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                <title>Legal Notice - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Legal Notice RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आबकारी नीति मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत की टिप्पणियों पर लगाई रोक; अ​रविंद केजरीवाल समेत सभी आरोपियों को नोटिस जारी, 16 मार्च को होगी सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों को बरी करने वाले फैसले में सीबीआई के खिलाफ निचली अदालत की टिप्पणियों पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च तय करते हुए पीएमएलए कार्यवाही पर भी फिलहाल रोक लगा दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/excise-policy-case-delhi-high-court-bans-the-comments-of/article-145815"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/kejriwal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के संबंध में केंद्रीय जांच एजेंसियों को बड़ी राहत देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को बरी करते समय निचली अदालत की ओर से केन्द्रीय जांच ब्यूरो पर की गयी टिप्पणियों पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने सभी आरोपियों को नोटिस भी जारी किये हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने आरोपियों को बरी किये जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश में की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत को यह भी निर्देश दिया है कि इस याचिका पर कोई फैसला होने तक वह आबकारी नीति के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रहे मामले पर आगे सुनवाई नहीं करे। </p>
<p>उच्च न्यायालय ने उन सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है जिन्हें इस मामले में बरी किया गया था। इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता तुषार मेहता ने न्यायालय से याचिका स्वीकार करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक है और राष्ट्रीय शर्म का विषय है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 17:43:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिहार के 42 विधायकों पर लटकी तलवार: पटना हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस, जानकारी छुपाने से जुड़ा है मामला</title>
                                    <description><![CDATA[पटना हाईकोर्ट ने बिहार के 42 विधायकों को चुनावी शपथ पत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में नोटिस जारी किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता शशि भूषण मंगलम के अनुसार, अधूरे फॉर्म और गलत तथ्यों के कारण इनकी सदस्यता पर संकट मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-sword-hangs-on-42-mlas-of-bihar-patna-high/article-143870"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/bihar.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के तीन दर्जन से ज्यादा विधायकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पटना हाई कोर्ट ने बिहार विधानसभा के 42 विधायकों को नोटिस जारी किया है। यह मामला नामांकन के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्र में तथ्यों को छिपाए जाने से जुड़ा है।</p>
<p>पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट शशि भूषण मंगलम ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन 42 विधायकों को नोटिस जारी किया गया है, उनके द्वारा दाखिल शपथ पत्र में तथ्यों की पूरी और सही जानकारी नहीं दी गई थी। आरोप है कि कुछ विधायकों ने शपथ पत्र के कुछ पैराग्राफ खाली छोड़ दिए थे, जबकि निर्धारित प्रारूप में सभी बिंदुओं की स्पष्ट जानकारी देना आवश्यक होता है। इसके बावजूद संबंधित निवार्ची पदाधिकारी द्वारा उनके नामांकन को वैध घोषित कर दिया गया। </p>
<p>इसी आधार पर चुनाव में पराजित प्रत्याशियों और कुछ मतदाताओं ने इस मुद्दे को अदालत में चुनौती दी। याचिका में कहा गया कि शपथ पत्र में जानकारी छिपाना गंभीर मामला है और यह चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा प्रश्न है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि शपथ पत्र में आवश्यक जानकारी पूरी तरह से नहीं दी गई थी या कुछ कॉलम खाली छोड़े गए थे, तो नामांकन की वैधता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अदालत में दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित करना निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी है।</p>
<p><strong>तथ्य छिपाने का आरोप</strong></p>
<p>मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट ने संबंधित 42 विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा है कि उनके द्वारा दाखिल शपथ पत्र में तथ्यों को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, उन पर उनका क्या पक्ष है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान अदालत सभी पक्षों की दलीलें सुनेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:39:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माघ मेला प्रशासन ने जारी किया स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस, जानें क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज माघ मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी कर उनके 'शंकराचार्य' पद की वैधता पर सवाल उठाए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/magh-mela-administration-issued-notice-to-swami-avimukteshwaranand-know-why/article-140236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)6.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उच्चतम न्यायालय की नोटिस का हवाला देते हुये स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। मेला प्रशासन द्वारा ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य न माने जाने को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का जवाब भी सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि शंकराचार्य वह है जिसे बाकी अन्य तीन पीठों के शंकराचार्य मान्यता देते हैं। उन्होंने दावा किया है कि बाकी दो पीठों द्वारका पीठ और श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य उन्हे शंकराचार्य कहते हैं। </p>
<p>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि पिछले माघ मेले में उन्हे साथ लेकर दोनों शंकराचार्य स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि जब श्रृंगेरी और द्वारका के शंकराचार्य यह कह रहे हैं कि वह ही शंकराचार्य हैं, तो आखिर किस प्रमाण की आवश्यकता है कि हम शंकराचार्य हैं कि नहीं। </p>
<p>उन्होंने कहा, क्या अब यह प्रशासन तय करेगा कि हम शंकराचार्य हैं कि नहीं। क्या उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री या भारत का राष्ट्रपति तय करेगा कि शंकराचार्य कौन है। भारत के राष्ट्रपति को भी यह अधिकार नहीं है कि वह यह तय करें कि शंकराचार्य कौन है। शंकराचार्य का निर्णय शंकराचार्य करते हैं। हम निर्णीत हैं क्योंकि पुरी के शंकराचार्य ने हमारे बारे में कुछ नहीं कहा है। उन्होंने न तो यह कहा कि वह शंकराचार्य नहीं है और ना ही यह कहा कि शंकराचार्य हैं। पुरी के शंकराचार्य इस मामले में मौन हैं। इस विवाद में सुप्रीम कोर्ट में भी जो हलफनामा उनकी ओर से दाखिल किया गया है। उसको लेकर यह भ्रम फैलाया गया कि उन्होंने विरोध किया है लेकिन जब हम लोगों ने हलफनामे की उच्चतम न्यायालय से कापी निकाली तो उसमें यह लिखा गया है कि हमसे कोई समर्थन मांगा नहीं इसलिए हमने समर्थन नहीं दिया है। </p>
<p>अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, दो शंकराचार्य का प्रत्यक्ष और लिखित व व्यव हारिक समर्थन मुझे प्राप्त है।इसके साथ ही तीसरे पीठ के शंकराचार्य की मौन स्वीकृति हमारे साथ है। ज्योतिष पीठ का आखिर और कौन शंकराचार्य है यह बताइए। निर्विवाद रूप से ज्योतिष पीठ के हम शंकराचार्य हैं। अगर इस पर कोई विवाद दिखता है तो इसका मतलब वह दूषित भावना वाला है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा है कि अगर कोई यह कहता है कि मैं ज्योतिष पीठ पर शंकराचार्य हूं तो वह आकर मुझसे बात करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 14:39:35 +0530</pubDate>
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                <title>भाजपा नेता राजू पाटिल राजे ने कराई कांग्रेस नेता वडेट्टीवार के खिलाफ शिकायत दर्ज, नकली नोटों से जुड़ा है मामला</title>
                                    <description><![CDATA[बीजेपी नेता राजू पाटिल राजे ने कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के खिलाफ वाशिम में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। जाली मुद्रा के 'झूठे' आरोपों पर राजे ने 100 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-leader-raju-patil-raje-filed-a-complaint-against-congress/article-138339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/congress-leader-vijay-wadettiwar.png" alt=""></a><br /><p>वाशिम। महाराष्ट्र के भाजपा नेता और वाशिम जिला चुनाव प्रभारी राजू पाटिल राजे ने कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के खिलाफ वाशिम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि वडेट्टीवार ने उनके और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के खिलाफ निराधार और मानहानिकारक बयान दिए। अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, वडेट्टीवार ने नागपुर और मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर दावा किया कि राजे के खिलाफ जाली मुद्रा से जुड़ा एक मामला दर्ज किया गया है। इस बीच  पुलिस जांच से पता चला कि उनके खिलाफ ऐसा कोई मामला कभी दर्ज नहीं हुआ। वाशिम पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी संजय चौधरी ने पुष्टि की कि राजू पाटिल राजे और उनके समर्थकों से शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा, जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वाशिम पुलिस स्टेशन में राजे के खिलाफ जाली मुद्रा से संबंधित कोई शिकायत या मामला दर्ज नहीं है। इस बीच, राजे ने कहा कि ये आरोप झूठे, भ्रामक और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने कहा, ये आरोप निराधार हैं और भाजपा को बदनाम करने के लिए दिए गए हैं। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और वडेट्टीवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हम उनसे आकर माफी मांगने की अपील करते हैं।</p>
<p>राजे ने वडेट्टीवार पर जानबूझकर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि वे 100 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति मांगते हुए मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके वकील ने पहले ही वडेट्टीवार को 100 करोड़ रुपये की मुआवजे की मांग वाला कानूनी नोटिस भेज दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 18:58:30 +0530</pubDate>
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