<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/foreignpolicy/tag-66509" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>ForeignPolicy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/66509/rss</link>
                <description>ForeignPolicy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के साथ समझौते की उम्मीद, खामेनेई ने दी युद्ध के खिलाफ चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप ने ईरान से समझौते की उम्मीद जताई, जबकि खामेनेई ने अमेरिकी कार्रवाई पर क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी दी। दोनों पक्षों के बयानों से पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-hopes-for-agreement-with-iran-khamenei-warns/article-141679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ 'समझौता होने की' उम्मीद जताई है, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका कोई भी टकराव शुरू करता है तो वह क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। ट्रंप ने फ्लोरिडा के पाम बीच पर अपने मार-आ-लागो आवास से कहा कि अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में भले ही अपने युद्ध पोत तैनात किये हैं लेकिन वह इस समस्या का कूटनीतिक हल चाहता है। इसके आगे ट्रंप ने कहा, हमने वहां दुनिया के सबसे बड़े, सबसे ताकतवर युद्ध पोत तैनात किये हैं। उम्मीद है कि आने वाले दो दिनों में हम कोई समझौता कर लेंगे। अगर समझौता नहीं होता है तो हमें पता चल जायेगा कि वह सही थे या नहीं।</p>
<p>बता दें कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया जब खामेनेई ने सोशल मीडिया एक्स पर जारी कई बयानों में अमेरिका को सैन्य कार्रवाई करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। खामेनेई ने पोस्ट किया, अमेरिका को पता होना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं तो इस बार एक क्षेत्रीय युद्ध होगा। अमेरिकी कभी-कभी युद्ध की बात करते हैं और कहते हैं कि वे युद्ध पोतों और लड़ाकू विमानों के साथ आएंगे। यह कोई नयी बात नहीं है। ईरान ऐसी बातों से डरता नहीं। उन्हें ईरानियों को ऐसी चीजों से डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिये।</p>
<p>खामेनेई ने कहा कि ईरान संघर्ष नहीं चाहता लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो ईंट का जवाब पत्थर से देगा। उन्होंने अमेरिका पर संसाधनों के लालच में ईरान पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। खामेनेई ने कहा, हम लड़ाई शुरू करने वालों में नहीं हैं। हम किसी पर जुल्म नहीं करना चाहते। हम किसी देश पर हमला नहीं करना चाहते लेकिन अगर कोई हम पर हमला करता है या नुकसान पहुंचाता है तो उसे ईरान से करारा जवाब मिलेगा। </p>
<p>उन्होंने ईरान में अमेरिका के हस्तक्षेप के इतिहास की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के कई आकर्षण केन्द्र हैं, जिनमें उसका तेल, उसके खनिज और उसकी भौगोलिक स्थिति दूसरे देशों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा है। अमेरिका इस देश पर वैसा ही कब्जा चाहता है, जैसा पहले था। अमेरिका 30 साल से ज्यादा तक ईरान में रहा। ईरान के संसाधन, तेल, राजनीति और सुरक्षा उनके हाथों में थी। अब उनकी पकड़ ढीली हो गयी है तो वह उसे वापस पहले जैसा करना चाहते हैं। ईरान मजबूती से खड़ा है और उसे हर सवाल का जवाब देकर रोक रहा है। </p>
<p>इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास इराक़ची ने कहा था कि अमेरिका से उनका विश्वास उठ चुका है लेकिन वे परमाणु हथियारों पर निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, मुझे युद्ध की चिंता नहीं है। मुझे गलत सूचना और दुष्प्रचार अभियान के कारण लिए जाने वाले सैन्य फैसलों की ङ्क्षचता है। जाहिर है कि कुछ लोग हैं जो अपने फायदे के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प को इस युद्ध में खींचना चाहते हैं। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रम्प इतने समझदार हैं कि वह अपने फैसले खुद ले सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-hopes-for-agreement-with-iran-khamenei-warns/article-141679</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-hopes-for-agreement-with-iran-khamenei-warns/article-141679</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 14:18:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%287%29.png"                         length="1030431"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ती अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के बीच ट्रंप का दावा, कहा-ईरान बातचीत के लिए तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। अमेरिका ने अंतिम तारीख तय की है, जबकि ईरान ने रक्षा और मिसाइल कार्यक्रम पर वार्ता से इनकार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amid-increasing-us-military-presence-in-west-asia-trump-claims/article-141489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। पश्चिमी एशिया में बढ़ती अमेरिका की सैन्य उपस्थिति के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है।ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, वे समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत शुरू करने के लिए एक अंतिम तारीख तय की गयी है, हालांकि उन्होंने सही समय नहीं बताया। </p>
<p>उन्होंने ईरान के पास एक अमेरिकी नौसैनिक पोत की तैनाती का जिक्र करते हुए कहा, उम्मीद है, हम एक समझौता करेंगे। अगर हम समझौता नहीं करते हैं, तो देखेंगे क्या होता है। अमेरिका ने जहां बातचीत के लिए तैयारी दिखाई, वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरान का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि ईरान आपसी हितों और सम्मान के आधार पर बराबरी के स्तर पर बातचीत करने को तैयार है, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर जोर दिया कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताओं पर कभी बातचीत नहीं होगी। फिलहाल, बातचीत फिर से शुरू करने के लिए ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच कोई बैठक तय नहीं है। </p>
<p>अराघची ने कहा, मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताएं कभी भी बातचीत का विषय नहीं होंगी। ये बयान ट्रंप की तरफ से बार-बार दी जा रही चेतावनियों के बीच आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर ईरान अमेरिकी मांगों को पूरा नहीं करता है, जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल विकास पर रोक शामिल है, तो संभावित सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ईरान ने अमेरिका के किसी भी हमले का जवाब देने की चेतावनी दी है, जबकि तुर्की ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश की है।</p>
<p>ट्रंप को हाल ही में, ईरान को निशाना बनाने वाले ज्यादा बड़े और ज्यादा आक्रामक सैन्य विकल्पों के बारे में बताया गया है। इन योजनाओं का मकसद ईरान के परमाणु और मिसाइल अवसंरचना को काफ़ी नुकसान पहुंचाना या सर्वोच्च नेता के प्रशासन को कमजोर करना है, जो पहले के विचारों से एक बड़ा बदलाव है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि नये विकल्प दो हफ़्ते पहले समीक्षा किये गये विकल्पों से बेहतर हैं, जब ध्यान ईरानी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ हिंसा को रोकने के ट्रंप के वादे को लागू करने पर था। इन प्रस्तावों में ऐसे हालात शामिल हैं जिनमें अमेरिकी सेना सीधे ईरानी जमीन पर हो सकती है, जिसमें अहम ठिकानों पर लक्षित रेड भी शामिल हैं। </p>
<p>इससे पहले, अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी, जिसमें अमेरिकी सेना की तैयारी और रोक लगाने की क्षमता पर जोर दिया गया। हेगसेथ ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने चाहिए। उन्होंने कहा, उन्हें परमाणु क्षमता हासिल नहीं करनी चाहिए। हम इस राष्ट्रपति की युद्ध विभाग से जो भी उम्मीदें हैं, उन्हें पूरा करने के लिए तैयार रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/amid-increasing-us-military-presence-in-west-asia-trump-claims/article-141489</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/amid-increasing-us-military-presence-in-west-asia-trump-claims/article-141489</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 18:25:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/trump.png"                         length="527931"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ईरान प्रतिबंध: अमेरिका ने लगाए ईरान के गृह मंत्री, शीर्ष अधिकारियों पर प्रतिबंध, हिंसक कार्रवाई के लिए बताया जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में प्रदर्शनों पर हिंसा के आरोप में अमेरिका ने गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों और आईआरजीसी से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-iran-sanctions-america-imposes-sanctions-on-irans-interior-minister/article-141422"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान में जारी प्रदर्शन के बाद अमेरिका ने ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों पर ईरानी प्रशासन पर हिंसक कार्रवाई के लिये ये सभी जिम्मेदार थे। अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा, मोमेनी ईरान इस्लामिक गणराज्य के हत्यारे कानून प्रवर्तन बल का संचालन करते हैं, जो हजारों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या के लिये जिम्मेदार है।</p>
<p>बयान में अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने कहा, आज अमेरिका के वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने ईरानी लोगों के खिलाफ ङ्क्षहसक कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अतिरिक्त कार्रवाई की। जिन अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए गये, उनमें ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी शामिल हैं।</p>
<p>इन प्रतिबंधों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों और ईरानी व्यवसायी बाबक मोर्तेजा जंजानी को भी निशाना बनाया गया है, जिन पर ईरानी लोगों से अरबों डॉलर के गबन का आरोप है। मंत्रालय ने जंजानी से जुड़े डिजिटल करेंसी विनिमय पर भी रोक लगा दी है।</p>
<p>अमेरिका के प्रतिबंधों के तहत नामित व्यक्तियों या संस्थाओं की कोई भी संपत्ति जब्त कर दी जाती है और अमेरिकी नागरिकों तथा कंपनियों को उनके साथ व्यापार करने से मना किया जाता है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि जंजानी ने आईआरजीसी और व्यापक ईरानी शासन का समर्थन करने वाली परियोजनाओं को आर्थिक रूप से समर्थन दिया है।  </p>
<p>ओएफएसी ने पहली बार जंजानी से जुड़े दो डिजिटल संपत्ति विनिमय नामित किये। यह ईरानी अर्थव्यवस्था में काम करने वाले डिजिटल एसेट विनिमय के खिलाफ उसकी पहली कार्रवाई है। मंत्रालय के सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा, एक समृद्ध ईरान बनाने के बजाय शासन ने देश के तेल राजस्व के बचे हुए हिस्से को परमाणु हथियारों के विकास, मिसाइलों और दुनिया भर में आतंकवादी संगठन पर बर्बाद करना चुना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं और उन्होंने मंत्रालय को शासन के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। </p>
<p>मंत्रालय ईरानी नेटवर्क और भ्रष्ट अभिजात वर्ग को निशाना बनाना जारी रखेगी जो ईरानी लोगों की कीमत पर खुद अमीरी में जीते हैं। प्रतिबंधित किये गये अन्य अधिकारियों में आईआरजीसी इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन के माजिद खादेमी, तेहरान प्रांत के आईआरजीसी सैय्यद अल-शोहादा कॉप्र्स के कमांडर ग़ोरबान मोहम्मद वलीजदेह, हमादान प्रांत के आईआरजीसी कमांडर हुसैन जारे कमाली, गिलान प्रांत के आईआरजीसी कमांडर हामिद दमघानी, और करमानशाह प्रांत के एलईएफ कमांडर मेहदी हाजियन शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/america-iran-sanctions-america-imposes-sanctions-on-irans-interior-minister/article-141422</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/america-iran-sanctions-america-imposes-sanctions-on-irans-interior-minister/article-141422</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 14:05:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/500-px%29-%287%291.png"                         length="1253343"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने कहा, शक्सगाम घाटी पर चीन के दावे का जवाब दें केंद्र सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने शक्सगाम घाटी पर चीन के दावे और निर्माण को गंभीर बताया, केंद्र से कड़ा जवाब मांगा, विदेश नीति पर सवाल उठाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-said-the-central-government-should-respond-to-chinas-claim/article-139461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/congress1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि चीन लगातार भारत की सीमाओं को अपना बताकर वहां ढांचागत बुनियादी सुविधा विकसित करने को सही बता रहा है और केंद्र सरकार को इसका करारा जवाब देना चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस ने कहा है कि चीन अब जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना हिस्सा बता रहा है। उसके विदेश मंत्रालय ने इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचा के विकास को सही ठहराया है। पार्टी ने सवाल किया है इस बारे में केंद्र सरकार चुप क्यों हैं। उनको इसका जवाब देना चाहिए।</p>
<p>पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज एक्स पर मंगलवार को लिखा केंद्र सरकार की विदेश नीति वेंटिलेटर पर पड़ी है। अब चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना बताया है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा-शक्सगाम घाटी चीन का इलाका है, यहां बुनियादी ढांचा बनाना गलत नहीं है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-said-the-central-government-should-respond-to-chinas-claim/article-139461</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-said-the-central-government-should-respond-to-chinas-claim/article-139461</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 15:34:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/congress1.png"                         length="534380"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या चीनी सरकार में होने वाला है बड़ा खेला? बदले कई देशों में अपने राजदूत? समाने आई चौकाने वाली वजह</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने फिलीपींस, नीदरलैंड सहित कई देशों में नए राजदूत नियुक्त किए। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेशनल पीपल्स कांग्रेस की मंजूरी के बाद नियुक्तियों को स्वीकृति दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/is-there-going-to-be-a-big-game-in-the/article-139302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/china1.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने फिलीपींस और नीदरलैंड सहित विभिन्न देशों में अपने राजदूतों को बदल दिया है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को बताया गया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनङ्क्षपग ने नेशनल पीपल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के फैसले के अनुसार जिंग क्वान को श्रू हुआंग जिलयन की जगह फिलीपींस में राजदूत नियुक्त किया है। वहीं, शेन बो को टैन जियान की जगह नीदरलैंड में राजदूत नियुक्त किया गया है। </p>
<p>जियांग वेई को झांग यानलिग की जगह एंटीगुआ और बारबुडा में राजदूत नियुक्त किया गया है। ली जियांग को श्री चेन जिंहोंग की जगह माली में राजदूत नियुक्त किया गया है। यांग शिन को श्री झांग जियानवेई की जगह कुवैत राज्य में राजदूत नियुक्त किया गया है। झाओ योंग को वांग ​किंग की जगह सिएरा लियोन गणराज्य में राजदूत नियुक्त किया गया है। </p>
<p>बयान में बताया गया कि कांग यान को श्री वांग शुनकिंग की जगह स्लोवेनिया में राजदूत नियुक्त किया गया है। यांग यिरुई को झाओ बेंटांग की जगह पुर्तगाल में राजदूत नियुक्त किया गया है। जिया गाइड को चेन जू की जगह जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और स्विट्जरलैंड में अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि, नेशनल पीपल्स कांग्रेस चीन की सर्वोच्च विधायिका है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/is-there-going-to-be-a-big-game-in-the/article-139302</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/is-there-going-to-be-a-big-game-in-the/article-139302</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 15:41:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/china1.png"                         length="512868"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        