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                <title>RajnathSingh - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>RajnathSingh RSS Feed</description>
                
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                <title>राहुल गांधी बनाम सरकार: चीनी घुसपैठ वाले राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में भारी हंगामा, सत्तापक्ष ने जताया विरोध</title>
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                        <![CDATA[राहुल गांधी के चीन संबंधी बयान पर लोकसभा में भारी हंगामा हुआ। कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। अध्यक्ष ने नियमों का पालन करने की हिदायत दी, सत्ता पक्ष का विरोध।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/huge-uproar-in-lok-sabha-over-rahul-gandhis-statement-proceedings/article-141714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul-gandhi--in-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के चीन के संदर्भ में एक बयान को लेकर सदन में भारी हंगामे के कारण कार्यवाही दूसरी बार स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के बयान पर हंगामे के कारण एक बार सदन स्थगित होने के बाद कार्यवाही तीन बजे शुरू हुयी। राहुल गांधी ने दोबारा अपना पक्ष रखते हुये कहा कि वह मौलिक प्रश्न उठा रहे थे, जो भारत और चीन के संबंध में है। </p>
<p>कैलाश पर्वत पर क्या हुआ उस पर अपनी बात रखना चाहते हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। चीन की सेना कैलाश की चोटी की तरफ बढ रही थी। उनके बार-बार चीन के मामले को उठाने पर सत्तापक्ष की ओर से कई सदस्यों ने खड़े होकर विरोध किया। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी पहले की बात को ही दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह पहले की बात को नहीं दोहरायेंगे।</p>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के भाषण के बीच हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता जो कह रहे हैं उसका आधार क्या है। वह पूरी तरह काल्पनिक बातें कर रहे हैं इसलिए इस विषय पर रोका जाना चाहिए। राहुल गांधी ने फिर से अपनी बात रखने की कोशिश की तब रिजिजू ने कहा कि देश को नीचा दिखाकर आपको क्या फायदा मिलने वाला है। एक ऐसी बात कर रहे हैं जिसका यहां कोई औचित्य नहीं है। सदन में ऐसी बात नहीं बोलनी चाहिए जिससे सेना को मनोबल गिरे। राहुल गांधी उस विषय के बारे में बात कर रहे हैं जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। </p>
<p>इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन नियम प्रक्रियाओं से चलेगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखें। आसन की व्यवस्था की लगातार आप अवमानना कर रहे हैं। सरकार की नीतियों पर बोलें। अगर सेना की आलोचना करेंगे तो यह उचित नहीं है। सदन में उन तथ्यों को बोलें जो देशहित हैं। राहुल गांधी ने कहा कि सेना का हर जवान वास्तविकता को जानता है। उसके बाद सदन में भारी हंगामा हो गया जिसके कारण कार्यवाही को चार बजे तक स्थगित कर दी गयी।</p>
<p>इससे पहले राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान एक पूर्व सेना प्रमुख की एक अप्रकाशित पुस्तक के हवाले से भारत चीन सीमा पर डोकलाम के संदर्भ में कुछ कहने का प्रयास किया। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी मैगजीन के हवाले से सदन में कोई बात कहना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देकर विपक्ष के नेता सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोंक होने लगी। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कहा सदन के नियमों का उल्लेख करते हुए व्यवस्था दी कि सदन में किसी अखबार की कटिंग, पत्रिका या किसी पुस्तक में प्रकाशित बातों के आधार पर कोई सदस्य अपनी बात नहीं रख सकता।</p>
<p>इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह तथा संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी राजनाथ सिंह की आपत्ति का समर्थन किया और कहा कि विपक्ष के नेता को किसी पत्रिका के आधार पर अपनी बात सदन में रखने का अधिकार नहीं है। इस बीच दोनों पक्ष के सदस्यों ने नियमों का हवाला दिया जिस पर बिरला ने कहा कि वह जो व्यवस्था दे रहे हैं वह नियमों के आधार पर है और सभी सदस्यों को उसका पालन करना चाहिए।</p>
<p>अमित शाह ने कहा कि रक्षा मंत्री सिर्फ इतना ही पूछ रहे हैं कि जिस पुस्तक को उद्ध़त किया जा रहा है वह छपी ही नहीं है तो वह कहां से उल्लेख कर रहे हैं। उनका कहना था कि खुद विपक्ष के नेता कह रहे हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है। अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने का अधिकार है, लेकिन जब अध्यक्ष ने व्यवस्था दी है तो उसका पालन किया जाना चाहिए, विपक्ष के नेता किसी अन्य की लिखी बातों को नहीं बोल सकते। वह नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।</p>
<p>संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि जब अध्यक्ष व्यवस्था दे चुके हैं तो विपक्ष के नेता को उसका पालन करना चाहिए। उनका कहना था कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के नेता की बात सुनने के लिए सदन में बैठे हैं इसलिए उन्हें नियम के तहत बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन नियम से चलता है और यदि विपक्ष के नेता व्यवस्था को नहीं मानते हैं और अध्यक्ष बार बार व्यवस्था दे चुके हैं और विपक्ष के नेता तब भी व्यवस्था को मानने को तैयार नहीं हैं तो इस पर भी विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब विपक्ष के नेता नहीं मानते हैं तो नये सदस्यों से नियमों का पालन कराना कठिन हो जाएगा इसलिए अध्यक्ष को नियम बनाने चाहिए कि सदन कैसे चलेगा।</p>
<p>रक्षा मंत्री के फिर आपत्ति जताने के बावजूद जब राहुल गांधी ने बार बार उसी तथ्य का उल्लेख करने का प्रयास किया तो सदन में हंगामा तेज हो गया। इस पर अध्यक्ष ने राहुल गांधी को रोका और कहा कि किसी भी सदस्य को आसन का अपमान करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने विपक्ष के नेता को चेतावनी दी कि वह व्यवस्था का पालन करते हुए अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि यदि वह मनमानी करते हैं तो ऐसे में सदन नहीं चल सकता। व्यवस्था का पालन सभी सदस्यों को करना है और यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो वह दूसरे सदस्य को बोलने के लिए बुला लेंगें। </p>
<p>हंगामे के बीच सत्ता पक्ष के डॉ निशिकांत दुबे ने भी नियमों का उल्लेख करते कहा कि अखबार की कटिंग या किताब या अप्रमाणिक विषय का उद्धरण नहीं दिया जाना चाहिए। अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी से कहा कि सदन में मर्यादा बनाए रखने की जरूरत है और जो प्रामाणिक है उसी का उल्लेख किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को नियमों का पालन करना चाहिए। बिरला ने तीखे लहजे में कहा कि अध्यक्ष ने व्यवस्था बता दी है और उसको चुनौती नहीं दी जा सकती है इसलिए विपक्ष के नेता को अपनी बात में पुस्तक या किसी अखबार की कटिंग का उल्लेख नहीं करना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि जब अध्यक्ष व्यवस्था दे चुके हैं तो विपक्ष के नेता को उसका पालन करना चाहिए। </p>
<p>राहुल गांधी ने कहा कि वह सिर्फ सत्तापक्ष के नेता सूर्या के उठाए सवालों का जवाब दे रहे हैं यदि वह मुद्दे नहीं उठाते तो वह उसका उल्लेख नहीं करते लेकिन बिरला ने कहा कि सत्तापक्ष के सांसद ने जो मुद्दे उठाए हैं वे सब पहले से ही संसद की कार्यवाही में है और यदि ऐसा नहीं होता तो वह उनको भी बोलने की अनुमति नहीं देते। उनका कहना था कि सभी सदस्यों को नियमों और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि चीन का मुद्दा बहुत संवेदनशील है और उस पर बोलने की राहुल गांधी को इजाजत दी जानी चाहिए। </p>
<p>कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल ने कहा कि नियम है कि सदन में नियम 349 के तहत संवेदनशील मुद्दों को पत्रिका में छपे लेख को उद्धृत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के नियम सिर्फ विपक्ष के सदस्यों के लिए हैं ऐसा प्रतीत होता है। जब राहुल गांधी ने कहा कि वह पुस्तक का उल्लेख नहीं करेंगे लेकिन उसको लेकर चर्चा तो कर सकते हैं, इस पर अध्यक्ष ने कहा कि उस मुद्दे का जिक्र नहीं किया जा सकता है। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता अध्यक्ष की दी गयी व्यवस्था का उल्लंघन करते हैं तो यह भी अनुचित है और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। जब राहुल गांधी ने कहा कि अध्यक्ष ही बता दें कि उन्हें क्या करना चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह उनके सलाहकार नहीं हैं लेकिन अध्यक्ष होने के नाते उनका दायित्व है कि सदन नियमों से चले। विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी है कि वह सदन को नियम से चलने में सहयोग करें। उनका कहना था कि यदि विपक्ष के नेता व्यवस्था को नहीं मानते हैं और कुर्सी का अपमान करते ही रहते हैं तो यह उचित नहीं है।</p>
<p>विपक्ष के नेता ने कहा कि वह भारत और चीन के संबंधों के बारे में वह बोलना चाहते हैं इस पर भी बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता पक्ष विपक्षी दल पर, विपक्ष के चरित्र पर टिप्पणी करते हैं उनको बोलने दिया जाता है लेकिन उनको रोका जा रहा है। राहुल गांधी ने जब पहले की तरह ही बोलना शुरु किया तो अध्यक्ष ने फिर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा लगता है कि विपक्ष के नेता सदन में कुछ बोलना नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नियम 353 के तहत जो व्यवस्था है उसमें यदि किसी व्यक्ति का नाम लेते हैं तो उसकी अनुमति लेनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सदन नियम प्रक्रिया से चलेगा बार बार आसन की अवमानना से नहीं चलेगा और यदि विपक्ष के नेता नहीं बोलना चाहते हैं तो वह अगले वक्ता का नाम पुकारेंगे। उनका कहना था कि सबको बोलने का अधिकार है लेकिन नियम प्रक्रिया के तहत और तथ्यों, पर बोलना पड़ेगा। सदस्यों को नीतियों पर बोलने और आलोचना करने का अधिकार है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 18:47:17 +0530</pubDate>
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                <title>डीआरडीओ की मैन-पोर्टेबल एंटी टैंक मिसाइल का सफल परीक्षण , आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मिली बड़ी सफलता</title>
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                        <![CDATA[डीआरडीओ ने स्वदेशी मैन-पोर्टेबल टैंक रोधी गाइडेड मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया, जो दिन-रात गतिमान लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/drdo-successfully-tests-portable-anti-tank-missile-a-big-success-in/article-139363"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/drdo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने गतिमान लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम 'मैन पोर्टेबल' टैंक रोधी गाइडेड मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस मिसाइल का परीक्षण रविवार को महाराष्ट्र की अहिल्या नगर स्थित केके रेंज में किया गया। परीक्षण डीआरडीओ की रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, हैदराबाद ने किया। </p>
<p>देश में ही विकसित इस मिसाइल में अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है जिनमें इमेजिंग इंफ्रारेड (आईआईआर) होडमिंग सीकर, पूर्णत: विद्युत आधारित नियंत्रण एक्ट्यूशन प्रणाली, फायर कंट्रोल सिस्टम, टैंडम वारहेड, प्रणोदन प्रणाली तथा उच्च प्रदर्शन दृष्टि प्रणाली शामिल हैं। इन प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की सहयोगी प्रयोगशालाओं द्वारा किया गया है। </p>
<p>मिसाइल का सीकर दिन और रात दोनों समय युद्ध संचालन में सक्षम है। इसका मुखास्त्र आधुनिक मुख्य युद्धक टैंकों को नष्ट करने में सक्षम है। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड इस हथियार प्रणाली के विकास एवं उत्पादन भागीदार हैं। इस मिसाइल को ट्राइपॉड या सैन्य वाहन लॉन्चर से प्रक्षेपित किया जा सकता है।</p>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, विकास एवं उत्पादन भागीदारों तथा उद्योग जगत को बधाई दी और इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। टीम को बधाई देते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने कहा कि परीक्षण लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा गया है, जिससे यह हथियार प्रणाली भारतीय सेना में शामिल किये जाने के लिए तैयार है। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 18:40:46 +0530</pubDate>
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