<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/narendramodi/tag-66380" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>NarendraModi - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/66380/rss</link>
                <description>NarendraModi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रेलवे परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए तमिलनाडु सीएम स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, 2500.61.06 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[तमिलनाडु मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से रेलवे परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण हेतु धनराशि जारी करने और लंबित योजनाएं पुनर्जीवित करने का आग्रह किया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-cm-stalin-writes-letter-to-pm-modi-to/article-142324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में रेलवे परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण के लिए धनराशि जारी करने और स्थगित रखी गयी परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री को लिखे अर्ध-सरकारी पत्र में मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु में रेलवे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए लंबित मुद्दों के समयबद्ध समाधान के लिए हस्तक्षेप का अनुरोध किया, विशेषकर भूमि अधिग्रहण के लिए धनराशि जारी करने और ठप पड़ी परियोजनाओं को पुन: आरंभ करने के संदर्भ में। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में मीडिया में कुछ तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिसके चलते उन्हें यह पत्र लिखने की आवश्यकता पड़ी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं के लिए कुल 2500.61.06 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इस कुल भूमि में से 931.52.96 हेक्टेयर के लिए अभी तक रेलवे द्वारा धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है। इसके अलावा, हाल ही में रेलवे से प्राप्त संशोधित भूमि योजना अनुसूची (एलपीएस) के आधार पर दो परियोजनाओं के लिए 296.02.95 हेक्टेयर निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रक्रिया में है और शीघ्र जारी की जाएगी।</p>
<p>शेष 1273.05.15 हेक्टेयर भूमि से संबंधित 19 प्रमुख चल रही रेलवे परियोजनाओं में से 1198.02.34 हेक्टेयर (लगभग 94 प्रतिशत) भूमि का अधिग्रहण पूरा कर रेलवे को सौंपा जा चुका है। पांच परियोजनाओं के लिए रेलवे द्वारा अब तक एलपीएस उपलब्ध नहीं कराया गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि टिडीवनम-नागरी, मदुरै-तूतुकुडी, मणियाची-नागरकोइल, कन्याकुमारी-नागरकोइल दोहरीकरण, नगरकोइल-एरनियल दोहरीकरण, तूतुकुडी-मदुरै (अरुप्पुक्कोट्टई होकर), चिन्नासलेम-कल्लकुरिची, मयिलादुथुरई-तिरुवरूर, पट्टुकोट्टई फोर जंक्शन प्वाइंट, सलेम-करूर ट्रैक फॉर्मेशन, मन्नारगुडी-नीडामंगलम, चेन्नई बीच-कोरुक्कुपेट तीसरी/चौथी लाइन तथा विल्लुपुरम-ङ्क्षदडीगुल ब्रॉड गेज लाइनों सहित कई परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण कार्य पूर्ण हो चुका है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शेष परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य तेजी से किया जा रहा है, लेकिन भूमि स्वामियों को समय पर मुआवजा देना अनिवार्य है। रेल मंत्रालय द्वारा परियोजना-वार और टुकड़ों में धनराशि जारी किए जाने से कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे देरी और अनिश्चितता बढ़ रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने तिरुवनंतपुरम-कन्याकुमारी ब्रॉड गेज दोहरीकरण परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि 16.86.51 हेक्टेयर भूमि के लिए 289.78 करोड़ रुपये की राशि अब तक आवंटित नहीं की गई है। उन्होंने एकमुश्त और समय पर धनराशि आवंटन की मांग करते हुए कहा कि इससे परियोजनाओं को निर्बाध गति मिलेगी। साथ ही, उन्होंने तमिलनाडु को नए रेलवे परियोजनाओं के सीमित आवंटन पर चिंता जताई और राज्य की आर्थिक क्षमता के अनुरूप अतिरिक्त परियोजनाओं को स्वीकृति देने का अनुरोध किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सहकारी संघवाद की भावना के साथ इन मुद्दों का शीघ्र समाधान होगा और राज्य सरकार रेलवे परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग देती रहेगी। </p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-cm-stalin-writes-letter-to-pm-modi-to/article-142324</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-cm-stalin-writes-letter-to-pm-modi-to/article-142324</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 13:03:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%282%29.jpg"                         length="73664"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल पेमेंट और सेमीकंडक्टर तक...भारत–मलेशिया संबंधों को मिली नई मजबूती, इन छह अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की उपस्थिति में भारत और मलेशिया के बीच छह महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-malaysia-relations-get-new-strength-from-digital-payments-to-semiconductors/article-142322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की उपस्थिति में भारत और मलेशिया के बीच छह महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी के मलेशिया दौरे पर सेक्रेटरी (ईस्ट) पी. कुमारन ने कहा, दोनों प्रधानमंत्रियों ने हमारी पार्टनरशिप के पूरे दायरे में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी, फिनटेक, रिन्यूएबल एनर्जी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच आदान-प्रदान शामिल हैं। उन्हें प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का भी मौका मिला। प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय मलेशिया यात्रा को भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए अहम पड़ाव माना जा रहा है।</p>
<p>इसके बाद द्विपक्षीय समझौतों और MoU का आदान-प्रदान हुआ। इनमें सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और चिकित्सा, सुरक्षा और तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर नोड्स का आदान-प्रदान शामिल है। इसके अलावा मलेशिया के भ्रष्टाचार विरोधी आयोग और भारत के केंद्रीय जांच ब्यूरो, CBI के बीच भ्रष्टाचार से लड़ने और उसे रोकने पर MoU पर हस्ताक्षर किए गए। हमारे पास आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर भी एक MoU था। भारत में कर्मचारी राज्य बीमा निगम, ESIC और मलेशिया में पेरकेसो के बीच सामाजिक सुरक्षा पर एक सहयोग ज्ञापन। हमारे पास ऑडियोविजुअल सहयोग पर भी एक समझौता था, इन सभी का आदान-प्रदान किया गया। नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना सहयोग पर द्विपक्षीय MoU के नवीनीकरण पर पत्रों के आदान-प्रदान को भी देखा। मलेशिया ने अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट्स एलायंस में शामिल होने का दस्तावेज भी सौंपा।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, रक्षा, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, पर्यटन, डिजिटल तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने पारंपरिक और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p>इस यात्रा में सुरक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भागीदारी, सेमीकंडक्टर विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों से जुड़े समझौते किए गए। इसके अलावा ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण, व्यावसायिक शिक्षा और मलेशिया में कार्यरत भारतीय श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से संबंधित सहमति पत्रों का भी आदान-प्रदान हुआ। इनका उद्देश्य संस्थागत ढांचे को मजबूत कर व्यावहारिक सहयोग को बढ़ाना है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी मलाया में थिरुवल्लुवर केंद्र की स्थापना और थिरुवल्लुवर छात्रवृत्तियों की घोषणा की। यह पहल तमिल दार्शनिक थिरुवल्लुवर की शिक्षाओं के प्रचार के साथ भारत-मलेशिया के सांस्कृतिक और जन-स्तरीय संबंधों को प्रगाढ़ करेगी। साथ ही भारत ने मलेशिया में अपना पहला वाणिज्य दूतावास खोलने का निर्णय लिया, जिससे राजनयिक और कांसुलर सेवाएं सुदृढ़ होंगी।</p>
<p>आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में सहयोग हेतु यूनिवर्सिटी ऑफ साइबरजया और आईटीआरए जामनगर के बीच साझेदारी पर सहमति बनी। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एनपीसीआई इंटरनेशनल और मलेशिया की PayNet के बीच UPI आधारित भुगतान प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया गया, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण के तहत मलेशिया ने इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने की औपचारिकताएं भी पूरी कीं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-malaysia-relations-get-new-strength-from-digital-payments-to-semiconductors/article-142322</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-malaysia-relations-get-new-strength-from-digital-payments-to-semiconductors/article-142322</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 11:51:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%281%29.jpg"                         length="108492"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में विकसित भारत के लक्ष्य परिलक्षित</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा में मंत्री सोनोवाल ने विकसित, आत्मनिर्भर भारत, आर्थिक प्रगति, महंगाई नियंत्रण और पूर्वोत्तर के चहुंमुखी विकास को मोदी सरकार की उपलब्धि बताया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sarbananda-sonowal-said-the-presidents-address-reflected-the-goals-of/article-141732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(18).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर सोमवार को चर्चा की शुरुआत करते हुए केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि इसमें विकसित भारत के लक्ष्य स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते हैं।</p>
<p>सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि अभिभाषण में विकास के लक्ष्यों का समग्रता से समावेश किया गया है। इसमें दलित, युवा, आदिवासियों और महिलाओं के विकास की ओर पर्याप्त ध्यान दिया गया है। इसमें आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की रूपरेखा का उल्लेख किया गया है। यह लक्ष्य उद्देश्य और आदर्शों को प्राप्त करने  वाले हैं। उन्होंने कहा कि देश वर्ष 2014 से लगातार विकास पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रहित के लिए किये जा रहे कार्यों का अभिभाषण में स्पष्ट उल्लेख है। उन्होंने कहा कि निरन्तर देश का सामाजिक और आर्थिक विकास किया जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गयी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में महंगाई नौ प्रतिशत थी जो अब 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। डिजिटल मामलों में देश इतना आगे बढ़ गया है कि जितने लेन-देन पूरे विश्व में होते हैं, उससे अधिक लेन-देन सिर्फ देश में ही होते हैं। देश में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की व्यवस्था शुरू की गयी है। नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में अनेक कार्य किये गये हैं, इस तरह के प्रयास संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के कार्यकाल में कभी नहीं देखे गये। </p>
<p>सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से प्रगति कर रहा है। वर्तमान में पूर्वोत्तर का चहुंमुखी विकास हो रहा है। संप्रग सरकार के कार्यकाल में असम की ओर देखा भी नहीं जा रहा था। प्रधानमंत्री  पूर्वोत्तर के विकास को लेकर कितने गंभीर है, यह इसी से समझा जा सकता है कि वह 70 बार पूर्वोत्तर का भ्रमण कर चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया कि वह सत्ता पक्ष के साथ मिलकर देश के विकास में सहयोग दें। भारतीय जनता पार्टी के तेजस्वी सूर्या ने चर्चा में शामिल होते हुए संप्रग सरकार के 2004 से 2014 के अभिभाषणों का उल्लेख किया और कहा कि उसमें विकसित भारत की चर्चा तक नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि अस्थिर वैश्विक अर्थव्यवस्था के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के कार्यकाल में आतंकवाद और नक्सलवाद की घटनायें आये दिन होती रहती थीं, लेकिन अब आतंकवादी घटनाओं का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद की समस्या खात्मे की ओर है। नक्सली समस्या अब मात्र तीन जिलों तक ही सीमित रह गयी है। सूर्या ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में चहुंमुखी विकास हो रहा है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/sarbananda-sonowal-said-the-presidents-address-reflected-the-goals-of/article-141732</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/sarbananda-sonowal-said-the-presidents-address-reflected-the-goals-of/article-141732</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 18:23:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2818%29.png"                         length="1021460"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरब देशों के साथ व्यापार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग प्रगाढ बनाने को प्रतिबद्ध है भारत : पीएम मोदी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने अरब देशों के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और स्वास्थ्य सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई तथा क्षेत्रीय शांति प्रयासों में अरब लीग की भूमिका सराही।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-committed-to-deepening-cooperation-with-arab-countries-in/article-141493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अरब देशों के साथ व्यापार और निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग को और प्रगाढ बनाने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है। पीएम मोदी ने शनिवार को यहां अरब देशों के विदेश मंत्रियों, अरब लीग के महासचिव तथा अरब देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात की। ये सभी प्रतिनिधि भारत-अरब विदेश मंत्रियों की द्वितीय बैठक में भाग लेने के लिए भारत यात्रा पर हैं। </p>
<p>इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भारत और अरब जगत के लोगों के बीच गहरे और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया। इससे वर्षों से परस्पर रिश्तों और सुदृढ़ हुए हैं। प्रधानमंत्री ने आने वाले वर्षों के लिए भारत-अरब साझेदारी के बारे में अपना दृष्टिकोण साझा किया और व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहरायी ताकि दोनों पक्षों के लोगों को परस्पर लाभ मिल सके।</p>
<p>पीएम मोदी ने फिलिस्तीन के लोगों के प्रति भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया और ग़ाजा शांति योजना सहित शांति प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने में अरब लीग की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना भी की।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-committed-to-deepening-cooperation-with-arab-countries-in/article-141493</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-committed-to-deepening-cooperation-with-arab-countries-in/article-141493</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 18:38:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/modi.png"                         length="731667"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने कहा, भारत तेल-गेस क्षत्र में निवेश को 100 अरब डालर तक पहुंचाना है मकसद</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक में कहा कि भारत दशक के अंत तक तेल-गैस क्षेत्र में 100 अरब डॉलर निवेश बढ़ाएगा और वैश्विक भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-said-the-aim-is-to-increase-investment-in/article-140993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi-ji.png" alt=""></a><br /><p>पंजिम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत अपने तेल और गैस क्षेत्र में निवेश को इस दशक के अंत तक 100 अरब डालर तक पहुंचाना चाहता है और इसके लिए भागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है। पीएम मोदी ने गोवा में आयोजित ऊर्जा क्षेत्र पर भारत के वैश्विक सम्मेलन 'इंडिया एनर्जी वीक' का उद्घाटन करते हुए कहा, इस दशक के अंत तक हम ऑयल एंड गैस सेक्टर में इन्वेस्टमेंट को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य एक्सप्लोरेशन के दायरे को भी 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक विस्तार करने का है। इसी सोच के साथ हमारे यहां 170 से अधिक ब्लॉक को आवंटित किया जा चुका है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंडमान-निकोबार का बेसिन भी हमारे खनिज तेल और गैस की आशा का अगला केंद्र बन रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक बहुत ही कम समय में चर्चा और उस पर अमल का एक वैश्विक प्लेटफार्म बनकर उभरा है। आज तेल और गैस सेक्टर के लिए भारत बहुत बड़े अवसरों की धरती है। </p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है। इसके साथ ही देश में ऊर्जा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत दुनिया की मांग पूरी करने के लिए भी बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराता है। इसके आगे पीएम ने कहा, आज हम दुनिया में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के टॉप 5 एक्सपोर्टर्स में से एक हैं। दुनिया के 150 से ज्यादा देशों तक हमारी एक्सपोर्ट कवरेज है, और भारत की ये क्षमता आपके बहुत काम आने वाली है। इसलिए एनर्जी वीक का यह प्लेटफार्म हमारी भागीदारी की खोज करने का बहुत ही उत्तम स्थान है। </p>
<p>इस सम्मेलन में करीब 125 देश के ऊर्जा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और नीति नियामक भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों को इस आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।    </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-said-the-aim-is-to-increase-investment-in/article-140993</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-said-the-aim-is-to-increase-investment-in/article-140993</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 18:23:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/modi-ji.png"                         length="1260966"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दोस्ती की नई मिशाल कायम! पीएम मोदी ने कहा, भारत-ईयू के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर सहमति बनी। इससे निर्यात बढ़ेगा, व्यापार सरप्लस मजबूत होगा और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को नई गति मिलेगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/agreement-on-free-trade-fta-between-india-and-european-union/article-140921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(5)3.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूरोपीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूनियन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बीच</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुक्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">व्यापार </span>(FTA) <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को लेकर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समझौता</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हो गया है। 2007 से चली आ रही कोशिश सफल हो गई है। इसे</span> '<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मदर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऑफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऑल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डील्</span>‍<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">स</span>' <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संज्ञा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गई है। रिपोर्ट्स</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुताबिक</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईयू</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रेड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सरप्लस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वित्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वर्ष</span> 31 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> 51 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अरब</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डॉलर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पहुंच सकता है। इस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समझौते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वित्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वर्ष</span> 2031 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूरोपीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संघ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रेड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सरप्लस</span> 50 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अरब</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डॉलर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिक की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़ोतरी हो सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इससे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कुल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निर्यात</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईयू</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संघ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हिस्सेदारी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वित्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वर्ष</span> 2025 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> 17.3 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रतिशत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तुलना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लगभग</span> 22-23 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रतिशत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सकती</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जिससे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निर्यात</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वृद्धि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जबरदस्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़ावा देखने को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मिलेगा। </span>भारत और यूरोप के 27 देशों के साझा बार-बार यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सहमति हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए इस समझौते को ऐतिहासिक करार दिया। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है। दुनिया के लोग इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील्स (अब तक के सबसे बड़े व्यापार समझौते) के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा, यह समझौता ब्रिटेन के साथ और यूरोप के चार देशों के मुक्त व्यापार संघ एफ्टा के साथ हुए समझौते के पूरक के रूप में कार्य करेगा। भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलेगी। </p>
<p>उन्होंने इसके लिये देश के सभी नौजवानों और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि भारत के कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा और चमड़े के सामान जैसे अनेक क्षेत्रों के लिए यह समझौता बहुत सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए से न सिर्फ देश के विनिर्माण क्षेत्र को बल मिलेगा बल्कि सेवा क्षेत्र का भी विस्तार होगा। उल्लेखनीय है कि ईयू भारत का एक प्रमुख व्यापारिक और आर्थिक भागीदार है। साल 2024-2025 में दोनों के बीच 136 अरब डॉलर के सामान का व्यापार हुआ था।</p>
<p>भारत वहां से मुख्य रूप से मशीनें, परिवहन उपकरण और रसायनों का आयात करता है, जबकि भारत की ओर से वहां मशीनें, रसायन, लोहा, एल्मुनियम और तांबा जैसी प्राथमिक धातुएं, खनिज उत्पाद तथा कपड़ा और चमड़े के सामान आदि का निर्यात होता है। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा इस समय भारत में हैं। दोनों सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे। </p>
<p>वॉन डेर लेयेन ने पिछले दिनों दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में दोनों पक्षों के बीच समझौते पर सहमति का संकेत देते हुए कहा था कि यह समझौता मदर ऑफ ऑल डील्स (अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता) होगा। उन्होंने कहा था कि इस समझौते से भारत और ईयू की दो अरब की सम्मिलित आबादी का एक बड़ा और उदार बार-बार तैयार होगा। इस समझौते के ब्यौरे की घोषणा आज शाम पीयूष गोयल करेंगे। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/agreement-on-free-trade-fta-between-india-and-european-union/article-140921</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/agreement-on-free-trade-fta-between-india-and-european-union/article-140921</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 13:01:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%285%293.png"                         length="561792"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जितेन्द्र सिंह ने की विकसित भारत संवाद में हिस्सा लेने वाले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं से मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 में शामिल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं से मुलाकात कर नवाचार, नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण में उनकी भूमिका पर जोर दिया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jitendra-singh-met-the-youth-of-jammu-kashmir-and-ladakh/article-139266"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jitendra-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 में भाग ले रहे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं के एक दल के साथ मुलाकात की है। यह मुलाकात डॉ. सिंह के आवास पर रविवार रात एक गर्मजोशी भरे और अनौपचारिक माहौल में हुई, जहाँ उन्होंने प्रतिभागियों के लिए एक विशेष रात्रिभोज का भी आयोजन किया। इस दल में जम्मू-कश्मीर के 52 और लद्दाख के 31 युवा शामिल हैं, जो युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित मेरा भारत राष्ट्रीय युवा महोत्सव 'विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026' में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली में हैं। </p>
<p>इस मुलाकात के दौरान डॉ. सिहं प्रतिभागियों से अलग-अलग मिले और उनकी पृष्ठभूमि, उम्मीदों और राष्ट्रीय स्तर के समारोह में उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने विकसित भारत चैलेंज ट्रैक के साथ-साथ सांस्कृतिक और नवाचार ट्रैक में उनकी भागीदारी पर चर्चा की और उन्हें राष्ट्रीय मंच का पूरा फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। </p>
<p>डॉ. सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं की ऊर्जा नए भारत की बदलती कहानी को दिखाती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में, स्कूल और कॉलेज के छात्रों के इस उत्साही ग्रुप ने अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा से देश के दूसरे हिस्सों के अपने साथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। जितेंद्र सिंह ने कहा, विकसित भारत का भविष्य उसके युवा नागरिकों की ऊर्जा, नवाचार और नेतृत्व पर निर्भर है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विकसित भारत युवा नेता संवाद सिर्फ एक समारोह नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्र निर्माण मंच है जहां विचार, रचनात्मकता और नेतृत्व एक साथ आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री मोदी की कल्पना का एक नया प्रयोग है, जिसने युवाओं को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के युवा सिर्फ विकास के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की यात्रा में सक्रिय हितधारक और सह-निर्माता हैं।</p>
<p>मंत्री ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे क्षेत्रों के युवा देश के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को देश भर के अपने साथियों के साथ जुडऩे, भारत की विविधता की सराहना करने और नवाचार और शासन से लेकर संस्कृति और सामाजिक विकास तक के क्षेत्रों में युवाओं के नेतृत्व वाले समाधान पेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय युवा महोत्सव भारत मंडपम में हो रहा है और 12 जनवरी को युवा प्रतिभागियों और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत के साथ खत्म होगा। यह महोत्सव हर साल स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाने के लिए आयोजित किया जाता है, जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. सिंह ने विश्वास जताया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपने क्षेत्रों का शानदार प्रतिनिधित्व करेंगे और सकारात्मक बदलाव के राजदूत बनकर लौटेंगे, जो एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना और विकसित भारत के परिवर्तनकारी योजना को आगे बढ़ाएंगे।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/jitendra-singh-met-the-youth-of-jammu-kashmir-and-ladakh/article-139266</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/jitendra-singh-met-the-youth-of-jammu-kashmir-and-ladakh/article-139266</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 18:55:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/jitendra-singh.png"                         length="757653"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धौलावीरा की कुम्हार परंपरा से लेकर सौराष्ट्र का आधुनिक सिरेमिक उद्योग विश्व में भारत की बना रहा है पहचान: पीयूष गोयल</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि धौलावीरा की प्राचीन परंपरा से मोरबी के सिरेमिक उद्योग तक गुजरात वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत पहचान बना रहा है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/from-the-potter-tradition-of-dholavira-to-the-modern-ceramic/article-139336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/piyush-goyal.png" alt=""></a><br /><p>राजकोट। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि सौराष्ट्र क्षेत्र की 5,000 वर्ष पुरानी धौलावीरा कुम्हार परंपरा से लेकर मोरबी के आधुनिक सिरेमिक उद्योग तक, गुजरात की मिट्टी आज वैश्विक बा•ाार में भारत की पहचान बना रही है। उन्होंने वायब्रैंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा,'नवाचार, तकनीक और निवेश के संगम से सिरेमिक सेक्टर ईवी, हेल्थकेयर और ग्रीन टेक में नई उड़ान भर रहा है। विकसित भारत 2047 की यात्रा में यह क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभा रहा है। यह सत्र सिरेमिक उद्योग पर केंद्रित थी। </p>
<p>केंद्र वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा, सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के 225 से अधिक संकुल, 12 हजार से अधिक स्टार्टअप, मजबूत लॉजिस्टिक्स और बेजोड़ उद्यमशीलता के साथ सौराष्ट्र, वैश्विक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र बनकर विकसित भारत 2047 की दिशा तय कर रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात के 22 वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की जीवंत गाथा हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने 2003 में यह शुरुआत की थी। वह छोटा सा बीज आज मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के सक्षम नेतृत्व में एक वटवृक्ष बनकर उद्योग, लघु और मझोली इकाइयों, स्टार्टअप इकाइयों और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में केवल गुजरात को ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को विश्व से जोड़ रहा है।</p>
<p>पीयूष गोयल ने सौर ऊर्जा पर आयोजित एक सत्र को भी संबोधित किया जिसमें कुसुम तथा पीएम सूर्यघर : मुफ्त बिजी योजना  कार्यक्रम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पटेल के सशक्त नेतृत्व में गुजरात देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बनकर निरंतर सशक्त हो रहा है। मोदी जी द्वारा 2003 में परिकल्पित वाइब्रेंट गुजरात आज नए भारत की आत्मा, आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता का प्रतीक बना है।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय अवसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों, नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी भूमिका, गुजरात जन विश्वास अधिनियम और सौराष्ट्र-कच्छ की कर्मठ भावना के साथ गुजरात विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बन रहा है। पीयूष गोयल ने मुखमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि वह विकसित गुजरात के लिए अपनी सरकार के प्रयासों से विकसित भारत की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और संकल्प को गति दे रहे हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/from-the-potter-tradition-of-dholavira-to-the-modern-ceramic/article-139336</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/from-the-potter-tradition-of-dholavira-to-the-modern-ceramic/article-139336</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 17:14:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/piyush-goyal.png"                         length="477835"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका द्वारा जब्त रूसी टैंकर में हिमाचल का लाल...परिवार ने लगाई पीएम मोदी से मदद की गुहार, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[उत्तर अटलांटिक में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने प्रतिबंध उल्लंघन पर रूसी टैंकर मैरिनेरा जब्त किया। जहाज पर तीन भारतीय समेत 28 क्रू हिरासत में, परिवारों ने हस्तक्षेप की मांग की।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/himachals-lal-family-appeals-to-pm-modi-for-help-in/article-139282"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/russia1.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका। अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने हाल ही में 7 जनवरी 2026 को उत्तर अटलांटिक महासागर में एक एक्शन के तहत रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर 'मैरिनेरा' को जब्त कर लिया। इसका पहले नाम बेला-1 था। जानकारी के अनुसार, यह टैंकर वेनेजुएला से जुड़े कच्चे तेल के परिवहन में शामिल था, जिस पर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का आरोप है। इस एक्शन के बाद अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे "शैडो फ्लीट" का हिस्सा बताया, जो रूस और वेनेजुएला के तेल को प्रतिबंधों से बचाकर ले जाने के लिए इस्तेमाल होता है। जानकारी के अनुसार, टैंकर पर कुल 28 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें तीन भारतीय शख्स भी शामिल है।</p>
<p>इन तीन भारतीयों में से एक हैं हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर के 26 वर्षीय रक्षित चौहान भी शामिल है। बता दें कि गत 1 अगस्त 2025 को ही रक्षित ने मर्चेंट नेवी जॉइन की थी और यह उनका पहला समुद्री असाइनमेंट था। उन्हें उनकी रूसी कंपनी ने वेनेजुएला तेल लोड करने के लिए भेजा था। बता दें कि रूसी सरकार ने इस जहाज को अपनी रजिस्ट्री में शामिल किया और डिप्लोमैटिक तरीके से अमेरिका से पीछा रोकने की मांग की, लेकिन लगभग दो सप्ताह की खोज के बाद 7 जनवरी को अमेरिकी फोर्सेज ने इसे बोर्ड किया और कब्जे में ले लिया। अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इस एकशन के बाद अपने जारी बयान में कहा कि क्रू ने विरोध नहीं किया, लेकिन पहले भागने की कोशिश की थी। जानकारी के अनुसार, अब तक दो रूसी क्रू मेंबर्स को रिहा किया जा चुका है, लेकिन बाकी क्रू मेंमबर्स अभी भी अमेरिकी कोस्ट गार्ड की हिरासत में हैं। </p>
<p>इस हादसे के बाद रक्षित के पिता रंजीत सिंह चौहान ने बताया कि आखिरी बार 7 जनवरी को ही बेटे से बात हुई थी। उसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। मां रीता देवी ने पीएम मोदी से भावुक अपील करते हुए कहा है कि "कृपया मेरे बेटे रक्षित की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें। उसकी शादी 19 फरवरी 2026 को तय है।" बता दें कि रक्षित के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री से सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। वे चाहते हैं कि गोवा और केरल के दो अन्य भारतीय क्रू मेंबर्स की भी सुरक्षित वापसी हो। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/himachals-lal-family-appeals-to-pm-modi-for-help-in/article-139282</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/himachals-lal-family-appeals-to-pm-modi-for-help-in/article-139282</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 12:51:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/russia1.png"                         length="624407"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्रेडरिक मर्ज का भारत दौरा: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने पीएम मोदी के साथ किया साबरमती आश्रम का दौरा, 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव' में हुए शामिल</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी संग साबरमती आश्रम में गांधी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बैठक में भाग लेंगे।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/friedrich-merzs-visit-to-india-german-chancellor-friedrich-merz-visited/article-139256"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/german-chancellor-friedrich-merz.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। भारत की दो दिन की यात्रा पर देर रात यहां पहुंचे जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार सुबह यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साबरमती आश्रम का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने साबरमती आश्रम में श्री मर्ज का स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मर्ज ने आश्रम में पीएम मोदी के साथ बापू की तस्वीर पर माल्यार्पण भी किया। पीएम मोदी ने उन्हें आश्रम का दौरा कराया और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>इसके बाद में मर्ज ने आगंतुक पुस्तिका में एक संदेश भी लिखा। दोनों नेताओं का प्रतिनिधिमंडल स्तर की (एजेंसी) में हिस्सा लेने का कार्यक्रम है। इससे पहले मर्ज देर रात आधिकारिक यात्रा पर गुजरात पहुंचे, जहां अहमदाबाद हवाई अड्डे पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह जर्मन चांसलर की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।</p>
<p>इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026' में शामिल हुए। पीएम मोदी और मर्ज ने इस अवसर पर पतंग उड़ाने का आनंद भी लिया। हर साल की तरह इस वर्ष भी अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026' का आयोजन किया गया है। प्रशासन ने पतंग महोत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष आयोजन किए हैं। इस महोत्सव में दुनियाभर के 30 से अधिक देशों के 150 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज अपनी अनोखी पतंगों के साथ भाग ले रहे हैं जिसमें गुजरात और भारत के विभिन्न राज्यों के पतंगबाज भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। गणमान्य व्यक्तियों के लिए  विशाल और कई अत्यंत आकर्षक मंच तैयार किए गए है। </p>
<p>'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में देश-विदेश की विशालकाय और अनोखे आकार की पतंगें आसमान में आकर्षण का केंद्र बनी हुयी हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गुजराती हस्तशिल्प, फूड स्टॉल का भी आयोजन किया गया है। महोत्सव का आयोजन 11 जनवरी से 14 जनवरी के दौरान किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज यहां जर्मनी के चांसलर का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने रिवरफ्रंट पर पतंग महोत्सव का आनंद लिया। रिवरफ्रंट क्षेत्र तथा अहमदाबाद शहर में कड़ा पुलिस बंदोबस्त और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गयी है।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/friedrich-merzs-visit-to-india-german-chancellor-friedrich-merz-visited/article-139256</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/friedrich-merzs-visit-to-india-german-chancellor-friedrich-merz-visited/article-139256</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 11:53:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/german-chancellor-friedrich-merz.png"                         length="417402"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        