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                <title>tomato - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पाकिस्तान में मचा हाहाकार! अफगानिस्तान बॉर्डर बंद होने से टमाटर, लहसुन और प्याज के दाम छूने लगे आसमान</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। तोरखम बॉर्डर एक महीने से बंद होने के कारण दोनों देशों को करीब 4.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान से सब्जियों की आपूर्ति रुकने से पाकिस्तान में टमाटर 500 रुपए किलो तक पहुंच गया। वहीं भारत, ईरान और तुर्की को अफगान बाजार में नया मौका मिला है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/there-was-an-outcry-in-pakistan-due-to-closure-of/article-132132"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(16).png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद । पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध इस समय बेहद तनावपूर्ण चल रहे हैं। दोनों देशों में बीते एक महीने में कई मौकों पर बॉर्डर पर गोलीबारी हुई है। इसमें दोनों ओर से कई लोगों की जान गई है। तनावपूर्ण संबंधों का असर दोनों देशों के बाजार पर भी दिख रहा है। खासतौर से अफगानिस्तान के साथ बॉर्डर बंद करने और व्यापार रोकने से पाकिस्तान की मुश्किल बढ़ी है। पाकिस्तान में सब्जियों और खानेपीने की चीजों के दाम काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। वहीं ईरान और भारत जैसे पड़ोसी देशों को अफगानिस्तान के बाजार में एंट्री करने का मौका मिल रहा है।</p>
<p>अफगान न्यूज चैनल टोलो न्यूज ने बताया है कि तोरखम बॉर्डर बीते एक महीने से बंद हैं। सीमा एक महीने तक बंद रहने से दोनों देशों के बीच निर्यात और आयात में 4.5 अरब डॉलर और 16.5 अरब रुपए का नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान से बड़ी तादाद में सब्जियां पाकिस्तान में आती हैं। ऐसे में इस लड़ाई का असर ये हुआ कि पाकिस्तान में टमाटर के दाम 500 रुपए किलो तक पहुंच गए।</p>
<p><strong>अफगानिस्तान में भारत की एंट्री</strong></p>
<p>तालिबान के साथ रिश्ते में तनातनी का सीधा असर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के व्यापारिक संबंधों पर हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान की अफगान बाजार पर पकड़ घटी है। पाक ने अफगान बाजार का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा ईरान, भारत, तुर्की और मध्य एशियाई देशों के हाथों गंवा दिया है। पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से टोलो न्यूज ने बताया है कि अफगान के साथ युद्ध का असर सिर्फ सब्जियों के दाम बढ़ने तक ही सीमित नहीं है। बार-बार सीमा बंद होने और प्रतिकूल व्यापारिक माहौल के चलते बड़े व्यापारियों ने अपना निवेश वापस ले लिया है। वहीं छोटे व्यापारियों को नुकसान और आत्मविश्वास में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>पाक-अफगान संबंध</strong></p>
<p>पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध बीते काफी समय से तनावपूर्ण चल रहे हैं। पाकिस्तान का कहना है कि तालिबान के काबुल में आने के बाद से उसके सुरक्षाबलों पर टीटीपी के हमले बढ़ गए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी के लड़ाकों को अफगानिस्तान में पनाह मिल रही है। तालिबान इससे इनकार करता है लेकिन पाकिस्तान इस पर भरोसा नहीं करता है। यही दोनों देशों में तनातनी का सबसे अहम कारण बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 11:52:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सस्ती दर पर टमाटर बेचने से सरकार ने खींचे हाथ</title>
                                    <description><![CDATA[इसके बाद अचानक से इसके दाम में तेजी आई और कोटा शहर की प्रमुख मंडी में अब टमाटर का दाम 200 रुपए किलो हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-pulls-hands-from-selling-tomato-at-cheap-rate/article-53422"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/saste-dam-par-tamatar-bechne-se-sarkar-ne-khiche-hath...kota-news-02-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। पूरे देश में टमाटर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। रसोई में स्वाद का राजा टमाटर दाम में भारी उछाल के चलते आमजन की पहुंच से दूर हो गया है। इसके दाम में तेजी का रुख जारी है। कोटा शहर की प्रमुख मंडी में मंगलवार को टमाटर का दाम 200 रुपए किलो पहुंच गया है। वहीं केन्द्र सरकार ने सस्ती दर पर टमाटर उपलब्ध कराने से अपने हाथ खींच लिए हैं। कोटा शहर में केवल पांच दिन वाहनों के माध्यम से टमाटर बेचे गए थे। इसके बाद से सस्ती दर पर टमाटर की बिक्री बंद हो गई है। जिससे आमजन को टमाटर खरीदने के लिए अब ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ेगी।</p>
<p><strong>अचानक आया दाम में भारी उछाल</strong><br />पिछले कुछ समय से टमाटरों की बढ़ी कीमतों ने आम आदमी के बजट को हिलाकर रख दिया है। तमाम जगहों पर भारी बारिश के कारण सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके कारण टमाटर ही नहीं, बल्कि कई अन्य सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। कोटा शहर में एक माह से टमाटर 160 रुपए   प्रति किलो में बिक रहा था। इसके बाद अचानक से इसके दाम में तेजी आई और कोटा शहर की प्रमुख मंडी में अब टमाटर का दाम 200 रुपए किलो हो गया। इस मामले में सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बारिश के मौसम में टमाटर और अन्य सब्जियों को समय से तमाम जगहों पर पहुंचा पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। कई बार काफी सामान रास्ते में ही खराब हो जाता है। इस कारण बारिश के दिनों में टमाटर ही नहीं अन्य सब्जियों के दाम भी बढ़ जाते हैं।</p>
<p><strong>ट्वीट कर बताया वाहन बंद होने का कारण</strong><br />भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ की ओर से देश के विभिन्न राज्यों में सस्ती दर पर टमाटर बेचे जा रहे थे। अचानक से टमाटर की बिक्री बंद होने पर लोगों इस राहत से वंचित हो गए। इस सम्बंध में सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों ने नाराजगी जताई। इसके बाद संघ ने ट्वीट के जरिए ग्राहकों को बताया कि कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों और आपूर्ति वाहनों के आने में देरी होने के कारण एनसीसीएफ द्वारा टमाटर का वितरण स्थगित कर दिया गया है।</p>
<p><strong>इधर टमाटर वाहन भी हो गए बंद</strong><br />टमाटर के दाम में भारी उछाल के चलते भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ( एनसीसीएफ) ने देश के विभिन्न राज्यों में सस्ती दर टमाटर की बिक्री शुरू की थी। राजस्थान में जयपुर और कोटा में वाहनों से माध्यम से टमाटर भेजे गए थे। कोटा शहर में भी गत 16 जुलाई से विभिन्न स्थानों पर वाहन खड़े कर 80 रुपए प्रति किलो में टमाटर बेचे गए थे। उस समय टमाटर का बाजार भाव 160 रुपए प्रति किलो था। ऐसे में सस्ती दर पर टमाटर बिकने की जानकारी मिलते ही ग्राहक लेने के लिए दौड़ पड़े थे। पहले दिन ग्राहकों ने कतारों में खड़े होकर टमाटर खरीदे थे।  शहर में लगभग पांच दिन तक वाहनों के माध्यम से टमाटर बेचे गए थे। इसके बाद अचानक से वाहन आना बंद हो गए। इससे ग्राहक सस्ती दर पर टमाटर खरीदने से वंचित हो गए।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />200 रुपए किलो टमाटर का वर्तमान दाम <br />4000 रुपए मंडी में 25 किलो का कैरेट <br />700 कैरेट आवक मंडी में अभी<br />80 रुपए किलो बेचे थे एनसीसीएफ ने <br />25 क्विंटल टमाटर आए थे एक वाहन में<br />05 दिन तक 5 वाहनों से बेचे थे टमाटर शहर में <br />15 अगस्त के बाद आएगी टमाटर की नई फसल<br />[सरकार ने हिमाचल प्रदेश से खरीदे थे टमाटर]</p>
<p>टमाटर बाजार से गायब सा हो गया है। कुछ स्थानों पर टमाटर मिल रहा है, लेकिन उसे खरीद नहीं सकते हैं। सरकार ने आमजन को राहत देने के लिए अच्छी पहल की थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही यह बिक्री बंद हो गई। ऐसे में फिर से परेशानी हो रही है।<br /><strong>- शालिनी कुमारी, ग्राहक</strong></p>
<p>बैंगलुरु से आ रहा टमाटर काफी महंगा पड़ रहा है। इस कारण दाम में तेजी बनी हुई है। कोटा शहर में टमाटर की ब्रिकी भी काफी कम हो गई है। 15 अगस्त के बाद मध्यप्रदेश और महाराष्टÑ से टमाटर की नई फसल आएगी। इसके बाद दाम में गिरावट आ सकती है।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, महासचिव आदर्श कोटा थोक फू्रट एण्ड वेजीटेबल मर्चेंट यूनियन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Aug 2023 16:36:10 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>टमाटर के लिए कहासुनी, बारिश में लगी कतारें</title>
                                    <description><![CDATA[टमाटर के दामों में भारी उछाल के चलते आमजन का बजट गड़बड़ा गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/arguments-for-tomatoes--queues-in-the-rain/article-52209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/tamatar-ke-liye-kahasuni,-baarish-me-lagi-kataare...kota-news-19-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। पूरे देश में टमाटर को लेकर हाहाकर मचा हुआ है। रसोई में स्वाद का राजा टमाटर दाम में भारी उछाल के चलते आमजन की पहुंच से दूर हो गया है। ऐसे में मंगलवार को कोटा शहर के कुछ स्थानों पर जैसे ही सस्ती दर पर टमाटर मिलने की सूचना मिली तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बारिश के बावजूद कम दाम में टमाटर लेने के लिए लोग कतारों में डटे रहे। कई बार कतारों में लगने को लेकर ग्राहकों में कहासुनी तक हो गई। शहर के पांच अलग-अलग स्थानों पर मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ( एनसीसीएफ) की ओर से 80 रुपए प्रति किलो में टमाटर बेचे गए। वर्तमान में टमाटर का बाजार भाव 160 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। इस कारण टमाटर गायब सा हो गया है। काफी समय से टमाटर के लगातार बढ़ते दामों ने आम आदमी का बजट और जायका बिगाड़ दिया है। इस कारण लोगों की पहुंच से बाहर हो चुके टमाटर को सस्ती दर पर उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार के विभाग एमसीसीएफ की ओर से पहल की गई है। शहर में बाजार भाव से आधे दाम में टमाटर ग्राहकों को बेचे गए।</p>
<p><strong>छाता लेकर डटे रहे ग्राहक</strong><br />टमाटर के दामों में भारी उछाल के चलते आमजन का बजट गड़बड़ा गया है। ऐसे में सस्ती दर पर टमाटर बिकने की जानकारी मिलते ही ग्राहक लेने के लिए दौड़ पड़े। मंगलवार को कई स्थानों पर बारिश होने के बावजूद ग्राहक कतारों में खड़े हुए थे और छाता लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कुछ स्थानों पर कतार में लगने को लेकर ग्राहकों के बीच धक्कामुक्की तक हो गई। वहां मौजूद अन्य लोगों ने समझाइश कर मामला संभाला। </p>
<p><strong>हर ग्राहक को केवल दो किलो</strong><br />वैन में मौजूद राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ के प्रतिनिधि ने बताया कि प्रत्येक ग्राहक को केवल दो किलो टमाटर ही दिए जा रहे हैं। यह इसलिए किया गया है कि कोई सब्जी विक्रेता अधिक मात्रा में टमाटर खरीदकर बाजार में महंगी दर में बिक्री नहीं कर दे। सरकार की ओर से आम जनता को राहत देने के लिए यहां पर सस्ती दर पर टमाटर की ब्रिकी की जा रही है। जब तक दामों में कमी नहीं आएगी तब तक कोटा शहर में वैन के माध्यम से टमाटर की बिक्री की जाएगी। शहर में हर रोज अलग-अलग स्थानों पर टमाटर सस्ती दर पर बेचा जाएगा।</p>
<p><strong>यहां पर बेचे गए टमाटर</strong><br />केंद्र सरकार की सस्ती दरों पर टमाटर उपलब्ध कराने की पहल के तहत कोटा में भी मंगलवार से पांच अलग-अलग जगहों पर टमाटर की बिक्री शुरू की गई। यह टमाटर मोबाइल वैन के जरिए दशहरा मैदान के पास, तलवंडी चौराहा, गोबरिया बावड़ी, विज्ञाननगर और डीसीएम रोड पर बेचे गए। भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ( एनसीसीएफ) ने सस्ते टमाटर की बिक्री की व्यवस्था की है। इन जगहों पर 80 रुपए प्रति किलो की दर से टमाटर बेचे जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने इन मोबाइल वैन के पास पहुंचकर सस्ते टमाटर खरीदने में रूचि दिखाई है, क्योंकि बाजार में अभी भी टमाटर का भाव 160 रुपए से प्रति किलो या इससे अधिक है। सस्ते टमाटर की व्यवस्था का कोई दुरुपयोग न कर पाए, इसे देखते हुए लिमिट फिक्स की गई है। एक खरीदार को अधिकतम दो किलो ही टमाटर दिए जा रहे है।</p>
<p>सरकार की यह पहल अच्छी है। टमाटर की महंगाई ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। सब्जी के स्वाद के लिए टमाटर काफी जरूरी है। ऐसे में अब 80 रुपए किलो टमाटर मिलने से काफी राहत मिली है। सरकार की इसकी मात्रा और बढ़ना चाहिए।<br /><strong>-शैलेन्द्र कुमार, ग्राहक</strong></p>
<p>टमाटर बाजार से गायब सा हो गया है। कुछ स्थानों पर टमाटर मिल रहा है, लेकिन उसे खरीद नहीं सकते हैं। सरकार ने आमजन को राहत देने के लिए अच्छी पहल की है, लेकिन अभी काफी कम मात्रा में यह मिल रहा है। शहर के ज्यादा स्थानों पर यह सुविधा मिलनी चाहिए।<br /><strong>-आशुतोष, ग्राहक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jul 2023 15:49:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ब्रिटेन में चार गुना महंगा टमाटर प्लेट से गायब हुआ पिज्जा </title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन में राष्ट्रीय किसान संघ ने कहा कि टमाटर और खीरे जैसी ताजा सब्जियों की कमी हो रही है। यूरोप और उत्तरी अफ्रीका में खराब मौसम के कारण फसल कम हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/four-times-more-expensive-tomato-pizza-disappeared-from-the-plate/article-38558"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(27)1.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। दुनिया में कोई भी देश इस समय आर्थिक संकट से खुद को नहीं बचा पा रहा है। पाकिस्तान की कंगाली के बारे में आपने सुना होगा, जहां लोगों के पास रोटी खाने के पैसे भी नहीं हैं। ठीक ऐसा ही कुछ हाल अब ब्रिटेन में देखने को मिल रहा है। ब्रिटेन में सबसे पसंदीदा भोजन में पिज्जा आता है। लेकिन अब इसकी कमी देखने को मिल रही है। ब्रिटेन में पिज्जा क्राइसिस के पीछे का कारण टमाटर है। दरअसल टमाटर की कमी के कारण कई कंपनियों के पास पिज्जा के लिए अनिवार्य टमाटर बेस नहीं है। टमाटर का दाम कुछ ही दिनों में 400 फीसदी से ज्यादा महंगा हो गया है। टमाटर का दाम पांच यूरो से अब सीधे 20 यूरो पहुंच गया है। इसका मतलब है कि बावर्चियों के पास स्वादिष्ट खाना बनाने के लिए सिर्फ कुछ ही सामग्री बची हैं। ब्रिटेन में इतालवी रसोइयों के संगठन के अध्यक्ष एंजो ओलिवरी ने कहा कि टमाटर की कमी है। रिकोटा चीज और कई सब्जियों को इस्तेमाल कर पिज्जा बेस बनाया जा सकता है। उन्होंने मांग की है कि सरकार टमाटर के दाम पर कैप लगाए।</p>
<p><strong>टमाटर होंगे मेन्यू से बाहर</strong><br />उत्तरी लंदन के एक इतालवी रेस्टोरेंट के मालिकों ने कहा कि मेन्यू से टमाटर को बाहर कर दिया जाएगा। रेस्टोरेंट चलाने वाले कामेर्लो कानार्वाले ने कहा कि जब भी मैं खाना बनाने के लिए टमाटर की जगह किसी और चीज का इस्तेमाल करता हूं, तो ग्राहकों को पसंद नहीं आता। वह अब भी टमाटर की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर टमाटर के दाम यूं ही बढ़ते रहे तो अगले तीन हफ्तों के लिए टमाटर को मेन्यू से बाहर कर दिया जाएगा। एक अन्य बावर्ची ने कहा कि किसी भी चीज को टमाटर से बदला नहीं जा सकता।</p>
<p><strong>क्यों हो रही टमाटर की कमी</strong><br />ब्रिटेन में राष्ट्रीय किसान संघ ने कहा कि टमाटर और खीरे जैसी ताजा सब्जियों की कमी हो रही है। यूरोप और उत्तरी अफ्रीका में खराब मौसम के कारण फसल कम हो रही है। एनएफयू के डिप्टी अध्यक्ष टॉम ब्रैडशॉ ने कहा कि आयात पर निर्भरता ने यूके को आज इस हालात पर पहुंचा दिया है। ब्रिटेन के सुपरमार्केट से फल और सब्जियां गायब हो रही है। टमाटर की कमी के चलते लोगों से सब्जियों को स्टॉक न करने की अपील की गई है। अगले कुछ हफ्तों में आपूर्ति सुधरने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Feb 2023 11:05:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>पाले से सब्जियां चौपट, टमाटर, हरी मिर्च, फूल गोभी के दाम बढ़े</title>
                                    <description><![CDATA[किसान हताश और उपभोक्ता भी परेशान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61c81f53209cd/article-3540"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/vegetables-1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हिमालय से आई सर्द हवाओं से खेतों में गिरे पाले से सब्जियां पूरी तरह तबाह हो गई थी। इसका असर अब सब्जियों के बढ़ते हुए भावों में देखा जा रहा है। टमाटर, फूलगोभी, मटर, हरी मिर्च, बैंगन सभी के भाव थोक और खुदरा में दोगुने से अधिक हो गए हैं। किसान नन्दकिशोर चौधरी ने बताया कि खेतों में चार दिन गिरे पाले से सब्जियां पूरी तरह खराब हो गई है। पाले का असर अगेती गेहूं की फसल पर भी देखा जा रहा है। जबकि उपभोक्ता सीमा बुन्देला ने बताया कि सब्जियों के बढ़ते हुए भाव ने गृहणी का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। <br /> <br /> <strong>सब्जी के थोक और खुदरा में भाव </strong><br />     एक सप्ताह पहले तक फूल गोभी थोक मण्डी में 18-20 रुपए किलो में उपलब्ध थी, जो अब थोक में बढ़कर 30 रुपए हो गई है, जबकि खुदरा में 50 से 60 रुपए किलो बिक रही है। <br />     हरी मिर्च थोक में दस रुपए किलो में आसानी से मिल जाती थी, लेकिन फसल में खराबा के बाद थोक में 15 -23 रुपए किलो में बिक रही है और खुदरा में 55 से 60 रुपए में उपलब्ध हंै। <br />     मटर के भावों में बड़ा इजाफा हुआ है। मटर थोक में 15-20 रुपए किलो में बिकता था, जो अब 25-30 रुपए थोक में और खुदरा में 60 रुपए किलो है। <br />     बैंगन थोक में आठ रुपए से बढ़कर 16-17 रुपए किलो में बिक रहा है। अब खुदरा में 40 रुपए किलो में है।</p>
<p><br /> पाले से सब्जियां खराब हो गई। इसका असर यह हुआ कि इनके थोक भाव में बेतहाशा वृद्धि हुई है। आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ेंगे। -<strong>राहुल तंवर, थोक विक्रेता, मुहाना मण्डी</strong><br /> <br /> पाले से खराब हुई सब्जियों के भाव में बढ़ोतरी हुई है। हरी मिर्च, टमाटर के बढ़े दामों ने उपभोक्ता को परेशान किया है।<br /> -<strong>वासु जसवानी, खुदरा विक्रेता, बस्सी, जयपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Dec 2021 14:20:40 +0530</pubDate>
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                <title>सेब से महंगा टमाटर</title>
                                    <description><![CDATA[60 से 80 रुपए किलो मिल रहा है टमाटर, गृहणी के बजट को बिगाड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AC-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%B0/article-1710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/seb-tamatar-tomato-apple.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। टमाटर की फसल के महाराष्ट्र में खराब होने से प्रदेश में इसके भावों ने सेब की कीमत को पछाड़ दिया है। अच्छे गुणवक्ता के टमाटर 60 से 80 रुपए किलो में उपलब्ध हैं, जबकि सेब 50-60 रुपए किलो मिल रहे हैं। शहर के परकोटे में तो सेब ठेलों पर बहुतायात में 50-55 रुपए किलो में उपलब्ध हैं। टमाटर के बढ़े दामों ने आम गृहणी का बजट बिगाड़ने लगा है। करीब एक पखवाड़े बाद टमाटर की नई फसल आने के बाद भाव जमीन पर आ सकेंगे। <br /> <br /> महाराष्ट्र में टमाटर की फसल के खराब होने से टमाटर के भाव लाल हो गए। आने वाले दिनों में स्थानीय फसल आने से दाम कम हो जाएंगे।<br /> -<strong>राहुल तंवर, थोक विक्रेता, मुहाना मण्डी, जयपुर </strong><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong><br /> कश्मीर से बहुतायात में आ रहे सेब</strong></span></span></span><br /> सेब का सीजन शुरू होने से अभी सेब कश्मीर से हर तरह की क्वालिटी के आ रहे हैं। मुहाना मण्डी में गुरुवार को सेब 20 से लेकर 40 रुपए थोक में बिके हैं। जबकि खुदरा में 50 से 60 रुपए किलो में उपलब्ध हैं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>टमाटर की फसल खराब होने से बढ़े भाव</strong></span></span></span><br /> प्रदेश में स्थानीय टमाटर की आवक दिवाली बाद शुरू होगी, अभी टमाटर महाराष्ट्र से आ रहा है। पिछले दिनों महाराष्टÑ में तेज बारिश से टमाटर की फसल खराब हो गई। टमाटर अभी मुहाना मण्डी में 37-40 रुपए किलो में बिका है। मुहाना मण्डी में देशी टमाटर 40-45 रुपए किलो में बिक रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 15:32:47 +0530</pubDate>
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