नए नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। अभी कई दुकानदारों  को तो इस नियम की पूरी जानकारी ही नहीं है। दूसरी तरफ मिठाई कारोबारियों को का कहना है कि  हालांकि शहर की कुछ बड़ी मिठाई की दुकानों ने तो एक्सपायरी डेट लिखना शुरू किया लेकिन वो भी रोज डेट बदल कर ग्राहकों चुना ही लगा रहे है।</p>
<p><strong>जुर्माने का प्रावधान फिर भी कार्रवाई नहीं</strong><br />एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम नहीं लिखे होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का है प्रावधान किसी दुकानदार द्वारा गलत तारीख लिखी है और उसकी शिकायत खाद्य विभाग में हो जाती है तो उस शिकायत के आधार पर दुकान जांच होगी। खाद्य पदार्थ के सैंपल का टेस्ट होगा। खुले रूप से बिकने वाली मिठाई की भी जांच की होती है। एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति एफएसएसएआई का उल्लंघन करने पर गंभीर मामला मानते हुए उस दुकानदार पर पांच लाख रुपए तक का  जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।  लेकिन शहर में अभी तक किसी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<p><strong>कौन सी मिठाई कितने दिन तक उपयोग करने योग्य</strong><br /><strong>- 4 दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई :</strong>  मिल्क केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बफी, पिस्ता बफी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बफी, सफेद पेड़ा, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू के अतिरिक्त मोतीचूर मोदक, खोया बदाम, मेवा भाटी, फ्रूट केक खोया तिल, केसर कोकोनट लड्डू और मलाई घेवर आदि।<br /><strong>- एक दिन उपयोग में आने वाली मिठाई :</strong> कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद।<br /><strong>- दो दिन तक उपयोग वाली मिठाई:</strong> दुग्ध उत्पादन व मिल्क बादाम रसगुल्ला, रस मालाई, रबाड़ी रसमालाई, शाही टोस्ट, राजभोग, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरमानी व हरी भोग, अनारकली, माधुरी, पाकोजा, रस कदम, रस काटा, सौर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड रबड़ी, गुड़ रसगुल्ला।<br /><strong>- 7 दिन उपयोग होने वाली मिठाई व ड्राई फ्रूट : </strong>फूट लडडू, काजू कतली, घेवर, शक्कर पारा, गुड़ पारा, शाही लड्डू मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, बेदी लडू, काजू केसर बर्फी, काजू ब्रेक्स गुजिया, बादाम लोग, बालूशाही, बादाम बर्फी, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मेदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग, छोटा केसर घेवर, केसर चंद्रकला, काजू लड्डू, काजू रोज कतली।<br /><strong>- एक महीने तक उपयोग होने वाली मिठाई:</strong> आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी, अंजीर खजूर बर्फी, कराची हलवा, सोहन हलवा, गजक व चक्की।</p>
<p><strong>नियम की नहीं हो रही पालना</strong><br />बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मिठाई की दुकानों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया कि था कि वो मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट को लिखें। लेकिन शहर मेें इसकी पालना नहीं हो रही है। 10 अप्रैल में मैने एक दुकान से मिठाई खरीदी घर जाने के बाद वो मिठाई कठोर हो गई और उसका ेखाया तो खट्टापन आ रहा था। अगर दुकान पर एक्सपायरी डेट लिखी होती तो में वो मिठाई नहीं खरीदता। सरकार को शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में मिठाई विक्रेताओं की जांच करनी चाहिए वो एक्सपायरी व निर्माण तिथि क्यों नहीं लिख रहे है। <br /><strong>- अशोक चौधरी, अधिवक्ता</strong></p>
<p><strong>शहर में दो सौ दुकानें</strong><br />शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है  बडे दुकानदार तो पालना कर रहे लेकिन छोटे दुकानदार जो रोज मिठाई तैयार करते और बेचते वो एक्सपायरी डेट नहीं लिखते उनकी मिठाई रोज ही बिक जाती है। ऐसे खराब होने वाली बात ही नहीं रहती है।<br /><strong>- राजू अग्रवाल, मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है।  बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाती है। <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 14:47:33 +0530</pubDate>
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                <title>नगर निगम कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे अतिक्रमी</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा उत्तर का अतिक्रमण दस्ता यहां से कई बार अतिक्रमण हटा चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachers-pointing-to-municipal-action/article-98929"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554410.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । संभाग के दो सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमबीएस व जेके लोन के मुख्य द्वार पर बैठे अतिक्रमी नगर निगम की कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे है। नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते द्वारा गत दिनों कई बार कार्रवाई करते हुए एमबीएस अस्पताल व जे.के. लोन अस्पताल के मेन गेट के पास से अतिक्रमी दुकानदारों को हटाया जा चुका है। दोनों अस्पतालों के मुख्य द्वार पर चाय का ठेला लगाने वालों से लेकर अन्य सामान बेचने वाले और फुटकर दुकानदारों ने सामान रखे हुए हैं। वे  पूरे दिन यहां बैठकर अपना रोजगार कर रहे है। हालत यह है कि मेन गेट के बिल्कुल नजदीक ठेले लगने व अन्य वाहन खड़े होने से वहां से इमरजेंसी में मरीजों को लेकर आने वाली एम्बूलेंस को मुड़ने व निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा काफी समय से हो रहा है। जिसे देखते हुए पहले केडीए का और अब नगर निगम कोटा उत्तर का अतिक्रमण दस्ता यहां से कई बार अतिक्रमण हटा चुका है।  नगर निगम कोटा उत्तर के अतिक्रमण दस्ता प्रभारी पुलिस उप  अधीक्षक तरूण कांत सोमानीका कहना है कि इस क्षेत्र को नो वेंडिंग जोन घोषित किया गया  है। इन दोनों जगह पर किसी भी ठेले वाले को या अन्य सामान बेचने वालों को नहीं रहने  दिया जाएगा। निगम की बार-बार कार्रवाई के बाद भी शुक्रवार को दोनों अस्पतालों के  मेन गेट पर फुटकर सामान बेचने वालों का जमघट लगा हुआ था। </p>
<p><strong>जेके लोन से भी नहीं हटे अतिक्रमी</strong><br />इतना ही नहीं जे.के. लोन अस्पताल रोड पर मेन गेट के सामने की तरफ कई लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। अपनी दुकानों का सामान सड़क पर काफी आगे तक फेला कर रखा हुआ है। फिर चाहे वह कबाड़े का काम करने वाला हो या अन्य दुकानदार। जिससे यह सड़क काफी चौड़ी होने के बाद भी संकरी हो रही है। यहां से कई बार तो दिन के समय वाहनों को निकलने कीजगह तक नहीं मिल पाती। जिससे आए दिन एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ है। नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते द्वारा दुकानदारों को कई बार सामान जब्त करने की चेतावनी के साथ ही जुर्माना तक वसूल किया जा  चुका है। उसके बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।   कार्रवाई कर निगम बार बार मशीनरी व मेन पावर का दुरुपयोग कर रहा है और अतिक्रमियों पर उसका कोईअसर ही नहीं हो रहा है। </p>
<p><strong>कार्रवाई लगातार जारी रहेगी</strong><br />जेके लोन व एमबीएस अस्पताल इमरजेंसीसेवाएं है। यहां के मुख्य द्वार साफ रहने चाहिए। जिससे यहांसे एम्बूलेंस आसानीसे निकल सके। यहांदोनोंजगह अतिक्रमण होने पर पूर्व में कई बार अतिक्रमण हटाए गए हैं। उसके बाद भी कई दुकानदार नहीं मान रहे है।ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। दुकानदारों का सामान जब्त करने व उनसे जुर्माना भी वसूल करने समेत सख्ती की जाएगी। <br /><strong>- तरूण कांत सोमानी, पुलिसउप अधीक्षक नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 15:29:02 +0530</pubDate>
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                <title>सवा साल में चौपट हो गई चौपाटी</title>
                                    <description><![CDATA[ यहां वर्तमान में एक ही दुकान पूरे समय खुल रही है। जबकि दूसरी दुकान कभी-कभी ही खुलती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-chowpatty-collapsed-in-one-and-a-quarter-years/article-98758"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1)49.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नदी पार क्षेत्र के लोगों व कोचिंग स्टूडेंट को स्वादिष्ट भोजन  उपलब्ध करवाने के लिए राजस्थान आवासन मंडल द्वारा कुन्हाड़ी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बनाई गई चौपाटी कुछ ही समय में चौपट हो गई है। करोड़ों  रुपए खर्च कर बनाई गई चौपाटी की 21 में से वर्तमान में मात्र एक ही दुकान संचालित हो रही है। अधिकतर दुकानें जयपुर वालों को आवंटित होने से वे बंद हो गई है। शहर के मध्य शॉपिंग सेंटर स्थित चौपाटी के बाद नदी पार क्षेत्र विकसित हो रही कॉलोनियों के लोगों और लैंड मार्क स्थित कोचिंग के स्टूडेंट को स्वादिष्ट व फास्ट फूड समेत अन्य व्यंजन उपलब्ध करवाने के लिए हाउसिंग बोर्ड ने कुन्हाड़ी में चौपाटी में बनाई थी।  करीब 5.80 करोड़ रुपए की लागत से यहां 17 दुकानें व 4 कियोस्क समेत 21 दुकानें शुरु की गई थी। 9 जुलाई 2023 को तत्कालीन स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने इस चौपाटी का उद्घाटन किया था। लेकिन हालत यह है कि इसे शुरु हुए डेढ़ साल भी नहीं हुआ कि अधिकतर दुकानें बंद हो गई।  हालांकि इस बार कोचिंग स्टूडेंट की संख्या पहले से काफी कम है। लेकिन उसके बावजूद भी स्टूडेंट यहां आ रहे है। उनसे ही यह चौपाटी चल रही है। यहां वर्तमान में एक ही दुकान पूरे समय खुल रही है। जबकि दूसरी दुकान कभी-कभी ही खुलती है। </p>
<p><strong>अभी भी प्रवेश टिकट 10 रुपए</strong><br />चौपाटी की अधिकतर दुकानें बंद हो गई है। उसके बाद भी हाउसिंग बोर्ड की ओर से यहां आने वालों से प्रवेश टिकट के 10 रुपए वसूल किए जा रहे है। लोग यहां आना भी चाहते है लेकिन 10 रुपए का टिकट लेने के बाद भी उन्हें अंदर चौपाटी पर एक ही दुकान पर जो मिल रहा है वह खाकर जा रहे है। जिससे स्टूडेंट के अलावा आमजन यहां कम आ रहे है। जानकारों का कहना है कि अब यहां म्यूजिक सिस्टम भी नहीं चल रहा है। </p>
<p><strong>अधिकतर दुकानदार जयपुर के</strong><br />चौपाटी में 21 में से वर्तमान में 1 ही दुकान सही ढंग से व पूरे समय खुल रही है। वह भी कोल्ड ड्रिंक्स व जूस की है। इसी दुकान पर अभीकुछ समय से फास्ट फूड भी मिलने लगे है। जबकि अधिकतर दुकानदार जयपुर के थे। जिससे  कुछ हीसमय बाद वे एक-एक कर दुकानें बंद कर गए। ऐसे में पूरी चौपाटी पर एक तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है।  चौपाटी के सुपर वाइजर सत्य नारायण बैरवा ने बताया कि यहां अधिकतर दुकानदार जयपुर में चौपाटी संचालित करने वाले ही थे।उन्हें अनुभव केआधार पर यहां दुकानें आवंटित की गई थी। शुरुआत में तो यहां लोगों की काफी भीड़ रही। लेकिन बाद में लोग कम होने से अधिकतर दुकानदार दुकानें बंद कर गए। कुछ समय पहले तक संचालित हो रही तीन दुकानें भी बंद हो गई है। वर्तमान में यहां सिर्फ 2 ही दुकानें चल रही है। </p>
<p><strong>हाउसिंग बोर्ड अधिकारियों का ध्यान ही नहीं</strong><br />चौपाटी पर वर्तमान में एक मात्र संचालित दुकान के मालिक वैसे तो जयपुर के रहने वाले हैं लेकिन पिछले कई साल से कोटा में ही रह रहे है। दुकानदार परमानंद शर्मा ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही से यहां दुकानें बंद हो गई है।  अधिकारियों ने इसे शुरु करने के बाद यहांआकर देखा तक नहीं। दुकानें बंद होने के बाद भी लोगों से 10 रुपए प्रवेश टिकट वसूला  जा रहा है। जिससे लोग आने से कतराने लगे हैं।  शर्मा ने बताया कि उन्होंने 5 साल की लीज पर 16 हजार रुपए महीना किराए में दुकान ली है। लेकिन लोगों के नहीं आने से दुकान का किराया व खर्चा ही नहीं निकल रहा। यही कारण है कि दुकानें धीरे-धीरे बंद हो गई। शर्मा का कहना है कि वे यहां की दुकानों को शुरु करवाने के लिए जयपुर में हाउसिंगग बोर्ड कमिश्नर तक को लिखित में पत्र दे चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालांकि बाहर से आने वाले लोग चौपाटी की दुकानों का स्वाद लेना चाहते हैं लेकिन अधिकारियों की अनदेखी से यह बंद होने के कगार पर है।  शर्मा ने बताया कि जिस कीमत पर वाहर की दुकानों पर सामान मिल रहा है उसी कीमत पर वे दे रहे है। साथ ही 100 रुपए या उससे अधिक की खरीदारी करने पर 10 रुपए का टिकट शुल्क भी वह स्वयं वहन कर रहे है। </p>
<p>- 1984.93 वर्ग मीटर दुकान का एरिया<br />- 5.80 करोड़ रुपए कुल लागत<br />- 21 दुकानें कुल <br />- 01 दुकान संचालित वर्तमान में <br />- 150 लोगों की बैठक क्षमता</p>
<p><strong>व्यवस्था के लिए टिकट लगाया हुआ</strong><br />चौपाटी की व्यवस्था देख रहे सुपरवाइजर कम प्रबंधक सत्य नारायण बैरवा ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड ने तो अच्छी व्यवस्था के लिए यहां चौपाटी शुरु की थी। लेकिन शुरुआती कुछ महीनों के बाद अधिकतर बाहरी दुकानदार होने से उनका खर्चा अधिक और कमाई कम होने से उन्हेंनुकसान होने लगा। जिससे अधिकतर दुकानें बंद हो गई है। टिकट तो व्यवस्था के लिए लगाया हुआ है। जिससे जिन्हेंयहां आना है वहीं आते है। नि:शुल्कप्रवेश होने से सभी तरह के लोग अनावश्यक यहां आ जाएंगे। जिससे वे यहां न्यूसेंस करेंगे। साथ ही यहां तैनात स्टाफ का खर्चा और साफ सफाई के लिए टिकट लगाना आवश्यक है। </p>
<p><strong>कार्यवााहक उप आवासन आयुक्त ने नहीं दिया जवाब</strong><br />चौपाटी पर अधिकतर दुकानें बंद होने व इसका कारण जानने के लिए जब हाउसिंग बोर्ड के कार्यवाहक उप आवासन आयुक्त अमजद अहमद से फोन पर सम्पर्क किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वाट्सअप पर मैसेज करने के बाद भी उसका कोई जवाब नहीं दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Dec 2024 16:58:49 +0530</pubDate>
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                <title>सुविधाघर हो रहे जीर्ण-शीर्ण, जिम्मेदार बेखबर </title>
                                    <description><![CDATA[सीसवाली कस्बे के भैरुपुरा बस्ती में सरकारी स्कूल व आंगनबाडी केन्द्र के पास कई दिनों से गन्दगी के ढेर लगे हुए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/subhaghar-is-getting-dilapidated--the-responsible-are-unaware/article-97131"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>सीसवाली।  सीसवाली कस्बे में नगरपालिका होने के बावजूद भी स्वच्छता की धज्जियां उड़ रही है। प्रताप चौक बस स्टेण्ड पर सुविधाघर पिछले कई वर्षों से जीर्ण शीर्ण होने की वजह से दुकानदारों, यात्रियों सहित अन्य कस्बेवासियों को लघुशंका के लिए भटकना पडता है जबकि आसपास क्षेत्र के गांवों के लोग सीसवाली से बारां मांगरोल, कोटा, इटावा सहित अन्य शहरों की यात्रा करने के लिए बस स्टेण्ड पर बैठते है। वहीं कोटा, मांगरोल से आने वाली बसे भी सीसवाली प्रताप चौक बस स्टेण्ड पर रूकती है। जिससे यात्रियों को लघुशंका के लिए इधर-उधर भटकना पडता है। विशेषत महिला यात्रियों को सुविधा घर जीर्ण-शीर्ण होने से ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>स्कूल व आंगनबाडी के पास कचरे के ढेर, मृत पडे मवेशी</strong><br />सीसवाली कस्बे के भैरुपुरा बस्ती में सरकारी स्कूल व आंगनबाडी केन्द्र के पास कई दिनों से गन्दगी के ढेर लगे हुए है। वहीं सरकारी स्कूल के पास मृत जानवर पडे रहते है। जिससे बदबू आती रहती है। गन्दगी के ढेर होने से वहां पढने आने वाले विद्यार्थी खेल नही पाते है। कई बार भैरुपुरा बस्ती के लोगों ने नगरपालिका प्रशासन को अवगत करवाने के बावजूद भी सफाई कर्मचारी  बराबर सफाई नहीं करते है। जबकि भैरुपुरा नगरपालिका सीसवाली का वार्ड है।</p>
<p><strong>सब्जीमंडी में भी टॉयलेट जीर्ण-शीर्ण हालत में</strong><br />वहीं सीसवाली की सब्जीमंडी मं भी सुविधाघर जीर्ण-शीर्ण होने से सब्जी विके्रता व ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार श्रीराम बाजार गौल चबूतरा, पार्क के बालाजी के पास नाले में बने सुविधाघर को नगरपालिका द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। जिससे दुकानदारों व राहगीर खुले में लघुशंका करने में मजबूर है। कस्बेवासियों ने इन सुविधा घरों के नवनिर्माण के लिए नगरपालिका प्रशासन को कई बार अवगत करवा दिया गया है। मगर नगरपालिका प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। </p>
<p>भैरुपुरा बस्ती नगरपालिका सीसवाली का वार्ड है। मगर यहां पर कोई सफाई कर्मचारी सफाई करने नहीं आते है। जिससे जगह-जगह गन्दगी के ढेर लगे हुए है। वहीं नालियां जाम होने से पानी रास्ते से निकल रहा है। जिससे कीचड़ होने से निकलने में बडी परेशानी उठानी पड़ रही है। <br /><strong>- चन्द्रप्रकाश कहार, भैरुपुरा निवासी। </strong></p>
<p>प्रताप चौक बस स्टेण्ड पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने के दौरान सुविधा घर को भी ध्वस्त कर दिया गया था जिसके बाद प्रशासन ने अभी तक कोई सुविधा घर नही बनवाया है। जिससे यात्री व दुकानदार लघुशंका करने के लिए बडे परेशान होते है। <br /><strong>- प्रमोद नागर, कोषाध्यक्ष, व्यापार महासंघ, सीसवाली। </strong></p>
<p>नवनिर्माण सुविधा घरों के लिए नगरपालिका प्रशासन को कई बार अवगत करवा दिया गया है, मगर इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। <br /><strong>- प्रवीण चौरसिया, दुकानदार, सीसवाली।    </strong><br /> <br />भैरूपुरा बस्ती में चार सफाई कर्मचारी लगाए हुए है। अगर वहां पर सफाई नहीं हो रही है तो जमादार को अवगत करवाकर सफाई कर्मचारियों को पाबन्द कर नियमित सफाई करवाई जाएगी। <br /><strong>- महेश छंदक, सहायक प्रशासनिक अधिकारी, नगरपालिका सीसवाली। </strong></p>
<p>सुविधा घरों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। स्टीमेट बना रखे है। जैसे ही टेंडर होंगे।  उसके बाद बहुत जल्दी सुविधा घरों का निर्माण कार्य चालू कर दिया जाएगा। <br /><strong>- एम ईदरिस खान, चेयरमैन, नगरपालिका </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 18:21:59 +0530</pubDate>
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                <title>मोटर मार्केट का धणी धोरी कौन, उत्तर या दक्षिण निगम</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में दो-दो नगर निगम होने के बाद भी इस मार्केट में सफाई के मामले में कोई धणी धोरी नहीं दिख रहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/who-is-the-master-of-the-motor-market--north-or-south-corporation/article-95470"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer-(12).png" alt=""></a><br /><p>कोटा । तत्कालीन नगर विकास न्यास द्वारा करोड़ों  रुपए खर्च कर शहर के मोटर मैकेनिकों को स्थायी दुकानों के रूप में आधुनिक मोटर मार्केट तो बना कर दे दिया। लेकिन अब वहां सफाई कोई नहींकरवा रहा। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण एक दूसरे पर टाल रहे है। जिसका खामियाजा मार्केट में व्यवसाय कर रहे मोटर मैकेनिक और वहां आने वाले ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में एरोड्राम चौराहा स्थित मोटर मार्केट समेत अन्य स्थानों पर व्यवसाय कर रहे मैकेनिकों को पुनर्वास करने के लिए डीसीएम रोड पर मल्टीमेटल के सामने आधुनिक मोटर मार्केट बना कर दिया। हालांकि वर्तमान में यहां करीब दो सौ से अधिक दुकानों में व्यवसाय किया जा रहा है। जहाÞं मैकेनिक व मिस्त्री तो दिनभर रहते  है। जबकि अपने वाहन सही करवाने के लिए भी रोजना बड़ी संख्या में लोग आ रहे है। हालत यह है कि दुकानों में साफ-सफाई से रोजाना निकलने वाले पूरे मार्केट में जगह-जगह पर कचरे के ढेर लगे हुए है। जिससे वहां गंदगी और दुर्गंध के साथ ही मच्छर भी पनपने लगे हैं। नालियां जाम होने से बीमारियां फैलने लगी है। लेकिन शहर के बीच, मेन रोड पर और शहर में दो-दो नगर निगम होने के बाद भी इस मार्केट में सफाई के मामले में कोई धणी धोरी नहीं दिख रहा। </p>
<p><strong>सभी जगह की गुहार, नहीं हो रही सुनवाई</strong><br />मोटर मार्केट के कार्यवाहक अध्यक्ष मोहम्मद एजाज का कहना है कि न्यास ने मोटर मैकेनिकों के लिए अच्छी जगह बनाकर दी है। लेकिन यहां सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे दुकानदारों के अलावा यहां आने वाले लोगों को भी गंदगी का सामना करना पड़रहा है। इतना ही नहीं  गंदगी व कचरे से मोटर मार्केट की सुंदरता और छवि दोनों खराब हो रहे है। उन्होंने बताया कि मार्केट में सफाई के लिए कोटा विकास प्राधिकरण से लेकर नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण तक के अधिकारियों को लिखित में ज्ञापन दिए जा चुके है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। </p>
<p><strong>एक दूसरे पर टाल रहे </strong><br />मोटर मार्केट की साफ सफाई के संबंध में जब नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के अधिकारियों से जानकारी चाही तो वे दोनों एक दूसरे पर टालते रहे। नगर निगम कोटा उत्तर के स्वास्थ्य अधिकारी तनुज शर्मा का कहना है कि  मोटर मार्केट दक्षिण में होने से यहां की सफाई भी दक्षिण के अधिकार क्षेत्र में है।  वहीं कोटा दक्षिण की स्वास्थ्य अधिकारी रिचा गौतम का कहना है कि मोटर मार्केट कोटा उत्तर निगम क्षेत्र में होने से इसकी सफाई उत्तर निगम ही करवाएगा। हालांकि कोटा उत्तर आयुक्त अशोक त्यागी का भी कहना है कि यह कोटा दक्षिण निगम में आता है। </p>
<p><strong>सोसायटी बनाकर करवानी थी सफाई</strong><br />मोटर मार्केट के दौरान यह निर्णय किया गया था कि मार्केट के व्यापारी सोसायटी बनाकर यहां की साफ सफाईकी जिम्मेदारी लेकर अपने स्तर पर सफाई करवाएंगे। लेकिन अभी तक सोसायटी नहीं बनी है। वैसे शीघ्र ही इस संबंध में निर्णय किया जाएगा कि यहां की सफाई कौन करवाएगा। <br /><strong>- शैलेन्द्र जैन, एक्सईएन, कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 15:42:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मिठाइयों पर अधिकांश दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
                                    <description><![CDATA[एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/most-shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-83405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/mithaiyop-pr-adhikansh-dukandar-nhi-likh-rhi-expiry-date...kota-news-02-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने 2021 में एक पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए थे कि मिठाई की प्रत्येक दुकान पर एक्सपायरी डेट की पर्ची डिस्प्ले बोर्ड पर लगाई जाए। मिठाई निर्माण की तारीख और उस मिठाई की एक्सपायरी डेट प्रत्येक मिठाई की प्लेट के सामने ग्राहक को दिखना चाहिए, लेकिन शहर के कई मिठाई विक्रेता एफएसएसएआई के दिशा निदेर्शों को ही डकार गए और किसी भी मिठाई की दुकान में एफएसएसएआई की गाइडलाइन के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड पर मिठाई की एक्सपायरी डेट देखने को नहीं मिल रही है, जबकि गर्मी के दिनों में कई मिठाई एक दिन में ही खराब हो जाती हैं, उनका दूसरे दिन उपयोग नहीं किया जा सकता है। मिठाई विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों के साथ की जा रही धोखाधड़ी को रोकने की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है।  फूड एण्ड सेफ्टी विभाग अधिकारी साढे तीन साल  मिठाई विक्रेताओं को समझाइश ही कर रहे है। दिशा-निदेर्शों का पालन कराने और जुर्माना नहीं कर रहे है।  लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था।  बासी और खराब पर रोक के लिए बनाया था नियम: बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद  भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने इसे 1 अक्टूबर 2021 से लागू किया। तीन साल पहले लागू हुए  इस नियम की कोटा जिले में पालना होती नहीं दिखाई दे रही है। जबकि सरकार ने प्रदेश में भी सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस नियम की पालना कराने के निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर की ओर से जारी किए हैं। लेकिन पालना अभी भी नहीं हुई है।</p>
<p><strong>जुर्माने का प्रावधान फिर भी कार्रवाई नही</strong><br />एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम नहीं लिखे होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का है प्रावधान किसी दुकानदार द्वारा गलत तारीख लिखी है और उसकी शिकायत खाद्य विभाग में हो जाती है तो उस शिकायत के आधार पर दुकान जांच होगी। खाद्य पदार्थ के सैंपल का टेस्ट होगा। खुले रूप से बिकने वाली मिठाई की भीजांच की होती है। एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति एफएसएसएआई का उल्लंघन करने पर गंभीर मामला मानते हुए उस दुकानदार पर पांच लाख रुपए तक का  जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।  लेकिन शहर में अभी तक किसी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<p><strong>7 दिन उपयोग होने वाली मिठाई व ड्राई फ्रूट</strong><br />फूट लडडू, काजू कतली, घेवर, शक्कर पारा, गुड़ पारा, शाही लड्डू मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, बेदी लडू, काजू केसर बर्फी, काजू ब्रेक्स गुजिया, बादाम लोग, बालूशाही, बादाम बर्फी, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मेदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग, छोटा केसर घेवर, केसर चंद्रकला, काजू लड्डू, काजू रोज कतली। </p>
<p><strong>कौन सी मिठाई कितने दिन तक उपयोग करने योग्य</strong><br />4 दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई: मिल्क केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बफी, पिस्ता बफी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बफी, सफेद पेड़ा, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू के अतिरिक्त मोतीचूर मोदक, खोया बदाम, मेर्वा भाटी, फ्रूट केक खोया तिल, केसर कोकोनट लड्डू और मलाई घेवर आदि। एक दिन उपयोग में आने वाली मिठाई : कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद। दो दिन तक उपयोग वाली मिठाई:  दुग्ध उत्पादन व मिल्क बादाम रसगुल्ला, रस मालाई, रबाड़ी रसमालाई, शाही टोस्ट, राजभोग, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरमानी व हरी भोग, अनारकली, माधुरी, पाकोजा, रस कदम, रस काटा, सौर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड रबड़ी, गुड़ रसगुल्ला।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है। द बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>
<p><strong>शहर में दो सौ दुकानें</strong><br />एफएसएसआई को टर्नओवर और एक से अधिक दुकान जैसी कई श्रेणी बनाकर इस प्रकार के नियम लगाने चाहिए थे। शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है कैसे करेंगे नियमों की पालना।<br /><strong>- राजू अग्रवाल , मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 15:09:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Muhana Mandi : दूसरे चरण के आवंटी दुकानदारों ने व्यापार शुरू किया </title>
                                    <description><![CDATA[पिंक सिटी फल सब्जी व्यापार सेवा समिति के अध्यक्ष निर्मल सैनी ने व्यापारियों का फूल माला पहना कर स्वागत किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/muhana-mandi-second-phase-allotted-shopkeepers-started-business%C2%A0/article-79546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मंडी प्रशासन की हिदायत के बाद सोमवार को दुसरे चरण के आवंटियों ने व्यापार शुरू कर दिया है। पिंक सिटी फल सब्जी व्यापार सेवा समिति के अध्यक्ष निर्मल सैनी ने व्यापारियों का फूल माला पहना कर स्वागत किया।</p>
<p>निर्मल सैनी ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि यहां डोम जल्द बनेगा। सड़कों की हालात सुधरेगी। मंडी प्रशासन विकास के साथ है। अनाधिकृत व्यापारियों का मंडी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 May 2024 16:10:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली की आंख मिचौली से आमजन बेहाल, विद्युत विभाग मौन</title>
                                    <description><![CDATA[भीषण गर्मी में हो रही कटौती के कारण आमजन के साथ साथ दुकानदारों का भी बुरा हाल हो रहा है। लाइट जाते ही दुकानों पर बिजली से जुडे सभी कार्य बंद हो जाते है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/common-people-are-distressed-due-to-electricity-interference--electricity-department-is-silent/article-77949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। भीषण गर्मी के इस दौर में इन्द्रगढ़ शहर में बिजली की आंखमिचौली से क्षेत्रवासी परेशान है। भीषण गर्मी के चलते जहां लोग सुकून के पल तलाश रहे है वही विद्युत विभाग लोगों का सुकून छिनने पर आमादा हो रहा है। शहर में जैसे जैसे तापमान बढ़ रहा है वैसे वैसे ही बिजली गुल होना आम बात हो रही है। इन्द्रगढ़ शहर में पिछले दस बारह दिनों से बिजली की आंख मिचौली चल रही है। कभी रख रखाव की बता कर बिजली काटी जा रही है तो कभी अनायास ही बिजली काट दी जाती है। जिससे आमजन भीषण गर्मी में बेहाल होता नजर आ रहा है। बिजली जाने का आलम ये है कि सुबह जल आपूर्ति आने का समय होता है और लोग पानी भरने के लिए मोटरें चलाते है और थोडी देर में ही बिजली चली जाती है। जिस कारण कई जगह तो लोग अपने पीने का पानी ही नही भर पाते है। पानी नही होने के कारण कूलर भी नाकारा साबित हो रहे है। इस तरह विद्युत विभाग द्वारा अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी में हो रही कटौती के कारण आमजन के साथ साथ दुकानदारों का भी बुरा हाल हो रहा है। लाइट जाते ही दुकानों पर बिजली से जुडे सभी कार्य बंद हो जाते है। </p>
<p><strong>क्षेत्रवासी क्या बोले</strong><br />शहरवासी अंकिश तिवारी ने कहा कि  एक तो गर्मी का सितम और ऊपर से विद्युत विभाग की अनदेखी के चलते ये हालात देखने पड़ रहे है ना घर पर टिका जा रहा है और ना ही बाहर निकल सकते है। अगर कटौती होनी है तो उसका समय निर्धारित कर दिया जाए तो आमजन को भी ध्यान रहे परंतु इस अघोषित कटौती ने इस गर्मी में लोगों का जीना दूभर कर रखा है। कल्याण सिंह का कहना है कि भीषण गर्मी से वैसे ही हाल बेहाल है। ऐसे में अचानक बिजली की आंख मिचौली से खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली विभाग को निर्धारित समय पर ही बिजली कटौती करनी चाहिए।  सत्यनारायण सिंह, रवि दीक्षित ने बताया कि अघोषित बिजली कटौती से बिजली आधारित व्यापार भी चौपट हो रहा है। बिजली बंद रहने से रेफ्रिजरेटर बंद रहने से आइसक्रीम, दूध आदि खराब हो जाता है। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br /> बिजली की सप्लाई वैसे तो कहीं बाधित नही हो रही है परंतु जानकारी में आया है कि मुख्य बाजार की बिजली बार बार गुल हो रही है तो इस फॉल्ट को चैक करवाएंगे।<br /><strong>-शैलेन्द्र गुप्ता, सहायक अभियंता इन्द्रगढ़।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 17:12:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लो हो गया पशु मेले के अध्याय का अंत </title>
                                    <description><![CDATA[निगम अधिकारियों का कहना है कि दशहरा मेले से पशु मेला पूरी तरह से समाप्त हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-chapter-of-cattle-fair-has-come-to-an-end/article-60620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/lo-ho-gya-pashu-mele-k-adhyay-ka-ant...kota-news-27-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से आयोजित होने वाले राष्ट्रीय दशहरा मेले के दौरान पिछले कई सालों से पशु मेला लगता आ रहा था। लेकिन अब वह पूरी तरह से खत्म हो गया है। अब पशु मेले में स्थानीय और बाहर से पशु तो नहीं आ रहे हैं लेकिन पशुओं से संबंधित सामान बेचने वाले दुकानदार जरूर आ रहे हैं। दशहरा मेले के साथ ही पशु मेला भी लगता था। जिसके लिए पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्थित दशहरा मैदान का एक हिस्सा पशु मेला स्थल के नाम से ही जाना जाता है। यहां पशु मेलो लगने के दौरान पूरे मैदान में पशु ही पशु नजर आते थे। गाय, भैंस, बैल, बछड़ी से लेकर सभी तरह के पशु आते थे। पशु पालक भी यहां अस्थायी डेरा डालकर कई दिन तक मेला समाप्त होने के बाद भी पड़े रहते थे। नगर निगम की ओर से भी उनकी रवन्ना पर्ची काटी जाती थी। हालाकि वह बहुत न्यूनतम होती थी। लेकिन निगम को उससी आय होती थी। जबकि पिछले कई सालों से पशु मेला धीरे-धीरे समाप्त होता गया।  पशु मेले में कुछ समय पहले बाहर से पशु आना बंद हुए। उसके बाद स्थानीय पशु भी नहीं आ रहे। जिससे यह मेला पूरी तरह से खत्म हो गया है। </p>
<p><strong>बकरा मंडी की जगह और बंधा में लगाया</strong><br />पुराने पशु मेला स्थल से पशु मेला हटने के बाद निगम की ओर से एक बार सीएडी रोड स्थित बकरा मंडी की जगह पर पशु मेला लगाया गया था। जिसके लिए निगम की ओर से यहां पूरी व्यवस्थाएं की थी। लेकिन उस समय यहां गिनती के ही पशु आए थे। उसके बाद यहां से पशु मेले को बंधा धर्मपुरा रोड स्थित हाइवे पर लगाने का प्रयास किया लेकिन वह दशहरा मेले से दूर होने के कारण वहां भी न तो पशु पालक आए और न ही खरीदार। जिससे वहां भी पशु मेला नहीं भर सका। उसके बाद बंधा धर्मपुरा स्थित देव नारायण योजना में पशु मेला लगाने का प्रयास किया गया लेकिन वहां भी यह मेला नहीं लग सका। जिससे अब यह पूरी तरह से खत्म हो गया है। </p>
<p><strong>गत वर्ष लम्पी बना था बाधक</strong><br />नगर निगम की मेला समिति में गत वर्ष पशु मेला लगाने पर चर्चा हुई थी। लेकिन पिछले साल पशुओं में लम्पी रोग काफी अधिक संख्या में फेल रहा था। जिससे रा’य सरकार ने ही पशुओं के एक जगह से दूसरी जगह पर जाने और पशु मेले आयोजित करने पर रोक लगा दी थी। जिससे कोटा में भी पिछले साल पशु मेला नहीं लग सका था। इस बार मेला समिति का दखल समाप्त होने से इस बारे में किसी ने चर्चा ही नहीं की। </p>
<p><strong>मैदान में पशु नहीं लेकिन दुकानदार आए</strong><br />पशु मेला स्भल पर भले ही पशु बिकने के लिए नहीं आए हों वरन् पशुओं से संबंधित सामान बेचने वाली दुकानें जरूर लगी हैं। मेले में कोटा के इटावा समेत अन्य स्थानों से करीब एक दर्जन दुकानें आई हैं। जिनमें जानवरों के गले में बंधने वाली घंटी, जेवड़ा, दराती और पशुओं को सजाने के काम आने वाले अन्य सामान भी बिकने आए हैं। इटावा से आए दुकानदार गणेशलाल ने बताया कि वे बरसों से यहां मेले में पशुओं के सामान बेचने आरहे हैं। पहले यहां पशु मेला लगता था उस समय ये सामान अधिक बिकते थे। दूर दराज से लोग पशुओं के साथ ही उनसे संबंधित सामान खरीदते थे। अब भी यह सामान बिकता है लेकिन  कम बिकता है। जानवर पालने वालों में कमी नहीं आई है। जिन्हें जरूरत होती है वह तो ये सामान लेने आते ही हैं। हालाकि पहले से इन सामानों की बिक्री पर फर्क पड़ा है। यही कारण है कि जितने दुकानदार हैं उनमें से अधिकतर तो दिन भर खाली ही बैठे रहते हैं।  <br />इधर निगम अधिकारियों का कहना है कि दशहरा मेले से पशु मेला पूरी तरह से समाप्त हो गया है। जबकि पहले इसके लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यटी लगती थी। पशु पालकों की पर्ची कटती थी। अब यह सब बंद हो गया है। वहीं नगर निगम कोटा दक्षिण के उप महापौर पवन मीणा ने बताया कि देव नारायण योजना बनने के बाद अधिकतर पशु पालक वहां शिफ्ट हो गए हैं। ऐसे में पिछले साल देव नारायण योजना में पशु मेला लगवाने का प्रयास किया था। लेकिन लम्पी रोग के चलते वहां पशु मेला नहीं लग सका था। इस बार तो वह लगा ही नहीं जिससे अब तो यह पूरी तरह से समाप्त हो गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Oct 2023 17:06:30 +0530</pubDate>
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