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                <title>Security Strategy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Security Strategy RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरान में मिशन अभी पूरा नहीं हुआ : मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया ने कहा-मिशन तभी समाप्त होगा जब ईरान में राजनीतिक शासन बदल जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने स्पष्ट किया है कि ईरान में उनका अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक वहां का कट्टरपंथी शासन नहीं बदल जाता। अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बीच, इजरायल ने तेहरान के खिलाफ अपनी गहन सैन्य और खुफिया योजनाएं जारी रखने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-mission-in-iran-has-not-been-completed-yet-mossad/article-150463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/david-barnea.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। इजरायली खुफिया सेवा (मोसाद) के निदेशक डेविड बार्निया ने कहा कि ईरान में एजेंसी का मिशन तभी समाप्त होगा जब ईरान में राजनीतिक शासन बदल जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को बार्निया के हवाले से कहा, "हमारा मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है। हमने यह नहीं सोचा था कि लड़ाई खत्म होते ही यह मिशन तुरंत पूरा हो जाएगा। हमने तेहरान में हुए हमलों के बाद भी अपने अभियान को जारी रखने और परिणाम हासिल करने के लिए गहन योजना बनाई थी। यह मिशन तभी पूरा होगा जब इस कट्टरपंथी शासन को हटा दिया जाएगा।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 11 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते की घोषणा करने के बाद, ईरान और अमेरिका ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में वार्ता शुरू की। 12 अप्रैल को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने घोषणा की कि ईरान और अमेरिका वार्ता के दौरान किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बिना किसी समझौते के वापस लौट गया।</p>
<p>इसके बाद 12 अप्रैल को ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने या बाहर निकलने का प्रयास करने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी शुरू करेगा। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को उन सभी जहाजों पर नज़र रखने और उन्हें रोकने का भी निर्देश दिया जिन्होंने जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को भुगतान किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 14:02:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कम पड़ गए 800 अरब! ईरान युद्ध में लागत बढ़ने से पेंटागन ने की 200 अरब डॉलर की मांग, अमेरिकी संसद में छिड़ा सियासी घमासान </title>
                                    <description><![CDATA[पेंटागन ने व्हाइट हाउस से ईरान युद्ध के समर्थन के लिए $200 अरब की अतिरिक्त धनराशि मांगी है। इस भारी बजट का उद्देश्य पिछले तीन हफ्तों में खर्च हुए हथियारों के भंडार को फिर से भरना है। हालांकि, अमेरिका में बढ़ते सैन्य खर्च और राजनीतिक विरोध के बीच इस प्रस्ताव पर बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/800-billion-fell-short-due-to-increase-in-cost-of/article-147123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pentagan.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने व्हाइट हाउस से ईरान युद्ध का समर्थन करने के लिए 200 अरब डॉलर से अधिक धनराशि के अनुरोध को मंजूरी देने के लिए कहा है। यह जानकारी स्पूतनिक ने वाङ्क्षशगटन पोस्ट के हवाले से गुरुवार को दी। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, यह अनुरोध मौजूदा खर्च से कहीं अधिक होगा और एक ऐसी राशि है जिसका कांग्रेस में कड़ा विरोध हो सकता है।इसका उद्देश्य उन हथियारों के भंडार को फिर से भरना है जो पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी और इजरायली सेनाओं द्वारा किए गए हजारों हमलों के कारण तेजी से कम हो गए हैं।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध की लागत पहले सप्ताह में ही 11 अरब डॉलर से अधिक हो गई थी और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सीमित जनसमर्थन के बीच अतिरिक्त धन की उपलब्धता एक बड़े राजनीतिक संघर्ष को जन्म दे सकती है। यह प्रस्ताव विदेशों में सैन्य खर्च पर अंकुश लगाने के पहले किए गए वादों के बावजूद आया है जिससे वॉशिंगटन के बढ़ते अभियान के स्तर एवं स्थिरता पर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:18:30 +0530</pubDate>
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                <title>न मानी बात तो मादुरो से भी बुरा होगा अंजाम! नरम पड़ा मेक्सिको, अमेरिका की हर शर्त मानने को तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने हेतु अमेरिकी सैनिकों को भेजने के डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने विदेशी हस्तक्षेप के बजाय द्विपक्षीय सहयोग और आपसी सम्मान पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/if-you-dont-agree-the-consequences-will-be-worse-than/article-138725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/mexico-president-claudia-sheinbaum.png" alt=""></a><br /><p>मेक्सिको सिटी। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा है कि मेक्सिको के अपने सिद्धांत हैं, जिन पर वह चलता है लेकिन वह हमेशा अमेरिका के साथ अपने मसले सुलझाने के लिए बातचीत का पक्षधर है। राष्ट्रपति शिनबाम की यह प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस हालिया सुझाव के बाद आयी है, जिसमें उन्होंने नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने में मदद के लिए अमेरिकी सैनिकों को भेजने की बात कही थी। उन्होंने देश में किसी भी तरह के विदेशी हस्तक्षेप को मंगलवार को सिरे से खारिज कर दिया।</p>
<p>अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शिनबाम ने मादक पदार्थों की तस्करी से प्रभावी ढंग से लडऩे के लिए साझा जिम्मेदारी और राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रति अटूट सम्मान के ढांचे के भीतर बातचीत और द्विपक्षीय सहयोग की वकालत की। मेक्सिको प्रमुख के अनुसार, वह वाशिंगटन के साथ आपसी बातचीत के रास्ते बंद किये बिना एक दृढ़ और सैद्धांतिक रुख बनाये हुए है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी अन्य चीज से ऊपर बातचीत को प्राथमिकता देती हैं और हमेशा अमेरिकी सरकार के साथ (एजेंसी) की पक्षधर हैं।</p>
<p>उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक साथ काम करने का उचित तरीका यही है कि राजनयिक माध्यमों को मजबूत किया जाये और आपसी सम्मान तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित समझौतों के साथ आगे बढ़ा जाये। मेक्सिको संगठित अपराध से निपटने में अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाता है लेकिन इसके साथ ही अमेरिका को भी अपने क्षेत्र में हथियारों की तस्करी, नशीली दवाओं के वितरण और धन शोधन को रोकने के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 14:29:04 +0530</pubDate>
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