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                <title>असर खबर का -अब सर्दी में खुले में सोने वालों को मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दी में खुले में सोने वालों की पीड़ा के मुद्दे को दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 27 नवम्बर के अंक में पेज दो पर ‘ खुला आसमान, हम हैं परेशान, बता जिंदगी किस ओर है जाना’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें शहर में जगह-जगह रात को फुटपाथ  व सड़क किनारे सोने वालों की पीड़ा को उजागर किया गया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-those-who-sleep-in-the-open-in-winter-will-get-relief/article-30957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/asar-khaber-ka--ab-sardi-mei-khule--sone-walo-ko-milegi-rahat....kota-news...28.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सर्दी के मौसम में फुटपाथ  व खुले में सोकर रात गुजारने वालों को राहत प्रदान करने के लिए स्वायत्त  शासन मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश के बाद नगर निगम ने रविवार को रेन बसेरे शुरू कर दिए हैं। वहीं खुले में सोने वालों को रैन बसेरों में जाने के लिए नगर निगम द्वारा जागरूक किया जाएगा। रैन बसेरों में सर्दी से बचाव के लिए रजाई गद्दे व अलाव के इंतजाम के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रदेश के साथ ही कोटा में भी रात का तापमान लगातार कम हो रहा है। जिससे यहां सर्दी का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में खुले में सोकर फुटपाथ पर रात गुजारने वालों को अब इससे राहत मिलेगी। नगर निगम कोटा उत्तर के आयुक्त वासुदेव मालावत ने बताया कि  स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश पर कोटा में 4 स्थाई रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं।  जिनमें नयापुरा बस स्टैंड, एमबीएस अस्पताल,  महिलाओं के लिए जेके लोन  अस्पताल परिसर व भीमगंज मंडी सेक्टर 7 के रैन बसेरे शामिल हैं। जहां में सभी सुवुधिाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ-साथ 2 अस्थाई रैन बसेरे भी शुरू कर दिए हैं। जिनमें से एक हिंदू धर्मशाला  व दूसरा सूरजपोल सेक्टर आॅफिस में संचालित किया गया हैं।  वहीं इस सप्ताह में कोटडी , कुन्हाड़ी  व महात्मा गांधी कॉलोनी स्टेशन क्षेत्र में भी रैन बसेरा शुरू किए जाएंगे । जहां रजाई गद्दे, पेयजल व अलाव की व्यवस्था की जाएगी।  साथ ही भोजन भी इंदिरा रसोई के माध्यम से निशुल्क कराया जाएगा। मालावत ने बताया कि सर्दी का प्रकोप बढ़ते ही आवश्यकतानुसार कोटा में रैन बसेरों की तादाद में बढ़ोतरी की जाएगी । इसके साथ ही निगम द्वारा फुटपाथ  व खुले  में नीचे सोकर सर्द रात गुजार ने वालों को राहत प्रदान करने के लिए रैन बसेरों का प्रचार-प्रसार भी आॅटो के माध्यम से किया जाएगा। जिससे फुटपाथ पर सोने वाले लोगों को रैन बसेरे की सुविधा और सर्दी से राहत मिल सके। इधर स्वायत्त शासन मंंत्री शांति धारीवाल ने निर्देश दिए  हैं कि आवश्यकता अनुसार सर्दी के  प्रकोप को देखते हुए रैन बसेरों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि सर्दी में खुले में सोने वालों की पीड़ा के मुद्दे को दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 27 नवम्बर के अंक में पेज दो पर ‘ खुला आसमान, हम हैं परेशान, बता जिंदगी किस ओर है जाना’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें शहर में जगह-जगह रात को फुटपाथ  व सड़क किनारे सोने वालों की पीड़ा को उजागर किया गया था। वहीं सर्दी शुरू होने के बाद भी निगम द्वारा अभी तक अस्थायी रैन बसेरे शुरू नहीं करने का मुद्दा भी उठाया था। समाचार प्रकाशित होते ही मंत्री धारीवाल ने निगम अधिकारियों को रैन बसेरे शुरू करने के निर्देश दिए। जिसके बाद निगम अधिकारी हरकत में आए और रविवार को ही रैन बसेरे शुरू कर दिए। </p>
<p><strong>निगम ने ऑटो से कई लोगों को पहुंचाया रैन बसेरों में</strong><br />सर्दी बढ़ने के साथ ही नगर निगम ने स्थायी व अस्थायी रैन बसेरे तो शुरू कर दिए। साथ ही रात को खुले में सोने वालों को भी समझाइश कर उन रैन बसेरों में पहुंचाने का काम भी रविवार रात से शुरू कर दिया। नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र में निगम का कर्मचारी चेतन गौतम रात को ऑटो लेकर निकला। उसने सड़क किनारे जो भी लोग बैठे हुए थे और सोने की तैयारी कर रहे थे। उन लोगों को रैन बसेरों की जानकारी दी और ऑटो में बैठाकर उन्हें रैन बसेरों तक पहुंचाया।</p>
<p> नयापुरा क्षेत्र से कई लोगों को एमबीएस अस्पताल के रैन बसेरे में भेजा गया। जहां उनके रहने के लिए पलंग, बिस्तर की व्यवस्था तो की गई। साथ ही पीने के पानी के कैम्पर रखे गए और जन सुविधा के बारे में भी बताया।  नगर निगम कोटा उत्तर के अतिरिक्त आयुक्त अशोक त्यागी ने बताया कि निगम क्षेत्र में जहां भी आवश्यकता होगी वहां जन सुविधा होने पर रैन बसेरे शुरू किए जा सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Nov 2022 15:07:51 +0530</pubDate>
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                <title>वेबसाइट पर डालनी होगी फीस लौटाने की जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[ शिक्षा नगरी कोटा में विद्यार्थियों को तनाव रहित वातावरण में शिक्षा मिले इसके लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की घटना और फीस पॉलिसी को लेकर जिला प्रशासन अब गंभीर नजर आ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/information-about-refund-of-fees-will-have-to-be-put-on-the-website/article-10415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/website-par-fees.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा । कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मानसिक संबल एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा जारी निर्देशों की पालना एवं क्रियान्विति के संबन्ध में मंगलवार को  कलक्टर हरिमोहन मीना की अध्यक्षता में यूआईटी आॅडिटोरियम में कार्यशाला का आयोजन किया गया।  जिसमें अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा, उपायुक्त नगर निगम गजेन्द्र सिंह, उप सचिव मोहम्मद ताहिर सहित कोचिंग व हॉस्टल एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं वार्डन मौजूद रहे।  कलक्टर ने कहा कि कोटा की पहचान शैक्षणिक नगरी के रूप में जानी जाती है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थान के साथ-साथ हॉस्टल एवं उनमें कार्यरत वार्डन को इस प्रकार से प्रशिक्षित किया जाए कि वे विद्यार्थियों में होने वाले मानसिक तनाव को पहचान सकें। हम सभी को मिलकर समन्वित प्रयास करने होंगे तभी जाकर हम विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को साकार करने में अपनी सहभागिता निभा सकेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का जीवन अमूल्य है और विद्यार्थी ही देश का आने वाला भविष्य है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने नवाचार के तौर पर आॅपरेशन सम्बल अभियान के तहत पात्र लोगों को लाभान्वित करने में कोटा प्रथम रहा है।  इस अभियान की सफलता से ही प्रशासन कोटा में विभिन्न प्रदेश से आने वाले विद्यार्थियों को इको फ्रेंडली एवं तनाव मुक्त शै़क्षणिक वातावरण किस प्रकार से मिले इस ओर कदम बढ़ा रहा है। <br /><br /><strong>कोचिंग व हॉस्टलों में शुल्क और रेट लिस्ट की लगानी होगी सूची</strong><br />कलक्टर ने कहा कि  प्रशासन द्वारा विभिन्न कोचिंग एवं हॉस्टल संस्थानों में लिए जाने वाले शुल्क को लेकर रेट कानून के तहत जो प्रावधान हैं उसे अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगाा। उन्होंने कहा कि अपने-अपने संस्थानों में प्रशिक्षित मनोचिकित्सक की नियुक्ति की जाए जिससे यदि कोई विद्यार्थी मानसिक तनाव में हो तो उसकी तुरंत काउंसलिंग की जाए। उसकी शंका व समस्याओं का समाधान किया जाए। <br /><br /><strong>इको फ्रेंडली एवं तनाव मुक्त शै़क्षणिक वातावरण तैयार करें</strong><br />नगर निगम उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन, कोचिंग संस्थान एवं हॉस्टल एसोसिएशन मिलकर विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण बनाने के आवश्यकता है। हम सभी को विद्यार्थियों को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना होगा तभी जाकर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे इस पुनीत अभियान की सार्थकता सिद्ध हो सकेगी। कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज के डॉ. विनोद कुमार दंडिया ने पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों में होने वाले मानसिक तनाव एवं उसके रोकथाम के लिए किए जाने वाले प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि व वार्डन मौजूद रहे। <br /><br /><strong>शीघ्र तैयार होगा एप, हर सप्ताह मॉनिटरिंंंग करेगी आठ सदस्यीय टीम</strong> <br /><br /> कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में विद्यार्थियों को तनाव रहित वातावरण में शिक्षा मिले इसके लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की घटना और फीस पॉलिसी को लेकर जिला प्रशासन अब गंभीर नजर आ रहा है। कोचिंग संस्थानों व हॉस्टलों की मनमानी फीस वसूली रोकने, ईजी एजिक्ट पॉलिसी को कढ़ाई से लागू करने के लिए कलक्टर हरिमोहन मीणा सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कोचिंग व हॉस्टलों के लिए एक गाइड लाइन तैयार की जा रही है जो जून माह से लागू हो जाएगी। कोचिंग संस्थानों व हॉस्टलों पर निगरानी के लिए आठ सदस्यों की टीम हर सप्ताह मॉनिटरिंग कर बच्चों व अभिभावकों की समस्याओं का समाधान करेगी। संस्थानों को फीस लौटाने संबंधी जानकारी अपनी वेब साइट पर डालनी होगी जिससे पारदर्शिता बनी रहे। <br /><br /><strong>नवज्योति ने जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा से विस्तार में बातचीत की, प्रस्तुत हैं इसके अंश-</strong><br /><br /><strong>-    ईजी एजिक्ट पॉलिसी की पालना सही से हो रही इसका आमजन को कैसे पता चलेगा ?</strong><br />-      ईजी एजिक्ट पॉलिसी की पालना और फीस लौटाने में पारदर्शिता बनाने के लिए हर कोचिंग संस्थान और हॉस्टल में फीस शुल्क की सूची लगवाई जाएगी। जिससे मनमानी फीस पर अंकुश लगेगा। साथ ही किसी कारणवश विद्यार्थी बीच में कोचिंग और हॉस्टल छोड़ता है तो उसकी अमानत राशि लौटाने के नियम भी बोर्ड पर डिसप्ले करने होंगे। <br /><br /><strong>-     फीस नहीं लौटाने की दशा में अभिभावक कहां शिकायत करें ?</strong><br />-    कोचिंग व हॉस्टलों की मनमानी रोकने और तनाव रहित वातावरण तैयार करने के लिए हर कोचिंग व हॉस्टल में प्रशासन के हेल्प लाइन नंबर और ई-मेल आइडी का बोर्ड लगाया जाएगा। ताकि अभिभावक और बच्चे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हर सप्ताह प्रशासन की ओर से गठित टीम मॉनिटरिंग करेगी और मेल पर आई शिकायतों के निस्तारण पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।<br /><br /><strong>-      कोचिंग संस्थानों द्वारा निस्तारण की गई समस्याओं की कहां मिलेगी जानकारी?</strong><br />-     कोचिंग संस्थानों को अभिभावकों की फीस और अन्य समस्याओं के निस्तारण की जानकारी अपनी वेबसाइट पर डालनी होगी। इसके  जरिये की गई कार्रवाई का सबको पता चल सकेगा और इस मामले में पारदर्शिता बनी रहेगी। इसके अलावा फीस लौटाने और अन्य शिकायतों के निस्तारण और पेडिंग की जानकारी संस्थानों के एप और वेबसाइट पर डालनी होगी। <br /><br /><strong>-     नियमों की पालना सही से हो रही है या नहीं इसके लिए क्या चैक पॉइंट हैं ?</strong><br />-     एडीएम सिटी के नेतृत्व में आठ सदस्यों की टीम गठित की है। हमारी हेल्प लाइन के नंबर और ई मेल आइडी के बोर्ड लगाना शुरू हो गया है। एडीएम सिटी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। किन- किन संस्थानों में बोर्ड लगा लिए, किसने नहीं लगाए उनको पाबंद किया जाएगा। जून के पहले सप्ताह से गाइड लाइन की पूरी पालना होना शुरू हो जाएगा। <br /><br /><strong>-    आत्महत्या कर चुके विद्यार्थियों की फीस लौटाने को लेकर क्या नियम बनाए हैं?</strong> <br />-      कोचिंग व हॉस्टलों में फीस ईजी एजिक्ट पॉलिसी तैयार की है। जिसमें कोटा के किसी भी कोचिंग संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गाइडलाइन के अनुसार फीस रिफण्ड करते समय मापदंडों को आधार माना जाएगा। जिनमें यदि विद्यार्थी के परिवार में माता-पिता अथवा निजी संबंधी की मृत्यु हो जाने या गम्भीर रोग से ग्रसित होने जाने पर, यदि विद्यार्थी कोचिंग प्राप्त करने के दौरान मानसिक तनाव में आ जाता है तो मेडिकल रिपोर्ट या कोचिंग के मनोचिकित्सक की रिपोर्ट के आधार पर कोचिंग छोड़ने पर फीस रिफण्ड की जा सकेगी। हाल में एलन के  विद्यार्थी रितेश द्वारा आत्महत्या करने के बाद उसकी फीस रिफंड हुई या नहीं इसकी जानकारी ली जाएगी। नियमानुसार उसकी फीस रिफंड करवाई जाएगी। <br /><br /><strong>-      विद्यार्थियों को तनाव रहित वातावरण में शिक्षा मिल रही है इसकी मॉनिटरिंग कैसे होगी?</strong> <br />-      कोचिंग व हॉस्टलों को हर माह मनोरंजन और खेल गतिविधियां करने के लिए पाबंद किया है। एक मनोचिकित्सक नियुक्त करने का भी गाइड लाइन में नियम बनाया है। तनाव वाले विद्यार्थियों की हर सप्ताह काउसलिंग करने लिए कहा है। इन नियमों की पालना के लिए प्रशासन की टीम कोचिंग व हॉस्टलों का औचक निरीक्षण करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 May 2022 16:52:58 +0530</pubDate>
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                <title>मंकीपॉक्स को लेकर WHO का बयान: अफ्रीका के बाहर अन्य देशों में मंकीपॉक्स के प्रसार को रोकने के लिए सामूहिक टीकाकरण की आवश्यकता नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[मंकीपॉक्स के मामलों में उपयोग के लिए कुछ जीनोस वैक्सीन खुराक जारी करने की प्रक्रिया में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/who-statement-regarding-monkeypox--mass-vaccination-is-not-needed-to-prevent-the-sparead-of-monkeypox/article-10324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/monkey1.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन।  विश्वभर में मंकीपॉक्स का डर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई देशों की सरकारें इसको लेकर गंभीरता भी दिखा रही है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि अफ्रीका के बाहर अन्य देशों में प्रसारित हो रहे मंकीपॉक्स वायरस को रोकने के लिए सामूहिक टीकाकरण की आवश्यकता नहीं है, बल्कि साफ-सफाई का पर्याप्त ध्यान रखकर ही इसे नियंत्रित किया जा सकता है। खलीज टाइम्स ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी।<br /><br />डब्ल्यूएचओ (यूरोप) में अधिक जोखिम वाले बीमारियों पर शोध करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले रिचर्ड पेबॉडी ने कहा है कि टीकों और एंटीवायरल की तत्काल आपूर्ति अपेक्षाकृत सीमित है। पेबॉडी की टिप्पणी तब आई जब अमेरिका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने घोषणा की कि यह मंकीपॉक्स के मामलों में उपयोग के लिए कुछ जीनोस वैक्सीन खुराक जारी करने की प्रक्रिया में है।<br /><br />ठीक इसी तरह से जर्मनी की सरकार ने भी सोमवार को कहा कि उनके द्वारा संक्रमण के रोकथाम के लिए टीकाकरण के विकल्प का आंकलन किया जा रहा है, जबकि ब्रिटेन में स्वास्थ्यकर्मियों को मंकीपॉक्स के खिलाफ टीकाकृत किए जाने की बात कही गई है। यूरोप और उत्तरी अमेरिका में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा अधिकारी सौ से अधिक संदिग्ध और पुष्ट मामलों की जांच में लगे हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, वायरस को नियंत्रित करने का सबसे पहला उपाय इससे संक्रमित हुए मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें आइसोलेट करना है। <br /><br />उल्लेखनीय है कि यह आसानी से फैलने वाली बीमारी नहीं है और न ही इसके परिणाम घातक हैं। विशेषज्ञों ने इस बात की भी चेतावनी दी कि इससे निपटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टीकों के कुछ महत्वपूर्ण दुष्परिणाम भी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 11:55:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रदेश में मिल रहा सुगम और सुरक्षित परिवहन, सड़क दुर्घटना रोकना हम सभी की जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में शीघ्र शुरू होगी ग्रामीण बस सेवा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--easy-and-safe-transport-is-being-provided-in-the-state--it-is-the-responsibility-of-all-of-us-to-prevent-road-accidents--chief-minister-gehlot/article-9060"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/cm-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सड़क सुरक्षा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है। हर व्यक्ति को परिवहन नियमों की पालना करनी चाहिए, तभी मिलकर सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय अधिकारी विभिन्न माध्यमों से परिवहन नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करें। साथ ही अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी करें।</p>
<p><br /> गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुगम और सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। उन्होंने 30 जून तक परिवहन विभाग के कर संग्रहण केंद्रों को बंद कराकर पूरी तरह से ऑनलाइन राशि जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा परिवहन सेवाओं को ऑनलाइन किया जाए। मुख्यमंत्री ने वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट एवं लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक भी ड्राइविंग लाइसेंस बिना टेस्ट लिए नहीं बनें, इसकी सुनिश्चिता की जाए। साथ ही उन्होंने ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को लागू कराने और सीएनजी नीति को समयबद्ध लागू कराने के दिशा-निर्देश प्रदान किए।</p>
<p><br /><strong>ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध चलाए संयुक्त अभियान</strong><br /> गहलोत ने कहा कि प्रदेश में वाहनों की ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग पर अंकुश लगाया जाए। इसके लिए परिवहन, पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त जांच अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करें। चालान और वाहनों की जब्ती के साथ-साथ संबंधित वाहन मालिक, चालक के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाए।</p>
<p><br /><strong>ग्रामीण बस सेवा शीघ्र होगी शुरू</strong><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली थी। अब इसे फिर से शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा रोड सेफ्टी एक्ट का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसे और बेहतर बनाने के लिए पब्लिक डोमेन पर अपलोड कर आमजन से सुझाव आमंत्रित किए जाए। उन्होंने बजट घोषणाओं, नीतिगत दस्तावेज की घोषणाओं को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।</p>
<p><br /><strong>197 मोटर वाहन उपनिरीक्षक और 50 वाहनों से मजबूत होगा निरीक्षण</strong><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि मोटर वाहन उप निरीक्षक के 197 पदों की भर्ती प्रक्रिया के परिणाम आ गए है और 50 नए वाहन भी खरीदे जा रहे हैं। इससे परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की मॉनिटरिंग में और अधिक मजबूती आएगी।</p>
<p><br /><strong>सघन अभियान के पहले 4 दिनों में 14548 वाहनों की जांच</strong><br />परिवहन आयुक्त  के.एल. स्वामी ने बताया कि अब प्रदेश में भारी वाहनों के चालकों के लाइसेंस नवीनीकरण पर 2 दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग की अनिवार्यता लागू की गई है। ट्रेनिंग में उन्हें नियमों और वाहन चालन की जानकारी दी जाएगी, ताकि दुर्घटनाओं में कमी आ सके। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा चिंहित 50 दुर्घटना संभावित मार्गों पर 26 अप्रेल 2022 से सड़क सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया है। अभियान के पहले चार दिनों में ही 14548 वाहनों की जांच करते हुए 3888 चालान बनाए गए और 120 वाहनों को जब्त भी किया गया है। उन्होंने विभागीय प्रस्तुतीकरण में बजट घोषणाओं, नवाचारों की जानकारी भी दी। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि परिवहन सेवाओं में लगातार नवाचार हो रहे हैं। हाल ही एक बैठक में फैडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने राजस्थान में हुए नवाचारों की सराहना की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 May 2022 18:26:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नकल रोकने के लिए सख्त कानून : संपत्ति जब्त, दस साल की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[उच्च शिक्षा राज्यमंत्री राजेन्द्र यादव ने गुरुवार को विधानसभा में राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) विधेयक 2022 पुर:स्थापित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-laws-to-stop-copying--property-confiscated--ten-years-in-prison--bill-introduced-in-the-assembly-to-prevent-paper-leaks-in-other-exams-including-reet/article-4961"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/reet-exam.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीट सहित अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के बाद हुए विवादों के बाद राज्य सरकार ने नए कानून का प्रारूप तैयार किया है। इस कानून में नकल रोकने क लिए नकल गिरोह की संपत्ति जब्त कर नीलाम करने के साथ ही अपराध साबित होने पर दस साल जी सजा और दस लाख का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है।</p>
<p><br />उच्च शिक्षा राज्यमंत्री राजेन्द्र यादव ने गुरुवार को विधानसभा में राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) विधेयक 2022 पुर:स्थापित किया। अब इसे चर्चा के बाद पारित किया जा सकेगा। इस बिल में स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी से लेकर सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली भर्तियों में नकल, पेपर लीक  गिरोह के खिलाफ कडेÞ प्रावधान किए गए है। इसमें परीक्षा में नकल करने वाले स्टूडेंट्स और प्रतियोगी भी लंबे समय तक परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे। स्कूल कॉलेज की परीक्षाओं में नकल करने पर एक साल तक परीक्षा देने पर रोक का प्रावधान किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल करने वाला अभ्यर्थी लंबे समय तक कोई परीक्षा नहीं दे पाएगा। अभी केवल नकल में शामिल परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोकने और परीक्षा से बाहर करने के प्रावधान है, लेकिन अब नए कानून में सख्त प्रावधान किए गए है। इसके साथ ही सदन में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर संशोधन विधेयक 2022 और गुरुकुल विश्वविद्यालय सीकर विधेयक 2022 सदन में पुर:स्थापित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Feb 2022 11:47:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नेटबंदी के खिलाफ दायर याचिकाओं को सुनवाई के लिए सीजे को भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[नेटबंद मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-1993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/hc8.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराने के दौरान राज्य सरकार द्वारा नकल रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट बंद करने के खिलाफ दायर याचिकाओं को सुनवाई के लिए सीजे के पास भेजते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस फरजंद अली की खंडपीठ ने यह आदेश नीरज कुमार यादव सहित अन्य की जनहित याचिकाओं पर दिए। मामले की सुनवाई के दौरान एजी ने अदालत से जवाब के लिए समय मांगा। महाधिवक्ता ने कहा कि नेटबंदी के मुद्दे पर एक याचिका मुख्यपीठ, जोधपुर में भी लंबित हैं और उस पर नवंबर के अंतिम सप्ताह में उनमें सुनवाई होनी है। इसलिए इन सभी याचिकाओं की सुनवाई एक साथ करनी चाहिए।</p>
<p><br /> याचिकाओं में कहा गया कि प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के दौरान आए दिन मोबाइल इंटरनेट को बंद किया जाता है। नकल रोकने के आधार पर रोके गए इंटरनेट से आमजन को काफी परेशानी होती है। नेटबंदी होने से मोबाइल के जरिए होने वाले सभी तरह के ऑन लाइन ट्रांजेक्शन रुक जाते हैं। साथ ही लोग कैब इत्यादि परिवहन सुविधाओं का उपयोग भी नहीं कर पाते। वहीं बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं भी प्रभावित होती हैं। ऑनलाइन व्यापार रुकने से सरकार को राजस्व हानि भी होती है। इसलिए नेटबंदी को अवैध व असंवैधानिक घोषित किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 15:23:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी  होगा गैरजमानती अपराध</title>
                                    <description><![CDATA[तीन से सात साल तक की सजा, जल्द लाएंगे अध्यादेश: गहलोत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/616d0a92bfc3b/article-1739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ashok-gehlot5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने और अनुचित साधनों के प्रयोग में शामिल लोगों के खिलाफ  सख्ती के लिए राज्य सरकार इससे जुड़े कानून को और कड़ा बनाएगी। इस सम्बन्ध में जल्द ही अध्यादेश लाया जाएगा। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने, पेपर लीक सहित अन्य गड़बड़ियों में शामिल लोगों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई के प्रावधान होंगे। भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग को संज्ञेय अपराध के साथ इसे गैर-जमानती अपराध की श्रेणी माना जाएगा और इससे जुड़ी सजा तीन साल से बढ़ाकर सात साल करने का प्रावधान किया जाएगा। गहलोत रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर गृह विभाग की उच्च-स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> सरकारी कर्मचारी होंगे बर्खास्त, निजी संस्थाओं की मान्यता होगी निरस्त</strong></span></span><br /> गहलोत ने कहा कि भविष्य में होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी होने पर इसमें संलिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाएगी। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट बैठाने और नकल कराने जैसे मामलों में किसी भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता मिलने पर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। यदि किसी निजी शिक्षण संस्थान से जुड़े व्यक्ति की गड़बड़ी में संलिप्तता मिलती है तो संबंधित संस्थान की मान्यता स्थायी रूप से समाप्त कर दी जाएगी। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>सीएस और डीजीपी आज करेंगे कलेक्टर-एसपी से वीसी</strong></span></span><br /> मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि रीट-2021 की तरह ही अक्टूबर में प्रस्तावित पटवारी भर्ती परीक्षा और इसके बाद होने वाली आरएएस प्रारंभिक परीक्षा के सभी अभ्यर्थियों को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। दोनों परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को नि:शुल्क यात्रा देने के लिए रोडवेज बसों के अलावा पर्याप्त संख्या में निजी बसों की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में व्यवस्थाओं के लिए प्रमुख शासन सचिव परिवहन को निर्देश दिए है। साथ ही सीएम ने डीजीपी को कानून और व्यवस्थाएं बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव और डीजीपी सोमवार को जिलों के कलेक्टर-एसपी के साथ वीसी करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 11:55:41 +0530</pubDate>
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