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                <title>expansion - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनाने में आई तेजी, राजस्थान इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर अग्रसर</title>
                                    <description><![CDATA[इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रति बढ़ते विश्वास और मजबूत चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से राजस्थान में मोबिलिटी बदल रही है। चौथी तिमाही (FY26) में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14% हो गया है। जयपुर सहित टियर-2 और टियर-3 शहरों में कम लागत, आधुनिक सॉफ्टवेयर फीचर्स और एथर रिज़्टा जैसे पारिवारिक स्कूटरों की मांग तेजी से बढ़ी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-rise-in-the-adoption-of-electric-scooters/article-157613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)49.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भारत के सबसे अधिक संभावना वाले राज्यों में से एक के रूप में उभर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों में ग्राहकों के बढ़ते विश्वास, मजबूत होते चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती मांग के कारण राज्य में मोबिलिटी का क्षेत्र बदल रहा है। इस परिवर्तन का मुख्य लाभ एथर एनर्जी जैसी कंपनियों को मिल रहा है, जो राज्य के शहरी और उभरते हुए बाजारों में तेजी से वृद्धि कर रही हैं।</p>
<p>वित्तवर्ष 2026 की चौथी तिमाही में राजस्थान में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14 प्रतिशत तक पहुँच गया। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है और देश में हो रही औसत वृद्धि से काफी ज्यादा है। जयपुर कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है, जो राज्य में होने वाली सेल में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देता है। जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और अजमेर जैसे शहरों में भी वृद्धि की दर तेज है। उद्योग के एक्सपर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल अब कुछ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी बढ़ रहा है। </p>
<p>यह वृद्धि खासतौर से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर ग्राहकों की बदलती धारणा के कारण हो रही है। ग्राहक अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों को पेट्रोल स्कूटरों के विकल्प के रूप में नहीं देखते हैं, बल्कि वो इन्हें टेक्नोलॉजी के मामले में आधुनिक मोबिलिटी विकल्प मानते हैं, जो उन्हें ज्यादा सुविधा, सुरक्षा और लंबे समय में अधिक बचत प्रदान करता है। इलेक्ट्रिक स्कूटरों में कनेक्टेड डैशबोर्ड, नैविगेशन, एडवांस्ड सेफ्टी सिस्टम और सॉफ्टवेयर पर आधारित राईडिंग अनुभव मिलता है, जो आधुनिक ग्राहकों द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदे जाने के महत्वपूर्ण कारण बन रहे हैं।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर ज्यादा आर्थिक लाभ भी प्रदान करते हैं। राजस्थान में पेट्रोल 113 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जिसके कारण रोज आवागमन करने वालों को केवल पेट्रोल पर ही रोज 3 रुपये प्रति किलोमीटर से अधिक खर्च करना पड़ता है। इसके उलट, घर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने में केवल 0.20 रुपये से 0.25 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। यानी ग्राहक रोज के सफर में काफी मासिक बचत कर सकते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक स्कूटर के मेंटेनेंस का खर्च भी काफी कम है, इसलिए यह पेट्रोल स्कूटरों के मुकाबले ज्यादा वित्तीय बचत प्रदान करता है।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटरों को अपनाने की एक बड़ी बाधा चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर थी, जिसमें लगातार सुधार हो रहा है। वर्तमान में एथर के पास राजस्थान के 32 शहरों में 189 स्थानों पर 208 चार्जिंग पॉईंट हैं। यह नेटवर्क जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े शहरों के साथ उन छोटे शहरों में भी फैला है, जहाँ इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। देश में कंपनी के पास 6,000 से अधिक फास्ट-चार्जिंग पॉईंट उपलब्ध हैं, जो लाईट इलेक्ट्रिक कंबाईंड चार्जिंग सिस्टम (एल.ई.सी.सी.एस) द्वारा चलाए जाते हैं। ये चार्जिंग पॉईंट लंबे सफय और दूसरे शहरों की यात्रा के दौरान चार्जिंग की फिक्र को दूर करते हैं। </p>
<p>जब परिवारों पर केंद्रित इलेक्ट्रिक स्कूटर आए, तो इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति दिलचस्पी और अधिक बढ़ गई। एथर रिज़्टा जैसे स्कूटर परिवारों को बहुत ज्यादा पसंद आए। यह स्कूटर आवागमन, स्कूल आने-जाने और घूमने के लिए जाने जैसे कई दैनिक कामों के लिए परफेक्ट है। इसमें कई प्रैक्टिकल फीचर दिए गए हैं, जिनमें बड़ी स्टोरेज क्षमता, विशाल सीट और बेहतर सुरक्षा सिस्टम शामिल हैं। यह मॉडल राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में काफी लोकप्रिय हुआ है क्योंकि यहाँ पर वाहन को परिवारों की जरूरतों के हिसाब से खरीदा जाता है।<br />राजस्थान के चुनौतीपूर्ण मौसम के कारण निर्माताओं ने वाहनों की ड्यूरेबिलिटी और बैटरी परफॉर्मेंस पर अधिक ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को भारत के मौसम के अनुकूल बनाया। एडवांस्ड बैटरी थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम, बैटरी रखने के मजबूत खाँचों और टेस्टिंग के कठोर प्रोटोकॉल्स का इस्तेमाल किया गया, ताकि भीषण गर्मी के मौसम में भी बैटरी भरोसेमंद परफॉर्मेंस दे सके।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में सरकारी सहयोग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केंद्र सरकार ने पीएम ई-ड्राईव जैसे अभियान चलाए, जिनके साथ राजस्थान के ई.वी इंसेंटिव प्रोग्राम ने इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की अग्रिम लागत को कम किया और ग्राहकों के बीच इसकी जागरुकता बढ़ाई। उद्योग के हितधारकों का मानना है कि इस गति को बनाए रखने के लिए नीति निर्माताओं और प्राईवेट सेक्टर के बीच लगातार सहयोग जरूरी होगा क्योंकि छोटे शहरों एवं कस्बों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।</p>
<p>प्रमुख निर्माताओं के बीच बढ़ती प्रतियोगिता के साथ अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मुख्य विशेषताएं हार्डवेयर के अलावा सॉफ्टवेयर तक बढ़ रही हैं। कंपनियाँ सॉफ्टवेयर क्षमताओं, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और ओवर-द-एयर अपडेट्स में भारी निवेश कर रही हैं, जिससे इलेक्ट्रिक स्कूटर में समय के साथ सुधार होता रहे। इसने इलेक्ट्रिक स्कूटर को आवागमन के साधन की बजाय एक स्मार्ट और कनेक्टेड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म में बदल दिया है। </p>
<p>पेट्रोल की बढ़ती कीमत, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सहयोगपूर्ण नीतियों और ग्राहकों की बढ़ती जागरुकता के साथ राजस्थान भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। राजस्थान में एक बड़ा राष्ट्रीय ट्रेंड प्रदर्शित हो रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहन व्यावहारिकता और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के साथ आवागमन के मुख्य साधन बनते जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 09:49:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कांगो में इबोला का कहर: 837 संक्रमित; 196 मौतें, WHO ने जताई गंभीर चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[कांगो (DRC) में इबोला का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जहां पुष्ट मामले 837 और मृतकों की संख्या 196 हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि सशस्त्र हिंसा और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण पड़ोसी देशों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ebola-havoc-in-congo-837-infected-196-deaths-who-expressed/article-157248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ibola.png" alt=""></a><br /><p>किंशासा। मध्य अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला के पुष्ट मामलों की संख्या 837 पहुंच गयी है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 196 हो गयी है। इस बीच स्वास्थ्य अधिकारियों और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों ने चेतावनी दी है कि सामुदायिक स्तर पर लगातार फैलने और भौगोलिक विस्तार के कारण यह प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। कांगो स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से मृत्यु दर 23.4 प्रतिशत रही। इस बीमारी का मात देकर 49 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 376 मरीजों को अभी क्वारंटीन किया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, बुंडिबुग्यो इबोला वायरस के कारण फैला यह प्रकोप मुख्य रूप से प्रमुख प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर इतूरी प्रांत के बुनिया, मोंगब्वालु और र्वाम्परा में केंद्रित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित स्वास्थ्य क्षेत्रों का बढ़ता भौगोलिक दायरा, शहरी और खनन से जुड़े क्षेत्रों में लगातार हो रहा प्रसार, कुछ प्रांतों में संपर्कों की निगरानी की कम दर और प्रभावित क्षेत्रों में जारी असुरक्षा के कारण राहत अभियान जटिल हो रहे हैं। इससे कांगो के भीतर और पड़ोसी देशों में इसके और फैलने का खतरा बढ़ गया है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इतूरी और उत्तरी कीवू प्रांतों में सामुदायिक स्तर पर लगातार प्रसार, मामलों और मौतों की बढ़ती संख्या तथा निरंतर भौगोलिक विस्तार के कारण स्थिति और खराब होती जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया कि नए प्रभावित क्षेत्रों में इसका फैलना शुरुआती केंद्रों से आगे निरंतर विस्तार को दर्शाता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पड़ोसी देश युगांडा में इस अवधि के दौरान कोई नया पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।</p>
<p>कांगो में संक्रमण से लगातार जुड़े महामारी संबंधी संपर्कों के कारण हालांकि सीमा पार प्रसार और द्वितीयक संक्रमण का खतरा बना हुआ है। अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने कल अपनी दैनिक रिपोर्ट में बताया कि युगांडा में अब तक 19 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें दो मौतें शामिल हैं। उत्तरी कीवू में प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सोमवार देर रात एक महिला और उसका बच्चा, जो इबोला से संक्रमित पाए गए थे, उन्हें 'हथियारबंद लोग' अपने साथ ले गए।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक विरोध सहित कई कारणों से राहत प्रयासों में बाधाएं आ रही हैं। प्रभावित क्षेत्र देश के संघर्षग्रस्त पूर्वी हिस्से में स्थित हैं, जहां सशस्त्र हिंसा, विस्थापन और कमजोर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे ने राहत कार्यों के सामने लगातार चुनौतियां खड़ी की हैं। उल्लेखनीय है कि डीआरसी ने 15 मई को इस ताजा इबोला प्रकोप की घोषणा की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:14:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>“मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क” में विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार, उद्योगों की शुरुआत भी हुई </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सीकर रोड (चोमू) में मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण तेजी से जारी है। VKIA से मात्र 35 मिनट की दूरी पर स्थित इस पार्क में प्रशासनिक कार्यालय, मुख्य द्वार और 5-6 औद्योगिक इकाइयों का काम शुरू हो चुका है। यहाँ RIPS छूट, 33 KV GSS और 80 फीट चौड़ी सड़कें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/development-works-gained-momentum-in-%E2%80%9Cmangalam-mega-industrial-park%E2%80%9D-industries/article-156016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/manglam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। MIC और MIC-2 की शानदार सफलता के बाद मंगलम बिल्डर्स का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क” तेजी से आकार ले रहा है। इटावा, सीकर रोड, चोमू (जयपुर) में विकसित हो रहा यह आधुनिक इंडस्ट्रियल पार्क उद्योगों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। VKIA से मात्र 35 मिनट की दूरी पर स्थित होने के कारण इसकी कनेक्टिविटी भी निवेशकों और उद्यमियों को आकर्षित कर रही है। प्रोजेक्ट के डीजीएम विजय सिंह ने बताया कि पार्क में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रोजेक्ट का प्रशासनिक कार्यालय एवं मुख्य प्रवेश द्वार (Main Gate) पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 5 से 6 औद्योगिक इकाइयों का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पार्क में 33 केवी के समर्पित GSS का कार्य प्रगति पर है तथा ओवरहेड टैंक के माध्यम से जल आपूर्ति व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके अलावा 80 फीट चौड़ी डामर सड़कें, पूर्ण औद्योगिक स्वीकृति, RIPS के तहत स्टांप ड्यूटी में छूट, लोन एवं सब्सिडी सुविधाएं, गेटेड एंट्री के साथ 24×7 सुरक्षा, EV चार्जिंग स्टेशन, ट्रक पार्किंग, हरित पार्क, स्ट्रीट लाइट्स और भव्य प्रवेश द्वार जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंगलम समूह के अनुसार, यह प्रोजेक्ट उद्योगों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:54:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शुभेन्दु कैबिनेट का विस्तार: 35 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, जानें कौन-कौन बना मंत्री?</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल का सोमवार को विस्तार संपन्न हुआ। लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने 35 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। नई नियुक्तियों के बाद कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 40 हो गई है, जिसमें शंकर घोष और रूपा गांगुली प्रमुख हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/shubhendu-cabinet-expanded-35-mlas-took-oath-as-ministers-know/article-155603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/west-bengal-cabinet.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की शुभेन्दु अधिकारी सरकार मंत्रिमंडल का सोमवार को विस्तार किया गया और यहां लोक भवन में आयोजित समारोह में 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आर. एन. रवि ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन 35 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद, मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या 40 हो गई है। इससे पहले, 9 मई को श्री अधिकारी ने पांच अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। मंत्रिमंडल में , शंकर घोष ,तापस रॉय अर्जुन सिंह, रूपा गांगुली ,अशोक डिंडा,स्वप्न दास गुप्ता जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 12:05:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आज होगा बंगाल में मंत्रिमंडल का विस्तार : 35 नए मंत्री लेंगे शपथ, जानें सीएम शुभेंदु ने अपनी कैबिनेट में किन्हें दी जगह?</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सोमवार को मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करेंगे, जिसमें 35 नए चेहरे शामिल होंगे। राजभवन में राज्यपाल आरएन रवि सुबह 11 बजे इन्हें शपथ दिलाएंगे। क्षेत्रीय संतुलन और जिलों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर गठित इस नए मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cabinet-will-be-expanded-in-bengal-today-35-new-ministers/article-155587"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bengal-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सोमवार को मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करने जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि लोक भवन में 35 नये मंत्री शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि जनता द्वारा चुनी गयी राष्ट्रवादी सरकार का पूर्ण मंत्रिमंडल सोमवार को गठित होगा। राज्यपाल आरएन रवि सुबह 11 बजे मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। भाजपा ने हालिया विधानसभा चुनाव में 294 सदस्यीय सदन में 208 सीटें जीतकर पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनायी थी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने नौ मई को शपथ ली थी। उस समय उनके साथ केवल पांच अन्य मंत्रियों को शामिल किया गया था और मंत्रियों की संख्या छह थी।</p>
<p>नये मंत्रियों के शामिल होने के बाद मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो जाएगी, जो संवैधानिक सीमा के भीतर है। संविधान के अनुसार 294 सदस्यीय विधानसभा में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 44 हो सकती है। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार में देरी क्षेत्रीय संतुलन और विभिन्न जिलों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए की गयी। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पार्टी की चुनावी सफलता राज्य के लगभग हर ज़िले के समर्थन से मिली है, इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में समायोजित करने के प्रयास किये गये। राजनीतिक हलकों की नजर अब इस बात पर है कि किन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है और महत्वपूर्ण विभाग किसे सौंपे जाते हैं। माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विभागों का बंटवारा भी घोषित किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 10:25:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जस शो 2026 को मिला वैश्विक गौरव, हीरा उद्योग के दिग्गज मावजीभाई पटेल होंगे मुख्य अतिथि</title>
                                    <description><![CDATA[ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित JAS शो 2026 को इस बार वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। ₹20,000 करोड़ से अधिक के डायमंड एक्सपोर्ट वाले 'किरण जेम्स' के संस्थापक मावजीभाई पटेल उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इस आयोजन से भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jas-show-2026-gets-global-glory-diamond-industry-veteran-mavjibhai/article-155420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर द्वारा आयोजित देश के प्रतिष्ठित जेम्स एवं ज्वेलरी व्यापारिक आयोजन JAS शो 2026 को इस वर्ष वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। आयोजन समिति ने घोषणा की है कि विश्व के अग्रणी डायमंड उद्योगपति एवं किरण जेम्स के संस्थापक-चेयरमैन मावजीभाई पटेल उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला एवं जस शो कन्वीनर अशोक माहेश्वरी ने बताया कि मावजीभाई पटेल की उपस्थिति से आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग के लिए यह गौरव का विषय है कि विश्व की अग्रणी पॉलिश्ड डायमंड कंपनियों में शामिल Kiran Gems के संस्थापक इस आयोजन से जुड़ रहे हैं।</p>
<p>बताया गया कि किरण जेम्स का वार्षिक डायमंड एक्सपोर्ट 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक है तथा कंपनी ने 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार से जोड़कर उद्योग जगत में विकास और विश्वास का नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्ष 1985 में स्थापित कंपनी आज रफ डायमंड प्रोसेसिंग, कटिंग, पॉलिशिंग और अंतरराष्ट्रीय निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव अजय गोधा ने कहा कि मावजीभाई पटेल केवल सफल उद्योगपति ही नहीं, बल्कि भारतीय हीरा उद्योग की प्रेरणादायक हस्तियों में से एक हैं। अपने दूरदर्शी नेतृत्व, मेहनत और नैतिक व्यापारिक मूल्यों के बल पर उन्होंने भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:09:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राजस्थान को मिलेगी 200 नई ट्रेनों की सौगात, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा बड़ा विस्तार</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान में 200 से अधिक नई ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। जालोर-दिल्ली नई रेल सेवा के शुभारंभ पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में 20 नई पिट लाइनों का निर्माण और जयपुर के पास अत्याधुनिक मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जा रहा है, जिससे रेलवे की क्षमता दोगुनी हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-will-get-the-gift-of-200-new-trains-there/article-155107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/railway-minister-as.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में रेलवे विकास को नई रफ्तार देते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आने वाले समय में प्रदेश को 200 से अधिक नई ट्रेनों की सौगात मिलेगी। जालोर को पहली बार दिल्ली से जोड़ने वाली नई रेल सेवा के शुभारंभ के अवसर पर उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे में तेजी से आधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे नई ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। रेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान में पिट लाइनों, कोचिंग टर्मिनलों, यार्ड आधुनिकीकरण, दोहरीकरण, ट्रैक स्पीड बढ़ाने और स्टेशन पुनर्विकास जैसे बड़े कार्य किए जा रहे हैं।</p>
<p>इन परियोजनाओं से ट्रेनों के रखरखाव, धुलाई और तकनीकी परीक्षण की क्षमता मजबूत होगी तथा रेल संचालन अधिक सुगम बनेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी Amit Sudarshan के अनुसार वर्तमान में रेलवे के पास 22 पिट लाइनें हैं, जबकि मदार, उमरा, लालगढ़, श्रीगंगानगर, हिसार, सूरतगढ़, खातीपुरा, बाड़मेर और जैसलमेर सहित विभिन्न स्थानों पर 20 नई पिट लाइनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसके अलावा जयपुर के निकट भट्टो की गली में मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित करने की योजना है, जहां वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।</p>
<p>रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं से उत्तर पश्चिम रेलवे की रखरखाव क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे प्रदेश में नई रेल सेवाओं के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। रेलवे के इस बड़े विस्तार से राजस्थान के सीमावर्ती, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:03:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट के नेतृत्व में जुटाए 63 मिलियन डॉलर, पीक एक्सवी पार्टनर्स और ज़ेड-47 ने भी दोहराया भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रैवल-फिनटेक प्लेटफॉर्म स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट, पीक एक्सवी और ज़ेड-47 से $63 मिलियन का निवेश हासिल किया है। इस पूंजी का उपयोग भारत भर में ग्राहक आधार बढ़ाने और एआई-फर्स्ट उत्पाद विकास के लिए किया जाएगा। स्कैपिया फेडरल बैंक और बीओबी कार्ड के साथ मिलकर डुअल-नेटवर्क क्रेडिट कार्ड और 'स्कैपिया पे' जैसी सुविधाएं दे रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/scapia-raised-63-million-led-by-general-catalyst-peak-xv/article-154982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px5.png" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। भारत की अग्रणी ट्रैवल-फिनटेक कंपनियों में से एक, स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट के नेतृत्व में 63 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग हासिल की है। इस निवेश दौर में मौजूदा निवेशकों पीक एक्सवी पार्टनर्स और ज़ेड—47 ने भी अपनी निरंतर भागीदारी बनाए रखी। इस पूंजी के जरिए स्कैपिया देशभर में अपने ग्राहक आधार का विस्तार करेगी और उत्पाद विकास व टीम निर्माण के अपने एआई-फर्स्ट दृष्टिकोण को और मजबूत बनाएगी।</p>
<p>स्कैपिया के फ़ाउंडर और सीईओ, अनिल गोटेटी, ने कहा, “हम जनरल कैटलिस्ट का भागीदार के रूप में स्वागत करते हुए बेहद उत्साहित हैं। साथ ही, पीक एक्सवी और ज़ेड—47 का लगातार समर्थन हमारे विज़न, उत्पाद और अब तक की यात्रा में उनके मजबूत विश्वास को दर्शाता है। आज स्कैपिया केवल एक वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि एक व्यापक ट्रैवल इकोसिस्टम के रूप में विकसित हो चुका है, जिसे उस नई भारतीय पीढ़ी की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो यात्रा को अपनी जीवनशैली का अहम हिस्सा मानती है। यह निवेश हमें अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाने, ग्राहकों को बेहतर अनुभव और अधिक मूल्य देने, ब्रांड की पहुँच बढ़ाने और बेहतरीन प्रतिभाओं को साथ जोड़ने में मदद करेगा। साथ ही, हम एक मजबूत एआई-फर्स्ट संस्कृति और उत्पाद सोच विकसित करने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य ऐसे उत्पाद तैयार करना है, जो लोगों को अधिक यात्रा करने और बेहतर जीवन अनुभव जीने के लिए प्रेरित करें।”</p>
<p>स्कैपिया ने युवा और यात्रा पसंद करने वाले भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा वित्तीय प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो यात्रा की खोज, योजना, बुकिंग और पूरे अनुभव को अधिक सहज, सरल और एकीकृत बनाता है। कंपनी उन दो प्रमुख रुझानों के केंद्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही है, जिनमें युवाओं के बीच तेजी से बढ़ता यात्रा उत्साह और डिजिटल वित्तीय सेवाओं को बढ़ता अपनाव शामिल है। पिछले वर्ष की तुलना में प्लेटफॉर्म पर फ्लाइट बुकिंग में 5 से 6 गुना और स्टे बुकिंग में 8 गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाली बुकिंग में भी लगातार उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।</p>
<p>इस फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा पूरे भारत में स्कैपिया ब्रांड को मजबूत बनाने और एक विश्वस्तरीय एआई-आधारित संगठन तैयार करने में निवेश किया जाएगा। भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में शामिल है, जो स्वाभाविक रूप से एआई तकनीक के साथ सहज और तेजी से जुड़ने वाली पीढ़ी मानी जाती है। यही कारण है कि आज भारतीय उपभोक्ता अधिक स्मार्ट, व्यक्तिगत और सहज अनुभव देने वाले उत्पादों की अपेक्षा कर रहे हैं। साथ ही, देश का प्रतिभाशाली कार्यबल भी ऐसे नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करने की मजबूत क्षमता रखता है। यह निवेश स्कैपिया को इंजीनियरिंग, उत्पाद, डेटा साइंस और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों में शीर्ष एआई प्रतिभाओं को आकर्षित करने, विकसित करने और लंबे समय तक अपने साथ बनाए रखने में मदद करेगा।</p>
<p>जनरल कैटलिस्ट के इंडिया और एमईएनए सीईओ, नीरज अरोड़ा, ने कहा, भारत की अगली बड़ी उपभोक्ता कंपनियाँ केवल पारंपरिक मॉडलों के डिजिटल रूपांतरण से नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली और नए उपभोक्ता व्यवहारों की गहरी समझ के आधार पर उभरेंगी। स्कैपिया ने बहुत शुरुआती चरण में ही यह पहचान लिया था कि नई भारतीय पीढ़ी के लिए यात्रा अब सिर्फ एक आकांक्षा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुकी है। पिछले एक वर्ष में ग्राहकों की संख्या में सात गुना वृद्धि और ट्रैवल इकोसिस्टम में कंपनी की मजबूत पकड़ उसके विज़न और क्रियान्वयन क्षमता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। हम स्कैपिया की इस विकास यात्रा का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हैं।”</p>
<p>पीक एक्सवी पार्टनर्स साक्षी चोपड़ा ने कहा, “जैसे-जैसे यात्रा युवा भारतीयों की जीवनशैली और खर्च करने की आदतों का अहम हिस्सा बनती जा रही है, वैसे-वैसे उपभोक्ता ऐसे वित्तीय उत्पादों की तलाश कर रहे हैं जो उनकी जरूरतों और व्यवहार के अनुरूप हों। स्कैपिया ने भुगतान, रिवॉर्ड्स, जीरो फॉरेक्स मार्कअप और यात्रा लाभों को जोड़ते हुए एक सहज ट्रैवल-फिनटेक अनुभव तैयार किया है, जो उपभोक्ताओं के साथ गहराई से जुड़ता है। टीम ने मजबूत उत्पाद सोच को उत्कृष्ट क्रियान्वयन के साथ जोड़ा है और हम उनके अगले विकास चरण में भी उनके साथ बने रहने को लेकर उत्साहित हैं।”</p>
<p>ज़ेड47 के मैनेजिंग डायरेक्टर, विक्रम वैद्यनाथन, ने कहा,  “हमने स्कैपिया को उसके शुरुआती निवेश दौर से समर्थन दिया है और हर अगले चरण ने हमारे भरोसे को और मजबूत किया है। डुअल-नेटवर्क कार्ड से लेकर स्कैपिया पे और एयरपोर्ट प्रिविलेज जैसी पेशकशों तक, भारतीय फिनटेक क्षेत्र में बहुत कम टीमें इतनी तेजी और अनुशासन के साथ नवाचार कर रही हैं। जैसे-जैसे उपभोक्ता अनुभव एआई-नेटिव होते जा रहे हैं, हमें विश्वास है कि स्कैपिया आधुनिक भारतीय यात्रियों के बीच एक अग्रणी ब्रांड के रूप में उभरेगा।”</p>
<p>स्कैपिया, फेडरल बैंक और बीओबी कार्ड के साथ साझेदारी में सह-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड प्रदान करती है और भारत की पहली कंपनी बनी, जिसने वीज़ा और रुपे दोनों नेटवर्क पर आधारित डुअल-नेटवर्क सह-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड पेश किया। अंतरराष्ट्रीय खर्चों पर जीरो फॉरेक्स मार्कअप की सुविधा के लिए पहचान बना चुकी स्कैपिया ने ‘एयरपोर्ट प्रिविलेज’ की भी शुरुआत की, जो केवल पारंपरिक लाउंज एक्सेस तक सीमित नहीं है, बल्कि डाइनिंग, रिटेल और ड्यूटी-फ्री अनुभवों को भी शामिल करता है। आज स्कैपिया के हर तीन में से एक उपयोगकर्ता पारंपरिक लाउंज एक्सेस की तुलना में शॉपिंग और डाइनिंग अनुभवों को अधिक प्राथमिकता देता है। कंपनी ने ‘एयरपोर्ट प्रिविलेज’ सुविधा को इसी बदलती उपभोक्ता पसंद और आधुनिक यात्रियों की नई अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है।</p>
<p>पिछले छह महीनों में स्कैपिया ने अपने प्लेटफॉर्म पर कई नई सुविधाएँ और उत्पाद जोड़े हैं। इनमें रिवॉर्ड्स-फर्स्ट यूपीआई अनुभव ‘स्कैपिया पे’, एड-ऑन क्रेडिट कार्ड, बीबीपीएस के जरिए सभी बैंकों के क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान, स्कैपिया स्टोर और स्कैपिया एक्सपीरियंस जैसी पेशकशें शामिल हैं। कंपनी अपने उपयोगकर्ताओं को ‘स्कैपिया कॉइन्स’ के रूप में रिवॉर्ड्स देती है, जिन्हें रोजमर्रा के खर्चों पर कमाया जा सकता है और बाद में उड़ानों, ट्रेनों, बसों, होटल बुकिंग, वीज़ा सेवाओं और अन्य यात्रा अनुभवों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इन सभी सेवाओं के जरिए स्कैपिया ने एक ऐसा संपूर्ण ट्रैवल इकोसिस्टम तैयार किया है, जहाँ यात्रा और वित्तीय सेवाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर सहज तरीके से उपलब्ध होती हैं। नए निवेश के साथ कंपनी अब इस इकोसिस्टम को और बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:26:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>तमिलनाडु में मंत्रिमंडल विस्तार : कांग्रेस की 59 साल बाद सत्ता में वापसी, जानें कितने विधायक बने मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी 10 दिन पुरानी कैबिनेट का विस्तार करते हुए 23 नए मंत्रियों को शामिल किया है। इसके साथ ही कांग्रेस के दो विधायकों के मंत्री बनने से राज्य में 59 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई है और तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार गठबंधन सरकार का गठन हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tamil-nadu-gets-first-coalition-government-cm-vijay-expands-cabinet/article-154529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm-vijay.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक घटनाक्रम के तहत मुख्यमंत्री एवं टीवीके संस्थापक सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को अपने 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए नये सहयोगी कांग्रेस को इसमें शामिल किया। इसके साथ ही राज्य में 59 वर्ष बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई और तमिलनाडु में पहली बार गठबंधन सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे द्रविड़ राजनीति के इस गढ़ में लंबे समय से चली आ रही एकदलीय शासन व्यवस्था का अंत हो गया।</p>
<p>तमिलनाडु में गठबंधन युग की शुरुआत विजय के उस चुनावी वादे की भी पूर्ति मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने सहयोगी दलों के साथ सत्ता साझा करने की बात कही थी। इसे राज्य के राजनीतिक इतिहास में चुनाव बाद हुए पहले बड़े राजनीतिक पुनर्संयोजन के रूप में भी देखा जा रहा है। सीएम विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 10 दिन बाद अपने नौ मंत्रियों वाले मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 23 नये मंत्रियों को शामिल किया, जिनमें कांग्रेस के दो और सत्तारूढ़ टीवीके के 21 विधायक शामिल हैं। राज्यपाल आर. वी. आर्लेकर ने लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।</p>
<p>शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत वंदे मातरम्, राष्ट्रगान और तमिल थाई वाझ्तु से हुई। इससे पहले राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की सिफारिश पर 23 विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने को मंजूरी दी। नये मंत्रियों में तीन महिला मंत्री भी शामिल हैं, जिससे मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या बढ़कर चार हो गयी है और कुल मंत्रियों की संख्या 33 हो गयी है। नवनियुक्त मंत्रियों के विभागों की घोषणा शीघ्र किये जाने की संभावना है।</p>
<p>कांग्रेस के दो मंत्रियों में विधायक दल के नेता एस. राजेश कुमार तथा पी. विश्वनाथन शामिल हैं। किलियूर से निर्वाचित राजेश कुमार और मदुरै जिले की मेलूर सीट से जीते विश्वनाथन के मंत्रिमंडल में शामिल होने के साथ ही कांग्रेस का लगभग छह दशक लंबा इंतजार समाप्त हो गया। वर्ष 1967 में के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम सरकार की पराजय के बाद राज्य में कांग्रेस शासन समाप्त हो गया था। लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक मणिकम टैगोर ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों का मंत्रिमंडल में शामिल होना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के दिन होना महज संयोग नहीं है।</p>
<p>वर्ष 1967 में द्रविड़ राजनीति के उदय के बाद अगले 59 वर्षों तक द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने बारी-बारी से राज्य पर शासन किया। वर्ष 2026 में नयी गठित टीवीके ने इस लंबे द्रविड़ वर्चस्व को समाप्त करते हुए सत्ता हासिल की और राज्य में पहली गठबंधन सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त किया। गठबंधन सरकार की अवधारणा द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों के लिए लंबे समय तक अस्वीकार्य रही थी। वर्ष 2006 में द्रमुक बहुमत से दूर रहकर भी कांग्रेस और अन्य सहयोगियों के बाहरी समर्थन से सरकार चलाने में सफल रही थी, लेकिन कांग्रेस तब सत्ता में साझेदारी नहीं कर सकी थी। इस बार कांग्रेस ने विजय के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मंत्रिमंडल में शामिल होकर लगभग 60 वर्ष पुराना सपना पूरा कर लिया। दो मंत्री पदों के अलावा कांग्रेस को राज्यसभा की एक सीट मिलने की भी संभावना है, जो विद्रोही अन्नाद्रमुक विधायक सी. वे. शण्मुगम के इस्तीफे से रिक्त हुई है।</p>
<p>पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने पहले तमिलनाडु कांग्रेस मुख्यालय और श्रीपेरंबदूर स्थित उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और बाद में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, विजय सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के एक-एक विधायक को भी मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने की संभावना है। दोनों दलों ने हालांकि अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। सी. वे. शण्मुगम, एस. पी. वेलुमणि और सी. विजयभास्कर के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक के विद्रोही गुट को मंत्रिमंडल विस्तार में कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला। वाम दलों और वीसीके ने उनके शामिल किये जाने का विरोध किया था।</p>
<p>सीएम विजय की पार्टी टीवीके ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीती थीं, जिनमें से एक सीट से विजय के इस्तीफे के बाद उसकी संख्या 107 रह गयी। कांग्रेस के पांच, माकपा, भाकपा और वीसीके के दो-दो विधायकों के समर्थन से सरकार ने 118 के बहुमत का आंकड़ा हासिल कर विश्वास मत जीत लिया। मंत्रिपरिषद में शामिल किये गये 23 नये चेहरों में श्रीनाथ, कमली एस., सी. विजयलक्ष्मी, आर. वी. रंजीतकुमार, विनोत, राजीव, बी. राजकुमार, वी. गांधीराज, मधन राजा, जेगदेश्वरी, एस. राजेश कुमार, एम. विजय बालाजी, लोगेश तमिलसेलवन, विजय तमिलन पार्थिबन, रमेश, पी. विश्वनाथन, आर. कुमार, के. थेन्नारसु, वी. संपत कुमार, मोहम्मद फारवस, डी. शरतकुमार, एन. मेरी विल्सन और विग्नेश के. शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 13:08:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में बड़े बदलाव की तैयारी: योगी सरकार कैबिनेट विस्तार और संगठन में जल्द होगा फेरबदल, इन दिग्गजों के नामों को लेकर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[बंगाल के बाद अब भाजपा का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश पर है। योगी सरकार में 10 से 15 मई के बीच कैबिनेट विस्तार और बड़े संगठनात्मक बदलाव संभावित हैं। जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए पिछड़ा वर्ग, दलित और महिलाओं को विशेष प्रतिनिधित्व देकर 2027 की चुनावी बिसात बिछाई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/yogi-government-is-preparing-for-big-changes-in-up-before/article-153231"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/yogi-cabinet.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का केंद्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश पर फोकस करने जा रहा है। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी भाजपा में बड़े राजनीतिक और संगठनात्मक बदलावों की तैयारी तेज हो गई है। दरअसल पार्टी और सरकार स्तर पर होने वाले ये बदलाव भाजपा के लिए सामाजिक, क्षेत्रीय समीकरणों को साधने का अहम अवसर माने जा रहे हैं। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, संगठन में फेरबदल, योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट विस्तार तथा विभिन्न आयोगों, निगमों और बोर्डों में खाली पदों पर नियुक्तियां जल्द हो सकती हैं।</p>
<p>पार्टी का मानना है कि 2027 के चुनाव से पहले यह आखिरी बड़ा मौका होगा, जब विभिन्न जातीय और क्षेत्रीय समूहों को संतुलित तरीके से प्रतिनिधित्व दिया जा सके। भाजपा के एक वरिष्ठ सांसद के अनुसार, “पश्चिम बंगाल में सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी होते ही केंद्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश की ओर ध्यान देगा। संगठनात्मक बदलाव, कैबिनेट विस्तार और विभिन्न निगमों-बोर्डों में नियुक्तियों को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारी पहले ही हो चुकी है।”</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि योगी सरकार में बहुप्रतीक्षित कैबिनेट फेरबदल 10 से 15 मई के बीच कभी भी हो सकता है। करीब आधा दर्जन नेताओं के नाम संभावित मंत्रिमंडल विस्तार या विभागीय बदलाव को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। भाजपा सांसद ने बताया कि भाजपा इस फेरबदल को केवल प्रशासनिक बदलाव तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसके जरिए स्पष्ट राजनीतिक संदेश देने की भी तैयारी है। लोकसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों और भाजपा के सामाजिक गठबंधन में आई चुनौतियों को देखते हुए पार्टी विभिन्न जातीय समूहों, क्षेत्रों और समुदायों के प्रतिनिधित्व का नए सिरे से आकलन कर रही है।</p>
<p>सांसद ने कहा, “ पार्टी विशेष रूप से उन वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बना रही है, जहां उसे समर्थन में कमी महसूस हुई है या जहां विपक्ष अपनी सामाजिक पैठ बढ़ाने में जुटा है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक-दो महिलाओं को मंत्रिमंडल में जगह दिए जाने की चर्चा है। साथ ही ब्राह्मण, जाट, गुर्जर, कुर्मी, पासी, पाल और वाल्मीकि समुदायों को साधने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।”<br />सूत्रों की मानें तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का मंत्रिमंडल में शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा मनोज पांडेय, अशोक कटारिया, कृष्णा पासवान और पूजा पाल के नाम भी चर्चा में हैं।</p>
<p>सरकार के अलावा संगठनात्मक स्तर पर भी बड़े बदलाव संभावित हैं। पार्टी संगठन में कई पद लंबे समय से लंबित हैं, जबकि अनेक आयोगों, बोर्डों और निगमों में नियुक्तियां अभी बाकी हैं। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों के नेताओं को समायोजित करने के साथ-साथ आंतरिक संतुलन साधने की कोशिश करेगी। भाजपा सांसद का मानना है कि भाजपा का पूरा फोकस पिछड़ा वर्ग, दलित और गैर-प्रभावशाली जातियों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर रहेगा। साथ ही उन क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश होगी, जहां पार्टी को पर्याप्त राजनीतिक भागीदारी नहीं मिल सकी है।</p>
<p>सूत्रों की मानें तो महिला प्रतिनिधित्व को भी भाजपा विशेष महत्व दे सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं और लाभार्थी राजनीति को देखते हुए पार्टी महिला वोटरों के बीच अपना संदेश और मजबूत करना चाहती है। भाजपा सूत्रों का मानना है कि हिंदुत्व के मुद्दे पर पार्टी को कोई बड़ी चुनौती नहीं है, लेकिन 2027 के चुनाव से पहले जातीय, क्षेत्रीय और लैंगिक संतुलन साधना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार, संगठनात्मक बदलाव और निगमों-बोर्डों में नियुक्तियों को भाजपा राजनीतिक संदेश और सामाजिक संतुलन के बड़े अभियान के रूप में इस्तेमाल कर सकती है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि जहां तक पार्टी में बदलाव और मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा का सवाल है तो पार्टी नेतृत्व को जो उचित लगेगा वो कदम उठाएगी । भाजपा का कार्यकर्ता 2027 चुनाव को लेकर पूरी तरह से तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 13:27:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिहार में सम्राट सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार: प्रधानमंत्री की मौजूदगी में 32 नए मंत्रियों ने ली शपथ, नीतिश कुमार के बेटे निशांत भी बने मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[पटना के गांधी मैदान में 32 नए मंत्रियों ने शपथ लेकर सम्राट सरकार का विस्तार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भाजपा, जदयू और लोजपा के नेताओं ने कार्यभार संभाला। इस मंत्रिमंडल में निशांत कुमार सहित कई युवा चेहरों को जगह मिली है, जो बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cabinet-expansion-of-samrat-government-32-new-ministers-took-oath/article-153029"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi2.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार में सम्राट सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए आज 32 नये मंत्रियों को शामिल किया है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले भाजपा के 15 मंत्रियों में विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, मिथिलेश तिवारी, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, रमा निषाद, केदार गुप्ता, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद, इंजिनियर कुमार शैलेन्द्र,प्रमोद चन्द्रवंशी, संजय सिंह टाईगर तथा लखेंद्र कुमार रोशन शामिल हैं।</p>
<p>जदयू की तरफ से 13 मंत्रियों श्रवण कुमार, लेसी सिंह, भगवान सिंह कुशवाहा, मो. जमा खान, शीला मंडल, अशोक चौधरी, निशांत कुमार, श्वेता गुप्ता, शैलेन्द्र कुमार उर्फ बुलो मंडल, मदन सहनी, रत्नेश सदा, दामोदर रावत और सुनील कुमार ने शपथ ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के दो मंत्रियों संजय कुमार सिंह और संजय कुमार, राष्ट्रीय लोक मोर्चा(रालोमो) के दीपक प्रकाश तथा हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के डां. संतोष कुमार सुमन ने भी आज शपथ ली। शपथ लेने वाले नेताओं में मिथिलेश तिवारी, निशांत, स्वेता गुप्ता, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, नन्दकिशोर राम, कुमार शैलेन्द्र और रामचन्द्र प्रसाद पहली बार मंत्री बने है।</p>
<p>सम्राट मंत्रिमंडल में के तीन मंत्रियों निशांत, नीतीश मिश्रा और संतोष कुमार सुमन के पिता पहले बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। निशांत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं। नीतीश मिश्रा के पिता जगन्नाथ मिश्रा कांग्रेस के प्रदेश में आखिरी मुख्यमंत्री थे और संतोष सुमन के पिता जीतनराम मांझी भी बिहार के मुख्यमंत्री पद को 2014-15 में सुशोभित कर चुके हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह के गवाह के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी तथा चिराग पासवान,राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में नेता और गणमान्य लोग मौजूद थे।</p>
<p>इससे पहले पटना पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री पटना हवाई अड्डे से निकल कर सडक मार्ग से गाँधी मैदान पहुंचे, जहाँ रास्ते में कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री जिन राहों से गुजरे वहां तरह तरह के बने मंच और उन पर चल रहे लोक संगीत ने उनका स्वागत किया। बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड की तरफ से साधु संतों की एक कतार आशीर्वाद का हाथ उठाये प्रधानमंत्री का इंतेजार कर रही थी। उल्लेखनीय है कि भाजपा के दो ख्वाब बंगाल में फतह और बिहार में उनका मुख्यमंत्री एक साथ पूरे हुए हैं और यह ख्वाब एक ऐसे समय में साकार हुआ है, जब पार्टी की कमान एक बिहारी नितिन नवीन के हाथों में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 16:23:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक: गोल्ड लोन के लिए 501 मौजूदा शाखाओं के साथ सुरक्षित ऋण वितरण का किया विस्तार, पारदर्शी और भरोसेमंद गोल्ड लोन सेवाएं पहुँचाई जाएंगी</title>
                                    <description><![CDATA[एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने सुरक्षित ऋण वितरण को मजबूत करते हुए अपनी 501 शाखाओं में गोल्ड लोन सेवाएं सक्रिय कर दी हैं। यह पहल ग्राहकों को पारदर्शी, भरोसेमंद और त्वरित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। प्रशिक्षित मूल्यांककों और मजबूत प्रणालियों के साथ, बैंक अब उच्च मांग वाले क्षेत्रों में सोने के बदले त्वरित तरलता सुनिश्चित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/au-small-finance-bank-strengthens-reach-for-secure-loan-delivery/article-151356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/au.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू एसएफबी) ने आज गोल्ड लोन उत्पाद के लिए अपनी 501 मौजूदा शाखाओं के सफल सक्रियकरण की घोषणा की। यह पहल संस्थान-नेतृत्व वाले सुरक्षित ऋण (secured lending) वितरण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से देशभर में ग्राहकों तक तेज़, पारदर्शी और भरोसेमंद गोल्ड लोन सेवाएं पहुँचाई जाएंगी। नई जोड़ी गई शाखाएं रणनीतिक रूप से उन क्षेत्रों में स्थित हैं, जहाँ घरेलू स्तर पर सोने का स्वामित्व अधिक है और अल्पावधि, गारंटी-आधारित ऋण की निरंतर माँग बनी हुई है, जो भारत में सोने की एक विश्वसनीय वित्तीय संपत्ति के रूप में स्थायी भूमिका को दर्शाता है। प्रत्येक गोल्ड लोन शाखा ग्राहकों को निर्बाध अनुभव प्रदान करने के लिए उद्देश्य-निर्मित है, जो प्रशिक्षित मूल्यांककों, मानकीकृत प्रक्रियाओं तथा सुदृढ़ जोखिम और अनुपालन प्रणालियों से समर्थित है। इससे ग्राहकों को पारदर्शिता और भरोसे के साथ अपने सोने के बदले समय पर तरलता प्राप्त करने में सहायता मिलती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 17:10:31 +0530</pubDate>
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