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                <title>उत्तर चला रहा पुराने से काम, दक्षिण ने बढ़ाए कई गुना दाम</title>
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                        <![CDATA[कोटा दक्षिण में सामुदायिक भवनों की पिछले तीन सप्ताह से बुकिंग ही नहीं हुई है
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/north-is-running-the-same-old-work--south-has-increased-the-prices-several-times/article-111091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(3)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  एक ही शहर में नगर निगम  कोटा उत्तर व दक्षिण के सामुदायिक भवनों के किराए में  इतना अधिक अंतर है कि उत्तर में किराया कम और दक्षिण में अधिक है। हालत यह है कि दक्षिण निगम में जब से सामुदायिक भवनों का किराया बढ़ाया गया है उसके बाद से एक भी सामुदायिक भवन की बुकिंग नहीं हुई है। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में छोटे-बड़े करीब 15-15 सामुदायिक भवन है। जो बरसों पुराने होने से उनमें पर्याप्त सुविधाएं तक नहीं है। उसके बावजूद भी इनका किराया कम होने व छोटे- आयोजनों के लिए लोग निगम के सामुदायिक भवनों का उपयोग करते रहे हैं। निगम की तुलना में केडीए के सामुदायिक भवनों का किराया अधिक है। लेकिन केडीए के सामुदायिक भवन बड़े और सुविधा युक्त भी है। जिससे लोगों को उनका किराया अधिक होने पर भी बुक करवाने में कोई समस्या नहीं है।  बिना सुविधाओं के भी लोग निगम के सामुदायिक भवनों को बुक कर उनका उपयोग कर रहे थे। कोटा उत्तर निगम में अभी भी किया जा रहा है। लेकिन कोटा दक्षिण में सामुदायिक भवनों की पिछले तीन सप्ताह से बुकिंग ही नहीं हुई है। </p>
<p><strong>पार्षदों ने जताया विरोध, नहीं हुआ असर</strong><br />निगम आयुक्त द्वारा 24 मार्च को सामुदायिक भवनों का किराया बढ़ाने का आदेश जारी होने के साथ ही कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करना शुरु कर दिया था। पार्षद अनुराग गौतम, कपिल शर्मा, गफ्फार हुसैन, प्रफुल्ल पाठक समेत कई पार्षदों ने विरोध करते हुए किराए को कम करने की मांग की थी।  उनका कहना था कि इतना अधिक किराया बढ़ाकर निगम जनता पर आर्थिक भार डाल रहा है। जबकि निगम के सामुदायिक भवन सस्ते होने से अधिकतर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग ही इनका उपयोग करते हैं।  पार्षदों का कहना है कि किराया बढ़ाने से न तो  सामुदायिक भवनों की बुकिंग हो रही है। जिससे  न तो लोगों को उसका लाभ मिल रहा है और न ही निगम को राजस्व प्राप्त हो रहा है। दोनों तरफ से नुकसान भुगतना पड़ रहा है। लेकिन अभी तक उस पर कोई निर्णय नहीं किया गया। </p>
<p><strong>24 मार्च से लागू किया बढ़ा किराया</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से गत माह 24 मार्च को आदेश जारी कर उनके क्षेत्र के सभी सामुदायिक भवनों, भीतरिया कुंड बारहद्वारी का ुकराया 5 से 10 गुना बढ़ा दिया है।  निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार सामदायिक भवनों की बुकिंग निगम के राजस्व अनुभाग के माध्यम से की जाती है। लेकिन किराया बढ़ाने के बाद 24 मार्च से कोटा दक्षिण निगम में न तो भीतरिया कुंड बारहद्वारी की बुकिंग हुई है और न ही सामुदिायिक भवनों की। जिससे कम किराए में निगम को जो राजस्व प्राप्त हो रहा था वह भी बंद हो गया है। </p>
<p><strong>जानकारी कर रहे लेकिन बुक नहीं</strong><br />नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार किराया बढ़ाने से पहले भीतरिया कुंड समेत अन्य सामुदायिक भवनों की नियमित बुकिंग हो रही थी। हालांकि बुकिंग आॅफ लाइन ही की जाती है। लेकिन हालत यह है कि सबसे अधिक आयोजनों के लिए बुक होने वाला भीतरिया कुंड तक में 24 मार्च के बाद कोई बुकिंग नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार लोग सामुदायिक भवन व भीतरिया कुंड की बारहद्वारी को बुक तो करना चाहते है। यही कारण है कि निगम में इसकी जानकारी भी कर रहे है। साथ ही यह भी पूछ रहे हैं कि  किराया कम हुआ या नहीं। जवाब नहीं मिलने पर वे दोबारा  लौटकर ही नहीं आ रहे। </p>
<p> नगर निगम के सामुदायिक भवन व भीतरिया कुंड के बारहद्वारी सस्ते होने से अधिक लोग इनका उपयोग कर पा रहे थे। लेकिन निगम ने बिना उनमें सुधार किए उनका किराया इतना अधिक बढ़ा दिया कि आम आदमी उनका किराया देखकर ही घबराने लगा है। निगम के सामुदायिक भवनों में सुविधाएं नहीं होने से साथ ही ये छोटे भी है। ऐसे में इनका किराया बढ़ाने से आम आदमी पर आर्थिक भार डाला जा रहा है। <br /><strong>- राजेन्द्र सिंह, शिवपुरा</strong></p>
<p>छावनी समेत कई जगह पर निगम के सामुदायिक भवन तो हैं लेकिन उनकी दशा इतनी अधिक खराब हो रही है कि उनका उपयोग करने से पहले लोग उसी दशा देखकर ही दूर भागते है। लेकिन किराया कम होने से कई लोग इनका उपयोग भी कर रहे थे। वहीं निगम ने बिना इनकी मरम्मत करवाए और सुविधाएं बढ़ाए बिना किराया बढ़ा दिया जिससे मध्यम व गरीब वर्ग के लोगों के लिए समस्या खड़ी कर दी है। वे इन्हें किराए पर लेना तो चाहते हैं लेकिन किराया पहले से कई  गुना बढ़ाने पर इनका उपयोग नहीं कर रहे हैं। <br /><strong>- वल्लभ अग्रवाल, छावनी</strong></p>
<p><strong>महापौर ने लिखा था यृू ओ नोट</strong><br />इधर आयुक्त द्वारा किराया बढ़ाए जाने का आदेश जारी होते ही कोटा दक्षिण निगम के महापौर राजीव अग्रवाल ने उसी दिन आयुक्त के नाम यू ओ नोट लिखा था। जिसमें बढ़ाए गए किराए को आगामी आदेश तक स्थगित रखने के लिए निर्देशित किया गया था।  लेकिन हालत यह है कि तीन सप्ताह होने के बाद भी न तो यू ओ नोट पर कोई कार्रवाई की गई और न ही उसका जवाब दिया गया। </p>
<p>निगम के सामुदायिक भवनों का किराया इतना अधिक बढ़ाना जनता पर सीधा आर्थिक भार डालना है। किराया बढ़ाने की जानकारी मिलते ही आयुक्त को यू ओ नोट लिख दिया था। जिसमें बढ़े हुए किराए को फिलहाल स्थगित रखने के लिए निर्देशित किया था। लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ना ही आयुक्त ने यू ओ नोट का कोई जवाब दिया है। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>नगर निगम कोटा उत्तर में सामुदायिक भवनों का किराया नहीं बढ़ाया है। पुरानी दर से ही किराया लिया जा रहा है। वहीं निगम के सामुदायिक भवनों की नियमित बुकिंग भी हो रही है। <br /><strong>- महावीर सिंह सिसोदिया, उपायुक्त, नगर निगम कोटा उत्तर</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 14:31:39 +0530</pubDate>
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                <title> असर खबर का - कोटा में फिर एक निगम और वार्ड 100, कल से शुरु होगा वार्डों में परिसीमन का काम</title>
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                        <![CDATA[ कोटा समेत राज्य के तीनों प्रमुख शहरों में फिर से एक-एक नगर निगम होंगे। कोटा में एक निगम होने के साथ ही वार्डों की संख्या भी 100 होगी]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-impact-of-the-news---kota-will-have-one-corporation-again-and-100-wards/article-104327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा समेत राज्य के तीनों प्रमुख शहरों में फिर से एक-एक नगर निगम होंगे। कोटा में एक निगम होने के साथ ही वार्डों की संख्या भी 100 होगी। वार्डों में नए सिरे से परिसीमन का काम 16 फरवरी से शुरु कर 20 मार्च तक पूरा करना है। स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में सभी जिला कलक्टर व निर्वाचन अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार सभी नगर निकायों में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन व वार्डों का पुर्नगठन किया जाना है। नगरीय निकायों में वार्डों की संख्या का निर्धारण  जनसंख्या के आधार पर  किया जाना है। 10 से 13 लाख तक की जनसंख्या वाले शहरों मे वार्डों की संख्या 100 रखी जानी है। इस हिसाब से कोटा में वाडोरं की संख्या 100 रहेगी। वार्डों में जनसंख्या का अनुपात समान हो इसलिए इसके समायोजन के लिए अनुपातिक सीमा से जनसंख्या 15 प्रतिशत कम या अधिक हो सकती है।  आदेश के अनुसार वार्डों में परिसीमांकन के प्रस्ताव तैयार कर प्रकाशन का काम  33 दिन में यानि 16 फरवरी से 20 मार्च तक किया जाना है।  परिसीमांकन के प्रस्तावों पर आपत्ती आमंत्रित करने का काम 21 दिन में यानि 21 मार्च से 10 अप्रैल तक पूरा करना है। उसके बाद वार्ड गठन प्रस्ताव मय नक् शे व प्राप्त दावों पर टिप्पणी सहित राज्य सरकार को विशेष वाहक द्वारा 21 दिन में यानि 11 अप्रैल से 1 मई तक प्रेषित किया जाना है। राज्य सरकार द्वारा आपत्तियों का निस्तारण व प्रस्तावों का अनुमोदन 14 दिन में 2 मई से 15 मई तक किया जाना है। </p>
<p><strong>कांग्रेस सरकार में बनाए थे दो निगम</strong><br />राज्य में कांग्रेस सरकार आने पर कोटा समेत तीन बड़े शहरों में दो-दो नगर निगम बनाए गए थे। कोटा उत्तर व दक्षिण निगम बनाने के बाद यहां नए सिरे से परिसेीमन कराया गया था। जिससे वार्डों की संख्या 65 से बढ़ाकर 150 कर दी गई थी।  लेकिन हालत यह है कि कोटा में दो नगर निगम बनाने के बाद भी लोगों को इसका फायदा नहीं मिला था। वरन् लोग उत्तर दक्षिण के चक्कर में परेशान ही होते रहे। राज्य में सरकार बदलते ही फिर से कोटा समेत तीनों बड़े शहरों में एक नगर निगम करने की चर्चा शुरु हो गई थी। स्वायत्त शासन मंत्री भी कई बार इस संबंध में जानकारी दे चुके थे। अब सरकार द्वारा इस पर मोहर लगा दी गई है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि कोटा में फिर से एक नगर निगम बनाने व 100 वार्ड करने के संबंध में दैनिक नवज्योति ने समाचार प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 15 दिसम्बर 2024 के अंक में पेज 7 पर परिसीमन से पहले होंगे दोनों नगर निगम एक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इससे पहले भी दैनिक नवज्योति समय-समय पर कोटा में एक नगर निगम होने व वार्डों की संख्या 100 होने के संबंध में समाचार प्रकाशित कर चुका है। </p>
<p><strong>सरकार के  आदेश के अनुसार करेंगे काम</strong><br /> कोटा में एक नगर निगम बनाने व वार्डों के नए सिरे से परिसीमन करने का आदेश जारी हो चुका है। डीएलबी द्वारा जारी आदेश के अनुसार समयबद्ध रूप से चरणवार परिसीमन का काम शुरु कर दिया जाएगा। समय पर काम पूरा किया जाएगा। वैसे 5 साल पहले ही परिसीमन हुआ था। इस कारण से इस बार अधिक समस्या नहीं होगी। वार्डों की जनसंख्या का निर्धारण भी समानता के आधार पर ही किया जाएगा। <br /><strong>-अशोक त्यागी, आयुक्त नगर निगम कोटा उत्तर</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 15:25:14 +0530</pubDate>
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                <title>जमीन समतल की न गंदगी साफ, बना दिया किसान रंगमंच</title>
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                        <![CDATA[ ऐसे में किसान रंगमंच के कार्यक्रम देखने आने वाले दर्शकों को बैठने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।  ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-land-was-not-leveled-and-the-dirt-was-not-cleaned--farmers-made-it-a-theatre/article-60106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/jamen-samatal-ki-gandagi-saph-bana-diya-kisaan-rangmanch-...kota-news-21-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से आयोजित होने वाला 130 वां दशहरा मेला धीरे-धीरे परवान पर तो चढ़ रहा है। जहां श्रीराम रंगमंच व विजयश्री रंगमंच को सजाया गया है वहीं मैदान के फेज दो में बनाया गया किसान रंगमंच की जगह को न तो समतल किया गया और न ही गंदगी साफ की गई। नगर निगम की ओर से आयोजित मेले का उद्घाटन तो हो गया है। अब 24 अक्टृबर को दशहरे के दिन रावण दहन होगा। उस दिन से मेला परवान पर चढ़ेगा। हालांकि अभी तक मैदान में गिनती की ही दुकानें सजी हैं। अधिकतर फूड कोर्ट ही लगा है।  वहीं दशहरा मैदान के फेज दो में अम्बेडकर भवन के पीछे किसान रंगमंच बनाया गया है। जहां स्थानीय आर्केस्ट्रा पार्टियों द्वारा रोजाना सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। उस किसान रंगमंच के आस-पास की जगह की हालत इतनी खराब है कि वह पूरी तरह से उबड़-खाबड़ हो रही है। उस जमीन को समतल तक नहीं किया गया है। ऐसे में किसान रंगमंच के कार्यक्रम देखने आने वाले दर्शकों को बैठने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।  किसान रंगमंच के आस-पास कचरा पात्र रखा हुआ है। वहां कचरे के ढेर लगे हैं। पास ही मवेशियों का झुंड खड़ा है। ऐसे में नगर निगम की किसान रंगमंच व फेज दो मैदान के बारे में स्थिति का आंकलन किया जा सकता है। निगम अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को किसान रंगमंच पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने वालों से आवेदन के लिए निविदा जारी कर दी गई है। यहां 26 अक्टूबर से कार्यक्रम शुरू होंगे। </p>
<p><strong>बाल प्रतिभा कार्यक्रम 31 को</strong><br />इधर नगर निगम आयुक्त व मेला अधिकारी की ओर से मेले के दौरान होने वाले बाल प्रतिभा कार्यक्रम की तिथि 31 अक्टूबर तय की गई है।  विजयश्री रंगमंच पर होने वाले इस कार्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रथम वर्ग 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के लिए और दूसरा वर्ग 13 से 18 आयु वर्ग  की बाल प्रतिभाएं भाग ले सकेंगी। इसके लिए 23 अक्टूबर तक आवेदन किए जा सकेंगे। </p>
<p><strong>वेस्ट जोन की पूरी हुई नीलामी</strong><br />इधर दशहरा मैदान के फेज एक में वेस्ट जोन में दुकानों की नीलमाी शुक्रवार को पूरी हो गई। सुबह से रात तक यहां व्यापारियों की भीड़ लगी रही। यहां छोटी दुकान जिसका किराया मेला अवधि के दौरान 10 से 15 हजार रुपए रहता है वह नीलामी में 1 से सवा लाख रुपए तक में छूटी है।  निगम सूत्रों के अनुसार राजस्व अनुभाग द्वारा की जा रही नीलामी के तहत शनिवार व रविवार को ईस्ट जोन की दुकानों की नीलामी शुरू होगी। </p>
<p><strong>एक ही कवि सम्मेलन का इरादा</strong><br />दशहरा मेले में हर बार चाहे विधानसभा की आचार संहिता हो या चुनावी दौर। उसमें भी मेला अवधि में होने वाले परम्परागत सभी कार्यक्रम होते रहे हैं। लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव की आचार संहिया की आड़ में मेले की शान कहे जाने वाले राजस्थानी व अटल कवि सम्मेलन के होने की संभावना नहीं है। जबकि अखिल भारतीय स्तर का एक ही कवि सम्मेलन किया जा सकता है। उसमें भी चुनिंदा कवियों को आचार संहिता की पालना करते हुए अपनी रचनाएं पेश करने के लिए पाबंद किया जाएगा। हालांकि अभी तक उनके कवि भी तय नहीं हुए हैं।  इसी तरह से सिने संध्या का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। लेकिन अभी तक उसकी तिथि व कलाकार तय नहीं है।  वहीं आशापुरा माताजी मंदिर में अष्टमी के दिन 22 अक्टूबर को भजन संध्या का आयोजन होगा। जिसकी निविदा खोली जा चुकी है। </p>]]>
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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 18:10:06 +0530</pubDate>
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                <title>आधी आबादी को मिला राजनीति में मौका,लेकिन नहीं छूट रहा चूल्हा चौका</title>
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                        <![CDATA[नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण ही नहीं जिला परिषद तक में महिला जनप्रतिनिधि चुनकर तो आ गई लेकिन उनमें से वास्तविक रूप में काम करने वालों की संख्या काफी कम है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/half-of-the-population-got-a-chance-in-politics--but-they-are-not-leaving-their-kitchens/article-60109"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/aadhe-abadi-ko-mila-rajaneti-mein-mauka,lekin-nahi-chhot-raha-choolha-chauka...kota-news-21-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1-</strong> नगर निगम कोटा उत्तर के वार्ड 13 से कांग्रेस के टिकट पर जीतकर तो महिला पार्षद बनी हैं मंजू अग्रवाल। वे दूसरी बार पार्षद चुनी गई है। लेकिन उनका सारा कामकाज उनका पुत्र शेखर अग्रवाल ही संभाल रहा है। वार्ड से लेकर निगम तक में हर काम वही करता है। </p>
<p><strong>केस 2-</strong> नगर निगम कोटा उत्तर में ही वार्ड 57 से निर्दलीय पार्षद चुनी गई है मेघा गुर्जर। लेकिन उनका सारा काम उनके पति मनीष गुर्जर ही संभाल रहे हैं। मेघा गुर्जर तो निगम की बैठकों में ही शामिल होती है। उनके अलावा जनता से मिलना और निगम में कोई भी काम करवाना हो तो उनके पति ही नजर आते हैं। </p>
<p><strong>केस 3-</strong> नगर निगम कोटा दक्षिण में वार्ड 66 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद तो चुनी गई हैं शीला पाठक। लेकिन उनका सारा काम उनका पुत्र प्रफुल्ल पाठक ही कर रहे हैं। वार्ड से लेकर निगम तक में वे ही नजर आते हैं। </p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण ही नहीं जिला परिषद तक में महिला जनप्रतिनिधि चुनकर तो आ गई लेकिन उनमें से वास्तविक रूप में काम करने वालों की संख्या काफी कम है। महिला आरक्षण बिल संसद में पारित हो चुका है। जिससे महिलाओं को आने वाले समय में राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा। वहीं वर्तमान में भी महिलाओं को  लोकसभा व विधानसभाओं के साथ ही शहरी व ग्रामीण सरकार में चुनकर आने का मौका मिला है। लेकिन हालत यह है कि उनमें से करीब 30 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जो चुनकर तो आ गई लेकिन उनसे अभी भी चूल्हा चौके का मोह नहीं छूट रहा है। उनके पति और पुत्र ही उनका काम संभाल रहे हैं। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण में कुल निर्वाचित 150 पार्षद हैं। जिनमें से करीब 29 फीसदी 53 महिला पार्षद हैं। जबकि जिला परिषद में 23 सदस्यों में से करीब 50 फीसदी यानि 11 महिला सदस्य हैं। </p>
<p>42  प्रतिशत परिजन कर रहे काम दक्षिण में<br />40  प्रतिशत परिजन कर रहे उत्तर में<br />36  प्रतिशत परिजन कर रहे काम जिला परिषद में</p>
<p><strong>कोटा उत्तर में 25 महिला पार्षद</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर में कुल निर्वाचित पार्षद 70 हैं। जिनमें से 25 महिला पार्षद हैं। इनमें भाजपा व कांग्रेस के अलावा निर्दलीय भी शामिल हैं। कोटा उत्तर में तो महापौर भी महिला ही हैं। वे दूसरी बार पार्षद चुनी गई है। वे अपना काम स्वयं ही कर रही हैं। जबकि  इस निगम में करीब 30 फीसदी महिला पार्षदों के पति व पुत्र फील्ड में काम कर रहे हैं। वहीं इस निगम में 12 सहवरित पार्षद भी हैं जिनमें एक भी महिला नहीं है। </p>
<p><strong>कोटा दक्षिण निगम में 28 महिला पार्षद</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण में 80 निर्वाचित पार्षद हैं। जिनमें से 28 महिला पार्षद हैं। इनमें से  करीब 75 फीसदी महिलाएं तो स्वयं काम कर रही हैं। जबकि  भाजपा और कांग्रेस की  करीब 25 फीसदी महिला पार्षद ऐसी हैं जिनके पति, जेठ व पुत्र फील्ड में काम कर रहे हैं। यहां 12 सहवरित पार्षद हैं। जिनमें से एक महिला पार्षद भी शामिल है।  कोटा में जब एक ही नगर निगम थी। उस समय पहली महापौर भाजपा से महिला थी। उसके बाद कांग्रेस से भी महिला महापौर रह चुकी हैं। इन सभी ने अपना काम स्वयं ही किया था। </p>
<p><strong>जिला परिषद में 11 महिलाएं</strong><br />शहरी सरकार नगर निगम के अलावा कोटा जिले में ग्रामीण सरकार जिला परिषद भी है। जिला परिषद में कुल 23 निर्वाचित सदस्य हैं। जिनमें से 11 महिलाएं हैं। जिला परिषद में अधिकतर महिलाएं दूर दराज के ग्रामीण परिवेश से हैं। इस कारण से महिला आरक्षण होने से उन्हें टिकट मिला तो वे जीत भी गई लेकिन उनके कल्चर में अभी भी चूल्हा चौके से बाहर आना नहीं लिखा है।  जिला परिषद में करीब 50 फीसदी महिलाएं होने के बावजूद उनमें से भी 30 फसिदी महिलाएं सिर्फ बैठकों में ही उपस्थित रहती है। वहां आने के बाद भी वे किसी मुद्दे को नहीं उठाती। जबकि 66 फीसदी महिलाएं पुरजोर तरीके से जनता के मुद्दों को बैठकों में उठा रही हैं। जिला परिषद में कमला मीणा भाजपा की जिला प्रमुख रह चुकी हैं। वे अपना काम स्वयं ं करती थी। पंचायत समिति लाड़पुरा में प्रधान कांति गुर्जर रह चुकी हैं। वे अपना काम स्वयं करती थी। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 16:56:36 +0530</pubDate>
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                <title> आग से सुरक्षा व बचाव की दी जानकारी </title>
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                        <![CDATA[मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि सात दिवसीय जागरूकता सप्ताह के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम किए जाएंगे । जिसमें प्रमुखता से आग से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी । ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/fire-safety-information/article-42895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/whatsapp-image-2023-04-15-at-16.13.511.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से मनाए जा रहे अग्निशमन सेवा सुरक्षा सप्ताह के दूसरे दिन शनिवार को कोटा दक्षिण नगर निगम के फायर टीम की ओर से महावीर नगर स्थित एक निजी स्कूल में डेमो दिया गया। नगर निगम कोटा दक्षिण के मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि महावीर नगर विस्तार योजना स्थित निजी स्कूल में आयोजित डेमो के दौरान स्कूल स्टाफ और बच्चों को आग लगने पर किए जाने वाले प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई ।  उन्हें अवगत कराया गया कि आग से बचने के लिए सबसे पहले क्या करना चाहिए । उनके स्कूल परिसर में लगे फायर स्टेशन से आग बुझाने के लिए किस तरह से प्रयास और काम किया जा सकता है उसके बारे में कृत्रिम रूप से आग लगाकर डेमो दिया गया । बच्चों से उसका अभ्यास भी करवाया गया ।</p>
<p> नगर निगम की फायर विभाग की टीम ने बड़ी दमकालों की सहायता से बहुमंजिला इमारत में आग लगने पर किस तरह से आग बुझाई जाती है उसके बारे में डेमो दिया । मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि सात दिवसीय जागरूकता सप्ताह के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम किए जाएंगे । जिसमें प्रमुखता से आग से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी ।  निजी स्कूल ,कोचिंग ,मॉल,अस्पताल, होटल समेत सभी बहुमंजिला इमारतों के प्रतिष्ठानों के संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वह आवश्यक रूप से अपने यहां पर आग से सुरक्षा के फायर सिस्टम लगवाए और फायर एनओसी ले । जहां छोटे संस्थान है वहां पर छोटे पैरा उपकरण आवश्यक रूप से रखे जाने चाहिए। </p>
<p> उन्होंने बताया कि समापन के अवसर पर सप्ताह के दौरान सराहनीय कार्य करने वाले फायरमैन को सम्मानित भी किया जाएगा । नगर निगम कोटा उत्तर के फायर अनुभाग की ओर से पुराने शहर के बाजारों इंदिरा मार्केट ,न्यू क्लॉथ मार्केट, शास्त्री मार्केट ,घंटाघर समेत कई जगह पर जागरूकता अभियान चलाया गया । मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजहर खान ने बताया कि इस दौरान मार्केट के सभी दुकानदारों से उनके दुकानों पर फायर फाइटिंग सिस्टम रखने और मार्केट में आग से सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए । उन्होंने बताया कि तंग बाजार में जहां भीड़ अधिक है और दमकलों को पहुंचने में भी समस्या का सामना करना पड़ता है।  ऐसे में दुकानदारों को अपनी सुरक्षा के लिए प्राथमिक फायर फाइटिंग सिस्टम रखने आवश्यक है । इस दौरान फायर की टीम ने जगह-जगह पर आग बुझाने का डेमो भी दिया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Apr 2023 16:53:34 +0530</pubDate>
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                <title>शहरी सरकार के पार्षद देखेंगे लोकसभा की कार्यवाही</title>
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                        <![CDATA[कोटा दक्षिण के महापौर, उप महापौर, नेता प्रतिपक्ष और सभी पार्षदों को दिल्ली में लोकसभा की कार्यवाही देखने व दिल्ली भ्रमण करने के लिए नगर निगम कोटा दक्षिण के बजट से व्यय करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह पत्र नगर निगम कोटा दक्षिण में प्राप्त हो चुका है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/councilors-of-the-urban-government-will-watch-the-proceedings-of-the-lok-sabha/article-37869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/kk1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहरी सरकार नगर निगम कोटा के प्रतिनिधि पार्षद भी शीघ्र ही लोकसभा व विधानसभा की कार्यवाही को सदन में बैठकर देख सकेंगे। नगर निगम कोटा दक्षिण के पार्षदों के लिए स्वायत्त शासन विभाग(डीएलबी) की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी कर दी गई है।  नगर निगम कोटा दक्षिण के नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी की ओर से पार्षदों को लोकसभा व विधानसभा की कार्यवाही दिखाने के लिए महापौर राजीव अग्रवाल को पत्र लिखा था। जिसके बाद महापौर ने 12 जनवरी को स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक को इस संबंध में स्वीकृति जारी करने  के लिए पत्र लिखा था। उस पत्र के जवाब में स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक व विशिष्ट सचिव ह्रदेश कुमार शर्मा ने कोटा दक्षिण के आयुक्त के नाम 8 फरवरी को एक पत्र भेजा। जिसमें कोटा दक्षिण के महापौर, उप महापौर, नेता प्रतिपक्ष और सभी पार्षदों को दिल्ली में लोकसभा की कार्यवाही देखने व दिल्ली भ्रमण करने के लिए नगर निगम कोटा दक्षिण के बजट से व्यय करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह पत्र नगर निगम कोटा दक्षिण में प्राप्त हो चुका है।  </p>
<p><strong>कोटा उत्तर निगम की बोर्ड बैठक में उठाया था मुद्दा</strong><br />इधर नगर निगम कोटा उत्तर की 8 फरवरी को हुई बजट बोर्ड बैठक में नेता प्रतिपक्ष लव शर्मा ने कोटा उत्तर के सभी पार्षदों को लोकसभा व विधानसभा की कार्यवाही मौके पर ले जाकर दिखवाने का मुद्दा उठाया था। जिसका सत्ता व विपक्ष के पार्षदों ने भी समर्थन किया था। हालांकि बैठक में स्वच्छता में नम्बर वन  इंदौर शहर का भ्रमण करवाने का भी मुद्दा एक महिला पार्षद ने उठाया था। </p>
<p><strong>लोकसभा के लिए स्वीकृति जरुरी, विधानसभा के लिए नहीं</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि उन्होंने महापौर के माध्यम से डीएलबी को पत्र लिखवाया था। विधानसभा राजस्थान में ही होने से उसके लिए डीएलबी से स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है। जबकि लोकसभा के लिए रा’य से बाहर जाना है। इसलिए डीएलबी से स्वीकृति आवश्यक है। जिसका पत्र डीएलबी ने आयुक्त को भेज दिया है। उस पत्र में ही वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष से चर्चा कर समय तय किया जाएगा। उसके बाद बस या ट्रेन जैसी भी व्यवस्था बनेगी उससे सभी पार्षदों को लोकसभा की कार्यवाही दिखाने के लिए ले जाया जाएगा।</p>
<p><strong>पार्षदों को सदन की कार्यवाही से अवगत कराना</strong><br />राजवंशी ने बताया कि इसका मकसद पार्षदों को दोनों सदनों की कार्यवाही दिखाना है। जिससे वहां किस तरह से अपनी बात रखी जाती है। उसका किस तरह से जवाब दिया जाता है। उसकी जानकारी हो सके। जिससे कोटा में भी नगर निगम कार्यवाही को उसी अनुरूप सुचारू संचालित किया जा सके। </p>
<p><strong>कोटा उत्तर ने भेजा पत्र, नहीं आया जवाब</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर की महापौर मंजू मेहरा ने बताया कि बोर्ड बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष लव शर्मा की ओर से लोकसभा व विधानसभा की कार्यवाही पार्षदं को दिखाने का पत्र प्राप्त हुआ था। उस पत्र के संदर्भ में डीएलबी को पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं आया है। जैसे ही जवाब आएगा उसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। </p>
<p><strong>डीएलबी से स्वीकृति का पत्र प्राप्त हो गया</strong><br />पार्षदों को लोकसभा की कार्यवाही दिखाने के लिए डीएलबी को जो पत्र लिखा था। उसके जवाब में वहां से प्रशासनिक स्वीकृति का पत्र प्राप्त हो चुका है। इसके बाद एक और पत्र डीएलबी को भेजा गया है। उसका जवाब आने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। <br /><strong>-अम्बालाल मीणा, कार्यवाहक आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]>
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Feb 2023 14:45:42 +0530</pubDate>
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                <title>सीसी रोड और नालियां बनी, अब भी कई कार्य शेष</title>
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                        <![CDATA[वार्ड में काम जरूर हुए हैं और हो भी रहे हैं लेकिन कई हिस्सों की नालियां आज भी टूटी-फूटी हालत में हैं। कई बार नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता हैं। भरी नालियों से बीमारियों का अंदेशा बना रहता हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cc-road-and-drains-made--still-many-works-left/article-36833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/cc-road-aur-naliya-bani,-ab-bhi-kai-karya-shesh..kota-news..8.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । सब मतलब से हमारे पास आते हैं, जब तक चुनाव ना हो जाए हम और हमारी समस्याएं याद रहती है लेकिन उसके बाद वोट मांगने वाले ये तक भूल जाते हैं कि शहर का ये इलाका है भी या नहीं। विधायक और सांसद के चुनाव लड़ने वाले जीतने के बाद ध्यान नहीं देते हैं। यह कहना है कोटा नगर निगम दक्षिण के वार्ड नम्बर 5 के कुछ लोगों का। दरअसल इस वार्ड के कई लोगों को अभी तक पट्टें नहीं मिले हैं। वजह चाहे तकनीकी हो या कुछ और। इस समय वार्ड के लोगों की सबसे बड़ी पीड़ा यहीं है। स्वयं पार्षद ने लोगों की इस समस्या को लेकर अपना दर्द बयान किया है। बाकी तो वार्ड में कई काम हुए भी हंै और कई होने शेष हैंं। नगर निगम दक्षिण के इस वार्ड में सम्पूर्ण हजीरा बस्ती और श्याम नगर का क्षेत्र आते हैं। इन इलाकों के लोगों का कहना हैं कि भले ही वार्ड में काम हुए हैं लेकिन आज भी कई समस्याएं मुंह बाहे खड़ी हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में आज भी सड़कों पर कचरा और नालियों में जाम की स्थिति कई बार देखी जा सकती है। लोग अपने मकानों के पट्टे के लिए महीनों से निगम के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कभी क्या और कभी क्या करके वापस भेज दिया जाता है। पीने के पानी का प्रेशर आज भी कई स्थानों पर बहुत कम आता हैं। वार्ड में श्वानों का आतंक बना हुआ हैं। रातभर परेशान करते हैं। वार्ड के कुछ निवासियों का कहना हैं कि वार्ड में कई सड़कें सीसी बन चुकी हैं। पहले सड़कों पर इतने गड्ढेंÞ बने हुए थे कि वाहनों को चलाना तो दूर पैदल तक चलने में पैर मुड़ने का डर बना रहता था लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। सपाट रोड बने चुके हैं। रोड लाइट के हालात पहले से बेहतर हो चुके हैं। कई टूटी लाइटों को नया लगवाया गया है। पहले पीने के पानी की समस्या बनी हुई थी लेकिन अब बड़ी लाइन डलने के बाद वो भी लगभग खत्म हो गई है। श्वानों की समस्या थोड़ी बहुत बनी हुई है। साफ-सफाई टाइम पर हो रही हैं। टिपर दोनों समय आते हैं। </p>
<p>वार्ड के कुछ लोगों का कहना है कि निगम में बोर्ड कांग्रेस है और पार्षद खुद कांग्रेस के लेकिन इसके बाद भी हमे पट्टों के लिए भटकना पड़ रहा है। वार्ड में काम जरूर हुए हैं और हो भी रहे हैं लेकिन कई हिस्सों की नालियां आज भी टूटी-फूटी हालत में हैं। कई बार नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता हैं। भरी नालियों से बीमारियों का अंदेशा बना रहता हैं। वार्ड के कुछ इलाकों में नियमिन साफ-सफाई होती है तो कई जगहों पर ऐसा नहीं होता है। कई स्थानों पर आवारा मवेशी घूमते रहते हैं।  वार्ड पार्षद का कहना है कि वार्ड की कुछ समस्याओं को छोड़कर सबका समाधान कर दिया गया हैं। कई स्थानों पर नई नालियां बनवाकर नाली पटान का कार्य करवाया हैं। भाजपा का हो या कांग्रेस का समर्थक कभी किसी के काम के लिए मना नहीं किया है। वार्ड में सीसी रोड बनवाए हैं। नियमित रूप से वार्ड की मॉनेटरिंग करता हंू। लोगों को निगम से जुड़ी हर योजना के बारे में अवगत करवाया जाता है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड के श्याम नगर इलाके में 25 साल से पानी भरने की समस्या बनी हुई थी। उसके समाधान के लिए बड़े नाले का निर्माण शुरू करवा दिया गया है। नई नालियां बनवाने के लिए प्रयासरत हंू। कुछ लोगों को पट्टें नहीं मिले हैं उसके लिए प्रयासरत हंू। आवारा पशुओं को पकड़ने के आने वाले कार्मिकों के साथ एक पुलिस की गाड़ी भी होनी चाहिए। <br /><strong>-जितेन्द्र सिंह, वार्ड पार्षद।</strong> </p>
<p>वार्ड में एक बड़ी समस्या थी सुलभ कॉम्पलेक्स की जिसका समाधान अब हो चुका है। श्याम नगर इलाकें में बारिश के दौरान पानी भरता है। अकेलगढ़ के बंदर परेशान करते हैं। <br /><strong>-हरमेन्द्र सिंह, वार्डवासी। </strong></p>
<p>वार्ड में सीसी रोड और नाली पटान के कार्य हुए हैं। भीतरिया कुंड ग्राउंड का काम हुआ है।  कुछ इलाकों में नालियां बनी हैं कुछ में बनना बाकी है। साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक है। श्वानों की कुछ समस्या है। वार्ड में बहुत अच्छे कार्य हुए हैं। <br /><strong>-जगन्नाथ गौतम, वार्डवासी।</strong> </p>
<p>पहले पानी के लिए 3 बजे उठना पड़ता था लेकिन बड़ी लाइन डलने के बाद दूसरी मंजिल पर भी पानी पहुंच रहा है। रोड लाइट नई लगवाई गई है। नाला बन ही रहा है। पार्षद के काम ठीक हैं। <br /><strong>-आरिफ खान, वार्डवासी। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Feb 2023 14:22:51 +0530</pubDate>
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                <title>अतिक्रमण और पार्किंग दक्षिण के वार्ड 21 की बड़ी समस्याएं</title>
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                        <![CDATA[वार्ड के कुछ लोगों का कहना है कि आज भी वार्ड के कई स्थानों पर सड़कें उधड़ी हुई हैं। गड्ढेंÞ पड़े हुए हैं। इन सड़कों से दिनभर धूल उड़ती रहती है। लोगों ने खूब अतिक्रमण किया हुआ हैं लेकिन ना तो निगम ध्यान देती है और ना जिला प्रशासन। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachment-and-parking-big-problems-of-ward-21-of-south/article-36365"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/atikraman-aur-parking-dakshin-k-ward-21-ki-badi-samasyaei..kota-news..3.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जो काम 30 सालों में नहीं हुए वो हुए हैं, नालियों की दशा भी सुधरी हैं लेकिन उसके बाद भी कई स्थानों पर अव्यवस्थाएं नजर आ रही हैं। ये हालात हैं कोटा दक्षिण के वार्ड 21 के। वार्डवासी तो दूर की बात खुद पार्षद ही वार्ड में बनी अव्यवस्थाओं को लेकर परेशान हैं। वार्ड के कुछ लोगों का कहना है ये वार्ड कॉमर्शियल वार्ड है। इस वार्ड के हिस्सों में कई व्यावसायिक भवन, दुकानें आदि हैं। इस कारण इन  हिस्सों में दूसरे वार्डों की अपेक्षा लेबर ज्यादा चाहिए लेकिन निगम की ओर से ज्यादा तो दूर जितनी चाहिए उतनी लेबर भी मुहैया नहीं करवाई गई है। यही कारण है वार्ड में रोड तो सीसी हो गए लेकिन उन पर दिनभर कचरा फैला नजर आता है। नगर निगम दक्षिण के इस वार्ड में 4 हजार से अधिक मतदाता हैं। न्यू कॉलोनी गुमानपुरा, चौपाटी, शोपिंग सेन्टर मोटर मार्केट, मलटीपरपज स्कूल तथा टीचर्स कॉलोनी आदि इलाकें इस वार्ड में आते हैं। इन इलाकों के कुछ लोगों का कहना है कि निगम में कांग्रेस का बोर्ड होने के बाद भी भाजपा पार्षद ने वार्ड की कई ऐसी समस्याओं का समाधान करवाया है जो सालों से वार्ड के लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई थी। उदाहरण के रूप में कुछ समय पहले तक इन इलाकों में सड़कें खस्ताहाल थी, नालें दुर्दशा का शिकार थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। </p>
<p>वार्डवासी बताते हैं कि वार्ड में कुछ जगह तो ऐसी है जहां 30 सालों से रोड नहीं बने थे लेकिन अब सीसी रोड बन चुके हैं।  इस वार्ड के कुछ लोगों का कहना है कि आज भी वार्ड के कई स्थानों पर सड़कें उधड़ी हुई हैं। गड्ढेंÞ पड़े हुए हैं। इन सड़कों से दिनभर धूल उड़ती रहती है। लोगों ने खूब अतिक्रमण किया हुआ हैं लेकिन ना तो निगम ध्यान देती है और ना जिला प्रशासन। नालियों की हालात कई स्थानों पर खराब हैं। साफ-सफाई के अभाव में कई बार नालियां जाम हो जाती हंै और पानी सड़कों पर फैला रहता है। गुमानपुरा में पार्र्किंग बन गई लेकिन शुरू नहीं हो पाई। लोग हमारें घरों और दुकानों के बाहर गाड़िया सुबह से ही खड़ी कर जाते हैं। हमें हमारी गाड़ियों को दूसरे स्थानों पर खड़ा करना पड़ता है। दिनभर वार्ड की गलियों और सड़कों पर आवारा मवेशियों और श्वानों का जमावड़ा लगा रहता है। वार्डवासियों का कहना है कि पार्षद ने बहुम अच्छे काम करवाएं है लेकिन कुछ समस्याओं के लिए तो वो भी निगम के आगे बेबस नजर आए है। शोपिंग सेंटर इलाकें में पिछले 30 सालों से सड़क नहीं बनी थी लेकिन अब बन चुकी है। कुछ नालें भी बनवाए गए हंै जो क्षतिग्रस्त थे। लोग ख्ुाद ही जानबूझकर अव्यवस्थाएं फैलाते हैं। कचरे और गंदगी को सड़कों पर डाल जाते हैं। पीने के पानी की कोई समस्या नहीं है। रोड लाइट की स्थिति भी पहले से काफी सुधर चुकी है। वार्ड के पार्कांे के हालत भी सुधरे हैं। काफी जगहों पर नालियां बन चुकी है। पार्षद वार्ड के लोगों के सम्पर्क में रहते हैं। कोई भी समस्या हो उसके समाधान के लिए सदैव तत्पर रहते है।  वार्ड पार्षद का कहना है कि मैने रोड तो बनवा दिए लेकिन निगम की ओर से पर्याप्त लेबर नहीं दिए जाने के कारण साफ-सफाई नहीं हो पाती। क्षेत्र में कई दुकानदार हंै तो कचरा भी दूसरे वार्डांे की अपेक्षा ज्यादा होता है। वार्ड में आधे से अधिक नाले सीसी बन चुके हैं। टीचर्स कॉलोनी में सीसी सड़क बनवाई है। मेरे सामने कोई समस्या आती है तो मैं खुद मौके पर जाता हूं और उसके समाधान का प्रयास करता हंू। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong></p>
<p>वार्ड में काफी काम करवाएं हैं लेकिन अब भी कई काम होने बाकी हैं। अतिक्रमण वार्ड की सबसे बड़ी समस्या हैं। फुटकर व्यापारियों ने कई स्थानों पर अतिक्रमण किया हुआ है। कुछ दिनों बाद वार्ड में सीसी रोड और बनवाने हैं। निगम की ओर से वार्ड की स्थिति के अनुसार पर्याप्त सफाई कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध नहीं करवाएं गए हैं। टीचर्स कॉलोनी में एक पार्क है जिसका टेंडर तो हुआ लेकिन ठेकेदार काम छोड़कर चला गया। उसे भी ठीक करवाने की कोशिश कर रहा हंू। <br /><strong>-नरेश शर्मा, वार्ड पार्षद। </strong></p>
<p>पार्षद ने बहुत काम करवाएं हैं लेकिन अतिक्रमण और आवारा मवेशियों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो सका है। सीसी रोड बने हैं। नालियां बनी हैं। पार्कों का काम भी हुआ हैं। वार्ड पार्षद लोगों से मिलते हैं, उनसे समस्याओं को लेकर चर्चा करते है। समस्या को सुलझाने का हर संभव प्रयास करते हैं। वार्ड में साफ-सफाई की व्यवस्था बिल्कुल भी सही नहीं हैं। <br /><strong>-जैफ खान मंसूरी, वार्ड दुकानदार।</strong> </p>
<p>सबसे बढ़िया काम सीसी रोड और नाले का हुआ हैं। रोड तो बन गए हैं लेकिन उनकी सप्ुाई ही टाइम पर नहीं होती हैं। पार्षद को कहते है तो उनका जवाब आता है कि लेबर ही नहीं है। अब वो भी क्या करें। जो लेबर वार्ड के लिए निगम ने दे रखी हैं वो बहुत कम हैं। पार्किंग बनी लेकिन फिर भी लोग यहां-वहां गाड़िया खड़ी कर जाते हैं। <br /><strong>-नरोत्तम, वार्डवासी। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Feb 2023 14:46:22 +0530</pubDate>
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                <title>दक्षिण के वार्ड 26 में काम हुए, अब भी कई शेष</title>
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                        <![CDATA[वार्ड के कुछ लोगों का कहना है कि वार्ड की नालियों ही हालत बहुत खराब हैं। कई गलियों में नालियां टूटी हुई हैं। अक्सर सफाई के अभाव में जाम रहती है। कई जगह पर कचरा और गंदगी नजर आती है। कुछ स्थानों पर नियमित रूप से सफाई होती है तो कही पर कभी कभी। पीने के पानी का पे्रशर पहले से बहुत कम हो गया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/work-done-in-ward-26-of-south--still-many-remaining/article-36122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/dakshin-k-ward-26-mai-kaam-hue,-ab-bhi-kai-shesh...kota-news..31.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जब बीते लगभग एक साल में निगम में बोर्ड की कोई बैठक हुई ही नहीं तो हम समस्याओं को किसके सामने रखें, वार्ड के हालातों को लेकर किससे चर्चा करें। मुझे तो लगता ही नहीं कि निगम में कोई बोर्ड भी हैं। यह कहना कोटा नगर निगम दक्षिण के वार्ड पार्षद का। दरअसल ये वार्ड भी उन वार्डों में शामिल हैं जो भाजपा प्रतिनिधि होने का दंश झेल रहे हैं। वार्ड में विकास कार्यों के एक करोड़ रूपए स्वीकृत भी हुए जिससे काम हुए हैं लेकिल आज भी वार्ड में कई काम होेने बाकी हैं।  वार्ड के कुछ लोगों की माने तो वार्ड पार्षद जितना संभव हो सकता है वार्ड में कार्य करवा रहे हैं लेकिन आज भी कई समस्याएं ज्यों की त्यों खड़ी हैं। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 26 में हनुमान नगर, हनुमान नगर कच्ची बस्ती तथा आरएसी कैंपस आदि इलाकें आते हैं। इस वार्ड में लगभग 2500 मतदाता हैं। इनमें से कुछ लोगों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद वार्ड पार्षद ने अपने किए हर वादे को पूरा किया है। वार्ड में पुलिया की जो समस्या सालों से बनी हुई थी, उसका समाधान करवाया है। क्षेत्र में सीसी सड़कें बनावाई हैं तो कई स्थानों पर डामरीकरण भी हुआ है। पीने का पानी समय पर आने लगा हैं। सीवरेज की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है। रोड लाइट दुरुस्त हैं। इन इलाकों के लोगों की माने तो पार्षद वार्ड में रोजाना अपना समय देते हैं। उन्हे निगम से जुड़ी समस्याएं नजर आते ही उन्हे सुलझाने का प्रयास करते है। </p>
<p>वार्ड के कुछ लोगों का कहना है कि वार्ड की नालियों ही हालत बहुत खराब हैं। कई गलियों में नालियां टूटी हुई हैं। अक्सर सफाई के अभाव में जाम रहती है। कई जगह पर कचरा और गंदगी नजर आती है। कुछ स्थानों पर नियमित रूप से सफाई होती है तो कही पर कभी कभी। पीने के पानी का पे्रशर पहले से बहुत कम हो गया है। वार्ड में श्वानों और मवेशियों की भरमार हैं। कचरे के टिपर कभी आते हैं, कभी नहीं। कई स्थानों पर रोड लाइट के अभाव में रात को अन्धेरा रहता है। ये बता सही है कि निगम में बोर्ड कांग्रेस का होने के कारण पार्षद को वार्ड से जुड़ी समस्याओं का समाधान करवाने में परेशानियां आती ही हैं। वार्डवासियों ने बताया कि पार्षद के प्रयास बहुत अच्छे हैं। जितना हो सकता है वो काम करवा रहे हैं। वार्ड में साफ-सफाई पहले की अपेक्षा ठीक रहने लगी है। हमारा वार्ड ही नहीं पूरा शहर इन श्वानों से परेशान हैं। इनका कोई ना कोई समाधान निकाला जाना चाहिए। पार्षद लोगों की सुनते हैं और हर काम करवाने की कोशिश करते हैं। फिलहाल वार्ड में छोटी-मोटी समस्याओं को छोड़कर कोई बड़ी समस्या नहीं है। रोड बनवाए गए है। जितना बजट होगा उतना ही काम तो पार्षद करवा पाएंगे। वार्ड पार्षद का कहना है कि उन्होंने वार्ड के हर नगारिक की समस्या को सुलझाने की कोशिश की है। निगम की योजनाओं के बारे में वार्डवासियों को समय-समय पर अवगत करवा दिया जाता है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। कई काम करवा चुका हंू, कुछ बाकी है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड के कई लोगों को अभी तक पट्टें जारी नहीं किए गए हैं। निगम में कोई भी डिमांड रखो उसकर अनदेखी करते हैं। श्वानशाला बनने के बाद भी श्वानों की समस्या बनी हुई है। आरएसी कॉलोनी में डामरीकरण करवाया है। नालियों को ठीक करवाना बाकी है। सीवरेज का आधा काम हो चुकी हैं। <br />-योगेन्द्र खींची, वार्ड पार्षद। </p>
<p>वार्ड की एक पुलिया टूटी हुई थी, उसे नई बनवा दी है। नियमित रूप से साफ-सफाई हो रही है। जबकि पहले नहीं होती थी। नियमित रूप से पानी की सप्लाई हो रही है। नाले के सहारे जो जावनर बांधे जाते हैं उनके कारण गंदगी बनी रहती है। आवारा पशु बहुत कम हैं। टिपर रोजाना आते हैं। नाले की सफाई करवानी चाहिए जिससे बारिश के दिनों में परेशानी ना आए। <br /><strong>-हिमांशु अग्रवाल, वार्डवासी।</strong> </p>
<p>गुब्बारा बस्ती में बीते 5 साल से पुलिया टूटी हुई थी, उसे सही करवा दिया गया है। वार्ड में फिलहाल कुछ स्थानों पर पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। पार्षद बहुत काम करवा रहे है। फिलहाल वार्ड में कोई बड़ी समस्या नहीं हैं। नियमित सफाई होने से कचरे के ढ़ेर नजर नहीं आते हैं जबकि पहले अक्सर सड़कों पर कचरा फैला नजर आता था।</p>
<p><strong>-चेतन गौतम, वार्डवासी।   </strong>                      </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 31 Jan 2023 15:03:24 +0530</pubDate>
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                <title>सीसी रोड बने, कई स्थानों पर पानी की समस्या बरकरार</title>
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                        <![CDATA[वार्ड के कई हिस्सों में नई सड़क बन चुकी है। कुछ स्थानों पर डामर तो कुछ स्थानों पर सीसी रोड।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cc-road-built--water-problem-persists-at-many-places/article-36073"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/cc-road-bane,-kai-sthano-par-pani-ki-samasya-barakarar...kota-news-30-01-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। वार्ड के पार्कों की दुर्दशा को लेकर शहर के कई वार्डों के लोग शिकायतें कर रहे हैं लेकिन  नगर निगम दक्षिण के वार्ड 28 के लोग इस बात से सन्तुष्ट हैैं कि उनके क्षेत्र में बने उद्यानों का रखरखाव ठीक तरीके से हो रहा है। लोगों की माने तो उनके बच्चों के लिए ये पार्क घूमने, खेलने और मनोरंजन का एक अच्छा स्थान साबित हो रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वार्ड में आज भी कई इलाकें के लोग पानी के प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं। कुछ स्थानों पर आज भी आवारा मवेशी और श्वानों का झुंड नजर आता है। इस वार्ड की देखरेख और रखरखाव का जिम्मा भी यूआईटी का ही है। <br />नगर निगम दक्षिण के इस वार्ड में आरकेपुरम बी-ई, बोम्बे योजना तथा ओपन यूनिवर्सिटी आदि इलाकें आते हैं। वार्डवासियों ने बताया कि पहले की अपेक्षा इस बार वार्ड में विकास के कार्य ज्यादा हो चुके हैं। पूर्व में जो सड़कें खुदी हुई और उबड़-खाबड़ थी। गड्ढें इतने थे कि पैदल चलने में भी पैर मुड़ने का डर लगता था लेकिन अब हालात काफी सुधर चुके हैं। वार्ड के कई हिस्सों में नई सड़क बन चुकी है। कुछ स्थानों पर डामर तो कुछ स्थानों पर सीसी रोड। वार्डवासियों की माने तो पार्षद ने यहां के लोगों को कई ऐसी समस्याओं से भी निजात दिलवाई हैं। जो सालों से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। <br />वार्ड के कुछ लोगों ने कहा कि भले ही वार्ड में सीसी रोड बने हैं लेकिन वार्ड के कुछ हिस्सों में लोगों को पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। विकास कार्य के नाम पर पुरानी सड़कों को खोदकर बनाया गया लेकिन कई स्थानों पर किनारों से अभी तक सड़कों को ठीक नहीं किया गया हैं। कई मौहल्लों में श्वानों ने आतंक मचाया हुआ हैं। कई बार सड़कों पर आवारा जानवर लड़ते नजर आते है। ये जानवर दुर्घटना का कारण भी बनते हैं। कही पर सफाई टाइम पर हो रही है तो कुछ स्थानों की सड़कों से दिनभर धूल उड़ती रहती है। <br />कुछ वार्डवासियों का कहना है कि क्षेत्र वार्ड भले ही यूआईटी के अधीन आता है लेकिन निगम की ओर से भी कार्य करवाए गए हैं। वार्ड में साफ-सफाई टाइम पर हो रही है। टिपर समय पर आते हैं। इक्की दुक्की जगह को छोड़ दिया जाए तो वार्ड की सफाई व्यवस्था दुरुस्त है। पार्षद प्रतिनिधि वार्ड में नियमित समय देते हैं। यहीं कारण है कि यहां के लोगों को हर मूलभूत सुविधा समय पर मिल जाती है। वह समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। पार्कों का और सोन्दर्यकरण करवा दिया जाए तो ठीक रहे। <br />वार्ड पार्षद का कहना है कि उनके पास कोई भी आए वो कभी वार्ड से जुड़े कार्य के लिए मना नहीं करती हैं। भले ही यूआईटी के अधीन है वार्ड लेकिन निगम की योजनाओं को लोगों तक समय पर पहुुंचाया जाता है। वार्ड में सीसी रोड बनवाए हैं तो नालियों को भी ठीक करवाया है। पार्कों के सोन्दर्यकरण के लिए प्रयासरत हंू। कोई भी समस्या लेकर आता है तो उसके समाधान की पूरी कोशिश करती हंू। </p>
<p><strong>इनका कहना है...</strong><br />आरकेपुरम में विद्युत शवदाह गृह प्रारम्भ हो चुका है। लगभग हर स्थान की सड़कों को या तो नया बनवा दिया गया है या ठीक करवा दी गई है। अभी भी वार्ड में डामर और सीसी रोड का काम चल रहा है। वार्ड के सभी 12 पार्कों का जीर्णोद्धार करवा दिया गया है। छोटे-मोटे काम है वो भी पूरे हो जाएंगे। <br /><strong>- सुमित्रा खींची, वार्ड पार्षद। </strong><br />  <br />वार्ड में विकास का कोई ऐसा कार्य नहीं हुआ है जिसे गिनाया जा सकें। आज भी पानी की दिक्कत बनी हुई है। कई स्थानों पर रोड लाइट की समस्या है। मंशापूर्ण बालाजी मंदिर पार्क का निर्माण होना बाकी है। आवारा मवेशियों की तादात पहले की अपेक्षा काफी कम हो गई है। वार्ड में अभी भी कई काम होने बाकी है। <br /><strong>- गोलू, वार्डवासी। </strong></p>
<p>वार्ड में कई कार्य हो चुके हैं, कई चल रहे हैं। हमारे यहां पार्क की स्थिति भी सुधरी है। वार्ड की लगभग 90 प्रतिशत समस्याओं का समाधान हो चुका है। साफ-सफाई नियमित हो रही है। रोड लाइट ठीक हैं। वार्ड में पेड़-पौधें भी लगवाए गए हैं जिससे हरियाली बढ़ी है। पीने के पानी की हमारे साइड कोई समस्या नहीं है। पार्षद के पास वार्ड का कोई भी नागरिक काम के लिए जाओं तो उसे निराश नहीं करती हैं। <br /><strong>- दिलराज, वार्डवासी। </strong>  </p>
<p>वार्ड में कोई बड़ी समस्या नहीं है। पार्षद ठीक काम कर रहे हैं। वार्ड में सफाई व्यवस्था पहले की अपेक्षा बेहतर हुई है। नियमित रूप से सड़कों और गलियों की सफाई होती है। समय पर टिपर आते हैं जिससे वार्ड में कम ही स्थानों पर गंदगी नजर आती है। जहां आती है वहा के कारण भी खुद लोग ही हैं। लोगों को सड़क किनारों पर कचरा नहीं डालना चाहिए। नालियां अधिकांश मौकों पर साफ ही रहती है।<br /><strong>- पी.सी. मीणा, वार्डवासी। </strong><br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jan 2023 15:47:48 +0530</pubDate>
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                <title>खाली प्लॉट बन रहे कचरा घर, वार्डवासी हो रहे परेशान</title>
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                        <![CDATA[दोनों नगर निगम और यूआईटी के अधीन आने वाले शहर के वार्डांे के कुछ लोग साफ-सफाई, गंदगी और सीवरेज की समस्या को लेकर परेशान हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/garbage-houses-are-being-built-on-empty-plots--ward-residents-are-getting-worried/article-36070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/khali-plot-ban-rahe-kachara-ghar,-ward-vasi-ho-rahe-pareshan....kota-news-30-01-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड 27 दक्षिण में खाली भूखंड लोगों की परेशानी का सबब बने हुए है। वार्ड में वैसे तो कई समस्याए है लेकिन सबसे बड़ी समस्या खाली प्लांट की है। कॉलोनी में पूरे मकान नहीं बनने से विकास कार्य रूके हुए है। काली प्लांट कचरा घर बन गए है। दोनों नगर निगम और यूआईटी के अधीन आने वाले शहर के वार्डांे के कुछ लोग साफ-सफाई, गंदगी और सीवरेज की समस्या को लेकर परेशान हैं लेकिन नगर निगम दक्षिण के वार्ड 27 जिसकी देखरेख का जिम्मा यूआईटी का है, इसके लोगों की समस्या इन सबसे हटकर हैं। इस वार्ड के अधिकांश लोगों के क्षेत्र में खाली पड़े भूखंड सिरदर्द साबित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि दूसरी समस्याओं का समाधान तो हम पार्षद को कहकर करवा लेते हैं लेकिन इसका समाधान किसी के पास नहीं है। </p>
<p><strong>वार्ड में ये आते इलाके</strong><br />वार्ड नम्बर 27 में लगभग 4000 मतदाता हंै और इसमें श्रीनाथपुरम स्टेडियम,जी.ए.डी. क्वार्टर, श्रीनाथपुरम ए और सी, श्रीनाथपुरम बी 220 से 387 तक, तिलम संघ, अकेलगढ़, आरटीयू तथा श्रीनाथपुरम डी आदि इलाकें आते हैं। इन इलाको के कुछ कुछ लोगों का कहना है कि वार्ड पार्षद बहुत अच्छा काम कर रहे है। क्षेत्र की अधिकांश सड़कों की स्थिति पहले से काफी बेहतर हो चुकी है। वार्ड के कई हिस्सों की सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, वाहनों को काफी नुकसान होता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। लोग बताते हैं कि वार्ड भले ही यूआईटी के अधीन आता है लेकिन पार्षद ने कई समस्याओं का समाधान निगम से भी करवाया है।  <br />वार्डवासियों का कहना है कि कुछ स्थानों पर छोटी-मोटी समस्याएं भले ही हो लेकिन कोई बड़ी समस्या फिलहाल वार्ड में नहीं है। लोगों को सभी सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं वार्ड के कुछ लोगों ने बताया कि रोड तो नई बन गई लेकिन आज भी कई हिस्सों में साफ-सफाई समय पर नहीं होती।  <br />वार्ड के कुछ लोगों का कहना है कि वार्ड में कई ऐसे कार्य हुए हैं जो बीते काफी समय से अटके पड़े थे। वार्ड पार्षद कई घन्टे वार्ड में बिताते है और सभी की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करते है। अब कुछ कार्यों में समय लगता भी हैं, कुछ कार्य नहीं भी हो पाते लेकिन पार्षद अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ते है। पहले वार्ड के अधिकांश हिस्से की सड़कें खुदी पड़ी थी, डामर रोड बनाए जाते थे जो सालभर में उखड़ जाते थे लेकिन अब सीसी सड़क बनाई गई हंै। वार्ड के पार्कों का जीर्णोद्धार करवाया गया है। लोगों के स्वास्थ्य के लिहाज से कुछ ओपन जिम भी बनाए गए हैं। वार्ड पार्षद का कहना है कि जितना संभव हो सकता है लोगों की समस्याओं का समाधान करने की कोशिश करता हूं। वार्ड के हर नागरिक को निगम, यूआईटी और अन्य दूसरे विभागों से सुविधाएं दिलवाने का प्रयास किया है। किसी भी पार्टी का हो कभी काम के लिए मना नहीं किया है। खाली पड़े प्लॉट वाकई बहुत कड़ी समस्या है। मैं खुद कई बार संबंधित विभाग को लिखित में शिकायत दर्ज करवा चुका हंू। ये खाली पड़े भूखंड बारिश के बाद में दिनों में बीमारियों का कारण बनते हैं। मालिक देखते ही नहीं। </p>
<p><strong>आवारा मवेशी और श्वान का आंतक </strong><br />कई गलियों और मौहल्लों में आवारा मवेशी और श्वान दिनभर डेरा डाले बैठे रहते हैं। कुछ  इलाकों में पीने के पानी की समस्या भी है। कुछ स्थानों पर रोड लाइट या तो है नहीं या जलती नहीं। कांग्रेस के है तो काम होना ही है लेकिन कई समस्याओं का समाधान आज भी बाकी है। क्षेत्र में बनी खाली प्लॉटों की समस्या सालों से बरकरार है। जबकि वार्ड आता भी यूआईटी के अधीन है और कॉलोनियां भी यूआईटी की ओर से ही आवंटित हैं। </p>
<p>इनका कहना है<br />वार्ड में कई स्थानों पर सीसी रोड बन चुके हैं। कई स्थानों पर डामरीकरण का कार्य चल रहा है। हाडारानी चौराहा के पास शौचालय बन रहा है। लोगों को कई समस्याओं से निजात दिलवाई है। निगम की ओर से भी वार्ड में कुछ काम करवाए गए हैं। वार्ड में 1 करोड़ रूपए के विकास कार्यों के लिए स्वीकृत हुए थे। इनमें से कई काम हो चुके हैं, कुछ चल रहे हैं। <br /><strong>-अनुराग गौतम, वार्ड पार्षद। </strong></p>
<p>सीसी रोड बने हैं। श्रीनाथपुरम-सी में पार्क का अच्छा विकास हुआ है। इसके अलावा जहां भी जरूरत थी सभी स्थानों पर रोड बन चुके हैं। पार्र्षद बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। बीते सालों की अपेक्षा इस बार वार्ड में विकास के कार्य अधिक हुए हैं। नई जिम बनवाई गई है। वार्ड में आवारा पशुओं की समस्या ना के बराबर है। कोई समस्या आती भी है तो पार्षद तत्काल उसे दूर करने का प्रयास करते हैं। <br /><strong>-श्याम गौतम, वार्डवासी। </strong></p>
<p>मेरे सामने पार्क का काम होना बाकी है। नाले पर जो डिवाइडर बना हुआ है वो टूट चुका है। उसकी मरम्मत नहीं हुई है। पार्षद बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। वार्ड के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी है। एक ही फोन पर समस्याओं का समाधान करवाने की कोशिश करते हैं। कोई भी काम हो लोगों के बीच खड़े होते है। <br />-पिन्टू वर्मा, वार्डवासी। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jan 2023 15:45:45 +0530</pubDate>
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                <title>30 सालों की समस्या मिटी, कुछ अभी भी बरकरार</title>
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                        <![CDATA[वार्ड में नालों का काम हो जाए तो वार्ड में कोई बड़ी समस्या नहीं रहेगी। अभी भी वार्ड में कई समस्याएं ऐसी भी हैं जो लोगों के लिए परेशानी पैदा किए हुए हे। मसलन वार्ड की गलियों में घूमते बड़े-बड़े श्वान और डेरा जमाए आवारा मवेशी। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/30-years-old-problem-solved--some-still-remain/article-35563"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/30-saalo-ki-samasya-miti,-kuch-abhi-bhi-barkraar..kota-news..23.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। हमारे यहां पर लगभग 30 सालों से चली आ रही पीने के पानी की समस्या का समाधान हुआ है। रोड नये बन गए हैं और रोड लाइट के हालात सुधर चुके हैं। पार्षद ठीक काम करवा रहे हैं। यह कहना है कोटा दक्षिण के वार्ड नम्बर 39 के कुछ लोगों का। ये बात सही है कि वार्ड में पीने के पानी के हालात पहले से काफी सुधरे हैं लेकिन आज भी कई स्थानों पर पानी प्रेशर से नहीं आने के कारण लोगों को इस समस्या से दो-दो हाथ करने पड़ रहे हैं। कई स्थानों पर कचरे के ढ़ेर भी दिखाई देते हैं लेकिन वार्ड में हुए काम पार्षद की कार्यशैली को बता रहे हैं। नगर निगम दक्षिण के इस वार्ड में विज्ञान नगर आंशिक सेक्टर-3, तथा सम्पूर्ण सेक्टर-4, पीएंडटी कॉलोनी तथा पीडब्ल्यूडी कॉलोनी आदि इलाकें आते हैं। इन क्षेत्रों के लोग बताते हंै कि वर्तमान पार्षद ने बिल्कुल दिमाग लगाकर कार्य करवाएं हैं। दूसरे वार्डों में सड़क बनाकर सीवरेज के लिए फिर से सड़क खोदी गई लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। पहले सीवरेज की लाइन डलवाई गई और उसके बाद सीसी सड़क बनाई गई ताकि खोदने की जरूरत ही ना रहे। वार्ड में नालों का काम हो जाए तो वार्ड में कोई बड़ी समस्या नहीं रहेगी।  वार्डवासी बताते हैं कि निगम में बोर्ड कांग्रेस का है तो काम तो होने ही हैं, इसमें नई बात कौनसी है। लेकिन अभी भी वार्ड में कई समस्याएं ऐसी भी हैं जो लोगों के लिए परेशानी पैदा किए हुए हे। मसलन वार्ड की गलियों में घूमते बड़े-बड़े श्वान और डेरा जमाए आवारा मवेशी। वार्ड की कुछ गलियों में तो सफाई होती है कुछ में नहीं। कचरे के ढेर नजर आ जाएंगे। लोग पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। वार्ड में बना कचरा पाइंट बीमारियों का कारण है जो अब तक नहीं हटवाया गया है। </p>
<p>कुछ लोगों का कहना है कि पार्षद पहले के पार्षदों से हटकर व्यक्तिगत रूचि लेकर वार्ड में काम करवा रहे हैं। लोगों से जुड़े रहते हैं। कोई भी उनके पास वार्ड का काम लेकर जाये मना नहीं करते है। पहले हमारे यहां टूटी सड़कें  थी जो अब सीसी रोड के रूप में बदल चुकी हंै। वार्ड में एक दो समस्याओं को हटा दिया जाए तो वार्ड में ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसे लेकर लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हो। अब इतना बड़ा वार्ड है तो छोटी-मोटी दिक्कतें आती रहती हैं। लोग ही बजाए निगम की गाड़ी में कचरा डालने के सड़कों के किनारे कचरा डाल देते हैं तो इसमें निगम क्या करेगा।  वार्ड पार्षद का कहना है कि उन्होंने वार्ड के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पुराने थाना से मस्जिद तक का जो रोड 30 सालों में नहीं बना उसका काम चल रहा है जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। सीवरेज का काम पूरा हो चुका है। वार्ड से जुड़ी कोई भी समस्या सामने आती है तो उसे सुलझाने का पूरा प्रयास करता हूंू। सेक्टर 3 में नाला बनवाना है। पहले लोग रोड और पीने के पानी की समस्या से परेशान थे अब काफी हद ये समस्या दूर हो चुकी हैं। अब श्वानों की समस्या से तो पूरा शहर परेशान है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के कारण इन्हे दूसरे स्थानों पर नहीं छुड़वाया जा सकता है।  </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong></p>
<p>वार्ड में करीब ढ़ाई करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्य हो चुके हैं या चल रहे हैं। मैं खुद वार्ड में मवेशियों और श्वानों की समस्या को लेकर कई बार शिकायतें कर चुका हूं। वार्ड में एक कचरा पाइंट हटवाना है जिससे काफी परेशानी हो रही है। वार्ड में पूरा समय देता हंू। वार्ड के हर नागरिक की समस्या को सुलझाने का प्रयास करता हूं। <br /><strong>-मनोज गुप्ता, वार्ड पार्षद।</strong></p>
<p>सबसे बढ़िया काम पीने के पानी की पाइप लाइन डलवाना किया है। पहले भारी दिक्कत थी। कुछ गलियों में सहमति से घरों के बाहर बनी चबूतरियों को तोड़कर गलियों को चौड़ा किया गया है जिससे निगम की गाड़ी आराम से निकल रही हैं। रोड लाइट कई स्थानों पर नई लगवाई गई हैं। पार्षद के अब तक के कार्यकाल से सन्तुष्ट हंू। पहले पानी की दिक्कत थी अब नहीं है।<br /><strong>-मनोज व्यास, वार्डवासी।</strong> </p>
<p>वार्ड की लगभग हर समस्या का निवारण हो चुका है। कुछ स्थानों पर जानवर और श्वान जरूर दिखाई देते हैं। साफ-सफाई समय पर हो रही है। फोन करते ही पार्षद काम करवा देते हैं। पीने का पानी टाइम पर आ रहा है। अब तो बस नाले का काम हो जाए तो राहत मिले। <br /><strong>-अजय जैन, वार्डवासी। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jan 2023 15:29:33 +0530</pubDate>
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