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                <title>DonaldTrump - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>DonaldTrump RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी खत्म, एंटोनियो गुटेरेस ने इस चूक को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर मुद्दा बताया</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-रूस न्यू स्टार्ट संधि समाप्त होने से वैश्विक सुरक्षा पर संकट गहराया, संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई, दोनों देशों से नए परमाणु हथियार नियंत्रण समझौते संवाद करने का आग्रह किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/new-start-treaty-between-america-and-russia-ended-antonio-guterres/article-142307"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी खत्म हो चुकी है, जो कि स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन को लेकर थी। इस ट्रीटी के खत्म होने से ग्लोबल सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिका और रूस के बीच यह समझौता 2010 में साइन किया गया था और जिसे 2026 तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब 5 फरवरी 2026 को दोनों देशों के बीच यह समझौता खत्म हो चुका है। अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी 5 फरवरी, 2011 को लागू की गई थी। इसकी वैलिडिटी 10 साल की थी, जिससे यह समझौता 5 फरवरी 2021 को समाप्त होना था। बाद में दोनों देशों की सहमति से इसे पांच साल के लिए और बढ़ा दिया गया, जिससे अब 5 फरवरी 2026 को यह न्यू स्टार्ट ट्रीटी खत्म हो गई।</p>
<p>रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा, दोनों पक्ष अब संधि के प्रावधानों से बंधे नहीं हैं और अपने अगले कदम तय करने के लिए स्वतंत्र हैं। मंत्रालय ने कहा कि रूस स्ट्रैटेजिक स्थिति को स्थिर करने के लिए राजनीतिक और राजनयिक प्रयासों के लिए खुला है। मंत्रालय ने आगे कहा, रूस को 5 फरवरी को संधि की समाप्ति के बाद न्यूक्लियर हथियारों की सीमा पर स्वैच्छिक रोक बढ़ाने के रूसी पहल पर संयुक्त राज्य अमेरिका से कोई औपचारिक आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने जनवरी 2026 में कहा था कि वह इस ट्रीटी के खत्म होने को लेकर टेंशन में नहीं है। ट्रंप ने उम्मीद भी जताई थी कि दोनों पक्ष एक नए समझौते पर पहुंचेंगे।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस चूक को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि यह इतने लंबे समय में पहली बार है कि दोनों देशों के स्ट्रैटेजिक न्यूक्लियर हथियारों पर कोई रोक नहीं है, जिनके पास मिलकर दुनिया के अधिकांश न्यूक्लियर हथियार हैं।</p>
<p>गुटेरेस ने दोनों देशों से बातचीत की मेज पर लौटने और जोखिमों को कम करने और सत्यापन योग्य सीमाओं को बहाल करने के लिए एक उत्तराधिकारी ढांचा बनाने का आग्रह किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 09:52:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के साथ समझौते की उम्मीद, खामेनेई ने दी युद्ध के खिलाफ चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप ने ईरान से समझौते की उम्मीद जताई, जबकि खामेनेई ने अमेरिकी कार्रवाई पर क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी दी। दोनों पक्षों के बयानों से पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-hopes-for-agreement-with-iran-khamenei-warns/article-141679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ 'समझौता होने की' उम्मीद जताई है, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका कोई भी टकराव शुरू करता है तो वह क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। ट्रंप ने फ्लोरिडा के पाम बीच पर अपने मार-आ-लागो आवास से कहा कि अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में भले ही अपने युद्ध पोत तैनात किये हैं लेकिन वह इस समस्या का कूटनीतिक हल चाहता है। इसके आगे ट्रंप ने कहा, हमने वहां दुनिया के सबसे बड़े, सबसे ताकतवर युद्ध पोत तैनात किये हैं। उम्मीद है कि आने वाले दो दिनों में हम कोई समझौता कर लेंगे। अगर समझौता नहीं होता है तो हमें पता चल जायेगा कि वह सही थे या नहीं।</p>
<p>बता दें कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया जब खामेनेई ने सोशल मीडिया एक्स पर जारी कई बयानों में अमेरिका को सैन्य कार्रवाई करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। खामेनेई ने पोस्ट किया, अमेरिका को पता होना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं तो इस बार एक क्षेत्रीय युद्ध होगा। अमेरिकी कभी-कभी युद्ध की बात करते हैं और कहते हैं कि वे युद्ध पोतों और लड़ाकू विमानों के साथ आएंगे। यह कोई नयी बात नहीं है। ईरान ऐसी बातों से डरता नहीं। उन्हें ईरानियों को ऐसी चीजों से डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिये।</p>
<p>खामेनेई ने कहा कि ईरान संघर्ष नहीं चाहता लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो ईंट का जवाब पत्थर से देगा। उन्होंने अमेरिका पर संसाधनों के लालच में ईरान पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। खामेनेई ने कहा, हम लड़ाई शुरू करने वालों में नहीं हैं। हम किसी पर जुल्म नहीं करना चाहते। हम किसी देश पर हमला नहीं करना चाहते लेकिन अगर कोई हम पर हमला करता है या नुकसान पहुंचाता है तो उसे ईरान से करारा जवाब मिलेगा। </p>
<p>उन्होंने ईरान में अमेरिका के हस्तक्षेप के इतिहास की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के कई आकर्षण केन्द्र हैं, जिनमें उसका तेल, उसके खनिज और उसकी भौगोलिक स्थिति दूसरे देशों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा है। अमेरिका इस देश पर वैसा ही कब्जा चाहता है, जैसा पहले था। अमेरिका 30 साल से ज्यादा तक ईरान में रहा। ईरान के संसाधन, तेल, राजनीति और सुरक्षा उनके हाथों में थी। अब उनकी पकड़ ढीली हो गयी है तो वह उसे वापस पहले जैसा करना चाहते हैं। ईरान मजबूती से खड़ा है और उसे हर सवाल का जवाब देकर रोक रहा है। </p>
<p>इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास इराक़ची ने कहा था कि अमेरिका से उनका विश्वास उठ चुका है लेकिन वे परमाणु हथियारों पर निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, मुझे युद्ध की चिंता नहीं है। मुझे गलत सूचना और दुष्प्रचार अभियान के कारण लिए जाने वाले सैन्य फैसलों की ङ्क्षचता है। जाहिर है कि कुछ लोग हैं जो अपने फायदे के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प को इस युद्ध में खींचना चाहते हैं। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रम्प इतने समझदार हैं कि वह अपने फैसले खुद ले सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 14:18:57 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला, दुनिया के सबसे बड़े ट्रायम्फल आर्च के निर्माण का किया समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में दुनिया का सबसे बड़ा ट्रायम्फल आर्च बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया, इसे राजधानी की पहचान बदलने वाला बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trumps-big-decision-supported-the-construction-of-the/article-141651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजधानी वॉशिंगटन, डीसी में दुनिया के सबसे बड़े ट्रायम्फल आर्च (स्मारक द्वार) के निर्माण के प्रस्ताव का समर्थन किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि आर्च सबसे बड़ा हो और उन्होंने अमेरिका को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बताया। उन्होंने कहा, 200 वर्षों के लिए वह एक आर्च बनाना चाहते थे और राजधानी के स्वरूप को बदलने के अपने दृष्टिकोण के बारे में बताया।</p>
<p>उन्होंने प्रस्ताव को वैश्विक नजरिए से देखते हुए कहा कि दुनिया भर के लगभग 57 शहरों में पहले से ही ट्रायम्फल आर्च हैं। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन, जिसे उन्होंने एकमात्र बड़ा शहर कहा जहां यह नहीं है, अब यहा ट्रायम्फड आर्च बनाने में कोई अपवाद नहीं होना चाहिए। </p>
<p>यह बात ट्रंप की जनवरी में की गई घोषणा पर आधारित है, जब उन्होंने बताया था कि वॉशिंगटन डीसी में ट्रायम्फल आर्च पर काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। अमरीकी राष्ट्रपति ने अक्टूबर में एक भोज में दानदाताओं से कहा था कि यह स्मारक लिंकन मेमोरियल के पास बनाया जाएगा, जो अर्लिंग्टन मेमोरियल ब्रिज के साथ देश की राजधानी में एक औपचारिक प्रवेश को परिभाषित करेगा। </p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, भोज में उन्होंने प्रस्तावित ढांचे के मॉडल दिखाए और कई डिजाइन विकल्प बताए। इस प्रस्तावित स्मारक की तुलना पेरिस के आर्क डी ट्रायम्फ से की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:54:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ती अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के बीच ट्रंप का दावा, कहा-ईरान बातचीत के लिए तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। अमेरिका ने अंतिम तारीख तय की है, जबकि ईरान ने रक्षा और मिसाइल कार्यक्रम पर वार्ता से इनकार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amid-increasing-us-military-presence-in-west-asia-trump-claims/article-141489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। पश्चिमी एशिया में बढ़ती अमेरिका की सैन्य उपस्थिति के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है।ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, वे समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत शुरू करने के लिए एक अंतिम तारीख तय की गयी है, हालांकि उन्होंने सही समय नहीं बताया। </p>
<p>उन्होंने ईरान के पास एक अमेरिकी नौसैनिक पोत की तैनाती का जिक्र करते हुए कहा, उम्मीद है, हम एक समझौता करेंगे। अगर हम समझौता नहीं करते हैं, तो देखेंगे क्या होता है। अमेरिका ने जहां बातचीत के लिए तैयारी दिखाई, वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरान का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि ईरान आपसी हितों और सम्मान के आधार पर बराबरी के स्तर पर बातचीत करने को तैयार है, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर जोर दिया कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताओं पर कभी बातचीत नहीं होगी। फिलहाल, बातचीत फिर से शुरू करने के लिए ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच कोई बैठक तय नहीं है। </p>
<p>अराघची ने कहा, मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताएं कभी भी बातचीत का विषय नहीं होंगी। ये बयान ट्रंप की तरफ से बार-बार दी जा रही चेतावनियों के बीच आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर ईरान अमेरिकी मांगों को पूरा नहीं करता है, जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल विकास पर रोक शामिल है, तो संभावित सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ईरान ने अमेरिका के किसी भी हमले का जवाब देने की चेतावनी दी है, जबकि तुर्की ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश की है।</p>
<p>ट्रंप को हाल ही में, ईरान को निशाना बनाने वाले ज्यादा बड़े और ज्यादा आक्रामक सैन्य विकल्पों के बारे में बताया गया है। इन योजनाओं का मकसद ईरान के परमाणु और मिसाइल अवसंरचना को काफ़ी नुकसान पहुंचाना या सर्वोच्च नेता के प्रशासन को कमजोर करना है, जो पहले के विचारों से एक बड़ा बदलाव है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि नये विकल्प दो हफ़्ते पहले समीक्षा किये गये विकल्पों से बेहतर हैं, जब ध्यान ईरानी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ हिंसा को रोकने के ट्रंप के वादे को लागू करने पर था। इन प्रस्तावों में ऐसे हालात शामिल हैं जिनमें अमेरिकी सेना सीधे ईरानी जमीन पर हो सकती है, जिसमें अहम ठिकानों पर लक्षित रेड भी शामिल हैं। </p>
<p>इससे पहले, अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी, जिसमें अमेरिकी सेना की तैयारी और रोक लगाने की क्षमता पर जोर दिया गया। हेगसेथ ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने चाहिए। उन्होंने कहा, उन्हें परमाणु क्षमता हासिल नहीं करनी चाहिए। हम इस राष्ट्रपति की युद्ध विभाग से जो भी उम्मीदें हैं, उन्हें पूरा करने के लिए तैयार रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 18:25:45 +0530</pubDate>
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                <title>दक्षिण कोरिया का दावा, कहा-डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ बढ़ोतरी योजना पर कोई आधिकारिक सूचना नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया ने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ बढ़ाने की घोषणा पर वॉशिंगटन से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली। सरकार ने अंतर-एजेंसी बैठक और अमेरिका से बातचीत की तैयारी की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/south-korea-claims-no-official-information-on-donald-trumps/article-140914"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कुछ दक्षिण कोरियाई वस्तुओं पर टैरिफ को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की योजना की घोषणा की कोई कोई आधिकारिक सूचना वॉशिंगटन से प्राप्त नहीं हुई है।</p>
<p>राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि आज एक अंतर-एजेंसी बैठक आयोजित की जाएगी। व्यापार, उद्योग और संसाधन मंत्री किम जंग-क्वान, जो वर्तमान में कनाडा की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जल्द ही अमेरिका की यात्रा करने और अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक से इस मुद्दे पर चर्चा करने की योजना बना रहे हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार को कहा था कि वह दक्षिण कोरिया की कुछ वस्तुओं पर टैरिफ 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करेंगे और उन्होंने दक्षिण कोरिया पर अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लागू नहीं करने का आरोप लगाया। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले अक्टूबर में ग्योंगजू में आयोजित दक्षिण कोरिया-अमेरिका शिखर सम्मेलन के बाद जारी एक संयुक्त तथ्य पत्र के अंतर्गत, अमेरिका ने दक्षिण कोरिया द्वारा अमेरिका में 350 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने के बदले में ऑटोमोबाइल सहित दक्षिण कोरियाई उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर सहमति व्यक्त की थी। बाद में दोनों पक्षों ने 14 नवंबर को एक संयुक्त ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जिसमें यह निर्धारित किया गया कि टैरिफ में कटौती उस महीने के पहले दिन से पूर्वव्यापी रूप से लागू होगी जिस महीने में समझौते को लागू करने के लिए संबंधित कानून दक्षिण कोरियाई संसद में प्रस्तुत किया गया।</p>
<p>दक्षिण कोरिया की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ने 26 नवंबर को अमेरिकी निवेश पर एक विशेष विधेयक नेशनल असेंबली में पेश किया और इसके परिणामस्वरूप अमेरिका ने चार दिसंबर को दक्षिण कोरियाई ऑटोमोबाइल पर टैरिफ को पूर्वव्यापी रूप से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 11:22:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कनाडा और अमेरिका के रिश्तों में तल्खी: ट्रम्प ने 'बोर्ड ऑफ पीस' से मार्क कार्नी का निमंत्रण वापस लिया</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ से कनाडा के पीएम मार्क कार्नी का निमंत्रण रद्द किया, दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव के संकेत मिले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/relations-between-canada-and-america-sour-trump-withdraws-mark-carneys/article-140639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि प्रस्तावित 'बोर्ड ऑफ पीस' (शांति बोर्ड) ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को दिया गया निमंत्रण वापस ले लिया है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट से इस निर्णय की जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्नी को संबोधित एक संक्षिप्त पत्र के रूप में लिखे संदेश में ट्रम्प ने बिना कोई विशेष कारण बताए स्पष्ट किया कि कनाडा के इस निकाय में शामिल होने के निमंत्रण को रद्द माना जाए। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच गहराते कूटनीतिक मतभेदों की ओर इशारा कर रहा है। यह कदम दोनों नेताओं के बीच इस सप्ताह हुई सार्वजनिक बयानबाजी और तीखी नोकझोंक के बाद उठाया गया है। </p>
<p>इससे पहले गुरुवार को कार्नी ने ट्रंप के उस विवादास्पद दावे को सिरे से खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि कनाडा अपने अस्तित्व के लिए अमेरिका पर निर्भर है। स्विटजरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच से लौटने के बाद कार्नी ने क्यूबेक सिटी में कहा था कि कनाडा और अमेरिका के बीच आर्थिक और सुरक्षा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय साझेदारी है, लेकिन कनाडा अमेरिका के कारण जीवित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कनाडा अपनी विशिष्ट पहचान और नागरिकों के कारण फल-फूल रहा है।</p>
<p>दावोस शिखर सम्मेलन के दौरान कार्नी ने वैश्विक व्यवस्था में आने वाली दरार के प्रति आगाह किया था और प्रमुख शक्तियों द्वारा टैरिफ (शुल्क) तथा आर्थिक दबाव के उपयोग की खुलकर आलोचना की थी। उन्होंने ग्रीनलैंड और डेनमार्क के प्रति भी अपना समर्थन व्यक्त किया था, जिसे अमेरिकी नीतियों के विरोध के रूप में देखा गया। इसके विपरीत, ट्रम्प ने उसी मंच से बोलते हुए दावा किया था कि कनाडा अमेरिका की वजह से ही जीवित है। </p>
<p>दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति और कनाडाई प्रधानमंत्री के बीच कोई द्विपक्षीय मुलाकात भी नहीं हुई थी, जिससे तनाव की स्थिति पहले ही स्पष्ट हो गई थी। व्हाइट हाउस में दोबारा वापसी के बाद से ट्रम्प ने कनाडा के साथ व्यापारिक और राजनीतिक मोर्चे पर कड़ा रुख अपना रखा है। उन्होंने कनाडा पर व्यापक व्यापारिक शुल्क लगा दिए हैं और बार-बार यह सुझाव देकर विवाद पैदा किया है कि कनाडा को अमेरिका का 51वां  राज्य बन जाना चाहिए। निमंत्रण वापस लेने के इस ताजा फैसले के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों में और अधिक कड़वाहट आने की संभावना जताई जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 17:22:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का किया ऐलान, इस देश के साथ मिलकर करेंगे काम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध और अन्य वैश्विक विवादों के समाधान के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक नए अंतरराष्ट्रीय मंच की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-announced-board-of-peace-will-work-together-with-this/article-140518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump-shanti.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध और अन्य वैश्विक विवादों के समाधान के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक नए अंतरराष्ट्रीय मंच की घोषणा की है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ट्रंप ने बताया कि इस बोर्ड का उद्देश्य गाजा के पुनर्निर्माण और प्रशासन की निगरानी के साथ-साथ वैश्विक संघर्षों का समाधान करना है। </p>
<p>बोर्ड में पाकिस्तान समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हैं। इसकी स्थायी सदस्यता की कीमत एक अरब डॉलर रखी गई है। ट्रंप ने कहा कि कई देश इसमें शामिल होने के इच्छुक हैं और भविष्य में यह संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेगा। गाजा पर ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि हमास को हथियार डालने होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 18:04:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्रीनलैंड खरीदने निकले ट्रंप पर पुतिन का तंज, बताई नई कीमत, यूरोप को दिखाया कूटनीतिक आईना</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनलैंड को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में घमासान जारी है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप के जख्म कुरेद दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/putin-taunts-trump-who-set-out-to-buy-greenland-shows/article-140490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/greeland-dispute.png" alt=""></a><br /><p>ग्रीनलैंड। ग्रीनलैंड को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में घमासान जारी है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप के जख्म कुरेद दिए हैं। दरअलस, राष्ट्रपति पुतिन ने डेनमार्क पर ग्रीनलैंड के साथ औपनिवेशिक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस द्वीप की कीमत आज के समय में महज 200 से 250 मिलियन डॉलर आंकी जा सकती है। राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड की ओनरशिप के विवाद से रूस का कोई लेना-देना नहीं है और यह मामला अमेरिका व डेनमार्क को आपस में सुलझाना चाहिए।</p>
<p>इसके अलावा रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक में पुतिन ने 1867 में अमेरिका द्वारा रूस से अलास्का की खरीद का उदाहरण दिया और महंगाई के हिसाब से उसकी मौजूदा कीमत का हवाला देकर ग्रीनलैंड का तुलनात्मक मूल्य बताया। पुतिन के इस बयान को यूरोप के लिए तंज माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। विश्लेषकों के अनुसार, पुतिन यूरोप-अमेरिका के टकराव को यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में राजनीतिक संतुलन के तौर पर देख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 14:43:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका फाइन ग्रीनलैंड विधेयक: अमेरिकी सांसद ने ग्रीनलैंड के विलय और राज्य का दर्जा देने के लिए पेश किया विधेयक</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी कांग्रेस में ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने का विधेयक पेश किया गया। रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-fines-greenland-bill-us-mp-introduced-bill-for-the/article-139420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/us-on-greeland.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगटन। रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने के लिए अमरीकी कांग्रेस में एक विधेयक अमेरिकी संसद में पेश किया है। सांसद फाइन के कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, ग्रीनलैंड विलय और राज्य का दर्जा अधिनियम सोमवार को फ्लोरिडा के रिपब्लिकन ने पेश किया। विधेयक के बताए गए लक्ष्यों में ग्रीनलैंड के विलय और उसके बाद उसे राज्य का दर्जा देना शामिल है। </p>
<p>सांसद रैंडी फाइन ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज, मुझे ग्रीनलैंड विलय और राज्य का दर्जा अधिनियम पेश करते हुए गर्व हो रहा है, यह एक ऐसा विधेयक है जो राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड को संघ में लाने के लिए जरूरी तरीके खोजने की अनुमति देता है। उन्होंने कहा, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं, हमारे दुश्मन आर्कटिक में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं और हम ऐसा नहीं होने दे सकते। ग्रीनलैंड को हासिल करके हम अपने दुश्मनों को आर्कटिक क्षेत्र को नियंत्रित करने से रोकेंगे और रूस और चीन से अपने उत्तरी हिस्से को सुरक्षित करेंगे।</p>
<p>सांसद रैंडी फाइन ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ग्रीनलैंड कोई दूर का इलाका नहीं है जिसे हम नजरअंदाज कर सकें, यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बहुत जरूरी संपत्ति है। जो भी ग्रीनलैंड को नियंत्रित करेगा, वह आर्कटिक के मुख्य शिङ्क्षपग रास्तों और अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करेगा। अमेरिका उस भविष्य को ऐसे शासनों के हाथों में नहीं छोड़ सकता जो हमारे मूल्यों से नफरत करते हैं और हमारी सुरक्षा को कमजोर करना चाहते हैं।</p>
<p>विधेयक में कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ऐसे कदम उठाने का अधिकार है जो जरूरी हो सकते हैं, जिसमें डेनमार्क के साथ बातचीत करने की कोशिश करना भी शामिल है, ताकि ग्रीनलैंड को अमेरिका के क्षेत्र के रूप में मिलाया जा सके या किसी और तरह से हासिल किया जा सके। ट्रंप को अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड को हासिल करने के बाद विधेयक के तहत कांग्रेस के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करेगा, जिसमें उन संभावित संघीय क़ानूनों में बदलावों का विवरण होगा, जिन्हें राष्ट्रपति नए अधिग्रहित क्षेत्र को एक राज्य के रूप में शामिल करने के लिए आवश्यक समझें।</p>
<p>व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कल कहा कि अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए कोई खास समय-सीमा तय नहीं की गई है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कोई समय-सीमा तय नहीं की है लेकिन यह निश्चित रूप से उनके लिए एक प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ने कल रात बहुत साफ कर दिया था। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करे क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो आखिरकार इसे चीन या रूस द्वारा हासिल कर लिया जाएगा, या शायद दुश्मनी से कब्जा कर लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:27:18 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका ने एक साल में रद्द किए एक लाख से अधिक वीजा, रिपोर्ट में हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप के कार्यकाल में अब तक एक लाख से ज्यादा अमेरिकी वीजा रद्द किए गए। इसमें छात्र, पर्यटक और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े विशेष वीजा शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-canceled-more-than-one-lakh-visas-in-one-year/article-139415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/india-canada-visa.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगभग एक साल पहले पदभार संभालने के बाद से अब तक एक लाख से अधिक वीजा रद्द किए जा चुके हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी है। विभाग ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि रद्द किए गए वीजा में लगभग 8,000 छात्रों के और 2,500 स्पेशल वीजा उन लोगों के शामिल हैं जिनका आपराधिक गतिविधि लिप्त होने पर अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सामना हुआ था।</p>
<p>अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, हम अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए इन गुंडों को निर्वासित करते रहेंगे। रिपोर्ट के अनुसार,ज्यादातर वीजा उन व्यापार और पर्यटक यात्रियों के रद्द किए गए जिन्होंने अपने वीजा की अवधि से ज्यादा समय तक देश में बिताया था। रद्द किए गए वीजा में से लगभग 8,000 छात्रों के वीजा है, क्योंकि प्रशासन ने हाल के महीनों में छात्र वीजा की जांच बढ़ा दी है।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि इससे पहले 2025 में अमेरिकी सरकार ने कुछ सोशल मीडिया स्क्रीनिग की शर्तें लागू की थीं, जिनका मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को वापस भेजना था जिन्होंने गाजा में इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है। विभाग ने मई के आखिर में दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावास विभाग को छात्र वीजा आवेदकों के लिए नए साक्षात्कार रोकने का आदेश दिया। जून में, विभाग ने अपने राजनयिक मिशनों को छात्र वीजा के लिए आवेदन करने वाले सभी विदेशियों के सोशल मीडिया और ऑनलाइन मौजूदगी की जांच करने का निर्देश दिया। </p>
<p>गौरतलब है कि, विस्तारित आव्रजन प्रवर्तन केवल छात्र वीजा तक सीमित नहीं है। अगस्त में, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि वह 5.5 करोड़ से अधिक अमेरिकी वीजा धारकों के रिकॉर्ड की समीक्षा कर रहा है, ताकि निर्वासन योग्य किसी भी उल्लंघनकर्ता की पहचान की जा सके। यह कदम आव्रजन पर बढ़ती सख्ती का हिस्सा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:11:07 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान में होने वाला है कुछ बड़ा! ट्रंप ने कहा 'कई बेहद कड़े विकल्पों' पर विचार कर रहा है अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़े विकल्पों, संभावित सैन्य कार्रवाई सहित, पर विचार कर रहा है और स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/something-big-is-going-to-happen-in-iran-trump-said/article-139356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उनका प्रशासन ईरान के खिलाफ कई बेहद कड़े विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें संभावित सैन्य कार्रवाई भी शामिल है। राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान 'एयर फोर्स वन' में पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान ने किसी ऐसी लाल रेखा को पार कर लिया है जिससे जवाबी कार्रवाई जरूरी हो जाए, ट्रंप ने कहा, ऐसा लगता है कि वे ऐसा करना शुरू कर रहे हैं। हम इस पर बहुत गंभीरता से नजर रखे हुए हैं। सेना भी इस पर विचार कर रही है और हम कई बेहद कड़े विकल्पों पर काम कर रहे हैं। हम जल्द ही कोई फैसला करेंगे।</p>
<p>राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि उन्हें ईरान की स्थिति पर हर घंटे रिपोर्ट दी जा रही है। ट्रंप ने यह खुलासा भी किया कि ईरान के नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और बातचीत की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा, ईरान के नेताओं ने फोन किया। वे बातचीत करना चाहते हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रविवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप को ईरान में हो रही अशांति पर जवाब देने के विकल्पों के बारे में मंगलवार को जानकारी दी जाएगी।</p>
<p>रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन इस बैठक में शामिल होंगे। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार, विचार-विमर्श शुरुआती चरण में होने के कारण इस बैठक में ट्रंप के किसी अंतिम निर्णय की उम्मीद नहीं है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के विकल्पों में ईरान में सरकार विरोधी ऑनलाइन स्रोतों को बढ़ावा देना, ईरानी सैन्य और नागरिक ठिकानों पर गुप्त साइबर हथियारों का इस्तेमाल, देश पर और अधिक प्रतिबंध लगाना तथा सैन्य हमले शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा एलन मस्क की सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के टर्मिनल ईरान भेजने की संभावना भी शामिल है।</p>
<p>पेंटागन ने संभावित सैन्य हमलों की तैयारी में किसी भी बल की तैनाती नहीं की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले शुरू करने के साथ-साथ क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों की सुरक्षा के लिए भी संसाधन जुटाने होंगे। हाल ही में अमेरिका ने अपने विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड और उसके स्ट्राइक ग्रुप को भूमध्य सागर से लैटिन अमेरिका भेज दिया है, जिसके बाद फिलहाल न तो मध्य पूर्व और न ही यूरोप में कोई अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात है।</p>
<p>इस बीच, ईरान की संसद के स्पीकर ने रविवार को कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने पहले कार्रवाई की, तो ईरान मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करेगा। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को ईरान, सीरिया और अन्य मध्य पूर्वी मुद्दों को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की।</p>
<p>ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर ईरान इसमें शामिल होता है, तो अमेरिका वहां सेना नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा, अगर वे पहले की तरह लोगों की हत्या शुरू करते हैं, तो हम हस्तक्षेप करेंगे। हम उन्हें वहां बहुत जोरदार तरीके से निशाना बनाएंगे, इसका मतलब है बहुत गंभीर  वार करना।</p>
<p>गौरतलब है कि रियाल की भारी गिरावट और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक कठिनाइयों के विरोध में दिसंबर के अंत से ईरान के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान मरने वालों की संख्या लगातार बढऩे की रिपोर्टें हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 18:55:27 +0530</pubDate>
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