<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/arctic/tag-66841" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Arctic - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/66841/rss</link>
                <description>Arctic RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ग्रीनलैंड के पास फ्रांस ने भेजा राफेल से लैस परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर, जबरन कब्जे की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय एकजुटता दिखाते हुए फ्रांस ने परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स डी गाले को उत्तरी अटलांटिक की ओर तैनात किया, यूरोपीय संप्रभुता को समर्थन जताया और अमेरिका संदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/france-sends-rafale-equipped-nuclear-aircraft-carrier-to-greenland-in-preparation/article-141142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)11.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के देश एकजुट होते दिख रहे हैं। अमेरिका को खुली चेतावनी देने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने ग्रीनलैंड के पास उत्तरी अटलांटिक महासागर में अपने एकमात्र परमाणु ऊर्जा से चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स डी गाले को भेजा है। यह राफेल फाइटर जेट से लैस है। फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने इस तैनाती के बारे में ऐलान किया है। माना जा रहा है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सेना के हमले के खतरे को देखते हुए फ्रांसीसी नौसेना ऐक्शन में आई है। यही नहीं फ्रांसीसी राष्ट्रपति डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं से पेरिस में मिलने जा रहे हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि मैक्रों यूरोपीय एकजुटता को एक बार फिर से अपना समर्थन जाहिर करेंगे। साथ ही डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता और क्षेत्रीय एकजुटता को भी अपना समर्थन देंगे।</p>
<p><strong>फ्रांसीसी स्ट्राइक कैरियर कहां जा रहा?</strong></p>
<p>फ्रांस, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेता आर्कटिक में सुरक्षा खतरे, ग्रीनलैंड के आर्थिक तथा सामाजिक विकास के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसको फ्रांस और यूरोपीय संघ दोनों ही सपोर्ट करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि चार्ल्स डी गॉल को कहां तैनात किया जा रहा है, लेकिन समाचार एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया कि यह उत्तरी अटलांटिक की ओर बढ़ रहा है। हाल के दिनों में यह इलाका अमेरिका और यूरोप के बीच भूराजनीतिक तनाव का केंद्र बनकर उभरा है। फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि नेवल एयर ग्रुप ओरियन 26 सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए तोउलोन नौसैनिक अड्डे से रवाना हो गया है। </p>
<p><strong>स्ट्राइक कैरियर के साथ पूरा बेड़ा</strong></p>
<p>फ्रांस के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में चार्ल्स डी गॉल और उसके विमान, साथ ही कई एस्कॉर्ट और सपोर्ट जहाज शामिल हैं। इसमें एक डिफेंस फ्रिगेट, एक सप्लाई शिप और एक हमलावर पनडुब्बी है। यह अभ्यास ऐसे समय में होने जा रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्तशासी क्षेत्र ग्रीनलैंड को लगातार अमेरिका में मिलाने की धमकी दे रहे हैं।</p>
<p><strong>जंग के मूड में यूरोप, टूट सकता है नाटो </strong></p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए कमर कस चुके हैं। अमेरिका की सेना इसके लिए लगातार तैयारी भी कर रही है। ट्रंप के इस रुख से 32 देशों की सदस्यता वाले सैन्य संगठन उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानि नाटो के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है। ट्रंप की दादागिरी के खिलाफ यूरोपीय देश एकजुट हो रहे हैं। ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी जैसे ताकतवर यूरोपीय देशों ने अमेरिका को ग्रीनलैंड को लेकर चेतावनी भी दी है। </p>
<p>इस बीच नाटो चीफ ने चेतावनी दी है कि बिना अमेरिका के नाटो देश अपनी रक्षा नहीं कर सकते हैं। ग्रीनलैंड का प्रशासन डेनमार्क देखता है जो नाटो का सदस्य देश है। ट्रंप ने कहा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी है। दरअसल, अमेरिका यहां पर अपना गोल्डन डोम डिफेंस सिस्टम लगाना चाहता है ताकि रूस और चीन की मिसाइलों से अमेरिका को बचाया जा सके। </p>
<p><strong>डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो को दी टैरिफ की धमकी</strong></p>
<p>यही नहीं डोनाल्ड ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं। नाटो का आर्टिकल 5 कहता है कि अगर एक सदस्य देश पर दुश्मन का हमला होता है तो यह सभी देशों पर अटैक माना जाएगा। यही नहीं इस जंग में नाटो के हर सदस्य देश को सैन्य सहायता देना होगा। </p>
<p>नाटो के महासचिव जनरल मार्क रट ने सोमवार को खुलासा किया कि अमेरिकी सैन्य सहायता के बिना यूरोप अपनी खुद की रक्षा नहीं कर सकता है। उन्होंने यूरोपीय सांसदों से कहा कि यूरोप और अमेरिका को एक-दूसरे की जरूरत है।</p>
<p><strong>जर्मनी-पोलैंड बनाना चाहेंगे परमाणु बम</strong></p>
<p>एक्सपर्ट के अनुसार अमेरिका ठीक इसी समय यूरोप को अपने ऊपर निर्भर बनाए रखेगा और उसे एक विरोधी ब्लॉक के रूप में उभरने से रोकेगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप के शासनकाल में नाटो के आंतरिक नियम बदलने जा रहे हैं। अगर अमेरिका नाटो से निकलता है तो यूरोपीय सुरक्षा ढांचा खंड-खंड हो जाएगा। </p>
<p>यूरोपीय देश सामूहिक सुरक्षा की जगह पर अपनी-अपनी सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर देंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी और पोलैंड जैसे यूरोपीय देश परमाणु बम हासिल करने पर बहस करने लगेंगे। वहीं ब्रिटेन और फ्रांस असलियत में अमेरिका की कमी को पूरा नहीं कर पाएंगे। ये दोनों देश पूरे यूरोप की उस तरह से सुरक्षा नहीं कर पाएंगे जैसे कि अमेरिका करता है।</p>
<p><strong>अमेरिकी सेना का ग्रीनलैंड में बेस</strong></p>
<p>जैसे-जैसे वैश्विक तनाव बढ़ रहा है, यह द्वीप भू-राजनीतिक दबाव का एक मापक बन गया है। इससे पता चलता है कि पुरानी अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था किस तरह कमजोर पड़ने लगी है। इन सभी के केंद्र में पिटुफिक अंतरिक्ष ठिकाना है, जिसे पहले थुले एयरबेस के नाम से जाना जाता था। शीतयुद्ध के दौरान एक चौकी के रूप में इस्तेमाल यह बेस अब अमेरिकी सेना के अंतरिक्ष बल केंद्र का एक अहम हिस्सा है, जो मिसाइल का पता लगाने से लेकर जलवायु परिवर्तन पर नजर रखने तक हर चीज के लिए आवश्यक है। ग्रीनलैंड में अमेरिकी रुचि उस समय बढ़ रही है, जब युद्ध के बाद की नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था शांति और सुरक्षा बनाए रखने में तेजी से निष्प्रभावी साबित हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/france-sends-rafale-equipped-nuclear-aircraft-carrier-to-greenland-in-preparation/article-141142</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/france-sends-rafale-equipped-nuclear-aircraft-carrier-to-greenland-in-preparation/article-141142</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 11:26:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/500-px%2911.png"                         length="721000"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा, ग्रीनलैंड में अपने दूतावास के उद्घाटन पर गश्ती पोत भेजेगा कनाडा</title>
                                    <description><![CDATA[कनाडा ग्रीनलैंड के नूक में वाणिज्यिक दूतावास उद्घाटन के दौरान आर्कटिक गश्त हेतु तटरक्षक पोत तैनात करेगा, जिससे क्षेत्र में उसकी मौजूदगी मजबूत होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-minister-anita-anand-said-canada-will-send-patrol-vessel/article-140976"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(12)2.png" alt=""></a><br /><p>ओटावा। ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अगले हफ्ते अपने वाणिज्यिक दूतावास के उद्घाटन के मौके पर कनाडा एक गश्ती पोत भेजेगा। कनाडाई मीडिया ने विदेश मंत्री अनीता आनंद के हवाले से यह जानकारी दी है।</p>
<p>आनंद ने सोमवार को एक साक्षात्कार में कहा कि तैनात किये जाने वाले पोत को विशेष रूप से आर्कटिक क्षेत्रों में गश्त के लिये तैयार किया गया है। विदेश मंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह एक कनाडाई तटरक्षक पोत होगा, न कि शाही कनाडाई नेवी पोत। पिछले हफ्ते आनंद ने कहा था कि कनाडा आर्कटिक में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का इरादा रखता है और इसी सिलसिले में ग्रीनलैंड में अपना वाणिज्यिक दूतावास खोलेगा। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के समय में कई बार उसे खरीदने या 'कब्जा' करने की मंशा जताते हुए कहा है कि यह उनके देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये जरूरी है। </p>
<p>डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ने ही अमेरिका को कोई गलत कदम उठाने के खिलाफ चेतावनी दी है और अपनी क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के लिये कहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-minister-anita-anand-said-canada-will-send-patrol-vessel/article-140976</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-minister-anita-anand-said-canada-will-send-patrol-vessel/article-140976</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 17:21:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%2812%292.png"                         length="715259"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका फाइन ग्रीनलैंड विधेयक: अमेरिकी सांसद ने ग्रीनलैंड के विलय और राज्य का दर्जा देने के लिए पेश किया विधेयक</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी कांग्रेस में ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने का विधेयक पेश किया गया। रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-fines-greenland-bill-us-mp-introduced-bill-for-the/article-139420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/us-on-greeland.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगटन। रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने के लिए अमरीकी कांग्रेस में एक विधेयक अमेरिकी संसद में पेश किया है। सांसद फाइन के कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, ग्रीनलैंड विलय और राज्य का दर्जा अधिनियम सोमवार को फ्लोरिडा के रिपब्लिकन ने पेश किया। विधेयक के बताए गए लक्ष्यों में ग्रीनलैंड के विलय और उसके बाद उसे राज्य का दर्जा देना शामिल है। </p>
<p>सांसद रैंडी फाइन ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज, मुझे ग्रीनलैंड विलय और राज्य का दर्जा अधिनियम पेश करते हुए गर्व हो रहा है, यह एक ऐसा विधेयक है जो राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड को संघ में लाने के लिए जरूरी तरीके खोजने की अनुमति देता है। उन्होंने कहा, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं, हमारे दुश्मन आर्कटिक में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं और हम ऐसा नहीं होने दे सकते। ग्रीनलैंड को हासिल करके हम अपने दुश्मनों को आर्कटिक क्षेत्र को नियंत्रित करने से रोकेंगे और रूस और चीन से अपने उत्तरी हिस्से को सुरक्षित करेंगे।</p>
<p>सांसद रैंडी फाइन ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ग्रीनलैंड कोई दूर का इलाका नहीं है जिसे हम नजरअंदाज कर सकें, यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बहुत जरूरी संपत्ति है। जो भी ग्रीनलैंड को नियंत्रित करेगा, वह आर्कटिक के मुख्य शिङ्क्षपग रास्तों और अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करेगा। अमेरिका उस भविष्य को ऐसे शासनों के हाथों में नहीं छोड़ सकता जो हमारे मूल्यों से नफरत करते हैं और हमारी सुरक्षा को कमजोर करना चाहते हैं।</p>
<p>विधेयक में कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ऐसे कदम उठाने का अधिकार है जो जरूरी हो सकते हैं, जिसमें डेनमार्क के साथ बातचीत करने की कोशिश करना भी शामिल है, ताकि ग्रीनलैंड को अमेरिका के क्षेत्र के रूप में मिलाया जा सके या किसी और तरह से हासिल किया जा सके। ट्रंप को अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड को हासिल करने के बाद विधेयक के तहत कांग्रेस के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करेगा, जिसमें उन संभावित संघीय क़ानूनों में बदलावों का विवरण होगा, जिन्हें राष्ट्रपति नए अधिग्रहित क्षेत्र को एक राज्य के रूप में शामिल करने के लिए आवश्यक समझें।</p>
<p>व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कल कहा कि अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए कोई खास समय-सीमा तय नहीं की गई है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कोई समय-सीमा तय नहीं की है लेकिन यह निश्चित रूप से उनके लिए एक प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ने कल रात बहुत साफ कर दिया था। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करे क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो आखिरकार इसे चीन या रूस द्वारा हासिल कर लिया जाएगा, या शायद दुश्मनी से कब्जा कर लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/america-fines-greenland-bill-us-mp-introduced-bill-for-the/article-139420</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/america-fines-greenland-bill-us-mp-introduced-bill-for-the/article-139420</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:27:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/us-on-greeland.png"                         length="328268"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        