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                <title>walk - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>शहर ट्रैफिक सिग्नल फ्री, पैदल चलने वाले कहां जाएं</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य रोड पर ना जेबरा क्रासिंग है और ना ही किसी तरह की सूचना पट्टी जिससे वाहन की गति धीमी हो सके और पैदल कोई निकल सके। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-city-is-traffic-signal-free--where-should-pedestrians-go/article-114990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/shahar-traffic-signal-free,-paidal-chalane-wale-kahan-jaen...kota-news-22.05.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।<strong> केस -1 </strong>कैशवपुरा निवासी भारती कुलश्रेष्ठ और उसके परिजन गोबरिया बावड़ी चौराहे से कुछ आगे निकल कर ट्रांसपोर्ट नगर की तरफ आने के लिए रोड क्रॉस करना चाहते थे लेकिन वह रोड घंटों क्रॉस ही नहीं कर सके। कारण यातायात इतना अधिक था कि वहां से निकलना जान जोखिम में डालने जैसा था। मुख्य रोड पर ना जेबरा क्रासिंग है और ना ही किसी तरह की सूचना पट्टी जिससे वाहन की गति धीमी हो सके और पैदल कोई निकल सके। </p>
<p><strong>केस-2</strong> एडरोड्राम का मुख्य चौराहा। यहां शाम होने के साथ भारी यातायात भी शुरू हो जाता है। यहां से किसी को पैदल निकलना हो तो किसी तरह की जेबरा क्रासिंग नहीं है। सड़क के दोनों तरफ पैदल चलना भी मुश्किल है। हमेशा एक्सीडेंट का भय बना रहता है। ऐसे हालात में कोटा ट्रैफिक लाइट फ्री तो हो गया लेकिन एक्सीडेंट की तादात ज्यादा हो गई है। </p>
<p><strong>पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तक नहीं:</strong> स्मार्ट सिटी बनाने के साथ ही पर्यटन नगरी के रूप में विकसित किए जा रहे कोटा शहर में जहां देशी विदेशी पर्यटकों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ ट्रैफिक व्यवस्था इतनी बदहाल है कि स्थानीय लोग भी इस बढ़ते ट्रैफिक व वाहनों की स्पीड के बीच पैदल सड़क पार नहीं कर पा रहे हैं। बाहर से आने वालों के लिए तो यह किसी चुनौती से कम नहीं है।  वहीं सबसे अधिक पैदल चलने व सड़क पार करने वालों के लिए समस्या हो गई है।</p>
<p><strong>केवल यहां से निकल सकते हैं पैदल</strong><br />शहर में एक मात्र एरोड्राम चौराहे का अंडरपास ऐसा है जहां अंडर ग्राउंड पैदल सड़क पार करने वालों के  लिए व्यवस्था की हुई है। एक तरफ से दूसरी तरफ आने-जाने के लिए सड़क के साइड से नीचे उतरकर रास्ता बनाया हुआ है। लेकिन उन रास्तों के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। जिससे अधिकतर लोगों को मेन रोड से ही बिना जेबरा क्रॉसिंग के जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही है। वहीं विवेकानंद सर्किल पर पैदल चलने वालों के लिए पाथ वे है लेकिन सड़क पार करने की सुविधा नहीं है।  जबकि  न तो रेलवे स्टेशन पर और न ही अदालत चौराहे पर। नयापुरा, जेडीबी, अंटाघर, कोटड़ी, नई धानमंडी, विज्ञान नगर, दादाबाड़ी,सीएडी, नगर निगम, चम्बल गार्डन, से लेकर नए कोटा तक में कहीं भी जेबरा क्रॉसिंग नहीं होने से पैदल  सड़क पार करने वालों के लिए खतरा बना हुआ है।</p>
<p>बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और सिग्नल फ्री शहर के कारण जेबरा क्रॉसिंग तक नहीं होने से सड़क पार करते समय आए दिन छोटे वाहनों से ही एक्सीडेंट हो रहे हैं। जिला प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस को आमजन की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। <br /><strong>-शैलेन्द्र कुमार दाधीच, गुमानपुरा कोटडी</strong></p>
<p>शहर को ट्रैफिक लाइट फ्री बनाकर एक ऐसा काम किया गया है जो कोई नहीं कर सकता था। ट्रैफिक नियमों का पालन कर आप चलें तो कहीं आपको कहीं रुकने की जरूरत नहीं है। सब कुछ नियोजित है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ होता है। फिर क्या चाहिए। <br /><strong>-जमील अहमद, संजय कालोनी विज्ञान नगर</strong></p>
<p>शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के प्रोजेक्ट को केडीए ने टैक आॅफ किया है। इसके लिए प्रयास भी शुरु कर दिए गए हैं। करीब एक माह का समय दिया गया है। उस समयावधि में  जबरा क्रॉसिंग से लेकर चौराहों पर सुरक्षित यातायात की जितनी भी व्यवस्थाएं होनी चाहिए वह करने के प्रयास किए जा रहे हैं। <br /><strong>-रविन्द्र माथुर, निदेशक  अभियांत्रिकी कोटा विकास प्राधिकरण   </strong></p>
<p><strong>फिर ट्रैफिक लाइट फ्री का क्या मतलब</strong><br />योजना के अनुसार पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ बना है। जहां जरूरत नहीं है वहां फुटपाथ की व्यवस्था नहीं है। सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। मुंबई और बड़े शहरों में जेबरा क्रासिंग होती है। सड़क के दोनों तरफ यातायात बंद हो जाता है और पैदल चलने वाले जेब्रा क्रॉसिंग से निकल जाते हैं। लेकिन यह ट्रैफिक लाइट फ्री में संभव नहीं है। जिसको रोड क्रास करना है वह देखभाल कर रोड क्रॉस करे।  एक हटा कर दूसरी लाइट लगाने का क्या मतलब। इससे यातायात स्मूथ हुआ है। लोगों को कहीं अनावश्यक रुकना नहीं पड़ रहा। हमने एक विजन के तहत काम किया है। दूसरी पार्टी को पसन्द नहीं है तो ठीक करा लो।<br /><strong>-शांति धारीवाल, विधायक व पूर्व यूडीएच मंत्री </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 May 2025 14:49:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कैलोरी बर्न करने के लिए क्या बेहतर है वॉक या फिर ट्रैडमिल</title>
                                    <description><![CDATA[जब आप पैदल चलते है तो आपको कई परेशानियों से गुजरना पड़ता है। जो कि आपको कड़ी मेहनत करने के लिए मजबूर करती है। और जब आपकी बॉडी को अधिक एनर्जी ड़ालनी पड़ती है तो अधिक कैलोरी बर्न होती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/which-is-better-to-burn-calories--walk-or-treadmill/article-51462"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/rj-(15)1.png" alt=""></a><br /><p>जब बात फिटनेस पाने की आती है तो एक्सपर्ट सबसे पहले वॉकिंग की सलाह देते है। क्यूंकि ये सबसे आसान एक्सरसाइज है, जिसे बड़ी आसानी से अपने डेली रूटीन में शामिल किया जा सकता है। देखा जाए तो वॉक एक ऐसी एक्सरसाइज है,जिसे करने से कई हेल्थ बेनिफिटस मिलते है।  वॉक करने के दो तरीके है, आउटडोर वॉकिंग तो दूसरा ट्रेडमिल पर जॉगिंग । वैसे तो ये दोनों तरीके सेहत के लिए फायदेमंद है। लेकिन नॉर्मल वॉक करना ट्रेडमिल पर चलने से अलग है।  <br /><br /><strong>वॉकिंग के फायदे</strong><br />जब आप पैदल चलते है तो आपको कई परेशानियों से गुजरना पड़ता है। जो कि आपको कड़ी मेहनत करने के लिए मजबूर करती है। और जब आपकी बॉडी को अधिक एनर्जी ड़ालनी पड़ती है तो अधिक कैलोरी बर्न होती है। जबकि ट्रेडमिल पर चलते समय आपको इतने प्रयास करने की जरूरत नहीं।<br /><br />आउटडोर वॉकिंग आपको स्क्रीन और स्ट्रेस से दूर रहने का समय,आपके माइंड और बॉडी को एक ब्रेक लेने,प्रकृति से जुड़ते हुए ताजी हवा में सांस लेने और अपने समुदाय के लोगों से जुड़ने का मौका देती है।<br /><br />वॉकिंग आपके मूड को बेहतर बनाने में मदद करती है, साथ ही इससे आपको एक्सरसाइज करने का मॉटिवेशन मिलता है। सूर्य से निकलने वाली किरणें विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है,इसलिए आउटडोर वॉकिंग इस महत्वपूर्ण विटामिन के लेवल को बढ़ाने का एक शानदार तरीका है। <br /><br /><strong>ट्रेडमिल के फायदे</strong><br />- मौसम के बदलते मिजाज के बीच आउटडोर वॉकिंग करना मुश्किल हो जाता है। जबकि ट्रेडमिल का यूज दिन या रात किसी भी समय किया जा सकता है।<br />- ट्रेडमिल में एक डिजिटल स्क्रीन होती है जो हार्ट रेट, कैलोरी बर्न और एवरेज स्पीड-फीडबैक जैसे चीजों को प्रदर्शित करती है जो आपके अगले कदम को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। <br /><br /><strong>दोनों में से कौन बेहतर  </strong><br />आउटडोर वॉकिंग और ट्रेडमिल में से किसी एक को चुनना आपकी पर्सनल प्रायोरिटीज  सिचुएशन और गोल पर निर्भर करता है। आउटडोर वॉकिंग फ्रेश एयर, नेचुरल एनवायरमेंट और फ्रीडम की भावना देती है, जबकि ट्रेडमिल वॉकिंग फेसिलिटी और कंट्रोल एनवायरमेंट देती है। आउटडोर वॉकिंग आपको नेचर से जुड़ने का मौका देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jul 2023 11:45:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहर के फुटपाथों पर अतिक्रमण का दंश, राहगीर सड़क पर चलने को मजबूर</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में नगर विकास न्यास की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर आमजन की सुविधा के लिए सड़क किनारे फुटपाथ तो बनाए जा रहे हैं। लेकिन वे सिर्फ कहने को फुटपाथ हैं चलने को नहीं।  फुटपाथों पर अतिक्रमण हो रहा है जिसका लाभ दुकानदार उठा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-bite-of-encroachment-on-the-footpaths-of-the-city--the-passersby-forced-to-walk-on-the-road/article-20373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/465465465104.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में नगर विकास न्यास की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर आमजन की सुविधा के लिए सड़क किनारे फुटपाथ तो बनाए जा रहे हैं। लेकिन वे सिर्फ कहने को फुटपाथ हैं चलने को नहीं। उन फुटपाथ का आमजन को लाभ भी नहीं मिल रहा है। फुटपाथों पर अतिक्रमण हो रहा है जिसका लाभ दुकानदार उठा रहे हैं। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए नगर विकास न्यास द्वारा सभी जगहों पर सड़क किनारे फुटपाथ बनाए जा रहे हैं। जहां पहले से बने हुए हैं उन्हें तोड़कर नया बनाया जा रहा है। जहां नहीं हैं वहां नए फुटपाथ बनाए जा रहे हैं। जैसा कि नाम से ही विदित है फुटपाथ यानि पैदल चलने वालों का रास्ता। पैदल चलने वाले आमजन को सड़क के बीच नहीं जाना पड़े। वे फुटपाथ पर आसानी से चल सके। जहां उनके दुर्घटनाग्रस्त होने का भी कोई खतरा नहीं है। लेकिन हालत यह है कि शहर में कोई भी फुटपाथ ऐसा नहीं है जो पैदल चलने लायक हो। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नयापुरा स्थित विवेकानंद चौराहे पर करवाए गए काम के साथ बनाए गए फुटपाथ हो या बूंदी रोड पर। डीसीएम रोड पर हो या 80 फीट रोड पर। बोरखेड़ा का क्षेत्र हो या पुलिस लाइन का। स्टेशन का क्षेत्र हो या नए कोटा का। सभी जगह के हालात एक जैसे हैं।</p>
<p>सीएडी रोड से लेकर नयापुरा चौराहे तक के फुटपाथ पर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। निजी बस ट्रेवल्स एजेंट हो या फूल माला वाले। चाय की थड़ी हो या कचौरी समोसे के ठेले। हर फूटपाथ पर यही देखने को मिल रहे हैं। जबकि आमजन को सड़क के बीच ही चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। नगर विकास न्यास द्वारा फुटपाथों को इतना चौड़ा बनाया जा रहा है जिससे दुकानदार अपने सामान उस पर आसानी से रख सके। नयापुरा समेत कई जगह के फुटपाथ पर तो भारी भरकम लोहे की रैलिंग भी लगाई गई है। उसका मकसद तो लोगों को सुरक्षित रखना था लेकिन दुकानदार न्यास अधिकारियों से एक कदम आगे निकले। दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामान वहां तक फेलाकर रखने की जगह मिल गई। वर्तमान में शहर में एक भी फुटपाथ ऐसा नहीं है। जिस पर लोग पैदल चल सके। लक् खी बुर्ज से सीवी गार्डन तक के फुटपाथ पर फेरी वालों ने अपनी दुकानें लगाई हुई है। सीएडी रोड पर और 80 फीट रोड के फुटपाथ पर तो बांस बल्ली से पक्की दुकानें तक बना ली हैं। सीएडी रोड पर तो नगर निगम कोटा दक्षिण की तत्कालीन आयुक्त ने दीवार पर यहां तक लिखवा दिया था कि यहां अतिक्रमण करना गैर कानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनके रहते तो वहां अतिक्रमण नहीं हुआ। लेकिन वर्तमान में वहां गणेश प्रतिमाएं बेचने वालों ने दुकानें लगा ली हैं।</p>
<p>सीएडी चौराहे से दादाबाड़ी के बीच मेन रोड के फूटपाथ पर भी अतिक्रमण हो रहा है। बीच के हिस्से के फुटपाथ ठेले वालों के पीछे दबे हुए हैं।</p>
<p><strong> - कमलेन्द्र कुमार शर्मा, निवासी</strong></p>
<p>न्यास द्वारा नए नए फुटपाथ बनाए जा रहे हैं। लेकिन वे सभी आमजन की जगह दुकानदारों के ही काम आ रहे हैं। फुटपाथ पर अतिक्रमण की यह बाढ़ लगातार बढ़ती ही जा रही है। दुकानदारों को पता है कि उनका कई कुछ नहीं कर सकता। जिससे उनके हौंसले बुलंद हो रहे हैं। नए बने फुटपाथ पर अतिक्रमण होने के बावजूद भी अभी तक न्यास के एक भी अधिकारी ने उन्हें रोकने या हटाने का प्रयास तक नहीं किया। जिससे फुटपाथ पर अतिक्रमण करने वालों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं।</p>
<p><strong> - दामोदर, निवासी </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Aug 2022 13:07:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुत्ते को सैर करवाना पड़ा भारी, IAS ऑफिसर-पत्नी का तबादला लदाख</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें आईएएस ऑफिसर को स्टेडियम में कुत्ता घूमना महंगा पड़ गया। खामियाजे के रूप में आईएएस ऑफिसर और उनकी पत्नी का ट्रांसफर हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B0/article-10590"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dog.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें आईएएस ऑफिसर को स्टेडियम में कुत्ता घूमना महंगा पड़ गया। खामियाजे के रूप में आईएएस ऑफिसर और उनकी पत्नी का ट्रांसफर हो गया।</p>
<p>दरअसल दिल्ली में आईएएस संजीव खिरवार और उनकी पत्नी अपने कुत्ते को आराम से सैर करवाने के लिए पूरा स्टेडियम खाली करवा देते हैं, जिससें वहां अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिसकी शिकायत पर कार्रवाई देखने को मिली और आईएएस संजीव खिरवार बैच 1994 जो कि दिल्ली के रिवेन्यू कमिशनर पद पर तैनात थे उनका तबादला लदाख कर दिया गया और उनकी पत्नी का अरूनाचल प्रदेश ट्रांसफर कर दिया गया है।</p>
<p><br />आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय ने दिल्ली के प्रमुख्र शासन सचिव से इस मामले में रिर्पाट मांगी है । दिल्ली के सीएम अरविंद केजरिवाल ने कहा कि जब ये बात उनके सामने आई की खिलाड़ियों को गरमी का सामना करना पड़ा। साथ ही स्टेडियम शाम 6 से 7 बजे तक बन्द रहा तो उन्होने स्पोर्टस व्यवस्था रात 10 बजे तक जारी करने के आदेश दिये हैं ताकी खिलाड़ी उनका इस्तेमाल कर सके और अपने खेल को बेहतर कर सकेँ।  <br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 May 2022 15:55:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यहां चलना संभल-संभल कर... बगरू में प्रवेश के साथ ही गड्ढों भरी सड़कों से सामना, रोज घायल हो रहे लोग</title>
                                    <description><![CDATA[बगरू को सेज व सांगानेर से जोड़ने वाली सडक बदहाल, 15 गांवों की आबादी परेशान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61b9d2becb6b8/article-3242"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/whatsapp-image-2021-12-15-at-16.01.50.jpeg" alt=""></a><br /><p>बगरू। कस्बे के रीको एरिया से सेज होते हुए सांगानेर को जाने वाली पालड़ी परसा वाली करीब 4 किमी सड़क बीते आठ साल से नहीं बन पाई है, इससे आसपास के ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस पर पालड़ी परसा के ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय विधायक-सांसद, पीडब्ल्यूडी विभाग को ज्ञापन देकर बगरू रीको से पालड़ी परसा तक सड़क का नया निर्माण कराने की मांग की थी, परंतु अब तक किसी ने किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़क के कारण पिछले आठ साल से आवाजाही में परेशानी का सामना कर रहे हैं, सड़क के कारण 15 से अधिक गांवों की 25 हजार की आबादी को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है, क्षेत्रवासियों ने सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बगरू रीको से पालड़ी परसा तक सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके चलते इस मार्ग से आवाजाही करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बीमार और गर्भवती महिलाओं को दिक्कते होती है, खराब सड़क के कारण आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं वह कई बार जान भी गवानी पड़ती है, इस सड़क के निर्माण को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, फिर भी सड़क नही बनाने से ग्रामीणो में आक्रोश है।</p>
<p><strong><br /> आए दिन हो रहे हैं हादसे</strong><br /> राहगीर आए दिन सड़क पर गड़ढ़ों में गिरकर घायल हो रहे है, सड़क के मामले को लेकर कई बार धरने प्रदर्षन भी किये गये है व सैकड़ो ज्ञापनों के बावजूद सड़क नहीं बनाई जा रही है, ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है, ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्या पर न अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न जनप्रतिनिधि, उनकी उपेक्षा का खामियाजा क्षेत्र के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p><br /> <strong>15 से ज्यादा गांव जुड़े हैं इस मार्ग से</strong><br /> ग्रामीणों ने बताया कि बगरू रीको से पालड़ी परसा, कलवाड़ा, नेवटा, मुहाना, गुजर की तलाई सहित 15 से ज्यादा गांव के 25 हजार लोग आवाजाही करते हैं, खराब सड़क से लोगों की मुश्किल बढ़ती जा रही है।</p>
<p><strong><br /> दस वर्ष पहले बनाई थी, यहां पर डामर सड़क</strong><br /> ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण करीब दस वर्ष पहले हुआ था, इसके कुछ समय बाद ही सड़क उखड़ गई, सड़क को दुरुस्त करने के लिए ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाही नहीं हो रही है, लोग आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है।</p>
<p><strong><br /> बेगस रोड के भी यही हालात</strong><br /> बगरू कस्बे को बेगस सहित अनेक गांवो से जुड़ने वाली सड़कें खस्ताहाल हैं। कस्बे में प्रवेश के साथ ही वाहन चालकों को गहरे गड्ढों भरी सड़कों से गुजरना पड़ता है। इन सड़कों से अनेक गांवो से आने वाले सैकड़ा वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर गंभीर घायल तक हो चुके हैं। इसको लेकर कई बार लोगों ने शिकायत भी की, लेकिन जिम्मेदारों ने केबल ग्रेबल डलबाकर इतिश्री कर ली। बेगस रोड से बगरू कस्बे में प्रवेश करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। बेगस रोड़ पर 300 मीटर तक लगातार गहरे गड्ढे हो रहे हैं। इस रोड से बेगस, निमेड़ा, सिरसी, बिंदायका, हाथोज सहित अनेक गांवो से आने वाले वाहन बगरू नगर पालिका मुख्यालय में प्रवेश करते हैं। यहां गढ़हों के कारण कई चार पहिया वाहनों के इंजन भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Dec 2021 17:29:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>गहलोत मंत्रिमंडल का विस्तार कल, 12 नए चेहरें लेगें शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[राजभवन में तैयारियां शुरू, शाम को 5 गहलोत ने बुलाई मंत्रिपरिषद की बैठक : कांग्रेस प्रदेश प्रभारी माकन की मुख्यमंत्री निवास पर चहलकदमी जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61989b9c943b5/article-2563"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/ashok-gehlot-vs-sachin-pilot.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong>  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रही सियासी अटकलों पर विराम लग गया है। मंत्रिमंडल का विस्तार कल रविवार को शाम 5 बजे होने जा रहा है।  मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले 12 नए चेहरें शपथ लेंगे।  शपथ ग्रहण समारोह की राजभवन में तैयारियां जोरों-शोरो से चल रही है।  राज्यपाल के आज शनिवार को यूपी दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश प्रभारी अजय माकन राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात कर कल रविवार को शपथ ग्रहण समारोह का अधिकृतरूप से निर्धारित किया जाएगा। <br /> <br /> <strong>माकन की CMR पर भागदौड़ </strong><br /> आलाकामना का निर्देश लेकर पुहेंच अजय माकन की मुख्यमंत्री निवास पर भागदौड़ जारी है। शुक्रवार को देर रात करीब 1बजे तक गहन मंथन के बाद शनिवार को भी माकन सुबह होटल से मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और कुछ अहम बिंदुओं को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की।   सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नए चेहरों के नामों को लेकर माकन गहलोत के बीच चर्चा के बाद आलाकमान से भी सहमती ले ली गई है।  वहीं दूसरी ओर सचिन पायलट भी दौरे से आज शनिवार तक जयपुर पहुंच रहे है।  <br /> <br /> <strong>पायलट गुट के 5 चेहरों को मिल सकती है मंत्रीमंडल में तवज्जों</strong><br /> मंत्रिमंडल विस्तार में पायलट गुट के 5 चेहरों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि इसमे दो चेहरें रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह पहले भी गहलोत कैबिनेट में मंत्री थे लेकिन सियासी उठापठक के चलते दोनों को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया था। ऐसे में अब इन दोनों चेहरों के साथ ही हेमाराम चौधरी,  विजेंद्र ओला,  मुरारी मीणा के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे है, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।  <br /> <br /> <strong>ये होंगे नए चेहरें</strong><br /> 1. हेमाराम चौधरी - हेमाराम चौधरी पहले भी पूर्व मंत्री रहे हैं।<br /> 2.  विश्वेंद्र सिंह - इसी सरकार में पर्यटन मंत्री रहे हैं।<br /> 3. रमेश मीणा - इसी सरकार में खाद्य मंत्री रहे हैं।<br /> 4.  विजेंद्र सिंह ओला - पिछली गहलोत सरकार में पूर्व आपदा मंत्री रहे हैं।<br /> 5.  मुरारी मीणा - पिछली गहलोत सरकार में पूर्व PWD राज्यमंत्री रहे हैं।   <br /> 6. महेश जोशी - वर्तमान में सरकारी मुख्य सचेतक हैं।<br /> 7.  मंजू मेघवाल - मौजूदा विधायक की लग सकती है लॉटरी<br /> 8. डॉ जितेंद्र सिंह - गहलोत सरकार पूर्व मंत्री रह हैं।<br /> 9. राजकुमार शर्मा, पिछली गहलोत सरकार में पूर्व मंत्री रहे हैं।<br /> 10. राजेंद्र गुढ़ा - बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए है। पिछली गहलोत सरकार में मंत्री रहे हैं।<br /> 11. संयम लोढ़ा - निर्दलिय विधायक हैं।<br /> 12. गोविंद मेघवाल - विधायक है।<br /> 13 खिलाड़ी लाल बैरवा - पूर्व सांसद रहे हैं।<br /> 14 दीपेंद्र सिंह शेखावत - पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं।<br /> <strong><br /> जातिगत और क्षेत्रवाद समीकरणों का रखा जा रहा ध्यान</strong><br /> गहलोत मंत्रिमंडल में प्रदेश के सभी जिलों को नेतृत्व देने के साथ ही जातिगत समीकरणों को ध्यान रखा जा रहा है।  इसी रणनीति के तहत नए चेहरों को तवज्जों मिलेगी।  हालांकि इस संबंध में मुख्यमंत्री भी कह चुके है कि क्षेत्र में मंत्री का नेतृत्व हो तो विकास को ज्यादा गति मिलती है।  <br /> <br /> <strong>तीन मंत्रियों की इस्तीफे स्वीकार </strong><br /> मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्रिमंडल के तीन काबीना मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए हैं। इस संबंध में तीनों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफे की पेशकश की और पत्र भी भेज दिया। इसकी पुष्टि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने की है। जयपुर पहुंचे माकन से शुक्रवार को एयरपोर्ट पर मीडिया को बताया कि गहलोत सरकार के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा और शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने अपने इस्तीफे आलाकमान को सौंप दिए हैं। जिसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए है। तीनों मंत्रियों ने पहले ही संगठन में काम करने की इच्छा जताई थी। आलाकमान ने चौधरी को पंजाब और डॉ. शर्मा को गुजरात का प्रभारी बना दिया। डोटासरा राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। एक पद, एक व्यक्ति के सिद्धांत को अपनाते हुए तीनों ने यह निर्णय लिया है।<br /> <strong><br /> अभी तेरह जिलों से एक भी मंत्री नहीं</strong><br /> अशोक गहलोत के मौजूदा मंत्रिमंडल में प्रदेश के 13 जिलों से एक भी मंत्री नहीं है। मंत्रिमंडन पुनर्गठन की संभावना के बीच इन जिलों के लोगों की उम्मीदें भी जगी है। मंत्रिमंडल में अभी उदयपुर,  प्रतापगढ़, डूंगरपुर, भीलवाड़ा,  श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं,  सिरोही, धौलपुर, टोंक, सवाई माधोपुर और करौली जिलों से अभी एक भी मंत्री नहीं है। गहलोत के नए मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों को लेकर सियासी अटकलों का दौर शुरू हो चुका है। फेरबदल में बाहर होने वालों और उनकी जगह शामिल किए जाने वाले नेताओं को लेकर सियासी हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।<br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Nov 2021 13:41:02 +0530</pubDate>
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                <title>एलीट मिस राजस्थान :  12 नवंबर को होगा द पैलेस में ग्रैंड फिनाले का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[30 टॉप फाइनलिस्ट्स के साथ चल रही है 7 दिवसीय ट्रेनिंग और ग्रूमिंग सेशन : स्टाइल, वॉक, एटिकेट्स और कॉन्फिडेंस पर एक्सपर्ट्स दे रहे है वर्कशॉप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8----12-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8/article-2258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/whatsapp-image-2021-11-11-at-10.56.14.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ग्रूमिंग, डाइट और फिटनेस जैसे आवश्यक टॉपिक्स के साथ कंटेस्टेंट्स के मनोबल और आत्मविश्वास को बढ़ाने की कोशिश जारी है। ब्यूटी पैजेंट एलीट मिस राजस्थान 2021 सीजन 8 अब अपने फिनाले के काफी समीप है। ऐसे में हाल ही में टॉप 30 फाइनलिस्ट घोषित होने के बाद से सभी कंटेस्टेंट्स के लिए जयपुर के एक रिसोर्ट में ग्रूमिंग, ट्रेनिंग और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग की विभिन्न क्लासेज आयोजित की जा रही है। ऐसे में रविवार से शुरू हुई इन वर्कशॉप्स में पहले दिन सभी गर्ल्स को फिटनेस एक्सपर्ट नीरज अधलखा की ओर से फिटनेस और पर्सनालिटी बिल्डिंग पर ट्रेनिंग दी। वहीं मेकअप एक्सपर्ट मनीषा पंडेल ने लाइट, हैवी और फोटोजनिक मेकअप की बारीकियां सिखाई। इसी के साथ डायटीशियन डॉ. निरुपमा ने कंटेस्टेंट्स को डाइट चार्ट और डाइट मील मेकिंग के बारे में गहराई से समझाया।</p>
<p><br /> सोमवार को सभी कंटेस्टेंट्स ने राजस्थान के जाने माने डिज़ाइनर्स मोहित फलोड, आशना वासवानी, हनीत सिंह, नीलगढ़ साड़ी सहित 15 डिज़ाइनर्स के ब्राइडल, पार्टीवियर और फ्यूज़न गारमेंट्स के साथ फोटोशूट करवाया। मंगलवार को एक्ट्रेस आकांक्षा भल्ला, मिस मल्टीनेशनल इंडिया 2021 दिविजा गंभीर और एलीट मिस राजस्थान 2020 थर्ड रनरअप सुमित्रा गोदारा ने अलग-अलग वर्कशॉप्स के जरिए कंटेस्टेंट्स को रैम्पवॉक, मॉडलिंग, एक्टिंग और क्वेश्चन आंसर पर ट्रेनिंग प्रदान की। बुधवार को आयोजित हुई फोटोग्राफी वर्कशॉप के दौरान फैशन एंड लाइफस्टाइल फोटोग्राफर रमेश कुमार ने सभी गर्ल्स को फोटोशूट्स के बारे में रूबरू किया। इस दौरान सभी मॉडल्स को अपने फोटोजेनिक फेस के बारे में ज्यादा विस्तार से बताया। इस दौरान इएमआर से टीम मेंबर्स अदिति सिंह और चेतना सिंह भी उपस्थित रही। 12 नवंबर की सुबह जहां जानी-मानी रैंपवॉक एक्सपर्ट अलेसिया राउत सभी गर्ल्स को रैम्पवॉक के गुर सिखाएगी। वहीं शाम को द पैलेस में भव्य रूप से शो का फिनाले आयोजित किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Nov 2021 12:17:42 +0530</pubDate>
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                <title>ये राह नहीं आसान, डगर-डगर पर गड्ढ़े : कैलाश जैसी दुर्गम हुईं सड़कें</title>
                                    <description><![CDATA[जिम्मेदार आवासन मंडल का तर्क : हमने निगम ग्रेटर को हैंडओवर कर दी कॉलोनियां
जयपुर नगर निगम ग्रेटर का रोना : आवासन मंडल से नहीं मिल रहा है विकास का पैसा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8--%E0%A4%A1%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%A1%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A5%9D%E0%A5%87---%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B6-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%9C%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82/article-1709"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनियों में शुमार मानसरोवर में इन दिनों निवासियों का सड़क पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। क्षतिग्रस्त सड़कों पर हो गड्ढ़ों में वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग सुध लेने की बजाय चैन की नींद सो रहा है। मानसरोवर कॉलोनी में सड़कों का विकास राजस्थान आवासन मंडल एवं क्षेत्र में कार्य कराने वाली कार्यकारी एजेंसी के बीच फंसी नजर आ रही है। मानसरोवर क्षेत्र में सड़कों के रख-रखाव का मुख्य जिम्मा राजस्थान आवासन मंडल का है, लेकिन मंडल की ओर से मुख्य सड़कों की देखरेख की सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। मानसरोवर में तीन मुख्य मार्ग न्यू सांगानेर, मध्यम मार्ग एवं शिप्रापथ है, जहां न्यू सांगानेर रोड पर भारी वाहनों का आवागमन होता है, जिससे यह सड़क आमतौर पर क्षतिग्रस्त ही रहती है। वहीं दूसरी अन्य सड़कों की हालात भी बुरे हैं। क्षेत्र की मुख्य सड़कों के साथ ही कॉलोनियों में हाल बुरे है, जहां क्षेत्रवासियों को सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong><br /> पटेल मार्ग, विजय पथ, सेक्टर 12 अग्रवाल फार्म में नजर हटी तो दुर्घटना घटी</strong></span></span></span><br /> मानसरोवर के पटेल मार्ग, विजय पथ, सेक्टर 12 अग्रवाल फार्म सहित अन्य जगहों पर सड़कों की लंबे समय से खराब है। इसको लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही विकास समितियों की ओर से समय पर सड़कों की मरम्मत के लिए विभाग के अधिकारियों को पत्राचार भी किया जाता है। क्षेत्र में अरावली मार्ग पर सालों से सड़कों की स्थिति खराब लेकिन दुबारा बनाने के स्थान पर समय पर इनकी मरम्मत भी नहीं हुई है। अग्रवाल फार्म निवासी अभय अरोड़ा का कहना है कि वाहन चलाते समय टूटी सड़क और गड्ढ़ों का ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि नजर हटी और दुर्घटना घटी जैसी स्थिति की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>स्थानीय व्यापारी भी परेशान</strong></span></span></span><br /> अग्रवाल फार्म क्षेत्र में लोगों का दिनभर आवागमन होता है। टूटी-फूटी सड़कों पर धूल के गुबार उड़ने से व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है और दुकानों के अंदर रखे सामान भी गंदे हो जाते हैं। मानसरोवर दवा विक्रता संघ के संरक्षक यशपाल भाटिया का कहना है कि कावेरी पथ से लेकर एसएफएस की ओर जाने वाली सड़कों की समस्या से कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। कई जगहों पर स्पीड ब्रेकर भी लगाए जाने चाहिए, ताकि तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले चालक भी संभल कर गाड़ी चलाएं।</p>
<p><br /> मानसरोवर कॉलोनी नगर निगम जयुपर ग्रेटर को हैंडओवर कर दी गई है और यहां सड़कों की देखरेख का काम उनका है। <br /> <strong>-पवन अरोड़ा, आयुक्त, आवासन मंंडल </strong></p>
<p><br /> आवासन मंडल से विधिवत रूप से कॉलोनी हमें हैंडओवर नहीं की है और विकास के पेटे नीलामी सहित कोटे के पैसे भी हमें नहीं दिए गए है ऐसे में विकास का काम राजस्थान आवासन मंडल है।<br /> <strong>-हेमाराम चौधरी, उपायुक्त, मानसरोवर जोन</strong><br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>कालीचरण की चेतावनी : 7 दिन में सड़कें नहीं सुधरी तो घेरेंगे निगम</strong></span></span><br /> मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि नगर निगम सहित अन्य प्रशासन की ओर से नई बनी सड़कों को खोदने और  बारिश से टूटी सड़कों को आगामी सात दिन में ठीक नहीं कराया तो स्थानीय लोगों के साथ ग्रेटर नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे। सराफ ने शुक्रवार को पार्षदों, प्रतिनिधिमंडल के साथ अपने क्षेत्र के राजापार्क, गुरुनानकपुरा, तिलक नगर में जाकर टूटी सड़कों का निरीक्षण किया। इसके बाद वे निगम आयुक्त यज्ञमित्र देव से मिलने गए। जलदाय विभाग ने चार महीने पूर्व ही पाइपलाइन बिछाई थी और रोड कटाई के 85 लाख रुपए नगर निगम में जमा करवाए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 15:17:28 +0530</pubDate>
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