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                <title>Regional Stability - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Regional Stability RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महमूद कोमाती का दावा : हिज़्बुल्लाह को मध्य पूर्व संघर्ष के समाधान में रूस की भूमिका की उम्मीद, ट्रंप पर लगाया बाधाएँ और रुकावटें खड़ा करने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[हिज़्बुल्लाह नेता महमूद कोमाती ने मध्य पूर्व संकट में रूस की सक्रिय भूमिका की वकालत की है। उन्होंने कहा कि रूस के ईरान और अरब देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध शांति स्थापित कर सकते हैं, लेकिन अमेरिकी बाधाएं समाधान में रोड़ा अटका रही हैं। कोमाती के अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अमेरिका को अंततः रूस के प्रभाव की आवश्यकता होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/mahmoud-komati-claims-hezbollah-expects-russias-role-in-resolving-middle/article-150161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hizbullah1.png" alt=""></a><br /><p>बेरुत। हिज़्बुल्लाह के राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कोमाती ने बताया कि हिज़्बुल्लाह को उम्मीद है कि रूस, जिसके ईरान सहित मध्य पूर्वी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, इस क्षेत्र में संघर्ष के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोमाती ने कहा, “आज, रूस, ईरान के साथ अपने संबंधों और क्षेत्रीय स्तर पर कई अरब देशों और लेबनान के साथ अपने निष्ठापूर्ण संबंधों के कारण, एक भूमिका निभा सकता है और हम इसकी उम्मीद करते हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से, संयुक्त राज्य अमेरिका रूस की किसी भी भूमिका में बाधाएँ और रुकावटें पैदा कर रहा है।</p>
<p>इस बीच, आज अमेरिका और विशेष रूप से (राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रम्प, ईरान को प्रभावित करने और युद्धविराम हासिल करने के लिए रूस की ओर रुख कर रहे हैं। देर-सवेर, उन्हें रूस की आवश्यकता होगी।” राजनेता के अनुसार, हिज़्बुल्लाह रूस के रुख, क्षेत्र में उसकी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार मानव और राज्य अधिकारों की रक्षा को सकारात्मक रूप से देखता है। उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, दुर्भाग्य से, आज यह क्षेत्र अमेरिकी वर्चस्व, उसकी आक्रामकता, हत्या और विनाश से ग्रस्त है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:08:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने की क्रिस्टोफर लैंडौ से मुलाकात : वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा, अमेरिका और भारत के बीच घनिष्ठ साझेदारी की पुष्टि की</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ रक्षा, व्यापार और क्वॉड पर महत्वपूर्ण वार्ता की। फारस की खाड़ी और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर साझा रुख अपनाते हुए दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की आगामी भारत यात्रा इस जुड़ाव को नई दिशा देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indian-foreign-secretary-vikram-misri-meets-christopher-landau-discusses-global/article-149869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/vikram-mistri.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ और भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने फारस की खाड़ी की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण वैश्विक एवं क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान दोनों ने अमेरिका और भारत के बीच घनिष्ठ साझेदारी की पुष्टि की। उनकी चर्चा ने द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और क्षेत्रीय स्थिरता एवं वैश्विक सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। अपनी यात्रा के दौरान विदेश सचिव मिस्री ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। इस बैठक में व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा और क्वॉड ढांचे पर सहयोग की समीक्षा की गई।</p>
<p>भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इन वार्ताओं को 'रचनात्मक और भविष्योन्मुखी' बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रुबियो अगले महीने भारत की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले राजनीतिक मामलों की अमेरिकी उपमंत्री एलिसन हुकर के साथ हुई बैठकों में पिछले दिसंबर के विदेश कार्यालय परामर्श के बाद हुई प्रगति, पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और अन्य साझा क्षेत्रीय चिंताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। मिस्री ने वाशिंगटन स्थित रणनीतिक विशेषज्ञों के साथ भी संवाद किया और ऊर्जा, भोजन एवं आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाली वैश्विक चुनौतियों तथा भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा की। यह यात्रा भारत-अमेरिका रणनीतिक जुड़ाव की गति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर उनके सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:57:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघर गालिबफ ने कहा-अमेरिका बातचीत की आड़ में ज़मीनी अभियान की बना रहा योजना</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघर गालिबफ ने अमेरिका पर बातचीत का ढोंग रचने और गुप्त रूप से जमीनी हमले की योजना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी सेना अमेरिकी सैनिकों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। 28 फरवरी के हमलों के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-parliament-speaker-mohammad-baghar-ghalibaf-said-america-is/article-148387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/mohammad-bagher-zolghadr.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघर गालिबफ ने कहा है कि अमेरिका सार्वजनिक रूप से बातचीत की पहल का संदेश भेज रहा है लेकिन गुप्त रूप से वह जमीनी सैन्य अभियान की योजना बना रहा है। गालिबफ ने रविवार को ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी पर एक बयान में कहा, "दुश्मन बातचीत और संवाद के संदेश भेजने का ढोंग करता है, जबकि गुप्त रूप से जमीनी हमले की योजना बना रहा है। वह यह नहीं जानता कि हमारे लोग अपनी धरती पर अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन पर गोलियां चला सकें और क्षेत्र में उनके साथियों को हमेशा के लिए दंडित कर सकें।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में राजधानी समेत विभिन्न सैन्य एवं नागरिक ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे संपत्ति की काफी क्षति पहुंची और अनेक नागरिक हताहत हुए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 13:25:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पाकिस्तान के लिए खुशखबरी: ईरान ने 20 और जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की दी मंजूरी, इशाक डार ने शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने घोषणा की है कि ईरान ने 20 और पाकिस्तानी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। प्रतिदिन दो जहाज इस मार्ग का उपयोग करेंगे। डार ने इसे "शांति का संकेत" और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कूटनीति की जीत बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/good-news-for-pakistan-iran-gives-permission-to-20-more/article-148312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pakistn.png" alt=""></a><br /><p>पाकिस्तान। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को कहा कि ईरान ने पाकिस्तानी ध्वज वाले 20 और जहाजों को व्यस्त होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन दो जहाज इस जलडमरूमध्य क्षेत्र से गुजरेंगे। डार ने कहा, ''मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ईरान सरकार ने पाकिस्तानी ध्वज वाले 20 और जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई है।''</p>
<p>उन्होंने इसे ''शांति का संकेत'' और ईरान का ''स्वागत योग्य और रचनात्मक कदम'' बताते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र में स्थिरता लाने में सहायक होगा। डार ने कहा, ''यह सकारात्मक घोषणा शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इस दिशा में हमारे सामूहिक प्रयासों को मजबूत करेगी तथा संवाद, कूटनीति एवं इस तरह के विश्वास-निर्माण के उपाय ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 18:01:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया तनाव के बीच पाकिस्तानी पीएम ने की ईरानी राष्ट्रपति से टेलिफोन पर बात: अमेरिका-ईरान की मेजबानी का रखा प्रस्ताव, युद्ध समाप्त करने की अपील की</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की औपचारिक पेशकश की है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से वार्ता के बाद, पाकिस्तान ने निर्णायक संवाद के लिए मेजबान बनने को 'सम्मान' बताया। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-west-asia-tension-pakistani-pm-spoke-to-iranian-president/article-147795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pakistan3.png" alt=""></a><br /><p>पाकिस्तान। पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी करने की पेशकश की है, ताकि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को समाप्त किया जा सके।</p>
<p>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, अमेरिका और ईरान की सहमति के अधीन, पाकिस्तान सार्थक और निर्णायक बातचीत को सुगम बनाने तथा जारी संघर्ष के व्यापक समाधान के लिए मेजबान बनने के लिए तैयार है और इसे अपने लिए सम्मान की बात मानता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र और उससे आगे शांति और स्थिरता के हित में पश्चिम एशिया के युद्ध को समाप्त करने के लिए जारी संवाद के प्रयासों का स्वागत करता है और उनका पूर्ण समर्थन करता है।  </p>
<p>पीएम शरीफ का यह प्रस्ताव उनके मंगलवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ हुई टेलीफोन और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक दार की उनके ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के साथ एक दिन पहले हुई बातचीत के बाद आया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 14:18:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईरान का बड़ा बयान: बिना गारंटी और हर्जाने के युद्ध का अंत संभव नहीं, नुकसान के लिए उठाई मुआवजे के भुगतान की भी मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्ध विराम के लिए हमलों की पुनरावृत्ति न होने की गारंटी और मुआवजे की शर्त रखी है। उन्होंने पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए इज़रायल को जिम्मेदार ठहराते हुए संयुक्त जांच समिति का प्रस्ताव दिया। अराघची ने चेतावनी दी कि ऊर्जा केंद्रों पर हमला होने पर क्षेत्र में सक्रिय अमेरिकी कंपनियों को सीधा निशाना बनाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-big-statement-end-of-war-is-not-possible-without/article-146581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-foreign-minister-abbas-araghchi.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मौजूदा युद्ध का अंत तभी संभव है जब इस बात की पुख्ता गारंटी दी जाए कि हमले दोबारा नहीं दोहराए जाएंगे। अराघची ने एक प्रमुख अरबी समाचार पत्र से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि युद्ध का अंत तभी संभव है जब इस बात की पुख्ता गारंटी दी जाए कि हमले दोबारा नहीं दोहराए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने संघर्ष के दौरान हुए नुकसान के लिए हर्जाने या मुआवजे के भुगतान की मांग भी उठाई है। </p>
<p>अराघची ने क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाने का प्रस्ताव भी दिया है जो क्षेत्र में हुए हमलों की बारीकी से जांच कर सके। ईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि तेहरान की सैन्य कार्रवाइयां केवल इस क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों और हितों तक ही सीमित रही हैं। उन्होंने इस बात का पुरजोर खंडन किया कि ईरान ने पड़ोसी देशों के किसी भी नागरिक या आवासीय क्षेत्र को निशाना बनाया है।  </p>
<p>अराघची ने आशंका जताई कि अरब देशों के नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों के पीछे इजरायल का हाथ हो सकता है, जिसका उद्देश्य ईरान और उसके पड़ोसी अरब देशों के मधुर संबंधों में दरार पैदा करना है। अराघची ने यह भी सनसनीखेज दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के शाहिद की तरह ही लुकास नामक एक नया ड्रोन बनाया है, जिसका उपयोग अरब देशों में ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के ऊर्जा केंद्रों या तेल सुविधाओं को निशाना बनाया गया, तो तेहरान इसका कड़ा जवाब देगा। ऐसी स्थिति में ईरान इस क्षेत्र में सक्रिय अमेरिकी कंपनियों की ठिकानों पर सीधा हमला करेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 17:31:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने की ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात: शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर जताई गहरी चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से क्षेत्र के तनावपूर्ण हालातों पर चर्चा की। पीएम ने कूटनीति और संवाद के जरिए शांति बहाली का आग्रह किया। भारत की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-spoke-on-telephone-with-iranian-president-dr-masoud/article-146327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की हैं। टेलीफोन में हुई बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और शांति बहाली के लिए बातचीत तथा कूटनीति का आग्रह किया।</p>
<p>उन्होंने तनाव बढ़ने, आम नागरिकों की जान जाने तथा नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा, साथ ही सामान और ऊर्जा के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 11:53:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शांति की अपील: पीएम मोदी ने की बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात, ताजा घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए युद्ध को जल्द खत्म करने पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताई। मोदी ने युद्ध विराम की आवश्यकता पर जोर देते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। ईरान पर हमलों के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली महत्वपूर्ण वार्ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-modi-spoke-to-benjamin-netanyahu-on-telephone-expressed-concern/article-145108"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi-and-israel-pm.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए युद्ध को जल्द खत्म किए जाने की जरूरत पर बल दिया है। पीएम मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री के साथ रविवार रात हुई बातचीत के दौरान कहा कि आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। </p>
<p>ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद पीएम मोदी ने पहली बार नेतन्याहू से बात की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, इलाके के मौजूदा हालात पर बात करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फ़ोन पर बात हुई। हाल के घटनाक्रम पर भारत की चिंताएं बताईं और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। भारत ने लड़ाई जल्द खत्म करने की जरूरत दोहराई।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच इस टकराव के कारण पश्चिम एशिया में हालत चिंताजनक बने हुए हैं। पीएम मोदी ने रविवार रात केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में भी पश्चिम एशिया की स्थिति की समीक्षा की है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 13:27:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने की पाकिस्तान-अफगानिस्तान से युद्धविराम की अपील, 133 अफगान तालिबान लड़ाके और पाकिस्तान के 2 जवान शहीद </title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते खूनी संघर्ष पर चीन ने गहरी चिंता व्यक्त की। 130 से अधिक लड़ाकों की मौत के बाद बीजिंग ने दोनों देशों से तुरंत युद्धविराम और संयम बरतने की अपील की है। प्रवक्ता माओ निंग ने तनाव कम करने के लिए रचनात्मक मध्यस्थता की पेशकश करते हुए कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinese-president-xi-jinping-appealed-for-ceasefire-between-pakistan-and/article-144852"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/chinese-president-xi-jinping.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हिंसक झड़पों को लेकर बहुत चिंतित है और उसने दोनों पक्षों से युद्धविराम के लिए बातचीत की है। गौरतलब है कि इन झड़पों में 133 अफगान तालिबान लड़ाके और पाकिस्तान के दो जवान मारे गये हैं। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा राजधानी काबुल सहित अफगानिस्तान के बड़े शहरों पर बमबारी के बाद चीन संघर्ष के बढऩे पर बहुत चिंतित है। चीन ने दोनों पक्षों से शांत रहने और संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि जितनी जल्दी हो सके युद्धविराम और खून-खराबा से बचा जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा, चीन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष में लगातार मध्यस्थता की है और आगे भी तनाव कम करने में एक रचनात्मक भूमिका निभाना जारी रखने को वह तैयार है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय और पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान में चीन के दूतावास इस मामले पर दोनों देशों में संबंधित पार्टियों के साथ काम कर रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार का कहना है कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए। जबकि पाकिस्तान का कहना है कि चल रही झड़पों में उसके दो जवान मारे गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 16:36:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>किम जोंग उन का दावा: बोलें अमेरिका शत्रुतापूर्ण नीति छोड़ उत्तर कोरिया के परमाणु राष्ट्र संपन्न दर्जा स्वीकार कर ले, तो सुधर सकते हैं संबंध </title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने अमेरिका के साथ संबंध सुधारने के लिए परमाणु संपन्न राष्ट्र के संवैधानिक दर्जे को स्वीकारने की रखी शर्त। शत्रुतापूर्ण नीति त्यागने पर ही बातचीत संभव। दक्षिण कोरिया को सबसे बड़ा दुश्मन बताया। किम जोंग उन ने दोहराया परमाणु शस्त्रागार के विस्तार का संकल्प।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/kim-jong-un-claims-that-relations-can-improve-if-america/article-144736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/kim-jong-un.png" alt=""></a><br /><p>प्योंगयांग। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कहा है कि यदि अमेरिका अपनी शत्रुतापूर्ण नीति छोड़कर उत्तर कोरिया के परमाणु संपन्न राष्ट्र के संवैधानिक दर्जे को स्वीकार करता है, तो उत्तरी कोरिया अमेरिका के साथ संबंधों को सुधारने के लिए तैयार होगा। रिपोर्ट के अनुसार, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की नौवीं कांग्रेस के अवसर पर आयोजित एक परमाणु सैन्य परेड में किम जोंग उन ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, यदि अमेरिका उत्तर कोरिया के संविधान में परिभाषित परमाणु राष्ट्र की वर्तमान स्थिति का सम्मान करता है और उत्तर कोरिया के प्रति अपनी शत्रुतापूर्ण नीति वापस लेता है, तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम अमेरिका के साथ अच्छे संबंध स्थापित न कर सकें।</p>
<p>किम जोंग उन ने कहा कि अमेरिका और उत्तर कोरिया साथ चल सकते हैं, लेकिन केवल तभी जब अमेरिका यह स्वीकार कर ले कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार स्थायी रूप से रहेंगे। उत्तरी कोरिया के सुप्रीम लीडर की टिप्पणियों को अप्रैल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा से पहले अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खोलने के रूप में देखा गया। किम जोंग उन ने हालांकि दक्षिण कोरिया के साथ किसी भी राजनयिक सुधार की उम्मीदों को खारिज करते हुए उन्हें सबसे बड़ा शत्रु करार दिया।</p>
<p>इसके आगे किम जोंग उन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया ने देश की पहचान एक परमाणु संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थायी रूप से स्थापित कर दी है और विरोधियों को स्पष्ट कर दिया है कि जब तक वैश्विक वातावरण में मौलिक बदलाव नहीं आता, उत्तरी कोरिया अपने परमाणु हथियारों का त्याग नहीं करेगा। सुप्रीम लीडर ने इस बात पर जोर दिया कि देश के परमाणु सशस्त्र बलों का और अधिक विस्तार और सुदृढ़ीकरण करना पार्टी के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा, हमारे पास वार्षिक आधार पर राष्ट्रीय परमाणु शक्ति को मजबूत करने की एक दीर्घकालिक योजना है और हम परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ परमाणु अभियानों के साधनों और दायरे के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेंगे।</p>
<p>किम जोंग उन के अनुसार, उत्तर कोरिया का परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र का दर्जा संभावित विरोधियों को रोकने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाये रखने का काम करता है। उन्होंने परमाणु शक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा, हितों के लिए एक प्रमुख सुरक्षा कवच बताया। किम ने एशिया-प्रशांत में अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधनों पर स्वीकार्य सीमा से बाहर विस्तार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सैन्य गतिविधियां एक तनावपूर्ण और असामान्य स्थिति पैदा कर रही हैं, जो कोरियाई प्रायद्वीप और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 18:01:39 +0530</pubDate>
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                <title>सीरिया ने आईएस बंदियों को भेजने के लिये कुर्द बलों के साथ संघर्ष विराम को 15 दिनों के लिए बढ़ाया</title>
                                    <description><![CDATA[सीरिया ने उत्तरपूर्व में तनाव के बीच कुर्द बलों के साथ संघर्ष विराम 15 दिन बढ़ाया। यह कदम आईएस बंदियों को इराक भेजने में सहयोग के लिए उठाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/syria-extends-ceasefire-with-kurdish-forces-for-15-days-to/article-140793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>दमिश्क। सीरिया ने उत्तर पूर्वी हिस्से में तनाव जारी रहने के बीच शनिवार को इस्लामिक स्टेट (आईएस) के बंदियों को सीरिया से इराक भेजने में मदद के लिये कुर्द बलों के साथ संघर्ष विराम 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। सीरियाई रक्षा प्राधिकरण ने एक बयान में यह जानकारी दी है।</p>
<p>बयान के अनुसार, सीरियाई सेना के सभी क्षेत्रों में संघर्ष विराम शनिवार को स्थानीय समयानुसार रात 11:00 बजे से 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। यह निर्णय कुर्द नेतृत्व वाली सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) द्वारा संचालित जेलों से आईएस बंदियों को भेजने के लिये अमेरिका के नेतृत्व वाले अभियान के समर्थन में लिया गया है।</p>
<p>यह विस्तार सीरियाई सेना और एसडीएफ के बीच उल्लंघन के आपसी आरोपों और नए सिरे से लड़ाई की तैयारियों के बीच हुआ है, जो उत्तरपूर्वी सीरिया में हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद हालिया तनाव कम करने के गंभीर प्रयासों को दर्शाता है।</p>
<p>इस बीच, सीरिया के विदेश मामलों के अधिकारी मोहम्मद ताहा अल-अहमद ने सरकारी मीडिया को बताया कि प्राधिकरण के प्रस्तावों पर एसडीएफ की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है और समूह पर बार-बार युद्धविराम की मांग करने का आरोप लगाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 15:38:11 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की शांति बोर्ड की घोषणा, गाजा योजना के दूसरे चरण की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण और विसैन्यीकरण हेतु 'पीस बोर्ड' का गठन किया, जो नई तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार की निगरानी करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-announces-peace-board-launch-of-second-phase/article-139779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा की निगरानी के लिए शांति बोर्ड के गठन की घोषणा की है। यह घोषणा इजरायल और हमास के बीच दो साल के संघर्ष के पश्चात हुए संघर्ष विराम के कुछ महीने बाद की गई है। गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपनी 20 सूत्री शांति योजना के दूसरे चरण के रूप में राष्ट्रपति ने संघर्ष विराम से अपना ध्यान हटाकर विसैन्यीकरण, तकनीकी शासन एवं पुनर्निर्माण पर केंद्रित किया है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने आधिकारिक रूप से गाजा शांति योजना के अगले चरण में प्रवेश कर लिया है जिसका मुख्य कारण संघर्ष विराम के दौरान वितरित की गई मानवीय सहायता का रिकॉर्ड स्तर है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, संघर्ष विराम के बाद से लगातार मेरी टीम ने गाजा में रिकॉर्ड स्तर की मानवीय सहायता पहुंचाने में मदद की है जिससे ऐतिहासिक गति से बड़ी संख्या में नागरिकों तक सहायता पहुंची है। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे अभूतपूर्व उपलब्धि बताया है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, मुझे घोषणा करते हुए अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है कि शांति बोर्ड का गठन हो चुका है। बोर्ड के सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी, लेकिन मैं विश्वासपूर्वक कह सकता हूं कि यह अब तक किसी भी समय, किसी भी स्थान पर गठित किया गया सबसे महान एवं प्रतिष्ठित बोर्ड है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ का हवाला देते हुए घोषणा किया कि हमने आधिकारिक रूप से गाजा की 20 सूत्री शांति योजना के अगले चरण में प्रवेश कर लिया है। राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, शांति बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में, मैं बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि द्वारा समर्थित नवगठित फिलस्तीनी तकनीकी सरकार, नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा का समर्थन करता हूं ताकि गाजा में संत्ता हस्तांतरण काल के दौरान उसका शासन संभाला जा सके। फिलिस्तीनी नेता शांतिपूर्ण भविष्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। </p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मिस्र, तुर्की और कतर के समर्थन से अमेरिका हमास के साथ एक व्यापक विसैन्यीकरण समझौता सुरक्षित करेगा जिसमें सभी हथियारों का आत्मसमर्पण और सभी सुरंगों को नष्ट करना शामिल है। उन्होंने आगे कहा, हमास को तुरंत अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए जिसमें इजरायल को अंतिम शव लौटाना भी शामिल है और बिना किसी देरी के पूर्ण रूप से सैन्य निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा, जैसा कि मैंने पहले भी कहा है वे इसे आसान या कठिन तरीके से कर सकते हैं। गाजा के लोग बहुत लंबे समय से पीड़ा झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि शक्ति के बल पर शांति की स्थापना हो।</p>
<p>अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प की योजना के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की और पुष्टि की है कि क्षेत्र में एक तकनीकी-प्रधान फिलिस्तीनी सरकार की स्थापना की जा रही है। विटकॉफ ने कहा कि पहले चरण के अंतर्गत, हमास और इजरायल अक्टूबर में युद्धविराम, बंधकों की अदला-बदली, इजरायल की आंशिक वापसी और मानवीय सहायता में वृद्धि पर सहमत हुए। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में गाजा का पुनर्निर्माण एवं पूर्ण विसैन्यीकरण शामिल है जिसमें हमास और अन्य फिलिस्तीनी समूहों का निरस्त्रीकरण भी शामिल है।</p>
<p>विटकॉफ ने कहा कि अमेरिका हमास से अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन करने की उम्मीद करता है। उन्होंने आगे कहा कि इनमें अंतिम मृत इजरायली बंधक के शव की वापसी भी शामिल है और ऐसा करने में विफल रहने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद, जेरेड कुशनर ने इस घोषणा की सराहना की, जो मध्य पूर्व पर विशेष सलाहकार के रूप में विटकॉफ के साथ काम कर चुके हैं। दूसरे चरण के दो प्रमुख तत्व हालांकि समस्या उत्पन्न करने वाला साबित हो सकते हैं। हमास ने पहले एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के निर्माण के बिना अपने हथियार छोडऩे से इनकार कर दिया था जबकि इजरायल ने गाजा से पूर्ण रूप से पीछे हटने की कोई प्रतिबद्धता व्यक्त नहीं की है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 13:10:30 +0530</pubDate>
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