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                <title>तनाव व एंजाइटी की समस्या में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति गम्भीरता आवश्यक: डीजीपी उमेश मिश्रा </title>
                                    <description><![CDATA[बढ़ती प्रतिस्पर्धा व अभिभावकों के उचित मार्गदर्शन के अभाव की स्थितियों में बच्चे मानसिक तनाव के शिकार होकर आत्महत्या तक का कदम उठा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-case-of-stress-and-anxiety-seriousness-towards-mental-health/article-57588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/umesh-mishra-1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महानिदेशक पुलिस उमेश मिश्रा ने कहा है कि वर्तमान दौर में मानसिक तनाव व एंजाइटी की समस्या निरन्तर बढ़ती जा रही है। उन्होंने पुलिस बल सहित आमजन में भी मानसिक तनाव की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति गम्भीरता बरतने की आवश्यकता प्रतिपादित की। मिश्रा बुधवार को पुलिस मुख्यालय में इंग्लैंड के मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में कार्यरत राजस्थान मूल के डॉ विमल शर्मा के सानिध्य में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मिश्रा ने कहा कि जीवन की जटिलताओं के मध्य युवा वर्ग सहित शहरी ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह समस्या बढ़ती जा रही है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा व अभिभावकों के उचित मार्गदर्शन के अभाव की स्थितियों में बच्चे मानसिक तनाव के शिकार होकर आत्महत्या तक का कदम उठा रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पर बल देते हुए कहा कि काम के बढ़ते बोझ की स्थितियों में व्यवस्थित जीवन शैली आवश्यक है। नियमित व्यायाम, योग प्राणायाम, खेल सहित स्वयं की समुचित देखभाल एवं मनोरंजन गतिविधियों से अपने प्रसन्नता के पैमाने को बढ़ाया जा सकता है। </p>
<p>डीजी कानून व्यवस्था राजीव शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पुलिस अधिकारियों व जवानों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति गम्भीरता की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए मानसिक समस्याओं के समय पर सामाधन पर बल दिया। एसएमएस मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रिंसिपल  व हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ राजीव बगरहट्टा ने व्यवस्थित दिनचर्या के साथ ही नियमित व्यायाम पर जोर दिया। मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में कार्यरत राजस्थान मूल के डॉ विमल शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य की स्थितियों के नियमित रूप से आंकलन करने के साथ ही समय समय पर विशेषज्ञों से विचार विमर्श पर बल दिया। </p>
<p>इंग्लैंड से आये विशेषज्ञ डॉ कैथरीन एवं डॉ रॉबर्ट पॉल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर एडीजी क्राइम दिनेश एमएन, एडीजी बिपिन पाण्डे, आईजी राजेन्द्र सिंह, डीआईजी श्वेता धनखड़, एसएमएस के सीनियर प्रोफेसर डॉ लोकेश शर्मा,  पुलिस मुख्यालय के डॉ सुनील पूनिया सहित प्रदेशभर के पुलिस संस्थानों में कार्यरत चिकित्साधिकारियों ने भाग लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Sep 2023 12:43:42 +0530</pubDate>
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                <title>चिंता : तीसरी लहर में बढ़ रहे मरीज, राहत : अस्पताल खाली, घर पर ठीक हो रहे</title>
                                    <description><![CDATA[58,393 में से केवल 1.25 फीसदी भर्ती, 0.46 फीसदी को ही ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BE---%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%9D-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9C--%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4---%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80--%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A0%E0%A5%80%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87/article-4026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/15.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर में दूसरी लहर से 902 फीसदी संक्रमण ज्यादा फैल रहा है। 30 दिसम्बर से लेकर अब तक प्रदेश में 18 दिन में 81640 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन बड़ी राहत की बात यह है कि केवल 1.25 फीसदी मरीजों को ही अब तक अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी है। इनमें भी केवल 0.46 फीसदी ही ऐसे हैं जिनको आॅक्सीजन सपोर्ट, आईसीयू या फिर वेंटिलेटर्स की आवश्यकता पड़ी। बाकी 97.75 फीसदी मरीज घरों पर ही इलाज लेकर कोरोना को हराकर ठीक हो रहे हैं।</p>
<p><br /> चिकित्सा विभाग के पास शनिवार यानी 14 जनवरी तक के अस्पताल में भर्ती मरीजों के आंकड़े को देखें तो इस दिन तक प्रदेश में 58,393 एक्टिव केस थे। लेकिन राहत यह है कि केवल 733 मरीज को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत पड़ी। इनमें भी 462 यानी 63.02 फीसदी तो सामान्य वार्ड्स में ही है। ऑक्सीजन की भी जरूरत इन्हें नहीं पड़ी है। वहीं केवल 179 मरीजों को आॅक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता पड़ी है। आईसीयू में केवल मात्र 64 और वेंटिलेटर्स पर केवल 28 ही मरीज हैं। अस्पतालों में 96.25 फीसदी सामान्य बेड्स, 99.10 फीसदी आॅक्सीजन बेड्स, 97.63 फीसदी आईसीयू बेड्स और 98.97 फीसदी वेंटिलेटर्स खाली पड़े हैं। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>अस्पताल में बेड्स और भर्ती मरीज की फैक्ट फाइल</strong></span></span></span><br /> <strong>अस्पताल में मात्र 733 मरीज, आईसीयू में केवल 64, वेंटीलेटर्स पर केवल 28 संक्रमित</strong><br /> <br /> सामान्य आईसोलेशन : 12,315 कुल बेड्स<br /> खाली पड़े 11,853, 96.25% <br /> मरीज  462,   3.75%<br /> <br /> <br /> ऑक्सीजन सपोर्टेड : 19,847  कुल बेड्स  <br /> खाली पड़े  19,668,  99.10%<br /> मरीज  179,  0.90%<br /> <br /> आईसीयू : 2,695  कुल बेड्स <br /> खाली पड़े  2,631,   97.63%<br /> मरीज  64,  2.37%<br /> <br /> वेंटिलेटर्स :  2,466 कुल बेड्स<br /> खाली पड़े  2,438,  98.97%<br /> मरीज  28,  1.13%</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jan 2022 13:10:33 +0530</pubDate>
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                <title>राजकाज </title>
                                    <description><![CDATA[चर्चा में रम और गम के पटाखे : चिन्ता दूसरी पीढ़ी की : तैयारी ढाई साल की : चांस ब्रेक लगने के : दिल है कि मानता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/-draft--add-your-title/article-1735"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rajkaj.jpg-13091.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चर्चा में रम और गम के पटाखे</strong></span></span><br /> सूबे में इन दिनों हाथ वाले भाई लोगों में पटाखों को लेकर काफी चर्चा है। इंदिरा गांधी भवन में बने पीसीसी के ठिकाने पर ग्रीन पटाखों की नहीं बल्कि रम और गम के पटाखों की चर्चा कुछ ज्यादा ही हैं। यहां आने वाला हर कोई वर्कर बतियाता है कि कई भाई लोगों के सपने थे कि इस बार दीपावली पर तो पटाखे छोड़े बिना नहीं रहेंगे, मगर शनि को दिल्ली से छन-छनकर आई खबरों के बाद उनके मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ठिकाने पर सालों से आ रहे बुजुर्गवार की मानें, तो जोधपुर वाले अशोक जी भाईसाहब अपने हिसाब से दीपावली के बाद आने देवउठनी एकादश के बाद बम पटाखे छोड़ेंगे, जिनकी आवाज दूर तलक जाए बिना नहीं रहेगी। कुर्सी के लिए दिन में सपने देखने वाले भाई लोग अभी तो लम्बी सांस के साथ गम और रम के पटाखे छोड़ते नजर आ रहे हैं। अब समझने वाले समझ गए, ना समझे वो अनाड़ी हैं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चिन्ता दूसरी पीढ़ी की</strong></span></span><br /> इन दिनों राज के कुछ रत्न अपनी दूसरी पीढ़ी के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। उनके लिए वे न रात देख रहे हैं और न ही दिन। रात को काम करने के लिए भी पसीने बहा रहे हैं। उनके उलटे सीधे कामों को ढाकने के लिए खाकी वालों तक के हाथ-पैर जोड़ रहे हैं। इस मामले में पिंकसिटी से ताल्लुकात रखने वाले एक रत्न तो दो कदम आगे हैं। पुत्र मोह में फंसे भाईसाहब न आगा देख रहे हैं और न ही पीछा। पुत्र भी काफी स्याणा है, जो रात दिन जमीन से ही जुड़ा रहता है। राज का काज करने वाले लंच केबिनों में बतियाते हैं कि पुत्र मोह में फंसे भाई साहब की मजबूरी है, वरना वो भी जानते है कि यह पब्लिक है, सब जानती है और सब पहचानती है कि उसको आगे क्या करना है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>तैयारी ढाई साल की</strong></span></span><br /> दिल्ली की सरकार के लिए जंग तो ढाई साल बाद होगी, लेकिन नेताओं ने अभी से पसीने बहाने शुरू कर दिए है। भारती भवन वालों ने तो बैठकों में चिंतन-मंथन का कलैण्डर तक बना लिया। अब देखो ना सूबे में उपचुनावों की आड़ में आगे की रणनीति पर काम भी शुरू हो गया। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर चर्चा है कि स्टार प्रचारकों की लिस्ट में मैडम का नाम देखकर ही समझ गए कि सूबे में 2023 की जंग जीतने का सेहरा किसके सिर पर बंधेगा। अब सोचने वाले तो आगे तक की भी सोच रहे हैं कि हाथ वालों की ओर से प्रियंका के आगे आने पर भगवा वाले भी अपनी रणनीति बदले बिना नहीं रहेंगे और अपनी ओर से सूबे वाली मैडम को ही आगे करेंगे, चाहे वह नंबर वन कुर्सी पर ही विराजमान हो।</p>
<p><strong><br /> </strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चांस ब्रेक लगने के</strong></span></span><br /> आजकल राज का काज करने वाले भाई लोगों के दिलों में एक डर बैठा हुआ है। उनका यह डर लंच टेबिलों पर कभी कभार वह जुबान पर आ ही जाता है। मामला भी गाड़ियों से जुड़ा है। जोधपुर वाले भाईसाहब कभी भी 17 साल पहले किए अपने एक फैसले का फरमान जारी कर सकते हैं। अब बीस गुणा ज्यादा बढ़ चुकी सरकारी गाड़ियों की स्पीड पर पेट्रोल की बढ़ती कीमत और मितव्ययता की आड़ में ब्रेक लगाने के चांस कुछ ज्यादा ही हैं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>दिल है कि मानता</strong></span></span><br /> दिल तो दिल ही होता है। मान जाए, तो ठीक है, नहीं माने तो उस पर किसी का वश नहीं होता। कमल वाली पार्टी में वल्लभनगर और धरियावद के उपचुनाव के लिए उच्च स्तर पर दिल मिलाने की लाख कोशिशें की गई। लेकिन दिल केवल टिकट बांटने तक राजी हुआ। मैदान में प्रचार-प्रसार के लिए उदयपुर वाले भाईसाहब का दिल अभी तैयार ही नहीं है। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में चर्चा आम है कि दिलों में अभी भी दरार है। समझौता केवल दिखावटी है। दिल नहीं मिलने से वोटर भी मझदार में है। उन्होंने भी बिना दल वालों से दिल मिलाने की ठान ली है।</p>
<p> <strong>     एल एल शर्मा<br /> (यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 10:40:56 +0530</pubDate>
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