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                <title>पूर्ण बहुमत वाली सरकार यानी जनता की जीत : नरेंद्र चौधरी</title>
                                    <description><![CDATA[यदि पूर्ण बहुमत की सरकार आने के बाद भी जनप्रतिनिधि वादों को पूरा करने से मना करते हैं तो यह जनता की जिम्मेदारी है की वह उनसे वादे पूरे करवाए। यह प्रजातंत्र है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--government-with-absolute-majority-means-victory-of-the-people--narendra-chaudhary/article-7192"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/chunav.jpg" alt=""></a><br /><p>हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत प्राप्त सरकारों का आना जनता की जीत है। इससे जनता को ही फायदा होगा। क्योंकि पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने पर जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है की वो जनता से किए वादों को पूरा करें। यदि पूर्ण बहुमत की सरकार आने के बाद भी जनप्रतिनिधि वादों को पूरा करने से मना करते हैं तो यह जनता की जिम्मेदारी है की वह उनसे वादे पूरे करवाए। यह प्रजातंत्र है। दूसरी ओर पूर्ण बहुमत नहीं आने की स्थिति में यदि त्रिशंकु सरकार आती है तो जनता का भला नहीं हो पाता है। जनता को ही इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ना तो जनता के कार्य होते हैं और ना ही किसी राज्य या देश का विकास हो पाता है। क्योंकि त्रिशंकु सरकार अपनी ही कुर्सी को बचाने में लगी रहती है। जिस भी पार्टी की त्रिशंकु सरकार बनती है उन्हें यह अनिश्चितता रहती है कि कितने दिन, कितने माह, कितने साल हमारी सरकार सत्ता में रहेगी। ऐसे में उस पार्टी के जनप्रतिनिधि भी जनहित कार्यों में दिलचस्पी नहीं लेते हैं। वह अपने हाथ खड़े कर देते हैं और उनके पास जनता को कहने के लिए यह बहाना मिल जाता है कि हम आपके कार्य कैसे पूरे करवाएं। जनता ने पूर्ण बहुमत से हमें नहीं चुना। हम आपके कार्य करवाने में सक्षम नहीं है। जबकि होता यह है कि अल्पमत में रहते हुए भी जनप्रतिनिधि स्वयं के कार्यों को तो पूरा करवा लेते हैं किंतु जनता से किए वादों को पूरा करने में हाथ खींच लेते हैं। दूसरा, जब भी चुनाव आते हैं, सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने चुनावी घोषणा पत्र जारी करती हैं। उसमें यह कोई नहीं लिखता कि त्रिशंकु सरकार आने की स्थिति में भी हम जनता के कामों को प्रमुखता से प्राथमिकता देंगे। चुनाव जीतने के लिए चुनाव से पहले तो पार्टियां व जनप्रतिनिधि लुभावने वादों की बात करते हैं। जनता को आश्वासन देते हैं कि सत्ता में आते ही हम वादे निभाएंगे। लेकिन वो सिर्फ कोरे वादे ही साबित होते हैं। त्रिशंकु सरकार बनने पर जनता से किए वादे तो पूरे होते नहीं हैं। बल्कि जनता के सिर ही ठीकरा फोड़ते हैं कि आपने ही त्रिशंकु सरकार दी है। जबकि पार्टी व जनप्रतिनिधि स्वयं का पूरा फायदा उठा लेते हैं। वह भूल जाते हैं कि आज जो भी पद-प्रतिष्ठा उन्हें मिल रही है जनता की वजह से ही मिल रही है। सत्ता में होने पर जो फायदा उठाते हैं वह भी जनता की वजह से ही है। सत्ता में आते ही उन्हें अपने हित नजर आने लगते हैं। वह भूल जाते हैं कि जनता से भी हमने वादे किए हैं। जब भी चुनाव आए जनता को त्रिशंकु सरकार की जगह पूर्ण बहुमत वाली सरकार को चुनना चाहिए। चाहे किसी भी राजनीतिक पार्टी को चुनें उसे पूर्ण बहुमत के साथ चुनकर लाएं। तभी जनता को फायदा होगा। अन्यथा त्रिशंकु और अल्पमत सरकार में चुने गए जनप्रतिनिधियों को जनता का कार्य नहीं करने का यह बहाना मिल जाएगा कि हमारी त्रिशंकु सरकार है। ऐसे में अन्य पार्टी पर कार्य ना होने की बात डाल कर जनता के कार्यों से बच कर खुद का पूरा फायदा उठा लेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 12:06:45 +0530</pubDate>
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                <title> बड़ी साजिश नाकाम</title>
                                    <description><![CDATA[अनेक प्रकार की कोशिशों के बावजूद आतंकियों की साजिशें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--big-conspiracy-failed--ed-explosives-recovered-in-huge-quantity-in-old-seemapuri-area-of-delhi-means-that-terrorists-have-links-from-jammu-and-kashmir-to-different-parts-of-the-country/article-4784"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/ed-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली के पुरानी सीमापुरी इलाके में भारी मात्रा में बरामद आईईडी विस्फोटक का मतलब है कि आतंकियों के तार जम्मू-कश्मीर से लेकर देश के विभिन्न भागों से जुड़े हैं। अनेक प्रकार की कोशिशों के बावजूद आतंकियों की साजिशें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आईईडी एक ऐसा विस्फोटक होता है, जो आरडीएक्स, अमोनिया आदि से तैयार किया जाता है और इसके जरिए भयावह तबाही मचाई जा सकती है। दिल्ली में बरामद करीब साढ़े तीन किलो विस्फोटक से दिल्ली में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया जा सकता था। यह है तो अच्छा है कि पुलिस को इसका पता चल गया और आतंकियों की घातक साजिश पर पानी फिर गया। इसी तरह का विस्फोटक पिछले दिनों दिल्ली के गाजीपुर फूल मण्डी में भी बरामद हुआ था। अब सवाल है कि सीमापुरी इलाके में इतनी मात्रा में विस्फोटक यहां पहुंचा कैसे? पुलिस को अपने सूत्रों से पता चला है कि विस्फोटक रखने वाले किराए का मकान लेकर रह रहे थे और पुलिस तलाशी से पहले ही ये लोग फरार हो गए। मकान मालिक के पास इनकी पहचान का कोई प्रमाण पत्र नहीं था। इसी तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल पंजाब की लुधियाना अदालत में हुए विस्फोट में किया गया था। माना जा रहा है कि यह विस्फोटक सीमा पार से लाया गया था। दिल्ली में विस्फोटक की बरामदगी के एक  दिन बाद ही एक आईए ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के जोधपुर जिले के आठ स्थानों पर छापेमारी कर 28 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है। इस छापेमारी के तार दिल्ली में बरामद विस्फोटक से भी जुड़े हो सकते हैं। पाकिस्तान में तैयार होने वाली आतंकी साजिशों को भारत में अंजाम देने के लिए सीमा पार से घुसपैठ कराई जाती है। कश्मीर घाटी में घुसे आतंकवादी सुरक्षा बलों को चकमा देकर देश के अन्य इलाकों तक पहुंच जाते हैं। अब आतंकी संगठनों को हथियार और विस्फोटक पहुंचाना भी आसान हो गया है। ड्रोन की मदद से कहीं भी हथियार गिरा दिए जाते हैं। कभी-कभी इन हथियारों की भनक पुलिस को लग जाती है और उन्हें बरामद कर लिया जाता है। दिल्ली देश की राजधानी और यह हर बार आतंकवादियों के निशाने पर रहती है। इसके अलावा धार्मिक स्थल व बड़े शहर इनके निशाने पर रहते हैं। दरअसल देश के विभिन्न इलाकों में आतंकियों के मददगार छिपे पर जिनकी पकड़ सुरक्षा बलों को आतंकियों के सफाए में सफलता मिल रही है, फिर भी अधिक सतर्कता की जरूरत है।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Feb 2022 16:07:13 +0530</pubDate>
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                <title>भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी  होगा गैरजमानती अपराध</title>
                                    <description><![CDATA[तीन से सात साल तक की सजा, जल्द लाएंगे अध्यादेश: गहलोत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/616d0a92bfc3b/article-1739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ashok-gehlot5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने और अनुचित साधनों के प्रयोग में शामिल लोगों के खिलाफ  सख्ती के लिए राज्य सरकार इससे जुड़े कानून को और कड़ा बनाएगी। इस सम्बन्ध में जल्द ही अध्यादेश लाया जाएगा। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने, पेपर लीक सहित अन्य गड़बड़ियों में शामिल लोगों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई के प्रावधान होंगे। भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग को संज्ञेय अपराध के साथ इसे गैर-जमानती अपराध की श्रेणी माना जाएगा और इससे जुड़ी सजा तीन साल से बढ़ाकर सात साल करने का प्रावधान किया जाएगा। गहलोत रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर गृह विभाग की उच्च-स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> सरकारी कर्मचारी होंगे बर्खास्त, निजी संस्थाओं की मान्यता होगी निरस्त</strong></span></span><br /> गहलोत ने कहा कि भविष्य में होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी होने पर इसमें संलिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाएगी। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट बैठाने और नकल कराने जैसे मामलों में किसी भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता मिलने पर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। यदि किसी निजी शिक्षण संस्थान से जुड़े व्यक्ति की गड़बड़ी में संलिप्तता मिलती है तो संबंधित संस्थान की मान्यता स्थायी रूप से समाप्त कर दी जाएगी। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>सीएस और डीजीपी आज करेंगे कलेक्टर-एसपी से वीसी</strong></span></span><br /> मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि रीट-2021 की तरह ही अक्टूबर में प्रस्तावित पटवारी भर्ती परीक्षा और इसके बाद होने वाली आरएएस प्रारंभिक परीक्षा के सभी अभ्यर्थियों को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। दोनों परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को नि:शुल्क यात्रा देने के लिए रोडवेज बसों के अलावा पर्याप्त संख्या में निजी बसों की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में व्यवस्थाओं के लिए प्रमुख शासन सचिव परिवहन को निर्देश दिए है। साथ ही सीएम ने डीजीपी को कानून और व्यवस्थाएं बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव और डीजीपी सोमवार को जिलों के कलेक्टर-एसपी के साथ वीसी करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 11:55:41 +0530</pubDate>
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