<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/iran-crisis/tag-67248" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Iran Crisis - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/67248/rss</link>
                <description>Iran Crisis RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तुरंत ईरान छोड़ो, बॉर्डर से दूर रहो...भारत ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की दी सलाह, हेल्पलाइन नंबर ज़ारी </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे केवल दूतावास द्वारा सुझाए गए सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करने से पहले दूतावास से समन्वय और परामर्श करना अनिवार्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/leave-iran-immediately-stay-away-from-the-border-india-advised/article-149555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/india-embacy.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम के मद्देनजर ईरान में रह रहे अपने नागरिकों से दूतावास द्वारा सुझाए गए मार्गों का उपयोग करते हुए जल्द से जल्द देश से बाहर निकालने की अपील की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने मंगलवार को इस संबंध में जारी परामर्श को बुधवार को एक बार फिर जारी करते हुए भारतीय नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है। दूतावास ने परामर्श में कहा है, “सात अप्रैल की सलाह के क्रम में और हाल के घटनाक्रमों के मद्देनज़र, ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को दृढ़तापूर्वक सलाह दी जाती है कि वे दूतावास के साथ समन्वय करके और दूतावास द्वारा सुझाए गए मार्गों का उपयोग करते हुए यथाशीघ्र ईरान से बाहर निकल जाएँ।”</p>
<p>दूतावास ने परामर्श में स्पष्ट किया है कि किसी भी भारतीय नागरिक को दूतावास के साथ परामर्श और समन्वय के बिना किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। दूतावास ने कहा है, “ पुनः यह दोहराया जाता है कि दूतावास के साथ पूर्व परामर्श और समन्वय के बिना किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्थल सीमा तक पहुँचने का कोई प्रयास न किया जाए।” दूतावास से आपातकालीन संपर्क नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है, जिसमें मोबाइल नंबर: 989128109115<br />989128109102<br />989128109109<br />989932179359, ईमेल: सीओएनएसडॉटतेहरान@एमईएडॉटजीओवीडॉटइन है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान दोनों ही दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमत हो गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/leave-iran-immediately-stay-away-from-the-border-india-advised/article-149555</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/leave-iran-immediately-stay-away-from-the-border-india-advised/article-149555</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 14:30:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/india-embacy.png"                         length="1655360"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का ऐलान: अमेरिका-इजरायल के अलावा अन्य देशों के जहाजों को निकलने का दिया जाएगा रास्ता, पाकिस्तान से क्या हुई बात ?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इजरायल को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल का 20% व्यापार होता है, जिसे तनाव के कारण बंद किया गया था। अब सुरक्षा पुख्ता कर मित्र देशों के तेल एवं एलएनजी निर्यात में सहयोग का आश्वासन दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-masood-pezeshkian-announced-that-ships-from-countries-other/article-147659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/irani-p.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने अमेरिका और इजरायल को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने के लिए कई कदम उठाए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के कार्यालय ने यह जानकारी दी है। </p>
<p>राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ के साथ हुई फोन (एजेंसी) में कहा, किसी भी सूरत में, ईरान ने इस जलमार्ग से ज़हाज़ों के पार होने के लिए सुरक्षा एवं रक्षा के इंतजाम किये गये हैं। शत्रु देशों को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को  इस रास्ते से गुजरने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई सहित कई लोगों की मौत हुई। इसके जवाब में, ईरान ने इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। </p>
<p>अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष के कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जहां से पूरी दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल एवं तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) होकर गुजरती है। इससे पूरी दुनिया में कच्चे तेल का निर्यात प्रभावित हुआ है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-masood-pezeshkian-announced-that-ships-from-countries-other/article-147659</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-masood-pezeshkian-announced-that-ships-from-countries-other/article-147659</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:47:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/irani-p.png"                         length="749272"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज़ पार करने वाले चुनिंदा ज़हाज़ों को ईरान ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, 18 करोड़ की करेगा वसूली</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने घोषणा की है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को अब $20 लाख (₹18.76 करोड़) शुल्क देना होगा। डोनाल्ड ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी और बिजली संयंत्रों को "मिटाने" की धमकी के बावजूद ईरान ने अपना नियंत्रण सख्त कर लिया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में तनाव बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-gives-48-hour-ultimatum-to-selected-ships-crossing-hormuz-will/article-147476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran7.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। मीडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान ने बड़ा फैसला करते हुए श्विक अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण और भी सख्त कर दिया है। ईरानी राष्ट्रपति ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा है कि इस जलमार्ग से जो भी ज़हाज़ गुजरेगा अब ईरान उससे 20 लाख डॉलर ट्रांजिट शुल्क लेगा और यदि कोई भी देश ऐसा नहीं करेगा तो वो इस मार्ग से नहीं जा सकता है।</p>
<p>गौरतलब है कि, ईरान ने ये सख्त कदम ऐसे समय में उठाया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को जलडमरूमध्य मार्ग को खोलने के लिए 48 घंटों का समय दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि अब से वो होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कुछ चुनिंदा जहाहों पर 18,76,00,300 रुपये का शुल्क लेगा। इस बात की पुष्टि राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अपने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से की है।</p>
<p>इससे पहले ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के चौथे सप्ताह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह अगले 48 घंटों के भीतर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरानी बिजली संयंत्रों को "मिटा" देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-gives-48-hour-ultimatum-to-selected-ships-crossing-hormuz-will/article-147476</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-gives-48-hour-ultimatum-to-selected-ships-crossing-hormuz-will/article-147476</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 10:57:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/iran7.png"                         length="1159701"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्मेनिया सरकार को जयशंकर ने दिया धन्यवाद: 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से निकालने में की मदद, बचाव अभियान जारी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में फंसे 550 से अधिक भारतीयों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस चुनौतीपूर्ण समय में सहयोग के लिए आर्मेनिया का आभार व्यक्त किया। छात्र और तीर्थयात्री सड़क मार्ग से आर्मेनिया पहुँच रहे हैं, जहाँ से उन्हें विशेष उड़ानों द्वारा दिल्ली लाया जा रहा है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jaishankar-thanked-the-armenian-government-for-helping-in-evacuating-more/article-146723"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/armaina.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आर्मेनिया ने ईरान में फंसे 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में भारत की मदद की है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को ईरान से अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में सहयोग के लिए आर्मेनिया सरकार और वहां के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ईरान से अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी की सुविधा प्रदान करने के लिए आर्मेनिया की सरकार और लोगों को धन्यवाद। इन चुनौतीपूर्ण समय में उनके समर्थन की सराहना करता हूं।</p>
<p>छात्रों, तीर्थयात्रियों और व्यवसायियों सहित भारतीय नागरिक ईरान के विभिन्न शहरों से सड़क मार्ग के जरिए सीमा पार कर आर्मेनिया पहुँच रहे हैं। वहां से इन लोगों को येरेवन के शॉर्ट नोट्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डेसे व्यावसायिक उड़ानों (जैसे दुबई के रास्ते) के माध्यम से नयी दिल्ली वापस लाया जा रहा है।</p>
<p>हालांकि, अब तक 550 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है, लेकिन यह अभियान अभी भी जारी है। इसी मार्ग से 15 मार्च को मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के 70 छात्रों का एक जत्था दिल्ली पहुँचा था। इस पूरे प्रयास का प्रबंधन तेहरान और येरेवन में स्थित भारतीय मिशनों द्वारा आर्मेनियाई अधिकारियों के साथ घनिष्ठ सहयोग से किया जा रहा है। सरकार ने 12 मार्च को कहा था कि वह उन भारतीय नागरिकों की सहायता कर रही है जो अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते व्यावसायिक उड़ानों से घर लौटना चाहते हैं। </p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम उन्हें वीजा और सड़क मार्ग से सीमा पार करने में सहायता कर रहे हैं। जायसवाल ने यह भी कहा कि सरकार ने तेहरान में रहने वाले कई भारतीयों को देश के अन्य सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है और जो लोग आर्मेनिया या अजरबैजान के रास्ते वापस आना चाहते हैं, उन्हें वीजा संबंधी मदद दी जा रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/jaishankar-thanked-the-armenian-government-for-helping-in-evacuating-more/article-146723</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/jaishankar-thanked-the-armenian-government-for-helping-in-evacuating-more/article-146723</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 18:39:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/armaina.png"                         length="1208855"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान के सर्वोच्च नेता के नाम पर बनी सहमति: इजरायल ने दी जान से मारने की धमकी, जानें कौन संभालेगा देश की कमान ?</title>
                                    <description><![CDATA[अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद ईरान की एक्सपर्ट्स असेंबली ने नए सर्वोच्च नेता के नाम पर सहमति बना ली है। मोजतबा खामेनेई और मीरबागेरी रेस में सबसे आगे हैं। इस बीच, इजरायल ने चेतावनी दी है कि वह नए उत्तराधिकारी को भी निशाना बनाने से नहीं हिचकिचाएगा। युद्ध के माहौल में सैन्य मनोबल बनाए रखने हेतु जल्द आधिकारिक घोषणा संभव है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/who-will-become-the-strongman-of-iran-consensus-reached-on/article-145725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-flag.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद खाली हुए पद को भरने के लिए असेंबली ऑफ एक्सपटर्स ने नए उत्तराधिकारी के नाम पर लगभग सहमति बना ली है। रिपोर्ट के अनुसार, परिषद के सदस्य अयातुल्ला मोहम्मद मेहदी मीरबागेरी ने पुष्टि की है कि नेतृत्व निर्धारित करने के लिए बड़े प्रयास किए गए हैं और एक निर्णायक और सर्वसम्मत राय बन चुकी है।</p>
<p>हालांकि, सुरक्षा कारणों और कठिन परिस्थितियों का हवाला देते हुए अभी तक नए नेता के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। परिषद के एक अन्य सदस्य हुज्जतुल इस्लाम जाफरी ने कहा कि तीसरे सर्वोच्च नेता के चयन में देरी सभी के लिए अनपेक्षित है, लेकिन जल्द ही परिणाम सामने आएंगे। गौरतलब है कि 88 सदस्यीय यह परिषद ही ईरान के सर्वोच्च नेता को चुनने के लिए संवैधानिक रूप से अधिकृत है। </p>
<p>ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई, ने 37 वर्षों तक शासन किया था और वह 28 फरवरी को तेहरान में एक अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे। उनके निधन के एक सप्ताह के बाद भी ईरान उनकी जगह किसी को नेता चुन नहीं सका और इसके बजाए देश की कमान एक तीन सदस्यीय समिति को सौंप दी गयी थी। इस देरी के कारण ईरान के कुछ समूहों में असंतोष भी उपज रहा था। इन लोगों का मानना है कि नेतृत्व के नाम पर एक चेहरा अवश्य होना चाहिए। विशेषकर युद्ध के हालात में फौज का मनोबल बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है। </p>
<p>दूसरी ओर, इजरायल ने ईरान के संभावित नए सर्वोच्च नेता और उनके चयन में शामिल लोगों को सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। इजरायल रक्षा बल ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि इजरायल का लंबा हाथ खामेनेई के उत्तराधिकारी और उसे नियुक्त करने वाले किसी भी व्यक्ति का पीछा करना जारी रखेगा। आईडीएफ ने चेतावनी देते हुए कहा, हम आपको निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे। इसे अपने लिए चेतावनी समझें।</p>
<p>आधिकारिक नाम की घोषणा अभी भले न हुयी हो, लेकिन विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार इस शक्तिशाली पद के लिए कई नाम सामने आए हैं। इनमें पहला नाम अयातुल्ला मोहम्मद-मेहदी मीरबागेरी है। वह असेंबली ऑफ एक्सपट्र्स के प्रभावशाली सदस्य और देश के प्रमुख नेता हैं। हाल के वीडियो संदेशों में उनके सक्रिय रुख और सर्वसम्मत राय की उनकी घोषणा ने उन्हें इस दौड़ में सबसे मजबूत उम्मीदवार के रूप में स्थापित किया है। उन्हें खामेनेई की विचारधारा का कड़ा समर्थक माना जाता है। </p>
<p>इस सूची में दूसरा नाम मोजतबा खामेनेई का है। वह दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के दूसरे पुत्र हैं। हालांकि, ईरान में नेतृत्व वंशानुगत नहीं है, लेकिन धार्मिक और सैन्य हलकों विशेषकर रिवोल्यूशनरी गाड्र्स में उनका गहरा प्रभाव है। पर्दे के पीछे से सत्ता के संचालन में उनकी भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। तीसरा नाम अलीरेजा अराफी का है। वह ईरान के मदरसों के प्रमुख और असेंबली ऑफ एक्सपट्र्स के सदस्य हैं। उनकी छवि एक गंभीर विद्वान और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेता की है, जो विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने की क्षमता रखते हैं। </p>
<p>इसके अलावा हुज्जतुल इस्लाम जाफरी का भी सामने आ रहा है। वह इस परिषद के सदस्य हैं और उन्होंने हाल ही में जनता से धैर्य रखने की अपील की है। उनका नाम एक सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में चर्चा में है, जो वर्तमान कठिन समय में देश को स्थिरता दे सकें। उल्लेखनीय है कि इजरायल की हालिया धमकियों के बाद सुरक्षा कारणों से चयन प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय रखा गया है। नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति, बल्कि इजरायल और अमेरिका के साथ जारी संघर्ष की दिशा भी तय करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/who-will-become-the-strongman-of-iran-consensus-reached-on/article-145725</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/who-will-become-the-strongman-of-iran-consensus-reached-on/article-145725</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:45:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/iran-flag.png"                         length="404697"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान में किसी बड़े परिवर्तन की आशंका से कई उड़ानें रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान संकट के चलते इंडिगो ने 28 फरवरी तक त्बिलिसी, बाकू, अल्माटी और ताशकंद की उड़ानें रद्द कीं। फैसला यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/many-flights-canceled-due-to-fear-of-some-major-change/article-141871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/indigo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  इंडिगो ने मंगलवार को एक ताजा ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए ईरान संकट को देखते हुए 28 फरवरी तक उस देश के लिए अपनी कई उड़ानें रद्द कर दी हैं। साथ ही कई अन्य देशों तक भी अपनी सेवाएं बंद रखने का एलान किया है। इंडिगो ने 28 फरवरी तक जहां से आने और जाने वाली उड़ानें रद्द की हैं, उनमें त्बिलिसी, बाकू,अल्माटी और ताशकंद की फ्लाइट्स शामिल हैं। इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह फैसला ईरान के आसपास पैदा होते हालात को देखते हुए लिया गया है, ताकि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>इंडिगो ने एक्स पर जारी ट्रैवल एडवाइरी में कहा कि ईरान के आसपास पैदा होते हालात को देखते हुए हमने अपनी फ्लाइट शेड्यूल में अतिरिक्त बदलाव किए हैं, ताकि यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारे कस्टमर और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।</p>
<p>इंडिगो ने आगे कहा है कि इसकी त्बिलिसी, बाकू,अल्माटी और ताशकंद से आने और वहां जाने वाली उड़ानें 28 फरवरी,2026 तक कैंसिल रहेंगी। क्योंकि इन देशों या शहरों तक आने जाने के मार्ग में ईरानी रडार, ड्रोन नजर रख सकते हैं और कोई भटका हुआ ड्रोन उनसे टकरा सकता है। कस्टमर वैकल्पिक यात्रा विकल्प देख सकते हैं या अपनी चाहत के हिसाब से फुल रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि वह बदलते हालात पर नजर रख रही है और किसी भी अपडेट की जानकारी इसके कम्युनिकेशन चैनलों से साझा जाएगी।</p>
<p>यह एयरलाइन ने इन रूटों पर उड़ानों के निलंबन को धीरे-धरे बढ़ा रही है। पहले इन रूटों पर 11 फरवरी तक के लिए उड़ानें रद्द की गई थीं। इंडिगो इन रूटों पर अपनी उड़ानों के लिए ईरान के एयरस्पेस का इस्तेमाल करता रहा है। लेकिन, जब से हालात खराब होने लगे हैं, यह अपने विमानों को उस क्षेत्र में भेजने से हिचकिचा रहा है। इन चार शहरों की भारत से फ्लाइट को आम तौर पर छह से सात घंटे लगते हैं।</p>
<p>इन रूटों के लिए इंडिगो अपने  विमानों का इस्तेमाल करती है, जिसकी ईंधन क्षमता इतनी नहीं होती, जो ज्यादा लंबे रूट वाले वैकल्पिक रास्ते से यात्रा कर सकें। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और इसकी वजह से सैन्य संघर्ष की आशंका भी बनी हुई है। अमेरिका ने तो अपने नौसैनिक बेड़े को भी पश्चिम एशिया में उतार रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/many-flights-canceled-due-to-fear-of-some-major-change/article-141871</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/many-flights-canceled-due-to-fear-of-some-major-change/article-141871</guid>
                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 11:36:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/indigo.png"                         length="783640"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोर्का रूट्स ने ईरान में केरलवासियों के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किया, जानें</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में बढ़ते तनाव के बीच नोरका रूट्स ने केरलवासियों के लिए हेल्पडेस्क बनाया है। भारत ने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/norka-routes-sets-up-helpdesk-for-keralites-in-iran-know/article-139784"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/norka.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। ईरान में वर्तमान सुरक्षा चिंताओं और क्षेत्र में तनाव बढऩे की संभावना को देखते हुए, मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के अनुसार नोरका रूट्स ने वहां रहने वाले केरलवासियों के लिए एक विशेष सहाता डेस्क सक्रिय किया है। </p>
<p>नोरका ने कहा है कि जिन केरलवासियों को मदद की जरूरत है, वे टोल-फ्री नंबर या इंटरनेशनल मिस्ड-कॉल सुविधा के जरिए नोरका ग्लोबल कॉन्टैक्ट सेंटर हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p>इस बीच, विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है। आपातकाल की स्थिति में भारतीय नागरिक हेल्पलाइन नंबरों के जरिए तेहरान में भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं या ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p>ईरान में भारतीय नागरिकों को तेहरान में भारतीय दूतावास द्वारा जारी सलाह का सख्ती से पालन करने का भी निर्देश दिया गया है। देश में रेजिडेंट वीजा पर रहने वालों से दूतावास में पंजीकरण कराने का आग्रह किया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/norka-routes-sets-up-helpdesk-for-keralites-in-iran-know/article-139784</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/norka-routes-sets-up-helpdesk-for-keralites-in-iran-know/article-139784</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 13:26:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/norka.png"                         length="512358"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        