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                <title>जासूस भाइयों सहित पाक निवासी अभियुक्त को सजा</title>
                                    <description><![CDATA[अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सीआईडी को सूचना मिली की जैसलमेर में एक व्यक्ति होटल में रहकर सामरिक महत्व की सूचनाएं एकत्र कर पाकिस्तान भिजवा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pak-resident-accused-along-with-spy-brothers-sentenced/article-38140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/q-173.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट महानगर प्रथम ने सामरिक महत्व की सूचनाएं पाकिस्तान पहुंचाने वाले पाक निवासी अभियुक्त नंदलाल और उसकी मदद करने वाले मूलत: पाकिस्तान और हाल जोधपुर निवासी अभियुक्त भाइयों गौरीशंकर और प्रेमचंद को शासकीय गुप्त बात अधिनियम के तहत सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों अभियुक्तों पर कुल दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। </p>
<p>अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सीआईडी को सूचना मिली की जैसलमेर में एक व्यक्ति होटल में रहकर सामरिक महत्व की सूचनाएं एकत्र कर पाकिस्तान भिजवा रहा है। सूचना पर पुलिस ने 15 अगस्त, 2016 को एक होटल पर छापा मारकर अभियुक्त नंदलाल को गिरफ्तार किया। पुलिस को तलाशी में भारतीय थल सेना से जुड़े गोपनीय दस्तावेज और पाकिस्तानी पासपोर्ट व वीसा की फोटो प्रतियां बरामद हुई।</p>
<p>पूछताछ में नंदलाल ने बताया कि उसने पाकिस्तान की आईएसआई के अफसर को देने के लिए जैसलमेर के थईयात आर्मी बेस के भवन, वॉच टावर, हैंगर और हवाई जहाजों के फोटो बनाए थे, जो उसके पास मेमोरी कार्ड में मौजूद हैं। इस पर पुलिस ने मेमोरी कार्ड को भी जब्त किया। वहीं पुलिस ने गौरीशंकर और प्रेमचंद की ओर से नंदलाल के दस्तावेज और सामान अपने पास रखने, अपनी दुकान से मोबाइल उपलब्ध कराने और उसे शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अभियुक्त नंदलाल को सिर्फ जोधपुर के लिए वीसा मिला था, लेकिन उसने बिना वीसा जैसलमेर में अवैध निवास किया। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया। पूरी घटना को लेकर सीआईडी के एडि.एसपी राजीव दत्ता ने 18 अगस्त, 2016 को जैसलमेर के कोतवाली थाने में बिना नंबरी एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसे बाद में स्पेशल पुलिस स्टेशन, झालाना, जयपुर को भेज दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Feb 2023 11:25:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>पांच साल बाद पाकिस्तान की जेल से खंडवा के राजू की वतन वापसी</title>
                                    <description><![CDATA[मानसिक रूप से कमजोर राजू पता नहीं किस तरह भटककर पाकिस्तान पहुंच गया था, जिसे पाकिस्तान पुलिस ने डेरा गाजी खान इलाके से गिरफ्तार किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/khandwas-raju-returns-home-after-five-years-from-pakistans-jail/article-37696"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(6)5.jpg" alt=""></a><br /><p>खंडवा। जासूसी की आशंका में पिछले पांच वर्षो से पाकिस्तान की जेल में कैद मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम इंधावड़ी के युवक राजू पिण्डारे को आखिरकार निर्दोष मानते हुए उसे आजाद कर उसकी घर वापसी का रास्ता साफ कर दिया है।</p>
<p>मानसिक रूप से कमजोर राजू पता नहीं किस तरह भटककर पाकिस्तान पहुंच गया था, जिसे पाकिस्तान पुलिस ने डेरा गाजी खान इलाके से गिरफ्तार किया था। उसे पाकिस्तानी मीडिया ने भारतीय जासूस बताया जबकि उसे अवैध रूप से प्रवेश के आरोप में वर्ष 2019 से ही पाकिस्तान की जेल में बंद कर दिया गया था। जहां वो अपनी बेगुनाही का सबूत भी नहीं दे सका। राजू के माता-पिता वर्ष 2019 से ही सरकारी दफ्तरों में अपने बेटे को पाकिस्तान की जेल से वापस लाने के लिए चक्कर लगा रहे थे। आ$िखरकार स्थानीय पुलिस की पहल से गृह मंत्रालय और मिनिस्ट्री ऑ$फ एक्स्टर्नल अफेयर्स के सतत प्रयासों से उसे रिहा कर दिया गया।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक विवेक ङ्क्षसह ने बताया कि खंडवा जिले के ग्राम इंधावड़ी की बसंता बाई ने अपने बेटे राजू की गुमशुदगी की शिकायत पांच वर्ष पूर्व दर्ज कराई थी। इसमें बाद में जानकारी मिली की वह किसी तरह पाकिस्तान पहुंच गया है, जिसके अवैध तरह से वहां प्रवेश पर उसे पाकिस्तान पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वह तभी से जेल में था। कुछ दिन पूर्व राजू के परिजन उनसे मिले और उसकी पाकिस्तान से वापसी की गुहार लगाई, तो उन्होंने गृह मंत्रालय के माध्यम से उसके लिए प्रस्ताव भेजा।</p>
<p>एसपी सिंह ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ एक्स्टर्नल अफेयर्स ने पाकिस्तान सरकार से संपर्क किया और उसकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ। अंतत: उसे 14 फरवरी को रिहा कर भारत को सौंप दिया गया। राजू को अमृतसर में रेड क्रॉस सोसायटी ने अपने पास रखा है, जिसे वह खंडवा जिला प्रशासन के माध्यम से घर वापस पहुंचा दिया जायेगा।</p>
<p>अपर कलेक्टर शंकर लाल सिंघाड़े ने बताया कि इंधावड़ी का राजू किसी तरह पाकिस्तान चला गया था, उसको पाकिस्तान द्वारा 14 फरवरी को रिहा कर दिया गया है, वह भारत आ चुका है। इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी अमृतसर ने खंडवा जिला प्रशासन को राजू को वहां से ले जाने के लिए सूचित किया। इस सूचना पर जिला प्रशासन ने एक चार सदस्यीय दल बनाया है, जिसमे एक मेडिकल कर्मचारी, एक शासकीय कर्मचारी और दो पुलिस के जवान है, जो वारंट के साथ उसको प्राप्त करने के लिए रवाना हो रहे हैं। उसकी जो गुमशुदगी दर्ज हुई थी उसके हिसाब से पुलिस कार्रवाई करके उसके परिवार को सौंप देगी।</p>
<p>दरअसल वर्ष 2019 में पाकिस्तानी अखबार की एक खबर खूब वायरल हुई, जिसमे पाकिस्तानी पुलिस के साथ एक युवक को दिखाया जा रहा था। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पकड़ा गया युवक भारतीय था। उस समय पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया था कि वह जासूसी के इरादे से पाकिस्तान में दाखिल हुआ था। राजू को पाकिस्तान की पुलिस ने डेरा गाजी खान इलाके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार युवक मध्यप्रदेश का निवासी होना बताया जा रहा था। उस समय जब भारतीय पुलिस और इंटेलिजेंस को इस युवक की जानकारी निकाली तो पता चला कि वह मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के इंधावड़ी गांव का रहने वाला राजू है।</p>
<p>पुलिस ने जब खंडवा जिले के ग्राम इंधावड़ी आकर राजू के परिजनों को वह तस्वीर दिखाई तो उन्होंने उसे तुरंत अपने बेटे के रूप में पहचान लिया। उन्होंने बताया कि राजू मानसिक रूप से कमजोर है और अक्सर घर से बाहर चला जाता था और कुछ दिनों बाद वापस लौट आता था, लेकिन इस बार जब लम्बे समय तक वह नहीं लौटा तो सभी चिंतित थे, लेकिन वह भटककर पाकिस्तान पहुंच जायेगा यह उन्हें कल्पना भी नहीं थी। घर वालों को आशंका है कि वह किसी ट्रक सवार होकर राजस्थान चला गया होगा और वहां से भटककर गलती से पाकिस्तान चला गया होगा।</p>
<p>इस दौरान राजू की वापसी के लिए उसके परिजन बहुत भटके, हर स्तर पर गुहार की। वो आर्थिक तंगी में आकर कर्ज में भी डूब गए। अब राजू की वापसी की खबरों से घर में खुशियां लौट आई है। राजू की मां बसंता कहती हैं कि 'हम बैचेन हो गए थे, उसे आँखे देखने को तरस रही है। कैसे स्वागत करें उसका ऐसा लगता है खुशी के मारे झूम जाएँ उस पर।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Feb 2023 12:43:30 +0530</pubDate>
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                <title>नीदरलैंड ने जासूसी के आरोप में रूसी राजनयिकों को निष्कासित करने की घोषणा की</title>
                                    <description><![CDATA[होकेस्ट्रा ने कहा कि मास्को में डच दूतावास खुला रहेगा। रूस की आरआईए नोवोस्ती समाचार एजेंसी ने बताया कि डच सरकार के इस निर्णय के बाद रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह नीदरलैंड द्वारा अपने राजनयिकों की संख्या को सीमित करने के फैसले का जवाब देगा।    ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/netherlands-announces-expulsion-of-russian-diplomats-on-charges-of-espionage/article-37683"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/untitled-1-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>हेग। सरकार ने जासूसी के आरोप में रूस के कई राजनयिकों को निष्कासित करने की घोषणा की। विदेश मंत्री वोपके होकेस्ट्रा ने कहा कि मॉस्को  में डच दूतावास में काम करने वाले राजनयिकों की संख्या की तुलना में  नीदरलैंड हेग में रूस के दूतावास में अधिक राजनयिकों को काम करने की अनुमति नहीं देगा। </p>
<p>उन्होंने कहा कि रूसी दूतावास के करीब 10 कर्मचारियों को नीदरलैंड छोडऩा होगा। एम्स्टर्डम में रूसी व्यापार कार्यालय 21 फरवरी से बंद हो जाएगा। इसके अलावा सेंट पीटर्सबर्ग में डच वाणिज्य दूतावास 20 फरवरी से बंद हो जाएगा।</p>
<p>होकेस्ट्रा ने कहा कि मास्को में डच दूतावास खुला रहेगा। रूस की आरआईए नोवोस्ती समाचार एजेंसी ने बताया कि डच सरकार के इस निर्णय के बाद रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह नीदरलैंड द्वारा अपने राजनयिकों की संख्या को सीमित करने के फैसले का जवाब देगा।    </p>
<p>नीदरलैंड ने मार्च 2022 में कथित जासूसी के लिए 17 रूसी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। इसके जवाब में रूस ने तब 15 डच राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Feb 2023 12:28:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चीनी सर्विलांस बैलून के साइड इफेक्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ चीन का कहना है कि अमेरिका के इस कदम से  चीन-अमेरिकी रिश्ते गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कोई दोराय नहीं कि चीन-अमेरिकी संबंधों में चल रही तनातनी के बीच बैलून प्रकरण ने एक तरह से आग में घी डालने का काम किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/side-effects-of-chinese-surveillance-balloons/article-37515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/e2.jpg" alt=""></a><br /><p>अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ रहे चीन के सर्विलांस बैलून को नष्ट कर दिए जाने के बाद चीन-अमेरिकी संबंधों में तनाव का नया दौर शुरू हो गया है। सर्विलांस बैलून को नष्ट कर दिए जाने की घटना से  चीन इस कदर आहत हुआ है कि उसने वाशिंग्टन को अंजाम भुगतने की धमकी दे दी है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैसी पेलोसी के ताइवान दौरे के बाद चीन-अमेरिका रिश्तों में कड़वाहट का जो दौर शुरू हुआ है, वह चीन-अमेरिकी संबंधों के इतिहास के सबसे बुरे दौर में पहुंच गया हैं। पेलोसी के ताइवान दौरे को लेकर भी चीन अमेरिका को भारी कीमत चुकाने की धमकी दे चुका है। <br /><br />चीन का कहना है कि अमेरिका के इस कदम से  चीन-अमेरिकी रिश्ते गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कोई दोराय नहीं कि चीन-अमेरिकी संबंधों में चल रही तनातनी के बीच बैलून प्रकरण ने एक तरह से आग में घी डालने का काम किया है। सवाल यह है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और ताईवान मसले के बाद चीन-अमेरिका संबंधो पर बैलून प्रकरण के साइड इफेक्ट किस रूप में सामने आएंगे। पूरे घटनाक्रम का बारिकी से विश्लेषण करें तो साफ  तौर पर कहा जा सकता है कि अमेरिकी सुरक्षा बलों द्वारा बैलून को  गिराए जाने के बाद जिस तरह से चीन की ओर से प्रतिक्रिया आई है, वह आवश्यकता से अधिक कठोरता लिए हुए है। बड़ी सामान्य सी बात है कि अमेरिका या किसी दूसरे प्रतिद्वंद्वी राष्टÑ का गुब्बारा चीन की हवाई सीमाओं में प्रवेश कर जाता तो चीन की क्या प्रतिक्रिया होती। क्या उसकी पीपल्स लिब्रेशन आर्मी चुपचाप उसे चीनी आसमान में उड़ते हुए देखती रहती। हालांकि, चीन बार-बार सफाई दे रहा था कि यह मौसम संबंधी जानकारियां जुटाने वाला सामान्य गुब्बारा है, जो हवा के बहाव की वजह से अमेरिकी सीमा में चला गया, लेकिन इसे मार गिराए जाने के बाद जिस तरह की तल्ख प्रतिक्रिया चीन की ओर से आई है, उससे इन आशंकाओं को बल मिलता है कि निसंदेह बैलून का मकसद कुछ ओर ही था। बैलून चाहे जासूसी के मकसद से अमेरिकी सीमाओं में आया हो या रस्ता भटकने के कारण, लेकिन इसने चीन-अमेरिकी रिश्तों की सामान्य होती प्रक्रिया पर जरूर पानी फैर दिया है!<br /><br />सच तो यह है कि पिछले एक दशक में चीन-अमेरिकी संबंध लगातार तल्ख हुए हैं। पूर्व राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में कारोबारी युद्ध के चलते दोनोें देशों के रिश्ते प्रभावित हुए। साल 2021 राष्टÑपति जो बाइडेन के सत्ता में आने के बाद भी रिश्तों में तल्खीयत बनी रही। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल से दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव के नए मोर्चें खुल गए। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी  अमेरिका की भृकुटियां तनी हुई हैं। ताइवान के मोर्चें पर भी चीन के आक्रामक रूख ने दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य नहीं होने दिया। लेकिन इन सबके बावजूद कूटनीति अपना काम करती रही और धीरे-धीरे रिश्तों पर जमी बर्फ  के पिघलने के आसार दिखने लगे थे। पांच साल बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के चीन जाने का कार्यक्रम तय हुआ, लेकिन बैलून प्रकरण ने ब्लिंकन के दौरे की भी हवा निकाल दी है। हालांकि, इस बात की संभावना बहुत कम थी कि ब्लिंकन के दौरे से रसालत में जा चुके चीन-अमेरिका संबंधों में कोई बहुत बड़ा परिर्वतन होने वाला था, लेकिन ब्लिंकन का दौरा हो पाना ही अपने आप में एक बड़ी बात होती। शस्त्रु देशों की खुफिया व रणनीतिक जानकारी प्राप्त करने में जासूसी गुब्बारों के प्रयोग किए जाने का इतिहास काफी पुराना रहा है। फ्रांसीसी क्रांति के दौरान 1794 में आॅस्ट्रीयन और डच सैनिकों के खिलाफ  फनेरस की लड़ाई में पहली बार जासूसी गुब्बारों का इस्तेमाल किया गया।  1861 से 1865 के बीच अमेरिकी नागरिक युद्ध के दौरान भी जासूसी गुब्बारों के इस्तेमाल किए जाने के प्रमाण मिलते हैं। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जासूसी गुब्बारों का प्रयोग किया गया था। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान ने बम ले जाने वाले गुब्बारे छोड़े थे। इनमें से कई अमेरिका और कनाडा तक पहुंचे थे। युद्ध में जापानी सेना ने इन गुब्बारों को जरिए अमेरिकी क्षेत्र में बमबारी की कोशिश की थी। हालांकि, इनकी सीमित नियंत्रण क्षमताआें की वजह से अमेरिका के सैन्य निशानों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन कुछ बम रियाशी क्षेत्रों में गिरे थे जिसकी जद में आने से कई आम नागरिकों की जान चली गई थी। शीतयुद्ध के दौरान सोवियत संघ और अमेरिका द्वारा ऐसे गुब्बारों का इस्तेमाल किया गया था।  सच तो यह है कि सर्विलांस बैलून खुफिया जानकारी एकत्र करने का सबसे  विश्वसनीय और सस्ता तरीका है। एडवांस कैमरे से युक्त होने के कारण यह बैलून  क्लोज-रेंज यानी पास की निगरानी के लिए बेहद उपयुक्त होते हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि यह सैटेलाइट के मुकाबले ज्यादा आसानी से और ज्यादा देर तक किसी इलाके को स्कैन कर सकते हैं। 24000 से 37000 फिटकी ऊंचाई पर उड़ सकने में सक्षम होने के कारण जमीन से इनकी निगरानी करना बेहद मुश्किल होता हैं। चीन का जासूसी गुब्बारा जो अमेरिका के आसमान में उड़ रहा था उसकी क्षमता 60 हजार फिट थी।                        <br /><br />-डॉ. एन.के. सोमानी<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Feb 2023 09:55:33 +0530</pubDate>
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                <title>ISI के लिए जासूसी का संदेह : संदिग्ध व्यक्ति हिरासत में</title>
                                    <description><![CDATA[एवं वायुसेना की  गोपनीय एवं सामरिक सूचनाएं सीमा पार भिजवाने का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaisalmer/isi-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B9---%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82/article-2756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/arrest1.jpg" alt=""></a><br /><p>जैसलमेर।  राजस्थान के सीमांत जैसलमेर जिले के चांधण क्षेत्र से एक संदिग्ध व्यक्ति को पाकिस्तानी खुफिया ऐजेन्सी आईएसआई के लिए जासूसी करने के संदेह में हिरासत में लिया गया हैं।  आईएसआई के जाल में फंसकर सेना एवं वायुसेना की  गोपनीय एवं सामरिक सूचनाएं सीमा पार भिजवाने एवं आईएसआई के लिए जासूसी करने  के संदेह में गुरुवार को जयपुर से आई इंटेलीजेन्स की टीम ने चांधण क्षेत्र से इस संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। <br /> <br /> एटीएस इंटेलीजेन्स के महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि एक संदिग्ध व्यक्ति को इंटेलीजेन्स टीम ने जैसलमेर के चांधण  क्षेत्र से हिरासत में लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। उसे  पाकिस्तान में बैठा पीआईओ हैण्डल कर रहा था। अभी यह खुलासा नहीं हुआ हैं कि  उसने सीमा पार कौनसी गोपनीय सामग्री भेजी है। जांच पड़ताल की जा रही है।  उसे पूछताछ के लिये जयपुर ले जाया गया है। <br /> <br /> आईएसआई जैसलमेर के लाठी, चांधण, पोकरण, खेतोलई आदि क्षेत्र जहां पर 12 महीनों सेना एवं वायुसेना की फायङ्क्षरग एवं ऑपरेशनल गतिविधियां चलती रहती हैं के संबंध में जानकारी जुटाने के लिये यहां पर सरपंच, पूर्व सरपंच तथा अन्य कई स्थानीय लोगों को अपने जाल में फंसाने की हर समय लगातार कोशिश करती रहती है। इसी कड़ी में जैसलमेर के चांधण क्षेत्र में एक ई मित्र चलाने वाले एक स्थानीय ववक्ति नबाब खान को आईएसआई ने अपने जाल में फंसाया तथा उसे सेना एवं वायुसेना की सामरिक सूचनाएं हासिल करने की कोशिश की।<br /> <br /> नबाब खान (35) की रिश्तेदरियां पाकिस्तान के सिंध प्रांत में है और ऐसे में वह तीन चार मर्तबा पाकिस्तान भी जा चुका है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान जाने के दौरान आईएसआई के एक अधिकारी के वह सम्पर्क में आया तथा उसे लालच देकर भारतीय सेना, वायु सेना की गोपनीय एवं सामरिक सूचनाएं भेजने के लिए तैयार किया गया। <br /> <br /> भारतीय खुफिया ऐजेन्सी द्वारा इस युवक पर नजर रखी जा रही थी। नबाब खान अपने ई मित्र शॉप पर सेना एवं वायु सेना के कर्मियों द्वारा फोटोकॉपी कराने के लिये लाने वाले दस्तावेजों की अतिरिक्त कापियां धोखे से रख लेता था तथा उन्हें सोशियल मीडिया के जरिये सीमा पार भेज देता था, इसके बदले उसे आईएसआई से पैसा भी मिलने की जानकारी सामने आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जैसलमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Nov 2021 16:26:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दैनिक नवज्योति स्पेशल : ना ‘पाक’ हरकत: हुस्न और रुपयों का लालच देकर करवाते हैं जासूसी</title>
                                    <description><![CDATA[इंटेलीजेंस की सक्रियता से दबोचे गए सूचना देने वाले : तीन साल में जासूसी करते पकड़े गए 17 जासूस : मात्र दस हजार से लेकर 30 हजार रुपए में ही बेच दिया ईमान और दी जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%B2---%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E2%80%98%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%95%E2%80%99-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%A4--%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%80/article-1738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/indian-army-pakistani-spies-07-1488885229.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। प्रदेश की सीमा से सटे जिलों में आर्मी कैम्प की जानकारी लेने के लिए पाक आए दिन नापाक हरकत करता रहता है। पाकिस्तानी की सक्रिय आतंकवादी एजेंसियां जानकारी जुटाने के लिए प्रयास करती हैं। भारतीय सेना से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए पाक महिला हैण्डलिंग अफसर भी पीछे नहीं हैं। सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश में सीमा से सटे लोगों से जानकारी जुटाने के लिए महिलाएं दोस्ती करती हैं और चेटिंग कर हनीट्रैप में फंसाकर जानकारी जुटाती हैं। ऐसे छह मामलों में 11 लोगों को फंसाकर जानकारी जुटाई। इसके अलावा अन्य 6 लोगों को रुपयों का लालच देकर आर्मी कैम्प और बीएसएफ पोस्ट की जानकारी ली। कोई बड़ी जानकारी लीक होती इससे पहले ही प्रदेश की इंटेलीजेंस शाखा ने इन्हें दबोच लिया। पाकिस्तान के लोगोें ने यह जानकारी व्हाट्सएप के जरिए ली। जब इंटेलीजेंस ने जांच की तो सामने आया कि मात्र 10 से 30 हजार रुपए तक ही पाकिस्तान की ओर से भेजे गए थे। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>एक नजर में जासूसी</strong></span></span></span><br /> 11 जनवरी, 2019 : महिला के हुस्न को देखकर और रुपए के लालच में फंसे सोमवीर निवासी रोहतक हरियाणा हाल 75 आर्म्ड बटालियन जैसलमेर, इरफान बेग निवासी सुईवालान चांदनी महल दिल्ली, शाहनवाज उर्फ साहिल उर्फ सुल्तान निवासी बाजार मटिया महल जामा मस्जिद दिल्ली, मोहम्मद परवेज निवासी गली पत्तेवाली सुईवालान चांदनी महल दिल्ली ने पाक हैण्डलिंग अफसर को सेना से संबंधित गोपनीय सूचनाएं दी और रुपए प्राप्त किए।</p>
<p><br /> 12 मार्च, 2019 : नबाव खां निवासी भांका जैसलमेर ने रुपयों के लालच में आकर सेना से संबंधित जानकारी पाक हैण्डलिंग अफसर को भेजी।</p>
<p><br /> 6 नवम्बर, 2019 : बिचित्र बेहरा निवासी निवासी आकारोड़ा हिजिलिकाटू उड़ीसी हाल पोकरण जैसलमेर ने रुपए व हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना से संबंधित सामरिक महत्व की गोपनीय सूचनाएं पाक महिला हैण्डलिंग अफसर को भेजी।</p>
<p><br /> 8 जून, 2020  : विकास कुमार निवासी किसारी बहादुरवास मंडावा झुंझुनूं हाल सिविलियन डिफेंस ट्रेडमैन एफएडी और चिमन लाल निवासी अजीतमाना लूणकरणसर बीकानेर हाल संविदाकर्मी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज बीकानेर ने रुपयों व हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना की सूचनाएं व्हाट्सएप के जरिए पाक एजेंसी को भेजी।</p>
<p><br /> 27 अगस्त, 2020  : मुस्ताक अली निवासी बामरला डेर भंवार सेड़वा बाड़मेर ने रुपयों के लालच में सेना की गोपनीय जानकारी पाक हैण्डलिंग अफसर को भेजी।</p>
<p><br /> 26 अक्टूबर, 2020  : रोशनदीन निवासी सरूपे का तला बिजराड बाड़मेर ने रुपयों के लालच में अहम जानकारी पाकिस्तानी को भेजी।</p>
<p><br /> 31 अक्टूबर, 2020  : रामनिवास निवासी बाजवास पीलवा नागौर हाल चालक एमईएस सीएमडी ओजी एजीई कार्यालय निवारू जयपुर ने हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना से संबंधित जानकारी लीक की। ये जानकारी व्हाट्सएप के जरिए भेजी है।</p>
<p><br /> 10 जनवरी, 2021  : सत्यनारायण पालीवाल निवासी लाठी जैसलमेर ने हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना से संबंधित जानकारी पाक महिला हैण्डलिंग अफसर को जरिए व्हाट्सएप पर भेजी।</p>
<p><br /> 13 मार्च 2021  : आकाश महरिया निवासी मालसर बलारा सीकर हाल सिपाही जाट रेजीमेंट ने हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना से संबंधित जानकारी व्हाट्सएप पर भेजी।</p>
<p><br /> 15 जुलाई, 2021  : कवलजीत सिंह निवासी न्यूकोट आत्माराम सुल्तान बिंडरोड बी-डिवीजन अमृतसर पंजाब और अर्जुन कुमार निवासी बकेनवाला बोदीवाला फजलिका पंजाब ने मादक पदार्थों की तस्करी की एवज में अन्तरराष्ट्रीय सीमा व बीएसएफ की गोपनीय सूचनाएं व्हाट्सएप पर भेजी।</p>
<p><br /> 10 अगस्त, 2021  : भरत निवासी खेड़ापा जोधपुर हाल एमटीएस रेलवे डाक सेवा जयपुर हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर महिला पाक हैण्डलिंग अफसर  को आर्मी से संबंधित पत्रों की सूचनाएं व्हाट्सएप पर भेजी।</p>
<p><br /> 16 सितम्बर, 2021 :संदीप कुमार निवासी नरहड़ पिलानी झुंझुनूं ने रुपयों के प्रलोभन में आकर आर्मी कैम्प नहरड़ के फोटोग्राफ्स एवं संवेदनशील गोपनीय सूचनाएं व्हाट्सएप से पाक हैण्डलिंग अफसर को भेजी।</p>
<p><br /> 14 अक्टूबर 2021 : मिलट्री इंजीनियरिंग सर्विस के तहत चीफ  इंजीनियर जोधपुर जोन एमईएस के अधीन कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामसिंह को इंटेलीजेंस टीम ने पाकिस्तानी महिला हैण्डलर के हनीट्रैप में फंसकर उसे सूचनाएं भेजने के मामले में गिरफ्तार किया। यह पत्रावलियों को इधर-उधर ले जाने एवं फोटो स्टेट मशीन चलाने आदि कार्य के दौरान वह दस्तावेजों की फोटो अपने मोबाइल फोन से खींच कर भेज रहा था। महिला पाक हैण्डलर ने इसे शादी करने का झांसा दिया था।</p>
<p>हनीट्रैप या रुपयों के लालच में आकर किसी ने भी कोई जानकारी दी है, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी अनजान व्यक्ति को कोई भी किसी तरह से आर्मी या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं दें और सोशल मीडिया पर किसी से भी सम्पर्क पहचान होने के बाद ही करें। <br /><strong>-उमेश मिश्रा, महानिदेशक पुलिस इंटेलीजेंस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 11:17:59 +0530</pubDate>
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