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                <title>organized - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दैनिक नवज्योति द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरित</title>
                                    <description><![CDATA[पोस्टर और स्लोगन में राधिका, मेहंदी में शिखा चौहान व रंगोली में हिमांगी अग्रवाल रही प्रथम ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/prizes-distributed-for-competitions-organized-by-dainik-navjyoti/article-136871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(7)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दैनिक नवज्योति द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार सोमवार को कोटा कार्यालय में प्रदान किए गए। इन प्रतियोगिताओं में गणेशोत्सव पर पोस्टर और स्लोगन, करवाचौथ पर मेहंदी, और दीपावली पर रंगोली प्रतियोगिताएं शामिल थीं। इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विजेताओं को दैनिक नवज्योति के निदेशक नरेंद्र चौधरी ने स्मृति चिह्न व सर्टिफिकेट प्रदान किए। सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी दिए गए।</p>
<p><strong>इन प्रतिभागियों को  मिले पुरस्कार-</strong><br /><strong>पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता (गणेशोत्सव)</strong><br />1. प्रथम पुरस्कार: राधिका (अकलंक पब्लिक स्कूल, कक्षा 7 बी)<br />2. द्वितीय पुरस्कार: उर्वी जैन (कक्षा 7 ए)<br />3. तृतीय पुरस्कार: वेदांत शर्मा (कक्षा 8 बी)</p>
<p><strong>मेहंदी प्रतियोगिता (करवाचौथ)</strong><br />1. प्रथम पुरस्कार: शिखा चौहान<br />2. द्वितीय पुरस्कार: अंजली<br />3. तृतीय पुरस्कार: पूजा कुमारी कर्ण<br />4. सांत्वना पुरस्कार: शिवानी, पूजा बिरला, भावना गुप्ता</p>
<p><strong>रंगोली प्रतियोगिता (दीपावली)</strong><br />1. प्रथम पुरस्कार: हिमांगी अग्रवाल (राजकीय विधि महाविद्यालय, एलएलबी तृतीय वर्ष)<br />2. द्वितीय पुरस्कार: भूमिका वैष्णव (राजकीय कन्या कला महाविद्यालय, बीए तृतीय वर्ष)<br />3. तृतीय पुरस्कार: द्रोपती लोधा (एमए, राजकीय कन्या कला महाविद्यालय)<br />4. सांत्वना पुरस्कार: जाह्नवी शर्मा और अंजू देवी (बीए प्रथम वर्ष, राजकीय कन्या कला महाविद्यालय)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 12:41:27 +0530</pubDate>
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                <title>उद्योगों के लिए संसाधन पर्याप्त,  राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी पेचीदगियां बन रही नए उद्योग लगाने में बाधक।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/enough-resources-for-industries--but-no-political-will/article-78835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(22)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चर्मण्यवती  के पावन  तट पर बसा कोटा, कभी राज्य की इंडस्ट्रियल राजधानी रहा कोटा, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों में लाखों को रोजगार देने वाला कोटा आज क्यों औधोगिक परिदृश्य से औझल हो रहा है। कोटा अपनी पहचान क्यों खो रहा है। पानी, बिजली, ट्रांसपोर्ट  समेत हर तरह की सुविधा, पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर, लेबर, कनक्टिविटी, संचार, केपिटल, सबकुछ होने के बावजूद भी कोटा अपनी औद्योगिक नगरी की पहचान क्यों खोता जा रहा है।  नए उद्योग क्यों नहीं लग रहे हैं। इन्ही सब मुद्दों को लेकर दैनिक नवज्योति ने मंगलवार को अपने कार्यालय में परिचर्चा का आयोजन किया। परिचर्चा में शहर के उद्योगपतियों, युवा उद्यमियों और स्टार्टअप और जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारियों ने उद्योग लगाने में आने वाली समस्याओं व परेशानियों को नवज्योति के साथ साझा किया। वहीं नए उद्योग लगाने व शहर की पहचान को फिर से बनाने के लिए अच्छे सुझाव भी दिए। परिचर्चा में अधिकतर उद्यमियों ने  सरकारी  पेचीदगियों के साथ राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव को इसका प्रमुख कारण माना।  </p>
<p><strong>एयरपोर्ट सबसे बड़ी बाधा</strong><br />- युवाओं में स्किल डवलपमेंट के लिए कोई साधन नहीं। <br />- नरेगा के कारण यहां लेबर की सबसे बड़ी समस्या। <br />- उद्यमियों के तैयार माल को बेचने के लिए बाजार नहीं।<br />- पर्यावरण विभाग से उद्योग लगाने के लिए स्वीकृति लेने में आती परेशानी।<br />- उद्योग लगाने के लिए गारंटर नहीं  मिलने से बैंक से लोन नहीं  मिलता। <br />- उद्योग लगाने के लिए विभागों में आपसी तालमेल का अभाव।<br />- सस्ती दर पर जमीन नहीं मिलने से उद्योग नहीं लग पा रहे है। <br />- कोटा में बिजली का उत्पादन होते हुए बिजली महंगी है। <br />- सीएनजी और एलपीजी प्लांट नहीं होने से यहां उद्योग नहीं पनप रहे।<br />- उद्योगों को विकसित करने के लिए कॉमन प्लेटफार्म नहीं है।<br />- कोटा में उद्योगिक विकास का कोई डेटा और रोडमेप नहीं है।<br />- राजनैतिक इच्छा शक्ति की कमी। <br />- उद्योग लगाने में सरकारी खामियां अधिक है। <br />- लघु उद्योग के लिए ग्रामीण हाट बाजार नहीं है।<br />- किसानों को अपनी तैयार की गई उपज का दाम लगाने का अधिकार नहीं</p>
<p><strong>उद्योगों को सुविधाएं कम दी जा रही</strong><br />कोटा औद्योगिक नगरी रहा है। यहां बड़े-बड़े उद्योग थे। अभी भी  नए उद्योग के लिए जमीन भी पर्याप्त मात्रा में है। लेकिन सरकार व प्रशासन की ओर से उद्योगों के लिए जमीन नहीं दी जाती। बिजली पर्याप्त है लेकिन अन्य राज्यों की तुलना में यहां उद्योगों को कई गुना अधिक महंगे दाम पर बिजली दी जा रही है। एलपीजी जीएसटी के दायरे में आ रही है लेकिन पीएनजी को शामिल नहीं किया है। जिससे पीएनजी आधारित उद्योग नहीं लग पा रहे हैं। एक्सप्रेस हाइवे बनाया जा रहा है लेकिन रेलवे कोरिडोर बन रहा है लोकिन हम ध्यान नहीं दे रहे। दूसरी बड़ा कारण नरेगा  के कारण उद्योगों को श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। बिना श्रमिक के उद्योग चलाना मुश्किल है। सरकारी पेचीदगियां कम हों और राजनीतिक इच्छा शक्ति होने पर यहां नए उद्योग लग सकते हैं। <br /><strong>- गोविंद राम मित्तल, संस्थापक अध्यक्ष दी एसएसआई एसोसिएशन </strong></p>
<p><strong>कोटा शिक्षा नगरी नहीं कोचिंग इंडस्ट्री</strong><br />कोटा को बार-बार शिक्षा नगरी के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। जबकि यह शिक्षा नगरी नहीं यहां केवल कोचिंग मिल रही है। शिक्षा नहीं। शौध की कमी है। नवाचार की कमी है। नये विजन की कमी है जो शिक्षा से मिलती है। कोटा में एम्स जैसे उच्च शिक्षण संस्थान आने चाहिए।  जिससे यहां शोध किया जा सके। कोटा में उद्योगों की स्थापना के लिए राजनीतिक विजन की कमी है। उद्योग लगाने के लिए सरकारी प्रक्रिया को सरल करने की जरुरत है। साथ ही इंडस्ट्रियल फोरम का गठन किया जाए। जिसमें उद्योग जगत समेत इससे जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। जिससे नये उद्योगों के विकास को बढ़ावा मिल सके। <br /><strong>- डॉ. गोपाल सिंह, अर्थशास्त्री </strong></p>
<p><strong>प्रतिभाओं की कमी नहीं, प्लेटफार्म की जरूरत</strong><br />कोटा में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। कॉमर्स में सीए व सीएस करने वालों को तो रोजगार के अवसर मिल जाते हैं। लेकिन बी.कॉम करने वाले युवाओं को रोजगार व उद्योग लगाने का पर्याप्त प्लेटफार्म नहीं मिल पाता। ऐसे में उन्हें प्रशिक्षण की आवश्यकता है। कॉमर्स कॉलेज में जगह व प्रतिभाएं हैं लेकिन प्रशिक्षण देने वाले यहां आएं तो युवा नए उद्योग लगाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। प्रैैक्टिकल एजुकेशन की कमी है। कोटा में किस तरह के उद्योग हैं और कितनी इंडस्ट्री हैं इसका एक डेटा बेस तैयार किया जाना चाहिए। कोटा में कोटा डोरिया व टैक्सटाइल के क्षेत्र में अच्छा काम हो सकता है।</p>
<p><strong>- डॉ. प्रेरणा सक्सेना, प्राचार्य कॉमर्स कॉलेज कोटा </strong></p>
<p><strong>लघु  उद्योगों को मिले प्रोत्साहन</strong></p>
<p>कोटा औद्योगिक नगरी रहा है। यहां बड़े-बड़े उद्योग रहे हैं। लेकिन वर्तमान में जो स्थिति है। उसमें नए व बड़े उद्योग नहीं लग पा रहे हैं तो ऐसे में लघु उद्योग लगाने को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। जिससे युवा पीढ़ी सरकारी व प्राइवेट नौकरी की तरफ न भागकर उद्योग लगाने पर फोकस करे। साथ ही उद्योग लगाने में व उन्हें चलाने में जिस तरह से सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी की जाती है उसे भी समाप्त किया जाना चाहिए। सिंगल यूज प्लास्टिक,शराब व तम्बाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने से नहीं उनका उत्पादन ही बंद करना समाधान है। <br /><strong>- जी.डी. पटेल, समाजसेवी</strong></p>
<p><strong>सरकारी अफसरों के द्वारा बनाई नीतियों से उद्योग नहीं पनप सकते</strong><br />शहर का विकास वहां के उद्योग व व्यापार के बिना संभव नहीं है। कोटा में उद्योग व व्यापार के नाम पर फिलहाल कोचिंग है लेकिन यह स्थायी उद्योग नहीं है। कोटा के विकास के लिए स्थायी उद्योग लगाने की जरूरत है। बाहर से इनवेस्टर को लाने के लिए एयरपोर्ट यहां की महती आवश्यकता है। जिसके लिए दस साल से प्रयास तो हो रहे हैं लेकिन अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है। वहीं उद्योगों के लिए जो नीति बनाई जाती है उसमें उद्योग व व्यापार से जुड़े लोगों को शामिल किया जाना चाहिए। सरकारी अफसरों के द्वारा बनाई नीतियों से उद्योग नहीं पनप सकते। युवाओं को नई तकनीक की जानकारी दी जाए और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लगाई जाए।  <br /><strong>-अशोक माहेश्वरी, महासचिव कोटा व्यापार महासंघ</strong></p>
<p><strong>नई ट्रेक्नोलॉजी डवलप करने की आवश्यकता</strong><br />कोटा में युवाओं के रोजगार शुरू करने के लिए काफी कुछ है। यहां बिजली, पानी और जमीन होते हुए भी उद्योग नहीं लगने की सबसे बड़ी वजह यहां पर  टेक्नोलॉजी डवलप नहीं है। युवा न्यू स्टार्टअप शुरू तो करना चाहता है लेकिन उसके पास आइडिया नहीं है। यहां सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां तैयार माल को बेचने के लिए बाजार नहीं है। ग्रामीण हाट को बढ़ावा देने की जरुरत है। कोटा में नई इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बातें तो बहुत होती है लेकिन उनको मूर्तरूप नहीं दिया जाता है। <br /><strong>-आयुष त्यागी, आई स्टार्ट नेस्ट मेंटोर</strong></p>
<p><strong>कोटा में स्किल्ड लेबर की समस्या</strong><br />कोटा में बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक कैरी बैग बनाने का स्टार्टअप शुरु किया है। इसे शुरु किए दो साल का समय हो गया है।  इसका मार्केट भी अच्छा है। उत्पादन भी हो रहा है। लेकिन इसके लिए कोटा में स्किल्ड लेबर और कच्चा माल नहीं मिलता।  कच्चा माल बिहार, उत्तर प्रदेश व गुजरात से लाना पड़ रहा है जो काफी महंगा होता है। जिससे काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। साथ ही युवा कोई भी स्टार्टअप शुरु करना चाहते हैं तो उसके लिए बैंक से लोन मिलने में भी काफी परेशानी आती है। युवाओं को प्रोत्साहन, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और जागरूकता की कमी है। कॉलेजों में जाकर प्रशिक्षण देना चाहते हैं लेकिन युवा उसे सीखना नहीं चाहते। <br /><strong>- मोहक व्यास,फाउंडर स्टार्टअप</strong></p>
<p><strong>कभी थी कोटा की शान जेके फैक्ट्री</strong><br /><strong>उत्पादन में कोटा की पहचान नहीं</strong><br />कोटा में करीब 750 से अधिक छोटे-बड़े उद्योग हैं। लेकिन यहां किसी एक विशेष उद्योग के उत्पादन में कोटा की पहचान नहीं है। हर जिले व राज्य  में होने वाले उत्पादन की अपनी पहचान बनी हुई है। लोग उसके हिसाब से ही वहां जाते हैं। कोटा में भी होने वाले सभी उत्पादनों की पहचान को प्रोत्साहन व बढ़ावा देने की जरूरत है। उस पहचान के आधार पर ही बाहर से व्यापारी यहां माल खरीदने आएगा तभी तो इनकम होगी। कोटा के उद्योग जगत को राजनीतिक इच्छा शक्ति  की जरूरत है।</p>
<p><strong>-अनुज माहेश्वरी, सचिव दी एसएसआई एसोसिएशन </strong></p>
<p><strong>एयरपोर्ट नहीं होना सबसे बड़ी समस्या</strong><br />कोटा में युवाओं के लिए रोजगार के कई विकल्प है। लेकिन उन्हें इसकी पूरी जानकारी नहीं होने से वो अपना स्वयं का न्यू स्टार्टअप कैसे शुरू करें इसके लिए कोई प्लेटफार्म नहीं है। यहां उद्योग लगाने के आइडिया तो बहुत दिए जाते है। उन्हे मूर्तरूप देने में पसीना आ जाता है। कोटा में कोई प्रोडेक्ट तैयार करें तो उसका मार्केट नहीं है। उस माल को अन्य स्थान पर बेचना बड़ा चुनौती का कार्य है। कोटा में न्यू स्टार्टअप शुरू करना ही बढ़ा चलेंज है। मैने अपना न्यू स्टार्टअप कोटा में तीन साल पहले शुरू किया था। कई बाधाएं आई लेकिन आज अच्छे मुकाम पर चल रहा है। कोटा में उद्योग नहीं पनपने का सबसे बड़ा कारण यहां एयरपोर्ट की सुविधा नहीं है। बड़े व्यापारी यहां इंड्रस्टीज लगाए तो उनकी कोटा से जोड़ने वाली एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी नहीं है। यहां उद्योग शुरू करने की सबसे बड़ी समस्या यह है कि न्यू स्टार्टअप से के लिए किसी से बात करें। यहां आ रही समस्याओं का समाधान करने वाले प्लेटफार्म नहीं है। <br /><strong>- ऐश्वर्या न्यू स्टार्टअप एकत्र की फाउंडर</strong></p>
<p><strong>लघु उद्योग से तैयार माल को बेचने के लिए बाजार नहीं</strong><br />कोटा में कृषि विज्ञान केंद्र युवाओं और महिलाओं को न्यू स्टार्टअप देने के लिए कई सारे ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू कर रखे है। जिसमें महिलाएं व युवा अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकेते है। यहां धनिया और लहसून के प्रसंस्करण केंद्र है। सोयाबीन से सोया मिल्क और सोया पनीर बनाने का कार्य युवाओं को सिखाया जा रहा है। कोटा की अधिकांश होटल में बिकने वाला पनीर सोया पनीर है। इसका अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। कोटा लघु उद्योग को प्रोत्साहन करने के लिए बाजार नहीं है। वर्तमान में आठवीं व दसवी पास महिलाएं कई नये व्यवसाय शुरू किए लेकिन उनके माल बेचने के लिए बाजार नहीं बड़े माल में बार कोड मांगते कम पड़ी लिखी महिलाएं गुणवत्ता युक्त माल तैयार कर रही है लेकिन उसका व्यापक प्रचार प्रसार नहीं हो पा रहा है। बार कोड रजिस्टेशन कराने जाए या अपने माल को बेचे। यह सबसे बड़ी समस्या है।   हमारे किसान जो माल तैयार कर रहे उसका दाम तय करने काम व्यापारी कर रहे है। दाम तय करने काम किसानों को मिले तभी धनिया, लहसून प्रसंस्करण का पूरा लाभ किसानों को मिल सकेंगा। लोगों में जागरुकता की कमी है। मोस्टली सब्सिडी के लालच में उद्योग लगाते हैं। <br /><strong>- गुंजन सनाढ्य, विषय विशेषज्ञ केवीके कोटा </strong></p>
<p><strong>नए उद्यमी की सफलता की स्टोरी छपे, तब दूसरे युवा  प्रोत्साहित होंगे</strong><br />कोटा में उद्योग लगाने की अपार संभावनाएं है।  कोटा में नए उद्यमी के लिए क्लब बनना चाहिए जिसमें उन्हे यह बताया जाए कि करना क्या है। अपने न्यू स्टार्टप में जो सफल रहे उनकी सक्सेज स्टोरी सोशल मीडिया अखबार में प्रकाशित हो जिससे प्रेरित होकर दूसरे युवा भी  अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। कोटा युवाओं के साथ सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वो करना क्या चाहते उनका विजन क्लीयर होना चाहिए। कई ऐसे उद्योग है जिसमे कच्चा माल लेकर युवा अपने घर से माल तैयार कर न्यू स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। हमने उनको ट्रेनिंग देने के लिए निजी वेंडर रखा हुआ जो यह जानकारी दे रहा उन्हे कैसे व्यवसाय करना है। नए उद्यमी के लिए एक प्लेटफार्म तैयार करने की आवश्यकता है। इसके लिए स्टार्टअप वाले कॉलेज स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को बताएं वो क्या उद्योग कर सकते हंै। उनका विजन सही होगा तभी वो यहां उद्योग लगा सकेंगा। कॉलेज जाकर यह बताने की जरुरत है विद्यार्थी कैसे रोजगार करें। युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए एक आॅन लाइन प्लेटफार्म तैयार हो जिससे अपनी उद्योग लगाने आ रही समस्या का समाधान पा सकें।  कोटा शीघ्र ग्रामीण हाट बाजार शुरू करने जा रहे जिसमें महिलाएं अपना तैयार माल बेच सकेंगी।  <br /><strong>- हरिमोहन शर्मा, संयुक्त निदेशक जिला उद्योग केंद्र कोटा </strong></p>
<p><strong>कोटा में न्यू स्टार्टअप शुरू करना बड़ी चुनौती</strong><br />हमारे पास जो युवा न्यू स्टार्टअप के लिए आ रहे उनका माइड सेट वो चार पांच साल में कमा कर दूसरा व्यवसाय करना चाहता है। अब युवा पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाले उद्योग लगाने मूड में कम नजर आते है। उन्हें कम समय में अधिक लाभ वाला व्यवसाय चाहिए। नई टेक्नोलॉजी से लेस उद्योग की डिमांड ज्यादा है। कोटा में करीब 350 से अधिक न्यू स्टार्टअप चालू किए है। हमारे पास कॉलेज के विद्यार्थी आ रहे उन्हे शार्ट टर्म वाला व्यवसाय चाहिए। कोटा में कलस्टर इंडस्ट्री चाहिए इसका डवलपमेंट हो। दूसरा यहां टूरिज्म व्यवसाय में काफी संभावनाएं इस काम को करने की जरुरत है।   <br /><strong>- कौस्तुभ भट्टाचार्य, आई स्टार्ट नेस्ट मेंटोर</strong></p>
<p><strong>कोटा में उद्योग की एक साइकिल चल रही उसको तोड़ना होगा</strong><br />कोटा में नए उद्योग शुरू करने के लिए यहां पर्याप्त संसाधन है लेकिन यहां एक साइकिल बनी हुई वहीं घूम रही है। उसको चेंज करने की आवश्यकता है।  यहां कई उद्योग शुरू होकर बंद हो गए है। उसका कारण यह है कि जैसी यहां जोखिम बढ़ता है लोग यहां से पलायन कर जाते है। 80 के दशक में यहां काफी उद्योग थे लेकिन उसके बाद यहां से लोग पलायन करना शुरू कर दिया। उसके बाद यहां एजुकेशन की साइकिल चली लेकिन यह भी लंबी नहीं चलेगी। यहां स्थाई उद्योग शुरू नहीं हुए है। इसके कई फैक्टर है। <br /><strong>- रोहित पाटोदी, अध्यक्ष सीए एसोसिएशन</strong></p>
<p><strong>युवाओं नहीं मिलता सहजता से लोन, पैचिदगियां कम हो</strong><br />आजकल शिक्षा रोजगारमुखी रही नहीं है। कॉमर्स कॉलेज 80 के दशक में बना था। काफी जमीन है यहां युवाओं के लिए रोजगार का कोई ट्रेनिंग सेंटर खुले जिससे युवा प्रशिक्षित होकर अपना व्यवसाय कर सकें। यहां नेता चुनाव में उद्योगों की घोषणा तो करते है लेकिन यहां डेढ दर्जन से अधिक बंद हो चुके उद्योगों पुन शुरू करने की कोई बात नहीं करता है।राजनैतिक इच्छा शक्ति की कमी होने से नए उद्योग नहीं आ रहे है। युवाओं को रोजगार उद्योग के लिए अच्छे आइडिया देने वाला प्लेटफार्म नहीं है। उद्योग लगाने का कोई रोडमेप नहीं बताता है।  हर साल कॉमर्स कॉलेज में बड़ी कंपनियां विद्यार्थियों को रोजगार देने के लिए प्लेसमेंट  ऐजेंसी शिविर लगाती है। ट्रेनिंग के नाम पर 50 हजार रुपए मांगते है। लेकिन युवा 50 हजार  लाए कहां से।<br /><strong>- अर्पित जैन, छात्र संघ अध्यक्ष </strong></p>
<p><strong>इको संसेटिव जोन घोषित नहीं होना बड़ी बाधा</strong><br />कोटा में रोड व रेलवे कनेक्टिविटी है। बिजली व पानी की कोई कमी नहीं है। लेकिन यहां गरड़िया महादेव से कोटा बैराज तक नदी के दोनों तरफ 11-11 किमी. क्षेत्र को घड़ियाल सेंचुरी में इको सेंसेटिव जोन घोषित नहीं किया है। सरकार द्वारा जब तक इसे इको संसेटिव जोन घोषित नहीं किया जाएगा तब तक यहां न तो नए उद्योग लग सकते हैं और न ही वर्तमान उद्योेगों का विकास हो सकता है। 22 कि.मी, के क्षेत्र में पूरा कोटा कवर हो रहा है। यहां से पुराने उद्योग बंद होने का कारण भी यही है। वे विकास करना चाहते थे लेकिन उसके लिए पर्यावरण व अन्य स्वीकृतियां लेने में लगने वाले समय व उस पर होने वाला खर्चा काफी अधिक है। ऐसे में उद्यमी दूसरी जगह पर उद्योग लगा सकता है।   सरकार को शीघ्र्र सीमित एरिया को इको संसेटिव जोन घोषित करना चाहिए जिससे बाकी क्षेत्र में उद्योग लगाए जा सके। <br /><strong>- मेजर विक्रम सिंह, जीएम श्रीराम रेयंस</strong><br /><strong> </strong><br /><strong>लोगों में इच्छा शक्ति की कमी</strong><br />कोटा में व्यापार की अपार संभावनाएं है लेकिन यहां के लोगों की अब व्यापार करने इच्छा शक्ति कम होती जा रही है। जिसका सबसे बड़ा कारण है यहां जागरुकता की कमी है। नए उद्योग शुरू करने के लिए उसकी प्रक्रिया को सरल बनाए तो यहां कई उद्योग शुरू हो सकते है। कोटा उद्योग देने वाले विभागों का आपसी तालमेल का अभाव है जिससे  यहां उद्योग शुरू नहीं हो पा रहे है। यहां उद्योग लगाने के दस्तावेज का सरलीकरण हो। लोगों को नियम और कानून की पूरी जानकारी होनी चाहिए। यहां सबसे बड़ी समस्या सस्ती दर पर जमीन नहीं मिलती है। उद्योग लगाने सबसे बड़ी बाधा यहां कागजी औपचारिकता अधिक है। यहां पर्यावरण विभाग, लोन देने वाला बैंक के बीच आपसी सामजस्य नहीं है लोग लोन के लिए चक्कर लगाते लोन नहीं मिलता। उद्योग विकसित करने के लिए ठोस नीति की आवश्यकता है। यहां उद्योग नहीं पनपने का कारण मजदूर युनियन का मजबूत होना राजनीतिक संरक्षण मिलने से यहां उद्यमी आना नहीं चाहते है। <br /><strong>- प्रतिभा दीक्षित, एडवोकेट व सदस्य स्थाई लोक अदालत कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 May 2024 11:30:16 +0530</pubDate>
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                <title>ब्लड बैंकिंग प्रोटोकॉल पर सेमिनार का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली की ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. छवि गुप्ता ने कहा कि जीवन बचाने और उपचार करने, दर्दनाक चोटों से उबरने में मदद करने के लिए ब्लड की उपलब्धता सबसे अहम है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/seminar-organized-on-blood-banking-protocol/article-62996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/gan3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ब्लड बैंकिंग प्रोटोकॉल विषय पर डीपीएमआई में सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें दुर्घटनाओं और आपदाओं जैसी आपात स्थितियों में ब्लड बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका, गंभीर रोगियों को तत्काल ब्लड मुहैया करने पर महत्वपूर्ण जानकारी पर विशेषज्ञों ने साझा की गई। इस मौके पर राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली की ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. छवि गुप्ता ने कहा कि जीवन बचाने और उपचार करने, दर्दनाक चोटों से उबरने में मदद करने के लिए ब्लड की उपलब्धता सबसे अहम है। इसलिए युवाओं को इस परोपकारी क्षेत्र में अपना योगदान जरूर देना चाहिए। डीपीएमआई की पूनम बछेती ने कहा कि छात्र- छात्राओं का इस क्षेत्र में जागरुक होना <br />बेहद जरूरी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Nov 2023 10:22:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लाठियां लेकर हाईवे पर पहुंची महिलाएं, जमाया मोर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[आंदोलनस्थल पर युवाओं के बाद अब महिलाएं भी मोर्चा संभालती नजर आ रही। आरक्षण की मांग को लेकर आन्दोलनस्थल पर भारी संख्या में महिलाएं नजर आ रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/women-gathered-on-the-highway-with-sticks/article-43632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>नदबई। सैनी समाज की ओर से 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर आगरा-जयपुर राजमार्ग पर अरोंदा के समीप चक्काजाम रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं लाठियां लेकर हाईवे पर आ डटीं। जिला प्रशासन की ओर से सीआई राधेश्याम सांखला व तहसीलदार ताराचंद सैनी ने धरनास्थल पर पहुंच सैनी समाज के लोगों से बातचीत की। साथ ही वार्ता को लेकर 11 सदस्यीय कमेटी गठित करने को कहा। सैनी समाज के लोगों ने आगामी रणनीति को देखते हुए कमेटी गठित करने की कवायद की, लेकिन देर शाम तक कमेटी गठित नहीं होने के चलते जिला प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता नहीं हो सकी। ऐसे में आगरा जयपुर राजमार्ग पर नदबई क्षेत्र के गांव अरोंदा के समीप तीसरे दिन भी पूरी तरह से जाम की स्थिति बनी हुई है। उधर आंदोलनस्थल पर युवाओं के बाद अब महिलाएं भी मोर्चा संभालती नजर आ रही। आरक्षण की मांग को लेकर आन्दोलनस्थल पर भारी संख्या में महिलाएं नजर आ रही। </p>
<p><strong>लोकगीतों की गूंज</strong><br />आंदोलन के लिए लगाए गए टैंट में से लोकगीत भी सुनाई दे रहे हैं। महिलाएं लोकगीत गाते हुए युवाओं की हौसला अफजाई कर रही। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अरोंदा के समीप सैनी समाज के लोगों ने आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार देर शाम जाम लगा दिया। संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा, जिला कलक्टर आलोक रंजन, पुलिस आईजी गौरव श्रीवास्तव, जिला एसपी श्याम सिंह के अधिकारी लगातार सैनी समाज के लोगों से वार्ता करने का प्रयास कर रहे। प्रदर्शनकारी पहले संघर्ष समिति संयोजक को रिहा करने व बाद में वार्ता करने की जिद पर अड़े हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Apr 2023 10:02:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों ने बताया वह कैसा शिक्षक चाहते  हैं</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षक दिवस के अवसर पर दैनिक नवज्योति ने बंधा धर्मपुरा रोड़ स्थित विद्यांजलि एकेडमी के विद्यार्थियों के बीच एक लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जिसका विषय था ‘आपकी नजर में एक शिक्षक कैसा होना चाहिए’। इस प्रतियागिता में विद्यांजलि एकेडमी के कक्षा छह से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/children-told-what-kind-of-teacher-they-want/article-21727"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/event-teachers-day-dainik-navajyoti-5.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षक को आज नहीं सदियों से गुरु माना जाता है। एक अच्छे शिक्षक का कर्तव्य विद्यार्थी को पढ़ाना नहीं है बल्कि पूरे समाज में ऐसे समाज का सृजन करना हैं जिससे समाज आदर्शों से प्रज्ज्वलित हो सकें। महर्षि अरविन्द ने कहा है ‘शिक्षक राष्टÑ की संस्कृति के चतुर माली हैं। वे सस्कारों की जड़ों में खाद देते हैं और अपने श्रम से सींचकर उन्हें शक्ति में परिवर्तित करते हैं। राष्टÑ के वास्तविक निर्माता उस देश के शिक्षक होते हैं।’ शिक्षक का दर्जा समाज  में हमेशा से ही पूज्यनीय रहा है। सही मायनों में कहा जाए तो एक शिक्षक ही अपने विद्यार्थी का जीवन गढ़ता है। इसलिए शिक्षक को समाज का शिल्पकार कहा जाता है। क्योंकि एक शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा ही विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास का मूल आधार है। आधुनिक युग में शिक्षक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। शिक्षक वह पथ-प्रदर्शक होता है जो किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाता है। प्रत्येक विद्यार्थी के सफल जीवन की नींव उन्हीं के हाथों रखी जाती है।</p>
<p><strong>शिक्षक दिवस के अवसर पर दैनिक नवज्योति ने बंधा धर्मपुरा रोड़ स्थित विद्यांजलि एकेडमी के विद्यार्थियों के बीच एक लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जिसका विषय था ‘आपकी नजर में एक शिक्षक कैसा होना चाहिए’। इस प्रतियागिता में विद्यांजलि एकेडमी के कक्षा छह से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थी कैसा शिक्षक चाहते हैं इस विषय पर इस स्कूल के बच्चों ने अपने मनोभावों को कागज पर कलम द्वारा अभिव्यक्त किया। वे एक शिक्षक में क्या गुण देखना चाहते हैं। वे इस प्रकार हैं :</strong></p>
<p>-    शिक्षक निष्पक्ष हो। नि:स्वार्थ भाव से पढ़ाए। पाठ को अच्छे से समझाए।<br />-    सभी विषयों का ज्ञान होना चाहिए। लेकिन जिस  भी विषय को पढ़ाता है उस विषय का पूरा ज्ञान होना चाहिए।<br />-       ऐसे अध्यापक चाहिए जो विद्यार्थी के मनोभावों को समझ सकें। जिनसे मन की बात कह सकें।<br />-    अध्यापक को कठोर होना चाहिए लेकिन इतना भी सख्त न हो कि उनके आने से पढ़ने का मन नहीं करे। जिस भी विषय    का वह अध्यापक  है वह विषय पढ़ने का मन नहीं करे।<br />-    अध्यापक थोड़ा हंसी-मजाक करने वाला भी होना चाहिए। जिससे पढ़ाई में और उस विषय को पढ़ने में रूचि हो।<br />-    टीचर साधारण स्वभाव का होना चाहिए। उसमें सादगी होनी चाहिए।<br />-    ज्यादा गृहकार्य टीचर को नहीं देना चाहिए इससे बच्चों के ऊपर प्रेशर पड़ता है।<br />-    अगर किसी बच्चे के टेस्ट में कम नंबर आए तो टीचर को बच्चे को समझाना चाहिए ना कि डांटना चाहिए।<br />-    टीचर को टेलेंटेड होना चाहिए। इससे बच्चों को बहुत बातें सीखने को मिलती है।<br />-    टीचर को धैर्यवान होना चाहिए। गुस्से पर काबू रखने वाला होना चाहिए। <br />-    टीचर का व्यक्तित्व साफ-सुंदर प्रभावशाली होना चाहिए। व्यवहार में अच्छा होना चाहिए।<br />-    बेवजह स्टूडेंट्स को सजा नहीं देना चाहिए। कभी कभी शिष्यों का ही नहीं बल्कि शिक्षक की भी गलती <br />होती है।<br />-    स्टूडेंटस में भेदभाव नहीं करें। टीचर के मन में ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह बच्चा ज्यादा पढ़ता है तो उस पर ज्यादा ध्यान दें। टीचर के लिए सभी बच्चे एक समान है टीचर को पढ़ाई में कमजोर बच्चों पर भी ज्यादा ध्यान देना चाहिए।<br />-    पढ़ाने का तरीका रूचिकर होना चाहिए कि खेल-खेल में स्टूडेंटस सीख जाए।<br />-    किसी भी स्टूडेंटस के रूप रंग का उपहास नहीं बनाएं।<br />-    शिक्षक का व्यक्तित्व मित्रवत और मददगार होना चाहिए<br />-    मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स  टीचर को क्लास में नहीं लाना चाहिए। प्रतियोगिता के परिणाम</p>
<p><strong>प्रतियोगिता के परिणाम</strong></p>
<p><strong>प्रथम पुरस्कार-  चित्रा राठौर, कक्षा-10</strong><br />इस दुनिया और इस देश का प्रत्येक शिक्षक  अद्भुत हैं। वे हमें न केवल किताबी ज्ञान देते हैं बल्कि दुनिया भर का ज्ञान भी देते हैं। एक शिक्षक को छात्रों के प्रति सख्त होना चाहिए लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। अपने विषय को मैत्रीपूर्ण तरीके से समझाना चाहिए। पढ़ाई में छात्रों की मदद करने वाला होना चाहिए।</p>
<p><strong>द्वितीय पुरस्कार- हर्ष प्रजापति,  कक्षा- 8</strong><br />शिक्षक मित्र हैं, शिक्षक माता-पिता हैं,  स्टूडेन्ट्स का भविष्य संवर सकें इसके लिए  शिक्षक वर्तमान में उन्हें तैयार करते हैं, शिक्षक ही सफलता का मार्ग है। शिक्षक, स्टूडेन्ट्स की भावना का सम्मान करने वाला हो।</p>
<p><strong>तृतीय पुरस्कार- दीक्षा जैन, कक्षा- 10</strong><br />गुरुमें अनुशासन होना बहुत जरूरी है। गुरु का साथ छूटने के बाद भी उनकी कहीं बातें याद रहें ऐसा व्यक्तित्व गुरु का होना चाहिए।</p>
<p><strong>सांत्वना पुरस्कार</strong><br /><strong>पार्थ कछावा, कक्षा - 8</strong><br />शिक्षक को मिलनसार, सख्त, प्रोत्साहित करने वाला, सुशिक्षित होना चाहिए। शिक्षक हमारे जीवन में एक किताब की तरह है, क्योंकि  दुनिया में चल रही किसी भी चीज की वह जानकारी देते है।</p>
<p><strong>खनक महावर, कक्षा-7</strong><br />गुरु का होना हमारी जिंदगी में बहुत महत्वपूर्ण हैं। गुरु हमारे हर कार्य में मार्गदर्शन करते हैं। शिक्षक में ज्ञान, विनम्रता, बात करने का तरीका जैसे गुण मुख्य रूप से होने चाहिए।</p>
<p><strong>आर्यन मालव, कक्षा - 9</strong><br />टीचर चाहे सुंदर नहीं हो लेकिन उनके पढ़ाने का तरीका सुंदर होना चाहिए। सभी विद्यार्थियों को एक समान नजरिये से देखना चाहिए। विद्यार्थियों के साथ मित्रता का व्यवहार हो जिससे वह अपनी समस्याओं को उन तक लाने में संकोच नहीं करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Sep 2022 13:16:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीबीएम अस्पताल की आरएमआरएस की बैठक आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[पीबीएम अस्पताल के नियमित कार्मिकों के अलावा सभी संविदा, निविदा और अन्य माध्यमों से नियोजित कार्मिकों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाया जाएगा। यह निर्देश गुरुवार को पीबीएम अस्पताल की आरएमआएस की बैठक में संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन ने दिये। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/rmrs-meeting-of-pbm-hospital-organized/article-13363"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/b-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीकानेर।</strong> पीबीएम अस्पताल के नियमित कार्मिकों के अलावा सभी संविदा, निविदा और अन्य माध्यमों से नियोजित कार्मिकों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाया जाएगा। यह निर्देश गुरुवार को पीबीएम अस्पताल की आरएमआएस की बैठक में संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन ने दिये। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संभागीय आयुक्त ने कहा कि पीबीएम अस्पताल में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को अस्पताल में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था और वातावरण मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संभागीय आयुक्त ने कहा कि पीबीएम अस्पताल में मरीज के साथ अधिकतम दो परिजनों को वार्ड में प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए एसएमएस अस्पताल की तर्ज पर पास व्यवस्था लागू की जाएगी।</p>
<p>संभागीय आयुक्त ने जांच से जुड़ी प्रत्येक मशीन को दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक्सरे, सोनोग्राफी सहित प्रत्येक खराब मशीन को अविलम्ब ठीक करवाया जाए। मरीजों को परेशानी नहीं हो, इसके मद्देनजर वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की सेवाओं के स्तर में कमी नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में कूलर और पंखे लगवाए जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। अस्पताल के सभी साधनों, संसाधनों और संपदा का प्रभावी लेखा-जोखा रहे सके, इसके मद्देनजर उपाधीक्षक डॉ. गौरी शंकर को संपदा अधिकारी का कार्यभार दिया गया। संभागीय आयुक्त ने कहा कि आवश्यकता के आधार पर प्रत्येक स्थान पर ई.सी.जी. की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीबीएम अस्पताल में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था तथा सड़क निर्माण के लिए नगर निगम को निर्देशित किया। बैठक में कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल, नगर निगम आयुक्त गोपाल राम बिड़दा, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद सलीम, पीबीएम अधीक्षक डॉ. पी.के. सैनी, आरएमआरएस के मनोनीत सदस्य त्रिलोकी कल्ला, नवरत्न सिंघी, विशेष आमंत्रित सदस्य द्वारका प्रसाद पचिसिया सहित चिकित्सक मौजूद रहे।</p>
<p><strong>हर महीने होगी भामाशाहों की बैठक :</strong> पीबीएम अस्पताल के विकास में योगदान देने वाले भामाशाहों की हर महीने बैठक होगी। इसके मद्देनजर प्रशासन एवं भामाशाहों के मध्य समन्वय के लिए अतिरिक्त संभागीय आयुक्त, पीबीएम के वित्त नियंत्रक और अधीक्षक की कमेटी गठित की गई।</p>
<p><strong>अस्पताल का एक मोबाइल एप बनेगा :</strong> संभागीय आयुक्त ने बताया कि मरीज अपने घर बैठे रजिस्ट्रेशन करवा सकें तथा उन्हें चिकित्सकों के ड्यूटी चार्ट, जांच की स्थिति सहित प्रत्येक स्थिति की जानकारी मिल सके, इसके मद्देनजर एक मोबाइल एप बनाया जाएगा।</p>
<p><strong>समय पर टेण्डर नहीं होने पर होगी कार्रवाई :</strong> उन्होंने कहा कि निविदा या वित्तीय मामलों से संबंधित सभी फाइलें अस्पताल के वित्त नियंत्रक के माध्यम से एक्सामिन करवाई जाएगी। साथ ही दवाईयों आदि से संबंधित महत्वपूर्ण निविदाएं समय पर नहीं की जाएंगी, तो जिम्मेदार कार्मिक के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।</p>
<p><strong>दुकानों में अस्पताल से नहीं मिलेगी बिजली :</strong>   संभागीय आयुक्त ने कहा कि अस्पताल परिसर में चल रही निजी दुकानों एवं संस्थानों आदि में यदि अस्पताल से विद्युत सप्लाई हो रही है, तो ऐसे कनेक्शन अविलम्ब काटे जाएं।</p>
<p><strong>कैंटीन का समझौता होगा रद्द :</strong> संभागीय आयुक्त ने पीबीएम अस्पताल के एक कैंटीन के संबंध में आरएमआरएस अध्यक्ष और सचिव की अनुमति के बिना एक समझौता किए जाने पर डॉ. राजेश के विरूद्ध चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही इस समझौते को रद्द करवाने की कार्यवाही के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>अस्पताल परिसर में बनेंगी दुकानें :</strong> आरएमआरएस की आय वृद्धि के लिए धूड़ीबाई धर्मशाला परिसर में स्थित दुकानों का किराया बढ़ाने, अस्पताल परिसर में विभिन्न स्थानों पर दुकानें बनाने, नए कैंटीन खोलने, अस्पताल परिसर से बाहर एवं अंदर पार्किंग स्थान चिन्हित करने, वीरा एवं माहेश्वरी धर्मशाला के कमरों एवं अन्य सेवाओं की दरें बढ़ाने तथा बढ़ी राशि आरएमआरएस को उपलब्ध करवाने पर चर्चा हुई।</p>
<p><strong>अस्पताल की पैरवी के लिए अधिवक्ता की होगी नियुक्ति :</strong> संभागीय आयुक्त ने पीबीएम अस्पताल के कोर्ट से जुड़े मामलों में पैरवी के लिए नए अधिवक्ता नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरएमआरएस की आगामी बैठकों में संबंधित विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p><strong>अस्पताल में चलेंगे ई-रिक्शा : </strong> संभागीय आयुक्त ने बताया कि शिक्षा मंत्री एवं बीकानेर पश्चिम विधायक डॉ. बी. डी. कल्ला द्वारा पीबीएम अस्पताल के लिए 10 नए ई-रिक्शा खरीदने के लिए 16 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। रिक्शा खरीद की कार्यवाही की जाएगी।</p>
<p><strong>त्रिलोकी कल्ला ने दिए सुझाव :</strong> बैठक के दौरान कमेटी सदस्य त्रिलोकी कल्ला ने अस्पताल परिसर में विभिन्न स्थानों पर दुकानें बनाने, शनिश्चर मंदिर से शास्त्री नगर तक मेडिकल कॉलेज की चारदीवारी के बाहर के क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करवाते हुए इसका व्यावसायिक उपयोग करने का सुझाव दिया।<br /> <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Jul 2022 13:06:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व ऊंट दिवस,ऊष्ट्र प्रदर्शनी एवं पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[बीकानेर। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, एनआरसीसी बीकानेर के निदेशक डॉ. आर्तबन्धु साहू ने कहा कि ऊंट को यदि औषधि भण्डार, कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/world-camel-day-camel-exhibition-and-animal-health-camp-organized/article-12835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bikaner-new.jpg" alt=""></a><br /><p>बीकानेर। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, एनआरसीसी बीकानेर के निदेशक डॉ. आर्तबन्धु साहू ने कहा कि ऊंट को यदि औषधि भण्डार, कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। डॉ. साहू बुधवार को विश्व ऊंट दिवस पर एनआरसीसी बीकानेर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधानों में ऊंटनी का दूध, मधुमेह, क्षय रोग, आॅटिज्म आदि में कारगर साबित हुआ है।</p>
<p>मुख्य अतिथि वेटरनरी विवि बीकानेर के कुलपति प्रो. एसके गर्ग ने कहा कि ऊंट पालकों को ऊंटनी के अधिक से अधिक दूध का उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए।इसका सकारात्मक असर ऊंटों की संख्या पर भी होगा। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक भानुप्रताप ढाका ने ऊष्ट्र डेयरी या पर्यटनीय सजावटी ऊंट जैसे मॉडल तैयार करने की बात कही। केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान बीकानेर के निदेशक डॉ. दिलीप कुमार समादिया ने कहा कि बागवानी खेती से पशुपालन व्यवसाय को अधिकाधिक लाभ मिल सकता है। राजुवास के अधिष्ठाता, सीवीएएसए डॉ. आरके सिंह व किसान प्रतिनिधि के रूप में श्रीगोपाल उपाध्याय ने भी विचार रखे।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>ऊष्ट्र प्रदर्शनी एवं पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित</strong></span><br />विश्व ऊंट दिवस के उपलक्ष्य पर एनआरसीसी द्वारा ऊष्ट्र प्रदर्शनी एवं पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित सर्वश्रेष्ठ नर ऊंट प्रतियोगिता में इमरान खान ने प्रथम, रफीक खान ने द्वितीय, नैनूराम ने तृतीय तथा मुरली गहलोत व महमूद खान ने सांत्वना पुरस्कार अर्जित किया। सजावटी ऊंट प्रतियोगिता में संजय खान ने प्रथम, इमरान ने द्वितीय, महमूद ने तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कार नैनूराम प्राप्त किया। डॉ. वेद प्रकाश ने आभार जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 13:13:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्व. राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर सर्वधर्म प्रार्थनासभा का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सर्वधर्म प्रार्थना  सभा का आयोजन दौसा जिले के भंडाना में हुआ। श्रद्धांजलि सभा में सचिन पायलट सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेताओं ने शिरकत की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/self--all-religion-prayer-meeting-organized-on-the-death-anniversary-of-rajesh-pilot/article-11923"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/news1.jpg" alt=""></a><br /><p> दौसा। पूर्व केंद्रीय मंत्री  स्व. राजेश पायलट की 22वीं पुण्यतिथि पर उनके समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन दौसा जिले के भड़ाना में हुआ।  सचिन पायलट सहित कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने स्व. राजेश पायलट की समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा में सचिन पायलट सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेताओं ने शिरकत की।  सर्वधर्म प्रार्थना सभा में मंत्री प्रसादी लाल मीणा, मंत्री ममता भूपेश, विधायक राकेश पारीक,  वेद प्रकाश सोलंकी,   मुकेश भाकर,   वीरेंद्र चौधरी,  इंद्रा मीणा, दीपेंद्र सिंह शेखावत, सुरेश मोदी,  गजराज खटाना,  पी.आर मीणा, इंद्राज गुर्जर, प्रशांत बैरवा,  हरीश मीणा ने श्रद्धांजलि अर्पित कर सर्व धर्म सभा में उपस्थित रहे।<br /><br /> पायलट ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए में कहा कि स्व. राजेश पायलट ने हमें अपने जीवन मे आम व्यक्ति और जमीनी कार्यकर्ता से सीधा व आत्मीय जुड़ाव रखकर, स्वच्छ राजनीति की राह उन्होंने हमें दिखाई। उसी रास्ते पर चलना मेरे जीवन का लक्ष्य रहेगा। वहीं उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले दिन से कह रही है कि हमारे तीनों सदस्य  राज्य सभा में चुनकर जाएंगे, ऐसा ही हुआ।  भाजपा पैसे के दम पर विधायको को खरीदना चाहती थी, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। हरियाणा में जिस तरह अजय माकन को हराया गया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है और हमने तीनों सीटें जीतकर यह दिखा दिया है कि कांग्रेस मजबूत है और भाजपा कमजोर है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस फिर रिपीट होगी।<br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 15:53:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफीम नीति निर्धारण को लेकर सलाहकार समिति की बैठक आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[अफीम नीति निर्धारण को लेकर को लेकर शुक्रवार को राजस्थान इकाई सलाहकार समिति की बैठक कोटा में  आयोजित की गई ।  बैठक में कोटा, चित्तौड़गढ़, बारा तथा झालावाड़ जिले के किसानों तथा नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/advisory-committee-meeting-regarding-opium-policy-making/article-11226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/new-2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । अफीम नीति निर्धारण को लेकर को लेकर शुक्रवार को राजस्थान इकाई सलाहकार समिति की बैठक कोटा में  आयोजित की गई । बैठक की अध्यक्षता कोटा नारकोटिक्स उपायुक्त विकास जोशी ने की । बैठक में कोटा, चित्तौड़गढ़, बारा तथा झालावाड़ जिले के किसानों तथा नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।<br /><br />सांसद दुष्यंत सिंह व सीपी जोशी सहित  कई  किसानों, विधायक ने अफीम खेती के दौरान किसानों के सामने आ रही समस्याओं तथा उसके निराकरण संबंधी सुझाव दिए और अफीम नीति पर पर चर्चा की । इस दौरान अफीम उत्पादन संघर्ष समिति राजस्थान और मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज कुमार योगी ने नई अफीम नीति 2022 - 23 में सीपीएस पद्धति को किसानों के लिए हितेषी नहीं बताते हुए नई अफीम नीति में लागू नहीं करने की मांग की तथा अफीम को औषधीय पौधा बताते हुए उसे बचाने पर भी जोर दिया । उन्होंने परिचर्चा में बताया कि पिछले 5 वर्षों की गणना कर 100 व 103 पर अफीम लाइसेंस जारी किए गए थे लेकिन 4 वर्ष वालों को नहीं दिए गए इसलिए सुझाव दिया कि नारकोटिक्स विभाग अब 4 वर्ष की गणना करवाकर 80 एमक्यू वाई पर  किसानों को लाइसेंस जारी करवाए जाए। साथ ही 1990 से 2021 तक गुड क्वालिटी की अफीम देने वाले किसानों को पुन: अफीम लाइसेंस का पट्टा दिया जाए । किसानों को नई नीति के अनुसार 10 आरी  अफीम लाइसेंस  दिया जाए जाए  और  अफीम का मूल्य महंगाई को देखते हुए 15000 से 25000 तक किया जाए ।  छोटे-मोटे कारणों से पट्टा रद्द नहीं किया जाए तथा जो पट्टे रद्द हो गए हैं उन्हें पुन: बहाल किए जाएं । किसानों को समय पर पट्टे  वितरित किए जाएं जिससे समय पर तुलाई हो सके ।<br /><br /> किसान धन्नालाल  ने अफीम की नई नीति के दौरान फसल, किसान तथा उसके परिवार का बीमा कराए जाने की बात को पुरजोर से उठाया  तथा 10 से 20 परसेंट के नप्ति को नई नीति निर्धारण में करने का सुझाव दिया । किसानों ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि एनडीपीएस की धारा 29 के कारण  पुलिस किसानों को नाजायज तरीके से परेशान करती है । बैठक में अफीम खेती से जुड़े राजस्थान के किसानो ने  सलाह व सुझाव दिए ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/advisory-committee-meeting-regarding-opium-policy-making/article-11226</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 18:17:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व साइकिल दिवस पर साइकिल रैली का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर स्मार्ट सिटी की ओर से विश्व साईकिल दिवस पर शुक्रवार को जवाहर सर्किल से  साईकिल रेली का  आयोजन किया गया। रैली पत्रिका गेट जवाहर सर्किल से प्रारंभ होकर गांधी सर्किल से अरण्य भवन सरदार बस्ती, झालाना डूंगरी से एपेक्स सर्किल होते हुये बालाजी तिराहा, प्रधान कार्यालय, उत्तर पश्चिम रेलवे गोल्ड सुख-ईंटरनल हॉस्पिटल होते हुये पत्रिका गेट पर संपन्न हुई।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bicycle-rally-organized-on-world-cycle-day/article-11192"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/si.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर। </strong> जयपुर स्मार्ट सिटी की ओर से विश्व साईकिल दिवस पर शुक्रवार को जवाहर सर्किल से साईकिल रेली का आयोजन किया गया। रैली पत्रिका गेट जवाहर सर्किल से प्रारंभ होकर गांधी सर्किल से अरण्य भवन सरदार बस्ती, झालाना डूंगरी से एपेक्स सर्किल होते हुये बालाजी तिराहा, प्रधान कार्यालय, उत्तर पश्चिम रेलवे गोल्ड सुख-ईंटरनल हॉस्पिटल होते हुये पत्रिका गेट पर संपन्न हुई।</p>
<p><strong> युवाओं के साथ बुजुर्गों ने भी साइकिल दौड़ाकर किया </strong><strong>सेलिब्रेट</strong></p>
<p>14 किमी की साईकिल रैली में बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी समेत आम जन ने हिस्सा लिया। साइकिल रैली में युवाओं के साथ बुजुर्गों ने भी साइकिल दौड़ाकर वर्ल्ड साइकिल डे को सेलिब्रेट किया। साइकिल राइडर्स ने कहा कि यह खास अवसर है कि जब विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर स्मार्ट सिटी ने आयोजन किया है। इसमें शहरवासी हिस्सा लेकर स्वस्थ रह सकते हैं तो साथ ही शहर को भी स्वस्थ एवं प्रदूषण मुक्त करने का संकल्प निभा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bicycle-rally-organized-on-world-cycle-day/article-11192</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 13:54:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>   दांडी मार्च के समापन अवसर पर रैली आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[   दांडी मार्च के समापन अवसर पर 6 अप्रैल को रामपुरा स्थित गांधी चौक से बारादरी किशोर सागर की पाल तक रैली का आयोजन किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rally-organized-on-the-concluding-occasion-of-dandi-march/article-7502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/4.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दांडी मार्च के समापन अवसर पर 6 अप्रैल को रामपुरा स्थित गांधी चौक से बारादरी किशोर सागर की पाल तक रैली का आयोजन किया गया। रैली में खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं गांधी जयंती समारोह समिति के समन्यवक और जिला कलेक्टर हरिमोहन मीना, अतिरिक्त कलेक्टर राजकुमार सिंह, आयुक्त नगर निगम वासुदेव मलावत, सीईओ जिला परिषद ममता तिवाड़ी, गांधी जयंती समारोह समिति के सदस्य संदीप दिवाकर, नरेश विजयवर्गीय, उपयुक्त निगम एचडी सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी गणमान्य नागरिक, स्काउट एनसीसीए खेल संघों एवं कॉलेज के व्याख्याताओं ने भाग लिया। रैली गांधी चौक से प्रारंभ होकर रामपुरा बाजार, महात्मा गांधी स्कूल, आर्य समाज रोड होते हुए बारादरी पहुंची । जहां महात्मा गांधी के प्रिय भजनों एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rally-organized-on-the-concluding-occasion-of-dandi-march/article-7502</link>
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                <pubDate>Wed, 06 Apr 2022 17:57:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवाओं में स्वरोजगार और स्टार्टअप शुरू करने को लेकर कार्यशाला का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा युवाओं में स्वरोजगार की भावना पैदा करने, स्टार्टअप शुरू करने पर सरकारी मदद की जानकारी और उनके आईडिया को धरातल पर लाने के लिए गुरुवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिन्हें स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं ने संबोधित किया और स्टार्टअप की जानकारी दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/organized-workshop-on-self-employment-and-startup-among-youth/article-6665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/kota1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा युवाओं में स्वरोजगार की भावना पैदा करने, स्टार्टअप शुरू करने पर सरकारी मदद की जानकारी और उनके आईडिया को धरातल पर लाने के लिए गुरुवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। कोटा यूनिवर्सिटी में 2 दिन के इस कार्यशाला में पहले दिन बूट कैंप का आयोजन किया गया। इस बूट कैंप में स्टूडेंट्स शामिल हुए। जिन्हें स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं ने संबोधित किया और स्टार्टअप की जानकारी दी। किस तरह से स्टार्टअप के आइडिया को धरातल पर लाया जा सकता है और सरकार से मिलने वाली मदद के बारे में युवाओं को बताया गया। <br /><br />विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर तपन कुमार ने बताया कि कोटा में आउटरीच वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। कोशिश की है कि जितने ज्यादा लोगों तक सरकार की फंडिंग स्कीम की जानकारी दे सकते हैं उतने ज्यादा लोगों को फायदा होगा। शुक्रवार को स्कूल स्टार्टअप स्कीम और रूरल स्टार्टअप की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान रूरल एरिया में और स्टूडेंट के द्वारा शुरू किए जा रहे स्टार्टअप या उनके जो भी आईडिया होंगे, वह प्रस्तुत किए जाएंगे। उनमें यूनिक आईडिया को सेलेक्ट किया जाएगा। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि इन स्टार्टअप को किस तरह से सरकारी फंडिंग मिल सकती है और विभाग क्या-क्या मदद करेगा।<br /><br /><strong>सरकार की तरफ से दी जाती है फंडिंग</strong><br />तपन कुमार ने बताया कि स्टार्टअप के लिए सरकार की तरफ से फंडिंग से लेकर हर तरह का सपोर्ट दिया जाता है। फंडिंग में अलग-अलग लेवल पर दो लाख से लेकर 25 लाख तक की फंडिंग होती है। इस दौरान सफल उधमियों ने अपने स्टार्टअप के बारे में जानकारी दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Mar 2022 17:52:10 +0530</pubDate>
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