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                <title>residents - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर का खबर - नाला निर्माण का तेज हुआ काम</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले दिनों नाले को खोदकर खुला छोड़ दिया गया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report-%E2%80%93-work-on-drain-construction-accelerated/article-157553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बसंत विहार क्षेत्र में चल रहे नाले का निर्माण कार्य तेज हो गया है। नाले को सीसी बनाने के लिए सरियों को ढकने का काम किया जा रहा है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से बसंत विहार क्षेत्र में नाला निर्माण का काम किया जा रहा है। इसके लिए पिछले दिनों नाले को खोदकर खुला छोड़ दिया गया था। जिससे कई घरों के आगे ऐसी स्थिति हो गई थी कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। घरों के आगे लकड़ी के पाटे लगाकर वाहन निकलना पड़ रहा है। जिससे कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि बसंत विहार में नाला निर्माण के दौरान उसे खुला व अधूरा छोडऩे का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 16 जून के अंक में पेज 7 पर 'हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें नाला निर्माण के दौरान उसे अधूरा छोडऩे से स्थानीय लोगों को हो रही पीड़ा को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद केडीए अधिकारी व संवेदक सक्रिय हुए। उसके बाद नाला निर्माण के काम में तेजी से काम शुरु किया गया।</p>
<p>स्थानीय निवासी अरविंद विजय ने बताया कि एक साथ कई श्रमिक आकर काम कर रहे हैं। नाले में लगे सरियों को कवर करने का काम किया गया। जिस तरह से काम किया जा रहा है। उससे स्पष्ट है कि नाला जल्दी ही बनकर तैयार हो जाएगा। जिससे लोगों की परेशानी कम होने के साथ ही हादसों का खतरा भी नहीं रहेगा।</p>
<p>इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि संवेदक को निर्देश दिए हुए हैं कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएं। साथ ही काम ऐसे किया जाए जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो। बसंत विहार में नाले का काम तेजी से किया जा रहा है। शीघ्र ही काम पूरा हो जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:15:36 +0530</pubDate>
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                <title>भीषण गर्मी में पेयजल को तरसे ग्रामीण, गहराया संकट</title>
                                    <description><![CDATA[कई मोहल्लों में जलापूर्ति बाधित, महिलाओं-बच्चों को दूर से लाना पड़ रहा पानी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/villagers-thirsty-for-drinking-water-amidst-scorching-heat--crisis-deepens/article-154954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(8)12.png" alt=""></a><br /><p>सातलखेड़ी। सातलखेड़ी क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि पशुओं के लिए भी पानी की किल्लत र्मिक होने लगी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।  क्षेत्र में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच गांव में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। कई मोहल्लों में दिनों तक पानी की सप्लाई नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।<br /> <br />ग्रामीणों का कहना है कि नलों में पानी नहीं आने के कारण उन्हें दूर-दूर से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। महिलाएं और बच्चे सुबह से ही पानी तलाश में निकल जाते हैं, जिससे उनके दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे की हैं। <br />कई स्थानों पर हैंडपंप भी सूख चुके हैं या पर्याप्त पानी नहीं दे रहे, जिससे समस्या और विकट हो गई है।</p>
<p><strong>जल संकट को लेकर पूर्व में कर चुके हैं प्रदर्शन</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी जल संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन कर सड़क जाम किया गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।</p>
<p><strong>पशुपालकों को भी हो रही परेशानी</strong><br />भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है, जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /> <br />कस्बे के मलवे क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुख्य सड़क के किनारे रहने वाले लोग टैंकरों से आसानी से पानी भर लेते हैं, लेकिन उनके क्षेत्र तक बाइक तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में उन्हें दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है, जिससे काफी कठिनाई होती है। <br /><strong>- सफी खान, ग्रामीण, सातलखेड़ी</strong><br /> <br />सातलखेड़ी में पेयजल समस्या उत्पन्न हो रही है तो ग्राम पंचायत की ओर सेइस संबंध में संबंधित विभाग को अवगत कराया जाएगा। ताकि समस्या का शीघ्र समाधान हो सके।<br /><strong>- पुष्पेंद्र शर्मा, वीडीओ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:38:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बांसी का रावजी मोहल्ला : नाममात्र जलापूर्ति से मोहल्लेवासियों में बढ़ा आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/bansi-s-raoji-mohalla--growing-outrage-among-residents-due-to-meager-water-supply/article-154550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-1111.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी कस्बे स्थित रावजी मोहल्ले में पिछले दो माह से पेयजल संकट गहराने से मोहल्लेवासियों में भारी नाराजगी है। जलदाय विभाग की ओर से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान नहीं होने पर उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे।</p>
<p>जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग द्वारा बांसी कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में घर-घर नल कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन रावजी मोहल्ले में पिछले लंबे समय से नलों में नाममात्र का पानी ही पहुंच रहा है। कई मकानों की दूसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच पाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ऑनलाइन शिकायत के बाद नैनवां के कनिष्ठ अभियंता विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जलापूर्ति शुरू करवाई। हालांकि उस समय भी उपभोक्ताओं के नलों में बहुत कम मात्रा में पानी पहुंचता दिखाई दिया। इसके बाद अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्धारित समय से 20 मिनट अतिरिक्त जलापूर्ति करने के निर्देश दिए।</p>
<p>मोहल्लेवासियों हुकमचंद शर्मा, मुकेश कुमार जैन, अंकित जैन, लोकेश शर्मा, सत्यनारायण सोनी, नीरूशंकर शर्मा, सीमा जैन, ममता जैन एवं अवधेश कुमार जैन सहित अन्य लोगों ने बताया कि कई बार विभागीय कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। बिजली कटौती के दौरान मोटर बंद रहने से जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो जाती है, जिससे लोगों को निजी नलकूपों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे जलदाय विभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बाद में अधिकारियों ने समझाइश कर लोगों को शांत किया।</p>
<p>बांसी के जिस मोहल्ले में जलापूर्ति समस्या है। वह लाइन के टेल क्षेत्र के है। इस समस्या के समाधान के लिए निर्धारित समय से 20 मिनट अधिक समय तक जलापूर्ति करने के लिए कर्मचारी को निर्देशित किया गया है। मोहल्ले में समय से जलापूर्ति हो जाएगी।<br /><strong>- योगिता जांगिड़, जेईएन,जलदाय विभाग, नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 14:55:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>देईखेड़ा में गहराया जल संकट : &quot;हर घर नल&quot; योजना फेल, लोगों को दूर-दराज से  लाना पड़ रहा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[ हालत यह है कि डेढ़-डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाली दो जल टंकियां होने के बावजूद भी लोगों को नियमित और पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। सबसे अधिक परेशानी रेलवे पार स्थित चक मालिकों की बस्ती के लोगों को उठानी पड़ रही है, जहां आज तक पेयजल पाइपलाइन ही नहीं पहुंच सकी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/water-crisis-deepens-in-deikheda---har-ghar-nal---tap-in-every-home--scheme-fails/article-152876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)21.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र के प्रमुख कस्बे देईखेड़ा में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। करीब 5 हजार की आबादी वाले इस कस्बे में सरकार की ह्लहर घर नलह्व योजना के दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल नजर आ रहे हैं। हालत यह है कि डेढ़-डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाली दो जल टंकियां होने के बावजूद भी लोगों को नियमित और पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। सबसे अधिक परेशानी रेलवे पार स्थित चक मालिकों की बस्ती के लोगों को उठानी पड़ रही है, जहां आज तक पेयजल पाइपलाइन ही नहीं पहुंच सकी है। इसके अलावा रेलवे कॉलोनी, रूप नगर, महादेव जी की बस्ती और देवनारायण मंदिर क्षेत्र सहित कई मोहल्लों में पानी का दबाव बेहद कम होने से सप्लाई बाधित रहती है।</p>
<p>भीषण गर्मी के बीच हालात और बिगड़ गए हैं। कई क्षेत्रों में लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>समाधान की आस में जनता</strong><br />अधिकारियों के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीनी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कस्बेवासी लंबे समय से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली है। ऐसे में सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक देईखेड़ा वासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p>कस्बे में दो टंकियां होने पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है।  स्थानीय प्रसासन का समस्या की गम्भीरता पर ध्यान नहीं दे रहा है ओर सरकार के दावे फेल नजर आ रहे है। जबकि अब मई जून में पानी की डिमांड बढ़ जाएगी। <br /><strong> -दिनेश व्यास देईखेड़ा व्यापार मंडल अध्यक्ष</strong></p>
<p>कस्बे के उच्च जलाशयों (टंकियों) को भरने के लिए चार बोरिंग हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो ही संचालित हैं। इसके कारण टंकियां पूरी तरह नहीं भर पातीं और जलदाब कम रहता है।  जिन बस्तियों में पाइपलाइन नहीं है, वहां ईआरसीपी परियोजना के तहत पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।<br /><strong>- महावीर कुमावत,कनिष्ठ अभियंता,जलदाय विभाग लाखेरी  </strong></p>
<p>सर्दियों में जल की खपत कम थी, लेकिन गर्मियों में मांग बढ़ने से समस्या बढ़ी है। पहले से दो बोरिंग चालू थे और बुधवार से तीसरा बोरिंग भी शुरू कर दिया जाएगा जिससे जलदाब की समस्या में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही नई पाइपलाइन बिछाने का प्रावधान भी ईआरसीपी परियोजना के तहत पस्तावित है। <br /><strong>- राहुल पारीक,पंचायत सचिव </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:32:05 +0530</pubDate>
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                <title>कुंडला गांव में पेयजल संकट, कैसे बुझेगी प्यास</title>
                                    <description><![CDATA[गागरिन परियोजना का पानी आधे से अधिक घरों में नहीं पहुंचा, दूर दराज से लाना पड़ रहा पानी ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/3-%09drinking-water-crisis-in-kundla-village--how-will-thirst-be-quenched/article-150788"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)17.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला । चौमहला ग्राम पंचायत मुख्यालय कुंडला के निवासी इन दिनों पेयजल समस्या से जूझ रहे है। ग्रामीण पेयजल दूर कुओं से ला रहे है, जनता जल योजना के कुएं में पानी नहीं होने से गर्मी में यह योजना फेल हो जाती है, घर घर नल, घर घर जल योजना में गागरिन परियोजना का पानी आधे से अधिक घरों में  नहीं पहुंच रहा है जिससे ग्रामीण परेशान हो रहे है। कुंडला गांव में जनता जल योजना में बस स्टेंड पर पानी की बड़ी टंकी बनी हुई है लेकिन जिस कुएं से यह टंकी भरी जाती है गर्मी के दिनों में कुएं में पानी रीत जाता है कुएं में पानी नहीं होने के कारण जनता जल योजना करीब डेढ़ माह से बंद है। गागरिन परियोजना का पानी पूरे गांव में नहीं आने से लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है।</p>
<p> इन दिनों मुख्य रूप से सुरेश कोठारी के निवास से बस स्टेंड तक तथा मेहर मोहल्ला, कुम्हार मोहल्ला, बैरागी मोहल्ला, राजपूत मोहल्ला में पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीण महिपाल सिंह, योकेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, प्रदीप सिंह, प्रेम सिंह ने बताया कि गर्मी की शुरुवात के साथ ही गांव में पेयजल समस्या शुरू हो जाती पेयजल दूर दूर कुओं से लाना पड़ रहा कई ग्रामीण टैंकर मंगवाकर पानी की पूर्ति करते है उन्हें अतिरिक्त आर्थिक संकट झेलना पड़ता है। गागरिन परियोजना का पानी सुरेश कोठारी के निवास से बस स्टेंड तक नहीं पहुंच रहा है, तथा बस स्टेंड क्षेत्र में तो अभी गागरिन योजना की पाइप लाइन भी नहीं डल पाई है। ग्रामीणों इस समस्या को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों को अवगत कराया लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं होने से लोगों मेंरोष है। </p>
<p>सुरेश कोठारी के निवास से बस स्टेंड तक गागरिन परियोजना का पानी अभी तक नहीं पहुंचा, आठ साल से समस्या को प्रमुखता से रखा लेकिन समस्या है, हर बार शिवरों में इस समाधान नहीं हुआ।<br /><strong>- ओम प्रकाश बैरागी, कस्बेवासी</strong><br /> <br />पानी की बहुत समस्या है दूर दूर से पानी लाना पड़ रहा है, समस्या का स्थाई समाधान हो, जनता जल योजना की टंकी भी बंद है, गागरिन का तो पानी ही नहीं आता<br /><strong>- विजय सिंह झाला, कस्बेवासी </strong></p>
<p>गांव में पानी की समस्या है इसका समाधान होना चाहिए । ग्रमीण दूरदराज से पानी लाने को मजबूर हैं। गर्मी में पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>- रमेश चंद बैरागी, कस्बेवासी </strong></p>
<p>हमारे घरों के नलों में पानी ही नहीं आ रहा है दूर कुएं से पानी लाना पड़ रहा है।<br /><strong>- जुझार सिंह झाला,कस्बेवासी </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कुंडला गांव में गागरिन परियोजना का कार्य अभी अधूरा है, अभी तक 30% ही कार्य हो पाया है, 30 जून तक कार्य पूर्ण होने की संभावना है, कार्य पूर्ण होने के बाद पूरे गांव में गागरिन का पानी पहुंचना शुरूहोगा। <br /><strong>- वीरेंद्र छिपा, सहायक अभियंता, गागरिन परियोजना</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/3-%09drinking-water-crisis-in-kundla-village--how-will-thirst-be-quenched/article-150788</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 14:32:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - सड़क निर्माण से वास्तविक राहत</title>
                                    <description><![CDATA[ खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया रेलवे प्रशासन ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news-%E2%80%93-real-relief-through-road-construction/article-148369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रेलवे कॉलोनी में लंबे समय से चली आ रही मित्र मंडली और गंदगी की समस्या पर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। 11 अगस्त 2025 को इस मुद्दे पर प्रमुखता से प्रतिबंध लगा दिया गया जिसके बाद रेलवे प्रशासन में गड़बड़ी आई और कॉलोनी की मुख्य सड़क पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से उजाड़, जंगल और अर्थव्यवस्था से जूझ रहे थे। कॉलोनी की मुख्य सड़क के दोनों तरफ लंबे समय से भक्तों के माध्यम से रेत, मलबा और वेस्टेज कंटेंट में जा रही थी, जहां से रास्ता संवारा गया था। ऑटोमोबाइल, ऑटोमोबाइल, क्लासिक बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने माउज़ का निरीक्षण किया और सड़क की सफाई, समरूपता और नए स्तर का कार्य शुरू किया। अब निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिससे समशीतोष्ण गंदगी और कूड़ा-कचरा भी कम हो गया है।</p>
<p><strong>रहवासियों की प्रतिक्रिया</strong><br />हम काफी समय से इस समस्या से परेशान थे, लेकिन अब काम शुरू होने से राहत मिल गई है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरी सड़क टूट जाएगी। बैल के दिनों में हालात और भी बुरे हो गए थे, लेकिन अब निर्माण कार्य शुरू होने से उम्मीद है कि स्थायी समाधान होगा।<br /><strong>- सोहेल मिर्जा, स्थानीय रहवासी</strong></p>
<p>इनका कहना है<br />क्षतिग्रस्त उद्यमों के सुधार का कार्य योजनाबद्ध तरीकों से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न उद्यमों के लिए मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से श्रमिकों के ऑर्डर भी जारी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि शेष भैया भी जल्द ही पूरा कर काम में तेजी लाएंगे। विभाग का प्रयास है कि कॉलोनी के निवासियों को जल्द से जल्द बेहतर सड़कों की सुविधा मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।<br /><strong>- सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 11:40:34 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कई दिन से खुदा पड़ा नाला, लोग हो रहे परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय दुकानदारों व वाहन चालकों को लगाना पड़ रहा लंबा चक्कर।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dug-up-drain-for-several-days--causing-inconvenience-to-residents/article-143927"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। विज्ञान नगर मुख्य चौराहे पर पिछले कई दिन से खुदा पड़ा नाला स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों व लोगों को जरा सी दूरी तय करने के लिए लम्बा चक्कर लगाकर निकलना पड़ रहा है।कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से विज्ञान नगर में नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। जिसके तहत मुख्य चौराहे पर बड़े नाले को भी खोदा गया था। लेकिन उसे सही नहीं करने से वहां मलबे का ढेर लगा हुआ है। साथ ही लोगों का इधर से उधर और उधर से इधर आना-जाना बंद हो रहा है।</p>
<p>स्थानीय निवासी अनुराग भारद्वाज का कहना है कि निर्माण व नाले का काम होना सही है। लेकिन हालत यह है कि काम के लिए नाला खोद तो दिया। उसे सही नहीं कर पिछले कई दिन से ऐसा ही छोड़ा हुआ है। जिससे जरा सी दूर घर पर जाने या आस-पास ही दुकान पर जाने के लिए लम्बा चक्कर लगाना पड़ रहा है।विज्ञान नगर निवासी विवेक शर्मा का कहना है कि पैदल या दो पहिया वाहन तो गलियों में से भी निकल रहे हैं। लेकिन चार पहिया वाहन होने पर अधिक परेशानी हो रही है। कार गलियों से भी नहीं निकल पाती। ऐसे में कार को साइड में ही खड़ा करके जैसे-तैसे परेशान होते हुए दुकानों पर सामान लेने जाना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>व्यापार हो रहा प्रभावित</strong><br />इधर दुकानदारों का भी कहना है कि नाला खुदे कई दिन हो गए। उसके बाद उसे सही करने कोई नहीं आ रहा है। मुख्य चौराहे पर दोनों तरफ का आवागमन बंद हो रहा है। जिससे दुकानों पर ग्राहक ही नहीं आ पा रहे हैं। इससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।फास्ट फूड का ठेला लगाने वाले महेश नामा का कहना है कि एक दिन पहले हुई बरसात से वहां कीचड़ हो गई। जिससे परेशानी अधिक हो रही है। नाले का काम लम्बे समय से अधूरा होने से उनका काम धंधा बाधित हो रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />विज्ञान नगर में नाला और नाली निर्माण का काम चल रहा है। नाले की खुदाई करने पर वहां से सीवर लाइन व पानी की लाइन निकल रही है। पानी की लाइन को ऊंचा किया जाना है। जिससे नीचे कचरा नहीं जमे। साथ ही सीवर लाइन का भी काम होना है। जलदाय विभाग वाले यह काम करेंगे। उसके बाद ही आरसीसी का नाम निर्माण किया जाएगा। काम के दौरान कुछ परेशानी हो सकती है। लेकिन प्रयास है कि जल्दी ही काम पूरा कर दिया जाएगा।<br /><strong>- सतीश तोमर, सहायक अभियंता, कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 14:52:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण  वार्ड 31 - सफाई व्यवस्था चरमराई, नियमित कचरा गाड़ी नहीं आने से निवासी परेशान </title>
                                    <description><![CDATA[स्पीड ब्रेकर नहीं होने से  वाहन तेज गति से निकलते हैं,  कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-31---sanitation-system-in-shambles--residents-troubled-by-lack-of-regular-garbage-trucks/article-135433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 31 के रंगबाड़ी क्षेत्र में नियमित कचरा गाड़ी नहीं आने और नालियों की सफाई नहीं होने से निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में रहने वाले संजय कुमार व दिनेश कुमार ने बताया कि हमारी तरफ की नालियां गंदगी से अटी पड़ी हुई हैं, जिससे दिनभर बदबू आती रहती है। नियमित सफाई नहीं होने की वजह से नालियों का पानी सड़क पर बहने लगता है। गलियों में दिनभर आवारा पशु विचरण करते रहते हैं। वार्ड की गलियों में कई रोड लाइटें जलती नहीं हैं, जबकि कुछ ही लाइटें चालू रहती हैं, जिससे रात में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्पीड ब्रेकर नहीं होने से दुर्घटना का खतरा एक मैरिज गार्डन के आसपास रहने वालों ने बताया कि हमारी तरफ एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं होने की वजह से तेज गति में वाहन निकलते हैं, जिससे बाहर खेलने वाले बच्चे कई बार चोटिल हो जाते हैं और दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। मैदान में भरे गंदे पानी से बढ़ी समस्या वार्ड के बीच स्थित मैदान में गंदा पानी भरा रहता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। गंदे पानी से निकलकर जलीय जीव आसपास के घरों तक पहुंच जाते हैं, जिससे डर का माहौल बना रहता है।</p>
<p><strong>खुले बिजली ट्रांसफॉर्मर </strong><br />वार्ड के बीचों-बीच स्थित बस्ती में बिजली का एक खुला ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है, जिसके आसपास दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। सत्यनारायण सहित अन्य लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में इस खुले ट्रांसफॉर्मर से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि इसके चारों ओर बाउंड्रीवाल या किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार का निर्माण होना आवश्यक है।</p>
<p><strong>सामुदायिक भवन का अभाव</strong><br />वार्ड में रहने वाले लोगों ने बताया कि यहां निगम का कोई सामुदायिक भवन नहीं होने से मांगलिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के लिए निजी भवनों को महंगी दरों पर बुक करना पड़ता है। अगर निगम का भवन उपलब्ध हो जाए तो लोगों को कम दर पर सुविधा मिल सकती है।</p>
<p>वार्ड में नियमित कचरा गाड़ी नहीं आती और सफाई नहीं होती है। नालियां गंदगी से अटी पड़ी रहती हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है।<br /><strong>- भंवरलाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>घरों के सामने की नाली में एक निजी मैरिज गार्डन का वेस्ट डाला जाता है। इससे नालियां लगातार गंदगी से भरी रहती हैं और इनके आसपास दिनभर आवारा पशु घूमते रहते हैं।<br /><strong>- वीनस महिला</strong></p>
<p>मेरे कार्यकाल में नियमित रूप से सफाई होती थी। जब से मेरा कार्यकाल समाप्त हुआ और प्रशासक ने कार्यभार संभाला, तब से सफाई को लेकर दिक्कतें बढ़ी हैं। लोगों के फोन आते हैं, लेकिन मैं जब अधिकारियों को फोन करता हूं तो वे कॉल रिसीव नहीं करते।<br /><strong>- ओम गुंजल, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 13:00:54 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 6 - नाले का ढकान, गंदगी और खाली मकान बने परेशानी, कचरा गाड़ी का समय नहीं निर्धारित </title>
                                    <description><![CDATA[घनी आबादी के बीच स्थित खाली प्लॉट में लोग कचरा डाल देते हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-6---blocked-drains--filth--and-empty-houses-pose-a-problem--garbage-truck-timings-are-not-set/article-135167"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(8)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 6 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास के कार्य तो करवाए गए, जिनमें पार्कों का सौन्दर्यकरण, सीसी रोड और नालियों सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। वहीं टैगोर नगर, चाणक्य नगर और स्वामी विवेकानंद नगर के बीच स्थित नाले पर ढकान नहीं होने की वजह से वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्डवासी रामप्रसाद व दिनेश सहित अन्य ने बताया कि घर नाले के पास स्थित होने के कारण बारिश के दिनों में उन्हें काफी दिक्कतें होती हैं। कई बार नाले से जलीय जानवर बाहर आ जाते हैं, जिससे डर का माहौल बना रहता है।</p>
<p>इसी तरह वार्ड में स्थित खाली मकान भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। निलेश कुमार व हितेश ने बताया कि घनी आबादी के बीच स्थित खाली प्लॉट में लोग कचरा डाल देते हैं। कई बार कचरे में आवारा जानवर मुंह मारते रहते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं कुछ हिस्सों में नालियों की सफाई नहीं होने के कारण नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं।</p>
<p><strong>वार्ड में स्थित नाला बना परेशानी</strong><br />वार्ड के मुख्य रोड पर स्थित नाले पर ढकान नहीं होने से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। रमेश कुमार व अभिषेक ने बताया कि यदि नाले पर ढकान कर दिया जाए तो बारिश के दिनों में होने वाली समस्याओं से राहत मिल सकती है। साथ ही इसकी सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि कुछ लोग रात्रि में इसमें कचरा डाल देते हैं।</p>
<p><strong>कुछ जगहों पर नालियां गंदगी से अटी पड़ी</strong><br />वार्ड के कुछ हिस्सों में नालियों की सफाई होती है, लेकिन बोम्बे योजना और स्वामी विवेकानंद नगर (आरएचबी) में नालियों की सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रामप्रसाद व मनोज कुमार ने बताया कि उनकी तरफ नालियों की सफाई नहीं होती, जिसके कारण दिनभर आवारा पशु उनमें मुंह मारते रहते हैं और गंदगी के चलते बीमारियों का डर बना रहता है।</p>
<p><strong>खाली मकान और प्लॉट बने परेशानी</strong><br />वार्ड में घनी बस्ती के बीच स्थित खाली मकान और प्लॉट अब लोगों के लिए सिरदर्द बन चुके हैं। दिनेश कुमार ने बताया कि उनके पास स्थित मकान लगभग 5-6 साल से खाली पड़ा है, जिसकी खिड़कियां और दरवाजे तक गायब हो चुके हैं। अब उसमें दिनभर आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है और कुछ लोग उसमें कचरा भी डाल देते हैं। वहीं कई खाली प्लॉटों में झाड़ियां उग आई हैं और कुछ में गंदा पानी भरा हुआ है, जो परेशानी का कारण है।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र</strong><br />टैगोर नगर, चाणक्य नगर, स्वामी विवेकानंद नगर (आरएचबी), विवेकानंद नगर (यूआईटी), बोम्बे योजना शामिल हैं।</p>
<p>कचरा गाड़ी आती है पर समय निर्धारित नहीं होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। <br /><strong>- रामप्रसाद</strong></p>
<p>स्वामी विवेकानंद आरएचबी व बोम्बे योजना में नालियों की सफाई  प्रतिदिन नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। नालियां गंदगी से अटी पड़ी हुई हैं। <br /><strong>- मनोज कुमार </strong></p>
<p>कचरा गाड़ी प्रतिदिन नहीं होती है, और समय निर्धारित नहीं होने की वजह से दिक्कत आती हैं। वहीं कुछ जगहों पर नालियां क्षतिग्रस्त होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। <br /><strong>- आकाश </strong></p>
<p>नालियों में ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने की वजह से गंदगी जमा हो रही है। नाले के ढकान की कोशिश की जाएगी। कुछ जगहों पर नालियां क्षतिग्रस्त हैं, उनका भी कार्य करवाया जाएगा। वहीं वार्ड में अपेक्षाकृत कम विकास के कार्य हुए हैं। खाली प्लॉटों से संबंधित समस्याओं को लेकर हमने अधिकारियों को अवगत करा रखा हैं। <br /><strong>- नितिन धारवाल, पार्षद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 15:40:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 19 : खाली प्लॉट, झूलते विद्युत तार,पार्कों में लगे झूले क्षतिग्रस्त , सीवरेज चैंबर बने परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[ ठेकेदार ने कई जगहों पर चैंबर का लेवल सही करने के लिए उनके ऊपर डामर कर पेचवर्क कर दिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-19---vacant-plots--dangling-electrical-wires--damaged-swings-in-parks--sewerage-chambers-become-a-problem/article-134786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/111-(1200-x-600-px)-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 19 पार्षद द्वारा वार्ड में विकास के कार्य करवाए गए, जिसमें वार्ड में पिछले दिनों कॉम्पलेक्स का निर्माण किया गया। सीसी रोड तथा नालियों का निर्माण किया गया। वार्डवासी मंगलेश व हरिओम ने बताया कि हमारे वार्ड में सीसी रोड बनाने के दौरान सीवरेज लाइन डाली गई, जिसके चैंबर अब हमारे लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। चैंबर का लेवल सही नहीं होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही ठेकेदार ने कई जगहों पर चैंबर का लेवल सही करने के लिए उनके ऊपर डामर कर पेचवर्क कर दिया। वहीं वार्ड की कुछ गलियों में पिछले दिनों सीसी रोड का निर्माण किया गया। वार्डवासी हरीश कुमार व अभिषेक ने बताया कि वार्ड में स्थित पार्कों में बच्चों के लिए खेल- खिलौने नहीं होने के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और उन्हें अन्य वार्डों के पार्कों में जाना पड़ता है।</p>
<p>वार्ड में सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से आसपास के वार्डों के सामुदायिक भवन में मांगलिक कार्यों के लिए जाना पड़ता है। वार्डवासी हरीश कुमार ने बताया कि सामुदायिक भवन यदि वार्ड में हो तो वार्डवासियों को सस्ती दर पर भवन मिल सकता है, जिससे काफी खर्च बच सकता है। वहीं वार्ड की कुछ नालियों की सफाई तो प्रतिदिन होती है, लेकिन कुछ नालियां गंदी पड़ी रहती हैं।</p>
<p><strong>खाली भूखंड बने परेशानी</strong><br />वार्डवासी नितेश कुमार व बंटी ने बताया कि घरों के सामने स्थित खाली भूखंड में भरा गंदा पानी हमारे लिए मुसीबत का कारण बना हुआ है। गंदे पानी से दिनभर बदबू आती है। साथ ही इनमें से कई बार जलीय जानवर बाहर निकल आते हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। हमने इन समस्याओं के लिए कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया, पर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।</p>
<p><strong>घरों के पास से गुजरती विद्युत लाइनें</strong><br />वार्डवासी विपुल व गोलू कुमार ने बताया कि घरों के पास से और जमीन से महज कुछ ऊँचाई पर ही विद्युत लाइनें गुजर रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात के समय इन लाइनों से हादसा होने का डर और बढ़ जाता है। वहीं जमीन से कम ऊँचाई पर गुजरती इन विद्युत लाइनों से कभी भी कोई वाहन इनके संपर्क में आने का खतरा बना रहता है। इस समस्या का समाधान अनिवार्य है।</p>
<p><strong>पार्कों का विकास होना बाकी</strong><br />वार्ड में स्थित पार्कों में पहले बच्चों के खेलने के साधन लगाए गए थे, पर टूटने की वजह से अब उन्हें दुबारा लगाया जाएगा।राजेंद्र कुमार व प्रकाश कुमार ने बताया कि वार्ड के पार्कों का अभी तक विकास नहीं होने से बच्चों को खेलने के लिए अन्य जगहों पर जाना पड़ता है और मॉर्निंग वॉक के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभी तक केवल पार्कों में चारदीवारी का निर्माण कर उनमें सुरक्षा के लिए गेट लगाए गए हैं।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र</strong><br />श्रीराम विहार, ग्रीन पाम, लैंडमार्क पैराडाइज, बजरंग नगर, कृष्णा नगर, न्यू गोपाल विहार, त्रिवेणी आवास, अटवाल नगर, आदित्य आवास इत्यादि क्षेत्र।</p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी आती है, सफाई भी होती है, पर खाली प्लॉट की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है।  <br />-<strong>अभिषेक</strong></p>
<p>वार्ड में कॉम्पलेक्स केवल एक ही है, जो काफी दूर है। यदि एक से अधिक कॉम्पलेक्स हों तो परेशानी नहीं होगी। <br />-<strong>रामराज</strong></p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी आती है, पर खाली प्लॉट हमारे लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।<br /><strong>- महेंद्र दाधीच</strong></p>
<p>पार्कों के जीर्णोद्वार के लिए टेंडर हो चुके हैं, उनका कार्य प्रारंभ होना बाकी है। साथ ही सड़कों के लिए दोबारा टेंडर होंगे। सीवरेज चैंबर के लेवल के लिए ठेकेदार ने काम किया था, पर वह अधूरा छोड़कर चला गया।<br /><strong>- विजयलक्ष्मी प्रजापति, वार्ड पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 14:08:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> कोटा दक्षिण वार्ड 7 - स्मार्ट सिटी में शामिल, पर सुविधाओं से वंचित वार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[पार्क, सामुदायिक भवन और पानी की समस्या से जूझ रहे है वार्डवासी   ।    
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-7---ward-included-in-smart-city--but-deprived-of-facilities/article-134507"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभागीय मुख्यालय होने और स्मार्ट सिटी में नगर निगम दक्षिण के वार्ड 7 को शामिल तो कर दिया, पर विकास की बात की जाए तो यहां के निवासियों का कहना है कि उन्हें केवल स्मार्ट सिटी में जोड़ा गया है। वार्डवासी गिरधारी कुमार व निरंजन कुमार ने बताया कि हमें सिर्फ स्मार्ट सिटी का तमगा मिला है। विकास तो केवल शहर में हुआ है। हमारे यहां पर तो सीसी रोड का निर्माण हुआ है और कुछ जगहों पर नालियों का निर्माण हुआ है, जबकि कई जगहों पर अभी बाकी है। साथ ही हमारे क्षेत्र में न तो पार्क है और न ही सामुदायिक भवन, जिसकी वजह से हमें परेशानी का सामना करना पड़ता है। मांगलिक कार्यों के लिए दूसरी जगह पर जाकर भवन की बुकिंग महंगी दरों पर करवानी पड़ती है। बच्चों को खेलने के लिए भी अन्य जगहों पर जाना पड़ता है।</p>
<p><strong>गलियों में रोड लाइटें बंद </strong><br />वार्ड के मेन रोड पर रोड लाइटें तो जलती रहती हैं, लेकिन अंदर की गलियों में रोड लाइटें बंद ही रहती हैं। मेन रोड पर स्थित डिवाइडर सौंदर्य बढ़ाने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। कुछ स्थानों पर कंटीली झाड़ियां उग चुकी हैं व कुछ जगह लोगों ने उपले सुखा रखे हैं।</p>
<p><strong>पार्क  व सामुदायिक भवन का अभाव</strong><br />रमेश कुमार और अमन ने बताया कि हमारी तरफ न तो बच्चों के खेलने के लिए पार्क है और न ही वृद्धजनों के घूमने के लिए। इससे सभी को परेशानी होती है। साथ ही वार्ड में सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से मांगलिक कार्यों के लिए निजी भवन की महंगी दर पर बुकिंग करवानी पड़ती है। कई बार भवन नहीं मिलने पर खुले में ही मांगलिक व अन्य कार्य करने पड़ते हैं।</p>
<p><strong>पानी की लाइन बिछी, पर कई घरों में कनेक्शन बाकी</strong><br />वार्ड में पानी की लाइन तो बिछा दी गई है,  कुछ घरों में कनेक्शन कर दिए  हैं कुछ में अभी बाकी हैं।लोगों को निजी ट्यूबवेल से महंगी दरों पर पानी खरीदना पड़ रहा है। दौलतगंज के निवासी फूलचंद व विशाल कुमार ने बताया कि गांव में पानी की व्यवस्था खुद करनी पड़ रही है। आधे इलाके में छह माह से नल में पानी नहीं आ रहा। कई परिवारों को करीब एक किलोमीटर दूर से पानी की लाइन जोड़कर पानी लाना पड़ रहा है। कुछ सरकारी नलों में महीनों से पानी नहीं आया है।</p>
<p><strong>गंदी नालियां ,खराब सीसी सड़कें</strong><br />वार्ड के कई हिस्सों में नालियों में गंदा पानी जमा हो रहा है। सीसी रोड भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है। कुछ इलाकों में सीसी नालियां बनी हैं, जबकि कुछ जगहों पर कच्ची नालियां होने के कारण लोगों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>वार्ड क्षेत्र</strong><br />नया गांव, दौलतगंज, रोजड़ी का आंशिक भाग, मानसरोवर कॉलोनी, नया गांव यूआईटी एजुकेशनल जोन आदि क्षेत्र।</p>
<p>हमारी तरफ तो पानी आए एक साल से अधिक हो गया है। लाइन बिछी है, पर पानी नहीं आता।<br /><strong>- गिरधारी कुमार</strong></p>
<p>आधे गांव में पानी आता है, आधे में आता ही नहीं। मेन रोड पर लाइटें जलती हैं, पर गलियों में बंद रहती हैं।<br /><strong>- गिरधारी</strong></p>
<p>वार्ड में पानी की लाइन डाले काफी समय हो गया, पर कनेक्शन नहीं हुए। पानी के लिए भटकना पड़ता है।<br /><strong>- पप्पू कुमार</strong></p>
<p>हमें तो केवल स्मार्ट सिटी में जोड़ा गया है, सुविधाओं में सिर्फ सीसी रोड और कुछ निर्माण हुए हैं। पार्क व सामुदायिक भवन का अभाव बड़ी चुनौती है।<br /><strong>- रोहित कुमार</strong></p>
<p>वार्ड में पाइपलाइन डालने का काम चल रहा है, इसलिए कनेक्शन नहीं हुए हैं। रोड लाइट की शिकायत दर्ज करा दूंगा। अन्य समस्याओं की जानकारी अधिकारियों को दूंगा। हमारा कार्यकाल खत्म हो चुका है।<br /><strong>- सोनू भील, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 15:13:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 37 - विकास कार्यों की धीमी रफ्तार, सामुदायिक भवन की कमी व पार्कों का विकास अवरूद्ध </title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड के पार्कों में  घर का वेस्ट मटेरियल जमा कर रखा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-37---slow-pace-of-development-work--lack-of-community-buildings--and-park-development-hampered/article-134267"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण के वार्ड 37 में पार्षद ने निगम की बैठक में वार्ड में विकास के कार्य करवाने के लिए बोर्ड की बैठकों में जोर-शोर से मुद्दे तो उठाए। वहीं वार्ड में पार्षद द्वारा अभी तक सीसी व पक्की नालियों का निर्माण किया गया है। वार्डवासी नितेश व दिनेश कुमार ने बताया कि घर के सामने बने डिवाइडर पर पिछले दिनों दोनों तरफ जालियां लगाई गई थीं, पर अब टूटने के बाद जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया, पर अभी तक भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।कुछ लोगों द्वारा उपले सुखाने व विभिन्न घरेलू कामों में इसका उपयोग किया जा रहा है।</p>
<p>वार्डवासी रामबिलास ने बताया कि हमारी तरफ के पार्क तो बनाए गए, पर अभी तक इनका सही ढंग से विकास नहीं हुआ। जिसकी वजह से बच्चों को खेलने के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। साथ ही कुछ पार्कों में लगे बच्चों के खेलने के सामान भी टूटे-फूटे हुए हैं। साथ ही वाटर कूलर भी खराब हो रहे हैं।</p>
<p><strong>सामुदायिक भवन का अभाव</strong><br />वार्ड में निवास करने वाले रमेश कुमार व हरीश कुमार ने बताया कि सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से हमें परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br />सामुदायिक भवन नहीं होने से मांगलिक कार्यों सहित अन्य कार्यों के लिए महंगी दरों पर भवन की बुकिंग करनी पड़ती है, जिसकी वजह से दुगुने खर्च की मार झेलनी पड़ती है। यदि वार्ड में सामुदायिक भवन हो तो दूर आने-जाने का समय भी बचेगा और भवन का किराया भी कम लगेगा।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट परेशानी का कारण</strong><br />वार्ड में घनी बस्ती के बीच स्थित खाली प्लॉट होने की वजह से आसपास रहने वाले निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खाली प्लॉट में बारिश के बाद घास-फूस उग गई है। साथ ही कुछ खाली प्लॉटों में गंदा पानी जमा हो रहा है, जो कि परेशानी का सबब बना हुआ है।</p>
<p><strong>पार्कों में सुविधाओं का अभाव</strong><br />वार्ड में स्थित पार्कों में सुविधाओं का अभाव होने की वजह से बच्चों को खेलने के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। सीनियर जनों को भी घूमने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्ड के पार्कों में कुछ लोगों द्वारा दीवारों पर उपले सुखाए जा रहे हैं, तो कुछ लोगों ने घर का वेस्ट मटेरियल इनमें जमा कर रखा है। साथ ही कुछ पार्कों में लगे झूले-चकरी भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />मानव सेवा समिति, गोबरिया बावड़ी कच्ची बस्ती, महावीर नगर प्रथम का कुछ भाग, ट्रांसपोर्ट नगर, पंडित दीनदयाल नगर (आधा) (स्काई पार्क बिल्डिंग के सामने वाला दीनदयाल नगर) आदि का भाग।</p>
<p>वार्ड में पार्कों के विकास का अभाव है और साथ ही सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। महंगी दर पर मांगलिक कार्यों के लिए भवन की बुकिंग करनी पड़ती है।<br /><strong>- रामबाबू सुमन, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में घर के सामने स्थित पार्क में लगे झूले-चकरी टूटे हुए हैं। साथ ही पार्क में लगा वाटर कूलर भी कई दिनों से बंद है, जिसकी वजह से पानी लेने आने वालों को परेशानी होती है।<br /><strong>- रामदयाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी आती है और साफ-सफाई भी होती है, पर नालियों की गहराई कम होने से परेशानी होती है। कई बार गंदा पानी नालियों से बाहर बहता रहता है।<br /><strong>- दिनेश कुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>पार्कों के विकास के लिए वर्क आॅर्डर जारी हो चुके हैं, पर ठेकेदार द्वारा काम शुरू नहीं किया गया है। सामुदायिक भवन बनाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर में जमीन देख रहे हैं।<br /><strong>- विनय कुमार, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Dec 2025 15:01:27 +0530</pubDate>
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