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                <title>उर्वशी रौतेला ने 190 करोड़ में खरीदा बंगला</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के मध्य में स्थित, यह आलिशान बंगला चार माले का है, जहां उर्वशी के लिए सभी तरीके की सुविधाएं मौजूद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/urvashi-rautela-bought-bungalow-for-190-crores/article-47394"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/urwashi.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने मुंबई में 190 करोड़ में बंगला खरीदा है। उर्वशी रौतेला अपने नए घर को लेकर चर्चा में है। वह अब मुंबई में दिवंगत फिल्म निर्माता यश चोपड़ा के घर के बगल में स्थित एक शानदार बंगले में रहने लगी हैं, जिसकी कीमत 190 करोड़ रूपये है।</p>
<p>मुंबई के मध्य में स्थित, यह आलिशान बंगला चार माले का है, जहां उर्वशी के लिए सभी तरीके की सुविधाएं मौजूद है। बंगले का आर्किटेक्चर बहुत ही खूबसूरत है और क्लासी है, जबकि बंगले का इंटीरियर भाग आधुनिक तस्वीरो और कलाकीर्तियो से सजा हुआ है। चार मंजिल के इस भव्य बंगले में, बंगले में एक भव्य गार्डन, जिम और भिन्न सुविधाएँ मौजूद है। उर्वशी ने अपने घर से कुछ तस्वीरें शेयर की हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jun 2023 11:41:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title> अस्पतालों में नई व्यवस्था : दवाओं का दर्द बन रहा अब नया मर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[मरीज को अस्पताल में डॉक्टर से दिखाने से लेकर दवा लेने तक 5 से 6 घंटे लग रहे हैं। उस पर दवाएं नहीं मिलने से बाजार से दवा खरीदना मजबूरी बना हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-system-in-hospitals--now-the-pain-of-medicines-is-becoming-a-new-merge/article-11344"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/hospital-dawao-ka-dard...-kota-news-4.6.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के बड़े एमबीएस और जेकेलोन अस्पताल में अव्यवस्थाओं का दर्द तो मरीज पहले ही झेल रहे थे अब दवाओं का टोटा दोहरा दर्द दे रहा है। अस्पतालों में नये वित्त वर्ष शुरू होने के साथ ही दवाओं की सप्लाई गड़बड़ाने का सिलसिला  जारी है। जहां एक ओर  सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज नि:शुल्क  कर दिया है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल के हालात ऐसे हैं कि सामान्य दवा भी मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत मरीजों को नहीं मिल पा रही है।  ऐसे में अस्पतालों के बदतर हालात नि:शुल्क दवा की पोल खोल रहे है।  इससे मरीजों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। <br /><br /><strong>यूं जांची नवज्योति ने व्यवस्था</strong><br /> संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में आप इलाज के लिए जा रहे हैं तो घर से पहले घंटों लाइन में खड़े रहने के लिए तैयार होकर ही जाएं। यहां पर्ची बनाने से लेकर डॉक्टर तक दिखाने में घंटों लाइन में धक्के खाना पड़ेगा। डॉक्टर को दिखाने के बाद नि:शुल्क दवा लेने टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। अस्पताल में आए दिन मरीजों को इस समस्या से दो चार होना पड़ा रहा है। दैनिक नवज्योति ने मरीजों की इस समस्या जानने के लिए पर्ची काउंटर से लेकर दवा लेने तक लाइन खड़े रहकर जांच की तो एक मरीज को अस्पताल में डॉक्टर से दिखाने से लेकर दवा लेने तक 5 से 6 घंटे लग रहे हैं। उस पर दवाएं नहीं मिलने से बाजार से दवा खरीदना मजबूरी बना हुआ है। <br /><br /><strong>समय सुबह 9 बजे</strong> <br />नवज्योति टीम का एक सदस्य एमबीएस अस्पताल में  9 बजे पर्ची काउंटर में लाइन में लगा। करीब 15 मिनट के कतार में खड़ा रहने के बाद पर्ची बनी। <br /><br /><strong>दवा लेने में लगे दो घंटे</strong><br />मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा केंद्र पर11 बजे लाइन में लगे। लाइन इतनी लंबी थी की हमारे काउंटर तक पहुंचने में पौन घंटा लग गया। उसके बाद पर्ची में छह दवा में से दो दवा मिली . चार दवा पास वाले काउंटर पर लेने के लिए कहा। दवा लेकर दूसरे काउंटर पर लाइन में लगे तो एक सज्जन ने बताया कि पहले पर्ची की जैराक्स करा कर लाएं. फिर ही दवा मिलेगी। उसके बाद टीम का सदस्य पर्ची की फोटा काफी कराने गया. वहां भी लाइन लगी थी. करीब 15 मिनट के इंतजार के बाद फोटो कापी लेकर दवा काउंटर की लाइन में लगे तो करीब आधा घंटे बाद नंबर आया। इस काउंटर पर भी 3 तीन दवा ही मिली। एक दवा बाहर से खरीदी। <br /><br /><strong>9.15 बजे से 10.50 बजे आउटडोर की कतार में</strong><br />पर्ची बनाने के बाद टीम का सदस्य 9.15 बजे कमरा नं. 104 में आउटडोर में दिखाने के लिए मरीजों की लाइन में लगा। करीब 1 घंटा 35 मिनट डॉक्टर को दिखाने में लगे। उसके बाद डॉक्टर से बुखार, चक्कर आने उल्टी दस्त की दवाई लिखी पर्ची लेकर मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा काउंटर पर पहुंचे।<br /><br /><strong>कई काउंटर पर पेरासिटामोल तक नहीं मिल रही</strong> <br /> हनुमान प्रसाद राठौड़ ने बताया कि सरकार ने 1 अप्रैल से सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज नि:शुल्क कर दिया है। सरकारी अस्पताल में ओपीडी और आईपीडी को नि:शुल्क करने का निर्देश दिया गया है। सीटी स्कैन और अन्य कई बड़ी जांचें तक नि:शुल्क हो रही है, लेकिन अस्पतालों के हालात ऐसे हैं कि सामान्य मेडिसिन भी मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं।  एंटी कोल्ड दवा हो या फिर एंटी एलर्जी यह सामान्य दवाएं भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। ये हालात मेडिकल कॉलेज कोटा के  जुड़े अस्पतालों के हैं।  अस्पतालों में दवाइयां ही उपलब्ध नहीं है। <br /><br /><strong>एंटीकोल्ड, बीपी की दवा के लिए भी लगाने पड़ते हैं चक्कर</strong><br />तीमारदार उमेरुद्दीन ने बताया कि एंटीकोल्ड, टिटनेस, वैक्सीन, बीपी के मरीजों के काम आने वाली लोसार्टन 50, दस्त की दवा मेट्रोजिल, एंटी एलर्जी सीपीएम, दर्द की डॉइक्लोफिनेक और सीरिंज 5 और 2 एमएल जैसी दवाइयां नहीं हैं।  साथ ही एंजायटी में काम आने वाली क्लोनजपम भी लंबे समय से नहीं आ रही हैं। एक कांउटर से दूसरे काउंटर पर दवा के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता है। दवा नहीं मिलने पर दूसरे काउंटर के लिए दवा की पर्ची की फोटो कापी देनी पड़ती है। ऐसी लच्चर व्यवस्था के कारण नि:शुल्क दवा लाभ नहीं मिल रहा बाहर से दवा खरीदना मजबूरी बन गया है। डॉक्टर बाहर की दवा लिख नहीं सकते ऐसे मरीज के हाल बुरे हो रहे है। <br /><br /><strong>कई काउंटरों के चक्कर लगाकर मिल रही दवाइयां</strong> <br />तीमारदार नाथूलाल ने बताया कि मरीज  अस्पताल में डॉक्टर के पास से पर्ची पर दवाइयां लिखकर पहले एक काउंटर पर जाता है लेकिन वहां दवाइयां नहीं मिलती हैं।  मरीज को ऐसे ही कई काउंटरों के चक्कर लगाने पड़ते है लेकिन इसके बावजूद उसे दवाइयां नहीं मिल पा रही है।  जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ रहा है।  एमबीएस अस्पताल में बीते ढाई महीने से यूरिन बैंग की सप्लाई भी नहीं हो रही है।  ऐसे में मरीजों के परिजनों को इमरजेंसी होने पर निजी मेडिकल स्टोर की तरफ भागना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>5 लाख टेबलेट सीपीएम हो रही खपत</strong><br /> एक ही महीने में जुकाम और स्किन एलर्जी में उपयोग आने वाली सीपीएम की खपत करीब 5 लाख टेबलेट की हो रही है।  बीपी के मरीज के काम आने वाली लोसर्टन व सर्दी जुकाम में उपयोगी एंटी कोल्ड की खपत 30-30 हजार गोलियां हैं।  डॉइक्लोफिनेक 50 एमजी टेबलेट की खपत भी हर माह करीब एक लाख रहती है।  ऐसे में बड़ी मात्रा में मरीजों को यह सामान्य दवा भी नहीं मिल पा रही है।  हालात ये भी हैं कि अस्पतालों में हर माह एक लाख सीरिंज की जरूरत है, लेकिन यह बीते 2 से 3 महीने से नहीं आ रही है।  अस्पताल को एनओसी मिलने पर कुछ खरीद स्थानीय स्तर पर कर लेता है लेकिन स्टॉक तुरंत खत्म हो जाता है।  दूसरी तरफ अस्पतालों को यह महंगी भी पड़ रही है। राजस्थान सरकार ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को ओपीडी और आईपीडी जैसी सुविधाएं नि:शुल्क की हैं। <br /><br /><strong>पांच से सात दवाओं रोज कटती एनओसी</strong><br />कई दवाएं राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन से ही सप्लाई नहीं हो रही है।  ऐसे में इन सभी दवाओं की खरीद स्थानीय स्तर पर करने के लिए एनओसी जारी की जा रही है। एमबीएस के ड्रग वेयरहाउस की बात की जाए तो वहां से लगातार पांच से सात दवाइयों की एनओसी जारी हो रही है। इनमें से कई दवाएं तो ऐसी है जिनकी खरीद के लिए प्रदेश स्तर पर राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन का रेट कॉन्ट्रेक्ट ही खत्म हो गया है।  ऐसे में अब दोबारा रेट कॉन्टेÑक्ट होगा, उसमें समय लगेगा, तब तक अस्पतालों में यह दवाओं की उपलब्धता नहीं रहेगी। इनकी एनओसी काटकर मंगवाई जा रही है। <br /><br /><strong>20 फीसदी दवाएं नहीं है उपलब्ध</strong><br />राज्य सरकार के मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में करीब 969 दवाएं मरीजों को फ्री देनी है।  लेकिन इनमें से 20 फीसदी यानी करीब 180 दवा उपलब्ध ही नहीं है। केवल 791 दवाएं ही अस्पताल में मिल रही है।  अधिकांश जो दवाइया उपलब्ध नहीं है, वहीं रूटीन सर्वाधिक उपयोग में आने वाली दवाइयां है।  एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. नवीन सक्सेना का कहना है कि वे स्थानीय स्तर पर खरीदकर मरीजों को दवा उपलब्ध करवाते हैं।  जैसे ही दवा खत्म होती है और उसकी ड्रग वेयरहाउस से सप्लाई बंद हो जाती है। उसके बाद एमसीडीडब्ल्यू से एनओसी लेकर दवा खरीद ली जाती है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />हर साल मार्च के बाद अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होता है। ऐसे में दवाओं खरीद के आर्डर लगते है। एक आर्डर में एक से दो महीने सप्लाई में लग जाते ऐसे में दवा उपलब्धता कम हो जाती है। करीब एक हजार तरह की दवा की सप्लाई होती है। कुछ दवाएं खत्म होने पर ड्रग वे हाउस से एनओसी जारी कर दी जाती  है। जिससे लोकल स्तर पर खरीद अस्पताल प्रशासन कर सकता है। <br /><strong>- सुनील सोनी,  औषधी भंडार प्रभारी मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jun 2022 16:45:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दो दोस्तों ने मिलकर खरीदा एक द्वीप, बना रहे खुद का देश, कोई भी बन सकता है मालिक</title>
                                    <description><![CDATA[अमीरों की निशानी क्या है... बड़ा घर, लग्जरी गाड़ी और ढेर सारे पैसे। लेकिन एक द्वीप का मालिक होना आपको अमीरों की भी एक अलग कैटेगरी में शामिल कर देता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/two-friends-bought-an-island-together--making-their-own-country--anyone-can-become-the-owner/article-6108"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/99.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। अमीरों की निशानी क्या है... बड़ा घर, लग्जरी गाड़ी और ढेर सारे पैसे। लेकिन एक द्वीप का मालिक होना आपको अमीरों की भी एक अलग कैटेगरी में शामिल कर देता है। एक प्रोजेक्ट के तहत अब आम आदमी भी अपने खुद के द्वीप का मालिक हो सकता है। गैरेथ जॉनसन और मार्शल मेयर ने 2018 में लेट्स बाय एन आइलैंड प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। दोनों ने मिलकर एक क्राउड-फंडिंग कैंपेन की शुरूआत की और सिर्फ निवेश की मदद से वे 250,000 पाउंड (2.50 करोड़ रुपए) का फंड जुटाने में कामयाब हुए। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इस पैसे से दोनों ने कैरेबियन में एक निर्जन द्वीप खरीदा। दोनों पार्टनर इस द्वीप को पर्यटन के लिए विकसित करना चाहते हैं, इससे होने वाले लाभ को बांटना चाहते हैं और आम आदमी के द्वीप का मालिक होने के सपने को पूरा करना चाहते हैं। जॉनसन ने कहा कि अपना खुद का देश बनाने का सपना किसका नहीं होता? अगर कुछ लोगों का समूह यह काम कर सकता है तो शायद यह अच्छाई की दिशा में एक कदम हो सकता है।</p>
<p><br /><strong>सेना के बिना बन चुका है पूरा देश</strong><br />जॉनसन ने दिसंबर 2019 तक बेलीज के तट पर 1.2 एकड़ के एक द्वीप कॉफी कोई को खरीदने के लिए फंड जुटाया। इसे प्रिंसिपिलिटी आॅफ आइलैंड के रूप में परिभाषित किया गया। इस माइक्रोनेशन को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं मिली है लेकिन इसका अपना राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय गान और अपनी सरकार है। जॉनसन के कहा कि हम एक देश होने के उतने ही करीब हैं जितना आप एक सेना और नौसेना के बिना हो सकते हैं।</p>
<p><br /><strong>एक शेयर खरीदने के लिए चाहिए 2.50 लाख रुपए</strong><br />उनके साथी मेयर ने कहा कि जब जॉनसन ने मुझे इस आइडिया के बारे में बताया तो मैंने सोचा कि यह असंभव है। लेकिन जब उन्होंने यह बताना शुरू किया कि एक द्वीप की लागत कितनी हो सकती है तो हमनें महसूस किया कि दुनिया के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहां एक द्वीप खरीदना संभव हो सकता है, खासकर तब जब एकसाथ मिलकर फंड जुटाया जाए। द्वीप के एक शेयर की कीमत 3250 डॉलर है। लोग जितने चाहें उतने शेयर खरीद सकते हैं लेकिन लोकतांत्रिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रत्येक व्यक्ति को केवल एक वोट देने की अनुमति होगी। दोनों पार्टनर्स अब तक 100 शेयर बेच चुके हैं और उनके निवेशक 25 अलग-अलग देशों से हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 12:42:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दस साल से काम नहीं आई छोटी दमकल, फिर भी ख्ररीद ली 16 करोड़ में बड़ी दमकल</title>
                                    <description><![CDATA[दस साल पहले अग्नि शमन के बेड़े के लिए ख्ररीदी 42 मीटर वालीे हाइड्रोलिक दमकल एक दिन भी आग बुझाने के काम नहीं आई उसकी मरम्मत पर ही निगम लाखों रुपए खर्च करता है।  इसके बावजूद राज्य सरकार ने निगम के लिए 16 करोड़ की कीमत से  एक और हाइड्रोलिक दमकल खरीद ली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/small-fire-brigade--not-working-for-ten-years--yet-bought-big-fire-brigade-for-16-crores/article-5626"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/whatsapp-image-2022-03-07-at-14.02.57.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा । दस साल पहले अग्नि शमन के बेड़े के लिए ख्ररीदी 42 मीटर वालीे हाइड्रोलिक दमकल एक दिन भी आग बुझाने के काम नहीं आई,उलटा अधिकतर समय खड़ी रहने से वह कई बार खराब हो गई। उसकी मरम्मत पर ही निगम लाखों रुपए खर्च करता है।  इसके बावजूद राज्य सरकार ने निगम के लिए 16 करोड़ की कीमत से  एक और हाइड्रोलिक दमकल खरीद ली है। स्थिति यह है कि 42 मीटर की हाइड्रोलिक दमकल तो दस साल से काम नहीं आ पाई इसके बावजूद नई दमकल 60 मीटर वाली खरीदी गई है। इतना ही नहीं फिनलैंड से आने वाली यह दमकल अब तक निगम के हाथ नहीं आई है। इसे दिसम्बर तक यहां आना था इसके बावजूद  इसके पेटे  16 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। इसकी डिलीवरी को लेकर अब रूस-यूक्रेन युद्ध को कारण बताया जा रहा है। <br /><br /><strong>बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने के  काम आ सकती है</strong><br />कोटा में बहुमंजिला इमारतों की बाढ़ से आई हुई है। हॉस्टल से लेकर कोचिंग संस्थान तक और आवासीय बहुमंजिला इमारतें बन रहीे हैं। नए कोटा में अधिकतर बहुमंजिला इमारतें बनी हैं। जबकि नदी पार लैंडमार्क के अलावा अब बारां रोड, बूंदी रोड व कुन्हाड़ी समेत शहर के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार इमारतें बन रही हैं। ऐसे में बहुमंजिला इमारतों में लगने वाली आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक दमकल काम आ सकती है।  <br /><br /><strong>दस साल पहले आई थी 42 मीटर वालीे हाइड्रोलिक</strong><br />राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2012 में भी एक हाइड्रोलिक दमकल खरीदी गई थी। वह दमकल भी फिनलैंड से आई थी। दस साल से वह नगर निगम कोटा के अग्निशमन बेड़े में शामिल है। लेकिन अच्छी बात है कि अभी तक उसका आग बुझाने में उपयोग नहीं हो सका है। इतना है कि अधिकतर समय खड़े रहने से वह कई बार खराब हो चुकी है। जिसकी मरम्मत पर ही अब तक लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं।  <br /><br /><strong>60 मीटर ऊंचाई तक आएगी काम</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया ने बताया कि हाइड्रोलिक दमकल 60 मीटर तक ऊंची दमकलों में आग लगने पर उसे बुझाने के काम आएगी। करीब 16 करोड़ रुपए की लागत वाली यह दमकल फिनलैंड से आनी है। इसके पिछले साल दिसम्बर तक कोटा आने की संभावना थी। दमकल फिनलैंड से पहले मुम्बई आएगी। उसके बाद कोटा पहुंचेगी। वहीं अब रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते हाइड्रोलिक के कोटा आने की राह अटकी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Mar 2022 17:35:56 +0530</pubDate>
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                <title>विद्याधर नगर इलाके का मामला: मुख्य आरोपी सुनील फरार, छह साथी गिरफ्तार : जेल में हुई दोस्ती, बाहर आकर की वारदात, खरीदी थार जीप</title>
                                    <description><![CDATA[

नेशनल कबड्डी प्लेयर, पुलिसकर्मी के बेटे संग बनाई गैंग और ज्वैलर दोस्त से लूट लिए 50 लाख ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%AB%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%9B%E0%A4%B9-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0---%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80--%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A4--%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%AA/article-2319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/khanan1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विद्याधर नगर इलाके में ज्वैलर्स से 50 लाख रु. की लूट की साजिश उसके खास दोस्त सुनील ने ही रची थी। पुलिस ने गिरोह के छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील की तलाश जारी है। आरोपियों में अमित सिहाग कबड्डी का नेशनल प्लेयर है और नवदीप के पिता हरियाणा पुलिस में तैनात है। आरोपियों ने लूट के रुपयों को बांटा कर नई थार जीप खरीदी। सुनील ने जेल में गैंग बनाई और बाहर आकर लूट की। पुलिस ने अमित से एक देसी पिस्टल बरामद की है। डीसीपी क्राइम अमृता दुहन ने बताया कि परिवादी महेन्द्र कुमार अग्रवाल ने रिपोर्ट दी कि मैं श्रीनाथ टावर विद्याधर नगर जयपुर में रहता हूं और सोने-चांदी का व्यवसायी हूं। मैं 26 अक्टूबर को बीकानेर गया था, वहां सोना-चांदी नहीं बिका तो अगले दिन रात 11 बजे जयपुर के लिए रवाना हुआ। 28 अक्टूबर को सुबह करीब पांच बजे मैं बस से अल्का सिनेमा, सीकर रोड उतर कर बैटरी रिक्शा में बैठकर परशुराम सर्किल के पास पहुंचा तो एक बाइक पर आए तीन युवकों ने तमंचा दिखा कर मेरी अटैची छीन ली। इसमें सोना-चांदी और अन्य सामान था।  </p>
<p><br />लूट की राशि से चुकाया कर्ज: दुहन ने बताया कि लुटेरे नसीब ने वारदात के बाद हिस्से में आई राशि से 2.80 लाख रुपए का कर्जा चुकाया। अमित अपने एक साथी के साथ 35 हजार रुपए की पिस्टल खरीदने के लिए मेवात गया। सुनील सोनी आपराधिक प्रवृति का है। इसके खिलाफ  धोखाधड़ी के पांच प्रकरण दर्ज हैं। माणक चौक पुलिस ने सुनील को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जहां उसकी मुलाकात संदीप जाट निवासी कोटपुतली जयपुर ग्रामीण से हुई। सुनील के जमानत पर बाहर आने पर संदीप जाट ने उसकी मुलाकात मंजीत से कराई। इन्होंने मिलकर ज्वैलर्स से लूट की वारदात की साजिश रची। आरोपी मंजीत ने अपने गांव के ही दोस्त मंजीत को तैयार किया तथा आपस में संपर्क करके नवदीप, नसीब, विवेक, अमित को तैयार किया। इसके बाद इन्हें मुहाना इलाके में मकान किराए पर दिलवा दिया और सुनील लूट की साजिश रचने लगा, उसने फर्जी आधार से सिम खरीदी और लूट की। </p>
<p><br /><strong>आरोपी ने परिवादी के मार्फत उधार ले रखे थे 50 लाख</strong><br />सुनील परिवादी महेन्द्र अग्रवाल का खास दोस्त है। सुनील ने परिवादी के माध्यम से 50 लाख रुपए उधार ले रखे हैं। उसने 27 अक्टूबर को फोन कर पता किया कि महेन्द्र माल बेचने बीकानेर गया है। कुछ सोना व चांदी नहीं बिका है और कुछ नकदी भी उसके पास है। सुनील ने सहयोगियों को अलसुबह बाइक व अपनी गाड़ी से परिवादी महेन्द्र की पहचान करवा दी और वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद साथियों को महावीर नगर स्थित किराए के फ्लैट पर छोड़कर लूट का माल लेकर वापस आ गया। साथियों को नौ लाख रुपए दिए, जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया। <br /><br />सुनील 11 नवम्बर को भी अपने साथियों के साथ मिलकर अन्य ज्वैलर्स से लूट की वारदातें करने की फिराक में था। लूट के उद्देश्य से 10 नवम्बर को वह अपने साथियों के साथ महावीर नगर स्थित फ्लैट पर इकट्ठे हुए थे। इसी दौरान सीएसटी ने आरोपियों की पहचान कर दबोच लिया। अमित के खिलाफ उद्योग नगर सीकर में एक प्रकरण मारपीट व राजकार्य में बाधा का दर्ज है। <br /><br /><strong>यह हुए गिरफ्तार</strong><br />नवदीप पुत्र सत्यवान निवासी पुलिस लाइन हिसार हरियाणा, नसीब पुत्र नरेश माजरा झज्जर हरियाणा, विवेक पुत्र सुरेन्द्र गोद महेन्द्रगढ़ हरियाणा, अमित पुत्र मानसिंह रामसराताल सिद्धमुख चूरू, मंजीत सिंह पुत्र सुरेश सांगटेडा पनियाला जयपुर ग्रामीण और मंजीत सिंह पुत्र हरि सिंह सांगटेडा पनियाला जयपुर ग्रामीण को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Nov 2021 17:15:02 +0530</pubDate>
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                <title>नवज्योति की खबर पर मोहर : 21 को हत्या, नवज्योति ने 23 सितंबर को ही दे दी थी जानकारी, जीपीएस सिस्टम से की रैकी : वारदात के लिए चार दिन पहले खरीदी थी नई स्कूटी</title>
                                    <description><![CDATA[अजय यादव हत्याकाण्ड : दो मुख्य शूटर गिरफ्तार, एक कर चुका खुदकुशी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%B0---21-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-23-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%A5%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80--%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%80---%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%A5%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%88-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-1724"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/42.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="color:#ff0000;"><strong>जयपुर</strong></span>। बनीपार्क थाना पुलिस ने 21 सितबंर को दिनदहाड़े सूतमिल फाटक बनीपार्क में चाय की थड़ी पर चार हथियारों से लैस होकर आए बदमाशों की ओर से फायरिंग करने के बाद पत्थर सिर कुचलकर अजय यादव की हत्या करने के मामले में शुक्रवार को दो शूटर और गिरफ्तार कर लिए है। मुख्य शूटर आशीष शेखावत उर्फ अक्षय सिंह (28) ड्योढ़ी फुलेरा जयपुर हाल किराएदार खातीपुरा रोड झोटवाड़ा और वीरेन्द्र चौधरी उर्फ लच्छूराम चैनपुरा बड़ा सिद्धमुख चूरू हाल हस्तिनापुरा कॉलोनी महाराणा प्रताप मार्ग  पांच्यावाला करणी विहार को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। इनके अलावा एक शूटर मुकेश यादव ने चौमूं थाना इलाके में गुरुवार दोपहर को आत्महत्या कर ली थी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रथम अजयपाल लांबा ने बताया कि मामले में पुलिस ने जयराज सिंह, प्रवीण कुमार, जयसिंह यादव और टिल्लू को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। हत्या में चार शूटर मुकेश यादव, वीरेन्द्र चौधरी उर्फ बिल्लू, आशीष शेखावत उर्फ अक्षय सिंह और एक अज्ञात था। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>नवज्योति की खबर पर मोहर</strong></span></span><br /> 21 सितबंर को अजय यादव की हत्या हुई और 23 सितबंर को दैनिक नवज्योति ने अजय की गाड़ी में जीपीएस लगाने का खुलासा किया था। पुलिस ने भी इस पर मोहर लगा दी है। वीरेन्द्र उर्फ बिल्लू ने अमेजन कंपनी से अगस्त माह में जीपीएस ऑनलाइन खरीदा था। जीपीएस को अपने खुद के मोबाइल नबंर पर एप डाउनलोड कर अजय के नाम से एक्टिवेट करवाया तथा ट्रैकर को साथ रखकर उसकी क्यूरेसी को चैक किया। बिल्लू ने अपने दोस्त चौथे शूटर बलजिंदर सिंह और अक्षय को अजय का घर दिखाया और उन्हें जीपीएस ट्रैकर देकर उसकी गाड़ी पर लगाने का जिम्मा सौंपा। जब यह तीन दिन ट्रैकर नहीं लगा पाए तो बिल्लू और बलजिंदर ने नई योजना बनाई और आशीष और बिलजिदंर ने 16 सितबंर की रात को अजय के घर के सामने स्थित एक होटल में ऐसा कमरा किराए पर लिया जहां से अजय का घर साफ दिखे। 17 सितबंर की रात को तीन बजे दोनों ने मिलकर अजय की गाड़ी के नीचे जीपीएस लगा दिया। जीपीएस ट्रैकर एक बार चार्ज करने के बाद 20 से 30 दिन तक लगातार चलता है। इससे लगातार बिल्लू के मोबाइल पर अजय की लोकेशन मिल रही थी। वह हर रोज अजय की गाड़ी का पीछा कर रहे थे, लेकिन अजय के साथ उसके साथी और परिवारजन होने के कारण वह उसकी हत्या नहीं कर पाए।  <br /> <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>ऐसे की थी रैकी</strong></span></span><br /> एडीसीपी रामसिंह ने बताया कि अजय का घर रेलवे स्टेशन के पास बड़ोदिया बस्ती में भीड़भाड़ वाली जगह पर है। बिल्लू ने चार सितम्बर को अपने दोस्त बलजिन्दर सिंह बाबा और 13 सितबंर को आशीष शेखावत उर्फ अक्षय सिंह  को मुम्बई से बुला लिया। हत्या में शामिल दोनों स्कूटी बिल्लू की थी। वारदात के लिए तीन पिस्टल और दो देशी कट्टे बिल्लू और मुकेश यादव ने उपलब्ध करवाए थे। मुकेश के जीजा राजेन्द्र को रैकी का काम सौंपा गया, लेकिन परफेक्ट रैकी करने के लिए बिल्लू चौधरी ने अगस्त माह में जीपीएस ट्रैकर खरीदा।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Oct 2021 13:04:26 +0530</pubDate>
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