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                <title>राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट में देरी : कॉपियों के अंक अपलोड न होने से अगले सप्ताह तक टला परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर बोर्ड द्वारा 10वीं का परीक्षा परिणाम अब अगले सप्ताह जारी होने की संभावना है। उत्तर पुस्तिकाओं के अंक ऑनलाइन अपडेट न होने और चेटीचंड, ईद की छुट्टियों के कारण 20 मार्च की डेडलाइन टल गई है। सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने लंबित अंकों को तुरंत मंगवाने के निर्देश दिए हैं ताकि छात्रों का इंतजार जल्द खत्म हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/delay-in-rajasthan-board-10th-result-result-postponed-till-next/article-147211"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajasthan1.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं का परीक्षा परिणाम अब अगले सप्ताह से पहले संभव नहीं हो सकेगा। हालांकि, बोर्ड प्रशासन ने 20 मार्च तक दसवीं परीक्षा का परिणाम घोषित करने की घोषणा भी कर दी थी, लेकिन अभी तक करीब 200 उत्तर पुस्तिकाओं को जचने वाले परीक्षक द्वारा जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं के अंक ही बोर्ड को ऑनलाइन नहीं भिजवाए है। इसके अलावा बोर्ड द्वारा स्कूलों को भी सत्रांक भेजने के लिए 19 मार्च तक का समय दिया गया था।</p>
<p>ऐसी स्थिति में बोर्ड की खुद की परीक्षा परिणाम जारी करने की समस्त तैयारी पूरी नहीं हुई थी। अब शुक्रवार को चेटीचंड का अवकाश शनिवार को ईद का अवकाश और रविवार को राजकीय अवकाश के बाद सोमवार से शुरू होने वाले नए सप्ताह के दौरान ही बोर्ड द्वारा परिणाम जारी किया जा सकेगा। शुक्रवार को चेटीचंड के अवकाश के बावजूद बोर्ड में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बोर्ड के सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने सभी सहायक निदेशक को निर्देशित किया है, कि अभी तक जिन भी परीक्षक द्वारा ऑनलाइन बोर्ड को अंक नहीं भेजे गए हैं। उन्हें तुरंत निर्देशित करते हुए अंक मंगवा जाएं ताकि परिणाम में बिना वजह देरी नहीं हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 15:25:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उप निरीक्षक से निरीक्षक पदोन्नति परीक्षा : पात्रता सूची जारी, 30 और 31 अगस्त को लिखित परीक्षा </title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस विभाग में पदोन्नति की राह देख रहे उप निरीक्षकों के लिए खुशखबरी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inspector-to-inspector-from-inspector-promotion-examination-eligibility-list-released/article-124536"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)57.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुलिस विभाग में पदोन्नति की राह देख रहे उप निरीक्षकों के लिए खुशखबरी है। पुलिस मुख्यालय, जयपुर ने उप निरीक्षक से पुलिस निरीक्षक (एपी/सीपी) पद पर पदोन्नति के लिए होने वाली योग्यतात्मक परीक्षा 2022-23 की अस्थायी पात्रता/अपात्रता सूची जारी कर दी है।</p>
<p>चयन समिति के सदस्य और पुलिस अधीक्षक सीआईडी सीबी लक्ष्मणदास द्वारा जारी पत्र के अनुसार जिन उम्मीदवारों को इस सूची में पात्र माना गया है, उनकी लिखित परीक्षा 30 और 31 अगस्त, 2025 को जयपुर में आयोजित की जाएगी।</p>
<p>इस सूची में शामिल उम्मीदवारों को अपनी पात्रता की जांच करने और किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर आपत्ति दर्ज कराने का भी मौका दिया गया है। उम्मीदवार अपने संबंधित नियंत्रण अधिकारी के माध्यम से 21 अगस्त की शाम 5:00 बजे तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। यह सूची उन सभी आवेदन पत्रों की समीक्षा के बाद जारी की गई है, जो 1 अगस्त, 2025 तक प्राप्त हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 18:49:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विफल परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही तय करें सरकार : बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी कांग्रेस, सैलजा ने कहा- दोषियों पर हो कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[यह कोई तकनीकी चूक नहीं, बल्कि एक अनियमितता प्रशासनिक तंत्र का उदाहरण है। इस प्रकार के कार्य से युवाओं को परेशानी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/determine-the-accountability-of-the-failed-examination-system/article-122658"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/kumari-shailja.png" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। कांग्रेस महासचिव सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश की प्रतिष्ठित एसएससी परीक्षा में बार-बार देखने को मिल रही अनियमिततायें और गड़बड़ियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान भाजपा सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से संचालित करने में पूरी तरह असफल रही है। सैलजा ने कहा कि बार-बार विफल हो रही परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही सरकार को तय करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में अनेक अभ्यर्थियों को 400-500 किलोमीटर दूर के परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया और वहां पहुंचते ही उन्हें सूचना दी गयी कि परीक्षा रद्द कर दी गयी है।</p>
<p>यह कोई तकनीकी चूक नहीं, बल्कि एक अनियमितता प्रशासनिक तंत्र का उदाहरण है। इस प्रकार के कार्य से युवाओं को परेशानी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। इसके अलावा जब दूसरे पेपर में पूर्व प्रश्न दोहराये गये और छात्रों ने आपत्ति जतायी, तो एसएससी ने यह कहकर टालने की कोशिश की है कि बच्चे सरप्राइज हो जाते हैं। क्या यही है परीक्षा की गंभीरता और जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई गलती हुई है, तो एसएससी को उसकी जिम्मेदारी लेते हुए युवा बेरोजगारों के साथ न्याय करना चाहिए।</p>
<p>सांसद सैलजा ने कहा कि जो प्रश्न गलत होते हैं, उन्हें चैलेंज करने के लिए छात्रों से शुल्क लिया जाता है। इसमें साफ- साफ गलती सरकार की होती है, लेकिन सरकार अपनी गलती के बावजूद छात्रों से वसूली करती है, जो सरासर अन्याय है। उन्होंने  सांसद सैलजा ने सरकार से मांग की है कि एसएससी सहित सभी राष्ट्रीय परीक्षाओं के संचालन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाये, परीक्षा केंद्र तय करने की प्रक्रिया को स्थिर और भरोसेमंद बनाया जाये, पेपर लीक और प्रश्नों की दोहराव जैसी चूकों पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाये, छात्रों से ली जाने वाली आपत्ति शुल्क को समाप्त किया जाये। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 19:00:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परीक्षा में नकल रोकने के नाम पर जनेऊ उतारना गलत : मदन राठौड़ ने व्यक्त की चिंता, कहा- गहलोत सरकार में हुआ स्मार्टफोन स्कैम </title>
                                    <description><![CDATA[कॉम्प्लेक्स में राजस्थान के सर्वाधिक व्यापारी है, जिसके कारण राजस्थानी व्यापारियों का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/in-the-name-of-preventing-copying-in-the-examination-the/article-106090"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/madan-rathore-22.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों की जनेऊ उतारने के मामले पर चिंता जाहिर करते हुए इसे गलत कर दिया है। साथ ही इस मामले में परीक्षा करने वाली एजेंसी आयोग से बात करने का भरोसा दिलाया है। साथी पूर्व सरकार में आमजन को बांटे जाने वाले स्मार्टफोन में स्कैम होने के आरोप गहलोत सरकार पर लगाए हैं। उन्होंने बीजेपी ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की गुजरात के सूरत में कपड़ा व्यापारियों के कॉम्प्लेक्स में लगी आग से हुई बर्बादी पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सूरत जाएंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री से मिलकर व्यापारियों को सहयोग दिलाने का प्रयास करेंगे। कहा की मार्केट में आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश की गई। आग से अभी तक 1500 करोड रुपए का नुकसान की जानकारी  सामने आई है। कॉम्प्लेक्स में राजस्थान के सर्वाधिक व्यापारी है, जिसके कारण राजस्थानी व्यापारियों का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। </p>
<p>राजस्थान में भी इस तरह के मार्केट बड़ी संख्या में हैं। हादसे से सबक लेते हुए आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित होने चाहिए। व्यापारियों को इसका खास ध्यान रखना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उनके वक्त शुरू की गई स्मार्टफोन वितरण की योजना को बंद करने के सरकार पर लगाए गए आरोप और इस योजना को फिर से शुरू करने की मांग पर मदन राठौड़ ने सवाल के जवाब में कहा कि गहलोत ने टैबलेट की बजाय मोबाइल फोन दिए।  उन्होंने जो स्मार्ट टेलीफोन दिए, उनकी क्वालिटी खराब थी, स्मार्ट टेलीफोन खरीद में घोटाला हुआ है।</p>
<p>प्रतियोगी परीक्षा में जांच के नाम पर जनेऊ उतारे जाने के सवाल पर इसे गलत कर देते हुए कहा कि ऐसा जिसने भी किया है । उसे सरकार ने सजा दी है ,भविष्य में भी यह ध्यान रखा जाए कि इस तरह की घटना दोबारा ना हो । किसी की भावनाएं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोचने वाली बात है कि जनेऊ से परीक्षार्थी नकल कैसे करेगा। परीक्षा करने वाली एजेंसियों ,आयोग से भी इस मामले में बात करेंगे</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 18:24:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लाखों अभ्यर्थियों ने सुरक्षा के बीच दी रीट की परीक्षा : सुरक्षाकर्मियों ने हटवाएं  ज्वैलरी, हाथ में बंधे धागे और कपड़ों पर लगे अतिरिक्त बटन, देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों को नहीं मिली एंट्री </title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले जांच हुई। परीक्षा केंद्रों पर इस बार सुरक्षा उपाय देखने को मिल रहा है। अभ्यर्थियों की फेस स्कैनिंग और बायोमैट्रिक लिया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lakhs-of-candidates-gave-the-examination-of-the-retained-by/article-105729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer107.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित रीट परीक्षा का आज पहला पेपर शांतिपूर्वक हुआ। पहले दिन 2 पारियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। पहली पारी में 4. 61 लाख और दूसरी पारी में 5. 41 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत है। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले जांच हुई। परीक्षा केंद्रों पर इस बार सुरक्षा उपाय देखने को मिल रहा है। अभ्यर्थियों की फेस स्कैनिंग और बायोमैट्रिक लिया जा रहा है। </p>
<p>महिलाओं की ज्वैलरी, हाथ में बंधे धागे और कपड़ों पर लगे अतिरिक्त बटन तक सुरक्षाकर्मियों ने हटा दिया। कुछ परीक्षा केंद्रों पर देरी से पहुंचे वाले अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जिसके बाद अभ्यर्थी पुलिसकर्मियों से उलझते और भावुक होते हुए दिखे। शुक्रवार को होने वाली परीक्षा में 5.41 लाख  अभ्यर्थी शामिल होंगे। पूरे प्रदेश में 41 जिलों में 1,731 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष 14. 29 लाख अभ्यर्थियों रीट परीक्षा का आवेदन फॉर्म भरा है। जिनमें लेवल-1 के लिए 3. 46 लाख और लेवल-2 के लिए 9.68 लाख  अभ्यर्थी हैं। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 12:55:58 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>परीक्षा से पहले ही खाली हो गए हाड़ौती के राजसेस कॉलेज</title>
                                    <description><![CDATA[राजसेस कॉलेजों में विद्या संबल फैकल्टी का मामला। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rajses-colleges-of-hadoti-vacated-before-the-examination/article-105617"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer101.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के अधीन संचालित हो रहे हाड़ौती के सभी राजसेस कॉलेज परीक्षा से पहले ही खाली हो गए। कोटा-बूंदी, बारां-झालावाड़ को मिलाकर यहां कुल 18 राजसेस कॉलेज हैं, जिनमें अध्यापन कार्य के लिए लगे विद्या संबल शिक्षकों को कार्य मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, चेचट व दीगोद ही ऐसे कॉलेज है, जिसमें फैकल्टी अभी कार्यरत हैं। लेकिन, उन्हें भी दो दिन बाद यानी 28 फरवरी को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। जबकि, अभी तक कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा एग्जाम तिथि घोषित नहीं की गई है। इसके बावजूद  शिक्षकों को हटाए जाने से शैक्षणिक व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई। एक ओर जहां शिक्षकों का रोजगार छीन गया वहीं, दूसरी ओर विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया। क्योंकि, इस वर्ष नए खुले राजसेस कॉलेजों में तो 12 नवम्बर तक एडमिशन हुए हैं और 21 फरवरी तक शिक्षक हटा दिए गए। कोर्स अधूरे होने से विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम बिगड़ने का डर सता रहा है। ऐसे में विद्यार्थी और शिक्षक दोनों ही मझधार में फंस गए। दरअसल, कोटा संभाग में 18 राजसेस कॉलेज हैं। जिनमें प्राचार्य के अलावा सभी सहायक आचार्यों की नियुक्ति विद्या संबल योजना  के तहत की गई है। इनका वर्किंग-डे 28 फरवरी को पूरा होता है, लेकिन आयुक्तालय के नियम विसंगतियों के कारण अधिकतर कॉलेजों में 90 वर्किंग डेज होने पर शिक्षकों को हटा दिया गया।  शेष रहे मात्र दो कॉलेज चेचट व दीगोद के शिक्षक 28 फरवरी को कार्यमुक्त होने से बेरोजगार हो जाएंगे। </p>
<p><strong>मंझधार में हजारों विद्यार्थी </strong><br />हाड़ौती के चारों जिलों में 18 राजसेस कॉलेजों में हजारों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से यूजी प्रथम वर्ष के पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं इसी माह में होने की संभावना है, हालांकि अभी तक परीक्षा का शेड्यूल जारी नहीं हुआ है। पहली बार सेमेस्टर एग्जाम देने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा पैटर्न समझाने वाला भी कोई नहीं है। </p>
<p><strong>शिक्षक-विद्यार्थी दोनों तनाव में </strong><br />कोटा संभाग में राजसेस के अधीन संचालित सरकारी कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक बेरोजगार होने से तनाव में हैं, वहीं पढ़ाई प्रभावित होने से विद्यार्थियों को परिणाम बिगड़ने का डर सता रहा है। अभी तक कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा एग्जाम तिथि घोषित नहीं की गई है, इससे पहले ही शिक्षक हटाने से कोर्स अधूरे रह गए। जिससे परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में इन दिनों गुरु-शिष्य दोनों ही तनाव से गुजर रहे हैं। </p>
<p><strong>नवम्बर तक एडमिशन, फरवरी में शिक्षक हटा दिए</strong><br />हाड़ौती में हाल ही में तीन नए राजसेस कॉलेज खुले हैं। जिनमें कोटा में चेचट व दीगोद और बूंदी में लाखेरी और एक झालावाड़ के असनावर में खुला है। लाखेरी कॉलेज में तो 12 नवम्बर 2024 तक एडमिशन हुए हैं और 21 फरवरी 2025 तक सभी विद्या संबल शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया। ऐसे में कोर्स पूरा नहीं हो पाने से विद्यार्थी परेशान हैं। हालांकि, नए कॉलेजों में से दीगोद व चेचट में कक्षाएं चल रहीं हैं जो दो दिन बाद यानी 28 फरवरी को बंद हो जाएगी।</p>
<p><strong>यह हैं राजेसस कॉलेज </strong><br />कोटा जिले में राजकीय कला कन्या महाविद्यालय रामपुरा, चेचट, दीगोद, बूंदी में तालेड़ा, हिंडौली, लाखेरी, नैनवां, झालावाड़ में असनावर और बारां जिले में राजकीय गर्ल्स कॉलेज छबड़ा, नाहरगढ़, शाहबाद, गर्ल्स अटरू, गर्ल्स केलवाड़ा, कृषि महाविद्यालय बारां व शाहबाद सहित 18 कॉलेज शामिल हैं। इनमें कृषि को छोड़कर सभी आर्ट्स कॉलेज हैं, जिनमें सात-सात विषय संचालित हैं। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br /><strong>परिणाम बिगड़ने का सता रहा डर</strong><br />अभी तक प्रथम सेमेस्टर का करीब 25% कोर्स अधूरा है। यूनिवर्सिटी के एग्जाम शेड्यूल जारी करने से पहले ही शिक्षक हटा दिए गए। ऐसे में अधूरा कोर्स पूरा कराने वाला भी कॉलेज में नहीं है। छात्रों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार क्वालिटी एजुकेशन देने का दवा करती है और दूसरी तरफ शिक्षकों को हटाने पर तुली है। शिक्षकों के बिना पास होने के भी लाले पड़ जाएंगे।<br /><strong>- उपेंद्र कुमार, तस्यम नेग, छात्र, लाखेरी व तालेड़ा कॉलेज</strong></p>
<p><strong>प्रायोगिक परीक्षाओं पर भी संकट </strong><br />प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के बाद प्रेक्टिकल एग्जाम होने हैं, जिसकी तैयारी शिक्षकों के बिना नहीं हो पाएगी। गत वर्ष भी विद्या संबल शिक्षकों को बीच सत्र में ही हटा दिया था। उस समय पढ़ाई बेपटरी हो गई थी। सरकार राजसेस कॉलेजों में स्थाई शिक्षक तो लगाती नहीं, विद्या संबल पर लगे शिक्षकों को भी बीच सत्र में ही हटा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।  <br /><strong>- पुष्पेंद्र सिंह, हितेश नंदवाना, छात्र, प्रथम वर्ष अटरू कॉलेज </strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं शिक्षक</strong><br />विद्या संबल पर लगे सभी शिक्षक वेल क्वालिफाइड हैं। यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार ही नियुक्ति होती है। इसके बावजूद बीच सत्र में हटा दिया। यह व्यवस्था विद्यार्थियों व शिक्षकों दोनों के हित में नहीं है। शिक्षक बेरोजगार हो गए वहीं स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित हो गई। ऐसे में सरकार योजना के नियमों में बदलाव कर हमें सैकंड सेमेस्टर तक लगाए रखें। <br /><strong>- डॉ. हनीफ खान, सहायक आचार्य विद्या संबल, राज.महा. रामपुरा कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>नियमों में हो एकरूपता</strong><br />जब तक राजसेस कॉलेजों में स्थाई फैकल्टी की व्यवस्था न हो तब तक विद्या संबल को संविदा के समकक्ष ही लगाया जाना चाहिए। साथ ही शैक्षणिक के साथ गैर शैक्षणिक कार्यों की भी जिम्मेदारी देनी चाहिए। जिससे छात्रों को अन्य अशैक्षणिक कार्यों का लाभ मिल सकेगा। इन दिनों कॉलेजों में एग्जाम फॉर्म की हार्ड कॉपी जमा करवाई जा रही है। वहीं, स्कॉलर शिप सहित अन्य कार्यों के लिए शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थी परेशान है। ऐसे में सरकार, राजसेस कॉलेजों में नियमों की विसंगतियों को दूर कर एकरूपता अपनाई जानी चाहिए। <br /><strong>- डॉ. रवि कुमार नागर, प्रतिनिधि विद्या संबल योजना राजस्थान</strong></p>
<p>विद्या संबल योजना में कई खामियां है। इस योजना में कार्यरत शिक्षकों को राजकीय व साप्ताहिक अवकाश का भी पैसा नहीं मिलता। इसके बावजूद पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाते हैं। भले ही हमें परमानेंट न करो लेकिन कम से कम 10 महीने तक तो रोजगार दो। सरकार, हमारे परिवार के बारे में भी सोचे, बीच सत्र में हम शिक्षक कहां जाएंगे।<br /><strong>- डॉ. शर्मिला कुमारी, सहायक अचार्य, राजकीय महाविद्यालय दीगोद </strong></p>
<p>शाहबाद गर्ल्स कॉलेज में 15 फरवरी को ही शिक्षकों को रिलीव कर दिया गया। जबकि, कई कॉलेजों में तो कोर्स भी अधूरे हैं। विद्या संबल के शिक्षकों को 3-4 माह में ही हटा दिया जाता है, जो गलत है। सरकार को अपनी पॉलिसी में बदलाव कर एक साल तक के लिए स्थाई रखना चाहिए।<br /><strong>- डॉ. ज्योति गुप्ता, सहायक आचार्य शाहबाद गर्ल्स कॉलेज</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />यदि पाठ्यक्रम अधूरे हैं और संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य की मांग होती है  तो रेस सेंटर से फेकल्टी लगाकर कोर्स पूरा करवाया जाएगा। रही बात आॅफिशियल कार्यों की तो इसकी व्यवस्था नोडल कॉलेज द्वारा की जा रही है। यदि कोई परेशानी होती है तो उसके समाधान के लिए नोडल महाविद्यालय अधिकृत है। <br /><strong>- प्रो. गीताराम शर्मा, क्षेत्रिय सहायक निदेशक, आयुक्तालय कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 15:41:55 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - प्रथम सेमेस्टर की फिर से लगेगी कक्षाएं, कोर्स अधूरा रहने से परेशान थे विद्यार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[राजसेस कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए खुश खबरी है। परीक्षा से पहले बंद की गई फर्स्ट ईयर के प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं डेढ़ माह बाद फिर से संचालित होंगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---classes-of-first-semester-will-be-held-again/article-104878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजसेस कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए खुश खबरी है। परीक्षा से पहले बंद की गई फर्स्ट ईयर के प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं डेढ़ माह बाद फिर से संचालित होंगी। जिससे न केवल अधूरे कोर्स पूरे हो सकेंगे बल्कि परीक्षा पैटर्न भी विद्यार्थी समझ सकेंगे। दरअसल, राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के अधीन संचालित सरकारी कॉलेजों में विद्या संबल शिक्षकों को 90 दिन का हवाला देते हुए गत 2 जनवरी से प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं लेने से मना कर दिया था। जबकि, 30 से 40 प्रतिशत कोर्स अधूरा था। परीक्षा से पहले क्लासें बंद होने से विद्यार्थी तनाव में  आ गए। इस पर दैनिक नवज्योति ने छात्र-छात्राओं की परेशानियों को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित आयुक्तालय का ध्यान आकर्षित किया। इस पर कॉलेज  शिक्षा आयुक्तालय ने 18 फरवरी को प्रदेश के समस्त कॉलेज प्राचार्यों को पत्र जारी कर प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं संचालित करवाकर परीक्षा से पहले कोर्स पूरा करवाने के निर्देश दिए। आदेश के बाद विद्यार्थियों ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। </p>
<p><strong>परीक्षा से पहले कोर्स पूरा कराने के निर्देश</strong><br />राजसेस कॉलेजों में बीच सत्र में ही प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं बंद कर दी गई थी। इसके कुछ दिनों बाद तृतीय सेमेस्टर की क्लासें भी बंद कर दी गई। जबकि, 30 से 40 प्रतिशत कोर्स अधूरे थे। इस पर दैनिक नवज्योति में लगातार खबरें प्रकाशित होने पर आयुक्तालय ने मंगलवार को पत्र जारी कर रेस सेंटर से शिक्षक लगाकर संबंधित विषयों के अधूरे कोर्स पूरा करवाने के कालेज प्राचार्यों को निर्देश जारी किए। ऐसे में प्रथम सेमेस्टर के साथ तृतीय सेमेस्टर की कक्षाएं फिर से शुरू हो सकेगी।</p>
<p><strong>छात्राओं ने नवज्योति का जताया आभार</strong><br />शहर में राजकीय कन्या महाविद्यालय रामपुरा में गत 2 जनवरी से ही बीए प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं बंद कर दी गई, जबकि, कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा अब एग्जाम तिथि भी घोषित नहीं की गई, इससे पहले ही बीच सत्र में कक्षाएं बंद होने से छात्राएं परेशान थी। रिजल्ट बिगड़ने का डर सताने लगा। इस पर छात्राओं ने कॉलेज परिसर में धरना प्रदर्शन कर फिर से कक्षाएं लगवाने की मांग की थी। लेकिन, ध्यान नहीं दिया गया। कॉलेज प्रशासन की बेरुखी पर दैनिक नवज्योति ने लगातार खबरें प्रकाशित कर शिक्षा उच्चाधिकारियों को छात्राओं की समस्या से अवगत कराया। इस पर आयुक्तालय ने कक्षाएं लगातर कोर्स पूरा करवाने के निर्देश दिए जाने से छात्राओं को राहत मिली। इसके लिए छात्राओं ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। </p>
<p><strong>रेस सेंटर से लगाए जाएंगे शिक्षक</strong><br />कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय जयपुर के संयुक्त निर्देश  एचआरडी ने प्राचार्यों के नाम पत्र जारी कर निर्देश दिए कि जिन राजकीय महाविद्यालयों  में गेस्ट फैकल्टी द्वारा प्रथम व तृतीय सेमेस्टर का पाठ्यक्रम पूरा नहीं करवाया गया है, उन महाविद्यालयों में संबंधित विषयों का कोर्स परीक्षा से पहले पूरा करवाने के लिए जिले में संचालित रेस सेंटर से शिक्षकों की व्यवस्था कर शेष पाठ्यक्रम परीक्षा से पहले पूर्ण करवाए जाए। इस पर कॉलेज प्राचार्यों ने रेस सेंटर को शिक्षक उपलब्ध करवाने के लिए पत्र भी भेज दिए हैं। </p>
<p><strong>परीक्षा पैटर्न समझने का मिलेगा मौका </strong><br />छात्रा प्रतिनिधि अनसुईया मीणा, दिव्यांशी का कहना है, आखिरकार आयुक्तालय के निर्णय से छात्राओं में  खुशी की लहर है। डेढ़ माह बाद फिर से कक्षाएं शुरू होने से न केवल सिलेबस पूरा हो सकेगा बल्कि पहली बार सेमेस्टर एग्जाम देने विद्यार्थियों को परीक्षा पैटर्न समझने का मौका मिलेगा। एग्जाम की तैयारी होने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिणाम में सुधार होगा। </p>
<p>विद्यार्थियों के हित में आयुक्तालय ने कॉलेज प्राचार्यों  को रेस सेंटर से शिक्षक लगाकर संबंधित विषयों के अधूरे कोर्स पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं। <br /><strong>- प्रो. गीताराम शर्मा, क्षेत्रिय सहायक निदेशक आयुक्तालय</strong></p>
<p>रेस सेंटर से शिक्षक लगाकर प्रथम व तृतीय सेमेस्टर  के विद्यार्थियों का अधूरा कोर्स पूरा करवाने से संबधित आयुक्तालय के निर्देश मिले हैं। जिसकी शत-प्रतिशत पालना की जा रही है। वहीं, नोड़ल महाविद्यालय को भी पत्र लिखा जा चुका है। आगे की कार्यवाही उन्हीं के द्वारा की जाएगी। <br /><strong>- डॉ. राजेश चौहान, प्राचार्य रामपुरा कला कन्या महाविद्यालय </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 12:56:45 +0530</pubDate>
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                <title> कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती परीक्षा में छात्रों की कम रही उपस्थिति </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि कम उपस्थिति बहुत गंभीर विषय है। बात सिर्फ सरकारी कोष पर बढ़ते भार की ही नहीं है, जो सरकारी टीचर्स हमने स्कूल्स से निकाल कर परीक्षा कंडक्ट में लगाए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/low-students-in-instructor-recruitment-examination%C2%A0/article-95185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/exam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कनिष्ठ अनुदेशक सीधी भर्ती परीक्षा-2024 का आयोजन सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच हुई। प्रथम पारी 10 से दोपहर 12 बजे एवं द्वितीय पारी दोपहर तीन से शाम 5 बजे तक हुई। सुबह की शिफ्ट में 60% और दोपहर की शिफ्ट में 40% से भी कम उपस्थिति रही। </p>
<p>राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि कम उपस्थिति बहुत गंभीर विषय है। बात सिर्फ सरकारी कोष पर बढ़ते भार की ही नहीं है, जो सरकारी टीचर्स हमने स्कूल्स से निकाल कर परीक्षा कंडक्ट में लगाए हैं ,उनकी हो रही है, ये सीधा नुकसान छात्रों का हो रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 11:57:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>चयन बोर्ड ने परीक्षा के लिए जारी किए दिशा-निर्देश, ट्रेन-बस की छत से यात्रा करने पर होगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[ इस बड़ी पात्रता परीक्षा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रोविजनल ई-प्रवेश पत्र जारी कर दिए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/selection-board-has-issued-guidelines-for-the-examination--action-will-at-tour/article-91594"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer-(7).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 27 और 28 सिंतबर को होने वाली सीईटी (स्नातक स्तर) परीक्षा के लिए विशेष निर्देश भी जारी किए हैं। इसके अनुसार यदि परीक्षर्थी रेल-बस की छत और पायदान पर बैठकर या खड़े होकर यात्रा करता पाया गया तो उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने पर उसकी परीक्षा भी निरस्त की जाएगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर परीक्षा से 2 घंटे पहले पहुंचना होगा। परीक्षा से ठीक 1 घंटे पहले एंट्री गेट बंद कर दिए जाएंगे। सीईटी ग्रेजुएशन लेवल परीक्षा में प्रदेश के करीब 13 लाख अभ्यर्थी अपना भाग्य आजमाएंगे। इस बड़ी पात्रता परीक्षा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रोविजनल ई-प्रवेश पत्र जारी कर दिए है। </p>
<p><strong>यह दी चेतावनी </strong><br />परीक्षा केंद्र और यात्रा के दौरान अनुशासन रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रेल-बस की छत या पायदान पर बैठकर या खड़े होकर कोई भी अभ्यर्थी यात्रा करता पाया गया तो उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने पर परीक्षा भी निरस्त की जाएगी। इसके साथ ही अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित परीक्षा समय से 2 घंटे पहले अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। परीक्षा शुरू होने से ठीक है 1 घंटे पहले तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। अभ्यर्थी प्रोविजनल ई प्रवेश पत्र, फोटो आईडी, दो पासपोर्ट साइज फोटो, नीले रंग के पारदर्शी बॉल पेन के अलावा किसी भी सामग्री को परीक्षा केंद्र में नहीं ले जा सकेंगे। <br />जयपुर के नाम में किया संशोधन <br />चयन बोर्ड ने जयपुर के तीन परीक्षा केन्द्र में संशोधन किया है, जिसमें महात्मा गांधी सरकारी स्कूल वाटीका की जगह पर राजकीय सी.सै. स्कूल वाटीका होगी। राजकीय सी.सै. स्कूल, शिवदासपुरा की जगह पर महात्मा गांधी सरकारी स्कूल शिवदासपुरा होगी और राजकीय सी.सै. स्कूल, बीलवा की जगह पर महात्मा गांधी सरकारी स्कूल बीलवा होगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Sep 2024 11:11:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नवज्योति ने पकड़ी शिक्षा विभाग की लापरवाही तो खबर छपने से पहले ही सुधारा शिविरा पंचाग </title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति के प्रयासों से अब 13 मई से होगी पूरक परीक्षाएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/navjyoti-caught-the-negligence-of-the-education-department-and-corrected-shivra-panchag-even-before-the-news-was-published/article-76668"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/navajyoti-ne-pkdi-shiksha-vibhag-ki-laparwahi-to-khabar-chpne-s-phle-hi-sudhara-shivira-panchang...kota-news-03-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग  वार्षिक परीक्षाओं के रिजल्ट जारी करने के 24 घंटे बाद ही सप्लीमेंट्री एग्जाम करवाने जा रहा था। लेकिन, दैनिक नवज्योति ने जब शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही को शिक्षा मंत्री के सामने उजागर किया तो विभाग ने खबर छपने से पहले ही शिविरा पंचांग को संशोधित कर दिया। जबकि, पहले दोपहर तक शिक्षा अधिकारियों की ओर से शिविरा पंचांग के अनुसार ही पूरक परीक्षाएं करवाने की बात की जा रही थी। लेकिन, शाम 6 बजते ही निदेशालय बीकानेर ने शिविरा पंचाग संशोधित कर पूरक परीक्षाओं की तिथि 5 दिन आगे बढ़ा दी। नवज्योति के प्रयासों से विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों को राहत मिल सकी। दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए टाइम टेबल के अनुसार, 7 मई को कक्षा 9 व 11वीं के परीक्षा परिणाम जारी किए जाएंगे। इसके अगले दिन 8 मई से पूरक परीक्षाएं होनी थी।  ऐसे में 24 घंटे बाद ही पूरक आए विद्यार्थियों के लिए परीक्षाएं देना संभव नहीं है। विभाग की गफलत के कारण प्रदेशभर के सैंकड़ों विद्यार्थी व अभिभावकों में तनाव में आ गए थे। नवज्योति ने शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के संज्ञान में लाने के तुरंत बाद ही निदेशालय ने शिविरा पंचांग संशोधित कर पूरक परीक्षाओं की तिथि 13 मई कर दी गई।</p>
<p><strong>अब 13 मई से होगी पूरक परीक्षाएं</strong><br />दैनिक नवज्योति के प्रयासों से शिक्षा विभाग ने अपनी गलती मानते हुए पूरक परीक्षाओं का टाइम टेबल संशोधित कर दिया है। ऐसे में अब बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर शेष सभी कक्षाओं के पूरक परीक्षाएं 13 मई से शुरू होंगी, जो 15 मई तक चलेगी। इनमें, सबसे ज्यादा राहत 9वीं व 11वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को मिलेगी। छात्रहित में किए गए नवज्योति के प्रयासों की अभिभावक, छात्र व शिक्षकों ने सराहना की।</p>
<p><strong>दूसरी बार संशोधित हुआ शिविरा पंचांग </strong><br />विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, लोकसभा चुनाव के कारण विभाग ने शिविरा पंचांग में संशोधन किया था। पहले वार्षिक परीक्षाओं के फाइनल परिणाम 30 अप्रेल को जारी होना था। लेकिन, चुनाव के कारण इसमें बदलाव करते हुए 7 मई को परिणाम जारी करने की नई तिथि तय कर दी गई। लेकिन पूरक परीक्षा की तिथि में कोई बदलाव करना भूल गए। इस कारण परिणाम जारी करने के अगले ही दिन पूरक परीक्षा शुरू होनी थी। मजेदार बात यह है कि पूरक परीक्षा खत्म होने के अलगे ही दिन 16 मई को परिणाम भी जारी कर दिया जाना था और इसके अगले ही दिन 17 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रारंभ होना है।   </p>
<p><strong>शिक्षा मंत्री के निर्देश पर संशोधित हुआ शिविरा पंचांग</strong><br />नवज्योति ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के समक्ष विभाग की गफलत  का मामला रखा तो उन्होंने विद्यार्थियों व अभिभावकों के हित में तुरंत अधिकारियों को निर्देशित कर शिविरा पंचांग को संशोधित करवाया और विद्यार्थियों को राहत पहुंचाई। शिक्षक संगठनों ने जताई थी नाराजगी: शिक्षक संगठनों ने पूरक परीक्षा की तैयारी के लिए मिले कम समय को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पूरक परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं देना उनके साथ मजाक है। पहले भी जुलाई के प्रथम सप्ताह में पूरक परीक्षाएं आयोजित होती रहीं हैं। हालांकि, शिक्षा मंत्री के प्रयास से पूरक आए विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी और तैयारी के लिए उचित समय मिल सकेगा।  </p>
<p>मामला संज्ञान में आ गया है। विद्यार्थियों के हित में अधिकारियों को निर्देश देकर पूरक परीक्षाओं के टाइम टेबल में संशोधन करवा दिया है। अब उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए र्प्याप्त समय मिल सकेगा। इसके अलावा शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने और रोजगार से जोड़ने के लगातार प्रयास जारी हैं। <br /><strong>- मदन दिलावर, शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री </strong></p>
<p>जिला समान परीक्षाओं की कक्षा 9 व 11वीं की पूरक परीक्षाओं का संशोधित टाइम टेबल निदेशालय ने जारी कर दिया है। ऐसे में अब यह परीक्षाएं 13 से 15 मई के बीच आयोजित करवाई जाएगी। <br /><strong> - केके शर्मा, जिला शिक्षाधिकारी, शिक्षा विभाग माध्यमिक</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 May 2024 14:28:16 +0530</pubDate>
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                <title>50 फीसदी विद्यार्थी भी नहीं दे पाए सवालों के जवाब </title>
                                    <description><![CDATA[कक्षा 3 से कक्षा 8 तक के आधे विद्यार्थी नहीं दे पाए उत्तर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-50-percent-students-could-not-answer-the-questions/article-73540"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(3)9.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग की ओर से राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम के तहत फरवरी माह में आयोजित हुई आंकलन 2 परीक्षा कर परिणाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में कोटा जिले के कक्षा 3 से 8 तक के करीब 1 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था। शिक्षा विभाग की ओर से जारी परिणाम में कोटा जिले के विद्यार्थियों का प्रदर्शन औसत रहा। जहां औसतन 50 फीसदी विद्यार्थी ही परीक्षा में पूछे गए सवालों को हल कर पाए। वहीं बड़े पैमाने पर आयोजित इस परीक्षा में विद्यार्थियों द्वारा हल किए सवालों की जांच आर्टिफिशियल तकनीक के माध्यम से की गई। राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम के तहत आयोजित परीक्षा में जिले के विद्यालयों में कक्षा 7 के मात्र 25 फीसदी विद्यार्थी ही अंग्रेजी में विराम चिन्हों का उत्तर दे पाए। वहीं हिंदी में कक्षा 8 के मात्र 39 फीसदी विद्यार्थी ही उत्तर दे पाए। जो राजकीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को प्रदर्शित करता है।</p>
<p><strong>कई कक्षाओं के आधे विद्यार्थी उत्तर तक नहीं दे पाए</strong><br />आरकेएसएमबीके के तहत आयोजित परीक्षा के परिणाम में सामने आया कि कोटा में विद्याार्थियों के शिक्षा स्तर में मामूली सा सुधार हुआ है। जहां आंकलन 1 परीक्षा में ये औसत 49 फीसदी था वो बढ़कर 50 फीसदी हुआ है। बात करें कक्षा 3 की तो इसमें अंगे्रजी विषय की परीक्षाओं में औसत 42 फीसदी, हिंदी में 54 फीसदी और गणित में 45 फीसदी विद्यार्थी ही जवाब दे पाए। कक्षा 4 के अंग्रेजी विषय में 39 फीसदी, हिंदी में 48 फीसदी और गणित में 52 फीसदी विद्यार्थी सवाल हल कर पाए। कक्षा 5 के अंग्रेजी विषय में 47 फीसदी, हिंदी में 51 फीसदी और गणित में 58 फीसदी विद्यार्थियों ने उत्तर दिए। कक्षा 6 के अंग्रेजी विषय में 36 फीसदी, हिंदी में 37 फीसदी और गणित में 37 फीसदी विद्यार्थी सवाल हल कर पाए। इसी तरह कक्षा 7 के अंग्रेजी विषय में 32 फीसदी, हिंदी में 44 फीसदी और गणित में 40 फीसदी विद्यार्थी सवाल हल कर पाए। वहीं कक्षा 8 के अंगे्रजी विषय में 44 फीसदी, हिंदी में 46 फीसदी और गणित में 44 फीसदी विद्यार्थी ही हल कर पाए। </p>
<p><strong>शिक्षा विभाग ने समीक्षा हेतु बनाई योजना</strong><br />मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी चारूमित्रा सोनी ने बताया कि जिन कक्षाओं में 50 फीसदी से कम विद्याार्थी सवालों के जवाब दे पाए हैं उनके लिए विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार कर ली गई है। जिसके तहत जो विद्यार्थी आंकलन परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं उन्हें शिक्षकों के साथअभिभावकों की ओर से भी पढ़ाई में सहायता करने व हर सप्ताह आकेएसएमबीके की कार्यपुस्तिका के अभ्यासों को हल करवाने का कार्य किया जाना है। ताकी जो बच्चे पीछे छूट गए हैं उन्हें बाकियों के बराबर ला सकें। सवाल हर साल दो बार हो रही परीक्षा फिर भी स्थिति वैसी क्यों: आंकलन 2 परीक्षा का परिणाम आने के पश्चात सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि विभाग की ओर से हर साल दो बार यह परीक्षा आयोजित की जाती है जिसमें विद्यार्थियों की दक्षता की स्थिति परखी जाती है। लेकिन बावजूद इसके विद्यार्थियों की दक्षता के स्तर में कोई खासा बदलाव नहीं देखा गया है। जिले में प्रथम पारी के दौरान कक्षा 3 से कक्षा 8 तक 80 हजार विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी थी जिसमें लगभग आधे विद्यार्थी सवालों के जवाब देने में असमर्थ रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Mar 2024 14:57:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विधानसभा चुनाव की भेंट चढ़ी उच्च शिक्षा, कोर्स पूरा करवाना बना चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा चुनाव आगामी 25 नवम्बर को सम्पन्न होंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/higher-education-becomes-victim-of-assembly-elections--completing-the-course-becomes-a-challenge/article-59373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/kota2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजस्थान विधानसभा चुनाव 25 नवम्बर को हैं लेकिन चुनाव से पहले ही उच्च शिक्षा का समीकरण गड़बड़ा गया। कोटा जिले के 11 राजकीय महाविद्यालयों में करीब आधे से ज्यादा पुरूष शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई है। जिससे कॉलेज का शैक्षणिक गणित डगमगा गया। इन दिनों सभी शिक्षक चुनाव अधिकारी द्वारा दिए गए कार्य को अंजाम देने में जुटे हैं। सुबह कॉलेज आने के बाद संबंधित बूथों पर दौड़ लगा रहे हैं। इससे उनके मूल कार्य सहित विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो गई। हालांकि, शिक्षा की कमान महिला शिक्षकों ने संभाली है। दो सेशन के स्टूडेंट्स को एक साथ बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। लेकिन एक सेशन में ही 150 से ज्यादा स्टूडेंट्स हैं, ऐसे में दो सेशन को मिलाकर 300 से अधिक स्टूडेंट्स होते हैं। जिन्हें एक ही शिक्षक को पढ़ाना पड़ रहा है। इस तरह न तो शिक्षक अपनी बात समझा पाता है और न ही स्टूडेंट्स अपने डाउट क्लिीयर कर पाते हैं। </p>
<p><strong>दो माह चुनाव ड्यूटी और तीसरे माह परीक्षा</strong><br />विधानसभा चुनाव आगामी 25 नवम्बर को सम्पन्न होंगे। ऐसे में राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षक करीब दो माह तक चुनावी कार्यों में व्यस्त रहेंगे। वहीं, तीसरे महीने  यानी दिसम्बर में यूजी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा प्रस्तावित है, ऐसे में विद्यार्थियों का कोर्स पूरा करवाना महाविद्यालय प्रशासन के लिए चुनौति बना हुआ है। जबकि, अभी तक सिलेबस भी पूरा बनकर तैयार नहीं किया गया। शहर के कुछ कॉलेजों में तो फैकल्टी पर्याप्त होने से महिला शिक्षक उनकी अनुपस्थिति में क्लास ले लेती हैं लेकिन शहर व ग्रामीण इलाकों में आधे से ज्यादा पद ही खाली चल रहे हैं। ऐसे में इक्की-दुक्की फैकल्टी जैसे-तैसे कॉलेज चला रही हैं, जिनमें से भी कुछेक की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई। ऐसे में यहां पढ़ाने वाला ही नहीं बचा। </p>
<p><strong>300 विद्यार्थियों को पढ़ा रहा एक शिक्षक</strong><br />शहर के बड़े राजकीय महाविद्यालयों में पुरूष शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगने से उनके सब्जेक्ट की क्लास भी महिला शिक्षक ले रहीं हैं। गवर्नमेंट साइंस, जेडीबी साइंस, जेडीबी कॉमर्स, गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेजों में एक कक्षा में दो सेक्शन को एक साथ बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। एक सेशन में ही 150 से अधिक विद्यार्थी हैं, ऐसे में दोनों सेशन को मिलाकर 300 से ज्यादा विद्यार्थी होते हैं। जिन्हें एक ही शिक्षक पढ़ा रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों व शिक्षक का अनुपात बिगड़ जाता है। इस स्थिति में शिक्षक को विद्यार्थियों को ठीक से अपनी बात समझाने में काफी परेशानी होती है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन द्वारा पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>सबसे ज्यादा चुनाव ड्यूटी में गवर्नमेंट साइंस के शिक्षक</strong><br />जिले में सबसे ज्यादा शिक्षक गवर्नमेंट साइंस कॉलेज के लगाए गए हैं। यहां कुल पुरूष शिक्षकों की संख्या 23 है। जिसमें से 19 की ड्यूटी लगी है। ऐसे में उनके लिए चुनाव संबंधित कार्य प्राथमिक हो गए। इन शिक्षकों को सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं, जो अपने अपने बूथों इलाकों में घूमकर संवेदनशील इलाके, कोई मतदाता भयवह है या नहीं, शांतिपूर्ण मतदान की व्यवस्था सहित अन्य कार्य करने होते हैं। इसके अलावा कभी ट्रैनिंग प्रोग्राम में शामिल होना पड़ता है। दिनभर की भागदौड़ के बाद उनके लिए वापस कॉलेज जाकर क्लास लेना संभव नहीं हो पाता। </p>
<p><strong>रामगंजमंडी में 5 विषयों की नहीं लगती कक्षा</strong><br />राजकीय महाविद्यालय रामगंजमंडी के प्रो. संजय गुर्जर बताते हैं, महाविद्यालय में 7 विषय स्वीकृत हैं, जिनमें से 5 विषयों के अध्यापकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। जिसकी वजह से आर्ट्स में अंग्रेजी, हिन्दी ,इतिहास और कॉमर्स में बिजनेस एडमिनेस्ट्रेशन व अर्थशास्त्र की कक्षाएं नहीं लग पाती। जबकि, संस्कृत और ज्योग्राफी की क्लास लगती है लेकिन संस्कृत में बच्चे कम है। ऐसे में मुख्य क्लास ज्योग्राफी की ही संचालित होती है। हालांकि, महाविद्यालय में से अभी तक किसी भी चुनाव में ड्यूटी नहीं लगी है।</p>
<p><strong>किस कॉलेज में कितने शिक्षकों की लगी चुनाव ड्यूटी</strong><br /><strong>महाविद्यालय               पुरूष शिक्षक      चुनाव ड्यूटी </strong><br />गवर्नमेंट साइंस कॉलेज     23                  19<br />राजकीय कला महाविद्यालय    25             05<br />जेडीबी साइंस कॉलेज    04                      03<br />जेडीबी आर्ट्स कॉलेज    10                      04<br />जेडीबी कॉमर्स कॉलेज    04                      03<br />राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय    08        06<br />गवर्नमेंट लॉ कॉलेज    02                        02<br />राजकीय कनवास कॉलेज    04                 03<br />गवर्नमेंट सांगोद कॉलेज    02                   02<br />राजकीय इटावा कॉलेज    01                    00<br />राजकीय रामगंजमंडी    02                      00</p>
<p><strong>क्या कहते हैं प्राचार्य</strong><br />विधानसभा चुनाव भी जरूरी है। ड्यूटी से शैक्षणिक व्यवस्थाएं खास प्रभावित नहीं होती। दो सेशन को एक साथ बिठाकर बच्चों की कक्षाएं लगवाते हैं। प्राचार्य होने के नाते मैं खुद अकाउंटेंसी की कक्षाएं ले रही हूं। सिलेबस पूरा करवाया जा रहा है।<br /><strong>- डॉ. वंदना आहूजा, प्राचार्य, जेडीबी कॉमर्स कॉलेज</strong></p>
<p>जुलॉजी, हिन्दी व कैमेस्ट्री के तीन शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी लगी है। उनके सब्जेक्ट के अन्य शिक्षक भी कॉलेज में कार्यरत हैं। जिस दिन वे चुनावी कार्य या ट्रैनिंग प्रोग्राम में होते हैं तो एक दो सेशन को एक साथ बिठाकर पढ़ा रहे हैं। शैक्षणिक कार्य व्यवस्थित तरीके से किए जा रहे हैं। छात्राओं की पढ़ाई बाधित होने नहीं देंगे। <br /><strong>- डॉ. फातिमा सुल्ताना, प्राचार्य, जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>
<p>महाविद्यालय में शैक्षणिक कार्य व्यवस्थित तरीके से ही जारी हैं। यहां र्प्याप्त शिक्षक हैं। कॉलेज आने वाले सभी संकाय के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। पढ़ाई बाधित होने जैसी कोई बात नहीं है। सेमेस्टर एग्जाम का पेटर्न समझाने से लेकर सिलेबस पूरा करवाने तक के सभी कार्य व्यवस्थापूर्ण पूरे करवाए जा रहे हैं।  <br /><strong>-प्रो. रोशन भारती, प्राचार्य, गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br />शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगने से कक्षाएं तो प्रभावित हो रही हैं। कैमेस्ट्री व गणित के शिक्षक की अनुपस्थिति में दो सेशन को एक साथ बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। इससे शिक्षकों की बात अधिकतर विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पाती। जिससे पढ़ाया गया टॉपिक समझ में नहीं आ पाता। <br /><strong>- राजेंद्र नागर, छात्र, प्रथम वर्ष</strong> </p>
<p>कॉलेज में 4 में से 3 शिक्षकों की इलेक्शन में ड्यूटी लगा दी गई। जबकि, यहां पहले से ही शिक्षकोें की कमी है। जिसकी वजह से ज्योग्राफी व राजनेतिक विज्ञान की कक्षाएं नहीं लगती। अब संस्कृत सहित तीन विषयों की कक्षा भी समय पर नहीं लग पाती। पढ़ाई का नुकसान हो रहा। <br /><strong>- गौरव कुमार, छात्र, कनवास कॉलेज </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Oct 2023 20:29:42 +0530</pubDate>
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