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                <title>selling - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अब चोरी छिपे सोशल मीडिया पर बेच रहे चायनीज मांझा</title>
                                    <description><![CDATA[खुद के घर की जगह रिश्तेदार व पड़ौसी के घर पर रख रहे मांझे के रोल।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-they-are-selling-chinese-manjha-secretly-on-social-media/article-98436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(2)33.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मकर संक्रांति पर उड़ने वाली पतंगों में चायनीज मांझे का उपयोग रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई के डर से अब दुकानदार चोरी छिपे और सोशल मीडिया के जरिये चायनीज मांझा बेच रहे है। साथ ही खुद की दुकान व घर पर यह मांझा नहीं रखकर रिश्तेदार या पड़ौसी के घर पर रख रहे है। निगम की फायर टीम ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए 7 चकरी चायनीज मांझा जब्त किया है। मकर संक्रांति 14 जनवरी व उससे पहले शहर में बड़ी संख्या में पतंगे उड़ाई जाएंगी। उन पतंगों में पहले जहां सद्दा या देसी मांझा काम में लिया जाता था। उसके स्थान पर अब चायनीज मांझे का अधिक उपयोग किया जा रहा है। जबकि यह मांझा धारदार होने से अधिक घातक है। खास तौर से पतंग उड़ाने वालों के हाथों को तो नुकसान पहुंचा ही रहा है। साथ ही राह चलते वाहन चालकों और आसमान में उड़ने वाले पक्षियों के जानलेवा तक साबित हो रहा है। ऐसे में इसका उपयोग बंद करने के लिए जिला प्रशासन व नगर निगम के फायर अनुभाग की टीमें कई दिन से कार्रवाई कर रही है। पहले जहां पतंग वाले दुकानदार खुले आम दुकानों पर चायनीज मांझा बेचते थे।वहीं अब कार्रवाई के डर से चोरी छिपे और सोशल मीडिया के माध्यम से बेचने लगे हैं।</p>
<p><strong>प्लास्टिक का होने से जलता नहीं पिघलता है</strong><br />सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि चायनीज मांझे का पता लगाने के लिए उसेजलाने पर वह जलता नहीं है। वह प्लास्टिक का होने से वह पिघलकर गुच्छे के रूप में बन जाता है। जबकि देसी मांझा धागे का होने से वहजल जाता है। साथ ही देसी मांझे की तुलना में चायनीज मांझा अधिक धार वाला होने से पतंग काटने में अधिक कारगर होने से इसका उपयोग किया  जा रहा है। जबकि यह पतंग से अधिक लोगों व पक्षियों के लिए घातक है। </p>
<p><strong>इंस्ट्राग्राम पर मोबाइल नम्बर से कर रहे सम्पर्क</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश  व्यास ने बताया कि चायनीज मांझा बेचने वाले इतने होशियार हैं कि दुकानों पर कार्रवाई होने से अब वे इंस्ट्राग्राम का सहारा लेने लगे है। कई दुकानदार चायनीज मांझे के लिए इंस्ट्राग्राम पर मोबाइल नम्बर देकर सम्पर्क करने के लिए कह रहे है। वह भी खुदरा में नहीं होलसेल में। व्यास ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले नांता क्षेत्र में जो कार्रवाई की। उसकी जानकारी इंस्ट्राग्राम से ही मिली। वहीं से नम्बर लिए और ग्राहक बनकर बात की। जिससे जानकारी पुख्ता होने पर एक साथ 60 चकरी चायनीज मांझा जब्त किया गया था। व्यास ने बताया कि चायनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई लगातार की जा रही है और आने वाले दिनों में भी की जाएगी।</p>
<p><strong>कार्रवाई के दौरान हुआ विवाद</strong><br />इधर शनिवार को एएफओ सीता चौपदार के नेतृत्व में फायर टीम ने डडवाड़ा, पटरी पार व बोरखेड़ा क्षेत्र में चायनीज मांझे की जांच की। इस दौरान 3 दुकानों से 7 चकरी मांझा जब्त किया गया। लेकिन डडवाड़ा क्षेत्र में कई दुकानदार व स्थानीय लोग कार्रवाई का विरोध करने लगे और विवाद किया। दुकानदारों का कहना था कि जिस मांझे को जब्त किया जा रहा है वह देसी है चायनीज नहीं। जबकि जब्त मांझे को सब्जीमंडी स्थित फायर स्टेशन पर लाकर जलाकर नष्ट किया गया।</p>
<p><strong>दूसरों के घरों पर रख रहे</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर की सहायक अग् िनशमन अधिकारी सीता चौपदार ने बताया कि चायनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई के लिएनिगम कीटीम पतंग वालों की दुकान पर जांच कर रहीहै। उनके गोदाम की जांच कर रही है। लेकिन अब दुकानदार एक कदम आगे बढ़कर न तो खुद की दुकान पर और न ही खुद के घर पर मांझा रख रहे है। वरन् पड़ौसी और रिश्रेदारों के यहां छिपाकर रख रहे है। जिससे बिना कारण उनके घर कार्रवाई नहीं की जा सकती। चौपदार ने बताया कि जब एक दुकान पर कारर्रवाई कर मांझा जब्त किया और उससे पूछा कि वह कहां से लाया है। उसने  जिसके बारे में दी उसके यहां दो से तीन बार जांच कर ली लेकिन वहां दुकान व गोदाम पर कुछ नहीं मिला। जबकि सूत्रों का कहना है कि उसके द्वारा रिश्तेदारों व पड़ौसी केयहां से मांझा बेचा जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 17:30:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नाबालिग बालिकाओं की खरीद फरोख्त के मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[ बिहार एवं अन्य राज्यों से नाबालिग बालिकाओं को 20-30 हजार रुपए में खरीदकर कोटा लाते और दो-ढाई लाख रुपये में बेच देते थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/one-more-accused-arrested-in-the-case-of-buying-and-selling-minor-girls/article-81946"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(10)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। उद्योग नगर पुलिस ने बिहार एवं अन्य राज्यों की नाबालिग बालिकाओं को बेचने के आरोप में फरार चल रहे एक और आरोपी को गया (बिहार) से गिरफ्तार किया। आरोपी त्रिलोकचन्द को कोर्ट में पेश किया वहां से न्यायालय ने पूछताछ के लिए पांच दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। आरोपी त्रिलोकचन्द मालपानी (66) मूलत:  छीपाबड़ौद(बारां) का निवासी है। पुलिस ने उद्योग नगर क्षेत्र के प्रेम नगर अफोर्डेबल योजना से बालिकाओं की खरीद फरोख्त के बारे में उससे पूछताछ की उसमें सामने आया कि आरोपी बिहार एवं अन्य राज्यों से नाबालिग बालिकाओं को बीस-तीस हजार रुपए में खरीदकर कोटा लेकर आते और दो-ढाई लाख रुपये में बेच देते थे। कोटा व अन्य जिलों में नाबालिग बालिकाओं की शादी कर देते हैं। इस मामले में पुलिस अब तक इस मामले 4 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा चुकी है। <br />      <br />पुलिस अधीक्षक  डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि 15 जून 2024 को बाल कल्याण समिति कोटा  ने  ई-मेल भेजा था। जिसमें बताया कि उनके पास आई नाबालिग बालिकाओं ने काउंसलिंग से जानकारी दी कि उद्योग नगर थाना क्षेत्र में बिहार व अन्य राज्यों से नाबालिग बालिकाओं को खरीद कर लाया जा रहा है और उन्हें अच्छे दामों में कोटा व अन्य जिलों में शादी के नाम से बेचा जा रहा है। इस शिकायत पर उद्योग नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पूर्व में इस मामले नाबालिग बालिकाओं  की खरीद फरोख्त के गिरोह का पदार्फाश करते हुए आरोपी दीपिका, गीता सिंह, देवकी नन्दन व सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। इस मामले में शामिल आरोपी त्रिलोकचन्द मालपानी फरार था। 14 जून को आरोपी त्रिलोकचन्द मालपानी जो फिलहाल प्रेम नगर अफोर्डेबल योजना कोटा में रह रहा था को बिहार से गिरफ्तार करके कोटा लाए।  </p>
<p>डिप्टी एसपी योगेश शर्मा ने बताया कि आरोपी मालपानी दीपिका के साथ मिलकर बालिकाओं को लाता था। वह पूर्व में मैरिज ब्यूरो चलाता था।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Jun 2024 16:14:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर पश्चिम रेलवे ने कबाड़ बेचकर कमाए 140.52 करोड़ रूपये</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में नवम्बर माह तक अनुपयोगी तथा व्यर्थ पड़े कबाड (स्क्रैप) को बेचकर 140.52 करोड़ रूपये की आय का अर्जन किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/north-western-railway-earned-rs-14052-crore-by-selling-scrap/article-31530"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/panchang-1627914704.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रेलवे की ओर से रेल परिसरों में अनुपयोगी तथा व्यर्थ पडे कबाड़ (स्क्रैप) के निस्तारण करने के लिये अनेक कार्य किए जा रहे है। जिससे इनके हटने से सुरक्षा में वृद्धि होने के साथ-साथ परिसरों में स्वच्छता को भी सुनिश्चित किया जा सकें। कबाड़ निस्तारण के लिये भंडार विभाग मिशन जीरो स्क्रैप अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, रेलखण्ड, डिपो, वर्कशॉप, शेड, तथा रेलवे परिसरों को कबाड़ मुक्त करने के लिये विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महाप्रबंधक विजय शर्मा के दिशा-निर्देशों तथा प्रयासों से उत्तर पश्चिम रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में नवम्बर माह तक अनुपयोगी तथा व्यर्थ पड़े कबाड (स्क्रैप) को बेचकर 140.52 करोड़ रूपये की आय का अर्जन किया है।</p>
<p>उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार भण्डार विभाग की ओर से स्टेशनों, रेल परिसरों, फील्ड यूनिट्स से पुराने कबाड़ को हटाने तथा बेचने के लिए अभियान के तहत कार्य किया जा रहा है। भण्डार विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष में नवम्बर माह तक उत्तर पश्चिम रेलवे पर 140.52 करोड़ रूपये के कबाड (स्क्रैप) का निस्तारण कर राजस्व प्राप्त किया जाकि गत वर्ष की इसी अवधि के 125 करोड़ की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। उत्तर पश्चिम रेलवे को इस वर्ष कबाड (स्क्रैप) निस्तारण से 192 करोड़ रूपये की आय अर्जित करने का लक्ष्य प्रदान किया गया है। रेलवे द्वारा स्क्रैप में अनुपयोगी रेल, रेल पथ सामग्री, अनुपयोगी वैगन, कोच और लौह स्क्रैप सम्मिलित है। रेलवे द्वारा आईआरपीएस पोर्टल की ई-नीलामी के माध्यम से स्क्रैप की बिक्री से होने वाली आय का उपयोग बुनियादी ढ़ांचे के विकास में किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Dec 2022 15:36:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर वर्ष 40 हजार मकानों की खरीद बिक्री  </title>
                                    <description><![CDATA[ कोरोना काल के बाद एक बार फिर से यह उद्योग पनपने लगा है। हर व्यक्ति व परिवार को मकान की जरूरत है। सरकार भी हर परिवार को छत मुहैया करवा रही है। ऐसे में जैसे ही कोरोना संक्रमण का खतरा कम हुआ वैसे ही लोग फिर से अपने मकान के सपने को साकार करने में जुट गए। रियल एस्टेट कारोबारी व बिल्डर्स को भी काम मिल गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sale-and-purchase-of-40-thousand-houses-every-year/article-30719"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/har-varsh-40-hazar-makano-ki-khareed-bikri...kota-news-..25.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोरोना काल  में दो साल तक रियल एस्टेट एक तरह से ठप सा हो गया था। लेकिन दो साल बाद एक बार फिर से इसमें बूम आया है।  जरूरतमंद लोगों द्वारा मकान बनाने और मकान की रजिस्ट्री  करवाई जा रही है। जिससे इसमें भी काफी वृद्धि हुई है। कोटा में रीयल एस्टेट का कारोबार काफी बेहतर रहा है। यहां एक के बाद एक लगातार बहुमंजिला इमारतों का निर्माण हो रहा है। जिनमें आवासीय से लेकर व्यवसायिक तक शामिल हैं। नगर विकास न्यास द्वारा तो आवासीय कॉलोनियां विकसित की ही जा रही हैं। उसके अलावा भी बिल्डर्स  व रियल एस्टेट के बड़े कारोबारी भी नई-नई प्लानिंग बना रहे हैं।  जिससे कोटा में मकानों व जमीनों की कीमतों में भी काफी उछाल आया है। कोटा में तेजी से बढ़ रहे रियल एस्टेट पर कोरोना काल में दो साल तक रोक सी लग गई थी। हालांकि इस दौरान हर व्यवसाय प्रभावित हुआ था। लेकिन कोरोना काल के बाद एक बार फिर से यह उद्योग पनपने लगा है। हर व्यक्ति व परिवार को मकान की जरूरत है। सरकार भी हर परिवार को छत मुहैया करवा रही है। ऐसे में जैसे ही कोरोना संक्रमण का खतरा कम हुआ वैसे ही लोग फिर से अपने मकान के सपने को साकार करने में जुट गए। रियल एस्टेट कारोबारी व बिल्डर्स को भी काम मिल गया है। दीपावली के पहले से ही इस कारोबार में वृद्धि होना शुरू हो गई थी जो उसके  एक महीने बाद तक जारी है। </p>
<p><strong>कोटा में हर साल बिक रहे करीब 40 हजार से अधिक मकान </strong><br />कोटा के दोनों रजिस्ट्रार कार्यालयों का वित्तीय वर्ष 2022-23 का लक्ष्य 226 करोड़ 44 लाख रुपए है। जिसमें से वित्तीय वर्ष के 7 माह में ही कार्यालय ने 191 करोड़ 15 लाख का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। करीब दो सौ करोड़ रुपए की आय अभी तक रजिस्ट्रार कार्यालय मकानों की रजिस्ट्री से कर चुका है। जानकारों के अनुसार वैसे तो रजिस्ट्री डीएलसी दर व प्रोपर्टी की कीमत के हिसाब से होती है। लेकिन यदि एक मकान की औसत रजिस्ट्री करीब 50 हजार रुपए भी आंकी जाए तो दो सौ करोड़  के हिसाब से कोटा में हर साल करीब 40 हजार से अधिक मकानों की खरीद फरोख्त हो  चुकी है।  महीने का आंकलन किया जाए तो हर महीने करीब 3 से 4 हजार मकान बिक रहे हैं। जबकि अभी तो वित्त वर्ष के 5 महीने शेष हैं। </p>
<p><strong>रजिस्ट्रार कार्यालय में लक्ष्य से अधिक आय</strong><br />मकान बनाने वाले हर व्यक्ति को उसकी रजिस्ट्री करवाना आवश्यक होता है। रजिस्ट्री प्रोपर्टी की कीमत के हिसाब से होती है। कोटा में दो उप रजिस्ट्रार कार्यालय हैं। जिनमें पिछले तीन साल के रिकॉर्ड का आंकलन करने पर पता चला कि  रजिस्ट्री का जो विभाग का लक्ष्य था उससे काफी अधिक आय हो चुकी है। रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 में जहां उप रजिस्ट्रार प्रथम का लक्ष्य 91 करोड़ 6 लाख रुपए था वहीं आय 59 करोड़ 85 लाख रुपए हुई थी। यानि लक्ष्य का करीब 65 फीसदी आय हुई थी। वहीं उप रजिस्ट्रार कार्यालय द्वितीय का इसी अवधि का लक्ष्य 120 करोड़ 7 लाख रुपए था जबकि आय 70 करोड़ 9 लाख रुपए यानि करीब 58.38 फीसदी ही लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में उप रजिस्ट्रार कार्यालय प्रथम का लक्ष्य 88 करोड़ 11 लाख रुपए था जिसकी एवज में आय हुई 92 करोड़ 56 लाख यानि 105.5 फीसदी। वहीं उप रजिस्ट्रार कार्यालय द्वितीय में इसी अवधि का लक्ष्य था 96 करोड़ 47 लाख और आय हुई थी 102 करोड़ 97 लाख यानि 106.73 फीसदी। </p>
<p><strong>यहां 7 माह में ही लक्ष्य से काफी अधिक</strong><br />रियल एस्टेट कारोबार में बूम का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले वर्षों की तुलना में वर्तमान वित्त वर्ष 2022-23 में उप रजिस्ट्रार कार्यालय प्रथम का लक्ष्य 108 करोड़ 10 लाख रुपए है। जबकि अप्रेल से अक्टूबर तक के 7 माह में इस कार्यालय में लक्ष्य से काफी अधिक 113 करोड़ 45 लाख रुपए की रजिस्ट्री कर 104.95 फीसदी आय प्राप्त कर ली है। हालांकि उप रजिस्ट्रार कार्यालय द्वितीय का इसी अवधि का लक्ष्य 118 करोड़ 54 लाख रुपए है। उसकी एवज में अभी तक 77 करोड़ 70 लाख रुपए यानि 65.66 फीसदी लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। अभी तो वित्त वर्ष को पूरा होने में 5 माह का समय शेष है। </p>
<p><strong>बिल्डर्स समूहों में भी उत्साह</strong><br />कोरोना काल के दो साल बाद रियल एस्टेट में आए बूम से बिल्डर्स समूहों में भी उत्साह है। उनमें भी कारोबार बढ़ने से एक बार फिर से काम करने की उम्मीद जगी है। जबकि कोरोना काल के दो साल तक अधिकतर लोग द्वारा प्रोपर्टी खरीेदना बेचना बंद कर दिया था। नए मकान बनना बंद से हो गए थे। जिससे बिल्डर्स में भी निराशा सी छा गई थी।</p>
<p>कोरोना काल के बाद रियल एस्टेट में वृद्धि हुई है। हर व्यक्ति अपने घर के सपने को साकार करना चाहता है। इस कारण से लोग मकान खरीदना व बनाना चाह रहे हैं। लोगों के साथ ही बिल्डर्स में भी फिर से काम करने की उम्मीद जगी है। <br /><strong>-आई.एल. सैनी, निदेशक, सुमंगलम् ग्रुप </strong></p>
<p>कोरोना काल के बाद लोगों में एक बार फिर से प्रोपर्टी खरीदने के प्रति रूझान बढ़ा है। हालांकि अधिकतर जरूरतमंद लोग ही प्रोपर्टी खरीद व बेच रहे हैं। दीपावली के समय में लोगों ने प्रोपर्टी व्यवसाय में इनवेस्ट किया है। जिससे इसमें पिछले सालों की तुलना में उछाल आया है। <br /><strong>-सुशील जैन, निदेशक, ओरियंट बिल्डर्स </strong></p>
<p>कोरोना काल के दो साल बाद एक बार फिर से  रीयल एस्टेट कारोबार में वृद्धि हुई है। पहले जहां लोग इनवेस्ट के हिसाब से प्रोपर्टी खरीद कर रख रहे थे। वहीं अब लोग जरूरत के हिसाब से ही प्रोपर्टी में इनवेस्ट कर रहे हैं। प्रोपर्टी खरीदने के बाद उसकी रजिस्ट्री भी करवा रहे हैं। जिससे पिछले सालों की तुलना में इस साल में इस कारोबार में उत्साह है। <br /><strong>-अभिषेक गुप्ता, निदेशक, आकांक्षा दीप हाइट्स </strong></p>
<p>कोरोना काल में सब कुछ ठप सा हो गया था। दो साल तक तो लोगों ने न तो कोई प्रोपर्टी खरीदी और न ही बेची। जिससे रजिस्ट्री भी बहुत कम हुई थी। कोरोना काल के वित्त वर्ष 2020-21 में रजिस्ट्रार कार्यालय का लक्ष्य  पूरा नहीं हो पाया  था। जबकि उसके बाद दो साल से वित्त वर्ष 2021-22 व 2022-23 में आय से काफी अधिक लक्ष्य प्राप्त हो चुका है। जबकि अभी 5 माह का समय शेष है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रीयल एस्टेट बढ़ा है और लोग  प्रोपर्टी खरीद रहे हैं तभी तो उसकी रजिस्ट्री करवाने आ रहे हैं। <br /><strong>-बाल कृष्ण तिवारी, उप महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Nov 2022 15:30:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स हरा, छोटी और मझौली कंपनियों में बिकवाली से शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sensex-green-the-stock-markets-growth-slowed-down-due-to-selling-in-small-and-medium-companies/article-12679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sensex5.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। <br /><br />बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 237.42 अंकों की तेजी के साथ 51597.84 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 56.65 अंकों की बढ़त के साथ 15350.15 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों में लिवाली से जहां सेंसेक्स को बढ़त हासिल करने में मदद मिली वहीं छोटी और मझौली कंपनियों में जमकर बिकवाली की गयी जिससे बीएसई का मिडकैप 1.95 प्रतिशत उतरकर 20999.37 अंक पर और स्मॉलकैप 2.95 प्रतिशत गिरकर 23422.16 अंक पर रहा। <br /><br />बीएसई में कुल मिलाकर 3578 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2725 को नुकसान हुआ जबकि 689 बढ़त हासिल करने में सफल रही। इस दौरान 164 कंपनियां उतार चढ़ाव के बीच स्थिर रही।<br /><br />बीएसई में शामिल अधिकांश समूह लाल निशान में दिखे जिसमें धातु में सबसे अधिक 4.46 प्रतिशत की गिरावट रही। इसी तरह से तेल एवं गैस में 3.48 प्रतिशत, एनर्जी में 3.26 प्रतिशत, बेसिक मटेरियल्स में 2.30 प्रतिशत और कैपिटल गुड्स में 2.14 प्रतिशत की गिरावट रही। बीएसई में शामिल मात्र चार समूह ही बढ़त में रहा जिससे सेंसेक्स हरे निशान में रहा। इसमें एफएमसीजी 1.21 प्रतिशत, वित्त 0.32 प्रतिशत, सीडी 0.41 प्रतिशत और हेल्थकेयर 0.17 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />वैश्विक स्तर पर यूरोपीय बाजार में तेजी रही जबकि एशियाई बाजार मिश्रित रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.99 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 0.31 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.42 प्रतिशत की बढ़त में रहा। इस दौरान जापान का निक्केई 0.74 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.04 प्रतिशत उतर गया। <br /><br />बीएसई का सेंसेक्स 110 अंकों की तेजी के साथ 51470.03 अंक पर खुला। शुरूआती कारोबार में ही सेंसेक्स ने बढ़क को गंवाकर 51062.93 अंक के निचले स्तर तक उतरा लेकिन इसके बाद फिर से लिवाली शुरू हुयी। उतार चढ़ाव के बीच सत्र के अंतिम समय में यह लिवाली के बल पर 51714.61 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने में सफल रहा। अंत में यह पिछले दिवस के 51360.42 अंक की तुलना में 237.42 अंक अर्थात 0.46 प्रतिशत बढ़कर 51597.84 अंक पर रहा। <br /><br />एनएसई का निफ्टी 41अंकों की बढ़त के साथ 15334.50 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 15191.10 अंक के निचले स्तर तक टूटा लेकिन लिवाली के बल पर यह 15382.50 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंत में यह पिछले दिवस के 15293.50 अंक की तुलना में 0.37 प्रतिशत अर्थात 56.65 अंक बढ़कर 15350.15 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल 50 कंपनियों में से 27 हरे निशान में और 23 लाल निशान में रही। <br /><br />सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 17 हरे निशान में और 13 लाल निशान में रही। बढ़त में रहने वालों में एचडीएफसी 3.97 प्रतिशत, हिन्दुस्तान यूनिलवर 3.95 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 2.96 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.96 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 2.47 प्रतिशत, विप्रो 2.30 प्रतिशत, इंफोसिस 1.95 प्रतिशत, नेस्ले इंडिया 1.68 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.47 प्रतिशत, सन फार्मा 1.44 प्रतिशत, टाइटन 1.40 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.82 प्रतिशत, टीसीएस 0.78, कोटक बैंक 0.27प्रतिशत, डॉ रेड्डीज 0.23 प्रतिशत, आईटीसी 0.23 प्रतिशत और एचसीएलटेक 0.11 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />गिरावट में रहने वालों में टाटा स्टील 5.03 प्रतिशत, इंड्सइंड बैंक 2.92 प्रतिशत, एनटीपीसी 2.17 प्रतिशत, रिलायंस 1.80 प्रतिशत, पावरग्रिड 1.56प्रतिशत, महिंद्रा 1.54प्रतिशत, स्टेट बैंक 1.53 प्रतिशत, एल टी 1.23 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 1.20 प्रतिशत , मारूति 0.40 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 0.39 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 0.38 प्रतिशत और एयरटेल 0.36 प्रतिशत शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 19:10:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गैस और एनर्जी जैसे समूहों में बिकवाली, छठें दिन भी शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 135 अंक और निफ्टी 67 अंक उतरा</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। वैश्विक स्तर से मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर तेल एवं गैस और एनर्जी जैसे समूहों में हुयी बिकवाली के कारण शेयर बाजार आज लगातार छठवें दिन भी गिरावट में ही रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/selling-in-groups-like-gas-and-energy--the-stock-market-fell-for-the-sixth-day--sensex-down-135-points-and-nifty-67-points/article-12492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sensex11.jpg" alt=""></a><br /><p><br />मुंबई। वैश्विक स्तर से मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर तेल एवं गैस और एनर्जी जैसे समूहों में हुईं बिकवाली के कारण शेयर बाजार शुक्रवार को भी लगातार छठवें दिन गिरावट में ही रहा। इस दौरान सेंसेक्स 135 अंक और निफ्टी 67 अंक उतर गया। <br /><br />बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 135.37 अंक टूटकर 51360.42 अक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 67.10 अंक गिरकर 15293.50 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों की तुलना में मझौली और छोटी कंपनियों में अधिक बिकवाली देखी गयी जिससे बीएसई मिडकैप 0.68 प्रतिशत उतरकर 21295.93 अंक पर और स्मॉलकैप 0.88 प्रतिशत फिसलकर 24133.88 अंक पर रहा। बीएसई में शामिल समूहों में से अधिकांश लाल निशान रहा। इसमें तेल एवं गैस में सबसे अधिक 3.07 प्रतिशत और एनर्जी में 1.86 प्रतिशत की गिरावट रही। बढ़त में रहने वालों में रियलटी, बैंकिंग, वित्त और सीडी शामिल रहा। बीएसई में कुल 3421 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2252 लाल निशान में और 1076 हरे निशान में रही जबकि 93 में कोई बदलाव नहीं हुआ। <br /><br />अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटेन का एफटीएसई 0.89 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 1.23 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 1.10 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.96 प्रतिशत की बढ़त में रहा जबकि जापान का निक्केई 1.77 प्रतिशत टूट गया।  बीएसई का सेंसेक्स 315 अंकों की गिरावट लेकर 51181.99 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 51652.83 अंक के उच्चतम स्तर तक गया लेकिन बिकवाली के दबाव में यह 51 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 50921.22 अंक के निचले स्तर तक उतरा। अंत में यह पिछले दिवस के 51495.79 अंक की तुलना में 0.26 प्रतिशत अर्थात 135.37 अंक टूटकर 51360.42 अंक पर रहा। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 22 लाल निशान में रही जबकि मात्र 8 हरे निशान में रहने में सफल रही। <br /><br />एनएसई का निफ्टी 88 अंकों की गिरावट के साथ 15272.65 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 15400.40 अंक के उच्चतम और 15183.40 अंक के निचले स्तर के बीच रहा। अंत में यह पिछले दिवस के 15360.60 अंक की तुलना में 0.44 प्रतिशत अर्थात 67.10 अंक गिरकर 15293.50 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल 50 कंपनियों में से 35 को नुकसान हुआ जबकि 15 मुनाफा कमाने में सफल रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 19:31:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नजूल संपत्तियों को डीएलसी दर से बेचने से मिल सकते हैं 6 हजार करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य के विभिन्न जिलों में 3000 से अधिक बेशकीमती नजूल संपत्तियां है, अगर इन संपत्तियों को डीएलसी दर पर भी बेचा जाए तो अनुमान के तौर पर सरकारी खजाने में करीब छह हजार करोड़ की आय हो सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-6-thousand-crore-can-be-obtained-by-selling-properties/article-12197"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/7-copy3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य के विभिन्न जिलों में 3000 से अधिक बेशकीमती नजूल संपत्तियां है, अगर इन संपत्तियों को डीएलसी दर पर भी बेचा जाए तो अनुमान के तौर पर सरकारी खजाने में करीब छह हजार करोड़ की आय हो सकती है। इनमें अधिकतर के किसी न किसी हिस्से पर कब्जा है, लेकिन 496 ऐसी है, जो खाली पड़ी हुई है अर्थात बेकार है। इन संपत्तियों का ना तो सरकार बेचान कर पा रही है और न ही सालों से इनके किराए की वसूली हो रही है। इन संपत्तियों का बेचान कर सरकारी खजाने को भरने की सरकार ने कई बार योजना तैयार की, लेकिन धरातल पर नहीं आ सकी। इन कब्जेशुदा संपत्तियों के निस्तारण को लेकर सरकार ने एक मंत्रिमण्डलीय कमेटी भी बना रखी है।</p>
<p><strong>देखरेख का पीडब्ल्यूडी को जिम्मा</strong><br />राज्य के विभिन्न जिलों में पड़ी नजूल संपत्तियों का वर्तमान में उपयोग नहीं हो रहा है एवं रिक्त है। जिला कलेक्टरों की ओर से उपलब्ध करवाई गई सूचना के अनुसार 496 जिलों में स्थित रिक्त नजूल संपत्तियां उपलब्ध है। राज्य में अवस्थित समस्त नजूल संपत्तियों की देखरेख सार्वजनिक निर्माण विभाग के स्तर की जाती है। ऐसी रिक्त नजूल संपत्तियां जिनका उपयोग राजकीय एवं सार्वजनिक हित में नहीं हो सकता, ऐसी नजूल संपत्तियों को खुली नीलामी से विक्रय करने का प्रावधान है, जिला कलेक्टरों से प्रस्ताव प्राप्त होने पर राज्य सरकार की ओर से आवश्यक निर्णय लिया जाकर कार्रवाई की जाती है।</p>
<p><strong>एक करोड़ तक के कलेक्टरों को अधिकार</strong><br />नजूल संपत्तियों के निस्तारण को लेकर सरकार ने योजना तैयार की, जिसके तहत जिलों में इन संपत्तियों के बेचान के लिए कलेक्टरों को अधिकार दिए गए अर्थात कलेक्टर एक करोड़ तक कीमत की संपत्ति का अपने स्तर पर ही डिस्पॉजल कर सकता है। इससे अधिक राशि के प्रकरणों को सरकार में भेजना होगा। इसके बाद भी योजना धरातल पर नहीं आ सकी।</p>
<p><strong>भविष्य की क्या योजना</strong><br />सरकार नजूल संपत्तियों पर जहां कब्जा है, उससे 25 प्रतिशत राशि लेकर उसे दे दिया जाए ताकि उस संपत्ति से सरकार को कुछ हो आय हो सकेगी। इसे लेकर विभागीय स्तर पर मंथन हो रहा है। उच्चस्तर पर पत्रावली भी भेजी गई है। बजट में भी इन संपत्तियों के निस्तारण को लेकर योजना घोषित की गई है।</p>
<p><strong>क्या होती है नजूल संपत्तियां</strong><br />देश में 1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजी हुकुमत का विरोध करने वाले विद्रोहियों को जेल में डाल दिया गया और उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया गया। इसके बाद यह सिलसिला जारी रहा। ऐसे में 1857 से लेकर देश की आजादी से पहले तक इस तरह जो भी संपत्तियां जब्त की गई, उन्हें नजूल संपत्तियां कहा जाता है।</p>
<p><strong>प्रदेशभर में बेकार पड़ी नजूल संपत्तियों की जिलेवार स्थिति</strong><br /><strong>जयपुर             जयपुर ग्रामीण    31</strong><br />    जयपुर              शहर            10<br />    दौसा    12<br />    अलवर    68<br />    सीकर    00<br />    झुंझुनूं    02<br />अजमेर    अजमेर    00<br /><br />    टोंक    04<br />    नागौर    17<br />कोटा    कोटा    11<br />    बारां    13<br />    झालावाड़    11<br />    बूंदी    04<br /><br />    राजसमंद    02<br />    चित्तौडगढ़    03<br />    प्रतापगढ़    18<br />    डूंगरपुर    02<br />    बांसवाड़ा    00<br />भरतपुर    भरतपुर    85<br />    करौली    135<br />    सवाईमाधोपुर    29<br />    धौलपुर    06<br />बीकानेर    बीकानेर    01<br />    हनुमानगढ़    00<br />    गंगानगर    01<br />    चूरू    02<br />जोधपुर    जोधपुर    13<br />    पाली    06<br />    जैसलमेर    03<br />    जालोर    00<br />    बाड़मेर    00<br />    सिरोही    01<br />    <br />    कुल    496</p>
<p><strong>नजूल संपत्तियों को लेकर बजट में जो घोषणा की गई है, उस पर प्रक्रिया चल रही है। जिलों में बेकार संपत्तियों का निस्तारण कलेक्टरों के माध्यम से किया जाता है। कुछ छोटी-छोटी संपत्ति होती है, जिनका निस्तारण नहीं हो पाता।</strong><br /><strong>-जितेन्द्र कुमार उपाध्याय, शासन सचिव, जीएडी</strong> <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jun 2022 11:11:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>फिर आम आदमी नाचेगा बिचौलियों की अंगुलियों पर</title>
                                    <description><![CDATA[गेहूं के दाम में आए उछाल ने इस साल सरकारी खरीद का पूरा गणित गड़बड़ा दिया। इसी का फायदा उठाकर व्यापारियों ने भारी मुनाफा कमाया।  स्थिति यह हो गई कि केन्द्र सरकार को इस साल अपना खरीद का लक्ष्य तक घटाना पड़ गया। वहीं गेहूं के दामों में बढ़ोतरी का खामियाजा आमजन को उठाना पड़ा। 

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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/then-the-common-man-will-dance-on-the-fingers-of-middlemen/article-11461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/aam-aadmi-ko-milega-expensive-wheat.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। गेहूं के दाम में आए उछाल ने इस साल सरकारी खरीद का पूरा गणित गड़बड़ा दिया। इसी का फायदा उठाकर व्यापारियों ने भारी मुनाफा कमाया। स्थिति यह हो गई कि केन्द्र सरकार को इस साल अपना खरीद का लक्ष्य तक घटाना पड़ गया। वहीं गेहूं के दामों में बढ़ोतरी का खामियाजा आमजन को उठाना पड़ा। वर्तमान में कम दाम में खरीदे गेहूं को अधिक दाम में बेचकर व्यापारी भारी मुनाफा कमा रहे हैं।  हाड़ौती में हर साल गेहूं की बम्पर पैदावार होती है। हालांकि इस साल तेज गर्मी के कारण उत्पादन क्षमता में कुछ प्रभाव पड़ा था। इसके बावजूद बाजार में बिक्री के लिए गेहूं की आवक शुरू होते ही दामों में तेजी आ गई थी। अमूमन 1800 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल बिकने वाले गेहूं के दाम इस बार 2100 से 2200 के बीच बोले गए, जबकि समर्थन मूल्य पर गेहूं के दाम 2015 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किए गए थे। व्यापारी वर्ग ने इसका भरपूर फायदा उठाया और थोड़े दाम बढ़ाकर किसानों का सारा गेहूं खरीद लिया। इसका नतीजा यह रहा कि हाड़ौती क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद नहीं हो पाई।<br /><br /><strong>और घटाना पड़ गया कोटा</strong><br />हर साल अधिकांश किसान अपनी उपज का उचित दाम प्राप्त करने के लिए सरकारी खरीद केन्द्र पर गेहूं बेचने की कोशिश करता था। इसकी प्रक्रिया काफी जटिल होने के बावजूद किसान का यही प्रयास रहता था कि उसका गेहूं सरकारी खरीद केन्द्र पर ही बिके, लेकिन इस बार गेहूं खरीद की गणित पूरी तरह से बिगड़ गई है। व्यापारी वर्ग ने पहले से ही अधिक दाम लगाकर किसानों का सारा माल खरीद लिया। ऐसे में सरकारी खरीद ठप हो गई। इसके चलते केन्द्र सरकार ने देश में गेहूं खरीद का कोटा घटाकर 195 लाख टन कर दिया, जो पिछले साल की तुलना में 55 फीसदी कम था। इससे व्यापारियों को भी फायदा हुआ। <br /><br /><strong>ऐसे हुई व्यापारियों की मौज</strong><br />गेहूं का उत्पादन और गुणवत्ता कमजोर होने का सीधा फायदा व्यापारियों को मिला। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की दर 2015 रुपए प्रति क्विंटल थी। इसी का फायदा व्यापारियों ने उठाया और किसानों से अच्छी गुणवत्ता वाला गेहूं भी 2100 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल के बीच खरीद लिया। उसके बाद अपने पास स्टॉक कर लिया। उस समय काफी मात्रा में गेहूं देश से बाहर निर्यात किया जा रहा था। ऐसे में व्यापारियों ने किसानों से खरीदा अधिकांश माल विदेशों में भेज दिया। इसका फायदा भी व्यापारियों को मिला। वहीं निर्यात के चलते स्थानीय स्तर पर गेहूं के दामों में और इजाफा हो गया, जिससे आमजन में हाहाकार मच गया। गेहूं के दामों पर लगाम के लिए केन्द्र सरकार को निर्यात पर प्रतिबंध तक लगाना पड़ा। इसके बावजूद दामों में ज्यादा कमी नहीं आई।<br /><br /><strong>मुनाफाखोरी का खेल</strong><br />कृषि उपजमंडी में किसानों का गेहूं 2100 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल के बीच खरीदा गया था। व्यापारियों ने सारा गेहूं खरीदकर अपने यहां स्टॉक कर लिया। उसके बाद मुनाफाखोरी का खेल शुरू कर दिया। व्यापारियों ने अपने स्तर पर गेहूं के दाम बढ़ा दिए और आमजन को 2500 से 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बेचा। व्यापारी को एक क्विंटल पर ही करीब 400 रुपए का भारी मुनाफा हो गया। कृषिमंडी से निकला गेहूं आमजन तक पहुंचने तक 400 रुपए प्रति क्विंटल महंगा हो गया। <br /><br /><strong>सफाई के नाम पर धोखा</strong><br />लोगों का कहना है कि बाजार में इस समय गेहूं 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मिल रहा है। इतने अधिक दाम होने के बारे में व्यापारी बताता है कि किसानों से खरीदे गए गेहूं की क्वालिटी काफी खराब होती है, इसलिए उस गेहूं की सफाई करवाई जाती है। इसलिए अधिक दाम लगाने पड़ते है। लोगों का कहना है कि मशीन क्लीन गेहूं के नाम से लूटमार की जा रही है। गेहूं को क्लीन करने में इतना खर्चा नहीं आता है इसके बावजूद सफाई के नाम पर दाम अधिक लगाए जाते है।  <br /><br /><strong>इतना महंगा गेहूं कभी नहीं खाया</strong><br />परिवार के लिए हर साल आठ बोरी गेहूं लेते हैं। इस बार गेहूं के दामों ने सकते में ला दिया है। आठ बोरी गेहूं ही बीस हजार रुपए से अधिक के आ गए। इससे पूरे घर का बजट ही गड़गड़ा गया है। व्यापारी मशीन क्लीन के नाम पर लोगों से धोखा करते हैं। ज्यादा रुपए लेने के बाद भी गेहूं में कंकर व अन्य गंदगी मिली हुई थी।<br /><strong>- दुर्गाप्रसाद शर्मा, जयश्रीविहार</strong><br /><br />परिवार में दस सदस्य हैं, इसलिए सालभर का गेहूं एक साथ खरीद लेते हैं। इस साल तो  गेहूं काफी महंगा पड़ गया। कोरोना महामारी के चलते व्यवसाय पहले से ही ठप था। अब महंगे गेहूं की और स्थिति बिगाड़ दी। मजबूरी में गेहूं खरीदने की मात्रा कम करनी पड़ी। अगर आगे दाम कम होंगे तो और गेहूं खरीद लेंगे।<br /><strong>- रामभरोस सुमन, ग्रीन होम सोसायटी</strong><br /><br />भामाशाहमंडी में किसानों को इस बार गेहूं के दाम अधिक मिले थे। इससे किसानों को फायदा हुआ था। अधिकांश किसानों ने व्यापारियों को ही माल बेचा था। इसके बाद माल की दर व्यापारी अपने हिसाब से ही तय करता है।<br /><strong>- जवाहरलाल नागर, भामाशाहमंडी सचिव</strong><br /><br />गेहूं के दामों में इजाफा होने से इस बार सरकारी केन्द्रों पर गेहूं की खरीद नहीं हो पाई है।  कोटा संभाग में गेहूं खरीद के लक्ष्य तय किए गए थे, लेकिन बाजार में समर्थन मूल्य से अधिक दाम होने से केन्द्रों पर खरीद नहीं हो पाई। <br /><strong>- सतीश कुमार, मण्डल प्रबंधक, एफसीआई कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 15:42:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>असर खबर का - चारागाह की भूमि बेचने के मामले में अधिकारियों ने किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[ दैनिक नवज्योति ने गत दिनों पर्दाफाश किया था कि किस प्रकार खैराबाद ग्राम पंचायत के नाम पर सरपंच चारागाह भूमि को खोदकर व मिट्टी बेच कर नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/in-the-matter-of-selling-pasture-land--officials-inspected/article-9983"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/asar-haber-ka.jpg" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। खैराबाद ग्राम पंचायत द्वारा चारागाह की भूमि खसरा नं. 552 को खोदकर मिट्टी रेलवे ट्रेक को बेचने के मामले में रामगंजमंडी उपखण्ड अधिकारी विनोद मीणा व खनिज विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। दैनिक नवज्योति ने गत दिनों पर्दाफाश किया था कि किस प्रकार खैराबाद ग्राम पंचायत के नाम पर सरपंच चारागाह भूमि को खोदकर व मिट्टी बेच कर नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। चारागाह भूमि पर खनन कार्य के मामले में न तो पंचायत की स्वीकृति है न खनिज विभाग की। फिर भी चारागाह भूमि खोद दी गई।<br /><br /><strong>अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण</strong> <br />मामले में अवैध खनन रोकथाम के लिए विनोद कुमार मीणा उपखंड अधिकारी रामगंजमंडी, प्रवीण नायक पुलिस उपाधीक्षक रामगंजमंडी,  भारत सिंह तहसीलदार रामगंजमंडी, मनोज थानाधिकारी रामगंजमंडी,  देवीलाल बंसीवाल खनिज अभियंता रामगंजमंडी व दिनेश सैनी फोरमैन द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। <br /><br /><strong>हिरियाखेड़ी में पाया गया अवैध खनन होना</strong><br />भ्रमण व निरीक्षण के दौरान ग्राम खैराबाद व हिरियाखेड़ी में अवैध खनन होना पाया गया। विनोद कुमार मीणा उपखंड अधिकारी ने मौके पर उपस्थित खनिज अभियंता को मामले की जांच कर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।<br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />खैराबाद ग्राम पंचायत में स्थित चारागाह भूमि खसरा नं. 552 का मैंने, राजस्व अधिकारियों, खनिज विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। चारागाह भूमि पर खनन कार्य को अवैध माना। रेलवे ट्रेक के ठेकेदार से अवैध खनन की पेनल्टी राशि वसूली की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही अवैध खनन के लिए ग्राम पंचायत से भी जवाब तलब किया जाएगा।<br /><strong>-विनोद कुमार मीणा,  उपखण्ड अधिकारी, रामगंजमंडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 May 2022 15:18:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> अवैध रूप से शराब बेचने के जुर्म में दो दोषियों को तीन-तीन साल कैद </title>
                                    <description><![CDATA[शहर की एक अदालत ने अवैध रूप से शराब बचने के जुर्म में दो आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-convicts-imprisoned-for-three-years-for-illegally-selling-liquor/article-9417"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/istockphoto-1168013916-612x6122.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  शहर की एक अदालत ने अवैध रूप से शराब बचने के जुर्म में दो आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर दस-दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। <br /> <br />लोक अभियोजक दीप्ति ने बताया कि 16 मार्च 2013 को आबकारी निरीक्षक डॉ. परमानंद पाटीदार को गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि जलोदा खातियान के पीछे दुकान में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सूचना पर दबिश दी तो मौके पर आरोपी सत्यनारायण पुत्र हीरालाल निवासी गेंदा, मंजुल पुत्र हेमराज निवासी हनुमान मंदिर के पीछे बल्लभबाड़ी मिले थे, जो  कमरे में रखी देशी अवैध शराब विक्रय कर रहे थे। कमरे की तलाशी में 13 पेटिया अवैध शराब से भरी हुई बरामद की गई। दोनों आरोपियों को एक्ससाइज एक्ट में गिरफ्तार किया गया तथा शराब को जब्त किया। मामले में अनुसंधान के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। जहां ट्रायल के दौरान आठ गवाहों के बयान लेखबद्ध कराए गए। पीठासीन अधिकारी ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार का जुर्माना लगाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 16:08:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दिग्गज कंपनियों में बिकवाली, शेयर बाजार तीसरे दिन भी गिरकर बंद </title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स 237.44 अंक उतरकर 58,338.93 अंक, निफ्टी 54.65 अंक फिसलकर 17475.65 अंक पर रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/selling-in-giant-companies--the-stock-market-closed-down-for-the-third-day/article-7869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/sansex3.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। दबाव में चल रहे शेयर बाजार ने तेजी के साथ दिन की शुरुआत करने के बाद भी वैश्विक बाजार के मिलेजुले रूख के बीच स्थानीय स्तर पर एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, मारुति, टीसीएस और रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुई बिकवाली से शेयर बाजार आज लगातार तीसरे दिन भी गिरकर बंद हुआ।<br /><br />बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 237.44 अंक उतरकर 58,338.93 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 54.65 अंक फिसलकर 17475.65 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली कंपनियां दबाव में रहीं लेकिन छोटी कंपनियों में लिवाली हुई। इस दौरान मिडकैप जहां 0.21 प्रतिशत टूटकर 24,985.25 अंक पर आ गया वहीं स्मॉलकैप 0.27 प्रतिशत चढ़कर 29,521.60 अंक पर रहा। इस दौरान बीएसई के नौ समूहों में गिरावट जबकि शेष दस में तेजी रही। रियल्टी 0.58, टेक 0.14, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.22, बैंकिंग 0.65, ऑटो 0.85, दूरसंचार 0.59, आईटी 0.11, वित्त 0.73 और सीडीजीएस समूह के शेयर 0.39 प्रतिशत गिर गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिलजुला रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.08, जर्मनी का डैक्स 0.96 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.82 प्रतिशत की गिरावट पर रहा जबकि जापान के निक्केई 1.93 और हांगकांग का हैंगसैंग 0.26 प्रतिशत की तेजी पर रहा।<br /><br />शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 334 अंक तेजी लेकर 58,910.74 अंक पर खुला और लिवाली के बल पर थोड़ी देर बाद ही 59,003.82 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद शुरू हुई बिकवाली के दबाव में यह लगातार गिरता हुआ कारोबार के अंतिम चरण में 58,291.23 अंक के निचले स्तर तक गिर गया। अंत में पिछले दिवस के 58,576.37 अंक के मुकाबले 0.41 प्रतिशत टूटकर 58,338.93 अंक पर रहा। इस दौरान बीएसई में कुल 3529 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1852 में लिवाली जबकि 1542 में बिकवाली हुई वहीं 135 स्थिर रहे।<br /><br />निफ्टी भी लगभग 70 अंक बढ़कर 17,599.90 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 17,663.65 अंक के उच्चतम जबकि 17,457.40 अंक के न्यूनतम स्तर पर रहा। अंत में पिछले सत्र के 17,530.30 अंक की तुलना में 0.31 प्रतिशत फिसलकर 17,475.65 अंक पर आ गया। इस दौरान एनएसई में 28 कंपनियां लुढ़की जबकि 22 बढ़त पर रहीं। इस दौरान सेंसेक्स की 20 कंपनियों पर बिकवाली हावी रही वहीं शेष दस में तेजी का रुख रहा। एचडीएफसी ने सर्वाधिक 2.01 प्रतिशत का नुकसान उठाया जबकि आईटीसी सबसे अधिक 1.87 प्रतिशत के लाभ में रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/selling-in-giant-companies--the-stock-market-closed-down-for-the-third-day/article-7869</link>
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                <pubDate>Wed, 13 Apr 2022 18:36:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चौकी में महिला से दुष्कर्म के प्रयास मामले में नया मोड़ : कांस्टेबल ने पीड़िता के पिता को बताया लड़कियां बेचने वाले गिरोह का सदस्य</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेशभर में इस मामले को लेकर पुलिस की किरकिरी होने के बाद कांस्टेबल जितेंद्र ने मीडिया से बातचीत में महिला के आरोपों को बेबुनियाद बताया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A5%9C---%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A4%B2-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A5%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A5%9C%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%9A%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF/article-3630"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/police-logo.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। जिले के पानरवा थाना क्षेत्र की डेया पुलिस चौकी में महिला को अलग कमरे में सुलाने और दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में मंगलवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब प्रकरण में सस्पेंड कांस्टेबल ने इस घटनाक्रम को मीडिया के सामने रखा।  </p>
<p><br /> प्रदेशभर में इस मामले को लेकर पुलिस की किरकिरी होने के बाद कांस्टेबल जितेंद्र ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में महिला के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उसका कहना है कि न तो महिला के साथ कोई छेड़छाड़ हुई और ना ही दुष्कर्म का प्रयास। पानरवा में बच्चियों को बेचने वाला गुजरात का गिरोह सक्रिय है और पीड़िता का पिता भी इसी गिरोह में शामिल है। थाने में पूछताछ के दौरान पीड़िता के पिता ने खुद की बेटी को बेचने की बात कबूल की थी। जितेंद्र ने इसका वीडियो भी मीडिया को दिखाया।</p>
<p><br /> आरोपी कांस्टेबल ने बताया कि पीड़िता के कबूलनामे वाले इस वीडियो के कारण गिरोह के अन्य सदस्यों ने उसे बर्खास्त करने के लिए षड्यंत्र रचा गया। जितेंद्र ने यह भी बताया कि गुमशुदा युवती की तलाश के लिए एएसआई राजकुमार के निर्देश पर ही दो गाड़ियों में पीड़िता और उसके माता पिता के साथ गुमशुदा युवती का भाई गुजरात के प्रांतिज थाने के लिए रवाना हुए। पानरवा से गुजरात और गुजरात से पानरवा आते समय महिला ने सलवार सूट पहना था, जो वीडियो में साफ है। ऐसे में उसकी साड़ी फाड़ने वाली बात पूरी तरह से गलत है।</p>
<p><br /> 20 से 25 लड़कियां बेच चुका है गिरोह: कांस्टेबल जितेन्द्र ने बताया कि जेर गांव में महिलाओं को गुजरात में बेचने वाला गिरोह सक्रिय है। गांव की 20 से 25 लड़कियों को बेचा जा चुका है। उसने बताया कि गुजरात में महिला के पिता से पूछताछ के दौरान एक वीडियो बनाया गया, जिसमें उसने कबूल किया कि उसने 60 हजार रुपए में लड़की को बेचा है। इसके बाद से ही उसे फंसाया जा रहा है। गुमशुदा महिला की जांच के लिए आरोप लगाने वाली महिला और उसके माता पिता को जबरन वहां नही ले गए बल्कि वे उनकी मर्जी से साथ आए थे लेकिन अब बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Dec 2021 14:37:49 +0530</pubDate>
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