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                <title>चिंतित करने वाले खुले नाले, जिम्मेदार विभागों की सुस्ती से बढ़ा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में खुले नाले और टूटी ड्रेनेज लाइनें लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। कई इलाकों में बिना ढक्कन के सीवर चैंबर बच्चों और वाहन चालकों के लिए खतरा बने हैं, खासकर रात और बारिश में। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई धीमी है। निगम-जेडीए ने मरम्मत और ढक्कन लगाने का भरोसा दिया है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/open-drains-are-a-matter-of-concern-danger-increases-due/article-154826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/6622-copy89.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। शहर में खुले नालों और टूटी ड्रेनेज लाइनें चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही हैं। शहर के कई इलाकों में खुले पड़े नाले और सीवर चैंबर हादसों को खुला निमंत्रण दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी की ओर से अब तक ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शहर के बाहरी क्षेत्रों से लेकर विकसित कॉलोनियों तक कई स्थानों पर नालों पर ढक्कन तक नहीं हैं या फिर वे टूट चुके हैं। बरसात से पहले सफाई और सुरक्षा इंतजामों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय और बारिश के दौरान इन खुले नालों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे बच्चों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतें मिलने के बाद भी ढक्कन लगाने का काम धीमी गति से चल रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नगर निगम और जेडीए अधिकारियों का कहना है कि खुले नालों और क्षतिग्रस्त चैंबरों की सूची तैयार कराई जा रही है तथा संबंधित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर ढक्कन लगाए और मरम्मत करवाए जाएंगे। अधिकारियों ने आमजन से भी खतरनाक स्थानों की सूचना तत्काल देने की अपील की है जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 12:28:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एडीजे ने निचले अदालत के फैसले को किया अपास्त, मुकदमा दर्ज करने के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[आरोपियों ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष तथ्यों को छुपाते हुए गलत जानकारी दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/adj-set-aside-the-decision-of-the-lower-court--directed-to-file-a-case/article-51500"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/hogh-cort-chandigarh-court-hammer1457186614-821.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। इटावा नगर पालिका चुनाव के दौरान पार्षद द्वारा घोषणा पत्र में तीन संतान होने के बावजूद दो संतान का विवरण देने के मामले में कोटा एडीजे क्रम  दो न्यायाधीश ने इटावा न्यायालय के आदेश को अपास्त करते हुए इटावा पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं । इस मामले में इटावा निवासी परिवादी रजत पारेता  तथा महावीर नागर  ने  वकील मनोज पुरी और आनंद के जरिए आरोपी पार्षद रजनी बाला सोनी , महेंद्र सोनी(पति) तथा तत्कालीन ग्राम पंचायत इटावा के कर्मचारी जगदीश शर्मा  व सुरेश गोस्वामी और राज्य सरकार के खिलाफ न्यायालय में  परिवाद पेश किया था। नगर पालिका इटावा की वर्तमान अध्यक्ष  रजनी बाला सोनी तथा उसके पति  महेंद्र उर्फ रिंकू सोनी दोनों ने मिलकर आरोपी तत्कालीन कर्मचारी ग्राम पंचायत इटावा जगदीश शर्मा और सुरेश गोस्वामी के साथ मिलकर अपनी पुत्री लावण्य उर्फ सलोनी का तथाकथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर वर्ष 2021-22  के नगर पालिका इटावा के वार्ड पार्षद के चुनाव  में गलत रूप से उपयोग  किया । आरोपी रजनी बाला सोनी ने नगर पालिका इटावा के वार्ड नंबर 22 से पार्षद के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ  शपथ पत्र में स्वयं की दो संताने राघव सोनी तथा ऋषिकेश  को दशार्या। जबकि आरोपियों के लावण्या उर्फ सलोनी नाम की एक पुत्री और है जिसका जन्म 2 नवंबर 2010 को हुआ था । आरोपियों ने इस बात की जानकारी होने के बावजूद ग्राम पंचायत इटावा के तत्कालीन कर्मचारी जगदीश शर्मा और सुरेश गोस्वामी के कार्यालय में जाकर फर्जी और कूट रचित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया ।   आरोपी तत्कालीन कर्मचारी जगदीश शर्मा व सुरेश गोस्वामी को फर्जी एवं कूट रचित जन्म प्रमाण पत्र बनाने का दोषी माना है </p>
<p>याचिका में बताया गया आरोपी रजनी बाला ने अपने निर्वाचन के फार्म में दो संतानें  दर्शाई जबकि तीसरी संतान लावण्या उर्फ सलोनी उनकी ही पुत्री होने के बावजूद  उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी।  आरोपियों ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष तथ्यों को छुपाते हुए गलत जानकारी दी । लावण्या उर्फ सलोनी के जन्म प्रमाण पत्र में माता-पिता रेखा सोनी व हेमराज को दशार्या गया है जो गलत है ।  रेखा सोनी उर्फ गीता  का हेमराज से विवाद होने पर वह अपने पिता के घर चली गई थी ।  पिता के पास  जाने के बाद उसने अपनी सहमति से कन्हैयालाल पुत्र चतुर्भुज माली से 30 मई 2007 को ही विवाह कर लिया । जब हेमराज से कोई संबंध नहीं था तब 2 नवंबर 2010 को लावण्या उर्फ सलोनी पुत्री के रूप में पैदा करना संभव नहीं है।  रेखा सोनी उर्फ गीता और कन्हैयालाल के चार संताने हैं जो वर्तमान में उनके साथ निवास कर रही हैं । आरोपियों ने कूट रचित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र 2 नवंबर 2010 को हेमराज सोनी व रेखा के नाम से फर्जी एवं कूट रचित दस्तावेज  बनवा कर पेश किया। जो एक धोखाधड़ी है । भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467 ,468, 471, 120 में दंडनीय अपराध है ।इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट इटावा ने मामले में सुनवाई करते हुए परिवाद 156 3 दंड संहिता प्रक्रिया के तहत अधीनस्थ न्यायालय द्वारा अस्वीकार कर पत्रावली साक्षी परिवादी जवान द्वारा 200 सीआरपीसी में नियत की गई है जिससे व्यथित होकर निगरानी कारण की ओर से वर्तमान में निगरानी याचिका सेशन न्यायाधीश कोटा के समक्ष पेश की गई है।  न्यायाधीश ने न्यायालय में अंतरित किए जाने पर अधीनस्थ न्यायालय की पत्रावली को तलब किया गया तथा निगरानी कर्ता की ओर से पेश निगरानी याचिका स्वीकार करते हुए अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेश को अपास्त करते हुए पुलिस थाना इटावा को मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jul 2023 16:03:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> असर खबर का -  जर्जर भवनों में चल रहे सरकारी कार्यालय का मामला अदालत पहुंचा </title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा शहर में विभिन्न स्थानों पर पुराने तथा जर्जर मकानों में लोग रहे हैं और जर्जर भवनों में संचालित  सरकारी कार्यालय के मामले में न्यायालय ने आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण तथा अधीक्षण अभियंता सहायक निर्माण विभाग और  जिला कलक्टर को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-of-the-news---the-matter-of-the-government-office-running-in-dilapidated-buildings-reached-the-court/article-19319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/asar-khaber-ka---jarjar-bhavanon-mein-chal-rahe-sarakaaree-kaaryaalay-kota-news-17.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा शहर में विभिन्न स्थानों पर पुराने तथा जर्जर मकानों में लोग रहे हैं और जर्जर भवनों में संचालित सरकारी कार्यालय के मामले में न्यायालय ने आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण तथा अधीक्षण अभियंता सहायक निर्माण विभाग और जिला कलक्टर को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। इस मामले में 22 अगस्त को सुनवाई होगी। न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। इस मामले में स्थाई लोक अदालत में एडवोकेट लोकेश कुमार सैनी ने एक जनहित याचिका दायर करते हुए बताया कि कोटा शहर में कई जर्जर मकानों में लोग रह रहे हैं तथा सरकारी कार्यालय भी जर्जर भवनों में ही संचालित हो रहे हैं। ऐसे में बरसात के समय में भी बड़ा हादसे होने की संभावना रहती है । हर वर्ष बरसात में दो से चार मकान गिर जाते हैं। पुराने मकानों को उनके मालिक मजबूती से ठीक भी नहीं करवाते और नहीं नगर निगम दक्षिण आयुक्त ऐसे मकान मालिकों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। याचिका में बताया गया कि बरसात में किसी भी जर्जर मकान के गिरने पर कभी भी बड़ा हादसा होने से लोगों की जानें जा सकती हंै। पुराने कोटा शहर में सूरजपोल से मौखापाड़ा तक अधिकतर मकानों की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं । उनका प्लास्टर निकल चुका है। किसी मकान का ऊपरी हिस्सा एक तरफ झुका हुआ है। बरसात के समय में उन मकानों की छत और कमरों में पानी टपकता रहता है। जिससे ऐसे मकानों में दरारें भी आ रही है। जर्जर मकानों में अधिकतर कई वर्षों से किराएदार भी रह रहे हैं, ऐसे ही सूरजपोल स्थित झाला हाउस काफी पुरानी बिल्डिंग हंै जिसमें पीएचईडी कर्मचारी स्टाफ है। भवन कार्यालय की हालत जर्जर है। इसी तरह से महिला पुलिस थाना भी पुराने भवन में संचालित हो रहा है। नगर निगम आयुक्त दक्षिण, पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता और जिला कलेक्टर की अनदेखी के कारण लोगों के सामने समस्याएं उत्पन्न होती जा रही हैं । इस मामले में न्यायालय ने जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Aug 2022 14:58:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> चंबल नदी में  क्रूज को चलाने का मामला  पहुंचा अदालत</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर की स्थाई लोक अदालत ने चंबल नदी पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए क्रूज चलाए जाने  के मामले में सुनवाई करते हुए यूआईटी के सचिव और विशेष अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायालय में इस मामले में 10 अगस्त 2022 को सुनवाई की जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-matter-of-running-the-cruise-in-chambal-river-reached-the-court/article-16636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/218.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की स्थाई लोक अदालत ने चंबल नदी पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए क्रूज चलाए जाने  के मामले में सुनवाई करते हुए यूआईटी के सचिव और विशेष अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायालय में इस मामले में 10 अगस्त 2022 को सुनवाई की जाएगी। <br /><br />इस मामले में अधिवक्ता लोकेश कुमार सैनी ने न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर करते हुए बताया कि पर्यटन नगरी के रूप में कोटा शहर को विकसित किए जाने के दौरान चंबल नदी पर विकास कार्य प्रगति से किए जा रहे हैं।  रिवर फ्रंट के जरिए नदी पर छोटे जहाज चलाने के लिए एक योजना तैयार की थी । लेकिन यह योजना अभी तक  मूर्त रूप नहीं ले पाई है। इस योजना के तहत पर्यटकों को आकर्षित करने और चंबल नदी के आसपास के स्थानों को क्रूज के माध्यम से दिखाने की योजना थी । याचिका में बताया गया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत वन विभाग के माध्यम से चंबल नदी में कोटा बैराज से जवाहर सागर तक इन छोटे जहाजों को चलाने की योजना बनाई गई थी। चंबल नदी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है।  कोटा बैराज से जवाहर सागर तक के क्षेत्र को छोटे जहाज चलाने के लिए उपयुक्त माना गया था।  करीब 30 किलोमीटर मार्ग में कोटा बैराज ,गढ़ पैलेस ,हैंगिंग ब्रिज ,कोटिया भील का महल ,गेपरनाथ ,गराडिया महादेव जैसे अनेक दर्शनीय स्थलों को शामिल किए जाने की योजना थी । इस रिवर  फ्रंट पर आने वाले पर्यटकों को लुभाने के लिए चंबल नदी में चलाने वाले छोटे जहाजों को नयापुरा की तरफ  से एक एनीकट बनाया गया है। कोटा बैराज से नयापुरा की तरफ  बने इस एनीकट के बीच में ही इन जहाजों को चलाने की योजना तैयार की गई थी लेकिन यूआईटी  सचिव और विशेषता अधिकारी की अनदेखी के कारण यह योजना अब तक मूर्त रूप धारण नहीं कर पाई है । इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दोनों अधिकारियों से जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Jul 2022 18:24:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए पटवारियों के मेडिकल की बात को लेकर हॉस्पिटल में भिड़े दो डॉक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[पटवार भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की मेडिकल कर सर्टिफिकेट बनाने के लिए जिन दो डॉक्टर्स को पावटा जिला अस्पताल में जिम्मेदारी दी गई थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/two-doctors-clashed-in-the-hospital-regarding-the-matter-of/article-14244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/q-2-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। पटवार भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की मेडिकल कर सर्टिफिकेट बनाने के लिए जिन दो डॉक्टर्स को पावटा जिला अस्पताल में जिम्मेदारी दी गई थी। वे इसी मुद्दे को लेकर इस कदर आपस में भिड़ गए कि एक-दूसरे पर घूंसे तक बरसाने लगे। दिनदहाड़े हॉस्पिटल की ओपीडी में हुए इस घटनाक्रम को देख वहां मौजूद हर व्यक्ति स्तब्ध रह गया। दोपहर के समय हुई इस हादसे का वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य तक पहुंचा तो प्रारंभिक जांच के बाद दोनों डॉक्टर्स को एपीओ कर इनका मुख्यालय जयपुर कर दिया गया। दरअसल पावटा स्थित जिला अस्पताल में सीनियर मेडिकल अधिकारी डॉ. पंकज भट्ट और मेडिकल अधिकारी डॉ. मृदुल राठौड़ की ओपीडी ड्यूटी थी।</p>
<p>इन्हें सामान्य मरीजों की जांच के साथ पटवार भर्ती के चयनितों के मेडिकल बनाने थे। इस दौरान ओपीडी में चयनित युवाओं की काफी भीड़ थी। बताया जा रहा हैं कि इस दौरान डॉ. भट्ट ने राठौड़ से कहा, वे दोनों आधे-आधे अभ्यर्थियों के मेडिकल बना लें, इस पर डॉ. राठौड़ ने इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी होने लगी और अचानक ही डॉ. राठौड़ ने कुर्सी पर बैठे डॉ. भट्ट के पास पहुंचकर उनके थप्पड़ जड़ दिया। इसके साथ ही दोनों डॉक्टर्स एक-दूसरे पर थप्पड़-घूंसे बरसाते हुए आपस में उलझते हुए ओपीडी के एक बैड पर जा गिरे। बड़ी मुश्किल से हॉस्पिटल स्टाफ  व अन्य लोगों ने दोनों को एक-दूसरे से अलग किया। तब तक यह घटनाक्रम किसी के मोबाइल में कैद हो चुका था और कुछ ही देर में यह सोशल मीडिया पर वायरल होने लग गया।</p>
<p><strong>डॉक्टर्स का व्यवहार अशोभनीय कार्यमुक्त किया</strong></p>
<p>डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दिलीप कच्छवाहा ने बताया, मामूली बात को लेकर दो डॉक्टर्स का आपस में इस तरह भिड़ना  गंभीर है। आवेश में आकर इस तरह की घटना को अंजाम देना उचित नहीं है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पावटा सैटेलाइट हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. कुलबीर सिंह से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही दोनों डॉक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर मुख्यालय जयपुर किया गया है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 11:43:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत को ही न्याय की आस : पुलिस को मामले की जांच फिर से करने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[फांसी की सजा को आजीवन कारावास मेंं बदला, कहा-जिन अफसरों ने फंसाया उन पर कार्रवाई की जाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--court-only-hope-for-justice--order-to-police-to-re-investigate-the-matter/article-9915"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/justice3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने झालावाड़ में सात साल की बच्ची की हत्या से पहले दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य करने से जुड़े मामले में हत्या के आरोप में अभियुक्त को दी गई फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है। इसके साथ ही अदालत ने झालावाड़ एसपी को कहा है कि वह प्रकरण को री-ओपन करते हुए नए सिरे से जांच करे और उन लोगों को गिरफ्तार करें, जिनके डीएनए पीड़िता के कपड़ों पर पाए गए हैं। इसके साथ ही अदालत ने कहा है कि जिन अफसरों ने अपना केस लड़ने में असक्षम युवा को मामले में फंसाया है, उन पर कार्रवाई भी की जाए। जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश राज्य सरकार के डेथ रेफरेंस व आरोपी के अपील पर सुनवाई करते हुए दिए।</p>
<p>अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हम भारी हृदय और न्याय की उम्मीद के साथ ऐसे अपराध के आरोपी को आजीवन कारावास में भेज रहे हैं, जो किसी अन्य दो अपराधियों ने किया है। अदालत ने अधिवक्ता नितिन जैन और सरकारी वकील रेखा मदनानी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने निष्पक्ष रूप से स्वीकार है कि पीड़िता से दो अन्य लोगों ने अपराध किया था। सुनवाई के दौरान प्रो-बोनो अधिवक्ता नितिन जैन ने अदालत को बताया कि घटना के समय आरोपी नाबालिग था। इसके अलावा प्रकरण में डीएनए रिपोर्ट भी आरोपी के ब्लड से मेल नहीं खाती है। ऐसे में उसकी फांसी की सजा को रद्द किया जाए। <br /><br /><strong>क्या है मामला</strong><br />झालावाड़ के कामखेड़ा थाना इलाके में सात साल की बच्ची से गत 28 जुलाई 2018 को बलात्कार और अप्राकृतिक कृत्य के बाद हत्या की वारदात हुई थी। पुलिस ने मामले में कोमल लोढ़ा को गिरफ्तार करते हुए घटना के 9 दिन में ही कोर्ट में आरोप पत्र पेश कर दिया। वहीं पॉक्सो कोर्ट ने भी आरोपी को अन्य अपराधों के अलावा हत्या के आरोप में 23 सितंबर 2019 को फांसी की सजा सुना दी। मामला हाईकोर्ट में आने पर पूर्व में अदालत ने फांसी को आजीवन कारावास में बदला था। इस पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण रिमांड करते हुए फांसी या आजीवन कारावास के संबंध में फैसला लेने का निर्देश दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 11:28:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ये कैसी एसओजी: नाबालिग को गिरफ्तार कर ले लिया रिमांड, कोर्ट ने मामला किशोर न्याय बोर्ड भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[इतना ही नहीं उसे अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड भी ले लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--what-is-this-sog--the-minor-was-arrested-and-remanded--the-court-sent-the-matter-to-the-juvenile-justice-board/article-9156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/court-hammer042.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। एसओजी ने जेईटी में डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में बड़ी चूक करते हुए एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया। इतना ही नहीं उसे अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड भी ले लिया। एसओजी ने बुधवार को आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड बढ़ाने की मांग की। दूसरी ओर आरोपी के घटना के समय नाबालिग होने की जानकारी मिलने पर अदालत ने प्रकरण को किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया।</p>
<p><br />मामले के अनुसार एसओजी ने जेईटी में अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी बैठने वाले और मूल अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। परीक्षा के दिन इनमें से एक आरोपी की उम्र साढेÞ 17 साल थी। सुनवाई के दौरान एसओजी की ओर से रिमांड मांगने पर बाल अपचारी के वकील ने अदालत में उसकी दसवीं कक्षा की अंक तालिका सहित अन्य दस्तावेज पेश कर कहा कि परीक्षा के दिन आठ अगस्त, 2021 को वह 18 साल का नहीं हुआ था। ऐसे में एसओजी उसे गिरफ्तार कर रिमांड नहीं ले सकती है। इस पर अदालत ने आरोपी के प्रकरण को किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया। <br /><br /><strong>क्या कहते हैं कानून के जानकार</strong><br />कानून के जानकारों का कहना है कि नियमानुसार किसी नाबालिग को पुलिस वर्दी में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता, उसे सिर्फ निरूद्ध किया जा सकता है। वहीं किशोर न्याय बोर्ड में पेश करते समय बाल अपचारी के परिजन भी उपस्थित रहते हैं। इसके अलावा उसका रिमांड भी नहीं लिया जा सकता और ना ही उसकी पहचान सार्वजनिक की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 May 2022 13:30:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजेपी वाले माफी मांगे हम फिर मंदिर बना देंगे: खाचरियावास</title>
                                    <description><![CDATA[राजगढ़ में मंदिर तोड़ने के मामले में मचा सियासी घमासान ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--there-was-a-political-ruckus-in-the-matter-of-breaking-the-temple-in-rajgarh--dhariwal-said--bjp-board-had-taken-the-decision-to-remove-the-temple--no-permission-was-taken-from-the-government-in-this/article-8389"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/dhariwal_pratap.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अलवर के राजगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में सराय गोल चक्कर में सड़क चौड़ी करने के दौरान अतिक्रमण हटाने पर विवाद शुरू हो गया है। रास्ते में आए 300 साल पुराने मंदिर पर भी बुलडोजर चलाया गया। इस कार्रवाई पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।<br /><br />यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि  राजगढ़ नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड है और उसी ने यह कार्रवाई की है। अपने अस्पताल रोड स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए धारीवाल ने कहा कि एक मंदिर को हटाने पर कोई विरोध नही हुआ, लेकिन दूसरे मंदिर को हटाने पर भाजपा ने तूल दिया। भाजपा बोर्ड ने ही मंदिर हटाने का फैसला था, इसमें सरकार से कोई अनुमति नही ली गई। मंदिर हटाने की घटना भी तीन दिन पुरानी है, उस दौरान कुछ नही हुआ, अब बीजेपी वाले तूल दे रहे है। धारीवाल ने कहा कि ईओ से मामले की तीन दिन में पूरी रिपोर्ट मांगी है। <br /><br /><strong>बीजेपी वाले माफी मांगे हम फिर मंदिर बना देंगे: खाचरियावास</strong><br />प्रेस वार्ता में प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि राजगढ़ नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड है, बोर्ड ने ही प्रस्ताव पारित किया। हमारा तो एक पार्षद है। ये बीजेपी का एक बार फिर चरित्र सामने आ गया है। हम तो फिर से मंदिर बना देंगे, अगर कोर्ट बीच में  नही आता है तो। जेपी नड्डा को आगे आकर बोलना चाहिए। बीजेपी के लोगो को राजनीति करनी है, केवल वोट की राजनीति करते है। मंदिर के मामले में बीजेपी को माफी मांगनी चाहिए। <br /><br /><strong>अलवर के जिला कलेक्टर शिवप्रसाद एम० नकाते ने सरकार को भेजी  तथ्यात्मक रिपोर्ट, रिपोर्ट में क्या है....</strong></p>
<p><strong>.</strong> नर्वनिर्वाचित नगर पालिका बोर्ड की द्वितीय बैठक एजेन्डे के प्रथम बिन्दु में नगर पालिका क्षेत्र राजगढ़ के मेला का चौराहा से गोल चक्कर तक के मुख्य रास्ते से मास्टर प्लान में बाधा व गारैव पथ में अवैद्य अतिक्रमण हटवाये जाने संबंधित प्रस्ताव नगरपालिका की साधारण सभा में चेयरमैन श्री सतीश दुहारिया एवं अन्य द्वारा सर्वसम्मति से पारित करवाया गया था।<br /><strong>.</strong> नगर पालिका क्षेत्र राजगढ के मेला का चौराहा से गोल चक्कर तक के मुख्य रास्ते से मास्टर प्लान के अनुसार बाधाओं को हटवाये जाने हेतु नगर पालिका बोर्ड मिटिंग दिनांक 08.09.2021 को सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया।<br /><strong>. </strong>नगर पालिका राजगढ़ द्वारा उक्त मार्ग में आने वाला बाधा चिन्हित कर दिनांक 06.04.2022 को समस्त अतिक्रमियों को नोटिस व्यक्तिश दिये गये।<br /><strong>.</strong> अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका राजगढ ने अपने पत्रांक 250 दिनांक 12.04.2022 द्वारा अतिक्रमण हटवाये जाने के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु पुलिस बल की मांग की गई।<br /><strong>. </strong>नगर पालिका राजगढ द्वारा कानून एवं शांति व्यवस्था की दृष्टि से प्रशासनिक सहयोग चाहे जाने पर उपखण्ड अधिकारी राजगढ़ द्वारा कार्यालय हाजा के पत्रांक न्याय / 2022/587 दिनांक 13.04.2022 से श्रीमान जिला पुलिस अधीक्षक महोदय अलवर की सेवामे पुलिस बल उपलब्ध करवाये जाने हेतु निवेदन करते हुये समसंख्यक पत्रांक 588 दिनांक 13.04.2022 द्वारा श्रीमान की सेवा में सूचना प्रेषित की गई।<br /><strong>.</strong> अतिक्रमियों के प्रतिनिधिमण्डल से बराबर सम्पर्क स्थापित रखा गया। उनकी सभी मांगो का यथासंभव विधिक समाधान भी नगर पालिका राजगढ से करवाया गया।<br /><strong>.</strong> सभी अतिक्रमियों को अपने अवैद्य अतिक्रमण को खाली करने बाबत समझाईश भी की गई। साथ ही अतिक्रमण हटवाये जाने से दो दिन पूर्व ही मुनादी करवाई गई एवं स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से भी अवैद्य अतिक्रमण हटाये जाने बाबत सूचित किया गया। इस प्रकार अवैद्य अतिक्रमण को हटाये जाने हेतु अतिक्रमियों को पर्याप्त समय दिया गया।<br /><strong>.</strong> दिनांक 17.04.2022 व 18.04.2022 को अतिक्रमण हटाय जाने के दौरान किसी भी व्यक्ति का वैद्य निर्माण ध्वस्त नहीं किया गया। अतिक्रमण हटवाये जाने के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध प्रकट नहीं किया गया एवं ना ही कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई।<br /><strong>.</strong> उपखण्ड अधिकारी राजगढ़ द्वारा अतिक्रमण हटवाये जाने के दौरान आवश्कता अनुसार चिकित्सा सहायता दल मय ऐम्बुलेन्स, पेयजल सुविधा, फायर ब्रिगेड इत्यादि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।<br /><strong>.</strong> अतिक्रमण हटवाये जाने के दौरान दो पूर्व निर्मित मंदिरों पर कार्यवाही की गई जिनमें से एक मंदिर, जो कि हाल ही में बनाया गया था. पूर्ण तया वर्तमान नाले के उपर निर्मित था नाले पर निर्मित निजी मंदिर में स्थापित मूर्तियों को स्वयं निर्माणकर्ताओं द्वारा ही अतिक्रमण हटाये जाने से पूर्व ही हटा लिया गया था। यह अवगत करवाया गया था कि हटाई गई मुर्तियों को उनके द्वारा पुर्नस्थापित करवा लिया जावेगा। दूसरा मंदिर रास्ते में अवरोधक होने के कारण मंदिर का नगण्य एवं आंशिक हिस्सा ही हटाया गया। गर्भग्रह पूर्णतया सुरक्षित है। हटाये गये आंशिक हिस्से में शिव पंचायत के सदस्यों की मूर्तियों को विधिपूर्वक ससम्मान हटवाया गया है। हटाई गई मुर्तियों के स्थान पर नवीन मुर्तियों की स्थापना विधि-विधान पूर्वक करवाये जाने की कार्यवाही नगर पालिका राजगढ द्वारा की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 18:49:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>गोगागेट से शिलालेख गायब होने का मामला: अधिकारी ने पत्र लिखकर कहा था शिलालेखों का रखा जाए विशेष ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[छह माह से मामले को दबाए बैठे थे अधिकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--case-of-missing-inscriptions-from-gogagate--the-officer-wrote-a-letter-saying-that-special-attention-should-be-given-to-the-inscriptions--still-the-inscription-disappeared-from-goggate--officers-were-sitting-suppressing-the-matter-for-six-months/article-7194"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/shilalekh.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बीकानेर स्थित दिल्ली दरवाजा जिसे लोग गोटागेट के नाम से जानते हैं। इस पर लगे रियासतकालीन शिलालेख के अपने मूल स्थान पर नहीं होने के मामले को करीब 6 माह हो गए हैं, लेकिन अभी तक विभाग पता नहीं लगाया पाया है कि आखिरकार शिलालेख कहां है। आलम ये है कि इस मामले को लेकर अभी तक कोई जांच कमेटी तक नहीं बनाई गई है।</p>
<p>सितम्बर 2021 से जनवरी, 2022 तक इस गेट का रिनोवेशन कार्य करने वाले ठेकेदार का कहना था कि काम शुरू करते समय गोगागेट पर कोई शिलालेख नहीं था, लेकिन उस समय बीकानेर सर्किल का चार्ज संभाल रहे अधिकारी ने 29 सितम्बर, 2021 को काम कर रहे संबंधित ठेकेदार को पत्र लिखकर कहा था कि बीकानेर शहर की चारदिवारी पर निर्मित दरवाजों कोटेगेट, नत्थूसरगेट, जस्सूसरगेट एवं गोगागेट पर चल रहे मरम्मत एवं सौंदर्यकरण के कार्य के दौरान इन दरवाजों पर लगे शिलालेखों एवं अन्य पुरामहत्वों की वस्तुओं के रख-रखाव का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही कार्य के दौरान इनमें किसी तरह का परिवर्तन तथा तोड़-फोड़ नहीं की जाए। गोगागेट से शिलालेख गायब होने के मामले को अधिकारी 6 माह से दबाए हुए थे। इस मामले में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक प्रदीप के. गावंडे का कहना है कि उस समय (तत्कालीन) बीकानेर वृत्त अधीक्षक रहे अधिकारी से रिपोर्ट ले रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 12:26:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अलवर गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिले आप के नेता विनय मिश्रा</title>
                                    <description><![CDATA[ महिलाओं की सुरक्षा को ले कर आप निभाएगी असली विपक्ष की भूमिका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar--aap-leader-vinay-mishra-met-the-family-of-the-alwar-gangrape-victim--assured-of-all-possible-cooperation-to-get-justice--said-cbi-investigation-is-necessary-in-the-matter/article-7035"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/vinay-mishra-aap.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आम आदमी पार्टी राजस्थान चुनाव प्रभारी विनय मिश्रा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के अलवर—राजगढ़ से विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जौहरीलाल मीणा के बेटे पर गैंगरेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। मिश्रा ने पीड़िता को न्याय दिलवाने में हर संभव मदद का भरोसा दिलवाया। <br /><br />पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी विनय मिश्रा की अगुवाई में एक दल बुधवार को अलवर में पीड़िता के घर पहुंचा और परिवारवालों से मुलाकात की। मिश्रा ने पीड़िता के परिजनों से कहा कि आम आदमी पार्टी उनके संघर्ष में साथ है और जरुरत पड़ी तो आंदोलनात्मक कदम उठाने में पीछे नहीं रहेंगे। मिश्रा ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार के विधायक का बेटा आरोपी है इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। बयान जारी कर विनय मिश्रा ने कहा कि राजस्थान में पूरी तरह आराजकता का माहौल बन गया है। महिलाओं के दुष्कर्म के मामले में राजस्थान नंबर एक की स्थिति में आ गया है !<br /><br />पीड़िता के परिवार से मुलाकात करने के बाद आप नेता विनय मिश्रा ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जो पीड़ा उन्होंने परिजनों से बात करके महसूस की है उसे व्यक्त करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है। पूरा परिवार डरा हुआ है और उन पर इस मामले में कोई कार्रवाई के लिए मांग नहीं करने का दबाव है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस मामले में पार्टी से उपर उठकर निर्णय लेना चाहिए। आम आदमी पार्टी इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करती है और ये मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन करेगी। इसके लिए जरुरत पड़ी तो जयपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा भी केवल दिखावा कर रही है।<br /><br />मिश्रा ने कहा कि बीजेपी बजाय विपक्षी दल की भूमिका निभाने के आपसी झगड़ो में व्यस्त है और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे पर नहीं कोई चिंता ! अब आप विपक्ष कीभूमिका निभाएगी और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 18:32:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>सरकारी 2 घंटे तो निजी अस्पताल पूरी तरह बंद</title>
                                    <description><![CDATA[  लालसोट में प्रसूता की मौत के बाद महिला डॉक्टर के सुसाइड मामले में चिकित्सकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कोटा जिले में चिकित्सकों ने चिकित्सकीय सेवाओं का बहिष्कार किया। सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी दो घन्टे सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बन्द रखी गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-2-hours---private-hospital-completely-closed/article-7024"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/dharna.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। लालसोट में प्रसूता की मौत के बाद महिला डॉक्टर के सुसाइड मामले में चिकित्सकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कोटा जिले में चिकित्सकों ने चिकित्सकीय सेवाओं का बहिष्कार किया। सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी दो घन्टे सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बन्द रखी गई। जबकि निजी अस्पताल पूरी तरह बंद रखे। इनमें तो आईपीडी, इमरजेंसी और ओटी तक संचालन नही हुआ। मेडिकल कॉलेज के सम्बद्ध अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों के बाहर चिकित्सा कर्मी एकत्रित होकर अपना रोष प्रकट किया। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के नेतृत्व में संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचकर आयुक्त दीपक नन्दी को ज्ञापन दिया। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई। 24 घंटे की भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नही करने पर अनिश्चित काल के लिए चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार की चेतावनी दी है।<br /><br /><strong>150 से अधिक अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित</strong><br />कोटा जिले में करीब 150 से अधिक अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित रही है, जिसमें कोटा शहर के 100 से अधिक निजी अस्पताल और  62 सीएचसी और पीएचसी शामिल इसके अलावा न्यू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सुपर स्पेशिलिटी,नवीन चिकित्सालय, जेके लोन, एमबीएस, रामपुरा जिला अस्पताल,महावीर नगर डिस्पेंसरी, सुल्तानपुर और दीगोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार किया है।<br /><br /><strong>इधर उधर भटकते रहे मरीज</strong><br />निजी और सरकारी अस्पतालों में ओपीडी के बहिष्कार से मरीजों को काफी परेशानी हुई। उपचार के लिए यहां से वहां भटकते रहे। निजी अस्पतालों ने तो साफ मना कर दिया। सरकारी अस्पतालों में भी केवल इमरजेंसी सेवाएं मरीजों को दी गई। इनमें रेगुलर चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार किया। इनके स्थान पर रेजिडेंट ने मोर्चा संभालाए लेकिन संख्या कम होने से उनको काफी परेशानी हुई। एमबीएसए जेकेलोन और मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ लगी।<br /><br /><strong>टालने पड़े इमरजेंसी सर्जरी</strong><br />चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार से इमरजेंसी आॅपरेशन तक टालने पड़े। करीब 100 से अधिक आॅपरेशन होने थे। इनकी तारीख आगे बढ़ा दी गई। मरीजों ने चिकित्सकों से अनुनय विनय भी कियाए लेकिन एक नही सुनी। क्योंकि, ये प्रदेश स्तरीय आह्वान था। निजी अस्पतालों संचालकों ने आईपीडी, ओपीडीए इमरजेंसी और ओटी सेवाएं बन्द रखी थीए लेकिन अस्पताल में भर्ती मरीजों का उपचार किया।<br /><br /><strong>इनका कहना है।</strong><br />डॉक्टर को मौत के लिए उकसाया गया है। इसमें दोषी अधिकारी है। जबकिए धारा 302 में मामला दर्ज नही होता। ऐसे में कठोर कार्रवाई की मांग करते है।<br />-डॉ दुर्गा शंकर सैनी, प्रदेश महासचिव, सेवारत चिकित्सक संघ<br /><br />डॉक्टर के सुसाइड मामले में सभी निजी चिकित्सा संस्थान बन्द रखे है। साथ ही 24 घण्टे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की गई है। ऐसा नही होने पर अनिश्चित काल के लिए चिकित्सा सेवाएं बन्द कर देंगे।<br />- डॉ संजय जायसवाल, जिलाध्यक्ष, इंडियन मेडिकल असोसिएशन, कोटा<br /><br />सरकार के निर्णय का इंतजार कर रहे है। जयपुर ही हूं। पदाधिकारियों से बात कर आगे का निर्णय लेंगे।<br />- डॉ अशोक शारदा, प्रदेशाध्यक्ष, इंडियन मेडिकल असोसिएशन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 17:38:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बीजेपी को उल्टा पड़ा मामला, स्पीकर ने सालासर में राम दरबार को गिराने केंद्र की कार्यवाही को बताया दुर्भाग्यपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[शून्यकाल में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मामला उठाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-reversed-the-matter--deputy-leader-of-opposition-rajendra-rathod-raised-the-matter-during-zero-hour--speaker-called-the-center-s-proceedings-to-demolish-ram-darbar-in-salasar-unfortunate/article-6454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/vidhan-sabha.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में सोमवार को सुजानगढ़ रोड पर सालासर धाम के रास्ते में बनाए गए गेट पर राम दरबार को गिराने का  मामला गुंजा। लेकिन यह मामला बीजेपी को उल्टा पड़ा। शून्यकाल में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मामला उठाया, लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने बोलने की अनुमति नहीं दी और व्यवस्था देते हुए कहा कि  जो विषय केंद्र का है,  उस पर राज्य विधानसभा में डिस्कस नहीं किया जा सकता। यह मामला एनएचएआई का है। उसी के ठेकेदार ने इस तरीके से मूर्ति हटाई, लेकिन जिस तरह से भगवान की मूर्ति हटाई गई, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। आपकी भावना से भारत सरकार को अवगत करवा दिया जाएगा, लेकिन हाउस में यह मामला डिस्कस नहीं होगा। इसके बाद मामला शांत हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Mar 2022 12:51:37 +0530</pubDate>
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