<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/environmental-policy/tag-66178" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Environmental Policy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/66178/rss</link>
                <description>Environmental Policy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण की जांच को लेकर विधायक ​गीता बरबड़ ने बोला राज्य सरकार पर हमला, कहा-घोड़ावत में संचालित औद्योगिक इकाई द्वारा हो रहा सबसे ज्यादा प्रदूषण</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विधानसभा में विधायक गीता बरबड़ ने घोड़ावत में संचालित उद्योगों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण का मुद्दा उठाया। पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा इकाई का पुन: निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/regarding-the-investigation-of-pollution-in-industrial-units-mla-geeta/article-145334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/geeta-barbad.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को घोड़ावत में संचालित औद्योगिक इकाई द्वारा प्रदूषण का प्रश्न उठा।  विधायक गीता बरबड़ ने यह प्रश्न उठाया। विधायक के मुद्दे पर पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि दोबारा निरीक्षण करेंगे। फैसला करेंगे कि उद्योग प्रदूषण फैला रहे हैं या नहीं फैला रहे। संजय शर्मा ने कहा कि प्रदूषण मंडल द्वारा निरीक्षण किया जाता है। कमी पाई जाती है तो नियम प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही की जाती है। अभी तक किसी ग्रामवासी के द्वारा जिलाधिकारी या प्रदूषण मंडल में शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/regarding-the-investigation-of-pollution-in-industrial-units-mla-geeta/article-145334</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/regarding-the-investigation-of-pollution-in-industrial-units-mla-geeta/article-145334</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 13:11:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/geeta-barbad.png"                         length="1104935"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिलाड़ा में जूलीफ़्लोरा हटाने की कार्यवाही जल्द करेगी सरकार:  25000 नए पौधों का रोपण,  अवैध खनन और अतिक्रमण की जहां जहा शिकायत प्राप्त हुई वहां कार्रवाई हुई</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को बिलाड़ा क्षेत्र की वन भूमि का मुद्दा गूंजा। वन मंत्री संजय शर्मा ने जानकारी दी कि 6 हेक्टेयर से अधिक भूमि से जूलीफ्लोरा (विदेशी बबूल) हटाया गया है और 25,000 नए पौधे लगाए गए हैं। विधायक अर्जुन लाल ने अवैध खनन, अतिक्रमण और वन भूमि के डिमार्केशन (सीमांकन) को लेकर सरकार से जवाब मांगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-soon-take-action-to-remove-juliflora-in-bilara/article-145325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/vidhansabha.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग के नाम दर्ज आरक्षित भूमि का प्रश्न उठा। विधायक अर्जुन लाल का प्रश्न पर वन मंत्री संजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि जिन-जिन वन क्षेत्र में अवैध खनन और अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त हुई है उनकी कार्रवाई की गई है। शर्मा ने सदन में इसकी जानकारी दी। विधायक अर्जुन लाल ने पूछा कि बिलाड़ा के 14 गांवों में जूलीफ्लोरा के पेड़ों का कितना उन्मूलन हुआ।</p>
<p>किस गांव से कितना उन्मूलन हुआ, कितने पौधे लगाए गए। मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि 6 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि से जूलीफ्लोरा को हटाया गया है, 25000 नए पौधों का रोपण किया गया है। अर्जुन लाल ने पूछा कि बिलाड़ा की वन भूमि का डिमार्केशन हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-soon-take-action-to-remove-juliflora-in-bilara/article-145325</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-soon-take-action-to-remove-juliflora-in-bilara/article-145325</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 12:50:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/vidhansabha.png"                         length="1113904"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन्यजीव संरक्षण के लिए चीन ने तैयार की नयी आद्रभूमि संरक्षण व्यवस्था, इकोलॉजिकल प्रयासों को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग ने तालाबों व दलदलों की सुरक्षा हेतु बहु-स्तरीय व्यवस्था लागू की, जिससे 83 प्रतिशत से अधिक आद्रभूमि संरक्षित होकर वन्यजीव विविधता को सुरक्षित आवास मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-has-prepared-a-new-wetland-conservation-system-for-wildlife/article-141825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(14)2.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन की राजधानी बीजिंग ने अपने तालाब और दलदल स्थलों की सुरक्षा के लिए एक बहु-स्तरित संरक्षण व्यवस्था तैयार की है, जिससे उसकी वन्यजीव आबादी को प्रमुख आवास मिलेगा। बीजिंग नगर पालिका वानिकी और उद्यान ब्यूरो ने सोमवार को बताया कि यह नयी व्यवस्था उसके 83.15 प्रतिशत तालाबों और दलदलों (आद्रभूमि) को संरक्षित करती है। ब्यूरो के अनुसार, यह नयी व्यवस्था वन्यजीव विविधता संरक्षण और दूसरे इकोलॉजिकल प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए बीजिंग के प्राकृतिक रिजर्व, आद्रभूमि पार्क और दूसरे छोटे संरक्षित आद्रभूमि इलाकों का इस्तेमाल करता है। </p>
<p>पिछले पांच वर्षों में बीजिंग ने आद्रभूमि संरक्षण को बेहतर बनाने का काम जारी रखा गया है। अब तक, नगर पालिका की 61,200 हेक्टेयर आद्रभूमि में 50 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय पौधों की प्रजातियां और 76 प्रतिशत स्थानीय जंगली जानवरों की प्रजातियां रहती हैं। बीजिंग के ये नये प्रयास आद्रभूमि संरक्षण और बहाली में चीन की बड़ी योजना का हिस्सा हैं। हाल के वर्षों में, देश ने कानूनी सुरक्षा उपायों को मजबूत किया है और आद्रभूमि संरक्षण के लिए अपनी प्रबंधन व्यवस्था में सुधार किया है। राष्ट्रीय वानिकी एवं चारागाह प्राधिकरण ने कल कहा कि इसका कुल आद्रभूमि क्षेत्र अब एशिया में पहले और दुनिया में चौथे स्थान पर है। </p>
<p>प्राधिकरण ने कहा कि 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2026-2030) के दौरान, चीन आद्रभूमि के लिए अपने कानूनी और नियामक ढांचे में और सुधार करेगा, आद्रभूमि संरक्षण के लिए निगरानी और शुरुआती चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करेगा, और आद्रभूमि पारिस्थितिक उत्पादों के मूल्य को महसूस करने के लिए तंत्र स्थापित करने में तेजी लाएगा।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/china-has-prepared-a-new-wetland-conservation-system-for-wildlife/article-141825</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/china-has-prepared-a-new-wetland-conservation-system-for-wildlife/article-141825</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 17:23:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2814%292.png"                         length="1524188"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने कहा, एनसीएपी को कानूनी रूप से और सशक्त बनाकर निधि बढ़ाने की जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने NCAP को कानूनी दर्जा देने और इसका बजट बढ़ाकर 25,000 करोड़ करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश के 1,787 प्रदूषित शहरों में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-said-there-is-a-need-to-increase-funds-by/article-139161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि वायु प्रदूषण राष्ट्रीय समस्या बन गई है इसलिए इसकी निगरानी के लिए बने राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम (एनसीएपी) का कानूनी आधार और मजबूत कर अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के साथ ही इसका तत्काल पुनर्गठन किया जाना चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को यहां एक बयान में एनसीएपी की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि सैटेलाइट डेटा आधारित इस अध्ययन के अनुसार देश के 4,041 नगरों में से 1,787 शहर बीते पाँच वर्षों में लगातार राष्ट्रीय मानकों से अधिक प्रदूषित रहे है। इसके बावजूद एनसीएपी के तहत केवल 130 शहरों को शामिल किया गया है, जो गंभीर रूप से प्रदूषित शहरों का महज चार प्रतिशत है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एनसीएपी को''नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम'' के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में यह एक 'नोशनल क्लीन एयर प्रोग्राम' बनकर रह गया है। इससे जुड़े 130 शहरों में से 28 शहरों में आज तक वायु गुणवत्ता मापन के निगरानी स्टेशन नहीं  हैं और जहाँ हैं वहाँ भी प्रदूषण का स्तर बेहद ङ्क्षचताजनक है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने एनसीएपी कानूनी दर्जा देने की मांग की और कहा कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन की सख्त व्यवस्था के साथ ही एनसीएपी की मौजूदा फंडिंग व्यवस्था को बढ़ाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि वर्तमान में इसके लिए लगभग 10,500 करोड़ रुपये के बजट को 131 शहरों में बाँटा जा रहा है, जबकि वास्तविक जरूरत इससे 10 से 20 गुना अधिक की है। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीएपी को कम से कम 25,000 करोड़ रुपये देकर देश के 1,000 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों और कस्बों वह इसके दायरे में लाया जाना चाहिए।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा, एनसीएपी का प्रदर्शन मापने का पैमाना पीएम 2.5 स्तर होना चाहिए और इसका फोकस ठोस ईंधन के जलने, वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण जैसे प्रमुख स्रोतों पर केंद्रित किया जाना चाहिए। कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में इस साल के अंत तक एफजीडी अनिवार्य रूप से लगाने, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की स्वतंत्रता बनाये रखने और मोदी सरकार में बने जन विरोधी पर्यावरण कानून संशोधनों को वापस लेने की भी मांग दोहराई।</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार संसद में वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य प्रभावों को बार-बार कमतर दिखाने की कोशिश कर अपनी अक्षमता और लापरवाही को छिपाने का प्रयास करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-said-there-is-a-need-to-increase-funds-by/article-139161</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-said-there-is-a-need-to-increase-funds-by/article-139161</guid>
                <pubDate>Sun, 11 Jan 2026 17:41:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/jairam-ramesh.png"                         length="1309205"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        