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                <title>loans - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>लोन देने में सबसे फिसड्डी बड़ौदा राजस्थान ग्रामीण बैंक</title>
                                    <description><![CDATA[इस वर्ष केवल एक ही आवेदन प्राप्त हुआ है, वह भी आचार संहिता के कारण रुका हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/baroda-rajasthan-gramin-bank-is-the-worst-in-giving-loans/article-76964"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने को लेकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत अलग-अलग बैंकों की ओर से जिला उद्योग केंद्र की ओर से भेजे गए आवेदनों पर सभी तरह की जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऋण दिए गए। रोजगार के लिए आवेदकों को लोन देने में जिले में सबसे फिसड्डी बड़ौदा राजस्थान ग्रामीण बैंक रहा है। जिसने पूरे वित्तीय वर्ष में मात्र दो जनों को ही लोन प्रदान किए हैं। वहीं सबसे ज्यादा इस योजना में लोन सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया ने दिए हैं। लोन स्वीकृति के मामले में जिले में दूसरे नंबर पर केनरा बैंक है।</p>
<p><strong>अब तक इस प्रकार दिए हैं लोन</strong><br />इस योजना के तहत सबसे ज्यादा 11 आवेदकों को लोन सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया ने स्वीकृत किए हैं। वहीं दूसरे नंबर पर केनरा बैंक है जिसने 10 आवेदनकर्ताओं के लोन योजना के तहत स्वीकृत किए हैं। तीसरे स्थान पर बैंक आॅफ इंडिया है जिसने 6 आवेदकों के लोन को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा बैंक आॅफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक आॅफ इंडिया और यूको बैंक ने 5-5, यूनियन बैंक आॅफ इंडिया ने 3 तथा बड़ौदा राजस्थान ग्रामीण बैंक ने 2 आवेदकों के लोन को स्वीकृति वित्तीय वर्ष अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच प्रदान की है। </p>
<p><strong>तीन एजेंसियां देती है लोन</strong><br />प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत जिले में तीन एजेंसियां लोन प्रदान करती हैं। इनमें राज्य केवीआईसी, राज्य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड, जिला उद्योग केंद्र बैंकों के माध्यम लोन प्रदान करती है।</p>
<p><strong>गत वर्ष 52 लोगों को मिली थी ऋण की राशि </strong><br />वित्तीय वर्ष अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक प्रधानमंत्री खादी ग्रामोद्योग की तरफ से अलग-अलग प्रकार के उद्योग लगाने की खातिर कोटा जिले से करीब 120 लोगों ने आॅनलाइन आवेदन किए थे। इनमें से विभाग ने ही केवल 20 लोगों के ऋण आवेदन रिजेक्ट किए, वो भी बार-बार कमी पूर्ति के लिए मैसेज करने के बावजूद आवेदन में पाई गई कमियों को दूर नहीं करने पर। इसके अलावा 99 आवेदन बैंकों को भेज दिए गए, जिसमें से बैंकों ने पूरी तरह से जांच पड़ताल करने के बाद 52 लोगों के खाते में ऋण की राशि भिजवा दी है। वहीं 34 लोगों को बैंक टू बैंक क्लेम तथा 14 लोगों को सब्सिडी दिलाई जा चुकी है। जबकि इस वर्ष केवल एक ही आवेदन प्राप्त हुआ है, वह भी आचार संहिता के कारण रुका हुआ है।</p>
<p><strong>क्या है पीएमईजीपी</strong><br />प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम है, जिसे एमएसएमई मंत्रालय की ओर से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को उनका अपना बिजनेस शुरू करने के लिए 20 से 50 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है।</p>
<p><strong>जिला स्तर पर होता है एक प्रबंधक</strong><br />प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत किन-किन बैंकों ने कितने लोन स्वीकृत किए और उनकी रिकवरी का प्रतिशत क्या है। इन सबकी जानकारी रखने के लिए जिला स्तर पर एक अग्रणी प्रबंधक होता है।</p>
<p>मैंने कोटा में दो दिन पहले ही इस पद पर ज्वाइन किया है। अभी मुझे लोन की स्वीकृति और रिकवरी प्रतिशत के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। अब 10-15 दिन बाद बात करें।<br /><strong>- दिलीप कौर, जिला अग्रणी प्रबंधक, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 May 2024 17:02:48 +0530</pubDate>
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                <title>रिजर्व बैंक ने नीतिगत दर 0.40 प्रतिशत बढ़ाई, ऋण होंगे महंगें</title>
                                    <description><![CDATA[ दीर्घकालीन वृद्धि दर के हित में मुद्रास्फीति को काबू में रखना जरूरी: आरबीआई  गवर्नर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-hikes-policy-rate-by-0-40-percent--loans-will-be-expensive/article-9135"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/bank.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। कमरतोड़ महंगाई के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए अपनी नीतिगत दर रेपो को बुधवार को 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.4 प्रतिशत पर करने की घोषणा की है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आरबीआई मुख्यालय पर इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि दीर्घकालीन वृद्धि दर के हित में मुद्रास्फीति को काबू में रखना जरूरी है। उन्होंने वर्तमान आंतरिक और बाहरी परिदृश्यों को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति पर अंकुश रखने के साथ-साथ आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने की नीति के प्रति प्रतिबद्ध है।</p>
<p><strong>रेपो दर बढ़ाने की रिजर्व बैंक की घोषणा के बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट</strong><br />आरबीआई ने मई 2020 से अपनी रेपो दर (वह दर जिसपर केंद्रीय बैंकों को एक दिन के लिए धन उधार देता है) को 4 प्रतिशत पर बनाए हुए था ताकि कोविड से त्रस्त अर्थव्यवस्था को वृद्धि की राह पर आगे बढ़ाया जा सके। रेपो दर बढ़ाने की रिजर्व बैंक की घोषणा के बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गयी। बीएसई का 30 शेयरों वाले संवेदी सूचकांक सेंसेक्स कारोबार के दौरान में 1342 अंक तक नीचे आ गया था।</p>
<p><strong>मार्च में भारत में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 6.95 प्रतिशत तक पहुंच गई जो इसका 17 महीने का उच्चतम स्तर</strong><br />कोविड का संकट कम होने और आर्थिक गतिविधियों में तेजी के बीच अचानक रूस यूक्रेन युद्ध से जिंसों का अंतरराष्ट्रीय बाजार और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के कारण मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ गया है। मार्च में भारत में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 6.95 प्रतिशत तक पहुंच गई जो इसका 17 महीने का उच्चतम स्तर है। फरवरी में भी मुद्रास्फीति 6.07 प्रतिशत थी जबकि रिजर्व बैंक को खुदरा महंगाई दर को 2-6 प्रतिशत के दायरे में रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। आरबीआई गर्वनर ने कहा कि तमाम उभरती चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी आधातों से निपटने के लिए पहले से बेहतर स्थिति में है।</p>
<p><strong>महंगाई को काबू में करने के लिए रेपो दर में 40 आधार अंक की वृद्धि, ऋण होंगे महंगें</strong><br />भारतीय रिजर्व बैंक ने बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए इसको काबू में करने के उद्देश्य से रेपो दर में आज तत्काल प्रभाव से 40 आधार अंक की बढोतरी करने का निर्णय लिया है, जिससे सभी प्रकार के ऋण महंगें हो जायेंगे। कोरोना काल के शुरू होने के बाद मई 2020 के बाद पहली बार रिजर्व बैंक ने इस दर में बढोतरी की है। <br /><br /> आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि इस वर्ष अप्रैल में हुई समिति की बैठक के बाद से वैश्विक स्तर पर भू राजनैतिक तनावों और प्रतिबंधों से कई कारक ऐसे हुये हैं जिससे बाधा आयी है और वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुयी है। कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इससे आर्थिक स्तर पर जोखिम बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने तीन महीने से भी कम समय में वैश्विक आर्थिक विकास परिदृश्य में कटौती की है। इसके साथ ही विश्व व्यापार संगठन ने भी वैश्विक व्यापार वृद्धि के अनुमान में कटौती की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 18:42:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खत्म हो सकता है सस्ते लोन का दौर, जून से लग सकता है ज्यादा ब्याज का झटका, बढ़ेगी ईएमआई </title>
                                    <description><![CDATA[ब्याज में वृद्धि से ईएमआई का बोझ बढ़ेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/-era-of-cheap-loans-may-end--there-may-be-a-shock-of-more-interest-from-june--emi-will-increase/article-7993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/emi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आरबीआई अगली बैठक में रेपो दर में बढ़ोतरी करने का फैसला करता है तो इसका सीधा असर फ्लोटिंग दर पर लोन लेने वालों पर होगा। उनकी ईएमआई में बढ़ोतरी हो जाएगी। स्थायी दर पर लोन लेने वालों पर कोई असर नहीं। महंगाई के 17 महीनों के उच्च स्तर पर पहुंचने के साथ ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आगामी बैठक में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इसका कारण यह है कि केंद्रीय बैंक के पास विकास को बाधित किए बिना कीमतों को नियंत्रित करने के सीमित विकल्प हैं।  खाद्य महंगाई और तेल की ऊंची कीमतों के कारण पिछले महीने यानी मार्च में खुदरा महंगाई दर 6.95 फीसदी पर पहुंच गई है। अर्थशास्त्री महंगाई के अधिक व्यापक होने के कारण चिंतित हैं। <br /><br />हाल ही में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि महंगाई अस्थायी है। इसके उलट यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में तेजी आ रही है।  ऐसे में अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आरबीआई जून की द्विमासिक मौद्रिक समिति की बैठक में नीतिगत दरों में 25 आधार अंक या .25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है।<br /><br /><strong>ब्याज में वृद्धि से ईएमआई का बोझ बढ़ेगा</strong><br />यदि आरबीआई अगली बैठक में रेपो दर में बढ़ोतरी करने का फैसला करता है तो इसका सीधा असर फ्लोटिंग दर पर लोन लेने वालों पर होगा। ऐसे लोगों की ईएमआई में बढ़ोतरी हो जाएगी। हालांकि, स्थायी दर पर लोन लेने वालों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनकी ईएमआई यथावत रहेगी।</p>
<p><br /><strong>छह फीसदी तक पहुंच सकती है रेपो दर</strong><br />ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने हाल ही में एक नोट में कहा है कि महंगाई में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए आरबीआई अगली आठ बैठकों में हर बार रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है। इसके कारण वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में रेपो दर छह फीसदी तक पहुंच सकती है। नोट में कहा गया है कि 2022 में किसी एक बैठक में रेपो दर में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी भी की जा सकती है।<br /><br /><strong>11 बार से कोई बदलाव नहीं</strong><br />आरबीआई ने नीतिगत दरों में 11 बार से कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो दरों में आखिरी बदलाव 22 मई 2020 को किया गया था। आरबीआई ने छह से आठ अप्रैल के बीच हुई बैठक में भी नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस समय रेपो दर चार फीसदी और रिवर्स रेपो दर 3.35 फीसदी है। रेपो दर वह दर है, जिसपर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को फौरी जरूरतों को पूरा करने के लिये कर्ज देता है। जबकि रिवर्स रेपो दर के तहत बैंकों को अपना पैसा आरबीआई को देने पर ब्याज मिलता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Apr 2022 12:47:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title> केनरा बैंक ने ऋणों पर ब्याज दरों को वर्तमान स्तर पर रखा बरकरार </title>
                                    <description><![CDATA[सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने सभी अवधि के ऋणों/अग्रिमों पर कोष की सीमांत लागत पर आधारित ब्याज दरों (एमसीएलआर) को वर्तमान स्तर पर बरकरार रखा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/canara-bank-maintains-interest-rates-at-loans/article-5543"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/07-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने सभी अवधि के ऋणों/अग्रिमों पर कोष की सीमांत लागत पर आधारित ब्याज दरों (एमसीएलआर) को वर्तमान स्तर पर बरकरार रखा है। यह जानकारी बैंक की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में दी गयी है। बैंक का यह निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा नीतिगत दरों को पहले के स्तर पर बनाए रखने के बाद आया है। आरबीआई ने जारी द्वैमासिक नीतिगत समीक्षा में रेपो दर को 4.0 प्रतिशत और  रिवर्स रेपो दर को 3.35 प्रतिशत पर बनाए रखा।</p>
<p>केनरा बैंक ने सात मार्च से कर्ज की एमसीएलआर पर आधारित दरों को वर्तमान स्तर पर बनाए रखने की घोषणा की है। बैंक ने रेपो से सम्बद्ध उधार पर ब्याज दर (आरएलएलआर) को भी 6.90 प्रतिशत पर बनाए रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Mar 2022 17:22:07 +0530</pubDate>
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                <title> सहकारी बैंकों में गबन होगा आर्थिक अपराध की श्रेणी शामिल, सहकारी फसली ऋण वितरण के लक्ष्य को 23500 करोड़ रूपये करने के प्रयास </title>
                                    <description><![CDATA[पैक्स कम्प्यूटराईजेशन के पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत हनुमानगढ़ जिले की जाएगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A3%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2--%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%8B%E0%A4%A3-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%8B-23500-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-3478"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/whatsapp-image-2021-12-23-at-16.34.01.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सहकारिता मंत्री  उदय लाल आंजना ने कहा कि राज्य के अधिक से अधिक  किसानों को सहकारी फसली ऋण के दायरे में लाने के लिए फसली ऋण का लक्ष्य 23 हजार 500 करोड रूपये  करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष फसली ऋण वितरण का लक्ष्य 16 हजार करोड से बढ़ाकर 18 हजार 500 करोड रूपये किया गया है, और अब तक 13 हजार 878 करोड रूपये का ऋण वितरित हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिये कि 31 जनवरी, 2022 तक अधिकतम ऋण वितरण हो जाना चाहिए।<br /> <br /> आंजना गुरूवार को शासन सचिवालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मण्डियो, आर.सी.डी.एफ एवं राजफैड की जमा पूंजी को सहकारी बैंको में जमा कराने के लिए उच्च स्तर पर निर्णय कराया जाएगा, ताकि बैंको में तरलता बढ सके तथा अधिक किसानों को ऋण वितरण भी हो सके। सहकारिता मंत्री ने पैक्स कम्प्यूटराईजेशन पर जोर देते हुए कहा कि सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों को एक ही सॉफ्टवेयर से जोड़कर प्रणाली में पारदर्शिता स्थापित की जा सके। उन्होंने कहा कि पैक्स कम्प्यूटराईजेशन के पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत हनुमानगढ़ जिले से की जाए।<br /> <br />सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों में की कार्यप्रणाली और सुचारू बनाने के लिए कार्मिकों की और भर्ती की जाए। उन्होंने जिन बैंकों में फसली ऋण वितरण की गति धीमी है उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।  आंजना ने कहा कि किसान बीमा से वंचित नहीं होना चाहिए, इसकी पुख्ता व्यवस्था की जाए तथा क्लेम का भुगतान समय पर हो, इसकी समीक्षा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गोदामों की प्रीकास्ट बनाई जाए ताकि सहकारी समितियों मे गोदामों का निर्माण एक ही प्रारूप हो सके, जिससे समितियों में बनने वाले गोदामों की गुणवत्ता एवं पहचान निर्धारित हो सके।<br /> <br />प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता दिनेश कुमार ने कहा कि सहकारी बैंकों में गबन एवं धोखाधड़ी के मामलों को आर्थिक अपराध की श्रेणी में लिया जाएगा। भरतपुर सहकारी बैंक में एफडी के तहत हुई गडबड़ी को एसओजी में जांच हेतु भिजवाया गया है। इस मामले की तफ्तीश में तेजी के लिए गृह विभाग को लिखा जाएगा। कुमार ने कहा कि मछली पालन करने वालो को भी केसीसी लोन दिया जाएगा ताकि ऐसे परिवारों की इस कार्य के लिए जरूरतें पूरी करे सके। उन्होंने निर्देश दिए कि नए किसानों को समय पर लोन वितरण किया जाए ताकि खेती किसानी में परेशानी ना हो। उन्होंने निर्देश दिए कि ऋण वितरण के ऑनलाइन पंजीयन के पोर्टल पर किसानों का भूमि विवरण को भी अपलोड किया जाए तथा कस्टम हायरिंग का कार्य करने वाली जीएसएस को ऐप पर जोड़ा जाए।<br /><br /></p>
<p>रजिस्ट्रार सहकारिता  मुक्तानंद अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन गांव के संग अभियान में 2 लाख नए किसानों  के लक्ष्य के विरूद्ध 2.57 लाख किसानों को फसली ऋण से जोड़ा गया है। 117 नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों बनी है। जिससे करीब 1.75 लाख लोगों को जोड़ा है। डिफाल्टर किसानों को 224 करोड़ का ऋण वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भंडारों से सरकारी विभागों द्वारा की जा रही खरीद की सीमा को आरटीपीपी एक्ट में संशोधन हेतु लिखा जाएगा। रजिस्ट्रार ने कस्टम हायरिंग सेन्टर एवं गोदाम निर्माण की प्रगति से भी अवगत कराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Dec 2021 16:47:33 +0530</pubDate>
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                <title>किसानों को मार्च 2022 तक 18500 करोड़ के फसली ऋण का होगा वितरण</title>
                                    <description><![CDATA[फसली ऋण वितरण के लक्ष्य मे 2500 करोड़ रूपये की बढ़ोतरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A-2022-%E0%A4%A4%E0%A4%95-18500-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%8B%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3/article-1755"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/uday-lal-anjana.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने सोमवार को बताया कि सहकारी बैंकों से जुड़े किसानों को अधिक मात्रा में अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराने के उददेश्य से वर्ष 2021-22 में 16000 करोड़ रूपये के फसली ऋण वितरण के लक्ष्य को बढ़ाकर 18500 करोड़ रूपये किया गया है। किसानों को इस वित्तीय वर्ष में 2500 करोड़ रूपये का ज्यादा फसली ऋण वितरित होगा।</p>
<p><br />              आंजना ने बताया कि  मुख्यमंत्री द्वारा बजट वर्ष 2021-22 में केन्द्रीय सहकारी बैंको द्वारा किसानों को 16000 करोड रूपये के अल्पकालीन फसली ऋण वितरित करने की घोषणा की गई, साथ ही 3 लाख नये किसानों को राज्य सरकार की शून्य ब्याज पर फसली ऋण योजना से जोड़े जाने की भी घोषणा की गई थी।</p>
<p><br />             सहकारिता मंत्री ने बताया की मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के क्रम में चालू वर्ष में 2.40 लाख नये किसानों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण एवं आवेदन किया गया है, जिसमें से 1.25 लाख नये किसानों को 248.69 करोड़ रूपये शून्य ब्याज दर योजना से लाभान्वित किया जा चुका है तथा सहकारी बैंकों द्वारा खरीफ 2021 में लगभग 25.68 लाख किसानों को राशि रूपये 9359.87 करोड़ के फसली ऋण वितरित किये जा चुके हैं।</p>
<p><br />              आंजना ने बताया कि गत वर्ष राज्य के केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा 2634355 कृषकों को  15235.33 करोड़ रूपये के फसली ऋण उपलब्ध करवाये गये थे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 3 लाख नये किसानों को राज्य सरकार की शून्य ब्याज दर योजना का लाभ उपलब्ध करवाये जाने एवं वर्तमान ऋणी किसानों को अधिक मात्रा मे ऋण उपलब्ध करवाये जाने के निर्देश सहकारी बैंकों को प्रदान किये गये हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 17:39:35 +0530</pubDate>
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