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                <title>Rehabilitation Policy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Rehabilitation Policy RSS Feed</description>
                
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                <title>छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला बरकरार : महिला नक्सली ने डाले हथियार, पुलिस के समक्ष किया सरेंडर; 8 लाख का ईनाम था घोषित </title>
                                    <description><![CDATA[महिला नक्सली मासे बारसा ने किया एके-47 के साथ आत्मसमर्पण। 8 लाख का था इनाम। पुनर्वास नीति और समाज के सहयोग से लगातार हो रहे ये आत्मसमर्पण। मुख्यधारा की ओर लौट रहे नक्सली कैडर ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-process-of-surrender-of-naxalites-continues-in-kanker-chhattisgarh/article-144649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/chattisgarh1.png" alt=""></a><br /><p>कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो पुरुष नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद अब एक महिला नक्सली ने बुधवार की देर रात हथियार डाल दिए हैं। जिले में लगातार जारी आत्मसमर्पण की इस कड़ी में देर रात डीवीसीएम रैंक की महिला नक्सली मासे बारसा ने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। मासे बारसा के सिर पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।</p>
<p>पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार,मासे बारसा छिंदपदर गांव के जंगलों से निकलकर आत्मसमर्पण करने पहुंची। महिला नक्सली एक एके-47 राइफल भी बरामद की गई है। गौरतलब है कि, ठीक एक दिन पहले ही उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी का डीवीसीएम मल्लेश और पार्टी सदस्य रानू पोडियाम भी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि मासे का आत्मसमर्पण डीवीसीएम मल्लेश और रानू पोडियाम द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर संभव हो सका। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में समाज के वरिष्ठजनों और मीडिया के साथियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इलाके में सक्रिय अन्य नक्सली कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयास लगातार जारी हैं। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिगम ने तीनों नक्सलियों के हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने के फैसले का स्वागत किया है।</p>
<p>उन्होंने बस्तर रेंज में सक्रिय अन्य नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीने की अपील दोहराई। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि जो कैडर आत्मसमर्पण करेंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के तहत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। डीवीसीएम मल्लेश, रानू पोडियाम और मासे के सामाजिक पुन: एकीकरण तथा हथियारों की औपचारिक सुपुर्दगी की प्रक्रिया आगामी दिनों में पूरी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 15:45:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डीवीसीएम माओवादी मल्लेश का बीएसएफ कैंप में आत्मसमर्पण : नक्सलवाद छोड़ मुख्यधारा में शामिल, बीएसएफ अधिकारियों ने बताया- सरकार की पुनर्वास योजना का मिलेगा लाभ </title>
                                    <description><![CDATA[माओवादी नेता ने हिंसा का रास्ता त्यागा। सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रेरणा से यह बदलाव क्षेत्र में शांति और विकास के लिए बड़ी उपलब्धि। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मल्लेश को आर्थिक सहायता और रोजगार देकर मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dvcm-maoist-mallesh-surrenders-in-bsf-camp-will-be-given/article-144561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/chattisgarh.png" alt=""></a><br /><p>कांकेर। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्र कांकेर में मंगलवार देर रात माओवादी संगठन के डिविजनल कमेटी मेंबर (डीवीसीएम) मल्लेश ने हथियार के साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार मल्लेश छोटेबेठिया स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचा, जहां उसने औपचारिक रूप से हिंसा का रास्ता छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा जताई। इस आत्मसमर्पण में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ अन्य लोगों की अहम भूमिका बतायी जा रही है। इन लोगों ने मल्लेश को प्रेरित किया और उसे बीएसएफ कैंप तक लेकर आए।</p>
<p>आत्मसमर्पण की पूरी प्रक्रिया बीएसएफ की सेक्टर जी ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों और 94वीं वाहिनी के कमांडेंट राघवेंद्र सिंह की मौजूदगी में संपन्न हुई। अधिकारियों ने बताया कि मल्लेश संगठन के भीतर एक सक्रिय सदस्य था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था। उसके आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। </p>
<p>बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले मल्लेश को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उसे सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा, जिसमें आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर शामिल हैं।</p>
<p>स्थानीय ग्रामीणों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि माओवादी संगठन से जुड़े लोगों का आत्मसमर्पण करना क्षेत्र में शांति और विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे इलाके में विकास कार्यों को गति मिलने और आम लोगों को सुरक्षा का एहसास होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 18:35:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को​ मिली बड़ी सफलता, 22 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण </title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति और 'पूना मारगेम' अभियान से प्रभावित होकर 22 नक्सलियों ने मंगलवार को सुकमा में आत्मसमर्पण किया। इनमें मिलिशिया कमांडर और महिला कैडर भी शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/naxal-eradication-campaign-got-big-success-in-chhattisgarh-22-naxalites/article-143556"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/sukma.png" alt=""></a><br /><p>सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस के बढ़ते प्रभाव और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी संगठन के कुल 22 सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में आयोजित एक समारोह में आत्मसमर्पण कर दिया।</p>
<p>पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में एक महिला सहित जीआरडी मिलिशिया कमांडर, आरपीसी मिलिशिया सदस्य, जंगल कमेटी अध्यक्ष और केएएमएस सदस्या सहित संगठन के विभिन्न पदों पर कार्यरत कैडर शामिल हैं। ये सभी सुकमा जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के निवासी हैं। सुकमा पुलिस द्वारा संचालित पूना मारगेम अभियान के तहत इन नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में जोडऩे का प्रयास किया गया। यह अभियान छत्तीसगढ़ शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीडि़त राहत पुनर्वास नीति-2025 के तहत चलाया जा रहा है। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि जिले में लगातार सफल सुरक्षा अभियानों, नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना और सड़क संपर्क के विस्तार से माओवादियों का मनोबल टूटा है। विकास कार्यों की सुदूर क्षेत्रों तक पहुंच और पुलिस के बढ़ते प्रभाव ने उनके संगठन को कमजोर किया है, जिससे प्रभावित होकर यह निर्णय लिया गया।</p>
<p>आत्मसमर्पण समारोह में पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण (आईपीएस), डीआईजी सीआरपीएफ रेंज जगदलपुर एस अरूल कुमार, कमांडेंट 227 वाहिनी सीआरपीएफ गोपाल कुमार गुप्ता, रोहित शाह (आईपीएस), नवीन कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा अमरजीत कुमार गुप्ता, उप कमांडेन्ट सूचना शाखा रेंज फिल्ड टीम जगदलपुर गणवीर रवि बसंताराव, उप कमांडेंट 74 वाहिनी सीआरपीएफ मनीष रात्रे, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा रविकांत सहारे, सहायक कमाण्डेन्ट 223 वाहिनी सीआरपीएफ सुखविंदर सिंह एवं सहायक कमाण्डेन्ट 02 वाहिनी सीआरपीएफ अजीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p>आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में गोंचे हुंगा ग्राम एलमपल्ली जीआरडी मिलिशिया कमांडर, निवासी एलम्मपल्ली (बेडमा) थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा , मड़कम बण्डी , पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी भीमापुरम थाना चिंतलनार जिला सुकमा, माड़वी हांदा, पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी भिम्मापुरम थाना चिंतलनार जिला सुकमा, मड़कम नन्दा, पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी भीमापुरम थाना चिंतलनार जिला सुकमा,  मड़कम रामा, पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी भीमापुरम थाना चिंतलनार जिला सुकमा,  मड़कम सोमड़ा, पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी भीमापुरम थाना चिंतलनार जिला सुकमा,  मिडियाम आयता , बेड़मा आरपीसी जंगल कमेटी अध्यक्ष, निवासी वेडमा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा ,  मड़कम चैतु , बेड़मा आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी वेडमा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा , माड़वी हुंगा , पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी पेद्दाबोडकेल करकापारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा , लक्ष्मी मुचाकी - रेवाली/पोदेम पंचायत केएएमएस सदस्या, निवासी पोरदेम गोटगुड़ेम थाना गादीरास जिला सुकमा , गोंचे उर्फ मड़कम हुंगा , पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी तिम्मापुरम पटेलपारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा , माड़वी दूला , पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी पेद्दाबोडकेल थाना चिंतलनार जिला सुकमा , कुंजाम केसा , बैयमपल्ली आरपीसी कृषि कमेटी अध्यक्ष, निवासी उरसांगल इत्तापारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा , वेको विज्जा , गोण्डेरास पंचायत मिलिशिया सदस्य, निवासी नेण्डीपारा गोण्डेरास थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा , वेको हड़मा , गोण्डेरास पंचायत मिलिशिया सदस्य, निवासी नेण्डीपारा गोण्डेरास थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा, मुचाकी सुक्का , गोगुण्डा पंचायत जनताना सरकार उपाध्यक्ष, निवासी गोगुण्डा उसकोनपारा थाना केरलापाल जिला सुकमा , माड़वी जोगा , पेद्दाबोडकेल आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य, निवासी करकनगुड़ा सरपंचपारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा , मड़कम पाण्डू , पेद्दाबोडकेल आरपीसी डीएकेएमएस उपाध्यक्ष, निवासी करकनगुड़ा थाना चिंतलनार जिला सुकमा , नुप्पो देवा , आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी कुमोड़तोंग पेरमापारा थाना पामेड़ जिला सुकमा,  भोगाम दसरू उर्फ सोना , बैयमपल्ली आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी उरसांगल बक्कापारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा , सलवम लखमा , जोनागुड़ा आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी जोन्नागुड़ा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा, जगत उर्फ मुचाकी बेड़मा आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य, निवासी दुरमा नयापारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा शामिल है।</p>
<p>आत्मसमर्पित सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा उन्हें सरकार द्वारा संचालित अन्य पुनर्वास योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास में डीआरजी सुकमा, जिला बल सुकमा, रेंज फील्ड टीम (आरएफटी) जगदलपुर और सीआरपीएफ की 02, 74, 111, 223, 227 वाहिनी एवं कोबरा 201 वाहिनी की आसूचना शाखा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 17:42:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ओडिशा पुलिस को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी: माओवादी कमांडर सुखराम मरकाम ने किया आत्मसमर्पण, 25 लाख का ईनाम था घोषित</title>
                                    <description><![CDATA[मलकानगिरि में सीपीआई (माओवादी) कमांडर सुखराम मरकाम ने हथियार-विस्फोटकों सहित आत्मसमर्पण किया। पुलिस ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/chhattisgarh-police-got-a-big-success-against-naxalism-maoist-commander/article-141913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/naxali.jpg" alt=""></a><br /><p>मलकानगिरि। मलकानगिरि पुलिस को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। सीपीआई (माओवादी) के क्षेत्रीय समिति सदस्य एवं कांगेरघाटी क्षेत्र के कमांडर सुखराम मरकाम ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। उसने एक एसएलआर राइफल, 12 राउंड गोला-बारूद, दो आईईडी डिवाइस, विस्फोटक वायर, माओवादी वर्दी और प्रचार साहित्य सहित कुल 15 प्रकार की सामग्री पुलिस को सौंपी है। यह एकल आत्मसमर्पण में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक मानी जा रही है।</p>
<p>सुखराम मरकाम का संगठन से सफर 15 साल पुराना है। वह जून 2010 में बालसभा गठन के सदस्य के रूप में शामिल हुआ और धीरे-धीरे कांगेरघाटी क्षेत्र का कमांडर बना। उसे अगस्त 2014 में 15 दिन का बुनियादी प्रशिक्षण और जून 2019 से जनवरी 2020 तक माओवादी विचारधारा, मानचित्र पठन आदि का उन्नत प्रशिक्षण मिला। बाद में उसे दुर्भा डिवीजन की मोबाइल अकादमिक स्कूल टीम में ग्रामीणों को भर्ती करने का जिम्मा दिया गया।</p>
<p>पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुखराम पिछले एक दशक में कम से कम 12 गंभीर घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। इनमें 11 अप्रैल 2015 को माथिली थानांतर्गत बारा गांव के ग्रामीणों पर हमला, 23 नवंबर 2015 को बेंगपाल मोड़ पर पुलिस के साथ मुठभेड़, 4 मार्च 2016 को कुमाकोलेंग क्षेत्र में सशस्त्र डकैती, 4 नवंबर 2016 को सौतानार गांव में एक नागरिक की हत्या और सितंबर 2017 में दलदली गांव के पास आईईडी विस्फोट शामिल हैं। इसके अलावा 5 जुलाई 2018 को दामनकोंटा गांव के पास नागरिक हत्या, नवंबर 2018 में दंतेवाड़ा में पुलिस मुठभेड़, 2 अक्टूबर 2019 को दंदीपदार जंगल में पुलिस गश्ती दल पर विस्फोट, 14 सितंबर 2021 को नयापारा क्षेत्र में अपहरण व हत्या, 17 जनवरी 2022 को दलदली क्षेत्र में नागरिक हत्या और मार्च 2023 में सुकमा जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ की घटनाओं में भी उसकी संलिप्तता बताई गई है।</p>
<p>इस आत्मसमर्पण के पीछे ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और पुलिस प्रशासन की लगातार अपील, सुरक्षा बलों का बढ़ा दबाव, संगठन की विचारधारा से मोहभंग, स्थानीय समर्थन में कमी और राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति को प्रमुख कारण माना जा रहा है। ओडिशा सरकार की नीति के तहत सुखराम मारकम को कुल 21 लाख रुपये की इनामी राशि मिलेगी। उसे पहले ही 25,000 रुपये की तात्कालिक राहत राशि दी जा चुकी है। भविष्य में अंत्योदय गृह योजना के तहत आवास, 25,000 रुपये का विवाह प्रोत्साहन, नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण के साथ 36 माह तक 10,000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य बीमा और सब्सिडी वाला राशन जैसे लाभ भी मिलेंगे।</p>
<p>ओडिशा पुलिस के महानिदेशक ने इस अवसर पर अन्य भूमिगत माओवादियों से भी शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी कार्यकर्ताओं को पूर्ण सुरक्षा और पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा। इस आत्मसमर्पण को मलकानगिरि जिले को नक्सल-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 14:46:49 +0530</pubDate>
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                <title>छत्तीसगढ़ में 26 हार्डकोर माओवादियों का आत्मसमर्पण, 7 महिला नक्सली शामिल, 64 लाख का था इनाम</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के सुकमा में 26 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर किया। इनमें 10 लाख का इनामी डिप्टी कमांडर मुचाकी आयते भी शामिल है। पुलिस ने इसे बड़ी सफलता बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/26-hardcore-maoists-surrender-in-chhattisgarh-7-women-naxalites-included/article-138747"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/sukma.png" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है यहां 65 लाख रूपए के इनामी 26 माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस बात की पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने खुद की है। </p>
<p>पुलिस अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में नक्सलियों के सीआरसी कंपनी नंबर में प्लाटून नंबर दो का डिप्टी कमांडर लाली उर्फ मुचाकी आयते भी शामिल है जिस पर 10 लाख रूपए का इनाम है। </p>
<p>छत्तीसगढ़ में माओवादी संगठन ताश की पत्तों की तरह बिखरने लगा है बुधवार को फिर सुकमा जिले में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें सात महिला नक्सली शामिल हैं। इन नक्सलियों पर 64 लाख रुपयों का ईनाम घोषित था। छत्तीसगढ़ के साथ ही आसपास के अन्य राज्यों में भी सक्रिय नक्सलियों ने तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी) विस्फोट के जरिए, गोलीबारी करके और घात लगाकर हमलों को अंजाम देकर सुरक्षा बलों के 56 जवानों की जानें ली हैं।</p>
<p>सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक अर्ध सैनिक बल के बहुत से बटालियन (केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल 02, 159, 212, 217, 226 और कोबरा 201) की आसूचना शाखा के जरिए नक्सलियों को आत्म समर्पण के मनाया जा रहा था, सीआरपीएफ , डीआरजी और अन्य बलों की मेहनत के कारण आज आखिरकार राज्य पुलिस को इस काम में सफलता हाथ लगी है।</p>
<p>लाली उर्फ मुचाकी आयते, मुरिया आदिवासी डिप्टी कमांडर रैंक की नक्सली है, इस  पर दस लाख रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। वर्ष 2005 से अब तक यानी कि बीस वर्षों में यह नक्सली आठ छोटे बड़े नक्सल घटनाओं में शामिल थी। यह नक्सली एके 47 लेकर चला करती थी, ग्राम सोनाबेड़ा से कोरापुट मार्ग में साल 2017 में सुरक्षा बल के एक वाहन को आईईडी लगाकर उड़ा दिया गया था, इस ब्लास्ट में 14 जवानों की शहादत हुई थी।</p>
<p>लाली की तरह दूसरे इनामी नक्सली हेमला (जगर गुंडा जिला सुकमा के बारे में पुलिस ने बताया कि इस नक्सली पर आठ लाख रुपयों का ईनाम घोषित था। वर्ष 2011 से अब तक यह नक्सली पांच छोटी-बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है। वर्ष 2020 - मिनपा में हुए मुठभेड़ में पुलिस के 17 जवानों की शहादत हुई थी, यह नक्सली इस मुठभेड़ के दौरान वहां मौजूद था।</p>
<p>महिला नक्सली आसमीता उर्फ कमलू पर आठ लाख का ईनाम घोषित था। वह पीएलजीए कम्पनी नंबर 7 की सदस्य थी। मुचाकी संदीप उर्फ हिड़मा के ऊपर पांच लाख का ईनाम घोषित था, मुचाकी के बारे में पुलिस ने बताया कि यह नक्सली केंद्रीय समिति के सदस्य जंपन्ना (कंधमाल कालाहांडी बोध नयागढ़ डिविजन) की सुरक्षा टीम में रहा है। टेकलगुड़ा और जगरगुंडा इन दो घटनाओं में साथी नक्सलियों के साथ शामिल रहकर इस नक्सली ने कुल 25 जवानों की जान ली थी। वर्ष 2021 में टेकलगुड़ में घात लगाकर नक्सलियों ने जवानों पर फायङ्क्षरग की थी इस गोलीबारी में 22 जवानों की शहादत हुई थी, इसी तरह साल 2023 में थाना जगरगुंडा इलाके में नक्सलियों ने घात लगाकर गोलीबारी की थी इस गोलीबारी में तीन जवानों की शहादत हुई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 15:46:29 +0530</pubDate>
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