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                <title>'मेट्रो मंडे' की शुरुआत: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने किया मेट्रो और डीटीसी बस का सफर, दिया ईंधन बचत का संदेश  </title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान के तहत 'मेट्रो मंडे' पहल में भाग लिया। उन्होंने सचिवालय पहुंचने के लिए मेट्रो और डीटीसी फीडर बस का उपयोग किया। सीएम की अपील पर मंत्रियों और अधिकारियों ने भी सार्वजनिक परिवहन अपनाया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/delhi-cm-rekha-gupta-said-fuel-saving-and-public/article-154270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rekha-gupta.png" alt=""></a><br /><p>न्ई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान के तहत राष्ट्रहित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक संतुलन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सीएम गुप्ता ने आज 'मेरा भारत, मेरा योगदान' जन-अभियान के अंतर्गत शुरू की गई 'मेट्रो मंडे' पहल में भाग लिया और सार्वजनिक परिवहन, ईंधन संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक भागीदारी का संदेश दिया। मुख्यमंत्री की अपील पर दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों एवं सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने कार्यालय पहुंचने के लिए मेट्रो रेल और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों का उपयोग किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अपने दिन की शुरुआत आवास से लोक निवास में उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के लिए पैदल पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक कार के माध्यम से कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन तक यात्रा की और वहां से आईटीओ मेट्रो स्टेशन तक दिल्ली मेट्रो सेवा का उपयोग किया। आईटीओ मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने कार्यालय दिल्ली सचिवालय तक जाने के लिए फीडर बस सेवा का उपयोग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और रविन्द्र इंद्राज भी मौजूद थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन है। इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को यह संदेश देना है कि राष्ट्रहित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक संतुलन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की जो अपील की है, दिल्ली सरकार उसे जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि 'मेट्रो मंडे' उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से लोगों को सप्ताह में कम-से-कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सरकारी स्तर पर भी कई बड़े कदम उठा रही है। इनमें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था, सरकारी वाहनों के उपयोग में कटौती, ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा तथा सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग जैसी पहल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मेट्रो-डीटीसी बसों का अधिक उपयोग न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को कम करने में भी प्रभावी भूमिका निभाएगा। दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी को अधिक स्वच्छ, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की, कि सभी नागरिक यथासंभव सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे न केवल देश के लिए ईंधन की बचत होगी, बल्कि दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं को कम करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:50:46 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर मंडल का कीर्तिमान: एक साथ दो नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों की सफल कमीशनिंग</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर-फुलेरा खंड पर कनकपुरा यार्ड री-मॉडलिंग और हिरनोदा साइडिंग का कार्य समय से पहले पूरा कर इतिहास रचा है। नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली से मालगाड़ियों का संचालन सुगम होगा और शंटिंग समय में कमी आएगी। इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लॉजिस्टिक क्षमता और रेल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-divisions-record-of-successful-commissioning-of-two-non-interlocking-works/article-153734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/railway-me-video-reel-bnayi-to-ho-skti-h-6-maah-ki-saza...kota-news-07-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल ने रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, तीव्र और दक्ष बनाने की दिशा में बड़ा कीर्तिमान स्थापित करते हुए जयपुर-फुलेरा डबल लाइन रेलखंड पर दो महत्वपूर्ण नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों को एक साथ निर्धारित समय से पहले सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। यह उपलब्धि मंडल की तकनीकी दक्षता, समन्वय और सुनियोजित कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार कनकपुरा स्टेशन पर यार्ड री-मॉडलिंग और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके तहत लाइन संख्या 4 और 3 के मध्य तथा लाइन संख्या 2 से जुड़े शंटिंग नेक के साथ इमरजेंसी क्रॉसओवर स्थापित किया गया और दो नए शंट सिग्नल चालू किए गए।</p>
<p>इस व्यवस्था से डाउन दिशा से आने वाली मालगाड़ियों को सीधे लाइन 1, 2 और 3 में लिया जा सकेगा, जिससे मुख्य लाइन यातायात प्रभावित हुए बिना शंटिंग और पावर रिवर्सल संभव होगा। इससे टर्मिनल डिटेंशन में कमी आएगी और मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। समानांतर रूप से हिरनोदा यार्ड में एचपीसीएसएल ड्राई पोर्ट साइडिंग का कमीशनिंग भी सफलतापूर्वक किया गया। परियोजना के अंतर्गत इमरजेंसी क्रॉसओवर, दो ट्रैप पॉइंट्स और दो नए शंट सिग्नल स्थापित किए गए, जिससे ड्राई पोर्ट को सुरक्षित और निर्बाध रेल संपर्क मिला है। इससे क्षेत्र में लॉजिस्टिक सुविधाओं का विस्तार और माल परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है। मेगा ब्लॉक के दौरान शैडो प्लानिंग के तहत जयपुर यार्ड में सिग्नलिंग से जुड़े कार्य भी पूर्ण किए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 18:22:16 +0530</pubDate>
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                <title>बेंगलुरू सिटी स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित </title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण पश्चिम रेलवे के यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के कारण बेंगलुरु-जोधपुर रेलसेवा अगस्त में आंशिक रूप से रद्द रहेगी। यह ट्रेन अब यशवंतपुर तक ही संचालित होगी। वहीं, अजमेर-मैसूरू रेलसेवा को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। यात्री अपनी यात्रा से पूर्व संशोधित समय-सारणी और स्टेशनों की जानकारी अवश्य जाँच लें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rail-traffic-affected-due-to-yard-remodeling-work-at-bengaluru/article-152000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/train_03.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से केएसआर बेंगलुरू सिटी स्टेशन पर किए जा रहे यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार केएसआर बेंगलुरू सिटी - जोधपुर रेलसेवा 2 अगस्त को केएसआर बेंगलुरू सिटी -यशवंतपुर के मध्य, जोधपुर - केएसआर बेंगलुरू सिटी रेलसेवा 30 जुलाई व 1 अगस्त को यशवंतपुर -केएसआर बेंगलुरू सिटी के मध्य, केएसआर बेंगलुरू सिटी - जोधपुर रेलसेवा 3 अगस्त को केएसआर बेंगलुरू सिटी -यशवंतपुर के मध्य आंशिक रद्द रहेगी। इसी प्रकार अजमेर-मैसूरू रेलसेवा 31 जुलाई को परिवर्तित मार्ग अरसीकेरे, हासन, कृष्णराज नगर, मैसूरू होकर संचालित होगी ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 17:55:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रेलवे ट्रैक कार्य के चलते कई ट्रेनें बदले मार्ग से चलेंगी</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्वोत्तर रेलवे के गोण्डा-बुढ़वल खंड पर तीसरी लाइन डालने के कार्य के चलते रेल यातायात प्रभावित रहेगा। जुलाई में साबरमती-गोरखपुर, मदार-दरभंगा और गोरखपुर-बठिंडा जैसी प्रमुख ट्रेनें बाराबंकी-अयोध्या-मनकापुर के परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। यात्री असुविधा से बचने के लिए संशोधित समय-सारणी चेक कर अपनी यात्रा की योजना बनाएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-railway-track-work-many-trains-will-run-on/article-151996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/train2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के गोण्डा-बुढ़वल रेलखंड के गोण्डा-गोण्डा कचहरी स्टेशनों के मध्य तीसरी लाइन डालने के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार उपरोक्त कार्य के कारण साबरमती-गोरखपुर रेलसेवा 2 जुलाई को परिवर्तित मार्ग बाराबंकी-अयोध्या छावनी- मनकापुर होकर, मदार-दरभंगा रेलसेवा 3 जुलाई को परिवर्तित मार्ग बाराबंकी-अयोध्या छावनी- मनकापुर होकर, गोरखपुर-बठिंडा रेलसेवा 9 जुलाई को परिवर्तित मार्ग मनकापुर-अयोध्या छावनी-बाराबंकी होकर संचालित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 17:47:21 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर में लो-फ्लोर बस कर्मचारियों का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी, हालात तनावपूर्ण, प्रशासन पर बढ़ा दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में JCTSL कर्मचारी अपनी 14 सूत्री मांगों को लेकर भीषण गर्मी में धरने पर हैं। चार दिनों से आमरण अनशन कर रहे मनीष और नरेंद्र की तबीयत बिगड़ने से तनाव बढ़ गया है। प्रबंधन की बेरुखी के खिलाफ कर्मचारियों ने मंगलवार से मुख्यालय पर प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fast-unto-death-of-low-floor-bus-employees-in-jaipur-continues/article-151809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/buss.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) के कर्मचारी अपनी 14 सूत्री मांगों को लेकर भीषण गर्मी में लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन अब तक न तो वार्ता के लिए आगे आया है और न ही उनकी मांगों के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया है। चार दिन से आमरण अनशन पर बैठे मनीष श्रीमाली और नरेंद्र गोचर की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे अन्य कर्मचारियों में भी चिंता बढ़ गई है। यह आमरण अनशन जेसीटीएसएल मजदूर कांग्रेस (इंटक) के बैनर तले चल रहा है।</p>
<p>कर्मचारियों का कहना है कि यदि आज भी मांगों पर सकारात्मक समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मंगलवार से जेसीटीएसएल मुख्यालय और डीएलबी कार्यालय पर आमरण अनशन करते हुए धरना दिया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार और प्रबंधन से जल्द हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है, ताकि बस सेवा प्रभावित न हो और कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:26:20 +0530</pubDate>
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                <title>सीएम रेड्डी ने जताया आरटीसी के चालक शंकर की मौत पर शोक : मदद का दिया आश्वासन, परिवार को शक्ति और साहस मिलने की प्रार्थना की</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आरटीसी चालक शंकर गौड़ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए आरटीसी कर्मचारियों की समस्याओं को ईमानदारी से सुलझाने की प्रतिबद्धता दोहराई। सीएम ने भावुक होते हुए लोगों से आवेश में आकर आत्मघाती कदम न उठाने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-reddy-expressed-grief-over-the-death-of-rtc-driver/article-151529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/telengana-cm.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के चालक शंकर गौड़ की मौत शोक व्यक्त किया। रेड्डी ने अपने शोक संदेश में शोक संतप्त परिवार को आश्वासन दिया कि वे उनके साथ खड़े हैं और सरकार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने शंकर गौड़ की आत्मा की शांति के लिए और उनके परिवार के सदस्यों को इस क्षति का सामना करने के लिए शक्ति और साहस मिलने की प्रार्थना की।</p>
<p>मुख्यमंत्री कहा कि आवेश में लिया गया एक क्षणिक निर्णय परिवार को गहरे दुख में डुबो गया। उन्होंने दोहराया कि सरकार आरटीसी कर्मचारियों के साथ बातचीत कर रही है और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि आरटीसी कर्मचारियों ने गुरुवार को तेलंगाना में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान नरसंपेट आरटीसी डिपो के चालक शंकर गौड़ ने कथित तौर पर नरसंपेट बस स्टैंड के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी, जिनका आज इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:32:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मांगों को लेकर निजी बसों का चक्काजाम : परिवहन आयुक्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन, यात्री रहे परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[नावों में निजी बसों के किराए को पड़ोसी राज्यों के समान करने तथा चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों का टैक्स माफ  करने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-memorandum-will-be-submitted-to-the-transport-commissioner-regarding/article-140762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/bus.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। टूरिस्ट, पर्यटन वाहन एवं स्टेज कैरिज बसों से लगेज कैरियर नहीं हटाने, चुनावों में निजी बसों के किराए को पड़ोसी राज्यों के समान करने तथा चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों का टैक्स माफ<span>  </span>करने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर निजी बसों का प्रदेशभर में चक्का जाम रहा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजस्थान में निजी बस आूपरेटरों ने परिवहन विभाग की नीतियों और कार्रवाई को लेकर रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी और शनिवार को निजी बसों का चक्का जाम रहा। प्रदेश बस ऑपरेटर एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष सत्य नारायण साहू ने कहा कि टूरिस्ट, पर्यटन वाहन एवं स्टेज कैरिज बसों से लगेज कैरियर नहीं हटाने, चुनावों में निजी बसों के किराए को पड़ोसी राज्यों के समान करने तथा चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों का टैक्स माफ<span>  </span>करने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बस ऑपरेटरों ने लोक परिवहन सेवा के परमिट की अवधि 10 वर्ष करने, नई परमिट प्रक्रिया में पुरानी बस की शर्त तय करने, स्लीपर कोच और टूरिस्ट बसों पर नया टैक्स लागू करने, टीपी की वैधता 24 घंटे करने तथा उपनगरीय क्षेत्रों में नए मार्ग जोड़ने की मांगें भी की है। उन्होंने बताया कि अब 28 जनवरी को प्रदेशभर के बस ऑपरेटर्स शहीद स्मारक पर पैदल मार्च करेंगे और परिवहन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 12:08:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीडीपी वृद्धि दर दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत, सेवा और विनिर्माण का जोरदार प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[जुलाई–सितंबर 2025 तिमाही में भारत की GDP 8.2% बढ़ी, जो अनुमानों से अधिक है। सेवा और विनिर्माण क्षेत्र ने 9% से अधिक की वृद्धि दर्ज की। निजी खपत बढ़ी, जबकि सरकारी खर्च थोड़ा घटा। यह जनवरी–मार्च 2024 के बाद सबसे तेज आर्थिक विस्तार माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gdp-growth-rate-82-percent-in-second-quarter-strong-performance/article-134031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/gdp.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इसमें सेवा क्षेत्र और विनिर्माण की वृद्धि दर नौ प्रतिशत से अधिक रही। इस दौरान निजी खपत में तेजी दर्ज की गयी जबकि सरकारी खपत में एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में हल्की गिरावट रही।</p>
<p>केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही में स्थिर मूल्य पर आधारित जीडीपी 48.63 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की समान तिमाही के 44.94 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 8.2 प्रतिशत अधिक है। यह जनवरी-मार्च 2024 तिमाही के बाद सबसे तेज बढ़ोतरी है। इससे पहले, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही-अप्रैल-जून 2025 के दौरान जीडीपी 7.8 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा था।</p>
<p>आलोच्य तिमाही में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत और विनिर्माण क्षेत्र की 9.1 प्रतिशत दर्ज की गयी। वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवा क्षेत्र में 10.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान जीडीपी वृद्धि दर आठ प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गयी। पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 6.1 प्रतिशत और दूसरी छमाही में 6.9 प्रतिशत रही थी।</p>
<p>विशेषज्ञों ने बताया कि, पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की विकास दर देश की अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित मजबूती को दिखाती है। उन्होंने कहा कि मांग की स्थिति मजबूत बनी हुई है। जीडीपी में तेज वृद्धि को पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारक द्वितीयक क्षेत्र का प्रदर्शन है जिसमें विनिर्माण भी शामिल है। इस क्षेत्र में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गयी जो पहली तिमाही में 7.0 प्रतिशत रही थी। इसमें विनिर्माण की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत से बढ़कर 9.1 प्रतिशत; बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य यूटिलिटी सेवाओं की 0.5 से बढ़कर 4.4 प्रतिशत; और निर्माण की 7.6 से घटकर 7.2 प्रतिशत रह गयी। </p>
<p>प्राथमिक क्षेत्र की वृद्धि दर पहली तिमाही के 2.8 फीसदी की तुलना में दूसरी तिमाही में 3.1 प्रतिशत दर्ज की गयी। इसमें कृषि, पशुधन, वानिकी और मत्स्यपालन में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि पहली तिमाही में यह 3.7 प्रतिशत बढ़ा था। दूसरी तिमाही में सेवा क्षेत्र में वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा और यह 10.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा। पहली तिमाही में यह 9.5 प्रतिशत बढ़ा था। व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं प्रसारण सेवाओं की वृद्धि दर 8.6 फीसदी से घटकर 7.4 प्रतिशत रह गयी। लोक प्रशासन, रक्षा एवं अन्य सेवाओं की वृद्धि दर भी 9.8 फीसदी से गिरकर 9.7 फीसदी हो गयी। सेवा क्षेत्र की कुल वृद्धि दर 9.3 फीसदी से घटकर 9.2 फीसदी रह गयी।</p>
<p>जीडीपी के तहत व्यय के कारकों में आयात सबसे अधिक 12.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा। निजी अंतिम उपभोग व्यय में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि सरकारी अंतिम उपभोग व्यय में 2.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। सकल स्थिर पूंजी निर्माण में 7.3 प्रतिशत वृद्धि हुई। निर्यात भी 5.6 प्रतिशत बढ़ा। पहली छमाही के दौरान सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 9.3 प्रतिशत और विनिर्माण की 8.4 प्रतिशत रही। कृषि क्षेत्र में 3.6 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि खनन में 1.8 प्रतिशत की गिरावट रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 12:11:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सात साल से नहीं बना ढगारिया नहर मार्ग, फसल तैयार, खेतों से निकालना मुश्किल, किसानों की बढ़ी परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[मार्ग पर गहरे गड्ढे होने से कई बार उपज से भरी ट्रॉली पलटने से किसानों का होता है नुकसान ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-dhagaria-canal-road-has-not-been-constructed-for-seven-years--the-crops-are-ready-for-harvest--but-it-s-difficult-to-get-them-out-of-the-fields--increasing-the-problems-for-farmers/article-131315"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(10).png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र के छप्पनपुरा, ढगारिया, रेबारपुरा, पापड़ली, खोता, लक्ष्मीपुर और पचीपला गांवों को जोड़ने वाला ढगारिया नहर मार्ग पिछले सात वर्षों से बदहाल हालात में है। सड़क पर वर्षों से ग्रेवल नहीं डाले जाने के कारण यह गड्ढों और कीचड़ से भरी पड़ी है। बरसात के बाद स्थिति और भी खराब हो गई है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>फसल तैयार, पर रास्ता बना मुसीबत</strong><br />करीब 3000 बीघा जमीन के किसानों की आजीविका इस मार्ग पर निर्भर है, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के चलते खेतों से फसल निकालना कठिन हो गया है। छप्पनपुरा निवासी गिरिराज मीणा, ढगारिया के विष्णु कुमार, रेबारपुरा के सुरेश रायका, पापड़ली के भंवरसिंह और खोता के लेखराज सैनी ने बताया कि मार्ग पर इतने गहरे गड्ढे हैं कि ट्रैक्टर-ट्रॉली तक निकालना जोखिमभरा हो गया है। कई बार उपज से भरी ट्रॉली पलटने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है।</p>
<p><strong>प्रशासन से कई बार गुहार, पर सुनवाई नहीं</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि वे बार-बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत करा चुके हैं, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र ग्रेवल निर्माण नहीं कराया गया तो फसल को मंडी तक पहुंचाना चुनौती बन जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ढगारिया नहर मार्ग का शीघ्र सुधार कार्य शुरू कराया जाए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />यह मार्ग क्षेत्र के कई गांबो को जोड़ने के साथ साथ सैंकड़ों किसानों के खेतों में आवाजाही का एक मात्र रास्ता है प्रशासन को प्राथमिकता से यंहा सड़क निर्माण करवाना चाहिए सीएडी व सम्बंधित विभाग को प्रस्ताव भिजवा रखें है। <br /><strong>- के.सी. वर्मा, जिला परिषद सदस्य। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-dhagaria-canal-road-has-not-been-constructed-for-seven-years--the-crops-are-ready-for-harvest--but-it-s-difficult-to-get-them-out-of-the-fields--increasing-the-problems-for-farmers/article-131315</link>
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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 17:08:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हे भगवान, जान की कीमत पैसों से ज्यादा कब होगी,कोटा शहर में  लगभग 80 बसें रजिस्टर्ड, सुरक्षा नियमों की नहीं कर रहे पालना</title>
                                    <description><![CDATA[परिवहन विभाग ने की पांच बसों पर कार्रवाई, मानक अनुरूप नहीं थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/oh-god--when-will-life-be-more-valuable-than-money--nearly-80-buses-are-registered-in-kota-city--yet-they-are-not-following-safety-rules/article-129846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/5246.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जैसलमेर-जोधपुर मार्ग पर एसी बस में शॉर्ट-सर्किट से लगी आग में 22 यात्रियों की मौत के बाद प्रशासन नींद से जागा है। वहीं, परिवहन विभाग ने कोटा सहित पूरे राजस्थान में सभी परमिटधारी बसों की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि  दैनिक नवज्योति ने कई प्रमुख खबरों का प्रकाशन कर ऐसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नकारा संसाधन निजी बसों की मनमानी को लेकर चेताया था। वहीं कोटा शहर में स्लीपर और एसी बसों की सुरक्षा हालात अभी भी चिंताजनक हैं। दैनिक नवज्योति ने जब जांच-पड़ताल की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई बसें बिना परमिट या अपूर्ण फिटनेस सर्टिफिकेट के सड़कों पर दौड़ रही थीं। फायर सेफ्टी उपकरण का अभाव, संकरी गैलरी और ठीक से न खुलने वाले शटर यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। बता दें कि कोटा शहर में लगभग 80 बसें रजिस्टर्ड है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निजी बसों में जान-माल का सर्वाधिक खतरा बना रहता है। डीटीओ सुरेन्द्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि कोटा में जांच की गई बसों में इमरजेंसी गेट या निकासी द्वार पर अवरोध पाया गया। नाकाबंदी के दौरान ऐसे बसों पर कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को हुई नाकाबंदी में पांच बसों को यात्रियों की सुविधा के अनुरूप न पाए जाने पर कार्रवाई की गई।</p>
<p><strong> दैनिक नवज्योति लगातार चेता रहा, नहीं दिया जा रहा ध्यान</strong><br />दैनिक नवज्योति निजी स्लीपर बसों में दुर्घटना के खतरे को लेकर दो साल से लगातार चेता रहा है। स्थिति  यह है कि 8 जुलाई 2023 को ही दैनिक नवज्योति ने अलर्ट प्रकाशित किया था, एक पल में मौत की नींद सुला सकती हैं बसें शीर्षक से खबर प्रकाशित कर संभावित खतरे से आगाह किया था। इसके बाद 16 दिसम्बर को फिर स्लीपर बसों में मुसाफिरों की जान खतरे में शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इतना ही नहीं इसके बाद लगातार नवज्योति ने इस मुद्दे पर यातायात प्रशासन और बस मालिक, चालक, यात्री सभी की सुरक्षा को लेकर संभावित खतरा टालने को कई समाचार प्रकाशित किए।   </p>
<p><strong>बिना सेफ्टी दौड रही बसों को रोकने की जिम्मेदारी किस की? कैसे चल रही थी? </strong><br />राज्य में हाल ही में हुई बस दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा जांच और मानकों को लेकर बस संचालकों ने विरोध जताया है। बस संचालकों का कहना है कि उनकी सभी बसों में इमरजेंसी गेट और फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि जो भी कमी हो, उन्हें बताई जाए ताकि वे उसे सुधार सकें। बस यूनियन के सत्यनारायण शाहू ने नवज्योति से विशेष बातचीत में बताया कि वर्तमान में बीएस-6 और यूरो-6 इंजन की वायरिंग इतनी जटिल हो गई है कि स्पार्किंग से आग लग सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई बस मानक पर खरी नहीं उतरती, तो उसे पास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी गेट हटाकर सीट बढ़ाना गलत है और इसके विरोध में हैं। उन्होंने बताया कि एक दुर्घटना के कारण पूरे राजस्थान के बस संचालकों को परेशान किया जा रहा है, जबकि दीपावली के मौके पर यात्रियों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बुधवार को जोधपुर, जैसलमेर और जयपुर की कई बसें रद्द हो चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके विरोध को नहीं सुना गया तो पूरे राजस्थान में चक्का जाम किया जाएगा।</p>
<p><strong>फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी</strong><br />- बस में कम से कम दो अलग-अलग प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य हैं।<br />- सभी फायर एक्सटिंग्विशरों की जांच हर छह महीने में जरूरी है।<br />- बस में धुआं और आग का अलार्म होना चाहिए।<br />- कम से कम दो आपातकालीन दरवाजे और खिड़कियां होनी चाहिए, जो आसानी से खुलने योग्य हों।<br />- दरवाजे और खिड़कियों के रास्ते में शटर या जंजीर जैसी बाधाएं नहीं होनी चाहिए। <br />- चालक और स्टाफ को फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी का प्रशिक्षण अनिवार्य है।<br />- आग बुझाने और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का नियमित अभ्यास होना चाहिए।<br />- आपातकालीन निकास के पास स्पष्ट संकेत और निर्देश होने चाहिए।<br />- दिव्यांग यात्रियों के लिए सर्विस गेट के पास आरक्षित सीट अनिवार्य है।</p>
<p><strong>स्लीपर बसों में खतरे के कई कारण</strong><br />- ड्राइवर की थकावट भी हादसों की बड़ी वजह है। रातभर 300-1000 किमी की दूरी तय करने वाले ड्राइवर अक्सर नींद में गायब हो जाते हैं।<br />- अधिकांश बसों में ड्राउजीनेस अलर्ट सिस्टम नहीं होता।<br />- स्लीपर बसें आरामदायक सोने की सुविधा देती हैं, लेकिन हिलने-डुलने की जगह बेहद कम होती है।<br />- बसों की ऊंचाई भी खतरे का कारण बनती है। अतिरिक्त लगेज डिग्गी लगने से ऊंचाई 10-12 फीट तक बढ़ जाती है।</p>
<p><strong>इमरजेंसी गेट हटाकर लगाई अतिरिक्त सीटें</strong><br />नवज्योति ने बस के ड्राइवर से इमरजेंसी गेट के बारे में पूछा, तो बताया कि गेट पीछे की ओर है। लेकिन, कई बसों में इसे बंद करवाकर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई हैं। दोनों तरफ सीटें होने से बस की गैलरी संकरी हो जाती है। आगजनी की स्थिति में यात्रियों के लिए खिड़कियों से कूदना ही एकमात्र विकल्प बचता है, जो जानलेवा हो सकता है।</p>
<p> सभी बसों की मानक अनुरूप मापदंड को लेकर चैकिंग की जा रही है। अब तक पांच बसों पर कार्रवाई की गई है। इन बसों की जांच में यह पाया गया कि ये मानक के अनुरूप नहीं हैं। इन बसों में इमरजेंसी गेट या निकासी द्वार पर अवरोध था। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। <br /><strong>    -सुरेन्द्रसिंह राजपुरोहित, डीटीओ, कोटा</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 15:39:10 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - अन्य राज्यों में भेजने पर लगी पाबंदी 11 साल बाद हटाई, ऊंटों की घटती संख्या पर लगेगा ब्रेक</title>
                                    <description><![CDATA[अब ऊंटों का अंतरराज्यीय परिवहन और निर्यात  (वध के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए) संभव। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---ban-on-transporting-camels-to-other-states-lifted-after-11-years--curbing-the-declining-number-of-camels/article-128723"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(1)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले सहित पूरे प्रदेश में ऊंटों की लगातार घटती संख्या से चिंतित ऊंट पालकों को अब राहत मिली है। अब वे बिना किसी रोक-टोक के अपने ऊंटों को किसी भी मेले में लाकर बेच सकेंगे। सरकार ने ऊंटों को अन्य राज्यों में भेजने पर लगी पाबंदी 11 साल बाद हटा दी है और ऊंटों के परिवहन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार ऊंट पालकों को पशु कल्याण और देखभाल से जुड़ी शर्तों का पालन करना होगा। राजस्थान सरकार ने 2015 में पारित राजस्थान ऊंट अधिनियम के तहत ऊंटों के वध, व्यापार और राज्य से बाहर भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसका उद्देश्य ऊंटों की घटती संख्या को बचाना था, लेकिन इससे ऊंट पालकों की आजीविका प्रभावित हुई और ऊंटों की संख्या में भी लगातार कमी आती गई। अब सरकार ने इस प्रतिबंध को हटा दिया है। अब ऊंटों का अंतरराज्यीय परिवहन और निर्यात  (वध के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए) संभव हो गया है।</p>
<p><strong>सशर्त निर्यात और प्रवासन की मिली अनुमति</strong><br />राज्य सरकार ने ऊंटों की घटती आबादी को आधार बनाकर अन्य राज्यों में अस्थायी प्रजनन और प्रवासन को अनुमति देने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार का कहना है कि यह फैसला ऊंटों की गिरती संख्या और पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सशर्त निर्यात और प्रवासन की अनुमति से जहां ऊंटपालकों को राहत मिलेगी वहीं उनके संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सकेगा। पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ऊंटों को राज्य से बाहर ले जाने के लिए अब कुछ जरूरी प्रक्रियाओं और शर्तो का पालन करना अनिवार्य होगा।</p>
<p><strong>इन शर्तो का करना होगा पालन</strong><br />- राज्य से ऊंटों को बाहर ले जाने के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी।<br />-पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा ऊंट का स्वास्थ्य परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। बिना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के ऊंट का परिवहन अवैध माना जाएगा। <br />-यदि ऊंट को अस्थायी प्रजनन या कृषि उद्देश्यों के लिए ले जाया जा रहा है तो उसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा।<br />-शर्तो और नियमों का उल्लंघन करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />रेगिस्तानी जहाज के रूप में पहचाने वाले राज्य पशु ऊंट का खेती व दैनिक कामकाज में कम उपयोग से अब इनका अस्तित्व खतरे में है। प्रतिवर्ष इनकी संख्या में कमी हो रही है। दैनिक नवज्योति में 16 सितंबर को इस सम्बंध में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि बीते दो दशक में पूरे प्रदेश में खेती कार्य में ट्रैक्टर का प्रयोग बढ़ने, साधन में दुपहिया, चार पहिया वाहनों के अधिक उपयोग से आम आदमी के दैनिक जीवन में अब ऊंट का महत्व बहुत कम रह गया है। इससे इनकी संख्या हर वर्ष कम हो रही है। कोटा जिले की बात की जाए तो यहां पर ऊंट की संख्या घटकर केवल 1862 ही रह गई है। इसी तरह की स्थिति संभाग के अन्य जिलों की है।</p>
<p>सरकार ने ऊंटों को अन्य राज्यों में भेजने पर लगी पाबंदी 11 साल बाद हटा दी है और ऊंटों के परिवहन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार ऊंट पालकों को पशु कल्याण और देखभाल से जुड़ी शर्तों का पालन करना होगा। <br /><strong>- डॉ. गिरीश सालफले,उप निदेशक पशुपालन विभाग</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 15:32:40 +0530</pubDate>
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                <title>परिवहन विभाग का विशेष प्रवर्तन अभियान : उड़नदस्तों ने की कार्रवाई, 25 ओवरलोड वाहन जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान के दौरान 25 ओवरलोड वाहनों को जब्त किया गया और करीब 8 लाख रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-enforcement-campagin--of-transport-department-flying-squads-took-action/article-99677"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/6688-copy8.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सड़क सुरक्षा माह के तहत परिवहन विभाग ने आरटीओ द्वितीय धर्मेंद्र कुमार के निर्देशन में जयपुर और आसपास के 4 प्रमुख मार्गों पर प्रवर्तन अभियान चलाया। जयपुर-शाहपुरा, जयपुर-चंदवाजी, जयपुर-चौमूं, और चौमूं-रेनवाल मार्गों पर दो डीटीओ के नेतृत्व में आधा दर्जन उड़नदस्तों ने कार्रवाई की। </p>
<p>अभियान के दौरान 25 ओवरलोड वाहनों को जब्त किया गया और करीब 8 लाख रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। साथ ही 5 वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र मौके पर रद्द किए गए। यह अभियान सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से चलाया गया। परिवहन विभाग की यह कार्रवाई यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 15:28:31 +0530</pubDate>
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