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                <title>Security Protocol - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>इजरायली सुरक्षा बलों और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प: युद्ध के विरोध में प्रदर्शन कर रहे 17 लोगों गिरफ्तार, 50 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी</title>
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                        <![CDATA[इजरायली पुलिस ने तेल अवीव में युद्ध के खिलाफ रैली कर रहे 17 लोगों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारी लेबनान, ईरान और गाजा में सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग कर रहे थे। सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और भीड़ बढ़ने पर घुड़सवार पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। क्षेत्र में युद्ध के बढ़ते तनाव के बीच यह झड़प हुई।]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/clash-between-israeli-security-forces-and-activists-17-people-protesting/article-149174"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/isa.png" alt=""></a><br /><p>तेल अविव। इजरायली पुलिस ने तेल अवीव के थिएटर स्क्वायर पर युद्ध के विरोध में रैली कर रहे 17 लोगों को हिरासत में लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी अधिकारियों से लेबनान, ईरान और गाजा पट्टी में जारी सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने की मांग कर रहे थे। हालांकि, इस रैली को मंजूरी दी गई थी, लेकिन यह नागरिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन में आयोजित की गई थी। नियमों के मुताबिक, गोलाबारी के खतरे के कारण खुले क्षेत्रों में 50 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदियां हैं।</p>
<p>मौके पर मौजूद संवाददाताओं के अनुसार, घुड़सवार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया, जिससे सुरक्षा बलों और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर इजरायली उच्च न्यायालय के उस आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया, जिसमें हबीमा स्क्वायर पर 600 से कम प्रतिभागियों वाले प्रदर्शनों को तितर-बितर करने से पुलिस को रोका गया था। जब भीड़ निर्धारित संख्या से अधिक हो गई, तो पुलिस ने इसे अवैध घोषित कर कार्रवाई शुरू कर दी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान में हमले शुरू किए थे, जिसके जवाब में ईरान इजरायली क्षेत्र और पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। इज़रायल और लेबनानी हिज़बुल्लाह के बीच तनाव दो मार्च की रात से और बढ़ गया, जब हिज़बुल्लाह ने रॉकेट हमले तेज कर दिए। जवाब में इज़रायल ने दक्षिणी क्षेत्रों, बेका घाटी और बेरूत के बाहरी इलाकों सहित लेबनान पर बड़े पैमाने पर हमले किए। 16 मार्च को इज़रायली सेना ने आधिकारिक तौर पर दक्षिणी लेबनान में ज़मीनी अभियान शुरू करने की घोषणा की थी।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 16:36:59 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित, यूसुफ पेजेशकियन ने किया चोटिल होने की खबरों का खंडन </title>
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                        <![CDATA[ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य पर जारी अटकलों को राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बेटे ने खारिज कर दिया है। उन्होंने पुष्टि की कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और हमलों में घायल होने की खबरें महज अफवाह हैं। नियुक्ति के बाद सार्वजनिक रूप से न दिखने के कारण सुरक्षा कारणों से उनकी गोपनीयता बरकरार रखी गई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-new-supreme-leader-mojtaba-khamenei-is-completely-safe-youssef/article-146085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran4.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर जारी अटकलों के बीच को एक बड़ा स्पष्टीकरण सामने आया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के पुत्र, यूसुफ पेजेशकियन ने बुधवार को पुष्टि की कि नये सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।</p>
<p>पेजेशकियन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कुछ मित्रों, जिनके उच्च स्तर पर संपर्क हैं, उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया है कि सर्वोच्च नेता स्वस्थ्य एवं सुरक्षित हैं उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। इससे पहले कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि पिछले दिनों ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे। नियुक्ति के 48 घंटों बाद भी उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने के कारण इन अफवाहों को और बल मिला था। हालांकि, राष्ट्रपति के परिवार की ओर से आए इस बयान के बाद अब उनके स्वास्थ्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त होने की उम्मीद है।</p>
<p>मोजतबा खामेनेई को हाल ही में उनके पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। वर्तमान में क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए गए हैं।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 14:30:33 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>नेपाल चुनाव:  दो मार्च से बंद हो जाएगा भारत-नेपाल बॉर्डर, इंपोर्ट और एक्सपोर्ट पर भी रोक</title>
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                        <![CDATA[नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनावों के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा 2 मार्च की आधी रात से बंद कर दी जाएगी। सुरक्षा कारणों से रुपैडिहा चेक पोस्ट सहित सभी बॉर्डर आउटपोस्ट 5 मार्च तक सील रहेंगे। एसएसबी (SSB) ने मतदान को निष्पक्ष और भयमुक्त बनाने के लिए चौकसी बढ़ा दी है, हालांकि एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं को छूट दी जाएगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-nepal-border-will-be-closed-from-march-2-ban-on/article-145003"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/india-nepal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और नेपाल की सीमा 2 मार्च की आधी रात से ही बंद हो जाएगी। यह फैसला नेपाल में 5 मार्च से होने जा रहे चुनावों के मद्देनजर लिया गया है। नेपाल के गृह मंत्रालय ने 26 फरवरी को इस संबंध में एक आधिकारिक मैसेज जारी किया है। बहराइच के रुपैडिहा में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) के इंचार्ज सुधीर शर्मा ने न्यूज एजेंसी को इसकी जानकारी दी। दोनों देशों की सीमा 5 मार्च की आधी रात तक बंद रहेगी।</p>
<p>आधिकारिक लेटर में कहा गया है कि भारत से सटे जिले बांके जिले के पूरे हिस्से में सभी बॉर्डर आउटपोस्ट 2 और 3 मार्च की रात 12 बजे से 5 मार्च तक बंद रहेंगे, जिससे नेपाल में फ्री, फेयर, बिना डरे और भरोसेमंद माहौल में चुनाव हो सके। उन्होंने बताया कि इस दौरान आईसीपी के जरिए सामानों को इंपोर्ट और एक्सपोर्ट भी बंद रहेगा। हालांकि दवाओं और दूसरे जरूरी सामानों को इससे छूट रहेगी। </p>
<p>सशस्त्र सीमा बल की 42वीं बटालियन के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने कहा कि वोटिंग की रात तक बॉर्डर पर रिस्ट्रिक्टेड मूवमेंट लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। गंगा सिंह ने बताया कि बॉर्डर पर पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। पूरी चेकिंग और वेरिफिकेशन के बाद ही बॉर्डर पार करने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाली वोटर नौकरी और बिजनेस के मकसद से भारत में रहते हैं। ऐसे वोटरों के साथ-साथ गंभीर रूप से बीमार मरीजों और जरूरी सामान को सिक्योरिटी फोर्स की निगरानी में बॉर्डर पार करने की इजाजत दी जा सकती है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 11:01:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>आखिर क्यों डोनाल्ड ट्रंप के प्लेन को हवा में उड़ते ही लेना पड़ा यूटर्न? सामने आई हैरान करने वाली वजह</title>
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                        <![CDATA[विश्व आर्थिक मंच (WEF 2026) में हिस्सा लेने जा रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान 'एयर फ़ोर्स वन' में मंगलवार रात अचानक तकनीकी खराबी आ गई। विमान को उड़ान भरने के करीब आधे घंटे बाद वाशिंगटन के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर सुरक्षित वापस उतारना पड़ा।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/why-did-donald-trumps-plane-have-to-take-a-u-turn/article-140334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump-plane.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का विमान एयर फ़ोर्स वन मंगलवार को उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद 'तकनीकी खराबी' आने के कारण संयुक्त बेस एंड्रयूज लौट आया। यह जानकारी व्हाइट हाउस ने दी। राष्ट्रपति ट्रंप विश्व आर्थिक मंच 2026 में शामिल होने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस जा रहे थे। </p>
<p>व्हाइट हाउस त्वरित प्रतिक्रिया टीम ने सोशल मीडिया पर कहा, उड़ान भरने के बाद एएफ1 के क्रू सदस्यों ने विमान में तकनीकी खराबी का पता लगाया। पूरी सावधानी बरतते हुए, एएफ1 संयुक्त बेस एंड्रयूज लौट रहा है। राष्ट्रपति और उनकी टीम दूसरे विमान में सवार होकर स्विट्जरलैंड की यात्रा जारी रखेंगे।</p>
<p>अमेरिकी वायु सेना द्वारा संचालित एयर फ़ोर्स वन लंबे समय से राष्ट्रपति पद का प्रतीक रहा है। बोइंग 1943 से राष्ट्रपति के परिवहन के लिए विशेष रूप से 'कॉन्फ़गिर' किए गए विमानों की आपूर्ति कर रहा है। ट्रंप की यह यात्रा ग्रीनलैंड को हासिल करने के अमेरिकी प्रयास को लेकर यूरोपीय सहयोगियों के साथ बढ़ते तनाव के बीच हो रही है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 12:30:41 +0530</pubDate>
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                <title>हवाई यात्री कृपया ध्यान दें! दिल्ली एयरपोर्ट 6 दिन के लिए बंद, जानें आखिर क्यों एयरलाइन कंपनी ने लिया ऐसा फैसला?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[गणतंत्र दिवस की तैयारियों के चलते 21 जनवरी से आगामी छह दिनों तक दिल्ली एयरपोर्ट पर आंशिक एयरस्पेस बंद रहेगा, जिससे हजारों यात्रियों को देरी और उड़ान रद्द होने की परेशानी झेलनी पड़ सकती है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/air-passengers-please-note-that-delhi-airport-is-closed-for/article-139444"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/delhi-airport.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की तैयारियों के चलते 21 जनवरी से आगामी छह दिनों तक दिल्ली एयरपोर्ट पर आंशिक एयरस्पेस बंद रहेगा, जिससे हजारों यात्रियों को देरी और उड़ान रद्द होने की परेशानी झेलनी पड़ सकती है।</p>
<p>बता दें कि केंद्र सरकार ने इस अवधि में रोजाना करीब ढाई घंटे के लिए NOTAM जारी किया है। एविएशन डेटा के अनुसार, 600 से अधिक उड़ानें प्रभावित होंगी। एयरलाइंस को शेड्यूल बदलना पड़ेगा और यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान या रिफंड दिया जाएगा। कोहरे के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/air-passengers-please-note-that-delhi-airport-is-closed-for/article-139444</link>
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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 14:19:01 +0530</pubDate>
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                <title>मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर दीपम जलाने के एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा</title>
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                        <![CDATA[मद्रास उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की सुरक्षा संबंधी दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने इसे धार्मिक परंपरा और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बताया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/madras-high-court-upholds-single-judges-order-to-burn-deepam/article-138638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/madras.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने मंगलवार को थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर कार्तिगई दीपम जलाने के एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा, जिसके बारे में दावा किया गया था कि वह मदुरै शहर में सिकंदर दरगाह के पास एक दीपथून है।</p>
<p>न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन और केके रामकृष्णन की खंडपीठ ने कानून-व्यवस्था के लिए खतरे और सांप्रदायिक अशांति के बारे में राज्य की दलील को एक काल्पनिक बताते हुए उसकी अपील खारिज करते हुए कहा कि एकल न्यायाधीश का आदेश 'रेस जूडीकेटा' के तहत नहीं आता है क्योंकि इस मुद्दे पर पहले के मुकदमों में फैसला नहीं हुआ था। ये अपीलें न्यायाधीश जीआर स्वामीनाथन के पिछले एक दिसंबर के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थीं। यह आदेश एक हिंदू कार्यकर्ता की याचिका पर दिया गया था। इस याचिका में मंदिर अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे दरगाह के पास पत्थर के खंभे और ऊंचे पिल्लयार मंदिर में पारंपरिक दीप मंडप पर भी दीप जलाएं। यह मंदिर पहाड़ी की तलहटी में मशहूर मुरुगन मंदिर के ठीक ऊपर है। </p>
<p>जब आदेश का पालन नहीं किया गया तो न्यायाधीश ने एक अवमानना याचिका पर कार्रवाई करते हुए याचिकाकर्ता को सीआईएसएफ की निगरानी के साथ दीप जलाने का निर्देश दिया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए इसे भी रोक दिया और भाजपा नेताओं और कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार इस बात से नाराज थी कि यह आदेश एक दशक पहले एक खंडपीठ के फैसले के खिलाफ था।</p>
<p>न्यायाधीशों ने कहा,''आगम शास्त्र पत्थर के खंभे पर दीप जलाने से नहीं रोकता है और मामले में अपील करने वाले, जिनमें राज्य के अधिकारी और हजरत सुल्तान सिकंदर बादुशा अवुलिया दरगाह शामिल हैं, इसके उलट''पक्के सबूत देने में नाकाम रहे हैं'और इस दलील को खारिज कर दिया कि दीप जलाने से शांति व्यवस्था में गड़बड़ी होगी। खंडपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा ''मजेदार बात है और इस पर  यकीन करना मुश्किल है कि समर्थ  राज्य सरकार  को डर है कि देवस्थानम के प्रतिनिधियों को साल में किसी खास दिन पत्थर के खंभे पर दीया जलाने की इजाजत देने से गड़बड़ी होगी। कानून और व्यवस्था का डर राज्य के अधिकारियों की कल्पना है ताकि वे एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ शक के दायरे में ला सकेंज्ऐसा तभी हो सकता है जब ऐसी गड़बड़ी खुद राज्य द्वारा प्रायोजित की गई हो।</p>
<p>खंडपीठ ने कहा''हम प्रार्थना करते हैं कि कोई भी सरकार अपना राजनीतिक एजेंडा पूरा करने के लिए उस स्तर न गिरे'और कहा कि जिला प्रशासन को इसे मध्यस्थों के जरिए समुदायों के बीच पुल बनाने के मौके के तौर पर लेना चाहिए था। खंडपीठ ने पहाड़ी पर पुराने स्मारकों के बचाव के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की तय शर्तों के मुताबिक पत्थर के खंभे पर दीप जलाने के बारे में दिशा निर्देश भी जारी किए। सिर्फ अधिकारियों को ही दीप जलाने की रस्म पूरी करनी चाहिए और लोगों को कम संख्या में इजाजत दी जा सकती है। न्यायाधीशों ने फैसला सुनाया कि व्यवस्था और सुरक्षा पक्की करने के लिए, यह कार्यक्रम सीधे जिला कलेक्टर की देखरेख में होना चाहिए।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 18:59:23 +0530</pubDate>
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