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                <title>Ceasefire Agreement - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Ceasefire Agreement RSS Feed</description>
                
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                <title>अमेरिका ने की युद्व विराम की घोषणा, पढ़ें युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान ने क्या रखीं शर्ते ?  </title>
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                        <![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम लागू हो गया है। शुक्रवार से इस्लामाबाद में शुरू होने वाली इस वार्ता के लिए ईरान ने 10 प्रमुख शर्तें रखी हैं, जिनमें प्रतिबंध हटाना, मुआवजा और स्थायी शांति शामिल है। होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण भी बहाल होगा, जिससे वैश्विक व्यापार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-announces-ceasefire-read-what-conditions-iran-has-set-to/article-149520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mojtaba-khamenei.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि ईरान शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ वार्ता शुरू करेगा। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने परिषद के हवाले से बुधवार को कहा, "अमेरिकी पक्ष पर अविश्वास के साथ यह वार्ता 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में शुरू होगी। ईरान इसके लिए दो सप्ताह का समय देगा। पक्षों की सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान पूर्ण राष्ट्रीय एकता बनाए रखनी होगी।"</p>
<p>परिषद ने कहा कि इस अवधि के लिए युद्धविराम घोषित किया जाएगा साथ ही यह भी कहा कि वार्ता मतलब अमेरिका के साथ युद्ध का अंत नहीं है। बयान के अनुसार, अगर वार्ता के दौरान अमेरिका जरा सी भी गलती करता है तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर से मैं अपने प्रिय भाइयों, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर के क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के अथक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त करता हूं।"</p>
<p>इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा किया था कि उन्होंने ईरान के साथ दो सप्ताह के द्विपक्षीय युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा की गारंटी देने पर भी सहमति व्यक्त की है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण ईरान को सौंपने पर भी सहमति व्यक्त की है।</p>
<p>ईरान ने अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए मुख्य रूप से अपनी 10 प्रमुख शर्तें रखी है।</p>
<p>इराक, लेबनान और यमन में जारी युद्धों का पूरी तरह अंत किया जाए।<br />ईरान के साथ चल रहा संघर्ष बिना किसी समयसीमा के स्थायी रूप से खत्म किया जाए।<br />पूरे क्षेत्र में सभी प्रकार के टकराव और हिंसक हालात समाप्त किए जाएं।<br />होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल दिया जाए।<br />होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम और व्यवस्थाएं बनाई जाएं।<br />ईरान को पुनर्निर्माण से जुड़ी पूरी लागत का मुआवजा दिया जाए।<br />ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाने के लिए ठोस और पूर्ण प्रतिबद्धता दिखाई जाए।<br />अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरान की जमी हुई संपत्तियों और फंड्स को वापस किया जाए।<br />ईरान परमाणु हथियार विकसित या हासिल करने का प्रयास न करने की स्पष्ट और पूरी प्रतिबद्धता जताए।<br />इन सभी शर्तों को स्वीकार करते ही हर मोर्चे पर तुरंत युद्धविराम लागू कर दिया जाए।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:29:34 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>दो हफ्ते का युद्धविराम: शुक्रवार को इस्लामाबाद में शुरू होगी ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता, पढ़ें ईरान के भेजे प्रस्ताव में क्या है खास ?</title>
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                        <![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम लागू हो गया है। शुक्रवार से इस्लामाबाद में निर्णायक वार्ता शुरू होगी। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा की गारंटी दी है, जबकि अमेरिका ने वहां का नियंत्रण ईरान को सौंपने पर सहमति जताई। विदेश मंत्री अराघची ने इस कूटनीतिक सफलता के लिए पाकिस्तान का आभार जताया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/two-week-ceasefire-talks-between-iran-and-america-will-start-in/article-149495"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि ईरान शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ वार्ता शुरू करेगा। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने परिषद के हवाले से बुधवार को कहा, "अमेरिकी पक्ष पर अविश्वास के साथ यह वार्ता 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में शुरू होगी। ईरान इसके लिए दो सप्ताह का समय देगा। पक्षों की सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान पूर्ण राष्ट्रीय एकता बनाए रखनी होगी।"</p>
<p>परिषद ने कहा कि इस अवधि के लिए युद्धविराम घोषित किया जाएगा साथ ही यह भी कहा कि वार्ता मतलब अमेरिका के साथ युद्ध का अंत नहीं है। बयान के अनुसार, अगर वार्ता के दौरान अमेरिका जरा सी भी गलती करता है तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर से मैं अपने प्रिय भाइयों, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर के क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के अथक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त करता हूं।"</p>
<p>इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा किया था कि उन्होंने ईरान के साथ दो सप्ताह के द्विपक्षीय युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा की गारंटी देने पर भी सहमति व्यक्त की है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण ईरान को सौंपने पर भी सहमति व्यक्त की है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:21:57 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>प्रमोद तिवारी ने किया अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम का स्वागत: स्थायी शांति की अपील, विश्व शांति के लिए एक सकारात्मक कदम</title>
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                        <![CDATA[कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच 15 दिवसीय युद्धविराम का स्वागत किया है। हालांकि, उन्होंने शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद को चुने जाने और इसमें चीन की भूमिका पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती बताते हुए स्थायी शांति की प्रार्थना की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pramod-tiwari-welcomed-the-ceasefire-between-america-and-iran-appealed/article-149493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pramod-tiwari.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस राज्यसभा सांसद और उप नेता प्रमोद तिवारी ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय विश्व शांति के लिए एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने बुधवार को ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी पक्षों को सद्बुद्धि मिले और यह 15 दिनों का अस्थायी युद्धविराम स्थायी शांति समझौते में परिवर्तित हो। प्रमोद तिवारी ने कहा एक भारतीय होने के नाते उन्हें यह पीड़ा भी है कि आगे की शांति वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित है, जिसमें चीन की भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। उनके अनुसार, यह स्थिति भारत की कूटनीतिक एवं राजनीतिक दृष्टि सेचिंताजनक है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम को लेकर सहमति बनी है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 10:56:06 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की शांति बोर्ड की घोषणा, गाजा योजना के दूसरे चरण की शुरुआत</title>
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                        <![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण और विसैन्यीकरण हेतु 'पीस बोर्ड' का गठन किया, जो नई तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार की निगरानी करेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-announces-peace-board-launch-of-second-phase/article-139779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा की निगरानी के लिए शांति बोर्ड के गठन की घोषणा की है। यह घोषणा इजरायल और हमास के बीच दो साल के संघर्ष के पश्चात हुए संघर्ष विराम के कुछ महीने बाद की गई है। गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपनी 20 सूत्री शांति योजना के दूसरे चरण के रूप में राष्ट्रपति ने संघर्ष विराम से अपना ध्यान हटाकर विसैन्यीकरण, तकनीकी शासन एवं पुनर्निर्माण पर केंद्रित किया है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने आधिकारिक रूप से गाजा शांति योजना के अगले चरण में प्रवेश कर लिया है जिसका मुख्य कारण संघर्ष विराम के दौरान वितरित की गई मानवीय सहायता का रिकॉर्ड स्तर है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, संघर्ष विराम के बाद से लगातार मेरी टीम ने गाजा में रिकॉर्ड स्तर की मानवीय सहायता पहुंचाने में मदद की है जिससे ऐतिहासिक गति से बड़ी संख्या में नागरिकों तक सहायता पहुंची है। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे अभूतपूर्व उपलब्धि बताया है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, मुझे घोषणा करते हुए अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है कि शांति बोर्ड का गठन हो चुका है। बोर्ड के सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी, लेकिन मैं विश्वासपूर्वक कह सकता हूं कि यह अब तक किसी भी समय, किसी भी स्थान पर गठित किया गया सबसे महान एवं प्रतिष्ठित बोर्ड है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ का हवाला देते हुए घोषणा किया कि हमने आधिकारिक रूप से गाजा की 20 सूत्री शांति योजना के अगले चरण में प्रवेश कर लिया है। राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, शांति बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में, मैं बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि द्वारा समर्थित नवगठित फिलस्तीनी तकनीकी सरकार, नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा का समर्थन करता हूं ताकि गाजा में संत्ता हस्तांतरण काल के दौरान उसका शासन संभाला जा सके। फिलिस्तीनी नेता शांतिपूर्ण भविष्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। </p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मिस्र, तुर्की और कतर के समर्थन से अमेरिका हमास के साथ एक व्यापक विसैन्यीकरण समझौता सुरक्षित करेगा जिसमें सभी हथियारों का आत्मसमर्पण और सभी सुरंगों को नष्ट करना शामिल है। उन्होंने आगे कहा, हमास को तुरंत अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए जिसमें इजरायल को अंतिम शव लौटाना भी शामिल है और बिना किसी देरी के पूर्ण रूप से सैन्य निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा, जैसा कि मैंने पहले भी कहा है वे इसे आसान या कठिन तरीके से कर सकते हैं। गाजा के लोग बहुत लंबे समय से पीड़ा झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि शक्ति के बल पर शांति की स्थापना हो।</p>
<p>अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प की योजना के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की और पुष्टि की है कि क्षेत्र में एक तकनीकी-प्रधान फिलिस्तीनी सरकार की स्थापना की जा रही है। विटकॉफ ने कहा कि पहले चरण के अंतर्गत, हमास और इजरायल अक्टूबर में युद्धविराम, बंधकों की अदला-बदली, इजरायल की आंशिक वापसी और मानवीय सहायता में वृद्धि पर सहमत हुए। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में गाजा का पुनर्निर्माण एवं पूर्ण विसैन्यीकरण शामिल है जिसमें हमास और अन्य फिलिस्तीनी समूहों का निरस्त्रीकरण भी शामिल है।</p>
<p>विटकॉफ ने कहा कि अमेरिका हमास से अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन करने की उम्मीद करता है। उन्होंने आगे कहा कि इनमें अंतिम मृत इजरायली बंधक के शव की वापसी भी शामिल है और ऐसा करने में विफल रहने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद, जेरेड कुशनर ने इस घोषणा की सराहना की, जो मध्य पूर्व पर विशेष सलाहकार के रूप में विटकॉफ के साथ काम कर चुके हैं। दूसरे चरण के दो प्रमुख तत्व हालांकि समस्या उत्पन्न करने वाला साबित हो सकते हैं। हमास ने पहले एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के निर्माण के बिना अपने हथियार छोडऩे से इनकार कर दिया था जबकि इजरायल ने गाजा से पूर्ण रूप से पीछे हटने की कोई प्रतिबद्धता व्यक्त नहीं की है।</p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 13:10:30 +0530</pubDate>
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