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                <title>असर खबर का: नयापुरा में खत्म किया वनवे, फिर से सामान्य हुआ ट्रैफिक</title>
                                    <description><![CDATA[इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने  6 मई को पेज दो पर प्रमुखता से समाचार  प्रकाशित किया था।  वन वे के लिए काटने पड़ रहे चक्कर शीर्षक से प्रकाशित समाचार में लोगों की पीड़ा और समस्या को उठाया था।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/one-way-ended-in-nayapura--traffic-normalized-gain/article-10326"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/mds4.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।  नगर विकास न्यास द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नयापुरा में करवाए जा रहे चौराहे के सौन्दर्यीकरण के साथ ही चौराहे पर किए जा रहे वन वे ट्रैफिक ट्रायल को सोमवार को खत्म कर दिया है। अब वहां फिर से सामान्य ट्रैफिक चल सकेगा। नगर विकास न्यास द्वारा नयापुरा में ट्रैफिक को वन वे चलाने के लिए ट्रायल किया जा रहा था। इसके लिए विवेकानंद सर्किल व महर्षि नवल सर्किल पर डिवाइडर बनाए गए थे। जिससे बूंदी रोड से आने वाले वाहन जेडीबी की तरफ सीधे नहीं जा पा रहे थे। वहीं स्टेशन से आने वाले वाहन विवेकानंद चौराहे पर सीधे नहीं जा पा रहे थे। लोग व वाहन चालकों को इस व्यवस्था से काफी परेशानी हो रही थी। सोमवार को दोनों चौराहों से डिवाइडर हटा दिए। जिससे ट्रैफिक फिर से सामान्य हो गया। दिनभर वाहन दोनों चौराहों से बिना किसी बाधा के पहुले की तरह निकले। नयापुरा चौराहा व्यापार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश आहूजा ने बताया कि वन वे से स्थानीय व्यापारियों के साथ ही आमजन को परेशानी हो रही थी। अब उस व्यवस्था को समाप्त करने से लोगों ने राहत महसूस की है। <br /><br /><strong>दैनिक नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने  6 मई को पेज दो पर प्रमुखता से समाचार  प्रकाशित किया था।  वन वे के लिए काटने पड़ रहे चक्कर शीर्षक से प्रकाशित समाचार में लोगों की पीड़ा और समस्या को उठाया था। उसके बाद नयापुरा चौराहा व्यापार संघ ने भी इसका विरोध किया। नगर विकास न्यास के अधिकारियों व ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों से मिलकर वन वे व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की थी।  जिसके बाद न्यास अधिकारियों को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा और सोमवार को दोनों सर्किल से डिवाइडर को हटा दिया। जिससे ट्रैफिक फिर से सामान्य हो गया।  इस बारे में नगर विकास न्यास व यातायात पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि वन वे का ट्रायल किया जा रहा था। वह स्थायी व्यवस्था नहीं थी। लेकिन स्थानीय व्यापारियों के विरोध को देखते हुए वन वे को फिलहाल हटा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 13:17:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं: एस जयशंकर </title>
                                    <description><![CDATA[दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/relations-with-china-not-normal--s-jaishankar--contrary-to-the-agreements--a-large-number-of-soldiers-deployed-on-the-borders--india-china-foreign-ministers-meeting/article-6757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/doval.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को साफ शब्दों में कहा कि भारत और चीन के बीच संबंध सामान्य नहीं हैं क्योंकि समझौतों के विपरीत सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिक तैनात हैं।चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ शुक्रवार को वार्ता के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री को देश की भावना से अवगत कराते हुए कहा है कि सीमा पर शांति स्थिर संबंधों के लिए जरूरी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मौजूदा समय में चीन के साथ हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच 1993 से 1996 के बीच हुए समझौतों के विपरीत सीमाओं पर बड़ी संख्या में सैनिक तैनात हैं। <br />दोनों देशों के बीच अभी भी टकराव के मुद्दे हैं। कुछ मुद्दों के समाधान की दिशा में प्रगति हुई है जिनमें पेगोंग झील क्षेत्र का मुद्दा भी शामिल है। मुद्दों के समाधान के लिए अब तक 15 दौर की बात हो चुकी है और आज यह बात हुई कि वार्ता को आगे कैसे बढ़ाया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 12:16:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हेल्दी मौसम, ओपीडी सामान्य, अगले 15 दिनों में तेजी से बढ़ेंगे मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा सहित प्रदेश भर में मौसम हेल्दी हो गया है। न गर्मी अधिक है न सर्दी, जिसके चलते मरीजों की संख्या में अचानक गिरावट आ गई है। एमबीएस अस्पताल की सबसे वयस्त मेडिसिन की ओपीडी में भी गिनती के मरीज है। जबकि, यहां मरीजों की कतारें लगती थी। सुरक्षा गार्ड लगाने पड़ते थे। अभी ये सामान्य हो गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/healthy-weather--opd-normal--patients-will-increase-rapidly-in-next-15-days/article-6029"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/113.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा सहित प्रदेश भर में मौसम हेल्दी हो गया है। न गर्मी अधिक है न सर्दी, जिसके चलते मरीजों की संख्या में अचानक गिरावट आ गई है। स्थिति ये है कि एमबीएस अस्पताल की सबसे वयस्त मेडिसिन की ओपीडी में भी गिनती के मरीज है। जबकि, यहां मरीजों की कतारें लगती थी। सुरक्षा गार्ड लगाने पड़ते थे। अभी ये सामान्य हो गई है। मेडिसिन में मरीजों की संख्या 200 के नीचे पहुंच गई है। ये भी 450 तक पहुंच जाती थी। इसी तरह की स्थिति अस्थि रोग और अन्य विभागों की है। इसमें भी गिरावट हो गई है। ऐसे में चिकित्सकों का कहना है कि अभी मौसम पूरी तरह से हेल्दी हो गया है। जिसके चलते मरीज नही है। अगले 15 दिनों में मरीज तेजी से बढ़ेंगे। क्योंकि, गर्मी की शुरूआत हो जाएगी। जिससे डिहाइड्रेशन, दस्त, उल्टी, वायरल, लू समेत अन्य बीमारियों के मरीज बढ़ेंगे। फिलहाल इन सभी बीमारियों से राहत है। पर्ची, दवा, चिरंजीवी और अन्य पर भीड़ नही है। ऐसे में चिकित्सक, कार्मिक और मरीजों के लिए राहत है।<br /><br /><strong>ऐसा है अभी का मौसम</strong><br />1. तापमान सामान्य: अभी तापमान सामान्य है। दिन का तापमान 30 के करीब है। जबकि, रात का भी 15 डिग्री के आसपास है। जो सामान्य है।<br />2. सर्दी और गर्मी से राहत: इस समय मौसम सामान्य हो गया है। जिसके चलते सर्दी और गर्मी से लोगों को राहत है। लू भी नही चल रही है।<br />3. खान पान भी साधारण: मौसम सामान्य होने से खान पान में भी बदलाव नही है। साधारण भोजन कर रहे है, जो अनुपयोगी नही है।<br /><br /><strong>गर्मी के साथ बढ़ेंगे मरीज</strong><br />एमबीएस अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अभी ओपीडी 2000 हजार के करीब है। ये सामान्य है, लेकिन गर्मी के साथ मरीजों की बढ़ोतरी होगी। मार्च अंत में तेज गर्मी शुरू हो जाती है। हीट वेव से लू के मामले आएंगे। एंजाइटी, पेट दर्द, गैस के मामलों में इजाफा होगा। इस समय ओपीडी 3 हजार पार पहुंच जाती है।<br /><br /><strong>इनका कहना है।</strong><br />अभी मौसम सामान्य है, जिसके चलते मरीज नही है। हालांकि, गर्मी के साथ मरीज बढ़ेंगे।<br /><strong>- डॉ पंकज जैन, यूनिट इंचार्ज, मेडिसिन, एमबीएस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Mar 2022 17:07:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक नवज्योति की खबर पर मुहर : सामान्य पटाखों पर रोक बरकरार रहेगी ग्रीन पटाखों से आतिशबाजी को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में सबसे पहले 6 अक्टूबर को दे दी थी जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%B9%E0%A4%B0---%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-1720"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/19.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। राजस्थान में अब प्रदूषण रोकने के लिए सामान्य पटाखों पर तो प्रतिबंध जारी रखा है, लेकिन प्रदेश सरकार ने ग्रीन पटाखों को जलाने और आतिशबाजी करने की मंजूरी दे दी है। प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के प्रदूषण नियंत्रण के लिए त्योहारों-शादी ब्याह में आतिशबाजी पर रोक लगाने के आदेश दिए थे, जिसकी अनुपालना में सरकार ने प्रदेश में पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया था। दैनिक नवज्योति ने 6 अक्टूबर के अंक में ‘ग्रीन पटाखों से होगी आतिशबाजी, दिवाली पर प्रदूषण रूकेगा’  शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर पाठकों को बताया था कि सरकार सामान्य पटाखों पर तो रोक जारी रखेगी, लेकिन आम जन की भावनाओं के साथ हजारों करोड़ के व्यापार और इससे जुड़े रोजगार को बचाने के लिए ग्रीन पटाखों को चलाने की जल्द मंजूरी देगी। तब हमने पाठकों को बताया था कि इसका गृह विभाग ने प्रस्ताव बनाकर सीएम अशोक गहलोत को मंजूरी के लिए भेज दिया है। शुक्रवार को अब गहलोत ने इसे मंजूरी दे दी है। अब प्रदेश में ग्रीन पटाखों से दिवाली सहित अन्य मौकों पर आतिशबाजी की जा सकेगी। हालांकि सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में ग्रीन पटाखों के जलाने पर भी रोक बरकरार रखी है, क्योंकि एनसीआर क्षेत्र में आम दिनों में ही प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा रहता है।</p>
<p style="text-align:center;"> <br /> <br />     <strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;">एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण काफी ज्यादा, यहां ग्रीन पटाखों पर भी रहेगी रोक <br />     सीएम गहलोत की मंजूरी के बाद गृह विभाग ने जारी किए आदेश</span></span></strong></p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>खुशी की लहर:</strong></span></span> <strong>55 हजार पटाखा विक्रेताओं व 20 लाख लोगों का एक हजार करोड़ का रोजगार बचा</strong><br /> राजस्थान में पटाखों पर प्रतिबंध से एक हजार करोड़ का पटाखा व्यापार ठप हो गया था। पांच हजार स्थाई पटाखा लाइसेंस धारी, 50 हजार अस्थाई लाइसेंस धारी और अप्रत्यक्षत: पटाखों के व्यापार से 20 लाख लोगों का रोजगार छीन गया था। पटाखों पर प्रतिबंध से यह आर्थिक संकट मंडराने से मायूस थे। अब सरकार के ग्रीन पटाखों के बेचान से इन्हें भी फिर से सामान्य की जगह इन ग्रीन पटाखों से व्यापार फिर से पटरी पर आने की उम्मीदें धरातल पर साकार हो गई है। व्यापारियों के साथ आम जनता में भी आतिशबाजी की रियायत मिलने से खुशी की लहर है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>नीर-सीएसआईआर की मंजूरी जरुरी होगी, ग्रीन पटाखों की पहचान भी आसान होगी</strong></span></span><br /> काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च (सीएसआईआर)और नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट(नीर ) के वैज्ञानिकों ने ग्रीन पटाखों का फाूर्मला दो साल पहले ईजाद किया था। देश में जिन पटाखा फैक्ट्रियों के पास सीएसआईआर-नीर का ग्रीन पटाखा उत्पादन का लाइसेंस होगा, उसी कंपनी के पटाखों का बेचान हो सकेगा। प्रदेश में अभी 12 पटाखा उत्पादकों को यह प्रमाण पत्र दे दिया है। पटाखे ग्रीन रंगे के होंगे। पटाखों के बार-कोर्ड से इनके निर्माता और निर्माण के लाइसेंस का आसानी से पता लग सकता है। फर्जी बेचान पर अंकुश रहेगा। <br /> <br /> <strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;">महंगे होंगे, जलने पर प्रदूषण कम और खुशबू बिखेरेंगे</span></span></strong><br /> देश में अभी मात्र 500 के करीब पटाखा फैक्ट्रियां ही ग्रीन पटाखों का उत्पादन कर रही हैं। वहीं वैज्ञानिक आधार पर निर्माण के चलते इनकी कीमत भी आम पटाखों से ज्यादा होगी। इसके चलते बाजार में आम पटाखों से करीब दोगुनी कीमत होगी। आम पटाखों के जलने पर होने वाले प्रदूषण के मुकाबले इन पटाखों में एक तिहाई ही प्रदूषण होगा। आम पटाखों के जलने पर सल्फर डाई आक्साइड और नाइट्रेजन ड्राई ऑक्साइड उत्सर्जित होता है जो हवा में घुलकर प्रदूषण पैदा करते हैं। वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा को घटाते हैं। इन पटाखों के जलने के बाद पानी की बूंदे या कण पैदा होंगे। सेफ वॉटर रिलीजर नाम के ग्रीन पटाखों से थोड़ा बहुत नाइट्रोजन-सल्फर निकलेगा, वह पानी की बूंदें सोख लेंगी। वहीं स्टार क्रेकर नाम के अन्य पटाखों से निर्माण में ऑक्सीडाइजिंग एजेंट काम में लिया जाता है। इससे सल्फर-नाइट्रोजन न्यून मात्रा में ही पैदा होगी। इसी तरह अन्य ग्रीन पटाखों में 50-60 फीसदी एल्यूमीनियम का कम इस्तेमाल होने से जलने पर प्रदूषण कम होगा। वहीं अरोमा क्रेकर्स नाम के ग्रीन पटाखों के जलने पर धुंआ की जगह खुशबू आएगी।<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>आतिशबाजी का समय तय : दिवाली पर रात 8 से 10 बजे चला सकेंगे</strong></span></span><br /> ग्रीन पटाखों को चलाने की समयावधि भी सरकार ने तय की है। इसके तहत दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक आतिशबाजी की जा सकेगी। इसके अलावा क्रिसमस व नव वर्ष पर रात 11.55 से 12.30, गुरु पर्व पर रात 8 से 10 बजे तक, छठ पर्व पर सुबह 6 से प्रात: 8 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाए जा सकेंगे। अन्य पर्वों-अवसरों पर गृह विभाग ग्रीन पटाखे चलाने के अलग से समयावधि, दिशा-निर्देश तय करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
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