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                <title>Natural Gas - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Natural Gas RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आईजीएल ने दिया बड़ा झटका : रसोई गैस के बाद अब पीएनजी भी हुई आम नागरिकों की पहुंच से बाहर, यहां जानें दिल्ली सहित आपके शहर में क्या है रेट ?</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट के चलते इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने पीएनजी की कीमतों में वृद्धि कर दी है। दिल्ली में अब पीएनजी ₹49.59 प्रति एससीएम मिलेगी, जो पहले से ₹1.70 महंगी है। नोएडा, गाजियाबाद और कानपुर सहित कई शहरों में भी दाम बढ़े हैं। एलपीजी के बाद अब रसोई गैस के बढ़ते दामों ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/igl-gave-a-big-blow-after-lpg-now-png-is/article-149360"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/png.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के कारण रसोई गैस (एलपीजी) के बाद अब पाइपलाइन के जरिये किचन तक आने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के दाम भी बढ़ गये हैं। दिल्ली-एनसीआर के साथ कानपुर, मेरठ, अजमेर जैसे कई शहरों में घरों में पीएनजी की आपूर्ति करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने एक अप्रैल से पीएनजी की कीमत बढ़ाकर दिल्ली में 49.59 रुपये प्रति मानक घन मीटर (एससीएम) कर दिया है। इससे पहले एक जनवरी 2026 से इसकी कीमत 47.89 रुपये प्रति एससीएम थी। इस प्रकार राष्ट्रीय राजधानी में पीएनजी 1.70 रुपये प्रति एससीएम महंगी हो गयी है।</p>
<p>एनसीआर के दूसरे शहरों में भी कीमत 1.70 रुपये प्रति एससीएम बढ़ाई गयी है जबकि दूसरे शहरों में पीएनजी एक रुपये महंगी की गयी है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में एक एससीएम पीएनजी की कीमत 47.76 रुपये से बढ़ाकर 49.46 रुपये कर दी गयी है। मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली में कीमत 47.35 रुपये से बढ़ाकर 48.35 रुपये, अजमेर, पाली और राजसमंद में 47.27 रुपये से बढ़ाकर 48.27 रुपये तथा कानपुर, फतेहपुर, हमीरपुर और चित्रकूट में 47.95 रुपये से बढ़ाकर 48.95 रुपये कर दी गयी है। दूसरे शहरों में कीमतों में इसी प्रकार वृद्धि हुई है।</p>
<p>पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद सात मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ाये गये थे। वहीं, वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम एक मार्च, सात मार्च और एक अप्रैल को तीन बार में 338 रुपये बढ़ चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:47:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयराम रमेश ने की केंद्र सरकार की आलोचना: बोले-'आत्मनिर्भरता' के प्रयासों के बावजूद भारत की ऊर्जा आयात पर निर्भरता बढ़ी, यह सब तब हो रहा है जब नारा आत्मनिर्भरता का दिया गया था</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता 84% से बढ़कर 90% हो गई है। उन्होंने LPG आयात में भी 62% की वृद्धि का हवाला देते हुए 'आत्मनिर्भर भारत' के नारे को विफल बताया। रमेश ने गुजरात के पुराने गैस भंडार दावों को "20,000 करोड़ का घोटाला" करार देते हुए तीखा तंज कसा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jairam-ramesh-criticized-the-central-government-and-said-despite/article-148065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को ऊर्जा आयात पर बढ़ती निर्भरता को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में देश प्रमुख ईंधन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता से और दूर चला गया है। रमेश ने एक बयान में कहा कि 2014-15 से 2024-25 के बीच कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता 84 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इसी अवधि में एलपीजी आयात पर निर्भरता 46 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत तक पहुंच गयी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यह सब तब हो रहा है जब नारा आत्मनिर्भरता का दिया गया था।"</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में प्राकृतिक गैस उत्पादन की स्थिति "और भी अस्पष्ट" बनी हुई है, जिसे उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान किए गए दावों से जोड़ा। उन्होंने याद दिलाया कि 26 जून 2005 को तत्कालीन गुजरात सीएम ने घोषणा की थी कि गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (जीएसपीसी) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन के गहरे समुद्र में देश के सबसे बड़े गैस भंडार की खोज की है, जिसे भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने वाला बताया गया था।</p>
<p>जयराम रमेश ने हालांकि यह आरोप लगाया कि बाद की जांचों में ये दावे गलत साबित हुए। उन्होंने कहा, "2011 से 2016 के बीच कैग की पांच रिपोर्टों में इसे 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला बताया गया।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगस्त 2017 में जीएसपीसी का ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन में विलय कर इस मुद्दे को "दबा दिया गया।" उन्होंने टिप्पणी की, " तत्कालीन गुजरात सीएम जिस गैस का बड़े स्तर पर वादा किया गया था, वह केवल 'गैस' ही बनकर रह गई।"</p>
<p>यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की ऊर्जा सुरक्षा और आयात निर्भरता को लेकर राजनीतिक बहस तेज है, खासकर तब जब बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत अभी भी विदेशी स्रोतों पर काफी हद तक निर्भर है। दूसरी ओर, सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाने, ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और दीर्घकालिक रणनीति के तहत नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसे कदमों का लगातार उल्लेख करती रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 13:54:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'पीएनजी में शिफ्ट हों...', मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एलपीजी की कमी, केंद्र सरकार ने दी पीएनजी अपनाने की सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट तनाव के कारण भारत में एलपीजी आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। केंद्र सरकार ने राहत के लिए नागरिकों से पीएनजी (PNG) अपनाने का आग्रह किया है। सरकार का लक्ष्य 60 लाख नए परिवारों को पीएनजी से जोड़ना है ताकि गैस किल्लत का दबाव कम हो सके और वितरण सुगम बने।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shift-to-png-amidst-the-middle-east-tension-there-is/article-146430"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modib-22.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब भारत में रसोई गैस की आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है। कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। बढ़ती मांग और आपूर्ति में आई रुकावट के चलते कई इलाकों में गैस वितरण प्रभावित हुआ है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने नागरिकों से वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने की अपील की है। सरकार ने कहा है कि जहां संभव हो, लोग एलपीजी की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का उपयोग करें। अधिकारियों के मुताबिक देश में फिलहाल करीब डेढ़ करोड़ पीएनजी उपभोक्ता हैं और लगभग 60 लाख परिवार ऐसे हैं जो आसानी से पीएनजी कनेक्शन ले सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे एलपीजी पर दबाव कम होगा और गैस की आपूर्ति बेहतर ढंग से संचालित की जा सकेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 18:18:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर लगाया एस्मा, घरेलू उपयोगों के लिए गैस की आपूर्ति की सीमा तय</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने पर केंद्र सरकार ने गैस आपूर्ति पर एस्मा (ESMA) लगा दिया है। प्राथमिकता के आधार पर घरेलू पीएनजी और सीएनजी को 100% आपूर्ति मिलेगी, जबकि उर्वरक संयंत्रों और उद्योगों के लिए सीमा तय की गई है। इस कदम का उद्देश्य वितरण में समानता और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amidst-the-west-asia-crisis-the-central-government-took-a/article-145963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/lpg.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आयी बाधाओं को देखते हुए देश में प्राकृतिक गैसों की आपूर्ति पर एस्मा लगा दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी प्राकृतिक गैस (आपूर्ति नियमन) आदेश, 2026 में घरेलू उपभोग और दूसरे उपयोगों के लिए गैस की आपूर्ति की सीमा तय कर दी गयी है। इस संबंध में जारी गजट अधिसूचना में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर वितरण में समानता और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है। </p>
<p>घरेलू पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की आपूर्ति, परिवहन के लिए सीएनजी की आपूर्ति, एलपीजी उत्पादन, और पाइपलाइन कॉम्प्रेशर फ्यूल तथा अन्य अनिवार्य पाइपलाइन परिचालन जरूरतों को प्राथमिकता सेक्टर-1 में रखा गया है। इनके लिए पिछले छह महीने की औसत के शत-प्रतिशत तक आपूर्ति की जा सकती है, बशर्ते उपलब्धता हो। </p>
<p>उर्वरक संयंत्रों को प्राथमिकता सेक्टर-2 में रखा गया है। उन्हें पिछले छह महीने की औसत के 70 प्रतिशत तक आपूर्ति की जायेगी। साथ ही यह पाबंदी होगी कि वे इसका इस्तेमाल किसी और उद्देश्य के लिए नहीं कर सकेंगे। प्राथमिकता सेक्टर-3 में चाय उद्योग, विनिर्माण संयंत्रों तथा अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को रखा गया है। वे पिछले छह महीने की औसत के 80 प्रतिशत तक इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सिटी गैस वितरकों को दी गयी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 17:41:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूएई ने अजरबैजान से सदर्न गैस कॉरिडोर में हिस्सेदारी के लिए किया समझौता, 3500 किलोमीटर का पाइपलाइन नेटवर्क शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[अबू धाबी में ADNOC की सहायक XRGC ने साउदर्न गैस कॉरिडोर में अजरबैजान अर्थव्यवस्था मंत्रालय के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए। 3,500 किमी पाइपलाइन नेटवर्क शामिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/uae-signs-agreement-with-azerbaijan-for-stake-in-southern-gas/article-141792"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)2.png" alt=""></a><br /><p>अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) की सहायक कंपनी एक्सआरजी ने सदर्न गैस कॉरिडोर में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए अजरबैजान अर्थव्यवस्था मंत्रालय के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए है। अमीरात मीडिया ने यह जानकारी दी है।          </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव की मौजूदगी में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। डब्ल्यूएएम समाचार एजेंसी ने सोमवार को बताया कि यह समझौता कई शर्तों पर निर्भर है, जिसमें नियमित नियामक और विश्वास विरोधी मंजूरी हासिल करना शामिल है। हासिल की जा रही हिस्सेदारी की जानकारी का खुलासा नहीं किया गया।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया है कि सदर्न गैस कॉरिडोर में प्राकृतिक गैस उत्पादन संपत्तियां और कैस्पियन सागर से जॉर्जिया और तुर्की होते हुए दक्षिणी यूरोप तक 3,500 किलोमीटर का पाइपलाइन नेटवर्क शामिल है, जिसकी मौजूदा आपूर्ति क्षमता हर साल 26 बिलियन क्यूबिक मीटर तक है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 14:20:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा, ओएनजीसी कुएं से भारी गैस रिसाव, पूरे इलाके में मची सनसनी</title>
                                    <description><![CDATA[ आंध्र प्रदेश से इस समय की बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि कोनासीमा जिले के इरुसुमंडा गांव में सोमवार को ONGC के एक तेल कुएं में मरम्मत कार्य के दौरान अचानक हुए विस्फोट हो गया, जिसके कारण बड़े पैमाने पर गैस और कच्चे तेल का रिसाव ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/horrific-accident-in-andhra-pradesh-gas-suddenly-leaked-from-oil/article-138476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/andra-pradesh-ongc-accident.png" alt=""></a><br /><p>राजोल। आंध्र प्रदेश से इस समय की बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि कोनासीमा जिले के इरुसुमंडा गांव में सोमवार को ONGC के एक तेल कुएं में मरम्मत कार्य के दौरान अचानक हुए विस्फोट हो गया, जिसके कारण बड़े पैमाने पर गैस और कच्चे तेल का रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई और आनन फानन में पूरे इलाके को खाली करवाना पड़ा। इस हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट मोड़ पर आ गया।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, यह तेल का कुआं कुछ समय से बंद था और 'वर्कओवर रिग' के जरिए इसकी मरम्मत की जा रही थी। देखते ही देखते अचानक दबाव बढ़ने लगा और एक जोरदार धमाके के साथ गैस और तेल का रिसाव शुरू हो गया। रिसाव इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाकों में गैस और धुएं का घना बादल छा गया। धुएं के इस बादल को देखते ही स्थानिय लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी और उसके बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर गांवों को खाली कराया। </p>
<p>प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति काट दी गई है और लोगों को चूल्हा न जलाने या किसी भी प्रकार के बिजली उपकरण का उपयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई है। फिलहाल, ओएनजीसी की तकनीकी टीमें और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर तैनात हैं। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति और पर्यावरण को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 17:03:42 +0530</pubDate>
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