<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/justice-vikram-nath/tag-65810" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Justice Vikram Nath - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/65810/rss</link>
                <description>Justice Vikram Nath RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने किया फांसी की प्रक्रिया बदलने से इनकार, कहा- केंद्र सरकार बना सकती है वैकल्पिक तरीकों पर विशेषज्ञ समिति </title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने मृत्युदंड की फांसी प्रक्रिया को बदलने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार चाहे तो विशेषज्ञ समिति बनाकर फांसी के कम दर्दनाक विकल्पों पर विचार कर सकती है और भविष्य में नए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर समीक्षा का रास्ता खुला रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-refused-to-change-the-process-of-hanging-and/article-163249"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मौत की सजा के निष्पादन के लिए फांसी की प्रक्रिया को हटाने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए उसे खारिज कर दिया है लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस मुद्दे पर पुनर्विचार का रास्ता खुला रहेगा पीठ ने मंगलवार को कहा कि उसका यह फैसला केंद्र सरकार के एक विशेषज्ञ समिति के गठन के रास्ते में आड़े नहीं आएगा। केंद्र सरकार निष्पादन प्रक्रिया का व्यापक मूल्यांकन करने के लिए विशेषज्ञ पैनल बना सकती है और इस बात पर विचार कर सकती है कि क्या कोई वैकल्पिक तरीका मानवीय गरिमा की संवैधानिक आवश्यकता को बनाए रखते हुए दर्द और पीड़ा को कम कर सकता है।</p>
<p>न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 354(5) को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर अपना फैसला सुनाया। यह धारा फांसी की प्रक्रिया से मृत्युदंड को निष्पादित करने का प्रावधान करती है। वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा की इस याचिका में फांसी के स्थान पर जहरीले इंजेक्शन, गोली मारने, बिजली के झटके देने या गैस चैंबर जैसे तरीकों को अपनाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि फांसी की प्रक्रिया से अत्यधिक दर्द और लंबे समय तक पीड़ा होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-refused-to-change-the-process-of-hanging-and/article-163249</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-refused-to-change-the-process-of-hanging-and/article-163249</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 16:10:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/supreme-court1.jpg"                         length="212578"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर क्यों सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम कुत्तों से खुद सर्टिफिकेट लेकर चलने के लिए क्यों नहीं कह सकते? जानें</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को आवारा कुत्तों के आतंक और उनके नसबंदी से जुड़े मामले पर तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने आवारा कुत्तों के हमलों और नगर निगमों की विफलताओं पर गहरी चिंता व्यक्त की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/after-all-why-did-the-supreme-court-say-that-we/article-140266"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(12).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को आवारा कुत्तों के आतंक और उनके नसबंदी से जुड़े मामले पर तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने आवारा कुत्तों के हमलों और नगर निगमों की विफलताओं पर गहरी चिंता व्यक्त की।</p>
<p>सी बीच एक वकील ने टिप्पणी देते हुए कहा कि उनके इलाके में कुत्तों का आतंक हमेशा रहता है कभी कुत्ते किसी बच्चे को काटते हैं तो कभी किसी बुजुर्ग को और इतना ही नहीं कुत्ते रात भर शोर करते हैं जिसके कारण उनकी नींद और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इसके आगे उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय न्याय संहिता के तहत अधिकारियों को 'पब्लिक न्यूसेंस' पैदा करने वाले जानवरों को हटाने का अधिकार है।</p>
<p>जब वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुझाव दिया कि एक ऐसा ऑनलाइन सिस्टम होना चाहिए जहां लोग उन कुत्तों की रिपोर्ट कर सकें जो नसबंदीशुदा नहीं लगते, तो जस्टिस संदीप मेहता ने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा— "तो क्या हम अब कुत्तों से यह उम्मीद करें कि वे अपना नसबंदी सर्टिफिकेट साथ लेकर चलें?"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/after-all-why-did-the-supreme-court-say-that-we/article-140266</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/after-all-why-did-the-supreme-court-say-that-we/article-140266</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 16:59:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%281200-x-600-px%29-%2812%29.png"                         length="665437"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्ट्रीट डॉग पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सुबह-सुबह कौन सा कुत्ता किस मूड में है, यह आप नहीं जान सकते हैं....</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मुद्दे पर कहा कि किसी को नहीं पता कब कौन सा कुत्ता काट ले। अदालत ने पहले ही स्कूलों और अस्पतालों से कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hearing-on-street-dog-supreme-court-said-that-dogs-cannot/article-138691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/sc-on-st-d.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों पर सुनवाई की कार्रवाई जारी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बोला कि कुत्तों के दिमाग के कोई भी नहीं पढ़ सकता है कि वो कब किसको काटेगा और किसको नहीं। बता दें​ कि इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया कर रहे हैं।  </p>
<p>इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर को स्कूलों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थागत परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने और उनकी नसबंदी करने तथा इसके साथ ही उनके रहने के लिए उचित व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। इसके आगे आवारा कुत्तों पर सुनवाई के ​दौरान लास्ट टिप्पणी में सु्प्रीम कोर्ट ने कहा, 'इतनी याचिकाएं तो इंसानों के लिए भी नहीं आतीं है जितनी आवारा कुत्तों पर आई है।'</p>
<p>आवारा कुत्तों पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "कल को कोई भैंस ला सकता है और कह सकता है कि मैं पशु प्रेमी हूं।" इसके आगे जस्टिस नाथ ने आवारा कुत्तों के मामले पर सुनवाई के दौरान कहा, "सुबह-सुबह कौन सा कुत्ता किस मूड में है, यह आप नहीं जान सकते हैं।"</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/hearing-on-street-dog-supreme-court-said-that-dogs-cannot/article-138691</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/hearing-on-street-dog-supreme-court-said-that-dogs-cannot/article-138691</guid>
                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 12:33:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/sc-on-st-d.png"                         length="1001165"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        