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                <title>वादे वही, नेता बदलते रहे...अंतिम पांच वार्डों की पड़ताल में भी समस्याओं का अंबार</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई कहीं जर्जर सड़कें तो कहीं गंदे नाले, सामुदायिक भवन और सुलभ शौचालय का भी अभाव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/same-old-promises--changing-leaders----a-mountain-of-problems-found-during-the-inspection-of-the-final-five-wards/article-164572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के नए सौ वार्डों की पड़ताल के अंतिम चरण में दैनिक नवज्योति की टीम मंगलवार को शेष पांच वार्डों में पहुंची और वहां की व्यवस्थाओं का जमीनी जायजा लिया। क्षेत्रवासियों से बातचीत में एक बार फिर मूलभूत सुविधाओं की कमी और विकास कार्यों को लेकर नाराजगी सामने आई। लोगों का कहना था कि चुनाव आते हैं तो विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। क्षेत्रवासियों ने तंज कसते हुए कहा, “नेता जी बदलते रहेंगे, लेकिन वादे वही रहेंगे।”</p>
<p>दैनिक नवज्योति की टीम ने सौ वार्डों में विकास और समस्याओं की पड़ताल के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों की तस्वीर सामने लाई है। अंतिम पांच वार्डों में पहुंचने पर भी हालात बहुत अलग नजर नहीं आए। कहीं जर्जर सड़कें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं तो कहीं नालों की सफाई नहीं होने से गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में सामुदायिक भवन और सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से उन्हें उम्मीद रहती है कि वे क्षेत्र की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान करवाएंगे। हालांकि कई इलाकों में वर्षों से चली आ रही समस्याएं आज भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।</p>
<p><strong>वार्ड 99 में सुविधाओं का अभाव</strong><br />क्षेत्रवासियों ने बताया कि इलाके में आज भी सामुदायिक भवन और सुलभ शौचालय जैसी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। लोगों को सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से भी क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में कई स्थानों पर नालियां भी नहीं बनी हुई हैं। इसके चलते घरों से निकलने वाले पानी की उचित निकासी नहीं हो पाती और लोगों को अपने स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ती है। बारिश के दौरान यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि लंबे समय से इन सुविधाओं की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>बालाकुंड में विकास की रफ्तार बेहद धीमी</strong><br />वार्ड नंबर 96 के अंतर्गत आने वाले बालाकुंड क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इलाके में विकास कार्य न के बराबर हुए हैं। नियमित सफाई व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी पसरी रहती है। लोगों ने बताया कि क्षेत्र की कई सड़कों की हालत खराब है और आवश्यक स्थानों पर सीसी रोड का निर्माण भी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़कों से प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय निवासियों के अनुसार वर्षों से घरों के सामने कचरा संग्रहण पॉइंट बने हुए हैं, लेकिन इनका स्थायी और उचित समाधान अब तक नहीं किया गया।</p>
<p><strong>वार्ड 97 में जर्जर सड़कों से परेशान लोग</strong><br />वार्ड नंबर 97 के अंतर्गत आने वाले जवाहर नगर क्षेत्र में भी जर्जर सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। टूटी सड़कों और गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>गंदे नाले और दुर्गंध ने बढ़ाई मुश्किलें</strong><br />वार्ड 97 में नालों की नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत भी सामने आई। लोगों के अनुसार नालों में कचरा जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित होती है और आसपास दुर्गंध फैलती रहती है। बारिश के दौरान कई बार नाले ओवरफ्लो होने लगते हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सुदर्शन गौतम</strong><br />कार्यकाल से पहले क्षेत्र में नालों के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों और आसपास के इलाकों में भर जाता था। क्षेत्रवासियों को राहत दिलाई गई। करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से क्षेत्र में सीसी सड़कों का निर्माण कराया गया। वर्तमान में भी विकास कार्य जारी हैं और पार्कों का निर्माण व विकास कराया जा रहा है। वार्ड में सामुदायिक भवन का निर्माण भी करवाया गया।</p>
<p><strong>पूर्व वार्ड पार्षद नवीन यादव</strong><br />क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या वर्षों से लंबित पट्टों की थी। लोगों को लंबे समय से पट्टे नहीं मिले थे, जिसके लिए प्रयास कर अनेक लोगों को पट्टे दिलवाए गए। वार्ड की गलियों में सीसी रोड और नालियों का निर्माण कराया गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्रवासियों के राशन कार्ड भी बनवाए गए। हालांकि वार्ड में आज भी पार्क, सामुदायिक भवन और डिस्पेंसरी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद कुलदीप प्रजापति</strong><br />कार्यकाल से पहले वार्ड में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी, जिसमें सुधार के लिए विशेष प्रयास किए गए। क्षेत्र में सीवेज कार्य करवाने के साथ पार्कों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। जहां आवश्यकता और संभावना थी, वहां रोड लाइटें लगवाई गईं। उन्होंने बताया कि वार्ड में सामुदायिक भवन और सुलभ कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाओं का अभी भी अभाव है।</p>
<p><strong>वार्डवासी करतार सिंह</strong><br />सड़कें क्षतिग्रस्त होकर लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है और जगह-जगह बने कचरा पॉइंट क्षेत्र की सुंदरता को बिगाड़ने के साथ लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि नियमित सफाई और सड़कों की मरम्मत के लिए जिम्मेदार विभाग को गंभीरता से कार्य करना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।</p>
<p><strong>वार्डवासी संतोष कुमार</strong><br />क्षेत्र में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, लेकिन उनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड के नालों की नियमित और समयबद्ध सफाई भी नहीं होती। बारिश के दौरान यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है तथा गंदा पानी जमा होने की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>वार्डवार नंबर व क्षेत्र</strong><br />-वार्ड नंबर 96 में संपूर्ण बालाकुंड एवं अग्रसेन नगर का क्षेत्र शामिल है।<br />-वार्ड नंबर 97 में दानबाड़ी, संपूर्ण जवाहर नगर, डिस्ट्रिक्ट सेंटर, तलवंडी सेक्टर-सी एवं तलवंडी एसएफएस कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।<br />-वार्ड नंबर 98 में गणेश तालाब, बसंत विहार सेक्टर-2 एवं 3 का संपूर्ण क्षेत्र तथा बसंत विहार का आंशिक क्षेत्र शामिल है।<br />-वार्ड नंबर 99 में महावीर नगर विस्तार योजना-6 एवं सेक्टर-5 का संपूर्ण क्षेत्र, अग्रसेन नगर, गुर्जर बस्ती एवं गणेश तालाब सेक्टर-1 सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।<br />-वार्ड नंबर 100 में तीन बत्ती चौराहा मुख्य मार्ग, बसंत विहार का आंशिक क्षेत्र, केशवपुरा मूर्तिधाम सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 15:26:00 +0530</pubDate>
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                <title>विकास के दावों के बीच बदहाल वार्ड, समस्याओं से जूझ रहे क्षेत्रवासी </title>
                                    <description><![CDATA[टूटे झूलों और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव से पार्क बदहाल, श्रीनाथपुरम में सामुदायिक भवन की दरकार।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wards-in-poor-condition-despite-development-claims--residents-grappling-with-issues/article-164479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के छह वार्डों में विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर की गई जमीनी पड़ताल में लोगों की नाराजगी सामने आई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे अपने पार्षद और जनप्रतिनिधियों से सबसे अधिक उम्मीद मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की रखते हैं। यदि पानी, सड़क, सफाई, बिजली और सुरक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान ही नहीं हो सकता तो फिर चुनाव लड़ने और जनता से वोट मांगने का क्या औचित्य है। वार्ड क्षेत्र में आने वाले केशवपुरा में नाले की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा गंदा पानी क्षेत्र में फैलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं श्रीनाथपुरम में सामुदायिक भवन की समस्या बनी हुई है। लोगों ने बताया कि इन समस्याओं से कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है।</p>
<p><strong>अपने खर्चे से भरवा रहे सड़क के गड्ढे</strong><br />केशवपुरा क्षेत्र की मुख्य सड़कों की हालत भी बदहाल बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढे और सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार सड़क मरम्मत की मांग करने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालात यह हैं कि कुछ स्थानों पर क्षेत्रवासियों ने स्वयं अपने पैसे खर्च कर सड़कों के गड्ढे भरवाए हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होने के बावजूद आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए खुद आगे आना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है।</p>
<p><strong>पार्क में टूटे झूले, सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल</strong><br />वार्ड क्षेत्र के केशवपुरा सेक्टर-6 में स्थित पार्क भी उपेक्षा का शिकार है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क तो बना हुआ है, लेकिन बच्चों के मनोरंजन के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। पार्क में नए झूले नहीं लगाए गए हैं, जबकि पहले से लगे कई झूले टूटे और क्षतिग्रस्त हालत में पड़े हैं। इससे बच्चों को खेलने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उचित रखरखाव और निगरानी के अभाव में पार्क धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। शाम के समय यहां संदिग्ध गतिविधियां होने से आसपास रहने वाले परिवारों में भी चिंता बनी रहती है। लोगों ने पार्क में टूटे झूलों को हटाकर नए झूले लगाने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और नियमित निगरानी के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार विभाग समय रहते इन समस्याओं का समाधान करें तो आम लोगों को राहत मिल सकती है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद अनुराग गौतम</strong><br />कार्यकाल के दौरान वार्ड में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि पहले जहां अधिकांश सड़कें डामर की थीं, वहां सीसी रोड का निर्माण कराया गया। पार्कों में ओपन जिम स्थापित करवाए गए और आमजन की सुविधा के लिए जनता क्लिनिक खुलवाया गया। सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की गई तथा सुलभ कॉम्प्लेक्स का जीर्णोद्धार भी कराया गया। हालांकि वार्ड में आज भी नगर निगम की ओर से सामुदायिक भवन का अभाव बना हुआ है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद बालचंद शर्मा</strong><br />कार्यकाल के दौरान वार्ड में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई। क्षेत्र में कई सीसी रोड का निर्माण करवाया गया और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई पानी की पाइपलाइन डलवाई गई। धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड में समस्याएं जरूर थीं, लेकिन जनप्रतिनिधि के रूप में हमेशा वार्डवासियों की शिकायतों का समाधान कराने का पूरा प्रयास किया गया।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद कुलदीप गौतम</strong><br />कार्यकाल से पहले करीब 20 वर्षों तक व्यायामशाला के बाहर बना कचरा पॉइंट क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था, जिसका समाधान कराया गया। संतोषी नगर सब्जी मंडी में व्यवस्थाओं को सुधारते हुए सीसी रोड का निर्माण करवाया गया तथा वार्ड में पेयजल आपूर्ति बेहतर करने के लिए पानी की पाइपलाइन भी डलवाई गई। हालांकि उन्होंने माना कि वार्ड क्षेत्र में नालों और जल निकासी की समस्या आज भी बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्डवासी राजेंद्र शर्मा</strong><br />क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए बताया कि वार्ड क्षेत्र में पार्क तो बना हुआ है, लेकिन वहां लगे झूले टूट चुके हैं और पार्क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। देखरेख के अभाव में यह पार्क असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड में सामुदायिक भवन का भी अभाव है। साथ ही क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्डवासी ओम बंजारा</strong><br />क्षेत्र की मुख्य सड़क लगातार क्षतिग्रस्त होती जा रही है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क पर बने कई स्पीड ब्रेकर भी टूट चुके हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या से कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 90 से 95 का क्षेत्रवार विवरण</strong><br /><strong>-वार्ड नंबर 90:</strong> इस वार्ड में श्रीनाथपुरम सेक्टर-बी का अधिकांश भाग, अग्निशमन केंद्र, श्रीनाथपुरम, श्रीनाथपुरम सेक्टर-ए, बालाजी मार्केट, एलआईसी भवन सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 91:</strong> वार्ड क्षेत्र में टीचर कॉलोनी सेक्टर-1 व सेक्टर-2, रंगविहार, कंपीटीशन कॉलोनी तथा अंबेडकर बस्ती सहित आसपास के इलाके शामिल हैं।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 92: </strong>इस वार्ड में केशवपुरा सेक्टर-6 और केशवपुरा सेक्टर-7 का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 93:</strong> वार्ड क्षेत्र में रामजानकी मंदिर, तेजाजी पार्क, राजपूत सेक्टर, आशिक केशवपुरा, केशवपुरा सेक्टर-4 तथा कुम्हारों का मोहल्ला शामिल है।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 94:</strong> इस वार्ड में इंदिरा विहार का आधा क्षेत्र जवाहर नगर थाने के पीछे का इलाका तथा तलवंडी सेक्टर-2 और सेक्टर-3 सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 95: </strong>वार्ड क्षेत्र में आशिक केशवपुरा सेक्टर-4 व सेक्टर-6, गुजराती बस्ती, हरिजन बस्ती, भील बस्ती तथा सुनारों का मोहल्ला शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:58:18 +0530</pubDate>
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                <title>सात वार्डों की ऑडिट में छलका लोगों का दर्द: अरमान था हमकों जिसका, वह गुल खिला नहीं!</title>
                                    <description><![CDATA[ ट्रांसपोर्ट नगर में जलभराव, महावीर नगर में सीवरेज चेंबर बने हादसों का खतरा; सुविधाओं के अभाव पर वार्डवासियों का फूटा गुस्सा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/residents--anguish-surfaces-during-audit-of-seven-wards--%22the-dream-we-cherished-never-came-to-fruition-%22/article-163980"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p> कोटा। शहर के छह वार्डों की दैनिक नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्टिंग में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। चुनाव के समय बेहतर सड़क, पर्याप्त पानी, सफाई व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं के जो सपने क्षेत्रवासियों को दिखाए गए थे, वे आज भी कई इलाकों में अधूरे नजर आ रहे हैं। लोगों का दर्द साफ शब्दों में सामने आया—“अरमान था जिसका, वह गुल खिला नहीं।” करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के दावों के बावजूद वार्डों में लोग आज भी नल, पानी, सफाई और अन्य छोटी-छोटी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।</p>
<p>दैनिक नवज्योति की सात वार्डों में की गई जमीनी पड़ताल में सामने आया कि कई क्षेत्रों में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कहीं नलों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा तो कहीं जलापूर्ति की व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था भी वार्डवासियों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। कई स्थानों पर नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैली रहती है और लोगों को दुर्गंध व मच्छरों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>ट्रांसपोर्ट नगर में नालियों के अभाव से जलभराव</strong><br />ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में नालियों का समुचित निर्माण नहीं होने से बरसात के दिनों में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं। पानी निकासी की व्यवस्था कमजोर होने के कारण कई जगह पानी भर जाता है। लोगों का कहना है कि नालियों के निर्माण और रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। कई नालियां जाम होने के कारण बारिश के दौरान गंदा पानी सड़कों और आसपास के इलाकों में फैल जाता है। इससे आवागमन प्रभावित होता है और क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।</p>
<p><strong>महावीर नगर में सीवरेज चेंबर बने दुर्घटना का खतरा</strong><br />महावीर नगर क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य में भी खामियां सामने आई हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार सीवरेज चेंबरों के ढक्कन सड़क की सतह के अनुरूप नहीं हैं। कहीं ढक्कन ऊपर हैं तो कहीं नीचे, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में केवल निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। खराब तरीके से किए गए कार्य लोगों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन रहे हैं।</p>
<p><strong>अनंतपुर थाने के पीछे नाले पर अतिक्रमण से बढ़ी परेशानी</strong><br />अनंतपुर थाने के पीछे स्थित नाले में लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी प्रभावित होने की बात भी सामने आई। नाले की चौड़ाई और जल निकासी क्षमता प्रभावित होने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनी रहती है। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते अतिक्रमण हटाकर नाले की सफाई और उचित व्यवस्था की जाए तो जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।</p>
<p>वार्ड में सुविधाओं की कमी को लेकर लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। कई क्षेत्रों में न तो सामुदायिक भवन है, न लोगों की जरूरत के अनुसार डिस्पेंसरी की व्यवस्था और न ही बच्चों व बुजुर्गों के लिए पर्याप्त पार्क। वार्डवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को केवल बड़े विकास कार्यों के आंकड़े बताने के बजाय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को समझना चाहिए। लोगों का सवाल है कि यदि पांच साल में वार्डों में पानी, सफाई, सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं तो आखिर विकास किसका हुआ?</p>
<p><strong>करोड़ों के दावों के बीच बुनियादी सुविधाओं की तलाश</strong><br />जनप्रतिनिधि अक्सर करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाने के दावे करते हैं, लेकिन दैनिक नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्टिंग में कई जगहों पर अलग तस्वीर दिखाई दी। क्षेत्रवासी आज भी छोटी-छोटी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें आंकड़ों और घोषणाओं से ज्यादा जरूरत धरातल पर काम दिखने की है। साफ सड़क, बेहतर सफाई, सुचारू जलापूर्ति, मजबूत नालियां और सुरक्षित सीवरेज व्यवस्था उनकी प्राथमिक मांग है।<br />छह वार्डों की इस ऑडिट ने साफ कर दिया है कि विकास की तस्वीर केवल दावों से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आने वाले बदलाव से तय होती है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जरीना</strong><br />कार्यकाल में वार्ड में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई और करीब 9 करोड़ रुपए के कार्य करवाए गए। वार्ड में सड़कों का निर्माण कराया गया, जिससे आवागमन की सुविधा बेहतर हुई है। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी अच्छी बनी रहती है। हालांकि, अनंतपुर थाने के पीछे नाले की समस्या अभी भी बनी हुई है, जिसके समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद कमल मीणा</strong><br />वार्ड की सबसे बड़ी समस्या जगपूरा नाले की है। नाले का आधा काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य अभी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि कार्यकाल में खेल मैदान का निर्माण, पानी की पाइपलाइन सहित कई विकास कार्य करवाए गए। सफाई व्यवस्था में कर्मचारियों की कमी के कारण परेशानी आती है, जिसे दूर करने की जरूरत है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद विनय कुमार</strong><br />पांच वर्षों के कार्यकाल में वार्ड में कई विकास कार्य करवाए गए और लोगों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। हालांकि, वार्ड के कुछ क्षेत्रों में धीमी गति से पानी आने की समस्या आज भी बनी हुई है। ट्रांसपोर्ट नगर में जलभराव और अन्य परेशानियों को देखते हुए जल्द ही नालियों के निर्माण का कार्य करवाया जाएगा।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सुनील गौतम</strong></p>
<p>वार्ड की सबसे बड़ी समस्या सीवरेज लाइन को गलत तरीके से डालने के कारण बनी हुई है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नालों की समस्या भी क्षेत्र में बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वार्ड के पांच कचरा पॉइंट में से चार को कचरा मुक्त कराया गया है और एक पर काम शेष है। साथ ही पार्क का निर्माण भी कराया गया।</p>
<p><strong>वार्डवासी मनीष नागर</strong><br />क्षेत्र में आज भी कई मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। उनका कहना है कि पांच साल पहले लोगों से जो वादे किए गए थे, उनमें से कई आज तक पूरे नहीं हो पाए हैं। वार्ड में पानी और सफाई की समस्या लगातार बनी हुई है। कई अन्य समस्याओं का भी समाधान नहीं हुआ है, जिससे वार्डवासियों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 22 से 28 तक के क्षेत्र</strong><br />वार्ड नंबर 22: टैगोर नगर, चाणक्य नगर, रानी लक्ष्मीबाई नगर, बोम्बे योजना, स्वामी विवेकानंद नगर, दीप श्री, शुभ अटलांटिस अपार्टमेंट्स, विवेकानंद नगर सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 23: विधायक कॉलोनी, विश्व नगर से नाले तक का क्षेत्र, रंगबाड़ी योजना सेक्टर-1 व 2, बालाजी नगर, कृष्णा नगर, नारकोटिक्स कार्यालय एवं पावर हाउस क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 24: गणपति ट्रेडर्स, रंगबाड़ी का संपूर्ण क्षेत्र, रंगबाड़ी बालाजी मंदिर, विनोबा भावे नगर, अजय आहूजा नगर, मुंबई योजना एवं उड़िया बस्ती शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 25: संपूर्ण बरड़ा बस्ती, क्रेशर बस्ती, ट्रक यूनियन के पीछे का क्षेत्र, मल्टीस्टोरी क्षेत्र, ट्रक यूनियन के सामने का क्षेत्र, बॉम्बे योजना, सुभाष नगर एवं श्मशान क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 26: संपूर्ण तालाब गांव, घोसी मोहल्ला, अनंतपुरा कच्ची बस्ती, अमीन भाई फार्म हाउस, संपूर्ण सुभाष विहार, पुराना अनंतपुरा थाना, आमिर कॉलोनी, देव कॉलोनी एवं राजपूत कॉलोनी शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 27: दीनदयाल नगर, सुभाष नगर प्रथम व द्वितीय, ट्रांसपोर्ट नगर तथा गोबरिया बावड़ी कच्ची बस्ती का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 28: कॉमर्स कॉलेज चौराहा, झालावाड़ रोड, गोबरिया बावड़ी, रेलवे लाइन क्षेत्र, रेलवे लाइन अंडरपास, कोलीपाड़ा, ओम एनक्लेव, विज्ञान नगर, श्मशान नगर, इंदिरा कॉलोनी, पंचवटी कॉलोनी एवं राजीव गांधी स्पेशल क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 14:08:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>धीमी रफ्तार से पानी, टूटी सड़कें और सुविधाओं की कमी; वार्डवासियों ने कहा-समस्याओं पर समय रहते हो ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[कई क्षेत्रों में पार्क और सामुदायिक भवन का अभाव, कहीं नालियों का निर्माण अधूरा तो कहीं सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/low-water-pressure--damaged-roads--and-a-lack-of-amenities--residents-urge-timely-attention-to-these-issues/article-163925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)55.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वार्ड क्षेत्र में विकास कार्य तो हुए हैं, लेकिन रोजमर्रा की छोटी-छोटी समस्याएं अब भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं धीमी गति से आने वाला पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। कुछ क्षेत्रों में नालियों का निर्माण नहीं होने से जल निकासी की समस्या बनी रहती है, वहीं पार्क और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी कई जगह अभाव है। दादाबाड़ी के बसंत विहार क्षेत्र में पानी की समस्या लोगों के लिए प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में दिन में दो बार पानी की सप्लाई तो होती है, लेकिन पानी का प्रेशर इतना कम रहता है कि घरों में पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए मोटर का सहारा लेना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार और पानी का प्रेशर बढ़ाने की जरूरत है, ताकि आमजन को रोजाना की जरूरत के लिए परेशान नहीं होना पड़े।</p>
<p><strong>क्षतिग्रस्त सड़कें व नालिया बढ़ा रही परेशानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र के कई स्थानों पर सड़कों की हालत भी चिंता का विषय है। क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है। बरसात के दिनों में सड़कें और अधिक खराब हो जाती हैं तथा गड्ढों में पानी भरने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की समय पर मरम्मत करवाई जाए। इसी प्रकार कुछ इलाकों में नालियों का निर्माण नहीं होने से जल निकासी की समस्या सामने आती है। बारिश के दौरान यह परेशानी और बढ़ जाती है। वहीं, कई स्थानों पर समय-समय पर सफाई नहीं होने की शिकायत भी स्थानीय लोगों ने की है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था नियमित और प्रभावी रहे तो क्षेत्र की कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं।</p>
<p><strong>पार्क और सामुदायिक भवन की भी कमी</strong><br />पार्क और सामुदायिक भवन की कमी भी लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों में शामिल है। कई क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक स्थान उपलब्ध नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पार्कों के विकास और सामुदायिक भवनों के निर्माण से क्षेत्रवासियों को सुविधा मिलेगी और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी उचित स्थान उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p><strong>समाधान में लग जाता है समय, लेकिन कोशिश जारी</strong><br />वार्डवासियों ने जनप्रतिनिधियों के प्रति पूरी तरह नाराजगी भी व्यक्त नहीं की है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि समस्याओं के समाधान में कभी-कभी अपेक्षा से अधिक समय लेते हैं, लेकिन समस्याओं को हल करने के लिए प्रयास जरूर करते हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि वार्ड की छोटी समस्याओं पर समय-समय पर ध्यान दिया जाए और संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय किया जाए तो क्षेत्र की अधिकांश परेशानियों का आसानी से समाधान हो सकता है।क्षेत्र में समस्याएं ज्यादा बड़ी नहीं हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि जिम्मेदार लोग समय रहते उन पर ध्यान दें और समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाएं। लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और विभागों की जवाबदेही से वार्ड की तस्वीर और बेहतर बनाई जा सकती है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षदपीडी गुप्ता</strong><br />पहले वार्ड में सड़क और नालियों की स्थिति बेहद खराब थी। मेरे कार्यकाल में सड़कों और नालियों का निर्माण करवाया गया तथा पार्क विकसित किया गया। मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार भी कराया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में धीमी गति से पानी आने की समस्या है, जिसके समाधान के लिए जल्द पानी की टंकी का निर्माण कराया जाएगा।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद प्रतिभा गौतम</strong><br />मेरे कार्यकाल में सफाई और सड़कों की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। वार्डवासियों की सुविधाओं के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण भी करवाया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की किसी भी समस्या की सूचना मिलने पर उसी दिन समाधान का प्रयास किया जाता था, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जितेंद्र सिंह</strong><br />वार्ड में सुलभ शौचालय और पार्क का निर्माण कराया गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही राशन की दुकान की समस्या का समाधान कर दुकान खुलवाई गई। इसके साथ ही वार्ड की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।</p>
<p><strong>वार्डवासी पूजा विजय</strong><br />क्षेत्र में पानी की समस्या सबसे गंभीर है। पानी धीमी गति से आता है और दिन में केवल दो बार आपूर्ति होती है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। जगह-जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, लेकिन उनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से क्षेत्रवासियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>वार्डवार क्षेत्र विवरण</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 50: </strong>संपूर्ण श्रीनाथपुरम क्षेत्र, स्टेडियम, जीएडी क्वार्टर, श्रीनाथपुरम ई एवं सी, श्रीनाथपुरम बी, हजीरा बस्ती, श्याम नगर, तिलमसंघ, श्रीनाथपुरम डी, अकेलगढ़ तथा आरटीओ क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 83:</strong> आशापाला कॉलोनी, शक्ति नगर, कुत्ताखाना, दशहरा मैदान क्षेत्र, प्रताप नगर, किशोरपुरा का आंशिक भाग, जिला परिषद कार्यालय, कोटा विकास प्राधिकरण, अभय कमांड सेंटर, दुर्गा बस्ती, सीएडी कॉलोनी, आईएमटीआई तथा इनकम टैक्स कॉलोनी क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 84: </strong>संपूर्ण शास्त्री नगर एवं दादाबाड़ी क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 85:</strong> दादाबाड़ी सेक्टर 1 एवं 2 तथा सेक्टर 3 एवं 4 का संपूर्ण क्षेत्र, साथ ही पी एंड टी कॉलोनी शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 86:</strong> हनुमान नगर, हनुमान नगर कच्ची बस्ती तथा आरएसी कैंपस क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 88: </strong>महावीर नगर विस्तार सेक्टर-3 तथा संतोषी नगर नाले के पूर्व दिशा का क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 15:25:54 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क, सफाई और रोड लाइट बनी सबसे बड़ी समस्या, अतिक्रमण से संकरे हो रहे रास्ते</title>
                                    <description><![CDATA[पार्कों में सुविधाओं की कमी, तलवंडी में बढ़ता अतिक्रमण लोगों के लिए परेशानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads--sanitation--and-street-lighting-emerge-as-major-issues--encroachment-narrowing-pathways/article-163559"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)46.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड नंबर 55, 56, 57, 58 और 59 की ग्राउंड रिपोर्ट में शहर की कई ऐसी समस्याएं सामने आईं, जिनसे स्थानीय लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। पांचों वार्डों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सड़क, सफाई और रोड लाइट को लेकर बताई। कई क्षेत्रों में रोड लाइटें लगी होने के बावजूद जलती नहीं हैं, तो कुछ जगहों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था ही नहीं है। शाम ढलने के बाद अंधेरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे वाले क्षेत्रों में असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों का खतरा भी बना रहता है। महावीर नगर प्रथम क्षेत्र के पार्कों में लगी लाइटों की चोरी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पार्कों में रोशनी की व्यवस्था होने के बावजूद लाइटें चोरी हो जाने से शाम के समय पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो जाती है। ऐसे में पार्कों की नियमित निगरानी और चोरी रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जरूरत है।</p>
<p><strong>तलवंडी में थड़ियों-गुमटियों से बढ़ता अतिक्रमण, रास्ते हो रहे संकरे</strong><br />तलवंडी क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या ने भी गंभीर रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार जगह-जगह थड़ियां और गुमटियां लगाकर सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा किया जा रहा है। सड़क किनारे और रास्तों पर बढ़ते अतिक्रमण से आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ने के कारण कई स्थानों पर रास्ते संकरे होते जा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण की पहचान कर नियमित कार्रवाई करने और हटाए गए अतिक्रमण पर दोबारा कब्जा नहीं होने की व्यवस्था करने की मांग की है।</p>
<p><strong>पार्क हैं, लेकिन बच्चों के लिए झूले और सुविधाएं नदारद</strong><br />वार्डों में पार्कों की मौजूदगी के बावजूद कई जगह बच्चों के मनोरंजन के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पार्कों में बच्चों के लिए झूले लगाए जाने चाहिए, ताकि वे सुरक्षित माहौल में खेल सकें। कई पार्कों में बैठने, रोशनी और रखरखाव की भी जरूरत है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पार्कों को केवल विकसित करने तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनकी नियमित देखरेख भी सुनिश्चित की जाए।</p>
<p><strong>वार्ड संख्या व क्षेत्र</strong><br />वार्ड संख्या 55 का क्षेत्र: सिटी पार्क, राजीव गांधी नगर, महावीर नगर प्रथम एवं पत्रकार कॉलोनी का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 56 का क्षेत्र: न्यू राजीव गांधी नगर, फ्रेंड्स बाजार, पीएमसी हॉस्पिटल, तलवंडी सेक्टर-1ए, आधा इंदिरा विहार एवं भाटिया बिल्डिंग का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 57 का क्षेत्र: संपूर्ण तलवंडी सेक्टर-4 एवं सेक्टर-5 तथा तलवंडी सेक्टर-ए और सेक्टर-बी का संपूर्ण भाग इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 58 का क्षेत्र: विज्ञान नगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 एवं सेक्टर-3 की निर्धारित ब्लॉक संख्या, हरमीत मेडिकल, सुश्रुत मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, जायसवाल अस्पताल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विज्ञान नगर एवं झूलेलाल पार्क का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 59 का क्षेत्र: पीएचईडी कॉलोनी, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, पी एंड टी कॉलोनी सहित विज्ञान नगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 की निर्धारित ब्लॉक संख्या तथा सेक्टर-4 की ब्लॉक संख्या इस वार्ड में शामिल है।</p>
<p>वार्ड के विकास कार्यों को केवल कार्यकाल तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि आज भी क्षेत्र की समस्याओं पर लगातार नजर रखी जाती है। समय-समय पर वार्ड का दौरा कर व्यवस्थाओं की स्थिति देखी जाती है और जरूरत के अनुसार संबंधित विभाग से समाधान करवाने का प्रयास किया जाता है।<br /><strong>-विवेक मित्तल,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। इंदिरा विहार क्षेत्र में लंबे समय से बनी हुई पानी की समस्या को दूर करवाया गया, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करवाने का प्रयास किया जाता है। खराब लाइट की सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारियों से संपर्क कर उसे दुरुस्त करवाया जाता है, ताकि रात के समय लोगों को परेशानी न हो।<br /><strong>-योगेश अहलूवालिया ,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्डवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही। आवागमन सुगम हुआ और लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या दूर हुई। उन्होंने बताया कि वार्ड की प्रत्येक गली में रोड लाइटें लगवाई गईं, ताकि रात के समय लोगों को पर्याप्त रोशनी मिल सके और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर हो।<br /><strong>-योगेंद्र कुमार शर्मा,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्ड क्षेत्र में अतिक्रमण का जाल लगातार फैलता जा रहा है। जगह-जगह लोगों ने सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर कब्जे कर रखे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इस समस्या को लेकर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। अतिक्रमण के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है ।<br /><strong>-हितेश कुशाल सेन,वार्डवासी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:00:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कहीं सफाई-रोशनी बेहाल, कहीं चंबल के शहर में पानी का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[ जमीनी हकीकत में सामने आईं मूलभूत सुविधाओं की तस्वीरें ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sanitation-and-lighting-in-disarray-in-some-areas--a-wait-for-water-in-this-city-by-the-chambal/article-163409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(4)27.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नए वार्डों की हकीकत जानने के लिए की गई ग्राउंड रिपोर्टिंग में अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं। छह वार्डों में लोगों से बातचीत के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी मिलीं। कई इलाकों में लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान समस्याएं दूर करने के दावे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वही समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। वहीं कुछ वार्ड ऐसे भी मिले, जहां लोगों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर संतोष जताया और जनप्रतिनिधि के उपलब्ध रहने को बड़ी उपलब्धि बताया। छह वार्डों की जमीनी तस्वीर बताती है कि एक ही शहर में सुविधाओं को लेकर अलग-अलग तस्वीरें मौजूद हैं।</p>
<p><strong>वार्ड 35 में सफाई और लाइट की समस्या से परेशान लोग</strong><br />वार्ड नंबर 35 में आने वाले इलाकों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट को लेकर बताई। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। वहीं रात के समय कई स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सफाई व्यवस्था नियमित की जाए और खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को समय पर दुरुस्त किया जाए, ताकि रात में आवागमन करने वालों को परेशानी नहीं हो।</p>
<p><strong>चंबल किनारे बसे शहर में पानी को तरस रही पूनम कॉलोनी</strong><br />वार्ड नंबर 37 की पूनम कॉलोनी में ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जिस शहर में चंबल नदी बहती है, उसी शहर की एक कॉलोनी के लोगों को आज तक चंबल का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। लोगों के मुताबिक कॉलोनी में अब तक पाइपलाइन तक नहीं डाली गई है। वर्षों से समस्या झेल रहे परिवार अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं।</p>
<p><strong>मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित, पार्षद से सीधे संवाद से लोग संतुष्ट</strong><br />छह वार्डों की ग्राउंड रिपोर्ट में वार्ड नंबर 40 की तस्वीर बाकी वार्डों से अलग नजर आई। यहां वार्डवासियों ने क्षेत्र की स्थिति को संतोषजनक बताया। लोगों के अनुसार वार्ड में सामुदायिक भवन, पार्क, सड़क, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित हैं। स्थानीय लोगों ने सबसे सकारात्मक बात पार्षद की उपलब्धता को बताया। उनका कहना है कि जब भी पार्षद से मिलने का समय तय होता है, वे उस समय उपलब्ध रहते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। वार्डवासियों के अनुसार समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि तक सीधी पहुंच होना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व शामिल क्षेत्र</strong><br />-वार्ड नंबर 35| चित्रेश नगर, पार्वतीपुरम, महात्मा गांधी कॉलोनी, खारी बावड़ी, मण्दीपाड़ा, रेल विहार कॉलोनी, कृषि फार्म, सुमन नगर, श्रीजी विहार आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 36| रामदास नगर, लक्ष्मी नगर, गोपाल विहार, काला तालाब, रंग तालाब, चौथ माता मंदिर, बाबड़ी, लोको कॉलोनी, रजा नगर, श्रीराम विहार, कृष्ण विहार, पुरोहित नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 37| पूनम कॉलोनी, छोटा सोगरिया, सोगरिया ग्राम पंचायत का भाग, गणपति नगर, दुर्गा नगर, प्रताप टाउनशिप आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 38| न्यू रेलवे कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, रेलवे अस्पताल, रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड, तुल्लापुरा, रेलवे कॉलोनी, पुरानी रेलवे कॉलोनी, वर्कशॉप, जेपी कॉलोनी, उड़िया बस्ती, हरिजन बस्ती, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 4 के सामने का समस्त क्षेत्र, शिवाजी कॉलोनी, पुरोहित जी की टापरी, सुंदर नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 39| जनकपुरी, इंदिरा कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, रेलवे सोसाइटी, सेंट पॉल स्कूल, माला फाटक, कच्ची बस्ती क्षेत्र, राम मंदिर, गुरुद्वारा स्कूल, डाक बंगला स्कूल, राज केसर होटल क्षेत्र आदि।<br />-वार्ड नंबर 40| महाराजा भीम सिंह कॉलोनी, चंबल कॉलोनी, दरबार की कोठी, संपूर्ण आर्मी क्षेत्र, जैन मंदिर क्षेत्र, पोस्ट ऑफिस रोड, मयूर कॉलोनी, रबर फैक्ट्री रोड, मंगलायतन, सनफ्लावर रेस्टोरेंट, उम्मेद भवन आदि क्षेत्र।</p>
<p>पहली बार पार्षद बनने के बाद पहली प्राथमिकता वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना रही। उन्होंने खारी बावड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय का जीर्णोद्धार करवाया। इसके साथ ही वार्ड में रोड़ लाइटें लगवाईं, सीसी रोड का निर्माण करवाया और नालियों का निर्माण कराया। वार्ड में सामुदायिक भवन या पार्क के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है, जिसके चलते इन सुविधाओं का विकास संभव नहीं हो पाया।<br /><strong>- रचना शर्मा, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में सबसे बड़ी समस्या खराब सड़कों की थी। इसे दूर करने के लिए मेरे कार्यकाल में कई जगह सीसी रोड का निर्माण करवाया गया। श्मशान के पास और कब्रिस्तान के सामने बने कचरा पॉइंट को हटाना भी बड़ी चुनौती थी, जिसे मेनें हटवाया। वार्ड में रोड लाइट की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई थी, जिसे दूर करते हुए नई रोड लाइटें लगवाई गई। वार्ड में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लगातार प्रयास किए गए।<br /><strong>- हुकुमचंद, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>कांग्रेस शासन के दौरान वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं का लगातार ध्यान रखा गया, लेकिन सरकार बदलने के बाद वार्ड में समस्याएं बढ़ने लगीं। अब वार्डवासियों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसी फार्म पर हस्ताक्षर करवाने जैसे सामान्य कार्य के लिए भी लोगों को नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बावजूद वहां भी उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>- साजिश खान, निवर्तमान पार्षद</strong></p>
<p>शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान दिलाने की बात की जाती है, लेकिन हमारे वार्ड में स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं नजर नहीं आतीं। वार्ड में ऐसा कोई पार्क नहीं है, जहां बच्चे खेल सकें और झूला झूल सकें या लोग सुबह-शाम सुकून से टहल सकें। इसी तरह सामुदायिक भवन का भी अभाव है। कई परिवार ऐसे हैं, जो निजी स्तर पर बड़े स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में सामुदायिक भवन की सुविधा उनके लिए बेहद जरूरी है।<br /><strong>- राहुल शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p>भाजपा सरकार के कार्यकाल में वार्ड की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा रहता है। कचरा संग्रहण के लिए दो वार्डों में एक ही गाड़ी लगा रखी है, जिसके कारण समय पर कचरा नहीं उठ पाता और लोगों को परेशानी होती है। वार्डवासी आज भी सड़क, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।<br /><strong>- मोहम्मद शरीफ, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 15:05:43 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : अटल सरोवर के सामने जलभराव की समस्या से क्षेत्रवासियों को मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[पालिका ने विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क से कीचड़ व गंदगी हटाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--residents-get-relief-from-waterlogging-issues-in-front-of-atal-sarovar/article-159338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>कापरेन। अटल सरोवर के सामने बारिश के बाद सड़क पर जलभराव, कीचड़ और गंदगी की समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति में 8 जुलाई के अंक में समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आ गया। बुधवार सुबह पालिका की सफाई टीम मौके पर पहुंची और विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क पर फैले कीचड़ व गंदगी को हटाया।  साथ ही निर्माण कार्य के दौरान बंद किए गए नाले को खुलवाकर जल निकासी व्यवस्था सुचारु कर दी, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली।</p>
<p>गौरतलब है कि शक्ति चौराहा पर चल रहे नाला निर्माण कार्य के दौरान शिवनगर की ओर से आने वाले नाले का रास्ता बंद कर दिया गया था। मंगलवार को हुई बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं होने से अटल सरोवर के सामने मुख्य सड़क पर जलभराव हो गया। पानी उतरने के बाद सड़क पर कीचड़ फैल गया और आसपास दुर्गंध की स्थिति बन गई थी। स्थानीय लोगों ने इस समस्या से प्रशासन को पूर्व में भी अवगत कराया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफाई अभियान चलाया तथा बंद नाले को खुलवाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल कर दी। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में निर्माण कार्य के दौरान ऐसी लापरवाही नहीं बरती जाएगी, ताकि बारिश के समय आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।पालिका ने विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क से कीचड़ व गंदगी हटाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:41:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नाली पर अतिक्रमण से रास्ते में जलभराव, मोहल्लेवासी परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूली बच्चों का आवागमन प्रभावित
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/waterlogging-on-the-path-due-to-encroachment-on-the-drain--residents-distressed/article-159006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>कापरेन। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या-1 स्थित कल्याणपुरा में सरकारी नाली पर अतिक्रमण के कारण आम रास्ते पर जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने सरकारी नाली में गिट्टी-सीमेंट भरकर उसे बंद कर दिया, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई। इसके चलते सड़क और आसपास के मकानों के सामने लगातार पानी जमा रहने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि इसी मार्ग से प्रतिदिन राजकीय विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। जलभराव के कारण बच्चों, महिलाओं और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। </p>
<p>लंबे समय से पानी भरा रहने से गंदगी फैलने के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। पूर्व पार्षद रमेश धोबी, प्रहलाद सिंह हाड़ा, घनश्याम मेघवाल, गोपाल गुर्जर, धनी बाई, लाड़ बाई एवं छोटा बाई ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका में शिकायत की जा चुकी है। पालिका ने संबंधित व्यक्ति को नोटिस भी जारी किया, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने और नाली खुलवाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। </p>
<p>नाली निर्माण के लिए कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही नाली का निर्माण कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- प्रवीण कुमार शर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:01:43 +0530</pubDate>
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                <title>असर का खबर - नाला निर्माण का तेज हुआ काम</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले दिनों नाले को खोदकर खुला छोड़ दिया गया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report-%E2%80%93-work-on-drain-construction-accelerated/article-157553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बसंत विहार क्षेत्र में चल रहे नाले का निर्माण कार्य तेज हो गया है। नाले को सीसी बनाने के लिए सरियों को ढकने का काम किया जा रहा है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से बसंत विहार क्षेत्र में नाला निर्माण का काम किया जा रहा है। इसके लिए पिछले दिनों नाले को खोदकर खुला छोड़ दिया गया था। जिससे कई घरों के आगे ऐसी स्थिति हो गई थी कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। घरों के आगे लकड़ी के पाटे लगाकर वाहन निकलना पड़ रहा है। जिससे कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि बसंत विहार में नाला निर्माण के दौरान उसे खुला व अधूरा छोडऩे का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 16 जून के अंक में पेज 7 पर 'हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें नाला निर्माण के दौरान उसे अधूरा छोडऩे से स्थानीय लोगों को हो रही पीड़ा को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद केडीए अधिकारी व संवेदक सक्रिय हुए। उसके बाद नाला निर्माण के काम में तेजी से काम शुरु किया गया।</p>
<p>स्थानीय निवासी अरविंद विजय ने बताया कि एक साथ कई श्रमिक आकर काम कर रहे हैं। नाले में लगे सरियों को कवर करने का काम किया गया। जिस तरह से काम किया जा रहा है। उससे स्पष्ट है कि नाला जल्दी ही बनकर तैयार हो जाएगा। जिससे लोगों की परेशानी कम होने के साथ ही हादसों का खतरा भी नहीं रहेगा।</p>
<p>इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि संवेदक को निर्देश दिए हुए हैं कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएं। साथ ही काम ऐसे किया जाए जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो। बसंत विहार में नाले का काम तेजी से किया जा रहा है। शीघ्र ही काम पूरा हो जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:15:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भीषण गर्मी में पेयजल को तरसे ग्रामीण, गहराया संकट</title>
                                    <description><![CDATA[कई मोहल्लों में जलापूर्ति बाधित, महिलाओं-बच्चों को दूर से लाना पड़ रहा पानी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/villagers-thirsty-for-drinking-water-amidst-scorching-heat--crisis-deepens/article-154954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(8)12.png" alt=""></a><br /><p>सातलखेड़ी। सातलखेड़ी क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि पशुओं के लिए भी पानी की किल्लत र्मिक होने लगी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।  क्षेत्र में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच गांव में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। कई मोहल्लों में दिनों तक पानी की सप्लाई नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।<br /> <br />ग्रामीणों का कहना है कि नलों में पानी नहीं आने के कारण उन्हें दूर-दूर से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। महिलाएं और बच्चे सुबह से ही पानी तलाश में निकल जाते हैं, जिससे उनके दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे की हैं। <br />कई स्थानों पर हैंडपंप भी सूख चुके हैं या पर्याप्त पानी नहीं दे रहे, जिससे समस्या और विकट हो गई है।</p>
<p><strong>जल संकट को लेकर पूर्व में कर चुके हैं प्रदर्शन</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी जल संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन कर सड़क जाम किया गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।</p>
<p><strong>पशुपालकों को भी हो रही परेशानी</strong><br />भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है, जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /> <br />कस्बे के मलवे क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुख्य सड़क के किनारे रहने वाले लोग टैंकरों से आसानी से पानी भर लेते हैं, लेकिन उनके क्षेत्र तक बाइक तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में उन्हें दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है, जिससे काफी कठिनाई होती है। <br /><strong>- सफी खान, ग्रामीण, सातलखेड़ी</strong><br /> <br />सातलखेड़ी में पेयजल समस्या उत्पन्न हो रही है तो ग्राम पंचायत की ओर सेइस संबंध में संबंधित विभाग को अवगत कराया जाएगा। ताकि समस्या का शीघ्र समाधान हो सके।<br /><strong>- पुष्पेंद्र शर्मा, वीडीओ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:38:10 +0530</pubDate>
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                <title>बांसी का रावजी मोहल्ला : नाममात्र जलापूर्ति से मोहल्लेवासियों में बढ़ा आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/bansi-s-raoji-mohalla--growing-outrage-among-residents-due-to-meager-water-supply/article-154550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-1111.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी कस्बे स्थित रावजी मोहल्ले में पिछले दो माह से पेयजल संकट गहराने से मोहल्लेवासियों में भारी नाराजगी है। जलदाय विभाग की ओर से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान नहीं होने पर उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे।</p>
<p>जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग द्वारा बांसी कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में घर-घर नल कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन रावजी मोहल्ले में पिछले लंबे समय से नलों में नाममात्र का पानी ही पहुंच रहा है। कई मकानों की दूसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच पाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ऑनलाइन शिकायत के बाद नैनवां के कनिष्ठ अभियंता विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जलापूर्ति शुरू करवाई। हालांकि उस समय भी उपभोक्ताओं के नलों में बहुत कम मात्रा में पानी पहुंचता दिखाई दिया। इसके बाद अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्धारित समय से 20 मिनट अतिरिक्त जलापूर्ति करने के निर्देश दिए।</p>
<p>मोहल्लेवासियों हुकमचंद शर्मा, मुकेश कुमार जैन, अंकित जैन, लोकेश शर्मा, सत्यनारायण सोनी, नीरूशंकर शर्मा, सीमा जैन, ममता जैन एवं अवधेश कुमार जैन सहित अन्य लोगों ने बताया कि कई बार विभागीय कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। बिजली कटौती के दौरान मोटर बंद रहने से जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो जाती है, जिससे लोगों को निजी नलकूपों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे जलदाय विभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बाद में अधिकारियों ने समझाइश कर लोगों को शांत किया।</p>
<p>बांसी के जिस मोहल्ले में जलापूर्ति समस्या है। वह लाइन के टेल क्षेत्र के है। इस समस्या के समाधान के लिए निर्धारित समय से 20 मिनट अधिक समय तक जलापूर्ति करने के लिए कर्मचारी को निर्देशित किया गया है। मोहल्ले में समय से जलापूर्ति हो जाएगी।<br /><strong>- योगिता जांगिड़, जेईएन,जलदाय विभाग, नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 14:55:12 +0530</pubDate>
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                <title>देईखेड़ा में गहराया जल संकट : &quot;हर घर नल&quot; योजना फेल, लोगों को दूर-दराज से  लाना पड़ रहा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[ हालत यह है कि डेढ़-डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाली दो जल टंकियां होने के बावजूद भी लोगों को नियमित और पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। सबसे अधिक परेशानी रेलवे पार स्थित चक मालिकों की बस्ती के लोगों को उठानी पड़ रही है, जहां आज तक पेयजल पाइपलाइन ही नहीं पहुंच सकी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/water-crisis-deepens-in-deikheda---har-ghar-nal---tap-in-every-home--scheme-fails/article-152876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)21.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र के प्रमुख कस्बे देईखेड़ा में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। करीब 5 हजार की आबादी वाले इस कस्बे में सरकार की ह्लहर घर नलह्व योजना के दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल नजर आ रहे हैं। हालत यह है कि डेढ़-डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाली दो जल टंकियां होने के बावजूद भी लोगों को नियमित और पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। सबसे अधिक परेशानी रेलवे पार स्थित चक मालिकों की बस्ती के लोगों को उठानी पड़ रही है, जहां आज तक पेयजल पाइपलाइन ही नहीं पहुंच सकी है। इसके अलावा रेलवे कॉलोनी, रूप नगर, महादेव जी की बस्ती और देवनारायण मंदिर क्षेत्र सहित कई मोहल्लों में पानी का दबाव बेहद कम होने से सप्लाई बाधित रहती है।</p>
<p>भीषण गर्मी के बीच हालात और बिगड़ गए हैं। कई क्षेत्रों में लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>समाधान की आस में जनता</strong><br />अधिकारियों के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीनी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कस्बेवासी लंबे समय से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली है। ऐसे में सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक देईखेड़ा वासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p>कस्बे में दो टंकियां होने पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है।  स्थानीय प्रसासन का समस्या की गम्भीरता पर ध्यान नहीं दे रहा है ओर सरकार के दावे फेल नजर आ रहे है। जबकि अब मई जून में पानी की डिमांड बढ़ जाएगी। <br /><strong> -दिनेश व्यास देईखेड़ा व्यापार मंडल अध्यक्ष</strong></p>
<p>कस्बे के उच्च जलाशयों (टंकियों) को भरने के लिए चार बोरिंग हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो ही संचालित हैं। इसके कारण टंकियां पूरी तरह नहीं भर पातीं और जलदाब कम रहता है।  जिन बस्तियों में पाइपलाइन नहीं है, वहां ईआरसीपी परियोजना के तहत पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।<br /><strong>- महावीर कुमावत,कनिष्ठ अभियंता,जलदाय विभाग लाखेरी  </strong></p>
<p>सर्दियों में जल की खपत कम थी, लेकिन गर्मियों में मांग बढ़ने से समस्या बढ़ी है। पहले से दो बोरिंग चालू थे और बुधवार से तीसरा बोरिंग भी शुरू कर दिया जाएगा जिससे जलदाब की समस्या में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही नई पाइपलाइन बिछाने का प्रावधान भी ईआरसीपी परियोजना के तहत पस्तावित है। <br /><strong>- राहुल पारीक,पंचायत सचिव </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:32:05 +0530</pubDate>
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