<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/middle-east-tension/tag-67171" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Middle East Tension - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/67171/rss</link>
                <description>Middle East Tension RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम एशिया तनाव : सुरक्षा परिषद में पश्चिमी एशिया पर रूस-चीन के प्रस्ताव पर होगी चर्चा, रूसी विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में तनाव घटाने के लिए रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक नया संकल्प प्रस्तावित किया है। इस मसौदे में समुद्री सुरक्षा और बातचीत के जरिए समाधान पर जोर दिया गया है। मतदान की तारीख जमीनी हालात के आधार पर तय होगी। दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पुराने प्रस्तावों का विरोध किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-tension-russia-china-proposal-on-west-asia-will-be/article-150203"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/unsc.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए रूस और चीन की ओर से प्रस्तावित संकल्प पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में मतदान की तारीख वहां की जमीनी स्थिति के आधार पर तय की जाएगी। रूस के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। इससे पहले, रूस और चीन ने प्रस्ताव दिया था कि सुरक्षा परिषद पश्चिमी एशिया की वर्तमान स्थिति पर एक वैकल्पिक मसौदा प्रस्ताव पर विचार करे, जिसमें समुद्री सुरक्षा के पहलुओं को भी शामिल किया जाये।</p>
<p>रूस के विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय संगठन विभाग के निदेशक किरिल लोग्विनोव ने स्पूतनिक से कहा, “ बैठक में हमने अपने चीन के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में एक वैकल्पिक मसौदा प्रस्ताव की घोषणा की है। इस पर मतदान की तिथि जमीनी हालात को देखते हुए निर्धारित की जाएगी।” रूस के राजनयिक ने उम्मीद जतायी कि सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्य भी चीन और रूस की इस पहल का समर्थन करेंगे।</p>
<p>गौरतलब है कि सात अप्रैल को रूस और चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सुरक्षा परिषद के मसौदा प्रस्ताव पर वीटो कर दिया था। संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़िया ने स्पष्ट किया था कि रूस ऐसे किसी भी मसौदे का समर्थन नहीं कर सकता, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-tension-russia-china-proposal-on-west-asia-will-be/article-150203</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-tension-russia-china-proposal-on-west-asia-will-be/article-150203</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:13:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/unsc.png"                         length="1029051"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युद्धविराम शुरू होने के बाद से किसी भी देश पर कोई मिसाइल हमला नहीं, ड्रोन हमलों के लिए अमेरिका जिम्मेदार : आईआरजीसी</title>
                                    <description><![CDATA[IRGC ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ युद्धविराम शुरू होने के बाद से उन्होंने कोई मिसाइल हमला नहीं किया। ईरान ने हालिया ड्रोन हमलों के लिए इजरायल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। इस्लामाबाद वार्ता से पहले तेहरान ने शांति की प्रतिबद्धता दोहराई है, हालांकि लेबनान पर इजरायली हमलों को समझौते का उल्लंघन बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/no-missile-attack-on-any-country-since-the-ceasefire-started/article-149923"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/irgc2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि अमेरिका के साथ युद्धविराम शुरू होने के बाद से किसी भी देश पर मिसाइलें नहीं दागी गईं। अल जजीरा ने यह जानकारी दी। आईआरजीसी ने कहा कि उसकी सेनाओं ने "युद्धविराम के बाद अब तक किसी भी देश पर कोई मिसाइल नहीं दागी है।" बयान में कहा गया कि ड्रोन हमलों की जो भी खबरें आ रही हैं, वे 'निस्संदेह यहूदी दुश्मन या अमेरिका का काम हैं।'</p>
<p>मंगलवार रात को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ दो सप्ताह के द्विपक्षीय युद्धविराम की घोषणा की थी और इस बात की पुष्टि की थी कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमत हो गया है। ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इसके बाद संकेत दिया कि ईरान शुक्रवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करेगा। ईरानी उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि तेहरान पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत को आगे बढ़ा रहा है और उम्मीद करता है कि अमेरिका भी वैसा ही करेगा।</p>
<p>इजरायली लड़ाकू विमानों और तोपखाने ने दक्षिणी लेबनान में एक दर्जन से अधिक बस्तियों को निशाना बनाया, जिसमें टायर शहर भी शामिल था। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि लेबनान पर इजरायली हमलों को रोकना अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते का हिस्सा नहीं है। ईरान ने हालांकि इन हमलों को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/no-missile-attack-on-any-country-since-the-ceasefire-started/article-149923</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/no-missile-attack-on-any-country-since-the-ceasefire-started/article-149923</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:16:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/irgc2.png"                         length="593275"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इज़रायल का लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला : युद्धविराम समझौता संदेह के घेरे में; 254 लोगों की मौत, संयुक्त राष्ट्र ने की हमलों की निंदा </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच इज़रायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे घातक हमला किया है। मात्र कुछ मिनटों में 100 स्थानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 254 लोग मारे गए और 1,100 घायल हुए। 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीदों पर गहरा संकट मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israels-biggest-ever-attack-on-lebanon-ceasefire-agreement-in-doubt/article-149732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/lebnan.png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते के कुछ ही घंटों बाद इज़रायल ने लेबनान में अब तक का सबसे भीषण हमला किया है जिसमें भारी विनाश हुआ है और बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। लेबनान के नागरिक सुरक्षा विभाग ने एक बयान में कहा कि बेरूत, बेका घाटी, माउंट लेबनान, सिडोन और दक्षिणी गांवों सहित कई क्षेत्रों में हुए हवाई हमलों में कम से कम 254 लोग मारे गए हैं और 1,100 से अधिक घायल हुए हैं।</p>
<p>इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने तर्क दिया कि इन हमलों का उद्देश्य हिजबुल्लाह से जुड़े बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। हमलों के मुख्य निशाने लितानी नदी पर बने प्रमुख क्रॉसिंग थे। इजरायल इसे दक्षिणी लेबनान को अलग-थलग करने और अपनी सीमा से लगभग 30 किलोमीटर तक बफर जोन स्थापित करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा बता रहा है। आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के अली यूसुफ हर्षी को भी मारने का दावा किया है, हालांकि हिजबुल्लाह ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।</p>
<p>इस अभियान की व्यापकता और तीव्रता ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। इजरायली सेना ने कथित तौर पर कुछ ही मिनटों के भीतर लगभग 100 स्थानों पर हमला किया। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इस बमबारी को 'विशाल' बताया है। लेबनान के अस्पताल घायलों की बढ़ती संख्या के कारण जूझ रहे हैं और रक्तदान के लिए तत्काल अपील की गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यह हिंसा उस समय हुई जब शांति की उम्मीदें उभरने लगी थीं। संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक जीनिन हेनिस-प्लासचार्ट ने जोर देकर कहा कि कोई भी पक्ष बल के माध्यम से जीत हासिल नहीं कर सकता है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों के अनुसार, शत्रुता बढ़ने के बाद से लेबनान की आबादी का लगभग पांचवां हिस्सा, यानी 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं। यह संख्या 2024 के इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष के स्तर को भी पार कर गई है। सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि कमजोर समूह इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) का अनुमान है कि विस्थापितों में 13,000 से अधिक गर्भवती महिलाएं शामिल हैं, जिनमें से कई चिकित्सा देखभाल से वंचित हैं। स्वास्थ्य सेवाएँ ठप होने की कगार पर हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर 100 से अधिक हमलों की पुष्टि की है।</p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को क्षेत्र को स्थिर करने के एक अवसर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन इजरायली बलों और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष ने शांति वार्ता पर संदेह उत्पन्न कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता फरहान हक ने सभी पक्षों से बातचीत का रास्ता चुनने का आग्रह किया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने गुरुवार को कहा कि लेबनान में इजरायली हमलों को रोकना संघर्ष को समाप्त करने के ईरान के 10-सूत्रीय योजना का एक प्रमुख शर्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/israels-biggest-ever-attack-on-lebanon-ceasefire-agreement-in-doubt/article-149732</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/israels-biggest-ever-attack-on-lebanon-ceasefire-agreement-in-doubt/article-149732</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 16:33:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/lebnan.png"                         length="1198837"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहरीन ने ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को लिया हिरासत में, अब तक 250 लोग गिरफ़्तार</title>
                                    <description><![CDATA[बहरीन पुलिस ने IRGC और ईरानी खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने के आरोप में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन पर देश के संवेदनशील ठिकानों की निगरानी और जानकारी साझा करने का आरोप है। हाल ही में एक हिरासत में हुई मौत के बाद बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच बहरीन अब तक 250 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/bahrain-detained-two-people-on-charges-of-spying-for-iran/article-149369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bahreen.png" alt=""></a><br /><p>दोहा। बहरीन के लोक अभियोजक कार्यालय ने कहा कि ईरान के लिए जासूसी करने की कथित योजना में दो संदिग्धों को बहरीन के कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। बहरीन में अभियोजक कार्यालय ने सोमवार को एक बयान में कहा, "जासूसी करने और खुफिया सेवाओं तथा आतंकवादी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के लिए काम करने के आरोप में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।" बयान में आगे कहा गया कि आरोपियों पर देश में संवेदनशील ठिकानों की निगरानी करने, उनके बारे में जानकारी एकत्रित करने और उसे ईरान को हस्तांतरित करने का संदेह है।</p>
<p>पिछले सप्ताह बहरीन में ईरान के लिए जासूसी के आरोप में हिरासत में लिए गए 32 वर्षीय व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत के बाद विरोध प्रदर्शन हुए। उनके परिवार ने पुलिस पर जांच के दौरान यातना देने का आरोप लगाया लेकिन बहरीन के अधिकारियों ने इससे इनकार कर दिया। स्थानीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, ईरान में संघर्ष शुरू होने के बाद से बहरीन के अधिकारियों ने कम से कम 250 लोगों को हिरासत में लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/bahrain-detained-two-people-on-charges-of-spying-for-iran/article-149369</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/bahrain-detained-two-people-on-charges-of-spying-for-iran/article-149369</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 13:24:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/bahreen.png"                         length="559730"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेहरान में कोहराम : रात भर चले अमेरिकी-इज़रायली हमलों में छह बच्चों की मौत, 45 दिनों के संघर्ष विराम पर चर्चा की संभावना</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के तेहरान प्रांत पर रात भर हुई अमेरिकी और इजरायली बमबारी ने मानवता को झकझोर दिया है। आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, इस हमले में 10 साल से कम उम्र के 6 बच्चों की जान चली गई। 28 फरवरी से जारी इस भीषण संघर्ष में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने से नागरिक हताहतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/six-children-killed-in-overnight-us-israeli-strikes-in-tehran-possibility/article-149270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tehran.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ईरान के तेहरान प्रांत पर रात भर चले अमेरिकी और इजरायली हमलों में कम से कम छह बच्चों की मौत हो गयी है। प्रेस टीवी ने आपातकालीन सेवाओं के हवाले से बताया है कि तेहरान के आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार चार बच्चियों और दो बच्चों की मौत हुई, जिनकी उम्र 10 साल से कम थी।</p>
<p>गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में कई ठिकानों पर हमले शुरू किये थे , जिसमें तेहरान भी शामिल था। इससे काफी नुकसान हुआ और आम नागरिकों की जानें गयीं। इसके जवाब में ईरान इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/six-children-killed-in-overnight-us-israeli-strikes-in-tehran-possibility/article-149270</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/six-children-killed-in-overnight-us-israeli-strikes-in-tehran-possibility/article-149270</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 16:24:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/tehran.png"                         length="1002271"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रम्प ने फिर दी चेतावनी : होर्मुज खोलने के लिए ईरान के पास सिर्फ 48 घंटे, फिर कहर बरपेगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) खोलने के लिए ईरान को दी गई 10 दिन की मोहलत खत्म होने से पहले 48 घंटे का आखिरी अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि समझौता न होने पर ईरान पर 'कहर' टूटेगा। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति ठप हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-again-warns-that-iran-has-only-48-hours-to/article-149151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को दिया गया 10 दिन का समय खत्म होने में अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं। ईरान-अमेरिका के बीच समझौता न होने या होर्मुज न खुलने की स्थिति में ईरान पर कहर टूट पड़ेगा।  उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, याद है जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था। समय निकलता जा रहा है। सिर्फ 48 घंटे बाद ईरान पर कहर टूट पड़ेगा। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनियाभर में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और कच्चे तेल का निर्यात प्रभावित हुआ है। ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका, इजरायल और इनके सहयोगियों के जहाजों को होर्मुज से पार नहीं होने देगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-again-warns-that-iran-has-only-48-hours-to/article-149151</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-again-warns-that-iran-has-only-48-hours-to/article-149151</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 13:37:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/donald-trump.png"                         length="896763"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों से इराक छोड़ने की अपील की : 48 घंटों के भीतर बगदाद में हमले की संभावना, इराकी सरकार आतंकवादी हमलों को रोकने में विफल</title>
                                    <description><![CDATA[बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने ईरान समर्थित समूहों द्वारा हमलों की धमकी के बाद अपने नागरिकों को इराक छोड़ने की चेतावनी जारी की है। दूतावास ने अगले 24-48 घंटों में राजनयिक मिशनों, होटलों और ऊर्जा केंद्रों पर आतंकी हमलों की आशंका जताई है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए नागरिकों को यात्रा न करने की सख्त सलाह दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-embassy-appeals-to-citizens-to-leave-iraq-attack-in/article-148853"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iraq.png" alt=""></a><br /><p> बगदाद। इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने गुरुवार को इराक में मौजूद अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। दूतावास के बयान के अनुसार, ईरान समर्थक समूहों द्वारा मध्य बगदाद में स्थित विदेशी राजनयिक मिशनों पर हमले की धमकियों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। दूतावास ने अपने बयान में कहा, "ईरान से जुड़े इराकी आतंकवादी समूह अगले 24-48 घंटों के भीतर मध्य बगदाद में हमले कर सकते हैं। ईरान और उससे जुड़े आतंकवादी गुटों ने पूरे इराक में अमेरिकी नागरिकों और अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर व्यापक हमले किए हैं, जिनमें इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र (आईकेआर) भी शामिल है। अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कारण से इराक की यात्रा न करें और यदि वे वहां हैं, तो तुरंत वापस लौट जाएं।"</p>
<p>बयान में चेतावनी दी गई है कि ईरान समर्थक समूह अमेरिकी नागरिकों, व्यवसायों, विश्वविद्यालयों, राजनयिक मिशनों, ऊर्जा केंद्रों, होटलों और हवाई अड्डों को निशाना बना सकते हैं। राजनयिक मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इराकी सरकार अपने क्षेत्र में या वहां से होने वाले आतंकवादी हमलों को रोकने में विफल रही है। ईरान समर्थित आतंकवादी समूह इराकी सरकार से जुड़े होने का दावा कर सकते हैं। आतंकवादी ऐसे पहचान पत्र भी दिखा सकते हैं जो उन्हें इराकी सरकारी कर्मचारी बताते हों।"</p>
<p>इससे पहले इसी सप्ताह, इराकी अधिकारियों ने कहा था कि वे क्षेत्र में बिगड़ते हालात के बीच देश में विदेशी मिशनों की सुरक्षा की अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका से शिया 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज' के ठिकानों पर हमले बंद करने का भी आह्वान किया था, जिसे इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-embassy-appeals-to-citizens-to-leave-iraq-attack-in/article-148853</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-embassy-appeals-to-citizens-to-leave-iraq-attack-in/article-148853</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:59:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iraq.png"                         length="597381"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 1,500 अंक लुढ़का, इन शेयरों पर रख़े नज़र</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले तेज करने के बयान ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गुरुवार को सेंसेक्स 1500 अंक से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी में 2% की भारी गिरावट दर्ज की गई। युद्ध समाप्ति की जगह तनाव बढ़ने की आशंका से बैंकिंग, ऑटो और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में चौतरफा बिकवाली हावी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-us-president-trumps-statement-stock-markets-fell-sensex-fell/article-148793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनोल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध को लेकर जारी बयान के बाद गुरुवार को दुनिया भर में शेयर बाजारों में गिरावट देखी गयी और घरेलू स्तर पर बीएसई का सेंसेक्स 1,500 अंक से ज्यादा लुढ़क गया। सेंसेक्स 872.27 अंक की गिरावट में 72,262.05 अंक पर खुला और कुछ ही मिनट में लगभग 1,525 अंक टूटकर 71,608.05 अंक तक उतर गया। खबर लिखे जाते समय यह 1,473.37 अंक (2.01 प्रतिशत) की गिरावट में 71,660.95 अंक पर रहा।</p>
<p>अमेरिकी ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ मिशन में अपने मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिये हैं, लेकिन अगले दो-तीन सप्ताह में हमले और तेज किये जायेंगे। उनके इस बयान के बाद जल्द युद्ध समाप्ति की उम्मीद लगाये बैठे निवेशकों को निराशा हुई और शेयर बाजारों में बिकवाली देखी गयी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 296 अंक गिरकर 22,383.40 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 460.70 अंक यानी 2.03 प्रतिशत नीचे 22,218.70 अंक पर था।</p>
<p>शेयर बाजार में फिलहाल चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। बैंकिंग, फार्मा, स्वास्थ्य, रियलटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, ऑटो, वित्त, धातु, मीडिया, तेल एवं गैस और रसायन समूहों पर ज्यादा दबाव है। सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियां अभी गिरावट में हैं। विमान सेवा कंपनी इंडिगो और दवा बनाने वाली सनफार्मा के शेयर चार फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहे हैं। अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी, इटरनल और टाट स्टील के शेयर तीन से चार प्रतिशत फिसल चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/after-us-president-trumps-statement-stock-markets-fell-sensex-fell/article-148793</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/after-us-president-trumps-statement-stock-markets-fell-sensex-fell/article-148793</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 10:59:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/share-market1.png"                         length="867991"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूनिसेफ की चेतावनी: लेबनान में सामूहिक विस्थापन; तीन हफ्ते में 3,70,000 बच्चों समेत 10 लाख लोग हुए बेघर, तत्काल युद्धविराम की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली पीएम नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान बढ़ाने का निर्देश दिया है, जिससे युद्ध भीषण हो गया है। यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि 20% आबादी विस्थापित हो चुकी है, जिसमें 3.7 लाख बच्चे शामिल हैं। बमबारी से स्कूल और जल प्रणालियां ध्वस्त हैं, जिससे लाखों मासूम बेघर होकर गंभीर मनोवैज्ञानिक आघात और असुरक्षा झेल रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/unicef-warns-of-mass-displacement-in-lebanon-1-million-people/article-148433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/unicef.png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक ओर सेना को दक्षिणी लेबनान में आक्रमण का विस्तार करने का निर्देश दिया है, वहीं दूसरी ओर यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि लेबनान में तेजी से बढ़ते संघर्ष ने बड़ा मानवीय संकट पैदा कर दिया है। मात्र तीन हफ्तों के भीतर देश की लगभग 20 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो गयी है। प्रभावित लोगों में 3,70,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं। यूनिसेफ के अनुसार, हर दिन औसतन 19,000 बच्चे अपना घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।</p>
<p>इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रविवार को नॉर्दर्न कमांड से जारी वीडियो संदेश में कहा है, "मैंने अभी मौजूदा सुरक्षा बफर जोन का और विस्तार करने का निर्देश दिया है। हम इजरायल के उत्तर की स्थिति को मौलिक रूप से बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" इसके साथ ही उन्होंने कब्जे वाले 'गाजा मॉडल' को दोहराने के अपने देश के घोषित प्रयास को आगे बढ़ाया। यूनिसेफ के अधिकारियों का कहना है कि विस्थापन की गति और पैमाना हाल के वर्षों में अभूतपूर्व है। पूरे देश में 10 लाख से अधिक लोग अपने घरों से भागने को मजबूर हुए हैं। इनमें से कई दूसरी, तीसरी या चौथी बार विस्थापित हुए हैं। सहायता समूहों ने इस स्थिति को बेहद अराजक और अस्थिर करने वाला बताया है।</p>
<p>मानवीय सहायता कर्मियों ने बच्चों तक पहुंचने में गंभीर चुनौतियों की सूचना दी है, विशेष रूप से दक्षिणी लेबनान में, जहां लगातार हो रही बमबारी ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। हवाई हमलों ने पुलों और सड़कों को नष्ट कर दिया है, जिससे पूरी की पूरी बस्तियां अलग-थलग पड़ गयी हैं और वहां तक पहुंचना कठिन हो गया है। यूनिसेफ के एक प्रतिनिधि ने बार-बार होने वाले हमलों के बाद बिगड़ते हालात का उल्लेख करते हुए कहा, "ऐसे बच्चे भी हैं, जो उन समुदायों में फंसे हुए हैं, जहां पहुंचना बहुत कठिन है।"</p>
<p>यह संकट न केवल शारीरिक है, बल्कि गहरा मनोवैज्ञानिक भी है। कई बच्चे पिछले संघर्षों के सदमे को दोबारा जी रहे हैं। सहायता कर्मियों ने चेतावनी दी है कि बार-बार विस्थापन और हिंसा के संपर्क में आने से बच्चों को दीर्घकालिक भावनात्मक क्षति हो रही है। बेरूत में एक आश्रय स्थल में शरण लेने वाली 11 वर्षीय ज़ैनब ने अपना अनुभव साझा किया। 18 महीने पहले भी उसी स्कूल में शरण लेने के बाद वह एक बार फिर खुद को अजनबियों से घिरा हुआ पाती है और रात में गोलाबारी की आवाज़ें सुनती है। उसने कहा कि उसकी इच्छा बहुत साधारण है- अपने घर लौटना और अपना सामान्य जीवन व शिक्षा दोबारा शुरू करना।</p>
<p>वर्तमान में 1,35,000 से अधिक विस्थापित लोग 660 से अधिक सामूहिक आश्रय स्थलों में रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं, क्योंकि कई परिवार अधूरे बने ढांचों, सार्वजनिक स्थानों और यहां तक कि वाहनों में भी शरण ले रहे हैं। वर्षों के आर्थिक संकट से पहले ही जर्जर हो चुके लेबनान का बुनियादी ढांचा अब ढहने की कगार पर है। बेका और बालबेक जैसे क्षेत्रों में बमबारी ने जल प्रणालियों को नष्ट कर दिया है, जिससे हजारों लोग सुरक्षित पेयजल से वंचित हो गये हैं। शिक्षा भी बुरी तरह बाधित हुई है। लगभग 435 सरकारी स्कूलों का उपयोग अब आश्रय स्थलों के रूप में किया जा रहा है, जिससे 1,15,000 से अधिक छात्रों की पढ़ाई रुक गयी है।</p>
<p>मानवीय क्षति का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। संघर्ष बढ़ने के बाद से कम से कम 121 बच्चे मारे गये हैं और 395 घायल हुए हैं। जीवित बचे लोग अक्सर केवल अपने पहने कपड़ों के साथ भाग रहे हैं और उन्हें अक्सर कुछ ही दिनों के भीतर कई बार विस्थापित होना पड़ रहा है। अस्पतालों, स्कूलों और स्वच्छता प्रणालियों सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे को बार-बार क्षति पहुंचायी गयी है या नष्ट कर दिया गया है, जिससे राहत प्रयासों में और भी मुश्किलें आ रही हैं। इन चुनौतियों के बावजूद यूनिसेफ और उसके सहयोगी आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं। हाल के हफ्तों में, सहायता टीमों ने 1,67,000 से अधिक विस्थापित लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचायी है। 140 टन से अधिक चिकित्सा सहायता प्रदान की गयी है और 40 मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां तैनात की गयी हैं।</p>
<p>लगभग 190 आश्रय स्थलों में आपातकालीन जल और स्वच्छता सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जबकि ऑनलाइन शिक्षा और अस्थायी शिक्षण केंद्र स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। लगातार हो रहे हमलों और पहुंच पर प्रतिबंधों के कारण मानवीय अभियान गंभीर रूप से सीमित हो रहे हैं। पैरामेडिक्स सहित सहायता कर्मी भी हमलों की चपेट में आये हैं और कई प्रभावित क्षेत्र अब भी पहुंच से बाहर हैं। यूनिसेफ ने निर्बाध मानवीय पहुंच और तत्काल युद्धविराम के लिए अपील जारी की है। संगठन ने स्कूलों, अस्पतालों और जल प्रणालियों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकने का भी आह्वान किया है। एजेंसी ने चेतावनी देते हुए कहा, "बच्चे इस संघर्ष की सबसे भारी कीमत चुका रहे हैं। उन्हें भागना बंद करने और एक बच्चे की तरह सामान्य जीवन जीने की ज़रूरत है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/unicef-warns-of-mass-displacement-in-lebanon-1-million-people/article-148433</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/unicef-warns-of-mass-displacement-in-lebanon-1-million-people/article-148433</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 17:26:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/unicef.png"                         length="172635"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघर गालिबफ ने कहा-अमेरिका बातचीत की आड़ में ज़मीनी अभियान की बना रहा योजना</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघर गालिबफ ने अमेरिका पर बातचीत का ढोंग रचने और गुप्त रूप से जमीनी हमले की योजना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी सेना अमेरिकी सैनिकों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। 28 फरवरी के हमलों के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-parliament-speaker-mohammad-baghar-ghalibaf-said-america-is/article-148387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/mohammad-bagher-zolghadr.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघर गालिबफ ने कहा है कि अमेरिका सार्वजनिक रूप से बातचीत की पहल का संदेश भेज रहा है लेकिन गुप्त रूप से वह जमीनी सैन्य अभियान की योजना बना रहा है। गालिबफ ने रविवार को ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी पर एक बयान में कहा, "दुश्मन बातचीत और संवाद के संदेश भेजने का ढोंग करता है, जबकि गुप्त रूप से जमीनी हमले की योजना बना रहा है। वह यह नहीं जानता कि हमारे लोग अपनी धरती पर अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन पर गोलियां चला सकें और क्षेत्र में उनके साथियों को हमेशा के लिए दंडित कर सकें।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में राजधानी समेत विभिन्न सैन्य एवं नागरिक ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे संपत्ति की काफी क्षति पहुंची और अनेक नागरिक हताहत हुए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-parliament-speaker-mohammad-baghar-ghalibaf-said-america-is/article-148387</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-parliament-speaker-mohammad-baghar-ghalibaf-said-america-is/article-148387</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 13:25:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/mohammad-bagher-zolghadr.png"                         length="400738"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की का आरोप, रूस शेयर कर रहा ईरान को खुफिया जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुख्ता सबूत होने का दावा किया है कि रूस, ईरान को सैन्य खुफिया जानकारी साझा कर रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, रूस अपनी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं का उपयोग कर रहा है। यूक्रेन ने चेतावनी दी है कि कब्जे वाले क्षेत्रों में ड्रोन कंट्रोल स्टेशन तैनात किए जा रहे हैं, जिसकी जानकारी पश्चिमी सहयोगियों को दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ukrainian-president-volodymyr-zelensky-alleges-russia-is-sharing-intelligence-with/article-147699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/volodymyr-zelensky.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उनके पास "पुख्ता सबूत" हैं कि रूस ईरान को खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। यह दावा यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी (एचयूआर) के प्रमुख ओलेह इवाशचेंको के साथ बैठक के बाद किया गया, जिसमें ज़ेलेंस्की ने प्रस्तुत मूल्यांकन की समीक्षा की।</p>
<p>राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर पोस्ट में चर्चा का सार देते हुए कहा, "रूस अपनी रेडियो-तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया क्षमताओं का उपयोग कर रहा है, साथ ही मध्य पूर्व के भागीदारों से प्राप्त कुछ खुफिया जानकारी भी साझा कर रहा है।" इन आरोपों पर रूस या ईरान की ओर से अभी कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>
<p>ज़ेलेंस्की का बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है और अमेरिका-इज़राइल बनाम ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का चौथा सप्ताह जारी है। हाल के वर्षों में रूस और ईरान के बीच संबंध मजबूत हुए हैं, खासकर यूक्रेन में रूस के युद्ध के दौरान, जब ईरान ने रूसी सेनाओं को ड्रोन और अन्य सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए हैं।</p>
<p>हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने प्रस्ताव दिया था कि यदि अमेरिका यूक्रेन को खुफिया सहायता रोक दे तो वह ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा करना बंद कर देगा, लेकिन वॉशिंगटन ने इस सुझाव को ठुकरा दिया है। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन के पास "स्पष्ट जानकारी" है कि रूसी-कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों और बेलारूस में रूस लंबी दूरी के ड्रोन के लिए अतिरिक्त ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन तैनात करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सहयोगियों को इन निष्कर्षों की जानकारी दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/ukrainian-president-volodymyr-zelensky-alleges-russia-is-sharing-intelligence-with/article-147699</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/ukrainian-president-volodymyr-zelensky-alleges-russia-is-sharing-intelligence-with/article-147699</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 17:12:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/volodymyr-zelensky.png"                         length="585174"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच जापानी पीएम सनाए ताकाइची का बड़ा फैसला, कहा-नौसैनिक सुरक्षा भेजने की कोई योजना नहीं, कानूनी संरचना के अंदर क्या क्या कदम उठाए जा सकते निर्णय विचाराधीन </title>
                                    <description><![CDATA[जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद अभी नौसैनिक पोत भेजने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जापान अपनी कानूनी सीमाओं के भीतर स्वतंत्र विकल्पों की तलाश कर रहा है। ऊर्जा सुरक्षा के लिए 70% निर्भरता के बावजूद, जापान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका से अब तक कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-growing-crisis-in-west-asia-japanese-pm-sanae/article-146647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/japan-pm1.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जापान ने जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए नौसैनिक पोत भेजने का कोई निर्णय नहीं लिया है। संसद में बोलते हुए ताकाइची ने कहा कि सरकार अभी भी इस बात की जांच कर रही है कि जापान की कानूनी संरचना के अंदर क्या क्या कदम उठाए जा सकते हैं और वह स्वतंत्र रूप से क्या कार्रवाई कर सकती है।</p>
<p>प्रधामंत्री ने कहा, हमने सुरक्षा जहाजों को भेजने के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि जापान स्वतंत्र रूप से क्या कर सकता है और कानूनी संरचना के अंदर क्या किया जा सकता है। ताकाइची ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका ने इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा में सहायता के लिए जापान से कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया है।</p>
<p>इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने समाचार चैनलों से कहा था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को टैंकर यातायात के लिए खुला रखने में सहायता के लिए सात देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं। जापान ऊर्जा आयात के लिए पश्चिम एशिया पर बहुत ज्यादा निर्भर है इसके आयातित ऊर्जा संसाधनों का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए वहां के समुद्री मार्गों में स्थिरता महत्वपूर्ण हो जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-growing-crisis-in-west-asia-japanese-pm-sanae/article-146647</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-growing-crisis-in-west-asia-japanese-pm-sanae/article-146647</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 12:54:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/japan-pm1.png"                         length="594592"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        