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                <title>अंडरपास में भरा पानी, आवागमन हुआ मुश्किल</title>
                                    <description><![CDATA[सुल्तानपुर क्षेत्र में भारत माला प्रोजेक्ट के तहत चल रहे एक लाइन के कार्य के दौरान कस्बे से झोटोली गांव में जा रही मुख्य सड़क को जोड़ने के लिए अंडरपास बनाया गया था। अंडर पास सड़क से नीचा होने के कारण उसमें बारिश का पानी भर गया, जिससे लोगों को निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-filled-in-the-underpass--traffic-became-difficult/article-14158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/underpass-mei-bhara-paani..sultanpur-news-12.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। सुल्तानपुर क्षेत्र में भारत माला प्रोजेक्ट के तहत चल रहे एक लाइन के कार्य के दौरान कस्बे से झोटोली गांव में जा रही मुख्य सड़क को जोड़ने के लिए अंडरपास बनाया गया था। अंडर पास सड़क से नीचा होने के कारण उसमें बारिश का पानी भर गया, जिससे लोगों को निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में पानी भरने से आसपास की मिट्टी भरकर आने से उसमें कीचड़ भी हो गया है, जिससे भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अंडरपास बनाते समय पानी की सुचारू निकासी नहीं होने के कारण उसमें से पानी नहीं निकल पा रहा है। पानी निकालने की खानापूर्ति के लिए अंडरपास के समय जेसीबी की सहायता से नालों का निर्माण किया गया था, लेकिन उन्हें सुचारू रूप से नहीं बना पाने के कारण पानी नहीं निकलने से अंडरपास में पानी भरा रहता है, जिसके चलते लोगों को पैदल निकलने में एवं बाइक सवारों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी मार्ग से होकर बाबा मानशाह वली की दरगाह पर भी श्रद्धालु जाते हैं, उन्हें भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही इस मार्ग से होकर के नैनवां दूदू हाइवे मार्ग भी जुड़ता है, जिसमें भी लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।<br /><br />झोटोली गांव के ग्रामीणों ने अंडरपास बनाते समय एक लाइन के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन उन्होंने लोगों की एक ना सुनते हुए अंडरपास का कार्य किया, जो सड़क से करीब 2 - 3 फीट नीचे होने के कारण उसमें बारिश का पानी भर जाने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव का संपर्क भी नगर पालिका से कट सकता है, जबकि नगरपालिका बनने के बाद झोटोली गांव नगर पालिका क्षेत्र में ही आ रहा है।  <br /><br /><strong>ये है इनका कहना</strong><br />झोटोली निवासी राजू गुर्जर का कहना है कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत चल रहे आठ लाइन निर्माण कार्य के दौरान गांव को जोड़ने के लिए अंडरपास बनाया गया था, अंडर पास बनाते समय उसमें सुचारू पानी की निकासी नहीं होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिस समय अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, उस समय भी लोगों ने आंदोलन करते हुए पानी भरने की समस्या बताई थी, लेकिन उस समय लोगों को पानी निकासी की सुचारू व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन भारतमाला प्रोजेक्ट कंपनी के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>मुश्किल हुई आस्था की डगर</strong><br />बाबा मानशाह वली दरगाह के सदर मांगीलाल उर्फ मांगू अली ने कहा कि दरगाह पर प्रत्येक गुरुवार को सैकड़ों श्रद्धालु पैदल एवं अपने वाहनों से जाते हैं, ऐसे में लोगों की आस्था को तगड़ा झटका लगा है, क्योंकि पानी एवं कीचड़ भरा होने के कारण अंडर पास से गुजरते हुए लोगों के कपड़े गंदे हो जाते हैं जिससे उन्हें परेशानियां होती है। दरगाह पर पहुंचने के लिए इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं ग्रामीण शुभम शर्मा, अब्दुल जाकिर, सुरेश बैरवा आदि ने बताया कि अंडरपास में कीचड़ व पानी भरा रहने से ग्रामीणों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो कीचड़ में गिरने से दुर्घटना होने का भी खतरा बना रहता है। <br /><br />सर्वाधिक परेशानी है पैदल यात्रियों को होती है जब पैदल यात्री अंडर पास में होकर गुजरते हैं तो उन्हें पानी व कीचड़ में होकर गुजरना पड़ता है। जल्द से जल्द समस्या का समाधान होना चाहिए। <br /><strong>- रवि शर्मा, ग्रामीण</strong> <br /><br /> इस समस्या के मामले में उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को 15 दिन पूर्व ही अवगत करा दिया था जिससे आम जनता को कोई परेशानी ना हो और समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के द्वारा मौका भी देखा गया था। <br /> <strong>- एचडी सिंह, एसडीएम</strong> <br /><br /> इस मामले में एनएचआई के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए, इसके लिए उन्होंने अंडरपास में ग्रेवल भी डलवाकर पानी की निकासी के लिए ड्रेन की खुदाई कराई थी। अंडर पास का मेरे द्वारा जाकर के मौका मुआयना भी किया गया था, लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए ड्रेन को गहरा खुदा करके पानी निकालने के प्रयास किए जाएंगे। <br /><strong> - लखनलाल मीणा, पीडब्ल्यूडी एईएन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Jul 2022 14:38:35 +0530</pubDate>
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                <title>स्कूल बना तलाई, आवागमन मुश्किल</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम पंचायत गुड़ा के सांगली के प्राथमिक विद्यालय में पहली बारिश में ही पानी जमा हो गया है, जिसके कारण छात्र छात्राओं को विद्यालय जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/school-became-talai--difficult-to-come-and-go/article-14067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/school-bana-talai..pachpahad-news-jhalawad.jpg" alt=""></a><br /><p>पचपहाड़। ग्राम पंचायत गुड़ा के सांगली के प्राथमिक विद्यालय में पहली बारिश में ही पानी जमा हो गया है, जिसके कारण छात्र छात्राओं को विद्यालय जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।  जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत गुडा के सांगली के प्राथमिक विद्यालय में बारिश से पानी जमा हो गया , विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर पानी जमा होने से विद्यार्थियों व शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस समस्या को लेकर बारिश से पूर्व अधिकारियों को अवगत करवाया था लेकिन किसी प्रकार का कोई समाधान नहीं किया गया। वहीं बारिश के दौरान कई जहरीले जंतु निकल आते जिनका भी खतरा बना रहता है। विद्यालय में पानी भर जाने से जमा पानी में मच्छरों के पैदा होने से गंभीर बीमारियां डेंगू मलेरिया फैलने की आशंका बनी हुई है। वहीं अभी कुछ दिनों में बारिश के मौसम में लगातार जब बारिश होगी तो परेशानी और भी बढ़ जाएगी। स्कूल की बाउंड्रीवॉल में पानी भरने से कीचड़ फैल गया है जिससे शिक्षक व विद्यार्थियों के फिसलकर गिरकर चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। <br /><br /> पिछले 15 दिनों से ट्रेनिंग पर था, इसलिए ध्यान नहीं दे पाया, मामला आकर  देखता हूं। <br /><strong>-राजेन्द्र कुमार मीणा,  प्रधानाध्यापक सांगली प्राथमिक विद्यालय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 16:41:15 +0530</pubDate>
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                <title>रास्ते पर फैला कीचड़, पैदल चलना भी दूभर </title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र के आकोदिया पंचायत के गांव गणेशपुरा से चौसला तक का रास्ता तीन साल से बदहाल हो रहा है। थोड़ी सी बरसात से इस मार्ग पर कीचड़ होने से  किसानों और ग्रामीणों का आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-mud-spread-on-the-way--it-is-too-difficult-to-walk/article-13721"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/raste-par-faila-keechad-paidal-chalna-dubhar..panwar---copy.jpg" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। क्षेत्र के आकोदिया पंचायत के गांव गणेशपुरा से चौसला तक का रास्ता तीन साल से बदहाल हो रहा है। थोड़ी सी बरसात से इस मार्ग पर कीचड़ होने से  किसानों और ग्रामीणों का आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में पंचायत भी ध्यान नहीं दे रही है। आजादी के पहले से बसे गांव चौसला में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण गणेशपुरा गांव में पलायन कर गए। लेकिन गांव में बने मंदिरों में पूजा व खेतों में जाने के लिए लोगों को इसी रास्ते से होकर आना जाना पड़ता है। गांव के जितेंद्र मेहता, सीताराम, कमल, कुलदीप मेहता ने बताया कि गणेशपुरा से चौसला गांव में देवी देवताओं और पूर्वजों की पूजा करने व खेती का माल चौसला में होने के कारण सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। खेतों पर जाने के लिए रास्ते में कीचड़ होने के कारण ना तो बाइक जा पाती है और ना ही साइकिल। खेतों की हंकाई जुताई के लिए भी ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। गणेशपुरा से चौसला तक आजादी के 75 सालों से आज तक कच्ची सड़क है। बरसात के समय में इस मार्ग पर घुटनों तक पानी रहता है। पंचायत को अवगत करवाने के बाद भी आज तक सड़क पर ग्रेवल जैसी सुविधाएं नहीं मिली हैं। जिसके कारण बरसात में कीचड़ में होकर गुजरना पड़ता है। इस समस्या के बारे में पंचायत को कई बार अवगत भी करवाया गया। लेकिन समस्या का आज तक समाधान नहीं हुआ।<br /> पलायन को मजबूर हुए लोग: ग्रामीणों ने बताया कि यह गांव आजादी के पहले से बसा हुआ था। लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में वहां से लोग पलायन कर गणेशपुरा गांव में आकर बस गए। यहां बसने के बाद पूर्वजों की संपत्ति, मंदिर, खूंटखेड़ा आज भी मौजूद हैं। जिसकी पूजा करने गणेशपुरा से लोग वहां जाते हैं। <br /><br /> पूर्वजों के बनाए हुए मंदिर खूंटखेड़ा आज भी चौसला में मौजूद हैं। इसके कारण ग्रामीणों को उनकी पूजा करने जाने के लिए  सड़क नहीं होने के कारण परशानियों का सामना करना पड़ रहा है। <br /><strong>-कपिल मेहता, भाजपा युवा मोर्चा सदस्य</strong><br /><br />कच्ची सड़क पर बारिश में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दिन हो या रात पैदल ही कीचड़ में होकर खेतों पर जाना पड़ता है।<br /><strong>-जितेंद्र मेहता, ग्रामीण</strong><br /><br />चौंसला सड़क सेंक्शन नहीं है। सेंक्शन होने के बाद ग्रेवल डलवा देंगे।<br /><strong>-दुर्गाशंकर नागर, सेक्रेटरी, आकोदिया पंचायत</strong><br /><br /> ग्रामीणों की ओर से अब तक तो कोई शिकायत नहीं मिली है। लिखित में शिकायत आने पर जल्द से जल्द गणेशपुरा से चौसला जाने वाले इस रास्ते पर ग्रेवल करवा दिया जाएगा। <br /><strong>-भानुप्रताप हाड़ा, विकास अधिकारी खानपुर पंचायत समिति</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 15:13:00 +0530</pubDate>
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                <title>जलदाय विभाग का लीकेज ठीक करना आमजन को पड़ रहा भारी</title>
                                    <description><![CDATA[जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते लीकेज ठीक करने के लिए मुख्य मार्गों पर खोदे गए गड्ढे आवागमन करने वाले वाहनों व राहगीरों के लिए दुर्घटनाओं का सबब बने हुये है, अनेक बार शिकायत करने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/karauli/it-is-difficult-for-the-general-public-to-fix-the/article-12923"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ttttttttttttt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाड़ी।</strong> जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते लीकेज ठीक करने के लिए मुख्य मार्गों पर खोदे गए गड्ढे आवागमन करने वाले वाहनों व राहगीरों के लिए दुर्घटनाओं का सबब बने हुये है, अनेक बार शिकायत करने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है। नगर में वर्षो पुरानी डली पेयजल पाइप लाइन जर्जर अवस्था में होने से जगह जगह लीकेज की समस्या उत्पन्न हो रही है, इन लीकेजो की मरम्मत करने के लिए जलदाय विभाग के कर्मचारियों द्वारा गड्ढे खोदे जाते है, जिनको दुरुस्ती के बाद औपचारिक रूप से मिट्टी से ढक कर अपने कार्य की इतिश्री कर लेते है, लेकिन एक, दो दिन बाद गड्ढे में मिट्टी के धंसने से फिर वही गड्डा हो जाता है, जिसके कारण आवागमन करने वाले वाहन व राहगीर दुर्घटनाग्रस्त होते है</p>
<p>ऐसे ही नगर की कांसोटि खेडा पुलिया के पास मुख्य सड़क पर गड्डा बना हुआ है, जिसको जलदाय विभाग दो बार औपचारिक रूप से ढककर लीपापोती कर गया है, लेकिन बावजूद इसके वह गड्डा ज्यो की त्यों बना हुआ है, पक्की सड़क व व्यस्ततम मार्ग होने के कारण आये दिन वाहन क्षतिग्रस्त व राहगीर इस गड्ढे से चोटिल होते हैं। ऐसे ही मास्टर कॉलोनी, शास्त्री नगर की मुख्य सड़क पर लीकेज मरम्मत कार्य के बाद गड्डा बना हुआ है, जिसमे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं आए दिन चोटिल होती है, जिसको लेकर आक्रोशित कॉलोनीवासियों ने अपने स्तर पर ही इस गड्ढे में श्रम करके इसको दुरुस्त किया। कॉलोनीवासी गिरीश शर्मा व गंगादत्त पचोरी ने बताया कि लीकेजो की मरम्मत करने के लिए पक्की सड़क को खोदा जाता है, लेकिन मरम्मत होने के बाद उस गड्ढे को पक्के तौर पर भरा नहीं जाता है। सिर्फ मिट्टी डालकर औपचारिकता निभाई जाती है जो धंसने के बाद फिर गड्ढे में तब्दील हो जाती है। <br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>करौली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 13:02:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सड़क खोद कर जिम्मेदार अधिकारी भूले, कस्बेवासियों का निकलना हो रहा मुश्किल</title>
                                    <description><![CDATA[अरनेठा कस्बे में पिछले एक महीने से सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो रही है। जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हुए है। कस्बेवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-responsible-officers-forgot-by-digging-the-road-the-townspeople/article-11810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/122.jpg" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। अरनेठा कस्बे में पिछले एक महीने से सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो रही है। जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हुए है। कस्बेवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल जलदाय विभाग ने कस्बे की गलियों को पेयजल योजना को लेकर सड़कें खोदी थी। इसके बाद पाइप लाइन भी डाल दी गई। लेकिन सड़कों की हालत को एक माह बितने के बाद भी नहीं सुधारा जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की बेपरवाही आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।<br /><br />अरनेठा के रहने वाले नेमीचंद चांदीजा का कहना है कि पिछले एक महीने पहले जलदाय विभाग द्वारा  पेयजल योजना को लेकर सम्पूर्ण गांव की गली मोहल्ले की गलियों की सड़कों को  खोद दिया गया। पाइप डालने के बावजूद  मिट्टी को नहीं दबाया गया। सड़क उबड़ खाबड़ बनी हुई है। जिससे आवाजाही मुश्किल हो गई है।  रामपाल सैनी ने बताया कि जगह-जगह मिट्टी का ढेर लग रहा है। जिससे लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है। आवागमन के साधनों  की आवाजाही मुश्किल हो गई है। गांव की गलियों के रास्तों में मिट्टी के ढेर लग गए हैं। ग्रामीण राजू सुमन, पारी बाई माली ग्रामीणों का कहना हैं अब बारिश आने वाली हैं। जगह जगह मिट्टी फैली हुई हैं। इसको ठीक प्रकार के पेक नही किया तो शायद बारिश के मौसम में समस्त प्रकार के आवागमन को भारी असुविधा हो जायेगी। इस मामले आवश्यक संज्ञान लेकर वापस पहले जैसे ही रोड को सीसी करवाकर आमजन को राहत प्रदान किया जाना चाहिए। <br /><br />सड़कों को आने जाने लायक इसको करवा देंगे। एक बारिश आने के बाद मिट्टी जम जायेगी। उसके बाद सीसी करवाएंगे तो ज्यादा ठीक रहेगा।<strong>- सुरेंद्र बैरवा, एईएन जलदाय विभाग केशवरायपाटन</strong><br /><br />कोई भी एजेंसी खुदाई करे उस एजेंसी की जिम्मेदारी बनती हैं कि वापस उसको नियमानुसार सड़क ठीक करके रास्तों को पहले जैसा सुचारू चालू करे । मामले की जांच करवा लेते हैं। नियमानुसार कार्यवाही करेंगे। <strong>- बलबीर सिंह चौधरी,एसडीएम केशवरायपाटन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jun 2022 14:24:38 +0530</pubDate>
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                <title>चैंपियन बनने के बाद निकहत ने याद किए मुश्किल दिन</title>
                                    <description><![CDATA[निकहत ने इस्तांबुल में विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गुरुवार को थाईलैंड की जितपोंग जुतामास को 5-0 से हराकर फ्लाईवेट (52 किग्रा) वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--nikhat-remembers-difficult-days-after-becoming-champion/article-10161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/nikhat.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विश्व चैम्पियन मुक्केबाज निकहत जरीन ने कहा कि अपने करियर में मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने से वह मानसिक रूप से मजबूत बनी। निकहत ने इस्तांबुल में विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गुरुवार को थाईलैंड की जितपोंग जुतामास को 5-0 से हराकर फ्लाईवेट (52 किग्रा) वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।  जरीन ने कहा कि इन दो सालों में मैंने केवल अपने खेल पर ध्यान केंद्रित किया और मेरे खेल में जो भी कमियां थी उनमें सुधार करने की कोशिश की। मैंने अपने करियर में जिन बाधाओं का सामना किया, उन्होंने मुझे मजबूत बनाया। मैं इन सबके बाद मानसिक रूप से मजबूत बनी हूं। मेरा मानना है कि चाहे कुछ भी हो जाए मुझे लड़ना है और अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।<br /><br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>जब मैरीकॉम ने पूछा, कौन निकहत</strong> </span><br />निकहत जरीन ने इस स्वर्णिम उपलब्धि से दो साल पहले तत्कालीन खेल मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर ओलंपिक क्वालीफायर के लिए निष्पक्ष ट्रायल करवाने का आग्रह किया था। इस कारण जरीन को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था, जबकि एमसी मैरीकॉम ने कड़े शब्दों में पूछा था कि कौन निकहत जरीन। जरीन इसके बाद ट्रायल में मैरीकॉम से हार गई जिससे वह टोक्यो ओलंपिक में जगह नहीं बना पाई।<br /><br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>चोट के कारण एक साल खेल से दूर रही</strong> </span><br />इससे पहले 2011 की जूनियर विश्व चैंपियन जरीन को कंधे की चोट से भी जूझना पड़ा, जिससे वह एक साल तक खेल से बाहर रही और 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप में भाग नहीं ले पाईं। जरीन ने कहा कि मैं 2017 में कंधे की चोट से परेशान रही जिसके लिए मुझे आपरेशन करवाना पड़ा और मैं एक साल तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाई थी।<br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>नजर अब राष्ट्रमंडल खेलों पर</strong></span><br />जरीन अब राष्ट्रमंडल खेलों के ट्रायल की तैयारी करेंगी जिसके लिए उन्हें अपना वजन घटाकर 50 किग्रा करना होगा। उन्होंने कहाकि राष्ट्रमंडल खेलों में 50 किग्रा वर्ग होता है। मैं अब इसके लिए तैयारी करूंगी। तेलंगाना की निकहत ने पेरिस ओलंपिक के लिए तैयारी शुरू कर दी है लेकिन यह तय नहीं है कि वह किस भार वर्ग में खेलेंगी। उन्हें या तो 54 किग्रा या फिर 50 किग्रा में भाग लेना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 May 2022 13:21:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>टीकाकरण सुस्त : इसी माह सबको पहली डोज भी मुश्किल, 41.86 लाख दूसरी डोज लेने ही नहीं आए, यह भी बनी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[33%  को अभी दूसरी डोज लगना बाकी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4---%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9C-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B2--41-86-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9C-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%8F--%E0%A4%AF%E0%A4%B9-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%A4%E0%A5%80/article-4099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/whatsapp-image-2022-01-21-at-11.42.16.jpeg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। चिकित्सा विभाग ने 31 जनवरी तक सौ फीसदी टीकाकरण का टारगेट तय किया है, लेकिन वर्तमान टीकाकरण की सुस्त रफ्तार से यह मुश्किल लग रहा है। टीकाकरण के अब तक के आंकड़ों और वैक्सीनेशन की गति के हिसाब से आगामी सवा माह में ही पहली डोज लग पाएगी। वहीं दूसरी डोज लगाने में तो अभी भी कम से कम ढाई से तीन माह और लग जाएंगे। ऐसे में फरवरी के अंत तक ही सबको पहली और अप्रैल के अंत तक दूसरी डोज लगने की उम्मीद है। <br /> प्रदेश में अभी 18 प्लस उम्र पार के 5.15 करोड़ लोग हैं। करीब 27 लाख 48 हजार 537 लोगों को पहली डोज लगना बाकी है। वर्तमान में रोजाना करीब 66,000 ही डोज लग रही है। इस हिसाब से कम से कम 35-40 दिन और सौ फीसदी पहली डोज में लगना तय है। वहीं 84 दिन बाद दूसरी डोज लगने के राइडर के चलते अप्रैल तक ही संभव होगा, क्योंकि अभी तक प्रदेश में 1 करोड़ 32 लाख 66 हजार के करीब लोगों को दूसरी डोज लगना बाकी है। दूसरी डोज लेने नहीं आ रहे लोग भी अभियान को और लंबा कर रहे हैं। क्योंकि अभी तक 41 लाख 86 हजार लोग ऐसे हैं जो समयावधि पूरी होने के बाद भी दूसरी डोज लेने के लिए नहीं आए हैं। उनकी डोज ड्यू चल रही है। अगर समय पर सभी दूसरी डोज लेते तो अब तक 4 करोड़ 24 लाख के करीब दूसरी डोज लेने वालों की संख्या पहुंच चुकी होती। <br /> <br /> <strong>33%  को अभी दूसरी डोज लगना बाकी</strong><br /> प्रदेश में अभी दूसरी डोज लेने वालों की संख्या 3,82,33,416 करोड़ यानी 67.13 फीसदी है। करीब 33 फीसदी यानी 1.33 करोड़ को दूसरी डोज लगना बाकी है। डोज ड्यू रखने वाले लाखों लोग अलग से फुल वैक्सीनेशन में चुनौती बने हुए हैं। प्रदेश में अब तक 4 लाख 87 हजार 51 हजार लोगों को पहली डोज लगी है जो कुल आबादी का 94.66 फीसदी है। <br /> <strong><br /> 15-17 साल का वैक्सीनेशन शुरुआती स्पीड में पिछड़े</strong><br /> प्रदेश में 3 जनवरी से 15-17 साल के बच्चों के वैक्सीनेशन की शुरुआत काफी बेहतर थी। 3-4 लाख बच्चों को एक दिन में डोज लग रही थी। इस हिसाब से जनवरी में ही सबको डोज लग जाती, लेकिन इसकी स्पीड भी पिछड़ गई है। अभी तक 53.15 लाख बच्चों में से आधे यानी 27.12 लाख को ही पहली डोज लग पाई है। अब रोजाना 20-25 हजार बच्चें ही वैक्सीन लगाने आ रहे हैं। इसलिए फरवरी के अंत ही इनका पहले चरण का अभियान पूरा हो पाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jan 2022 11:59:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ये राह नहीं आसान, डगर-डगर पर गड्ढ़े : कैलाश जैसी दुर्गम हुईं सड़कें</title>
                                    <description><![CDATA[जिम्मेदार आवासन मंडल का तर्क : हमने निगम ग्रेटर को हैंडओवर कर दी कॉलोनियां
जयपुर नगर निगम ग्रेटर का रोना : आवासन मंडल से नहीं मिल रहा है विकास का पैसा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8--%E0%A4%A1%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%A1%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A5%9D%E0%A5%87---%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B6-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%9C%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82/article-1709"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनियों में शुमार मानसरोवर में इन दिनों निवासियों का सड़क पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। क्षतिग्रस्त सड़कों पर हो गड्ढ़ों में वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग सुध लेने की बजाय चैन की नींद सो रहा है। मानसरोवर कॉलोनी में सड़कों का विकास राजस्थान आवासन मंडल एवं क्षेत्र में कार्य कराने वाली कार्यकारी एजेंसी के बीच फंसी नजर आ रही है। मानसरोवर क्षेत्र में सड़कों के रख-रखाव का मुख्य जिम्मा राजस्थान आवासन मंडल का है, लेकिन मंडल की ओर से मुख्य सड़कों की देखरेख की सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। मानसरोवर में तीन मुख्य मार्ग न्यू सांगानेर, मध्यम मार्ग एवं शिप्रापथ है, जहां न्यू सांगानेर रोड पर भारी वाहनों का आवागमन होता है, जिससे यह सड़क आमतौर पर क्षतिग्रस्त ही रहती है। वहीं दूसरी अन्य सड़कों की हालात भी बुरे हैं। क्षेत्र की मुख्य सड़कों के साथ ही कॉलोनियों में हाल बुरे है, जहां क्षेत्रवासियों को सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong><br /> पटेल मार्ग, विजय पथ, सेक्टर 12 अग्रवाल फार्म में नजर हटी तो दुर्घटना घटी</strong></span></span></span><br /> मानसरोवर के पटेल मार्ग, विजय पथ, सेक्टर 12 अग्रवाल फार्म सहित अन्य जगहों पर सड़कों की लंबे समय से खराब है। इसको लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही विकास समितियों की ओर से समय पर सड़कों की मरम्मत के लिए विभाग के अधिकारियों को पत्राचार भी किया जाता है। क्षेत्र में अरावली मार्ग पर सालों से सड़कों की स्थिति खराब लेकिन दुबारा बनाने के स्थान पर समय पर इनकी मरम्मत भी नहीं हुई है। अग्रवाल फार्म निवासी अभय अरोड़ा का कहना है कि वाहन चलाते समय टूटी सड़क और गड्ढ़ों का ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि नजर हटी और दुर्घटना घटी जैसी स्थिति की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>स्थानीय व्यापारी भी परेशान</strong></span></span></span><br /> अग्रवाल फार्म क्षेत्र में लोगों का दिनभर आवागमन होता है। टूटी-फूटी सड़कों पर धूल के गुबार उड़ने से व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है और दुकानों के अंदर रखे सामान भी गंदे हो जाते हैं। मानसरोवर दवा विक्रता संघ के संरक्षक यशपाल भाटिया का कहना है कि कावेरी पथ से लेकर एसएफएस की ओर जाने वाली सड़कों की समस्या से कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। कई जगहों पर स्पीड ब्रेकर भी लगाए जाने चाहिए, ताकि तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले चालक भी संभल कर गाड़ी चलाएं।</p>
<p><br /> मानसरोवर कॉलोनी नगर निगम जयुपर ग्रेटर को हैंडओवर कर दी गई है और यहां सड़कों की देखरेख का काम उनका है। <br /> <strong>-पवन अरोड़ा, आयुक्त, आवासन मंंडल </strong></p>
<p><br /> आवासन मंडल से विधिवत रूप से कॉलोनी हमें हैंडओवर नहीं की है और विकास के पेटे नीलामी सहित कोटे के पैसे भी हमें नहीं दिए गए है ऐसे में विकास का काम राजस्थान आवासन मंडल है।<br /> <strong>-हेमाराम चौधरी, उपायुक्त, मानसरोवर जोन</strong><br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>कालीचरण की चेतावनी : 7 दिन में सड़कें नहीं सुधरी तो घेरेंगे निगम</strong></span></span><br /> मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि नगर निगम सहित अन्य प्रशासन की ओर से नई बनी सड़कों को खोदने और  बारिश से टूटी सड़कों को आगामी सात दिन में ठीक नहीं कराया तो स्थानीय लोगों के साथ ग्रेटर नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे। सराफ ने शुक्रवार को पार्षदों, प्रतिनिधिमंडल के साथ अपने क्षेत्र के राजापार्क, गुरुनानकपुरा, तिलक नगर में जाकर टूटी सड़कों का निरीक्षण किया। इसके बाद वे निगम आयुक्त यज्ञमित्र देव से मिलने गए। जलदाय विभाग ने चार महीने पूर्व ही पाइपलाइन बिछाई थी और रोड कटाई के 85 लाख रुपए नगर निगम में जमा करवाए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 15:17:28 +0530</pubDate>
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