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                <title>Digital Census - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Digital Census RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लाल किले से मोदी का सप्तधारा मंत्र : हथियारबंद नक्सलवाद खत्म, अब 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत </title>
                                    <description><![CDATA[80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए हथियारबंद नक्सलवाद के खात्मे के बाद 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए 7 प्रमुख क्षेत्रों (सप्तधारा), आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क और ऐप आधारित स्व-जनगणना में युवाओं के सहयोग का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/independence-day-2026-modi-gave-the-mantra-of-saptadhara-for/article-162995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)69.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद तो काफी हद तक खत्म हो गया है लेकिन समाज को 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत है। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को लाल किले के प्राचीर से देश को नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए समाज को 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद का काफी हद तक अंत हो चुका है लेकिन अब ऐसे लोग मौके की तलाश में हैं जो युवाओं को भटकाने और समाज को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था। आज जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां नक्सल मुक्त होने के कारण विकास का तिरंगा लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के बावजूद देश को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मोदी ने कहा, हथियारबंद नक्सल तो चले गए लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं और हिंसा तथा अराजकता के रास्ते तलाश रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन 'दिमागी नक्सलियों' को पहचानना होगा और उन्हें अलग-थलग करना होगा, ताकि वे देश के युवाओं को भटकाने में सफल न हो सकें। उन्होंने युवाओं से देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प से जुडऩे का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को नकारात्मक और हिंसक विचारों से दूर रखते हुए विकास, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के लक्ष्य से जोडऩा जरूरी है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर सामने आ रही है और इस परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए देश को लगातार सजग रहना होगा।</p>
<p><strong>भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क बनाया जायेगा</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अलग-अलग तरह के संकटों और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए देश में अत्याधुनिक राष्ट्रीय सिविल डिफेंस और स्वयंसेवी बल बनाने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने शनिवार को यहां 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा, मैं आज लाल किले से घोषणा करता हूं कि हम आने वाले दिनों में सिविल डिफेंस का एक वाइब्रेंट नेटवर्क खड़ा करेंगे। आधुनिक व्यवस्थाओं से उन्हें परिचित करायेंगे, आधुनिक संकटों से नागरिकों की रक्षा करने की क्या व्यवस्था हो सकती है और इसके लिए एक बहुत बड़ा स्वयंसेवक बल, सिविल डिफेंस का आधुनिक नेटवर्क हम बनाने वाले हैं। सिविल डिफेंस के सदस्यों को संकट के समय महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, प्रणालियों और लोगों की रक्षा करने के उपायों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। तेल रिफाइनरियों, बैंकिंग प्रणाली और बुनियादी ढांचों पर किसी तरह के हमले की स्थिति से निपटने के लिए यह बल बेहद महत्वपूर्ण होगा।</p>
<p><strong>मोदी की युवाओं से जनगणना में सहयोग करने की अपील</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनगणना की प्रक्रिया को देश की प्रगति और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं से इसमें सहयोग की अपील कर उनसे मोबाइल ऐप के जरिये स्व गणना करने का आह्वान किया है। मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से 80 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि अभी देश में एक बहुत महत्वपूर्ण कार्य जनगणना का चल रहा है। वह युवाओं से अपील करते हैं कि वे इसके लिए समय निकालें और अपने परिजनों के साथ मोबाइल फोन पर ऐप के जरिये स्व गणना को काम पूरा करें। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से युवा जनगणना कार्य में बहुत बड़ा सहयोग कर सकते हैं।</p>
<p>देश में जनगणना प्रक्रिया में पहली बार मोबाइल ऐप से स्व गणना की व्यवस्था की गयी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी भी घर-घर जायेंगे, लेकिन युवा उससे पहले ही अपना और परिजनों का पंजीकरण कर सकते हैं और इससे संबंधित पहचान संख्या कर्मचारी के साथ साझा कर सकते हैं। सरकार को इससे बड़ी सहूलियत होगी। जनगणना के सही विवरण मिलने से सरकार को नीतियां और योजनाएं बनाने में मदद मिलती है। उल्लेखनीय है कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान देश में अभी मकान सूचीकरण का काम चल रहा है और जनगणना का काम आगामी फरवरी में शुरू होगा। </p>
<p><strong>वकसित भारत के लिए मोदी का लाल किले से सप्तधारा का मंत्र</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के सौ वर्ष पूरे होने पर 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले से सप्तधारा की सप्त-शक्ति का मंत्र दिया। मोदी ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है। अगला एक-चौथाई हिस्सा देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, अब हम रुक नहीं सकते, हमारी गति नहीं रुक सकती। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें अपने काम करने का तरीका और सोच बदलनी होगी। जो काम पिछले पांच-सात दशक में नहीं हुए, वे पांच-सात साल में करने होंगे।</p>
<p>उन्होंने सात क्षेत्रों में नयी गति और नये तरीके से काम करते हुए देश को दुनिया में सबसे आगे ले जाने का लक्ष्य रखते हुए इसे सप्तधारा का नाम दिया। इसमें विनिर्माण शक्ति, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा शक्ति, हरित अर्थव्यवस्था एवं ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर शामिल हैं। मोदी ने कहा कि उन्हें देश की युवा शक्ति, माताओं-बहनों, किसानों और मजदूरों पर भरोसा है कि हम सब मिलकर इस सपने को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, हम सुधार के पथ पर चल चुके हैं, और आने वाले समय में सुधारों के अगले स्तर की तरफ बढऩे वाले हैं। सरकार, समाज, उद्योग, उत्पादक, किसान हर किसी को अपनी पारंपरिक व्यवस्थाओं में बदलाव लाना होगा, सोच बदलनी होगी, लक्ष्य बदलना होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि विनिर्माण शक्ति को सिद्ध करने के लिए विनिर्माण बढ़ाने के साथ-साथ छोटे-छोटे पुर्जे भी बनाने होंगे, और बड़े-बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। उन्होंने कहा कि पूरी मूल्य श्रृंखला हमारी होनी चाहिये। हमें कंपोनेंट भी चाहिये और संपूर्ण विनिर्माण भी चाहिये। डिजाइन से लेकर विनिर्माण तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण में अब भारत के लिए दुनिया के बाजार खुल चुके हैं। हमारे पारंपरिक खान-पान, मसाले, औषधियां आदि वैश्विक ब्रांड बनने चाहिये। </p>
<p>प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के बारे में उन्होंने कहा कि जमाना एआई, क्वांटम, डाटा सेंटर, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स का है। हमें नवाचार का केंद्र बनना है। यूपीआई और डिजिटल बुनियादी ढांचे में भारत ने अपना लोहा मनवा लिया है। अब अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकी में हमें दुनिया का नेतृत्व करना है। मेड इन इंडिया 6जी विश्व के हर कोने में पहुंचे यह हमारा लक्ष्य होना चाहिये। गतिशक्ति का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि देश के अंदर निर्बाध और तेज कनेक्टिविटी होनी चाहिये। इसके लिए हाइस्पीड रेलवे, आधुनिक हाई-वे, इनलैंड वाटरवेज, हवाई अड्डे और लॉजिस्टिक्स हब चाहिये। </p>
<p>उन्होंने रक्षा शक्ति की अनिवार्यता बताते हुए कहा कि भारत ने और दुनिया ने अनुभव कर लिया है कि रक्षा में आत्मनिर्भरता के अलावा कोई चारा नहीं है। भारत दुनिया के लिए बाजार बनकर नहीं रह सकता। हमें न सिर्फ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है, बल्कि दुनिया का आपूर्तिकर्ता भी बनना है। देश को काउंटर ड्रोन प्रौद्योगिकी विकसित करनी होगी, हाइपरसोनिक रक्षा प्रणाली में सबसे आगे निकलना होगा। साइबर सिक्योरिटी के लिए भी हम अपने युवाओं के सामथ्र्य का उपयोग दुनिया के लिए कर सकते हैं। </p>
<p>हरित अर्थव्यवस्था और ब्लू इकोनॉमी के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि देश को ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, हरित परिवहन, हरित विनिर्माण में वैश्विक स्तर हासिल करके रहना है। दुनिया जब ग्लोबल वॉर्मिंग की बात करती है तो हमारा देश समाधान देता है। भारत के लिए ब्लू इकोनॉमी में भी बहुत बड़ा अवसर है। हमारे पास लंबा समुद्र तट है। मत्स्य उत्पादन, कोस्टल टूरिज्म, सामुद्रिक प्रौद्योगिकी में काफी संभावना है। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सॉफ्ट पावर बन सकता है। आज योग ने पूरी दुनिया को भारत के साथ जोड़कर रखा है। योग दुनिया के लिए ऊर्जा और भारत के लिए विश्वास का बड़ा कारण बनता जा रहा है। भारत के पास आस्था के केंद्र हों, आयुर्वेद हो, हॉलिस्टिक स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था हो, हील इन इंडिया का अभियान है। हम दुनिया के अंदर हमारे सामथ्र्य को लेकर जा सकते हैं। भारत के पास हस्तशिल्प, फिल्में, गेमिंग, एनिमेशन और डिजिटल कंटेंट हैं। रचनात्मकता की दुनिया में भारत अपना रुतबा दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास अकूत वन्य संपदा है, 100 से ज्यादा नेशनल पार्क है। हमारे पास सामथ्र्य होने के बावजूद हम विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में पीछे रहे हैं। खेल आयोजन में भी भारत के पास बड़ा अवसर है। मोदी ने कहा कि सप्तधारा की इन सात शक्तियों का उद्देश्य यही है कि सिर्फ एक सेक्टर में प्रगति न हो, एक पूर्णता की सोच के साथ विकास हो। </p>
<p><strong>वकसित भारत के लक्ष्य के लिए आधार मजबूत है, हमें हमारी कार्य संस्कृति बदलनी है</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए उनकी सरकार ने एक मजबूत बुनियाद खड़ी की है और दिशा तय हो चुकी है लेकिन कामों को तजी से निपटाने के लिए'हमें अपनी कार्य संस्कृति और सोच में बदलाव लाने करने की जरूरत है। मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए पिछले 10-12 साल में देश में बुनियादी आर्थिक-सामाजिक ढांचे के तीव्र विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा, मैने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे विकसित भारत 2047 का लक्ष्य, मजबूत नींव पर खड़ा है। पिछले 12 वर्षों में देशवासियों ने जो सामथ्र्य दिखाया है यह उस लक्ष्य का हिस्सा है।</p>
<p>मोदी ने कहा, सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अब हम रुक नहीं सकते हैं, हमारी गति नहीं रुक सकती है। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें उसे प्राप्त करके रहना है। इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर (कार्य संस्कृति) को बदलना होगा, हमारे वर्क कल्चर को बदलते हुए हमें हमारी सोच को भी बदलना होगा। हमें हमारे काम की गति को भी बदलना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं। मेरा भरोसा है, मेरी देश की युवा शक्ति पर, मेरे देश के नौजवानों पर, मेरे देश की माताओं बहनों पर, मेरे देश के किसानों पर, मेरे देश के मजदूरों पर, कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 13:05:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जनगणना 2027 का डिजिटल मॉडल तैयार! 40 सवालों में जाति और SC-ST की जानकारी भी शामिल, जल्द शुरू होगा दूसरा चरण</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण के लिए 40 सवाल तय किए हैं, जिनमें जाति और कोविड-19 वैक्सीन से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। 1931 के बाद होने वाली यह पहली व्यापक जाति गणना होगी। यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसकी शुरुआत सितंबर में होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/digital-model-of-census-2027-ready-information-about-caste-and/article-162923"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/jan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 को लेकर दूसरे चरण के लिए 40 सवाल तय किए हैं। इस चरण में लोगों से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और जाति से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। इसके अलावा कोविड-19 वैक्सीन से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं। यह 1931 के बाद पहली व्यापक जाति गणना होगी।</p>
<p>जनगणना का दूसरा चरण लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले क्षेत्रों में 1 से 30 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। घर-घर जाकर गणना शुरू होने से पहले लोग 17 से 31 अगस्त तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। देश के अन्य हिस्सों में जनगणना अगले वर्ष शुरू होगी।</p>
<p>खास बात यह है कि जनगणना 2027 देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसके जरिए सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से देश की जनसंख्या और सामाजिक संरचना से जुड़ा विस्तृत डेटाबेस तैयार करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 14:05:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चुनाव आयोग ने जारी की उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची , 2.89 करोड़ वोटर्स के कटे नाम </title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है, जिसमें 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के तहत 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं। अब कुल मतदाताओं की संख्या 12.56 करोड़ रह गई है। बेहतर व्यवस्था हेतु 15,030 नए पोलिंग बूथ भी जोड़े गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commission-released-the-draft-voter-list-of-uttar-pradesh/article-138606"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/up-sir.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जिसमें लगभग 28.9 मिलियन (2.89 करोड़) नाम हटा दिये गये हैं। अब एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट में कुल मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ से घटकर 12.56 करोड़ हो गई है, जो लगभग 18.70 प्रतिशत की कमी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को घोषणा की कि प्रति बूथ 1500 से 1200 वोटर्स के हिसाब से पोङ्क्षलग बूथ को तर्कसंगत बनाने के बाद, अब राज्य में 15030 नए बूथ जोड़े गए हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में पोलिंग स्टेशनों की संख्या 1,62,486 से बढ़कर 1,77,516 हो जाएगी। 23 दिसंबर को ईसीआई ने प्रदेश के 75 जिलों में 403 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक 1,200 मतदाताओं के आधार पर पोङ्क्षलग स्टेशनों के आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। 11 दिसंबर के डेटा के अनुसार, जब गिनती के दूसरे दौर का समापन हुआ था, तो राज्य में ऐसे वोटर्स की संख्या 2.96 करोड़ थी, जिनका पता नहीं चल पाया था। गिनती के तीसरे दौर के बाद 26 दिसंबर के डेटा के अनुसार, यह आंकड़ा घटकर 2.89 करोड़ वोटर्स हो गया।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, 28.9 मिलियन ऐसे वोटर्स में से जिनका पता नहीं चल पाया था, उनके 12.9 मिलियन (8.40 प्रतिशत) को स्थायी रूप से स्थानांतरित, 4.6 मिलियन (2.99 प्रतिशत) को मृत, 2.54 मिलियन (1.65 प्रतिशत) को डुप्लीकेट और 7.95 मिलियन (5.15 प्रतिशत) को लापता के रूप में वर्गीकृत किया गया था। 774,472 अन्य वोटर्स (0.50 प्रतिशत) ने बूथ-स्तरीय अधिकारियों से फॉर्म लेने के बाद भी गिनती के फॉर्म वापस नहीं किए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 16:36:24 +0530</pubDate>
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