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                <title>mosque - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>वाराणसी में बड़ा एक्शन: मस्जिदों के ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू, सड़क चौड़ीकरण की जद में आईं छह मस्जिदें</title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी में दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण अभियान के तहत करीमुल्लाह बेग मस्जिद की दीवारों का ध्वस्तीकरण शुरू हुआ। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पांच मस्जिदों के मुतवल्लियों ने सहमति दी है। 650 मीटर लंबे मार्ग के विस्तार के लिए 181 से अधिक भवन चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 100 से ज्यादा हटाए जा चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-action-in-varanasi-work-of-demolition-of-mosques-started/article-158528"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/12200-x-600-px)-(5).png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण को लेकर ध्वस्तीकरण अभियान लगातार जारी है। इस अभियान की जद में छह मस्जिदें भी आई हैं। बुधवार को भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच चौक थाने के पीछे स्थित करीमुल्लाह बेग मस्जिद की दीवारों को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया।</p>
<p>कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री बल की तैनाती की गई है। योजना के तहत पांच मस्जिदों के मुतवल्लियों ने पहले ही अपनी सहमति दे दी है। इनमें करीमुल्लाह बेग मस्जिद, निसारन मस्जिद, अली रजा खान मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और रंगीले शाह मस्जिद शामिल हैं। बुधवार की कार्रवाई में भी मस्जिदों से जुड़े लोगों का भरपूर सहयोग मिला। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के अनुसार, अली रजा खान मस्जिद, संगमरमर मस्जिद, करीमुल्लाह बेग मस्जिद, निसारन मस्जिद और रंगीले शाह मस्जिद के मुतवल्लियों ने सहमति प्रदान कर दी है। पीडब्ल्यूडी की ओर से जी 3 के मानकों के अनुरूप क्षतिपूर्ति दी जाएगी। वहीं, एक अन्य मस्जिद लंगड़ा हाफिज के संबंध में भी बातचीत जारी है। सभी मस्जिदों के कुछ हिस्से मार्ग चौड़ीकरण की जद में आएंगे।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, जिस क्षेत्र में ध्वस्तीकरण किया जा रहा है, वहां आसपास टीन शेड लगाकर घेराबंदी कर दी गई है। ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। शांतिपूर्ण माहौल में पूरी कार्रवाई जारी है। शहर को जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से 650 मीटर लंबे दालमंडी मार्ग का करीब 17.5 मीटर तक चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण किया जाना है। इसके लिए 181 से अधिक भवनों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 100 से अधिक भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य पूरा हो चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 11:55:01 +0530</pubDate>
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                <title>ज्ञानवापी मामला : अदालत का फैसला टला</title>
                                    <description><![CDATA[मस्जिद परिसर में मिले हिंदू प्रतीक चिह्नों की प्राचीनता का पता लगाने के लिए इनकी कार्बन डेंटिंग कराए जाने की माँग को लेकर दायर अर्जी पर जिला अदालत ने सुनाए जाने वाले फ़ैसले को 11 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gyanvapi-case-courts-decision-postponed/article-25767"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/gyanvapi.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मिले हिंदू प्रतीक चिह्नों की प्राचीनता का पता लगाने के लिए इनकी कार्बन डेंटिंग कराए जाने की मांग को लेकर दायर अर्जी पर जिला अदालत ने सुनाए जाने वाले फ़ैसले को 11 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया है। जिला न्यायाधीश अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने इस मामले में कुछ स्पष्टीकरण की जरूरत बताते हुए अगली तारीख 11 अक्टूबर तय की है। वादी पक्ष ने कार्बन डेंटिंग सहित अन्य वैज्ञानिक तकनीक की मदद से हिंदू प्रतीकों की प्राचीनता का पता लगाने की अदालत से माँग की है। इस मामले में अदालत द्वारा माँगे गए स्पष्टीकरण पर अगली सुनवाई को मुस्लिम पक्ष अपनी दलीलें अदालत में पेश करेगा। </p>
<p>हिंदू पक्ष के वक़ील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि अदालत ने फ़ैसला सुनाने से पहले 2 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने पक्षकारों से पूछा है कि मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के समय 16 मई को वजूखाने में मिला  'शिवलिंग क्या इस मुक़दमे की संपत्ति के रूप में दर्ज है? दूसरे बिंदु पर अदालत ने पूछा कि क्या यह अदालत कार्बन डेंटिंग के मुद्दे पर कोर्ट कमीशन नियुक्त कर सकती है? </p>
<p>अधिवक्ता जैन ने कहा कि उन्होंने अदालत को बताया कि अर्जी में मस्जिद परिसर में मौजूद दृश्य एवं अदृश्य हिंदू देवी देवताओं की पूजा अर्चना का अधिकार देने की मांग की गई थी। इसलिए सर्वेक्षण में मिले हिंदू प्रतीकों को वाद की संपदा में शामिल माना जाएगा। उन्होंने कहा कि कथित 'शिवलिंग वजूखाने में पानी के अंदर था, इसलिए अदृश्य था, लेकिन  सर्वेक्षण के बाद यह अब यह दृश्य संपदा में शामिल हो गया है। अदालत ने इस बिंदु पर मुस्लिम पक्ष को अगली सुनवाई पर अपना प्रतिवादन पेश करने को कहा है। अदालत द्वारा आज इस अर्जी पर फ़ैसला सुनाये जाने की उम्मीद थी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 07 Oct 2022 16:32:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>विश्वनाथ मंदिर के एक भाग में बनी है मस्जिद: करात</title>
                                    <description><![CDATA[1991 कानून:  किसी भी उपासना स्थल को तोड़ना गैर कानूनी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--mosque-built-in-a-part-of-vishwanath-temple--karat/article-10288"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dharamveer.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। माकपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने कहा है कि औरंगजेब के समय बाबा विश्वनाथ के मंदिर के एक भाग को तोड़कर मस्जिद बनाई गई। इसलिए मस्जिद की खुदाई करने पर हिन्दू धर्म के प्रतीक चिन्ह मिल रहे हैं। वर्ष 1991 में संसद ने कानून बनाया था कि 1947 में जिस भी धर्म के उपासना स्थल है, वे आगे भी उसी धर्म के उपासना स्थल रहेंगे। ऐसे में अब विवाद करना ठीक नहीं है। कानून के अनुसार उपासना स्थल को लेकर विभिन्न तरह के दावे, बहस और आरोप-प्रत्यारोप कानून के खिलाफ है। करात ने रविवार को दैनिक नवज्योति संवाददाता से अनेक विषयों पर बातचीत की।<br /><br /><strong>    नवज्योति</strong>: देश में वामपंथी पार्टियों की स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। क्या भविष्य में सभी वामदलों का एक दल में विलय या वामपंथी पार्टियां नया दल बना सकती हैं। <br />    <strong>करात</strong>: यह सही है कि वामपंथी पार्टियों की स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन अब सभी वामपंथी पार्टियां संयुक्त रूप से काम करेंगे तो अच्छा तालमेल होगा। रही बात आपस में विलय की तो बातचीत सही रही, कॉमन बाते आगे बढ़ती है तो कालांतर में विलय भी असम्भव नहीं है पर इसके लिए आपस में तालमेल व नीति पर एकरुपता होनी चाहिए। <br />    <strong>नवज्योति</strong>: बंगाल विधानसभा में जीरो पर आउट हो गए, पार्टी का आधार ही सिकुड़ गया। आगे क्या रणनीति है।<br />    <strong>करात</strong>: यह सही है कि जीरो पर आउट हुए, लेकिन अभी हुए कोलकाता निकाय चुनाव और विधानसभा के उपचुनावों में पार्टी ने अपनी स्थिति मजबूत की है। विधानसभा चुनाव में पार्टी तीसरे नंबर पर आ गई थी, लेकिन अब दूसरे नम्बर पर पहुंची है। <br />    <strong>नवज्योति</strong>: एक जमाने में युवा पैशन से वामपंथी पार्टियों के साथ जुड़ता था, लेकिन आज उनका कम्युनिस्ट पार्टियों से मोहभंग हो गया। <br />    <strong>करात</strong>: आज का युवा जॉब ऑरिएंटेड है। वह विद्यार्थी जीवन में कैंपस में सक्रिय होने के बजाय पढ़ाई करके नौकरी चाहता है। दूसरा बड़ा कारण निजी क्षेत्रों के विश्वविद्यालय व कॉलेजों में छात्र संगठनों पर बैन है। वे ना तो चुनाव कराते हैं और ना ही छात्र संगठनों को सक्रिय रहने देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 15:35:38 +0530</pubDate>
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                <title> ज्ञान में शिव की छवि व्यापीस: हिन्दू पक्ष का दावा  ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिला</title>
                                    <description><![CDATA[स्थल को संरक्षित और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और सीआरपीएफ कमांडेंट की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/lord-shiva-s-image-in-knowledge--hindu-side-claims-shivling-found-in-gyanvapi-mosque--the-court-sealed-the-site/article-9916"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/gyanvapi.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफी सर्वे के दौरान मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिलने के बाद स्थानीय अदालत ने जिला प्रशासन को उस स्थान को तत्काल प्रभाव से सील करने के आदेश दिए हैं जहां शिवलिंग मिला है।  </p>
<p><br />सिविल जज रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने सोमवार को जारी आदेश में वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट को आदेश दिया कि वह उस स्थान को सील कर दें, जहां शिवलिंग मिला है। आदेश में सील किए गए स्थान पर किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अदालत ने वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त और सीआरपीएफ के वाराणसी स्थित कमांडेंट को आदेश दिया है कि उस स्थान के संरक्षित और सुरक्षित करने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी पूर्ण रूप से उनके ऊपर है। न्यायाधीश ने हिंदू पक्ष के वकील के आवेदन पर यह फैसला सुनाया। फैसले में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा जो कदम उठाए गए हैं, उनके पर्यपेक्षण (सुपरवीजन) की जिम्मेदारी उप्र के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक पर होगी। न्यायालय में वीडियोग्राफी सर्वे की रिपोर्ट पर मंगलवार को सुनवाई होगी। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की वीडियोग्राफी सर्वे का काम सोमवार को पूरा हो गया।  <br /><br /><strong>केवल 20 लोगों को नमाज अदा करने की इजाजत</strong><br />हिंदू पक्ष के आवेदन में यह भी अनुरोध किया गया है कि मस्जिद में केवल 20 मुसलमानों को नमाज अदा करने की इजाजत दी जाए तथा उन्हें वजू करने से तत्काल रोका जाए। न्यायाधीश दिवाकर ने इस आवेदन के संबंध में कहा कि मस्जिद परिसर में अदालत के आदेश से ही वीडियोग्राफी सर्वे का काम हुआ है। परिसर में शिवलिंग मिलने के बाद उसे संरक्षित किया जाना अतिआवश्यक है। न्यायालय ने कहा कि न्याय हित में वादी पक्ष का आवेदन स्वीकार किये जाने योग्य है। <br /><br /><strong>शिवलिंग का मिलना सुखद संदेश : विहिप</strong><br />अयोध्या। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने काशी विश्वनाथ के ज्ञानव्यापी ढांचे में शिवलिंग के मिलने को सुखद संदेश बताते हुए कहा कि  सत्य आज सामने दिख रहा है। <br />विहिप के प्रान्तीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि सत्य को दबाया, छिपाया और नकारा नहीं जा सकता। सत्य तो सफेद रंग की भांति है जिस पर काला रंग धोखे से चढ़ाने के बावजूद भी उतरने पर सफेद ही निकलेगा। तलवार और हत्या के बल पर हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों और सम्पत्तियों पर अनाधिकृत कब्जा करने वाले लुटेरे आक्रमणकारियों को यह नहीं मालूम था कि एक न एक दिन इस देश का नागरिक जगेगा और अपनी छीनी गई सम्पत्ति को पुन: वापस लेने के लिये हर तरह का प्रयास करेगा।  <br /><br /><strong>मुस्लिम पक्ष का दावा शिवलिंग नहीं, फव्वारा मिला</strong><br />प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के एडवोकेट रईस अहमद अंसारी ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाना में एक फव्वारा लगा हुआ है। जिस संरचना को शिवलिंग बताया जा रहा है, वह वही फव्वारा है। बाकी सभी तरह के दावे झूठे हैं। मस्जिद के ऊपरी हिस्से में नमाज पढ़ी जाती है, वहां वजू करने की भी जगह है।</p>
<p><br /><strong>हाईकोर्ट में देंगे चुनौती : अंसारी</strong><br />एडवोकेट रईस अहमद अंसारी ने कहा कि अदालत ने जल्दबाजी में आदेश दिया है। हम इस आदेश से संतुष्ट नहीं हैं और हाईकोर्ट में उसे चुनौती देंगे।</p>
<p><br /><strong>आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई</strong><br />मुस्लिम पक्ष की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने वाराणसी कोर्ट के सर्वे के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच मंगलवार को सुनवाई करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 11:45:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अल-अक्सा मस्जिद परिसर में दाखिल हुई इजराइली पुलिस झड़प में 17 घायल, फिलिस्तीन ने दी नतीजे भुगतने की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[दो दिन पहले ही इसी जगह पर फलस्तीनियों के साथ झड़प इजराइली पुलिस की झड़प हुई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/17-injured-in-israeli-police-clash-at-al-aqsa-mosque-compound--palestine-threatens-to-face-consequences/article-8076"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/police1.jpg" alt=""></a><br /><p>यरुशलम। एकबार फिर इजराइल और फलस्तीन के बीच तनाव बढ़ गया है। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली पुलिस रविवार तड़के यरुशलम के संवेदनशील धार्मिक स्थल अल-अक्सा मस्जिद के परिसर में दाखिल हुई और क्षेत्र में मौजूद फलस्तीनियों को बाहर निकाल दिया। फलस्तीनी चिकित्साकर्मियों के अनुसार इजरायली पुलिस ने रविवार को जेरूसलम के पुराने शहर में अल-अक्सा मस्जिद परिसर में प्रवेश किया ताकि पवित्र स्थल पर यहूदी आगंतुकों के लिए रास्ता सुरक्षित किया जा सके। इस दौरान हुई झड़प में 17 फलस्तीनी घायल हो गए। अभी दो दिन पहले ही इसी जगह पर फलस्तीनियों के साथ झड़प इजराइली पुलिस की झड़प हुई थी। सनद रहे कि एक साल पहले यरुशलम में इजरायली सुरक्षा बलों और फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा भड़की थी। यह हिंसा 11 दिनों के गाजा युद्ध में तब्दील हो गई थी। यह मस्जिद समेत यह पहाड़ी परिसर इस्लाम धर्म का तीसरा सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। यह यहूदियों के लिए भी सबसे पवित्र स्थान है। यहूदी इसे टेंपल माउंट कहते हैं। इस स्थल पर इजराइल और फलस्तीन के प्रतिस्पर्धी दावों ने कई दौर की हिंसा को जन्म दिया है।</p>
<p><br /> इस साल मुस्लिमों का पवित्र महीना रमजान ईसाई पवित्र सप्ताह ईस्टर सभी एक ही समय में हो रहे हैं। इसकी वजह से शहर में हजारों की संख्या में आगंतुकों का आगमन हुआ है। इजरायली पुलिस ने फलस्तीनियों पर एक पवित्र स्थल को अपवित्र करने का आरोप लगाया जबकि फलस्तीनी अधिकारियों ने इजरायल पर संवेदनशील पवित्र स्थल को विभाजित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रवक्ता नबील अबू रडेनेह ने कहा कि अल-अक्सा मस्जिद में जो हुआ वह खतरनाक संकेत है इजराइली सरकार को इसके नतीजे भुगतने होंगे। इजराइल की पुलिस ने कहा कि वे पवित्र स्थल पर यहूदियों की नियमित यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए परिसर में दाखिल हुए। फलस्तीनियों ने पत्थर जमा कर रखे थे और बैरियर लगा दिए थे। हम यहूदियों और मुसलमानों के लिए पूजा की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 15:05:42 +0530</pubDate>
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                <title>कंधार में मस्जिद के अंदर धमाका,  25 से ज्यादा की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[घटना के बाद एक वीडियो वायरल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0-%E0%A4%A7%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE---25-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4/article-1714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/kabul-dhamaka.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काबुल।</strong> अफगानिस्तान के कंधार में एक मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़ने के वक्त हुये धमाके में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। स्पूतनिक ने स्थानीय अस्पतालों के सूत्रों का हवाला देते हुये रिपोर्ट दी है कि धमाके में कम से कम 25 लोगों की मारे जाने की आशंका है। इस घटना के बाद एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें धमाके के बाद कई लोगों के कपड़े बरामद हुये हैं। घायलों की संख्या अभी 20 बतायी जा रही है, हालांकि विस्तृत खबर सामने आने के बाद ही मृतकों और घायलों के सही आंकड़े स्पष्ट हो सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 17:38:35 +0530</pubDate>
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