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                <title>IndiaEconomy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>केंद्रीय बजट पर सीएम रेखा गुप्ता की पहली प्रतिक्रिया, कहा-देश की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत, विकसित भारत के विजन को बढ़ाएगा आगे </title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने बजट को युवा-केंद्रित और विकासोन्मुख बताया। दिल्ली को 1,348 करोड़ का आवंटन मिला, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-rekha-guptas-first-reaction-on-the-union-budget-said/article-141686"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि इस बार  पेश किया गया केंद्रीय बजट विकसित भारत के विजन को दर्शाता है और युवाओं के लिए नये अवसर पैदा करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, दिल्ली को बजट में 1,348 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। उन्होंने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास के विजन को हकीकत में बदलने में मदद करेगा और भारत की प्रगति को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएगा। </p>
<p>उन्होंने कहा, यह बजट युवाओं को सशक्त बनाता है, अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, और इसका लाभ हर वर्ग तक पहुंचेगा। इसे अगली पीढ़ी का बजट कहना गलत नहीं होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस आवंटन से अधिकतम लाभ उठाने के लिए दिल्ली सरकार केंद्र के साथ मिलकर काम करेगी। दिल्ली के लिए विशेष रूप से निर्धारित 1,348 करोड़ रुपये के अलावा केंद्र ने दो केंद्र शासित प्रदेशों, दिल्ली और पुडुचेरी के लिए एसएएससीआई के तहत 15,380 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिन्हें दोनों के बीच बांटा जाएगा। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह राशि बढ़ाई गई है और दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि शहर को उसका अधिकतम संभव हिस्सा मिले। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत 13,611 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं, जिससे दिल्ली को और फायदा होगा। </p>
<p>सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के केंद्रीय अस्पतालों को बढ़ी हुई फंडिंग मिली है, जिससे निवासियों को सीधे फायदा होगा। उन्होंने पांच नए शिक्षा केंद्रों की केंद्र की घोषणा का भी स्वागत किया और कहा कि दिल्ली को इस पहल से लाभ होने की उम्मीद है, जिसमें नरेला को शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी शामिल है। युवाओं पर केंद्रित उपायों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि लड़कियों के छात्रावास, कंटेंट क्रिएशन लैब, अनुसंधान के लिए एआई लैब और आईटी हब विकास से संबंधित घोषणाएं महत्वपूर्ण थीं और दिल्ली को भविष्य के लिए तैयार शहर के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगी। </p>
<p>सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की ओर भी इशारा किया, जिससे यातायात में सुधार होगा। उन्होंने हरित ऊर्जा पहलों का स्वागत किया, जिसमें बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर शुल्क में छूट शामिल है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा के लिए दिल्ली के प्रयासों को इन उपायों से लाभ होगा। दिल्ली सीएम ने कहा कि बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी कि शहर को केंद्र के आवंटन से अधिकतम लाभ मिले। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 14:49:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बजट 2026-27 : व्यक्तिगत आयकर की दरों में राहत नहीं, सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना सरकार का लक्ष्य; पढ़ें बजट पर क्या-क्या बोली वित्त मंत्री ?</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया। पूंजीगत व्यय बढ़ा, राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखा, विनिर्माण व अवसंरचना से विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-no-relief-in-personal-income-tax-rates-governments/article-141604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 53,47,315 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जिसमें अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के मुकाबले के लिए मजबूत करने के साथ-साथ विकसित भारत की ओर अग्रसर करने के लिए विनिर्माण, आर्थिक और सामाजिक अवसंरचना विकास के लिए 17,14,523 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>बजट में व्यक्तिगत आयकर की दरों में कोई राहत नहीं दी गयी है, लेकिन उद्योगों पर न्यूनतम वैकल्पिक आयकर (मैट) की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट में निवेशकों और आयातकों के लिए प्रक्रिया और अनुपालन आसान बनाने के विस्तृत उपायों की घोषणा की गयी है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने एक घंटे 25 मिनट के अपने भाषण में बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने के बावजूद राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 4.5 प्रतिशत की तुलना में 4.4 प्रतिशत रहा है। </p>
<p>वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गयी और एक समय बीएसई का सेंसेक्स 2300 अंक तक लुढ़क गया था लेकिन बाद में इसने काफी हद तक वापसी की। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष से ऋण को जीडीपी की तुलना में सीमित करने की योजना के तहत ऋण-जीडीपी अनुपात को 2030-31 तक 50 प्रतिशत के आसपास रखने का लक्ष्य रखा है जिसके 2026-27 में 55.6 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्ज कम होने से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए ऋण का उपलब्धता बढ़ेगी, सरकार पर ब्याज भुगतान कम होगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने की घोषणा की और कहा कि केंद्र की विभाज्य प्राप्तियों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की वृद्धि दर सात प्रतिशत के दायरे में बनी हुई है जिससे सरकार विकास और कल्याण के लिए संसाधनों को जुटाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व बाजार से जुड़े रहना है ताकि देश निर्यात बाजार और विदेशी पूंजी तथा प्रौद्योगिकी का लाभ हासिल करता रहे। </p>
<p>उन्होंने सरकार में विश्वास बनाये रखने के लिए जनता का आभार व्यक्त करते हुए कि हमारा लक्ष्य लोगों की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देना है और आर्थिक वृद्धि को युवाओं, किसानों, गरीबों, महिलाओं और समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचाना है। </p>
<p>केंद्र सरकार के नये कार्यालय क्षेत्र कर्तव्य भवन में तैयार इस पहले बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसे युवाओं से प्रेरित बताया और कहा कि इस बजट को तैयार करने में जनता से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने इस बजट को सरकार के तीन कर्तव्यों पर केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को बढ़ाना, दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोगों को समर्थ बनाना और तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के अनुरूप सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि गत अगस्त में प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद से वस्तु एवं सेवा कर सहित 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है। उन्होंने आर्थिक वृद्धि को तेज करने के लिए बायो फार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, दुर्लभ खनिजों और कपड़ा जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए नयी पहलों की घोषणा की। </p>
<p>उन्होंने 200 से अधिक पारंपरिक औद्योगिक संकुलों को पुनर्जीवित करने और चार नये आर्थिक क्षेत्रों के विकास का भी प्रस्ताव किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूंजीगत वस्तुओं के निर्माण में क्षमता निर्माण के लिए सार्वजनिक उपक्रमों की सहायता से दो स्थानों पर हाईटेक टूल रूम का निर्माण किया जायेगा जो कम लागत पर हाई प्रीसीजन कंपोनेंट का डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण करेंगे। विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए उपकरण निर्माण के लिए भी एक योजना की घोषणा की गयी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने टीयर-2 और 3 शहरों में अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत के बीच नया माल परिवहन गलियारा और बनारस और पटना में घरेलू जलमार्गों के लिए पोत निर्माण की सुविधाओं की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने बिजली, इस्पात, एल्युमीनियम, कपड़ा जैसे क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया। </p>
<p>बजट में नयी राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने, हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के लिए समस्त योजना का विस्तार तथा खादी ग्रामोद्योग के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की गयी है। उन्होंने सूक्ष्म लघु और मझौले क्षेत्र के लिए वित्तपोषण को सरल और सुलभ बनाने के कई पहलों की घोषणा की है। बैंकिंग क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की गयी है। इसमें पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और ग्रामीण विद्युत निगम के पुनर्गठन का भी प्रस्ताव है। </p>
<p>नगर निगमों को विकास के लिए धन जुटाने में मदद के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक के म्युनिसिपल बॉन्ड निर्गम पर 100 करोड़ रुपये प्रोत्साहन के रूप में देने की घोषणा की गयी है। दो सौ करोड़ रुपये तक के ऐसे निर्गमों के लिए प्रोत्साहन की वर्तमान योजना जारी रहेगी। </p>
<p>उन्होंने दूसरे कर्तव्य के तहत सेवा क्षेत्र को नया आयाम देने की पहलों की घोषणा की जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा सेवा, पशु चिकित्सा, बड़े महानगरों के समीप पांच नये यूनिवर्सिटी टाउनशिप, गणित और विज्ञान पढऩे वाली छात्राओं के लिए हर जिले में एक छात्रावास, खगोल विज्ञान के लिए नयी वेधशालाओं की स्थापना, गाइडों के प्रशिक्षण के लिए 20 जगह केंद्र बनाने, डिजिटल नॉलेज गृह और 50 पुरातात्विक स्थलों के विकास और संवर्धन जैसी पहलों की घोषणा की।</p>
<p>तीसरे कर्तव्य के तहत महिलाओं, किसानों, दिव्यांग जनों और अन्य वंचित वर्गों के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए विभिन्न पहलों की घोषणा की। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उत्तर भारत में एक नया निमहांस संस्थान स्थापित करने तथा रांची और तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव किया।</p>
<p>बजट में 50 प्रतिशत जिला अस्पतालों में आपात चिकित्सा तथा ट्रॉमा केंद्रों की सुविधाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। दिव्यांग सहारा योजना के तहत बजट में भारतीय कृत्रिम मानवअंग विनिर्माण निगम को अपनी विनिर्माण सुविधाओं के विस्तार और अनुसंधान तथा विकास के लिए सहायता दी जायेगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए योजना की घोषणा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 17:30:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कांग्रेस का हल्ला-बोल, एक तरफ बजट तो दूसरी तरफ आधार वर्ष में बदलाव करना नीतिगत समन्वय में कमी </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले जीडीपी और सीपीआई के बेस ईयर बदलने पर सवाल उठाए। कहा, इससे बजट अनुमानों और नीति-निर्माण में भ्रम पैदा होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-uproar-on-one-side-is-budget-and-on-the/article-141437"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट की पूर्व संध्या पर सांख्यिकीय आंकड़ों के जारी होने के समय को लेकर गंभीर चिंताएं जताते हुए कहा है कि बजट के वित्तीय अनुमान पुरानी गणनाओं पर आधारित हो सकते हैं, क्योंकि बजट पेश होने के मात्र कुछ ही दिनों के भीतर देश की विकास दर (जीडीपी) और महंगाई दर (सीपीआई) के गणना आधार (बेस ईयर) में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।</p>
<p>कांग्रेस के जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर चिंता का साझा करते हुए कहा कि आधार वर्ष में इस बदलाव से बजट के प्रमुख आंकड़ों, जैसे कि राजकोषीय घाटा और विकास दर के लक्ष्यों में भारी विसंगति पैदा हो सकती है। इसे नीति-निर्माण की प्रक्रिया में समन्वय की कमी आ सकती है, जिससे बजट के वास्तविक प्रभाव का सटीक आकलन करना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।</p>
<p>उन्होंने लिखा कि बजट के कई आँकड़े सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में पेश होंगे लेकिन कुछ दिनों बाद ही 2022-23 को आधार वर्ष मानकर नयी जीडीपी शृंखला जारी होने वाली है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या  रविवार को पेश किए जाने वाले बजट के आँकड़ों में इसके तुरंत बाद संशोधन किया जाएगा? </p>
<p>उन्होंने एक और चिंता प्रकट करते हुए कहा कि 2024 को आधार मानकर नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) शृंखला 12 फरवरी को जारी होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इस नई शृंखला में खाद्य कीमतों की हिस्सेदारी में तेज गिरावट दिखाई दे सकती है। अगर ऐसा होता है, तो इसका भी बजट के आँकड़ों पर असर पड़ेगा। थोक मूल्य सूचकांक में भी संशोधन किया जा रहा है और संभवत: इसे आने वाले कुछ महीनों में सार्वजनिक किया जाएगा।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि जो भी स्थिति हो, यह नीति-निर्माण में तालमेल की कमी को ही दर्शाता है। उन्होंने यह भी लिखा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट कल पेश किया जाएगा। राज्य सरकारें बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही होंगी कि उनके लिए इसमें क्या है, क्योंकि वित्त मंत्री 16वें वित्त आयोग की सिफ़ारिशों को लागू करने की घोषणा करने वाली हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है। इसे हर पांच साल में बनाया जाता है। इसका काम केंद्र के एकत्र राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी, पाँच वर्षों की अवधि के लिए विशेष अनुदानों की सिफ़ारिशें करना है। नया 16वां वित्त आयोग 2026-27 से 2030-31 की अवधि से संबंधित है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 15:03:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्थिक सर्वेक्षण: जीडीपी वृद्धि दर 7% से अधिक रहने का अनुमान, सीतारमण ने कहा-रुपया वैश्विक भू-राजनैतिक परिस्थितियों और रणनीतिक स्थिति में अंतर का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[आर्थिक सर्वे में 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान जताया गया। वैश्विक संस्थाओं ने भी भारत को सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/economic-survey-estimates-gdp-growth-rate-to-be-more-than/article-141181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(9).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में गुरुवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण में चालू वित्त वर्ष 2025-26 की आर्थिक वृद्धि दर के सात प्रतिशत से ऊपर और अगले वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p>आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि इस समय वैश्विक हालात ऐसे हैं जिसमें मजबूत वृहद आर्थिक आधार के बावजूद भारत को बाहरी निवेश के रूप में वांछित प्रतिफल नहीं मिल रहा है। इसमें कहा गया है कि रुपया वैश्विक भू-राजनैतिक परिस्थितियों और रणनीतिक स्थिति में अंतर का शिकार है और रुपये की वर्तमान विनिमय दर देश की आर्थिक स्थिति का सही चित्रांकन नहीं करती है।</p>
<p>आर्थिक सर्वे में वृद्धि दर का अनुमान इसी माह जारी पहले अग्रिम अनुमान के दायरे में ही है जिसमें 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। </p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और एडीबी जैसे वैश्विक संगठनों ने भी चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.2 से 7.4 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया है और इस तरह भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 14:08:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने कहा, भारत तेल-गेस क्षत्र में निवेश को 100 अरब डालर तक पहुंचाना है मकसद</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक में कहा कि भारत दशक के अंत तक तेल-गैस क्षेत्र में 100 अरब डॉलर निवेश बढ़ाएगा और वैश्विक भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-said-the-aim-is-to-increase-investment-in/article-140993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi-ji.png" alt=""></a><br /><p>पंजिम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत अपने तेल और गैस क्षेत्र में निवेश को इस दशक के अंत तक 100 अरब डालर तक पहुंचाना चाहता है और इसके लिए भागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है। पीएम मोदी ने गोवा में आयोजित ऊर्जा क्षेत्र पर भारत के वैश्विक सम्मेलन 'इंडिया एनर्जी वीक' का उद्घाटन करते हुए कहा, इस दशक के अंत तक हम ऑयल एंड गैस सेक्टर में इन्वेस्टमेंट को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य एक्सप्लोरेशन के दायरे को भी 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक विस्तार करने का है। इसी सोच के साथ हमारे यहां 170 से अधिक ब्लॉक को आवंटित किया जा चुका है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंडमान-निकोबार का बेसिन भी हमारे खनिज तेल और गैस की आशा का अगला केंद्र बन रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक बहुत ही कम समय में चर्चा और उस पर अमल का एक वैश्विक प्लेटफार्म बनकर उभरा है। आज तेल और गैस सेक्टर के लिए भारत बहुत बड़े अवसरों की धरती है। </p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है। इसके साथ ही देश में ऊर्जा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत दुनिया की मांग पूरी करने के लिए भी बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराता है। इसके आगे पीएम ने कहा, आज हम दुनिया में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के टॉप 5 एक्सपोर्टर्स में से एक हैं। दुनिया के 150 से ज्यादा देशों तक हमारी एक्सपोर्ट कवरेज है, और भारत की ये क्षमता आपके बहुत काम आने वाली है। इसलिए एनर्जी वीक का यह प्लेटफार्म हमारी भागीदारी की खोज करने का बहुत ही उत्तम स्थान है। </p>
<p>इस सम्मेलन में करीब 125 देश के ऊर्जा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और नीति नियामक भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों को इस आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 18:23:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जीएसटी में कटौती के बाद यात्री वाहनों की बिक्री दिसंबर में 27 प्रतिशत बढ़ी, सालाना बिक्री का भी बना नया रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[दिसंबर में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 26.8 प्रतिशत बढ़ी। मजबूत मांग, जीएसटी सुधार और रेपो दर कटौती से तिमाही व सालाना बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/after-gst-cut-sales-of-passenger-vehicles-increased-by-27/article-139412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/car.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में यात्री वाहनों की थोक बिक्री दिसंबर में 26.8 प्रतिशत बढ़कर 3,99,216 इकाई पर पहुंच गयी। यात्री वाहनों में कारें, उपयोगी वाहन और वैन शामिल होते हैं। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में नयी पीढ़ी के सुधारों और रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दरों में कटौती से ऋण पर ब्याज कम होने के कारण अक्टूबर-दिसंबर की पूरी तिमाही में मांग मजबूत बनी रहने से तिमाही और सालाना बिक्री का भी नया रिकॉर्ड बना है। </p>
<p>वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि दिसंबर 2025 में दुपहिया वाहनों की बिक्री 39.4 फीसदी बढ़कर 15,41,036 इकाई दर्ज की गयी। तिपहिया की बिक्री 61,924 इकाई पर रही जो एक साल पहले के मुकाबले 17.4 प्रतिशत अधिक है। </p>
<p>अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में यात्री वाहनों की बिक्री 20.6 फीसदी बढ़कर 12,76,073 इकाई रही जिसमें 8,52,498 उपयोगी वाहन शामिल हैं। कारों की बिक्री 20.5 प्रतिशत, उपयोगी वाहनों की 20.9 प्रतिशत और वैन 16.4 प्रतिशत बढ़ी है। वर्ष 2025 की अंतिम तिमाही में दुपहिया की बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 56,96,238 इकाई पर पहुंच गयी। तिपहिया की बिक्री 2,15,211 इकाई रही जो सालाना आधार पर 14 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 21.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी और यह 2,90,085 पर पहुंच गयी।</p>
<p>पूरे साल के दौरान जनवरी से दिसंबर तक यात्री वाहनों की कुल बिक्री पांच फीसदी बढ़कर 44,89,717 इकाई पर पहुंच गयी जो एक नया रिकॉर्ड है। दुपहिया वाहनों की बिक्री में 4.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 2,05,00,639 इकाई पर पहुंच गयी। तिपहिया की बिक्री 8.2 फीसदी बढ़कर 7,88,429 इकाई रही। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 7.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,27,877 इकाई रही।</p>
<p>सियाम के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि साल 2025 वाहन उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। साल की पहली छमाही में बिक्री में सुस्ती रही और उद्योग को आपूर्ति संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ा। नीति संबंधी ढांचागत सुधारों ने मांग में तेजी की नींव रखी। इन सुधारों में आयकर में राहत, रेपो दरों में लगातार कटौती और जीएसटी 2.0 शामिल हैं। जीएसटी दरों में कटौती के कारण वाहनों की लगात कम हो गयी जिससे उद्योग को गति मिली। </p>
<p>उन्होंने बताया कि पूरे साल के दौरान यात्री वाहनों, वाणिज्यिक वाहनों और तिपहिया की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर रही। दुपहिया की बिक्री भी दूसरे उच्चतम स्तर पर रही। चंद्रा ने साल 2026 में भी मांग में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद जतायी है। सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि अक्टूबर-दिसंबर में यात्री वाहनों, दुपहिया, तिपहिया और वाणिज्यिक वाहनों की तिमाही बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:02:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस ने उठाए आर्थिक मुद्दे, कहा- ''बजट 2026-27'' में होगी निवेश सुस्ती, बढ़ती असमानता जैसी बड़ी चुनौती </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने बजट सत्र से पहले निवेश सुस्ती, घरेलू बचत गिरावट और बढ़ती आर्थिक असमानता को बड़ी चुनौती बताया, कहा कि 2026-27 का बजट इन समस्याओं के समाधान की परीक्षा होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-declared-its-budget-session-program-and-said-investment-slowdown/article-139289"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/budget-2026-27.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने बजट सत्र से पहले अपना कार्यक्रम घोषित कर दिया है और कहा है कि देश में निवेश की सुस्ती, घरेलू बचत में गिरावट और लगातार बढ़ती आर्थिक असमानता जैसी गंभीर समस्याएं हैं जिनसे निपटने के उपाय कर अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की 2026-27 के बजट में बड़ी चुनातियाँ होंगी। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को यहां एक बयान ने कहा कि संसद के बजट सत्र का कार्यक्रम घोषित हो चुका है और 2026-27 का बजट करीब बीस दिन बाद पेश किया जाना है। यह बजट 16वें वित्त आयोग की सिफ़ारिशों को भी प्रतिबिंबित करेगा, जिसकी रिपोर्ट गत 17 नवंबर को सौंपी गई थी। ये सिफ़ारिशें 2026-27 से 2031-32 की अवधि के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे तथा राज्यों के आपसी हिस्से से जुड़ी हैं।</p>
<p>उन्होने कहा, देश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और निवेश की सुस्ती, घरेलू बचत में गिरावट और लगातार बढ़ती आर्थिक असमानता जैसी बड़ी चुनौतियाँ सामने हैं और यदि इन मूलभूत समस्याओं से ठोस तरीके से नहीं निपटा गया, तो उच्च जीडीपी वृद्धि और बड़े स्तर पर रोजगार सृजन कठिन हो जाएगा। </p>
<p>कांग्रेस ने मनरेगा से जुड़े नए कानून में 60:40 के फार्मूले पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे पहले ही दबाव में चल रही राज्य सरकारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। उनका कहना था कि अर्थव्यवस्था के सामने तीन बड़ी चुनौतियां स्पष्ट हैं जिनमें पहली टैक्स में कटौती और बेहतर मुनाफे के बावजूद निजी कॉरपोरेट निवेश की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। दूसरी, घरेलू बचत दरों में उल्लेखनीय गिरावट से निवेश क्षमता सीमित हो रही है। तीसरी, आय, संपत्ति और उपभोग से जुड़ी असमानताएं लगातार गहराती जा रही हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देखना यह है कि आने वाला बजट केवल सांख्यिकीय आंकड़ों के सहारे तस्वीर पेश करता है या इन जमीनी सच्चाइयों को स्वीकार कर उनसे निपटने के लिए ठोस और सार्थक कदम उठाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 14:05:41 +0530</pubDate>
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