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                <title>rate - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>बेरोजगारी की दर 7.2 प्रतिशत, जुलाई-सितंबर की तिमाही की रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने जारी 'सावधि श्रमबल सर्वेक्षण जुलाई-सितंबर तिमाही 2022' में कहा है, कि जुलाई-सितंबर में 2022 में बेरोजगारी की दर 7.2 प्रतिशत रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/unemployment-rate-72-percent-july-september-quarter-report/article-30675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/unemployment-1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में विनिर्माण गतिविधियों और कृषि आधारित कार्यों में गति आने से मौजूदा वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर की तिमाही में बेरोजगारी की दर 7.2 प्रतिशत दर्ज की गई है। केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने जारी 'सावधि श्रमबल सर्वेक्षण जुलाई-सितंबर तिमाही 2022' में कहा है, कि जुलाई-सितंबर में 2022 में बेरोजगारी की दर 7.2 प्रतिशत रही है। जुलाई-सितंबर 2021 की तिमाही में यह आंकड़ा 9.8 प्रतिशत रहा था।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार पुरुषों में बेरोजगारी की दर 6.6 प्रतिशत और महिलाओं में 9.4 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार इससे पिछली तिमाही अप्रैल-जून 2022 में बेरोजगारी दर 7.6 प्रतिशत थी। श्रम बल सर्वेक्षण में पूरे देश से शहरी क्षेत्रों के 15 वर्ष से अधिक आयु के श्रमबल को शामिल किया जाता है। जुलाई-सितंबर 2022 के सर्वेक्षण में  5,669 शहरों और कस्बों के  44,358 परिवारों के 1,71,225 लोगों को शामिल किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Nov 2022 20:15:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ती महंगाई </title>
                                    <description><![CDATA[आम आदमी को फिर झटका लगा है। उसकी जरूरत को पूरा करने वाली लगभग सभी वस्तुओं की कीमतें काफी समय से बढ़ती जा रही है। इसी बीच गैस की कीमतों में वृद्धि से दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/govt-increased-rate-of-gas-cylinder/article-13937"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46546546565.jpg" alt=""></a><br /><p>आम आदमी को फिर झटका लगा है। उसकी जरूरत को पूरा करने वाली लगभग सभी वस्तुओं की कीमतें काफी समय से बढ़ती जा रही है। इसी बीच गैस की कीमतों में वृद्धि से दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। सरकार ने गैस सिलेण्डर की कीमत में 50 रुपए की और वृद्धि कर दी है। पिछले एक साल से इसकी कीमत लगातार बढ़ रही है। इस दौरान इसके दाम 834 रुपए से बढ़कर 1053 रुपए हो गए हैं। मतलब कि 26 प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है। आगे भी इसके बारे में राहत की उम्मीद नहीं है। कुछ तो रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण और कुछ महामारी के अब तक चले आ रहे असर की वजह से विश्व बाजार में पेट्रोल की कीमतें जिस तरह से बढ़ रही हैं, उसका असर भारतीय उपभोक्ताओं पर भी पड़ना ही था। महंगाई के इस दौर को आर्थिक विशेषज्ञ इसे आयातित महंगाई बता रहे हैं, यानी ऐसी महंगाई, जिसका असर घरेलू कारकों से कम, अन्तरराष्ट्रीय बाजार के दबाव से ज्यादा हो। अब महंगाई घरेलू बाजार में उत्पन्न हुई हो या फिर वैश्विक बाजार से आई हो, लोगों की कमर वह एक ही तरह से तोड़ती है। इसकी सबसे ज्यादा मार गरीब व मध्यम वर्ग पर ज्यादा पड़ रही है। बढ़ती महंगाई के बीच जून महीने में एक्सिस माई इण्डिया ने उपभोक्ताओं के सर्वे के बाद निष्कर्ष निकाला कि महंगाई की वजह से 59 प्रतिशत परिवारों को अपनी खरीददारी में कटौती करनी पड़ी है।</p>
<p>यह पिछले तीन महीने से चल रहा है। लोगों ने अपने कई प्रकार के खर्चों को कम कर दिया है। यह भी देखा गया कि लोगों की वास्तविकता आमदनी अभी उस स्तर पर नहीं पहुंच सकी है, जहां वह महामारी से पहले थी। यह कोई छुपी बात नहीं है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर तमाम वस्तुओं पर पड़ता है। इसके चलते महंगाई पर नियंत्रण भी आसान नहीं रह जाता है। महंगाई से सरकार भी चिंतित है। महंगाई रोकने के लिए केन्द्र सरकार ने पिछले दिनों कई कदम भी उठाए हैं। अब रसोई गैस महंगी होने से मध्यमवर्गीय व गरीब परिवार ज्यादा प्रभावित होंगे। गरीबों को राशन मुफ्त मिलता है, लेकिन उनके पास महंगी गैस खरीदने लायक पैसे नहीं है। महंगाई रोकने के लिए अब स्थायी उपायों की जरूरत है, जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 12:06:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बकरा मंडी लगी, 80 हजार तक के बकरे</title>
                                    <description><![CDATA[ईद-अल-जुहा यानी बकरीद को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में खासा उत्साह है। हर साल बकरीद के दिन बकरों की कुर्बानी दी जाती है। इसके लिए हर मुस्लिम परिवार अपने घर में बकरों की कुर्बानी देता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-goat-market-started-goats-up-to-80-thousand/article-13712"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/4546546514.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ईद-अल-जुहा यानी बकरीद को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में खासा उत्साह है। हर साल बकरीद के दिन बकरों की कुर्बानी दी जाती है। इसके लिए हर मुस्लिम परिवार अपने घर में बकरों की कुर्बानी देता है। इसलिए हर व्यक्ति अपनी आमदनी और खर्चे के अनुसार बकरों की खरीद करता है। बकरीद से पांच दिन पहले ईदगाह रोड पर सबसे बड़ी और सबसे पुरानी बकरा मंडी लग गई है। दो साल बाद यह मंडी चैनपुरा में शिफ्ट कर दी गई थी, लेकिन अब हालात सुधरने के कारण इस बार फिर से ईदगाह में बकरा मंडी लगी है। इसके अलावा झोटवाड़ा और सांगानेर सहित कई मुस्लिम बहुल इलाकों में भी छोटी-छोटी बकरा मंडियां लगना शुरू हो गई है।</p>
<p><strong>18 से 80 हजार तक के बकरे</strong><br />इस बार भी अच्छी खासी तादाद में दूर दराज से बकरा पालक अपने बकरों को बेचने के लिए यहां आए हैं। यहां 15 किलो से लेकर 100 किलो तक के बकरे बिकने के लिए आ चुके हैं। इन बकरों की कीमत उनके वजन के हिसाब से 18 हजार से 80 हजार तक है। हालांकि अभी बकरीद में कुछ दिन बचे हैं, ऐसे में अभी बकरा खरीद को लेकर यहां भीड़ कम है। रविवार को बकरीद होने के कारण यहां अच्छी खासी भीड़ जुटने का अंदेशा है। शाहपुरा से बकरा बेचने आए उस्मान ने बताया कि कोरोना के कारण दो साल यहां मंडी ना के बराबर लगी, लेकिन इस बार यहां पहले की तरह रौनक है। बकरों के भाव में भी तेजी है, जिसका कारण महंगाई है।</p>
<p><strong>कसाइयों की बढ़ी डिमांड</strong><br />बकरीद के दिन बकरों के बाद सबसे ज्यादा डिमांड कसाइयों की होती है। लोगों ने अपने बकरों की कुर्बानी के लिए अभी से कसाइयों को बुक करना शुरू कर दिया है। इस बार कसाइयों ने भी बकरों की कुर्बानी के लिए अपने दाम बढ़ा दिए हैं, जो कसाई पहले एक हजार से 1200 रुपए प्रति बकरा कुर्बानी के लिए ले रहे थे। वे इस बार 1500 से 2000 तक में बुक हो रहे हैं।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 13:25:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेपो दर में बढ़ोतरी: 4.40 प्रतिशत से बढ़कर हुई 4.90%, महंगा होगा ऋण, घर- कार किस्तों में होगी वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने महंगाई को काबू में करने के लिए लगातार दूसरे महीने नीतिगत दरों में बढोतरी की है, जिससे आम लोगों के लिए घर, कार और अन्य ऋणों की किस्तों में वृद्धि होगी और ऋण महंगे हो जायेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/repo-rate-hike-increased-from-440-percent-to-490-percent-loans-will-be-expensive--home--car-installments-will-increase/article-11602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rbi.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने महंगाई को काबू में करने के लिए लगातार दूसरे महीने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे आम लोगों के लिए घर, कार और अन्य ऋणों की किस्तों में वृद्धि होगी और ऋण महंगे हो जायेंगे। <br /><br />आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में एमपीसी की हुई तीन दिवसीय बैठक के बाद बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है। महंगाई और रूस एवं यूक्रेन के बीच जारी जंग के कारण वैश्विक स्तर अनिश्चितता बढ़ी है और इससे आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर हुआ है, जिसके कारण दुनिया भर में महंगाई बढ़ी है। भारत पर भी उसका असर हुआ है। <br /><br /> दास ने कहा कि समिति ने रेपो दर को 50 आधार अंक बढ़ाकर 4.90 प्रतिशत करने के साथ ही स्टैंडिंग डिपोजिट फैसिलिटी दर को भी आधी फीसद बढ़ाकर 4.65 प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी को इतनी ही बढ़ाकर 5.15 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही समिति ने विकास को मदद करने और महंगाई को काबू में करने के उद्देश्य से अपने सामंजस्य वाले रूख को वापस लेने पर ध्यान केन्द्रित करने का भी निर्णय लिया है। <br /><br />समिति ने चालू वित्त वर्ष में विकास दर अनुमान को 7.2 प्रतिशत पर यथावत बनाये रखा और कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में महंगाई भी रिजर्व बैंक के छह प्रतिशत के दायरे से बाहर रहने का अनुमान है।समिति ने नीतिगत दरों में एक महीने में दूसरी बार यह बढ़ोतरी की है। पिछले महीने रेपो दर में 40 आधार अंकों की बढोतरी की गयी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 12:14:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ते चारे के कीमतों को नियंत्रणक रने के लिए ठोस फैसले करे सरकार : रामलाल </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के पशुपालक दुखी और परेशान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-government-do-decisions-to-control-rate-of-fodder--ramlal/article-10640"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ramlal-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के पशुपालक दुखी और परेशान है। उनकी परेशानी का मुख्य कारण ये है कि चारे के भाव बढ़ छू रहे है, लेकिन राजस्थान की सरकार चारे की कीमतों को नियंत्रण करने के लिए सरकार कोई ठोस फैसले नहीं कर रही है। किसान इस हालत में पहुंच चुके हैं कि अपने पशुओं को बेचना शुरू कर दिया है, क्योंकि इतना महंगा चारा खिलाकर पशुपालन उनकी आजीविका का आधार नहीं बन सकता।</p>
<p>किसानों की परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार को चारे के भावो को नियंत्रण करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि आसानी से पशुपालकों को पशुओं के लिए चारा उपलब्ध हो सके और वह पशुओं को बचाने का काम कर सके। आने वाले समय के अंदर किसानों की स्थिति और भी बिगड़ती हुई दिखाई देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 May 2022 12:56:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईजीएल ने सीएनजी की कीमत में की बढ़ोतरी </title>
                                    <description><![CDATA[महंगाई की मार के बीच इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने जनता को एक ओर झटका दे दिया है। कंपनी ने दिल्ली में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमत में दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/igl-hikes-rate-of-cng-gas/article-10177"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/cng-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। महंगाई की मार के बीच इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने जनता को एक ओर झटका दे दिया है। कंपनी ने दिल्ली में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमत में दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक इस वृद्धि के साथ दिल्ली में सीएनजी के दाम 75.61 रुपये प्रति किलो हो गए है।</p>
<p>इस बढ़ोतरी के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी 78.17 रुपये प्रति किलो तथा गुरुग्राम में इसकी कीमत 83.94 रुपये किलो हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 May 2022 15:43:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गेहूं निर्यात पर लगी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने खाद्य सुरक्षा का हवाला देते हुये देश से गेहूं निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/ban-on-wheat-export/article-9756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/gg-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने खाद्य सुरक्षा का हवाला देते हुये देश से गेहूं निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। गेहूं निर्यात नीति को संशोधित करते हुये इस संबंध में सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें कहा गया है कि गेहूं की वैश्विक कीमतों में अचानक तेजी आयी है, जिससे भारत की खाद्य सुरक्षा के साथ ही पड़ोसी और अन्य कमजोर देशों के लिए जोखिम उत्पन्न हो गया है।</p>
<p>इस नीति में यह बदलाव ऐसे समय में की गयी है, जब सरकार ने कल ही कहा था कि गेहॅूं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वह एक प्रतिनिधिमंडल को मारोक्को, टुनिशिया, इंडोनेशिया, फीलिपीन्स, थाईलैंड, वियतनाम, तुर्की, अलजेरिया और लेबनान भेजेगी। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने इस रोक को लेकर कल एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था, जहां आईसीएलसी जारी किये जा चुकें हैं उसके लिए निर्यात की व्यवस्था की जायेगी। इसमें कहा गया है कि भारत सरकार की अनुमति पर ऐसे देशों को गेहूं निर्यात की अनुमति दी जायेगी, जिसको खाद्य सुरक्षा की जरूरत है और संबंधित देश की सरकार ने ने इस तरह का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 May 2022 15:48:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संतुलन का फैसला </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आखिरकार सामने दिख रही आर्थिक हकीकत के साथ संतुलन बनाए करने का फैसला ले ही लिया। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने अपनी नियमित बैठकों से अलग एक बैठक में फैसला किया कि नीतिगत रेपो दर में तत्काल से 40 आधार अंकों की बढ़ोतरी की जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/decision-of-balance/article-9201"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/delhi_capitals-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आखिरकार सामने दिख रही आर्थिक हकीकत के साथ संतुलन बनाए करने का फैसला ले ही लिया। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने अपनी नियमित बैठकों से अलग एक बैठक में फैसला किया कि नीतिगत रेपो दर में तत्काल से 40 आधार अंकों की बढ़ोतरी की जाएगी। समिति ने स्थायी जमा सुविधा और सीमांत स्थायी सुविधा दरों को भी इसी अनुरूप समायोजित किया। आरबीआई ने नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 50 आधार अंकों का इजाफा किया, जो 21 मई से प्रभावी होगा। अब यह दर 4.5 फीसदी हो गई है। दरें तय करने वाली समिति ने बैठक में नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रहने दिया था। आरबीआई ने नकदी समायोजन सुविधा को सामान्य करने के लिए स्थायी जमा सुविधा पेश कर दी थी। इस सारी कवायद के पीछे की मुख्य वजह महंगाई का असहज तरीके बढ़ता रहा है। हालांकि नीतिगत दरों में अचानक बढ़ोतरी ने सभी को चौंकाया जरूर है, लेकिन इसके संकेत पहले से ही मिल रहे थे। रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास कहते भी रहे हैं कि नीतिगत दरों के मामले में उदार रुख को बहुत लंबे समय तक नहीं बनाए रखा जा सकता। पिछले महीने की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में साफ कहा था कि बैंक की प्राथमिकता महंगाई को नियंत्रित करना है। इसलिए नीतिगत दरें कभी भी बढ़ाई जा सकती हैं।</p>
<p>महंगाई की दर 6 फीसदी के दायरे से भी ऊपर निकल गई है और इसके और बढ़ने की पूरी संभावना बनी हुई है। ऐसे में रिजर्व बैंक चुपचाप नहीं बैठ सकता था। हमने देखा है कि मार्च के महीने में ही महंगाई थी, जो 17 महीने में सबसे ज्यादा थी। ऐसे में रिजर्व बैंक की यह जिम्मेदारी है कि वह खुदरा महंगाई दर को निर्धारित 6 फीसदी से ऊपर ने जाने दे। नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का कदम उठाकर महंगाई को थामने का प्रयास किया गया है। फिर यह इसलिए भी जरूरी था कि इसी तरह बढ़ती महंगाई से अर्थव्यवस्था पर भी विपरीत असर पड़ता है। महंगाई बढ़ने के कई कारण हैं और अब रूस-यूक्रेन युद्ध ने संकट को गहरा कर दिया है। इसकी वजह से ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए। महंगाई और बढ़ती है तो देश नए संकट में फंस जाएगा। यदि महंगाई बढ़ी, तो आरबीआई नीतिगत दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों में संतुलन बैठाना जरूरी हो जाता है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/decision-of-balance/article-9201</link>
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                <pubDate>Fri, 06 May 2022 11:22:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 102 रुपए की बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[तेल एवं गैस कंपनियों ने ग्राहकों को महंगाई का बड़ा झटका देते हुए वाणिज्यिक (कमर्शियल) गैस सिलेंडर की कीमत में 102.50 रुपये का इजाफा कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/commercial-gas-cylinder-rate-hiked-102/article-8954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/465465465.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तेल एवं गैस कंपनियों ने ग्राहकों को महंगाई का बड़ा झटका देते हुए वाणिज्यिक (कमर्शियल) गैस सिलेंडर की कीमत में 102.50 रुपये का इजाफा कर दिया। इस बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 2355.50 रुपए का हो गया है।</p>
<p>कमर्शियल गैस की कीमत में इस बढ़त का असर अन्य चीजों पर दिखेगा। सभी होटलों और रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर का ही प्रयोग किया जाता है। इससे पहले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 250 रुपये की बढ़ोतरी की थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 May 2022 14:36:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेल की कीमतें</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के मामलों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों से संवाद के लिए बैठक बुलाई थी, लेकिनर इस बैठक में कोरोना पर तो कोई विशेष संवाद नहीं हुआ और मामला पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों व महंगाई की तरफ घूम गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/rate-of-oil/article-8862"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/465465454652.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के मामलों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों से संवाद के लिए बैठक बुलाई थी, लेकिनर इस बैठक में कोरोना पर तो कोई विशेष संवाद नहीं हुआ और मामला पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों व महंगाई की तरफ घूम गया। मोदी ने विपक्षी दलों शासित राज्य सरकारों को नसीहत दी कि केन्द्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क कम करने के बावजूद वैट में कटौती करके लोगों को राहत नहीं दी जा रही है। इसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी शुरु हो गई। इन राज्यों ने केन्द्र पर आरोप लगाया है कि ऊंचे उत्पाद शुल्क और उपकरों की वजह से तेल की कीमतें बढ़ी हैं। उसे उन करों और शुल्कों में कटौती करनी चाहिए। केन्द्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती की थी और राज्य सरकारों से भी वैट में कटौती की अपील की गई थी, लेकिन तब ज्यादा भाजपा शासित राज्यों ने अपने करों में कटौती कर दी थी।</p>
<p>अभी सात राज्यों ने कटौती नहीं की हैं और ये सभी गैर भाजपा शासित हैं। स्वाभाविक रूप से तेल की कीमतों में भारी वृद्धि और बढ़ती महंगाई को लेकर केन्द्र सरकार दबाव में है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस व प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला कायम है और इससे जनता में काफी रोष है। तेल की कीमतों के साथ-साथ हद पार होती महंगाई से भी लोग खासा नाराज हैं। तेल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर खुदरा महंगाई पर पड़ता है। थोक महंगाई भी अभी अपने सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गई है। चिंतित केन्द्र सरकार ने वेट घटाने की नसीहत विपक्षी राज्य सरकारों को देकर गेंद उनके पाले में डालने की कोशिश तो की है, लेकिन सवाल है कि क्या भाजपा शासित राज्यों में वैट घटाने से तेल की कीमतें सामान्य स्तर पर आई हैं और क्या वहां महंगाई का दबाव नहीं है। केन्द्र की वैट कम करने की नसीहत उचित हो सकती है, लेकिन व्यावहारिक प्रतीत नहीं होती। पेट्रोल-डीजल आदि की कीमतें अन्तरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर तय होती है और अभी कच्चा तेल काफी महंगा मिल रहा है। तेल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश का मामला काफी टेढ़ा बन रहा है। जब कच्चा तेल सस्ता होता है तो भी उसकी राहत देश के लोगों को अपेक्षित ढंग से नहीं दी जाती। केन्द्र हो या राज्य सरकारें, तेल पर लगने वाले शुल्क और कर इनके राजस्व के बड़े स्रोत होते हैं। इसी के कारण ही पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी से बाहर रखा गया है। केन्द्र सरकार स्वयं उदारतापूर्वक स्वयं पहले अपने करों में कटौती करें और फिर राज्यों से अपील करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/rate-of-oil/article-8862</link>
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                <pubDate>Sat, 30 Apr 2022 11:43:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिलों में 33 पैसे प्रति यूनिट सरचार्ज लगाने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[करीब पांच इकाइयों में उत्पादन ठप होने के बाद गहराते बिजली संकट से ऊर्जा विभाग एक्सचेंज के तहत लगातार महंगी बिजली खरीद रहा है। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतान होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/energy-department-buying-expensive-electricity/article-7815"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/electricity-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। करीब पांच इकाइयों में उत्पादन ठप होने के बाद गहराते बिजली संकट से ऊर्जा विभाग एक्सचेंज के तहत लगातार महंगी बिजली खरीद रहा है। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतान होगा। बिजली कम्पनियां बिजली बिलों में 33 पैसे प्रति यूनिट सरचार्ज लगा सकती हैं। इससे जयपुर डिस्कॉम में 250 करोड़ और तीनों डिस्कॉम में करीब 650 करोड़ रुपए का भार उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बिजली कम्पनियां बिजली खरीद की सामान्य दर से तीन गुना तक महंगी बिजली खरीद रही हैं। जो बिजली चार से पांच रुपए प्रति यूनिट में मिल जाती थी, वह अभी 12 से 17 रुपए प्रति यूनिट में खरीदी जा रही है। बिजली लोड और डिमांड बढ़ने पर यह रेट 20 से 25 रुपए तक भी पहुंच जाती है। महंगी बिजली खरीदने से राशि के बोझ को कम करने के लिए उपभोक्ताओं पर सरचार्ज लगाकर यह राशि वसूल करने की कवायद जारी है।</p>
<p><strong>हर तीन महीने में फ्यूल सरचार्ज वसूली</strong><br />पिछली बार की तरह राजस्थान डिस्कॉम इस बार भी 33 पैसे प्रति यूनिट सरचार्ज बिलों में वसूल सकती है। फ्यूल सरचार्ज वसूली हर तीन महीने में होती है। प्रदेश के करीब 1.52 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज की वसूली की जाती है। इनमें 1.19 करोड़ घरेलू उपभोक्ता, 14 लाख कॉमर्शियल उपभोक्ता, साढेÞ तीन लाख औद्योगिक श्रेणी और 15.41 लाख कृषि उपभोक्ता हैं। कृषि उपभोक्ताओं, गरीब, बीपीएल और 50 यूनिट से कम खर्च वाले उपभोक्ताओं का सरचार्ज राज्य सरकार ही वहन करेगी। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/energy-department-buying-expensive-electricity/article-7815</link>
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                <pubDate>Wed, 13 Apr 2022 10:02:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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