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                <title>Labour Welfare - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>केरल भाजपा ने की श्रमिक कल्याण कोष से 2,899 करोड़ रुपये के डायवर्जन के जांच की मांग, औद्योगिक विकास के दावों पर उठाए सवाल</title>
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                        <![CDATA[केरल भाजपा ने श्रमिक कल्याण निधि से ₹2,899 करोड़ के कथित डायवर्जन की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्रदेश महासचिव एस. सुरेश ने राज्य सरकार पर पेंशन रोकने और केंद्रीय स्वास्थ्य बजट का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुथलापोझी बंदरगाह पर मौतों और औद्योगिक विकास के झूठे दावों को लेकर मुख्यमंत्री से जवाब मांगा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kerala-bjp-demands-investigation-into-diversion-of-rs-2899-crore/article-149411"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kerala-bjp.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई ने श्रमिक कल्याण निधियों से कथित तौर पर 2,899.35 करोड़ रुपये के व्यपवर्तन (डायवर्जन) की जांच की मांग की है। भाजपा के प्रदेश महासचिव एस सुरेश ने राज्य श्रम मंत्रालय से इस मुद्दे पर जवाब मांगा और पूछा कि श्रमिकों के कल्याण, विशेषकर पेंशन के लिए निर्धारित इतनी बड़ी राशि को किस प्रकार अन्यत्र खर्च किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पेंशन भुगतान लंबित रखकर श्रमिकों के साथ अन्याय कर रही है और इसके लिए मुख्यमंत्री तथा श्रम मंत्री को जिम्मेदार ठहराया।</p>
<p>भाजपा ने अपने दावों के समर्थन में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों में स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 10,605.72 करोड़ रुपये और रखरखाव के लिए 2,048.95 करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन इसके ठोस परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए पूछा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के कितने पात्र लोगों को इसका लाभ मिला और क्या इसके लिए पर्याप्त जागरूकता अभियान चलाये गये।</p>
<p>उन्होंने मत्स्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न मछली बंदरगाहों के लिए केन्द्र द्वारा 1,195 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गयी, जिसमें मुथलापोझी बंदरगाह के लिए 177 करोड़ रुपये शामिल हैं, फिर भी वहां दुर्घटनाएं और मौतें जारी हैं। वहीं, तिरुवनंतपुरम के मेयर वी वी राजेश ने राज्य के औद्योगिक विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2016 से 2025 के बीच केवल दो परियोजनाएं ही 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के साथ साकार हो सकीं। उन्होंने यह भी कहा कि 4.5 लाख औद्योगिक इकाइयों के दावे के विपरीत आंकड़े काफी कम हैं और कई परियोजनाएं बंद हो चुकी हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:49:40 +0530</pubDate>
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                <title>विकसित भारत जी राम जी के नए कानून से मिलेगा गरीब-किसानों को सीधा लाभ, कांग्रेस का प्रचार भ्रामक : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा</title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार के नए 'विकसित भारत - जी राम जी' (VB-G RAM G) कानून की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कानून मनरेगा को अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाएगा, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/developed-india-poor-farmers-will-get-direct-benefit-from-ram/article-138772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/cs.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सीएमओ में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 ग्रामीण रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी कानून से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थाई और गुणवत्तापूर्ण संपत्तियों का निर्माण हो सकेगा। यह कानून ग्रामीण रोजगार नीति को विकसित भारत के रोडमैप से जोड़ेगा और राजस्थान को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार के कमजोर प्रशासन और भ्रष्टाचार के कारण यह अपने लक्ष्य को पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं कर सका। इसमें जनता के पैसे का सही उपयोग नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलत मंशा के चलते मनरेगा के तहत किए गए अधिकांश कार्य गांवों की समग्र विकास योजनाओं से नहीं जुड़ पाए। इनमें अस्थायी सड़कों, अधूरी जल संरचनाओं और बिना योजना के मिट्टी के कार्य करवाए जाते थे जिनकी कोई दीर्घकालिक उपयोगिता नहीं थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मनरेगा में फर्जी और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी और मजदूरी भुगतान में अनियमितताओं की जांच पड़ताल के लिए कोई सुदृढ़ व्यवस्था नहीं होने के कारण सोशल ऑडिट केवल औपचारिकता बनकर रह गई। प्रशासनिक व्यय की सीमा मात्र 6 प्रतिशत होने से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं हो पाता था। वहीं, बेरोजगारी भत्ता तथा देरी से भुगतान पर मुआवजे जैसे प्रावधान कागजों तक सीमित रह गए थे।</p>
<p> शर्मा ने कहा कि नए वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 में इन सभी कमियों को दूर किया गया है। अब सालाना रोजगार की कानूनी गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर एक-दूसरे के पूरक हैं। कई छोटे किसान खेती भी करते हैं और मजदूरी भी करते हैं। खेती के दिनों में श्रमिकों को अतिरिक्त लाभ मिल सके, इसके लिए राज्य सरकारों को इस कानून में 60 दिनों का कार्य विराम घोषित करने का अधिकार दिया गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि योजना के तहत जल संसाधन, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका अवसंरचना और आपदा प्रबंधन से जुड़े ठोस व टिकाऊ कार्य कराए जाएंगे। जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, मोबाइल ऐप और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। हर छह माह में डिजिटल तथ्यों के साथ सोशल ऑडिट अनिवार्य होगी। इसके साथ ही, निश्चित समय-सीमा वाली डिजिटल बहुस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली और जिला लोकपाल की व्यवस्था भी की गई है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिनियम के तहत मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह करना अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक देरी होने पर स्वतः मुआवजा मिलेगा। प्रशासनिक व्यय की सीमा को बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि पर्याप्त स्टाफ, तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>उन्होंने कहा कि टिकाऊ और जवाबदेह वित्तीय मॉडल पर आधारित वीबी-जी राम जी अधिनियम में हर वर्ष के लिए एक स्पष्ट और तय बजट निर्धारित किया जाएगा। मांग के अनुसार काम उपलब्ध कराने की व्यवस्था पहले की तरह बनी रहेगी। इसमें राज्यों को कुल 17 हजार करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त आवंटन होने की उम्मीद है।</p>
<p>शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस ऐतिहासिक सुधार को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है जबकि यह सहकारी संघवाद का मॉडल है, जिसमें राज्यों की 40 प्रतिशत भागीदारी से जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से काम कम होने का भ्रम फैलाया जा रहा है जबकि सच्चाई यह है कि नए कानून से अब सुनियोजित ढंग से गांवों की वास्तविक जरूरत के हिसाब से कार्य करवाए जाएंगे। पीएम गतिशक्ति से जुड़कर गांवों में पानी, स्थायी सड़कें और आवश्यक बुनियादी ढांचे के कार्य भी होंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भ्रामक और दुष्प्रचारपूर्ण आरोपों को बेनकाब करना आपकी और हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा जनहित में लाए गए वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 की खूबियों को जनता तक पहुंचाना होगा।</p>]]>
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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 17:04:05 +0530</pubDate>
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