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                <title>बालिग लड़की की शादी में भी उसकी सहमति जरूरी, उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा- दबाव में शादी कराना स्वस्थ समाज के अनुकूल नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[न्यायालय ने यह टिप्पणी एक विवाहित महिला की उस याचिका का निपटारा करते हुए की, जिसमें उसने जबरन कराई गई शादी के बाद अलग रहने की अनुमति मांगी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/consent-of-adult-girl-is-necessary-even-in-marriage-orissa/article-139506"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/6622-copy40.jpg" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। उड़ीसा उच्च न्यायालय ने कहा है कि यदि कोई लड़की शादी के लिए तैयार नहीं है, तो बाहरी दबाव या जबरदस्ती के जरिए उसकी शादी कराना स्वस्थ समाज के अनुकूल नहीं है।  मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति मुराहारी श्रीरमन की पीठ ने कहा कि अब वह समय आ गया है, जब समाज को आत्ममंथन करना चाहिए कि लड़कियों को उनके माता-पिता द्वारा जबरन शादी के लिए मजबूर करते हैं तो क्या होता है। </p>
<p><strong>जबरन कराई शादी, युवती ने मांगी अलग रहने की इजाजत</strong><br />न्यायालय ने यह टिप्पणी एक विवाहित महिला की उस याचिका का निपटारा करते हुए की, जिसमें उसने जबरन कराई गई शादी के बाद अलग रहने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में माता-पिता को ऐसा निर्णय लेने से पहले बालिग लड़की की सहमति अवश्य लेनी चाहिए।</p>
<p><strong>ससुराल में रहने में कठिनाई हो रही </strong><br />सुनवाई के दौरान काकटपुर पुलिस उक्त महिला को अदालत में पेश कर लाई। महिला ने बताया कि जबरन विवाह के कारण उसे ससुराल में रहने में कठिनाई हो रही थी, जिसके चलते वह अपनी मर्जी से वहां से चली गई। उसने साफ कहा कि वह न तो अपने पति के साथ रहना चाहती है और न ही अपने माता-पिता के साथ, क्योंकि वह रोज़गार में है और स्वयं अपनी आजीविका अर्जित करती है। अदालत ने कहा कि महिला बालिग है और अपने फैसले स्वयं लेने में सक्षम है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jan 2026 10:44:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>World Population Day: विकास के लिए जनसंख्या नियंत्रण जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[ परिवार नियोजन, गरीबी, लैंगिक समानता, नागरिक अधिकार, मां और बच्चे का स्वास्थ्य, गर्भनिरोधक दवाओं के इस्तेमाल जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा और विमर्श किया जाता है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/population-control-is-necessary-for-development/article-84352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(6)10.png" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र संघ ने बढ़ती जनसंख्या पर चिंता प्रकट की, इसके बाद 11 जुलाई 1989 को संयुक्त राष्ट्र में बढ़ती जनसंख्या को काबू करने और परिवार नियोजन को लेकर लोगों में जागरूकता लाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके साथ ही पहली बार वर्ल्ड पॉपुलेशन- डे मनाया गया। इस मूल तिथि को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में निर्धारित करने का निर्णय लिया गया था। दिसंबर 1990 में इसे आधिकारिक बना दिया। हर साल इस दिन जनसंख्या को कंट्रोल करने के उपायों पर चर्चा की जाती है। बढ़ी हुई जनसंख्या की वजह से देश और दुनिया के सामने जो परेशानियां हैं उनसे इको सिस्टम और मानवता को जो नुकसान पहुंचता है,उसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए ये दिन मनाया जाता है। परिवार नियोजन, गरीबी, लैंगिक समानता, नागरिक अधिकार, मां और बच्चे का स्वास्थ्य, गर्भनिरोधक दवाओं के इस्तेमाल जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा और विमर्श किया जाता है। </p>
<p>हमारा देश चीन के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है। कोरोना काल में बढ़ी हुई आबादी के दुष्प्रभाव साफ नजर आए, स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा, हर क्षेत्र में मुश्किलें बढ़ी हैं, ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण के महत्व को समझना और भी जरूरी हो गया है। हर साल विश्व जनसंख्या दिवस एक थीम के साथ मनाया जाता है। जैसे कि कुल विश्व जनसंख्या 8 मिलियन का आंकड़ा पार करने वाली है, अवसरों का दोहन और सभी के लिए अधिकार और विकल्प सुनिश्चित करना। अगर बात करें वर्तमान समय की तो इस समय विश्व की जनसंख्या 7.92 अरब के पार पहुंच गई है। इस आंकड़े में हर सेकंड  इजाफा हो रहा है। वहीं विश्व की इस बढ़ती जनसंख्या में चीन और भारत का सबसे ज्यादा योगदान है। जिसमें भारत की जनसंख्या वृद्धि दर तो कुछ सालों में चीन से भी ज्यादा हुई है। कुछ साल में भारत चीन को आसानी से पीछे छोड़कर जनसंख्या की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा देश बन जाएगा। अगर जनसंख्या वृद्धि की बढ़ती दर के पीछे केवल चीन और भारत ही नहीं है,बल्कि अन्य कई देश हैं जहां जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। इनमें भारत और चीन के पड़ोसी पकिस्तान और बांग्लादेश का भी नाम शामिल है।</p>
<p>आजादी के पहले तक पाकिस्तान और बांग्लादेश भी भारत के ही हिस्से हुए करते थे। वर्तमान में भी अगर ये भारत के ही भाग होते तो भारत की बढ़ती जनसंख्या का केवल आप अनुमान ही लगा सकते हैं। जनसंख्या वृद्धि दर संबंधी आंकड़ों पर नजर रखने वाली वेबसाइट अनुसार 2021 में भारत की जनसंख्या लगभग 139 करोड़ हो चुकी है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या की रिपोर्ट के अनुसार भारत की आबादी 1.21 अरब यानी 121 करोड़ है। वर्ष 2021 चला गया और वर्ष 2022 और 2023 भी चला गया। और वर्ष 2024 का लगभग आधे से ज्यादा साल बीतने को आ गया है। लेकिन अभी नई जनगणना अधर में है।</p>
<p>हम देश की वर्ष 2011 की जनगणना की बात करें तो इस जनगणना को दो चरणों में पूरा किया गया था। पहले चरण में अप्रैल 2010 से सितंबर 2010 के बीच देशभर में घरों की गिनती की गई थी। वहीं, दूसरे चरण में 9 फरवरी 2011 से 28 फरवरी 2011 तक चली। यह जनगणना किसी भी देश के विकास में मील का पत्थर होती है और नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाती है। देश में प्रत्येक 10 साल में एक बार जनगणना होती है। </p>
<p>पिछली जनगणना के 12 वर्ष पूरे हो चुके हैं और 13वां वर्ष शुरू हो चुका है। वर्ष 2021 में नई जनगणना होनी थी,लेकिन वैश्विक संक्रामक महमारी कोविड-19 के प्रकोप के कारण यह नहीं हो पाई। और इसमें लगातार देरी हो रही है। जनसंख्या की अनियंत्रित वृद्धि के कारण संसार पर भुखमरी का संकट तीव्र गति से बढ़ता जा रहा है। जब हम महानगरों की बात करते हैं तो  साफ नजर आता है कि महानगरों कि जनसंख्या वृद्धि के कारण वाहनों की लंबी लंबी कतारें, घण्टों तक लम्बा जाम और बेतरतीब फंसे वाहन आमजन के जीवन मे बड़ी समस्या बनते दिखाई दे रहे है। </p>
<p>बढ़ती जनसंख्या के कारण स्थिति बदहाल हो रही है। चाहे  बात रेलवे स्टेशनों की हो या फिर बस स्टैंड, बाजार, मॉल, सड़कों की हर तरफ भीड़ तंत्र दिखाई दे रहा है। जिसके कारण आमजन फंसता दिखाई दे रहा है। सरकार की ओर से चलाए जा रहे तमाम अभियान बौने साबित हो रहे हैं।  लंदन के विश्व विख्यात  जनसंख्या विशेषज्ञ हरमन वेरी ने संसार को सावधान करते हुए लिखा है- सन् 2050 में संसार की हालत महाप्रलय से भी बुरी हो जायेगी। तब धरती पर न तो इतने लोगों के लिए पर्याप्त भोजन मिल सकेगा, न शुद्ध वायु,न पानी,न बिजली। देश की उत्पादकता ही राष्ट्रीय विकास का आधार है। </p>
<p><strong>- प्रकाश चंद्र शर्मा</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jul 2024 11:44:34 +0530</pubDate>
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                <title>ऑस्ट्रेलिया ने 2 राज्य समाधान का किया समर्थन, इजरायल-फिलिस्तीनियों की सुरक्षा के लिए है आवश्यक :  एंथनी </title>
                                    <description><![CDATA[अल्बानीजा ने सिडनी में संवाददाताओं से कहा कि हमने मध्य पूर्व में लोगों की सुरक्षा और शांति को बढ़ावा देने के लिए युद्ध विराम का समर्थन किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/australia-supports-two-state-solution-it-is-necessary-for-the-security/article-84152"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(4)13.png" alt=""></a><br /><p>सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष से निपटने के लिए दो-राज्य समाधान का समर्थन करने की संघीय सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। अल्बानीजा ने सिडनी में संवाददाताओं से कहा कि हमने मध्य पूर्व में लोगों की सुरक्षा और शांति को बढ़ावा देने के लिए युद्ध विराम का समर्थन किया है। </p>
<p>हमने लगातार दो-राज्य समाधान का समर्थन किया है, जो इजरायल और फिलिस्तीनियों दोनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, ताकि वे शांति और सुरक्षा के साथ रह सकें। उन्होंने कहा कि दो-राज्य समाधान पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार का रुख लंबे समय से कायम है।        </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 14:12:22 +0530</pubDate>
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                <title>जनोन्मुखी बजट के लिए एनजीओ और सिविल सोसायटी की भागीदारी जरूरी: भजनलाल शर्मा </title>
                                    <description><![CDATA[शर्मा ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए बजट को समावेशी एवं जनोन्मुखी रूप प्रदान करने के लिए स्वयंसेवी संगठनों तथा सिविल सोसायटी की भागीदारी भी जरूरी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/participation-of-ngo-and-civil-society-is-necessary-for-people-oriented/article-82512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(2)18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि एनजीओ तथा सिविल सोसायटी के सदस्य जमीनी स्तर पर काम कर अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में एनजीओ, सिविल सोसायटी एवं उपभोक्ता फोरम प्रतिनिधियों से बजट पूर्व संवाद को संबोधित कर रहे थे। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, शिक्षा, पोषण, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू कल्याण तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम करने का अनुभव होता है। इस बजट पूर्व चर्चा में प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर उन्हें आगामी परिवर्तित बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। शर्मा ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए बजट को समावेशी एवं जनोन्मुखी रूप प्रदान करने के लिए स्वयंसेवी संगठनों तथा सिविल सोसायटी की भागीदारी भी जरूरी है। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास की मूल भावना के साथ सभी हितधारकों से आगामी परिवर्तित बजट के लिए उपयोगी फीडबैक लिया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश का युवा नशे की प्रवृत्ति से दूर रहे।</p>
<p><strong>मंत्रियों ने दी यह जानकारी<br /></strong> चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण, विस्तार तथा सहज उपलब्धता के लिए नीति निर्माण कर रहें हैं। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत तथा ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण अभियान के तहत पौधे लगाने का कार्य मिशन मोड पर किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Jun 2024 12:40:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इराक में शांति और स्थिरता की बहाली जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इराक में शांति बनाए रखने की अपील तक जारी करनी पड़ी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/restoration-of-peace-and-stability-in-iraq-necessary/article-21943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/q-7-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>क्रेन-रूस युद्ध, चीन-ताइवान के बीच चल रहे तनाव भरे माहौल से गुजर रही दुनिया को, पिछले सप्ताह इराक में हिंसक वारदातों की कमी और भी चिंतित कर दिया है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इराक में शांति बनाए रखने की अपील तक जारी करनी पड़ी। सुरक्षा परिषद ने सभी राजनीतिक दलों से संयम बरतने और देश में लागू होने जा रहे सुधारों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इराक में अराजकता भरी घटनाओं से चिंतित होकर पड़ोसी ईरान और कुवैत देशों ने बतौर सुरक्षा अपनी सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी। वहां रह रहे अपने-अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी है। इराक के बदले हालात से सिर्फ पड़ोसी देश ही नहीं, बल्कि भारत को भी चिंतित कर दिया है। भले ही कोई सीधा खतरा ना हो, लेकिन वहां हजारों की संख्या में भारतीय कामगार हिंसा प्रभावित बसरा, नजफ  और कर्बला इलाके में रहते हैं। अपने नागरिकों की सुरक्षा के अलावा वहां से आयातित तेल आपूर्ति के प्रभावित होने की भी आशंका हैं। भारत अपने कुल आयातित तेल की एक-चौथाई आपूर्ति इराक से ही करता है। पिछले सप्ताह, इराक के कद्दावर शिया नेता और धर्म गुरु मुक्तदा अल-सद्र ने अचानक राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा क्या कर दी, जिससे दुखी होकर उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए।  100 से अधिक लोग जख्मी हुए जिन्हें उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा। हालात पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लगाने की नौबत तक बनी। राजधानी बगदाद के ग्रीन जोन स्थित संसद भवन में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने उस पर कब्जा कर लिया। बाद में अल-सद्र की ओर से की गई अपील के बाद ही संसद भवन खाली हो सका। हालात बिगड़ने के पीछे प्रमुख कारण वहां की राजनीतिक परिस्थितियां हैं। शिया नेता अलसद्र ने संन्यास लेने के पीछे मुख्य वजह यह बताई गई कि सरकार से भ्रष्टाचार खत्म करने और देश में सुधारों को लागू करने में देश के अन्य शिया नेता और दल नाकाम रहे हैं। पिछले वर्ष अक्टूबर माह में इराक में संसदीय चुनाव हुए थे।</p>
<p>तीन सौ उनतीस सदस्यीय संसद में अल-सद्र के गठबंधन ने सबसे अधिक सीटें जीती थीं, लेकिन वह बहुमत अर्जित करने में कामयाब नहीं हो सका था। तभी से वहां राजनीतिक गतिरोध के हालात चले आ रहे थे। इतने लंबे अर्से से जारी रहे गतिरोध की वजह से देश के आम लोगों में निराशा घर करने लगी  थी। उस पर सुरसा की तरह बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी की समस्या भी गहरा जा रही थी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का यह आंकलन भी रहा है कि अल-सद्र राजनीतिक अस्थिरता को दूर करने के लिए अन्य दलों से बात करने को लेकर भी राजी नहीं थे। इसके पीछे यह तर्क दिया जाता रहा कि अन्य दल ईरान समर्थक माने जाते हैं। ऐसे में होना तो यह चाहिए था कि बहुमत वाले दल को देश हित में अपने पूर्वाग्रहों को त्यागते हुए गठबंधन सरकार बनाने पर जोर दिया जाता। ताकि समय रहते देश की घरेलु समस्याओं के समाधान करने के साथ वित्तीय स्थिति को भी संभाला जा सकता था। संसद में बड़े दल के नेताओं को ऐसी परिस्थितियों में चाहिए था कि वह सरकार गठित करने में अन्य लोकतांत्रिक देशों मसलन भारत, इस्राइल जैसे देशों में गठबंधन सरकार के मॉडल को अपनाते। लेकिन इराकी नेताओं के बीच संशय की राजनीति ने साझा सरकार के गठन में अवरोध पैदा किए रखा। परिणाम यह निकला कि पिछले दस माह बीतने के बावजूद ना तो राष्ट्रपति और ना ही प्रधानमंत्री चुने जा सके। तत्कालीन प्रधानमंत्री अल-कदीमी ही बतौर कार्यवाहक सरकार की कमान अब तक संभाले हुए हैं। </p>
<p>इराक जैसा देश, जहां शिया आबादी साठ प्रतिशत से अधिक है, तो सुन्नी तीस फीसदी से अधिक। करीब तीन प्रतिशत ईसाई है। लोकतंत्र की कामयाबी तभी संभव है जब सभी वर्गों की शासन में भागीदारी हो। इससे विकास की संभावनाएं भी बलवती होती हैं। ऐसे में सभी वर्ग के नेताओं के बीच देश हित में समन्वय भी जरूरी है। यह सर्वविदित है कि इराक एक तेल संपन्न देश है। रूस- यूक्रेन में बीच चलते युद्ध और मौजूदा वैश्विक हालात का वह पूरा लाभ उठा सकता था, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता से वह इसका लाभ नहीं उठा सका। वह भी इस स्थिति में जब उसके समर्थन में पूरा पश्चिम है, जहां तक राजनीतिक गतिरोध को तोड़ने की बात है, तो यह भी एक विकल्प हो सकता है कि देश में फिर से संसदीय चुनाव कराए जाएं। लेकिन देश के सामाजिक तानेबाने को देखते हुए। <br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार है)</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Sep 2022 10:34:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  दस्तावेजों के पंजीयन के लिए टाइम स्लॉट की बुकिंग जरूरी </title>
                                    <description><![CDATA[पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के उप पंजीयक कार्यालय में अपनी अचल सम्पत्ति की खरीद फरोख्त से जुडेÞ दस्तावेजों का पंजीयन कराने के लिए आवेदक को अब विभाग की साइट पर जाकर टाइम स्लॉट की बुकिंग कराकर दस्तावेज के पंजीयन कराने का समय लेना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/booking-of-time-slot-is-necessary-for-registration-of-documents/article-9897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/stamp.jpg" alt=""></a><br /><p> अजमेर। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के उप पंजीयक कार्यालय में अपनी अचल सम्पत्ति की खरीद फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों का पंजीयन कराने के लिए आवेदक को अब विभाग की साइट पर जाकर टाइम स्लॉट की बुकिंग कराकर दस्तावेज के पंजीयन कराने का समय लेना होगा। विभाग ने यह नया प्रयोग सोमवार से अजमेर के दोनों उप पंजीयक कार्यालयों से शुरू किया। इसे पूरे प्रदेश के सभी उप पंजीयक कार्यालयों में लागू किया जाएगा। </p>
<p>पहले दिन अजमेर के उप पंजीयक कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन के लिए आवेदकोें को प्रात: 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक और दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक के दो स्लॉट में से एक स्लॉट बुक कराने की सुविधा प्रदान की गई। पहले स्लॉट में 25 तथा दूसरे स्लॉट में 35 यानी 60 आवेदकों के दस्तावेजों का नई प्रक्रिया के तहत पंजीयन होना था, लेकिन शाम तक उप पंजीयक प्रथम में 57 तथा द्वितीय मेंं 45 कुल 102 दस्तावेज पंजीकृत किए गए। </p>
<p>इस सिलसिले में जानकारी चाहने पर पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के महानिरीक्षक शरद मेहरा ने बताया आवदेकों की सुविधार्थ दस्तावेजों के शीघ्र पंजीयन के लिए यह नवाचार शुुरू किया गया है, क्योंकि आम तौर पर उप पंजीयक कार्यालयों मेंं दस्तावेजों का पंजीयन कराने के लिए लोग दोपहर बाद आते हैं। इस कारण इन कार्यालयों में काम का दबाव बढ़ जाता है जबकि सुबह की पारी में कार्यालय खाली रहते हैं। अजमेर के उप पंजीयक कार्यालय मेंं टाइम स्लॉट एलाट कर दस्तावेजों का पंजीयन सफलतापूर्वक किया गया। </p>
<p><strong> बुकिंग के समय में परिवर्तन भी संभव</strong></p>
<p>पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के महानिरीक्षक शरद मेहरा ने बताया कि पंजीयन के दस्तावेजों की संख्या के वृद्धि की स्थिति में टाइम स्लॉट के तहत बुकिंग के समय में परिवर्तन भी किया जा सकेगा ताकि नई व्यवस्था से किसी को परेशानी नहीं हो। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 12:46:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किताबें लिखने से मेरा पूरा संग्रह हो गया तैयार : विजय</title>
                                    <description><![CDATA[आइए आपको मिलवाते हैं शहर की एक ऐसी शख्सिसत से जो पुस्तकों का पर्याय है। ये हैं विचारक, चिंतक और लेखक विजय वर्मा। वे कहते हैं, पुस्तक को जिंदा रखने के लिए जरूरी है, उसे पढ़ा जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-vijay-verma-wrote-the-book/article-8415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/4654654461.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आइए आपको मिलवाते हैं शहर की एक ऐसी शख्सिसत से जो पुस्तकों का पर्याय है। ये हैं विचारक, चिंतक और लेखक विजय वर्मा। वे कहते हैं, पुस्तक को जिंदा रखने के लिए जरूरी है, उसे पढ़ा जाए। उससे कुछ सीखा जाए, तो पुस्तक दिवस की महत्ता को हम जान पाएंगे। लोक संस्कृतिकर्मी वर्मा का मानसरोवर में राज्य का शायद सबसे बड़ा निजी पुस्तक संग्रह है। वे बताते हैं, 1945 में जब मैं यूपी से अजमेर आया तो दस वर्ष का था। मोहल्ले में नया पुस्तकालय खुला था। मैं प्रेमचंद को पढ़ता था। किताबें मेरा जीवन है, मेरी सांसें हैं। किताबें लिखने व एकत्रित करने से मेरा पूरा संग्रह तैयार हो गया। मेरे संग्रह में मंदिर का स्थापत्य है। मेरे घर के मीरा-विजय पुस्तकालय में बहुत सारे खंड है। उनमें हर तरह की किताबें हैं। लोक कला, लोक सांस्कृतिक जीवन पर मेरी किताब लोकावलोकन के लिए बिहारी पुरस्कार मिला। केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी, कोमल कोठारी के नाम से दो पुरस्कार, मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट, पश्चिमी सांस्कृतिक केन्द्र वेस्ट जोन कल्चरल जोन सेंटर सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित हुए।</p>
<p><strong>सभी विषयों पर काफी पुस्तकें भी लिखीं</strong><br />कला संस्कृति साहित्य के साथ गायन, पुरातत्व, रंगमंच, इतिहास, सिनेमा, फिल्म संगीत, राजनीति, समाजशास्त्र की पुस्तकों में मेरी खासी दिलचस्पी रही है। सभी विषयों पर काफी पुस्तकें भी लिखीं। देशभक्ति गीत जो फिल्मों में दर्शकों ने सुने वह बेड़ी की झनकार पुस्तक मैंने लिखीं।</p>
<p><strong>मेडल बेचकर खरीदा टेप रिकॉर्डर</strong><br />लेखक हेमंत शेष ने बताया कि वर्माजी को टेपरिकॉर्डर का शौक था,  पैसे नहीं थे तो प्रयाग विश्वविद्यालय में मिला चांसलर्स गोल्ड मेडल बेचकर टेप रिकॉर्डर ले आए। संगीत नाटक अकादमी के पास जो रिकॉर्ड्स नहीं हैं, वह विजय वर्मा के पास आपको मिल जाएंगे और ये साहित्य की सबसे बड़ी सेवा है।  <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Apr 2022 11:27:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ड्राइविंग लाइसेंस धारक के लिए आवश्यक हो बीमा : पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी के आरके सिंह पटेल ने नियम 377 के तहत लोकसभा में यह मामला उठाया और कहा कि देश में बड़े स्तर पर सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/news--insurance-is-necessary-for-driving-license-holder--rk-singh-patel/article-7524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/driving-licence-----copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को मांग की गई कि श्रमिकों के लिए कार्य क्षेत्र में दुर्घटना बीमा की तर्ज पर ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में भी लाइसेंस धारक के लिए भी बीमा की व्यवस्था होनी चाहिए।  भारतीय जनता पार्टी के आरके सिंह पटेल ने नियम 377 के तहत लोकसभा में यह मामला उठाया और कहा कि देश में बड़े स्तर पर सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।</p>
<p><br />ऐसे में ड्राइवरों की मौत की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यदि दुर्घटना होती है तो ड्राइवर को पैसा नहीं मिलता जिसके कारण उसके परिवार के सदस्यों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। किसी ड्राइवर के परिजनों को उसकी मौत के बाद भटकना नहीं पड़े इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करते समय दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की जानी चाहिए। उनका कहना था कि श्रमिकों के लिए दुर्घटना बीमा योजना है तो ड्राइविंग लाइसेंस के समय भी बीमा किया जाना चाहिए और जब लाइसेंस बनता है तो लाइसेंसधारक का बीमा होना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/news--insurance-is-necessary-for-driving-license-holder--rk-singh-patel/article-7524</link>
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                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 11:47:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अलवर गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिले आप के नेता विनय मिश्रा</title>
                                    <description><![CDATA[ महिलाओं की सुरक्षा को ले कर आप निभाएगी असली विपक्ष की भूमिका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar--aap-leader-vinay-mishra-met-the-family-of-the-alwar-gangrape-victim--assured-of-all-possible-cooperation-to-get-justice--said-cbi-investigation-is-necessary-in-the-matter/article-7035"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/vinay-mishra-aap.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आम आदमी पार्टी राजस्थान चुनाव प्रभारी विनय मिश्रा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के अलवर—राजगढ़ से विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जौहरीलाल मीणा के बेटे पर गैंगरेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। मिश्रा ने पीड़िता को न्याय दिलवाने में हर संभव मदद का भरोसा दिलवाया। <br /><br />पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी विनय मिश्रा की अगुवाई में एक दल बुधवार को अलवर में पीड़िता के घर पहुंचा और परिवारवालों से मुलाकात की। मिश्रा ने पीड़िता के परिजनों से कहा कि आम आदमी पार्टी उनके संघर्ष में साथ है और जरुरत पड़ी तो आंदोलनात्मक कदम उठाने में पीछे नहीं रहेंगे। मिश्रा ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार के विधायक का बेटा आरोपी है इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। बयान जारी कर विनय मिश्रा ने कहा कि राजस्थान में पूरी तरह आराजकता का माहौल बन गया है। महिलाओं के दुष्कर्म के मामले में राजस्थान नंबर एक की स्थिति में आ गया है !<br /><br />पीड़िता के परिवार से मुलाकात करने के बाद आप नेता विनय मिश्रा ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जो पीड़ा उन्होंने परिजनों से बात करके महसूस की है उसे व्यक्त करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है। पूरा परिवार डरा हुआ है और उन पर इस मामले में कोई कार्रवाई के लिए मांग नहीं करने का दबाव है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस मामले में पार्टी से उपर उठकर निर्णय लेना चाहिए। आम आदमी पार्टी इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करती है और ये मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन करेगी। इसके लिए जरुरत पड़ी तो जयपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा भी केवल दिखावा कर रही है।<br /><br />मिश्रा ने कहा कि बीजेपी बजाय विपक्षी दल की भूमिका निभाने के आपसी झगड़ो में व्यस्त है और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे पर नहीं कोई चिंता ! अब आप विपक्ष कीभूमिका निभाएगी और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 18:32:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मंहगाई को लेकर राहुल का बयान: महंगाई रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य वस्तुओं के दाम में जबरदस्त बढ़ोतरी शुरु हो गई है जो जल्द ही 22 फ़ीसदी के पार पहुंच जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-s-statement-on-inflation--government-should-take-necessary-steps-to-check-inflation/article-6369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rahul.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। महंगाई को लेकर देशभर में चुप्पी नजर आ रही है। आम आदमी महंगाई से त्रस्त है। खाने-पीने से लेकर तेल से लेकर उपकरण तक हर चीज महंगी है। लेकिन इस महंगाई से राहत मिलते नजर नहीं आ रही है। वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा  कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं इसलिए सरकार को समय रहते लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।  गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि महंगाई को रोकने में वह हमेशा असफल रही है। रूस और यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले ही देश की जनता महंगाई से त्रस्त थी और अब हालत यह हो गए हैं कि खाद्य वस्तुओं के दाम में जबरदस्त बढ़ोतरी शुरु हो गई है जो जल्द ही 22 फ़ीसदी के पार पहुंच जाएगी।<br /><br /> श्री गांधी ने ट््वीट किया Þमहंगाई सभी भारतीयों पर एक तरह का कर है। रिकॉर्ड कीमत वृद्धि ने यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले ही गरीब और मध्यम वर्ग को कुचल दिया था। कीमतें अब और बढ़ेगा  क्योंकि कच्चा तेल 100 डालर प्रति बैरल पहुंच गया है। खाद्य पदार्थो की कीमतों में 22 फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है और कोरोना ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर दिया है इसलिए भारत सरकार को अब आवश्यक रूप से कदम उठा कर लोगों की रक्षा करनी चाहिए।Þ</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Mar 2022 12:49:02 +0530</pubDate>
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                <title>जल्द होगा पार्टी का चिंतन शिविर :  कांग्रेस में होंगे व्यापक और आवश्यक बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[ पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह किया है कि वह संगठन में सभी जरुरी एवं आवश्यक बदलाव करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-party-s-chintan-shivir-will-soon-happen--comprehensive-and-necessary-changes-will-happen-in-congress--mandate-humbly-accepted-at-cwc/article-6084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ashok-g2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस में जल्द ही व्यापक और आवश्यक बदलाव देखने को मिलेंगे। पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह किया है कि वह संगठन में सभी जरुरी एवं आवश्यक बदलाव करें। पार्टी की जो भी कमियां एवं खूबियां हैं, उन पर चिंतन शिविर के जरिए गंभीर मंत्रणा की जाएगी। रविवार को करीब पांच घंटे चली मैराथन बैठक के बाद पार्टी ने तय किया है कि संसद के तुरंत बाद एक व्यापक चिंतन शिविर होगा, ताकि लोकसभा चुनाव एवं इससे पहले होने वाले विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी पूरी मजबूती से सत्ताधारी भाजपा का सामना करने के लिए तैयार हो सके।</p>
<p><br /><strong>सोनिया की अगुवाई में ही आगे बढ़ेगी कांग्रेस</strong><br />सीडब्ल्यूसी ने अपने प्रस्ताव के जरिए साफ  कर दिया कि कांग्रेस फिलहाल सोनिया गांधी की अगुवाई में ही आगे बढ़ेगी। प्रस्ताव में सोनया गांधी को खुली छूट दी गई कि वह सभी जरुरी बदलाव करें। कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी के प्रति पूरी आस्था एवं निष्ठा जताई गई। ऐसे में स्पष्ट है कि संगठन चुनाव तक कांग्रेस की कमान सोनिया गांधी के हाथों में ही रहेगी।<br /><br /><strong>चुनावी राज्यों की रिपोर्ट पेश</strong><br />बैठक में चुनावी रिपोर्ट संबंधित नेताओं द्वारा पेश की गई। जहां पंजाब के प्रभारी हरीश चौधरी ने अपनी रिपोर्ट पेश की। तो यूपी की रिपोर्ट प्रियंका गांधी ने प्रस्तुत की। इसी प्रकार गोवा की पी. चिदंबरम एवं हरीश रावत ने चुनाव अभियान समिति के प्रमुख के नाते उत्तराखंड की जानकारी दी।<br /><br /><strong>खुले मन से चर्चा हुई</strong><br />बैठक के बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि बैठक में सभी मुद्दों पर खुले मन से चर्चा हुई। सभी नेताओं ने अपनी बात रखी। पार्टी के समक्ष खड़ी भावी चुनौतियों पर मंत्रणा की गई। उन्होंने माना कि समय रहते पंजाब में सत्ता विरोधी लहर पर अंकुश नहीं लगाया जा सका। जबकि पार्टी भाजपा के कुशासन को जनता के सामने उजागर नहीं कर सकी, जिससे पार्टी को असफलता मिली, लेकिन पार्टी जिम्मेदार विपक्ष के नाते भाजपा की जनविरोधी रीति नीति का प्रबल विरोध जारी रखेगी।<br /><br /><strong>राहुल गांधी के दोबारा पार्टी अध्यक्ष बनने की वकालत की</strong><br /><strong>गहलोत बोले : कांग्रेस ने कई हार और जीत एवं उतार-चढ़ाव देखें</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को यहां केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार एवं भाजपा पर जमकर निशाना साधा। पांच राज्यों में पार्टी की करारी हार पर सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक जीवन में हार-जीत एवं कई उतार-चढ़ाव देखें है। इससे हम कतई परेशान नहीं हैं। पार्टी का कार्यकर्ता सब समझता है और उसे आगे क्या करना है। सीएम गहलोत ने एक बार फिर से राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने की वकालत की है। मुख्यमंत्री गहलोत यहां पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति यानी सीडब्ल्यूसी की बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के फिर से यह जिम्मेदारी संभालने की पुरजोर वकालत की। सीएम गहलोत ने कहा कि आज जिस प्रकार के देश में हालात बन गए हैं। उस स्थिति में राहुल गांधी को दोबारा से पार्टी की कमान संभालनी चाहिए। क्योंकि गांधी परिवार ही पार्टी को एकजुट रख सकता है। सीएम गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा आज धु्रवीकरण एवं हिन्दुत्व की राजनीति कर रही है। जिसका मुकाबला कांग्रेस ही कर सकती है। कांग्रेस समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। गहलोत ने कांग्रेस में परिवारवाद के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि गांधी परिवार ने पिछले 30 साल से कोई सरकारी ओहदा नहीं संभाला है। बल्कि गांधी परिवार ने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि आग लगाना बहुत आसान है। लेकिन उसे बुझाना कठिन काम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 10:30:29 +0530</pubDate>
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                <title>महिला दिवस पर फ्लीका इंडिया ने जेंडर गैप को कम करने के लिए उठाए जरूरी कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर। टायर प्रबंधन कंपनी फ्लीका इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने टायर प्रबंधन उद्योग में महिला सशक्तिकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए हैं। कंपनी ने ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और फ्लीट उद्योगों में करियर बनाने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाने और उनका समर्थन करने के लिए एक अनूठी पहल की है। साथ ही, कंपनी ने अपनी वर्कफोर्स में जेंडर गैप को कम करने के लिए भी जरूरी कदम उठाए हैं।</p>
<p>मैकिन्से ग्लोबल इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, ‘भारत की श्रम शक्ति में केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही महिलाओं का है।’ यही स्थिति ऑटोमोबाइल उद्योग में भी है।<br />ऑटोमोबाइल उद्योग को लंबे समय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-women-s-day--fleeka-india-took-necessary-steps-to-reduce-the-gender-gap--decision-to-recruit-women-service-engineers-for-tire-services-on-highways/article-5693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/11.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। टायर प्रबंधन कंपनी फ्लीका इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने टायर प्रबंधन उद्योग में महिला सशक्तिकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए हैं। कंपनी ने ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और फ्लीट उद्योगों में करियर बनाने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाने और उनका समर्थन करने के लिए एक अनूठी पहल की है। साथ ही, कंपनी ने अपनी वर्कफोर्स में जेंडर गैप को कम करने के लिए भी जरूरी कदम उठाए हैं।</p>
<p>मैकिन्से ग्लोबल इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, ‘भारत की श्रम शक्ति में केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही महिलाओं का है।’ यही स्थिति ऑटोमोबाइल उद्योग में भी है।<br />ऑटोमोबाइल उद्योग को लंबे समय से महिलाओं के लिए अनुपयुक्त माना जाता है, जिसका नतीजा यह है कि आज इस पेशे में महिलाओं की भागीदारी बहुत कम है। समझ की कमी, उद्योगों में निर्माण संबंधी कार्यों में विविधता और कौशल विकास कार्यक्रमों तक सीमित पहुंच के कारण भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम हो पाया है।<br /><br />ऐसे माहौल में फ्लीका इंडिया कंपनी ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए अपने कार्यबल में जेंडर गैप को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। फ्लीका का मिशन लड़कियों और महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाना है, ताकि वे टायर उद्योग को और अधिक गहराई से समझ सकें, उपकरणों और प्रशिक्षण तक उन्हें पहुंच मिल सके और टायर प्रबंधन के क्षेत्र में करियर बनाने की दिशा में विचार करने के लिए उन्हें प्रेरित किया जा सके। <br /><br /> योगिता रघुवंशी के जीवन से ही प्रेरणा लें। उन्हें लॉजिस्टिक्स और परिवहन उद्योग में एक सच्ची सुपरवुमन माना जाता है, वे पहली महिला ट्रक ड्राइवर हैं और यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने जेंडर संबंधी नियमों को धता बताया, जिन्होंने एक ऐसी महिला का सबसे शानदार उदाहरण पेश किया जो कुछ भी हासिल कर सकती है। पहली और एकमात्र महिला ट्रक/टायर मैकेनिक सुश्री शांति देवी को भी ऐसे ही एक और उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है। ये दोनों ही सच्ची प्रेरणा हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों को पार करते हुए पुरुष प्रधान सड़क परिवहन उद्योग में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने के लिए कदम उठाए।</p>
<p><br />इस पहल की शुरुआत करते हुए फ्लीका इंडिया के सीईओ और संस्थापक टीकम जैन ने कहा, ‘‘हमारा मकसद टायर प्रबंधन, टायर सेवा और टायर रखरखाव के क्षेत्र में महिला शक्ति को भी जोड़ना है। हालांकि यह एक मुश्किल काम है, क्योंकि यह एक कठोर और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है, एक ऐसा सेक्टर जिसे महिलाओं के लिए उपयुक्त नहीं समझा जाता। शुरू में मुझे भी यही लगता रहा कि अपने इरादों को हम अमल में कैसे ला पाएंगे, लेकिन जब मैंने देखा कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी लाॅजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के साथ जुड़ती जा रही हैं, तो मेरे मन का भय भी दूर हो गया। इस स्थिति ने मुझे प्रेरित किया है, और हम फ्लीका का हिस्सा बनने और संगठन में योगदान करने के लिए नारी शक्ति से सज्जित वर्कफोर्स की तलाश में जुट गए। आज फ्लीका इंडिया ने अधिक से अधिक महिला कर्मचारियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं।’’<br /><br />‘‘फ्लीका ने पहले से अधिक जेंडर बैलेंस्ड लॉजिस्टिक्स सोसायटी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिभावान महिलाओं को तैयार करने और तैनात करने का संकल्प लिया है। सभी स्तरों पर महिलाओं के लिए सीखने की पहल शुरू की गई है, साथ ही उनके लिए आवश्यक कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है और उन्हें जरूरी सलाह और मार्गनिर्देशन भी प्रदान किया जा रहा है। हम इस क्षेत्र में महिलाओं की उपस्थिति के परिणामस्वरूप उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहे हैं, क्योंकि यह ऐसा कार्यबल है, जो अधिक संगठित हैं, जो अधिक कुशल और अनुशासित हैं। इस तरह हम एक स्वच्छ और सस्टेनेबल इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 14:13:37 +0530</pubDate>
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