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                <title>Trade War - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Trade War RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इक्वाडोर ने कोलंबियाई आयात पर थोपा 100% टैरिफ : व्यापार विवाद गहराया, विदेश आर्थिक नीति में संशोधन करने का आह्वान  </title>
                                    <description><![CDATA[इक्वाडोर ने सीमा सुरक्षा और नशीली दवाओं की तस्करी का हवाला देते हुए कोलंबिया से आयात पर 100% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इसे "कठोर" बताते हुए एंडियन समुदाय छोड़ने के संकेत दिए हैं। बिजली आपूर्ति और व्यापारिक प्रतिबंधों ने दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव चरम पर पहुंचा दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ecuador-doubles-tariffs-on-colombia-deepens-trade-dispute-calls-for/article-149884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tarffic.png" alt=""></a><br /><p>ब्यूनस आयर्स। इक्वाडोर ने एक मई से कोलंबिया से होने वाले आयात पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का निर्णय लिया है। इक्वाडोर के उत्पादन, विदेश व्यापार एवं निवेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा, "कोलंबिया द्वारा ठोस और प्रभावी सीमा सुरक्षा उपायों को लागू करने में विफलता के कारण इक्वाडोर को संप्रभु कार्रवाई करनी पड़ी है। एक मई से कोलंबिया से आयात पर सुरक्षा शुल्क 50 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो जाएगा।"</p>
<p>कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि टैरिफ बढ़ाने का इक्वाडोर का फैसला "अत्यंत कठोर" है और इसके कारण कोलंबिया एंडियन समुदाय से बाहर हो सकता है। उन्होंने कोलंबिया की विदेश आर्थिक नीति में संशोधन करने का भी आह्वान किया, और विदेश मंत्री से आग्रह किया कि वे दक्षिण अमेरिकी मर्कोसुर समूह (दक्षिण अमेरिका का एक प्रमुख आर्थिक और व्यापारिक समूह) में स्थायी सदस्यता हासिल करने की दिशा में काम करें और कैरेबियन तथा मध्य अमेरिकी देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करें।</p>
<p>हाल के महीनों में इक्वाडोर और कोलंबिया के बीच व्यापार को लेकर विवाद चल रहा है। इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने सबसे पहले एक फरवरी को कोलंबिया से होने वाले सभी आयात पर 30 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। उन्होंने इसका कारण सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने में कोलंबिया की ओर से सहयोग न मिलना बताया था, और बाद में उन्होंने इस शुल्क को और बढ़ा दिया। कोलंबिया ने भी जवाबी कदम उठाते हुए इक्वाडोर को बिजली की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति रोक दी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि इक्वाडोर को सूखे के मौसम में हर साल ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ता है। एन्डियन समुदाय (जिसे पहले एन्डियन पैक्ट कहा जाता था) दक्षिण अमेरिकी देशों को एक साथ लाती है। इसमें कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू और बोलीविया जैसे देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य आर्थिक एकीकरण, मुक्त व्यापार और नीतियों में तालमेल को बढ़ावा देना है। वर्ष 1969 में स्थापित यह संगठन, लैटिन अमेरिका के प्रमुख क्षेत्रीय आर्थिक समूहों में से एक बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 16:57:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारतीय कंपनियों को भी झटका: ईरान से लड़ाई के बीच ट्रंप ने किया टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव, मेटल और फार्मा सेक्टर पर लगाया 50% टैरिफ</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील और एल्युमीनियम पर 50% टैरिफ बरकरार रखते हुए नए आयात नियम लागू किए हैं। 15% से अधिक धातु वाले उत्पादों पर 25% टैक्स लगेगा। 2027 तक प्रभावी इन नियमों का उद्देश्य अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना है, जिससे भारत से होने वाला निर्यात महंगा होना तय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indian-companies-also-got-a-shock-amid-the-fight-with/article-148928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय कंपनियों को झटका देते हुए बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने स्टील, एल्युमीनियम और कॉपर के आयात से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कहा है कि कच्चे स्टील और एल्युमीनियम पर 50% टैरिफ पहले की तरह ही लागू रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ये कदम अमेरिकी इंडस्ट्री को मजबूत बनाने और टैक्स सिस्टम को आसान करने के लिए उठाया गया है। इसके एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने ईरान युद्व को समाप्त करने की बात कही थी। </p>
<p>हाल ही में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप को झटका देते हुए पहले लगाए गए टैरिफ को पूरी तरह से रद्द कर दिया था, लेकिन अब नए नियमों के तहत जो प्रोडक्ट सीधे मेटल नहीं हैं, बल्कि उनसे बने हुए है यानि किसी प्रोडक्ट में स्टील, एल्युमीनियम या कॉपर की मात्रा 15% से कम है, तो उस पर अब से टैरिफ नही लगेगा। अगर किसी भी प्रोटक्ट को बनाने में इन सभी धातुओं की मात्रा 15 प्रतिशत से अधिक है तो उस पर करीब 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। नए ​नियमों के अनुसार, कुछ खास इंडस्ट्रियल मशीनों और इलेक्ट्रिकल उपकरणों पर टैरिफ को घटाकर 15% किया गया है। </p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि नए नियम साल 2027 तक लागू रहेंगे। इसका मकसद केवल और केवल अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है और कुछ नहीं। इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि यदि को प्रोडक्ट विदेश में बना हुआ है और उसमें इन सभी धातुओं की मात्रा मिली हुई है तो उस पर 10 प्रतिशत टैरिक लगेगा। अमेरिका के इस नए नियम का असर अब भारत पर भी दिखाई देगा। नए नियमों के अनुसार, भारत जैसे देशों के लिए अमेरिकी बाजार में भी निर्यात महंगा हो सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 11:33:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका ने कनाडा को दी 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी, चीन के साथ व्यापार समझौते पर दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से व्यापार समझौते पर कनाडा को चेतावनी दी, कहा ऐसा करने पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाएंगे, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हो सकती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-threatens-canada-with-100-percent-tariff-warns-on-trade/article-140776"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कनाडा को चीन के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर धमकी देते हुए कहा कि अगर कनाडा ने ऐसा किया तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति कनाडा और चीन के बीच हुए इस व्यापार समझौते को चीन द्वारा अपने निर्यात को कनाडा के रास्ते अमेरिका भेजने का एक जरिया मानते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, चीन कनाडा को पूरी तरह से निगल जाएगा, उसे पूरी तरह से नष्ट कर देगा, जिसमें उसके कारोबार, सामाजिक ताना-बाना और जीवन शैली का विनाश भी शामिल है।</p>
<p>कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में, बीजिंग का दौरा किया था और एक प्रारंभिक व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी जिसके तहत कनाडा को बेची जाने वाली चीनी इलेक्ट्रिक कारों पर टैरिफ कम किया जाएगा, जिसके बदले में चीन ने कनाडाई कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जताई थी।</p>
<p>कनाडाई उत्पादों पर इतने ऊंचे टैरिफ लगाने से अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखलाएं, जिनमें रक्षा उत्पादन श्रृंखलाएं भी शामिल हैं, बाधित हो सकती हैं क्योंकि परंपरागत रूप से दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों के लिए पुर्जे और सहायक उपकरण बनाकर एक-दूसरे की आपूर्ति प्रणालियों में योगदान करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 13:24:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'धमकियों से डरने वाले नहीं...',ग्रीनलैंड तनाव, यूक्रेन के लिए खतरे का संकेत </title>
                                    <description><![CDATA[गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते मतभेद यूक्रेन के लिए घातक हो सकते हैं। ट्रंप की टैरिफ धमकियों से नाटो की एकता और सैन्य सहायता प्रभावित होने की आशंका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/not-afraid-of-threats-greenland-tension-signals-danger-to-ukraine/article-140144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/greenland.png" alt=""></a><br /><p>मैनचेस्टर। ग्रीनलैंड के अधिग्रहण को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच चल रहा तनाव यूक्रेन के लिए विनाशकारी प्रभाव उत्पन्न कर सकता है। गार्जियन अखबार की सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय नेता अब एक विकट स्थिति का सामना कर रहे हैं, क्योंकि यूक्रेन संघर्ष में अभी भी अमेरिका के समर्थन की जरूरत है, लेकिन इस तनाव के कारण स्थिति विकट होती नजर आ रही है। </p>
<p>गार्जियन ने बताया कि जुलाई में, यूरोपीय संघ (ईयू) ने इस उम्मीद से अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे कि यह समझौता अमेरिका को संघर्ष में यूक्रेन का समर्थन जारी रखने के लिए मजबूर करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को घोषणा कि थी कि वह फरवरी में डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाएंगे, जो बाद में बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि यह तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि  अमेरिका ग्रीनलैंड की खरीद सौदे पर हस्ताक्षर नहीं कर लेता।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड के रणनीतिक महत्व का हवाला देते हुए बार-बार कहा है कि इसे अमेरिका का हिस्सा बनना चाहिए। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों ने हालांकि अमेरिका को द्वीप पर कब्जा करने के खिलाफ चेतावनी दी है और इस बात पर जोर दिया है कि वे अमेरिका से अपनी क्षेत्रीय अखंडता के प्रति सम्मान की अपेक्षा करते हैं।</p>
<p>यह द्वीप 1953 तक डेनमार्क का उपनिवेश था। वर्ष 2009 में स्वायत्तता प्राप्त करने के बाद से यह डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा बना रहा है, जिसके पास स्व-शासन और अपनी घरेलू नीति निर्धारित करने की क्षमता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 18:11:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ग्रीनलैंड विवाद: अमेरिका पर 93 अरब यूरो का आयात शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है यूरोपीय संघ</title>
                                    <description><![CDATA[यूरोपीय संघ डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड खरीदने की धमकी के जवाब में 93 अरब यूरो का आयात शुल्क लगाने और अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का मसौदा तैयार कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/eu-is-considering-imposing-import-duty-of-93-billion-euros/article-140122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>ब्रसेल्स। ग्रीनलैंड पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार बयानों और धमकियों के बीच यूरोपीय संघ (ईयू) अमेरिका पर 93 अरब यूरो (107.68 अरब डॉलर) का आयात शुल्क लगाने या अमेरिकी कंपनियों को यूरोपीय ब्लॉक में व्यापार करने से रोकने पर विचार कर रहा है। </p>
<p>फाइनेंशियल टाइम्स की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा गया कि अगले हफ्ते दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) पर होने वाली बैठक से पहले इस शुल्क का मसौदा तैयार किया जा रहा है, ताकि राष्ट्रपति ट्रंप पर यूरोपीय नेताओं को थोड़ी बढ़त मिल सके। </p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया कि यूरोपीय यूनियन ने पिछले साल ही आयात शुल्क की सूची बना ली थी लेकिन व्यापार युद्ध रोकने के लिये उसे छह फरवरी तक के लिये स्थगित कर दिया था। ग्रीनलैंड पर अमेरिका-यूरोप के बीच बढ़ते तनाव के कारण ईयू नेताओं ने रविवार को इसे दोबारा लागू करने पर विचार किया। इसके अलावा यूरोपीय नेताओं ने दबाव-विरोधी मसौदे पर भी बातचीत की, जिसके लागू होने पर अमेरिकी कंपनियां यूरोप में अपना सामान नहीं बेच पायेंगी। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि, इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि जो देश ग्रीनलैंड खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका का समर्थन नहीं करेंगे, वह उन पर आयात शुल्क लगा सकते हैं। ट्रंप ने डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, स्वीडन और ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा भी की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर हालात नहीं बदलते तो एक जून से यह बढ़कर 25 प्रतिशत हो जायेगा। जिसके बाद आठों देशों ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लिये पूर्ण समर्थन का ऐलान किया था। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार और गुरुवार को विश्व आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेंगे। वहां वह यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लियन सहित अन्य यूरोपीय नेताओं से बात कर सकते हैं। इसके साथ ही वह यूक्रेन का समर्थन करने वाले पश्चिमी देशों की एक बैठक में भी शामिल हो सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 17:13:07 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों के बाद ग्रीनलैंड, डेनमार्क में भड़का विरोध प्रदर्शन, ग्रीनलैंडवासियों का है ग्रीनलैंड के नारे लगाए</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनलैंड की संप्रभुता के समर्थन में कोपेनहेगन और नूक में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। प्रधानमंत्री निल्सन ने ट्रंप की आयात शुल्क और अधिग्रहण की धमकी को सिरे से खारिज किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/protests-broke-out-in-denmark-after-us-president-trumps-statements/article-140011"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/hands-off-greenland-demonstration-in-copenhagen.webp" alt=""></a><br /><p>कोपेनहेगन। ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करने के अमेरिकी प्रयासों और बयानों के विरोध में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के कई शहरों में विशाल विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। </p>
<p>डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन के 'सिटी हॉल स्क्वायर' पर शनिवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 12 बजे (भारतीय समयानुसार अपराह्न 4:30 बजे) भारी भीड़ जमा हुई, जिसने अमेरिकी दूतावास तक मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों देशों के नागरिक शामिल हुए, जो अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे हुए थे। </p>
<p>इस बीच ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में भी दोपहर से ही लोग जुटना शुरू हो गए और ग्रीनलैंडवासियों का है ग्रीनलैंड के नारे लगाए। इस प्रदर्शन में ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक निल्सन भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक इनुइट गीत गाए और कई लोग मेक अमेरिका गो अवे (अमेरिका को वापस भेजो) लिखी हुई टोपियां पहने नजर आये। </p>
<p>प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि अमेरिका एक फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाले सभी सामानों पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाएगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ग्रीनलैंड की खरीद को लेकर कोई समझौता नहीं होता है, तो एक जून से इस शुल्क को बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के भीतर एक स्वशासी क्षेत्र है, जिसकी रक्षा और विदेश नीति डेनमार्क सरकार के नियंत्रण में है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भी इस द्वीप को खरीदने की इच्छा जतायी थी, लेकिन अब वे इसे हासिल करने के लिए अमेरिकी सेना के उपयोग सहित कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। </p>
<p>इससे पहले बुधवार को वॉशिगटन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी, जिसमें ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर मौलिक असहमति बनी रही। इस बीच, ट्रंप की आयात शुल्क लगाने की धमकियों पर नॉर्डिक देशों और यूरोपीय संघ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डेनमार्क सहित कई यूरोपीय देशों ने ब्लैकमेल और अस्वीकार्य करार देते हुए एकजुट होकर जवाब देने की चेतावनी दी है। </p>
<p>डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने इस धमकी पर हैरानी जताते हुए कहा कि वे यूरोपीय आयोग के संपर्क में हैं। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने स्पष्ट किया कि सहयोगियों के बीच विवादों का समाधान दबाव के बजाय बातचीत से होना चाहिए। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने इसे सीधे तौर पर ब्लैकमेल बताते हुए कहा कि स्वीडन ऐसी धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। </p>
<p>फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी ट्रंप के कदम की आलोचना की है। मैक्रों ने कहा कि यूरोपीय देश इस पर समन्वित प्रतिक्रिया देंगे, जबकि स्टार्मर ने ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला डेनमार्क और वहां के लोगों द्वारा किए जाने की वकालत की। </p>
<p>यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने चेतावनी दी कि ऐसे कदम से ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में गिरावट आएगी। इस बीच, यूरोपीय संसद में अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों को स्थगित करने और दबाव विरोधी रणनीति जैसे सख्त व्यापारिक हथियारों के इस्तेमाल की मांग तेज हो गयी है। साइप्रस की अध्यक्षता में रविवार को यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के राजदूतों की आपात बैठक बुलाई गयी है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 18:54:08 +0530</pubDate>
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                <title>ग्रीनलैंड विवाद:  बढ़ते तनाव के बीच ईयू ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड न बेचने पर आयात शुल्क लगाने की धमकी के बाद ईयू ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर रोक लगा दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/eu-bans-proposed-trade-deal-with-us-amid-rising-tension/article-139976"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump2.png" alt=""></a><br /><p>ब्रुसेल्स। ग्रीनलैंड मामले में अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईयू ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत रोक दी है। ईयू ने यह कदम डेनमार्क और संघ के कई देशों पर अमेरिका द्वारा आयात शुल्क लगाने की चेतावनी के बाद उठाया है। ईयू के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ये आयात शुल्क संघ और अमेरिका के संबंधों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। साथ ही, उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहराते हुए इस बात पर जोर दिया कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता ऐसे सिद्धांत हैं जिन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।</p>
<p>गौरतलब है कि, जुलाई 2025 में प्रस्तावित समझौते को आयात शुल्क कम करने और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया था। हालांकि ग्रीनलैंड पर ट्रंप के रुख और और आयात शुल्क लगाने की उनकी चेतावनी के बाद संघ ने इस प्रस्तावित समझौते के अनुमोदन को रोकने का आह्वान किया है। </p>
<p>ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में धमकी दी है कि यदि ग्रीनलैंड को'पूरी तरह' से अमेरिका को नहीं बेच दिया जाता, तो एक फरवरी 2026 से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा, जो 1 जून से बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा।</p>
<p>ट्रंप ने ग्रीनलैंड के'रणनीतिक स्थान और खनिज संसाधनों को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए चेतावनी दी, एक फरवरी 2026 से, उपर्युक्त सभी देशों द्वारा अमेरिका को भेजे जाने वाले सभी सामानों पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा। एक जून 2026 को यह शुल्क बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। यह तब तक लागू रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए कोई समझौता नहीं हो जाता।</p>
<p>यूरोपियन पीपल्स पार्टी के उपाध्यक्ष सिगफ्राइड मूरसन और अन्य यूरोपीय अधिकारियों ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घोषणा उस स्थिरता को कमजोर करती है, जिसे सुनिश्चित करने के लिए यह व्यापार समझौता किया गया था। मूरसन ने कहा, पिछले साल अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते से स्थिरता ही एकमात्र लाभ होता। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कई ईयू सदस्य देशों पर नए आयात लगाने की आज की घोषणा उस स्थिरता को छीन लेती है। यही कारण है कि उस व्यापार समझौते के अनुसमर्थन को स्थगित करना उचित है।</p>
<p>मूरसन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हमें पिछले जुलाई के ईयू-यूएस व्यापार समझौते को बहुत जल्द अनुमोदित करना था, जिससे अमेरिका से यूरोपीय संघ में होने वाले आयात पर आयात शुल्क शून्य हो जाता। हालांकि, हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए इस मंजूरी के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को हासिल करने पर आमादा हैं। हालांकि डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने अपने 'आत्मनिर्णय के अधिकार' पर जोर देते हुए इस विचार को खारिज कर दिया है। बढ़ते तनाव के जवाब में, डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है, जबकि जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे और नीदरलैंड ने भी छोटी सैन्य टुकड़यिाँ भेजी हैं। यूरोपीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के किसी भी अमेरिकी प्रयास का नाटो और अटलांटिक के दोनों ओर की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 13:35:00 +0530</pubDate>
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