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                <title>साढ़े 32 लाख बकाया, बस स्टैंड का बिजली कनेक्शन काटा</title>
                                    <description><![CDATA[अचानक विद्युत कनेक्शन काटने से कई 100 किलोमीटर की यात्रा कर बाहर से आए हुए बस चालकों और परिचालको को शौचालय स्नान इत्यादि ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/3-25-lakh-in-arrears--electricity-connection-of-bus-stand-cut-off/article-98926"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/555453.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। रावतभाटा नगर पालिका क्षेत्र में बने डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा बस स्टैंड पर पिछले आठ दस महीनों से लगभग 32 लाख 55 हजार रुपए का बिल बकाया होने से बिजली विभाग ने बस स्टैंड का कनेक्शन काट दिया है। जिसका खामियाजा रोडवेज के चालकों व परिचालकों के साथ रात बिरात में आने जाने वाले यात्रियों को भी भुगतना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार बिल भुगतान नहीं होने के चलते बिजली विभाग द्वारा नगर पालिका क्षेत्र में बनाए गए कोटा रोड पर होमी जहांगीर भाभा बस स्टैंड के विद्युत कनेक्शन विच्छेद कर दिए गए। अचानक विद्युत कनेक्शन काटने से कई 100 किलोमीटर की यात्रा कर बाहर से आए हुए बस चालकों और परिचालको को शौचालय स्नान इत्यादि में बिना पानी और अंधेरे में ही खाना खाने को मजबूर होना पड़ा। </p>
<p><strong>नगर पालिका करवाती आ रही है बिल जमा</strong><br />पूर्व में बस स्टैंड का निरंतर बिजली बिल का भुगतान नगर पालिका प्रशासन द्वारा ही जमा कराया जाता रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि जब पूर्व में निरंतर 5 सालों से नगर पालिका प्रशासन ही बिजली बिल को जमा करवा रही है तो आज बिजली के बकाया बिल को जमा कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका खुद क्यों नहीं उठा रही। वहीं नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि बस स्टैंड का संचालन रोडवेज आगार के अधीन है। कोटा और चित्तौड़गढ़ के आगार प्रबंधकों से बात कर समस्या का हल निकालने की कोशिश की जा रही है। </p>
<p><strong>शुरू से चर्चा में रहा बस स्टैंड</strong><br />डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा बस स्टैंड बनने के बाद से ही निरंतर चर्चा में रहा। कभी बस स्टैंड पर यात्री और चालकों के लिए सुविधाओं का अभाव, कभी श्वानों के लिए बनाया गया अस्पताल और वर्तमान में चालक परिचालकों के लिए मूलभूत सुविधाओं पानी, बिजली और खाने तक की व्यवस्था नहीं होने आदि कारणों से हमेशा चर्चा में रहता आया है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पूर्व में समस्त बिल नगर पालिका प्रशासन द्वारा ही जमा कराए जाते थे। लेकिन वर्तमान में नगर पालिका के ऊपर करीब एक करोड़ 12 लाख 55 हजार रुपए का भुगतान बकाया चल रहा है। ऐसे में बिजली विभाग ने संबंधित बस स्टैंड का विद्युत कनेक्शन विच्छेद कर दिया। वर्तमान में भी दिन के समय शहर की सड़कों पर लाइट जल रही है।<br /><strong>- महावीर बैंसला, जेईएन, विद्युत विभाग</strong></p>
<p>बस स्टैंड का संचालन रोडवेज आगार के अधीन है। ऐसे में चित्तौड़गढ़ और कोटा आगार के प्रबंधक से बात की जा रही है। जल्द ही बिजली बिल का भुगतान करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- मुकेश नागर, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, रावतभाटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 14:38:24 +0530</pubDate>
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                <title>आय के बावजूद ग्रीनराइड के 13 में से 10 स्टैंड पर ताला</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में स्थित 13 स्टैंडों पर संचालक कंपनी विज्ञापन तो ले रही है लेकिन संचालन सिर्फ तीन स्टैंड का ही कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/10-out-of-13-greenride-stands-locked-despite-income/article-69874"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/aaye-k-bavajood-greenride-k-13-me-s-dus-stand-p-tala...kota-news-12-02-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के कोचिंग एरिया में 2016 में साइकिल शेयरिंग योजना शुरु की गई थी। लाखों रुपए खर्च करके शुरु की गई इस योजना का मुख्य उद्ेदश्य कोटा में प्रदूषण रहित यातायात बढ़ाने और शहरवासियों के लिए शहर में आसान आवागमन चालु करना था। लेकिन योजना के शुरु होने के सात साल बाद भी शहर के सभी स्टैंड पूरी तरह से चालु नहीं हो पाए हैं। वहीं संचालक कंपनी के अधिकारी निगम की उदासीनता और संचालन में नुकसान को स्टैंड के बंद होने का कारण बता रहे हैं। इन सबके बीच जिनके लिए ये योजना तैयार की गई थी वो बस इन स्टैंडों पर लगे तालों को देखने को मजबूर हैं।</p>
<p><strong>क्या थी योजना</strong><br />निगम द्वारा शहर में प्रदूषण को कम करने और लोगों के बीच साइकिल के चलन को बढ़ाने के उद्देश्य से 2016 में एक निजी कंपनी के साथ साझेदारी करते हुए इस योजना की शुरुआत क थी। जहां कोई भी व्यक्ति स्टैंडसे शेयरिंग प्लेटफॉर्म के तहत अपनी आवश्यकतानुसार साइकिल ले सकता था और उपयोग के बाद किसी भी स्टैंड पर खड़ा कर सकता था। जिसमें उसे घंटे के हिसाब से किराया देना होता था। योजना स्मार्ट सिटी व फिट इंडिया मुवमेंट के तहत प्रस्तावित थी।</p>
<p><strong>13 स्टैंडों पर विज्ञापन, चालू सिर्फ तीन</strong><br />शहर में स्थित 13 स्टैंडों पर संचालक कंपनी विज्ञापन तो ले रही है लेकिन संचालन सिर्फ तीन स्टैंड का ही कर रही है। इस पर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि निगम को हर स्टैंड के लिए हर महीने दो हजार रुपए किराया देना होता है ऐसे में किराया देने में ही सारा पैसा चला जाता है तो स्टॉफ का खर्चा नहीं निकल पाता इस कारण स्टैंडों को बंद किया हुआ है। निगम प्रशासन की ओर से सहयोग मिले तो हम क्यों नहीं चलाना चाहेंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि निगम प्रशासन कंपनी के विज्ञापन लेने के बावजूद स्टैंडों को नहीं चलाने पर चुपचाप क्यों बैठा है। </p>
<p><strong>कहां कहां स्टैंड बंद</strong><br />शहर में राजीव गांधी नगर, कॉमर्स कॉलेज के सामने व जवाहर नगर स्थित स्टैंड ही संचालन में हैं। वहीं जवाहर नगर पेट्रोल पंप के पास, महावीर नगर तृतीय परिजात कॉलोनी, महावीर नगर द्वितीय सब्जी मंडी, इंद्रा विहार थाना, डकनिया रेलवे स्टेशन, कोटा इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स, महावीर नगर प्रथम, महावीर नगर विस्तार योजना, घटोत्कच सर्किल और राजीव गांधी नगर हॉटल के पास स्थित स्टैंड बंद पड़े हैं।</p>
<p><strong>स्टैंडों पर लगा ताला, खा रहे धूल</strong><br />इस योजना के लिए निगम ने कोटा के 13 स्थानों पर साइकिल स्टैंड भी तैयार किए थे लेकिन उसके एक साल बाद ही संचालक कंपनी और निगम के बीच स्टैंड के किराए को लेकर हुए विवाद के बाद इस योजना को बंद कर दिया था। वहीं कंपनी व निगम के बीच मामला सुलझने के बाद कंपनी ने इस योजना में सारे स्टैंडों को दुबारा चलाया भी। लेकिन कंपनी ने संचालन में नुकसान बताकर पिछले साल जून महीने से 10 स्टैंडों को बंद कर दिया। जिससे योजना चालू होने के बाद भी इसका लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, और 10 स्थानों पर बने स्टैंड और साइकिल बस धूल खा रहे हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जब स्टैंड चालू थे मैं तो रोज कोचिंग जाने के लिए इनका इस्तेमाल करता था अब इन्होंने स्टैंड बंद कर दिया है तो पैदल ही जाना पड़ता है। हॉस्टल में साइकिल रखने की जगह नहीं है इस वजह से ये बढ़िया साधन था।<br /><strong>- मोहित राठौर, महावीर नगर प्रथम </strong></p>
<p>मैंने साइकिल का मंथली रिचार्ज किया हुआ था जो स्टैंड बंद होते ही ऐसे ही रह गया। क्योंकि में महावीर नगर विस्तार योजना रहता हूं और वहां का स्टैंड चालू ही नहीं है जो बेलेंस था वो दूसरे स्टैंड पर जाकर खत्म किया।<br /><strong>- विनोद यादव, महावीर नगर विस्तार योजना</strong></p>
<p>सभी स्टैंडों को पिछले साल मई तक चलाया जा रहा था लेकिन स्टॉफ का खर्चा नहीं निकलने और नुकसान होने से बंद करना पड़ा। निगम प्रशासन की ओर से प्रोत्साहन मिले और इसका प्रचार प्रसार हो तो हम भी इसे चलाना चाहते हैं।<br /><strong>- विनोद वर्मा, कोटा हेड, संचालक कंपनी</strong></p>
<p>अभी मामला मेरे संज्ञान में नहीं है लेकिन जो भी समस्या है उसको दिखाकर दूर करेंगे। पूरे स्टैंड चलाए जाएं इसके लिए कंपनी को पाबंद करेंगे। <br /><strong>- सरिता सिंह, आयुक्त, नगर निगम दक्षिण कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Feb 2024 16:36:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का-भीतरिया कुंड उद्यान में अंदर खड़े सभी वाहनों को हटवाया </title>
                                    <description><![CDATA[संचालक ने बताया कि अंदर की तरफ वे ही वाहन जा रहे हैं जो मंदिर में दर्शन करने आते हैं और बिना पर्ची कटवाए प्रवेश करते हैं। इस पर उन्होंने संचालक और संवेदक को पाबंद किया था कि भविष्य में अब कोई भी वाहन गार्डन के अंदर प्रवेश नहीं करेगा। इसकी निगरानी रखना उनकी जिम्मेदारी है। साथ ही यदि कोई वाहन को अंदर ले जाता है तो उसे रोकना भी उनकी जिम्मेदारी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka-%E2%80%93-all-the-vehicles-parked-inside-bhitaria-kund-garden-were-removed/article-42451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/asar-khabar-ka---bhitariya-kund-garden-ke-andar-khade-sabhi-vahano-ko-hataya-gaya...kota-news-11-04-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिवपुरा स्थित भीतरिया कुंड  उद्यान में अब वाहन अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके लिए नगर निगम कोटा दक्षिण के अधिकारियों ने सोमवार को मौके पर जाकर वाहन स्टैंड संचालक व ठेकेदार को पाबंद किया है। साथ ही अंदर खड़े वाहनों को वहां से हटवाया। नगर निगम कोटा दक्षिण के कार्यवाहक आयुक्त अम्बालाल मीणा ने उपायुक्त राजस्व दिनेश कुमार शर्मा को भीतरिया कुंड भेजा था। वहां जाकर  पार्क के अंदर प्रवेश करने वाले वाहनों का मौका देखने और इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद उपायुक्त राजस्व दिनेश शर्मा भीतरिया कुंड पहुंचे। वहां उन्होंने पहले मौका देखा। इस दौरान उन्हें वहां अंदर की तरफ कई वाहन खड़े हुए मिले। इस पर उन्होंने पहले तो उन वाहनों को वहां से हटव कर बाहर करवाया। वहां सफाई करवाई और उसके बाद वाहन स्टैंंड संचालक से पूरे मामले की जानकारी ली। संचालक ने बताया कि अंदर की तरफ वे ही वाहन जा रहे हैं जो मंदिर में दर्शन करने आते हैं और बिना पर्ची कटवाए प्रवेश करते हैं। इस पर उन्होंने संचालक और संवेदक को पाबंद किया था कि भविष्य में अब कोई भी वाहन गार्डन के अंदर प्रवेश नहीं करेगा। इसकी निगरानी रखना उनकी जिम्मेदारी है। साथ ही यदि कोई वाहन को अंदर ले जाता है तो उसे रोकना भी उनकी जिम्मेदारी है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है भीतरिया कुंड उद्यान के अंदर वाहन प्रवेश करने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था। समाचार पत्र में 10 अप्रैल के अंक में पेज तीन पर भीतरिया कुंड उद्यान बना वाहन स्टैंड शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें वाहन गार्डन के अंदर खड़े होने से लोगों को होने वाली परेशानी के बारे में अवगत कराया गया था। समाचार प्रकाशित होने पर निगम अधिकारियों ने इसे गम्भीरता से लिया। इसके बाद आयुक्त ने उपायुक्त राजस्व को इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिसके बाद उपायुक्त राजस्व ने मौके पर जाकर न केवल अंदर खड़े वाहन हटवाए। वरन् संचालक व संवेदक को पाबंद भी किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Apr 2023 15:20:45 +0530</pubDate>
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                <title>मानवता शर्मसार: बस स्टैंड पर प्रसव, अस्पताल ले जाने को कोई नहीं हुआ तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा। शहर के नयापुरा रोडवेज बस स्टैंड  पर ही रविवार देर रात 11.30 बजे एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। महिला की हालत बिगड़ी और वह दर्द से करहाने लगी लेकिन वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बन देखते रहे।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/humanity-shamed-delivery-at-bus-stand-no-one-is-ready/article-13146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/kota-roadways-delivery.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोटा।</strong> शहर के नयापुरा रोडवेज बस स्टैंड  पर ही रविवार देर रात 11.30 बजे एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। महिला की हालत बिगड़ी और वह दर्द से करहाने लगी लेकिन वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बन देखते रहे।  कुछ देर बाद जानकारी  एक महिला पुलिसकर्मी मौके पर पहुंची लेकिन उसे अस्पताल तक कोई नहीं ले गया। एएसआई कला शर्मा ने बताया कि कैथून निवासी घुमंतू जाति की गर्भवती महिला गीता को उसका पति शनिवार को बस स्टैंड पर छोड़ गया था। वह बीकानेर जा रहे थे।</p>
<p>इस बीच  किसी बात पर इनका झगड़ा हो गया और पति छोड़कर चला गया। गीता पति के इंतजार में रविवार को बस स्टैंड पर ही रही। गीता के पूर्व में दो बच्चियां हैं। उसे रात 11.30 बजे  प्रसव पीड़ा हुई और काफी तेज दर्द के बाद  स्टैंड पर ही डिलीवरी हो गई। उस समय वहां ज्यादा लोग नहीं थे। जो मौजूद थे उनमें से कुछ ने महिला पर कपड़ा डाला। इतने में ऑटो स्टैंड के इंचार्ज शकील शाह ने आसपास से गुजर रही महिलाओं से मदद की गुहार की। कुछ महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर गीता को संभाला। कोटा ऑटो यूनियन ने महिला ऑटो चालक गीता शर्मा को मामले की जानकारी देते हुए बस स्टैंड जाने के लिए कहा। उस समय गीता बस स्टैंड से गरीब 7 किलोमीटर दूर थी। जानकारी लगते ही वह तुरंत बस स्टैंड के  पहुंची और एक महिला पुलिसकर्मी की मदद से जच्चा और बच्चा को जेके लोन अस्पताल पहुंचाया।</p>
<p><strong> महिला ऑटो चालक की तत्परता से बची जान</strong><br />ऑटो स्टैड के इंचार्ज शकील शाह ने बताया कि सूचना मिलते ही रात में गाड़ी चला रही महिला ऑटो चालक गीता शर्मा को फोन कर बस स्टैंड पहुंचने को कहा। गीता शर्मा नर्सिंग किए हुए है। वह स्टेशन हाट रोड से 15 मिनिट में बस स्टैंड पहुंची और एएसआई कला शर्मा, समाज सेवी राजा खान की  मदद से  महिला को जेकेलोन पहुंचाया। ऑटो यूनियन अध्यक्ष भूपेंद्र सक्सेना ने गीता शर्मा ऑटो चालक को  नगद पुरस्कार देने का ऐलान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 13:43:10 +0530</pubDate>
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                <title>सिंधी कैंप से बसों का नहीं हो रहा है संचालन </title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर राजस्थान रोडवेज की ओर से बनाए गए चार अस्थाई बस स्टैंड से ही बसों का संचालन हो रहा है। इसके कारण यात्री सिंधी कैंप बस स्टैंड पर परेशान होते दिखाई दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-buses-are-not-operating-from-sindhi-camp/article-9629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/bus-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर राजस्थान रोडवेज की ओर से बनाए गए चार अस्थाई बस स्टैंड से ही बसों का संचालन हो रहा है। इसके कारण यात्री सिंधी कैंप बस स्टैंड पर परेशान होते दिखाई दिए। रोडवेज प्रशासन की ओर से विद्याधर नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, तारों के कूट ओर नारायण विहार किराया अजमेर रोड पर अस्थाई बस स्टैंड बनाए गए हैं। सिंधी कैंप की बजाय यहां से बसों का संचालन किया जा रहा है।</p>
<p>इन बस स्टैंड पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ है। भीड़ को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने अतिरिक्त बसों का संचालन भी किया है। सिंधी कैंप बस स्टैंड से बसों का संचालन नहीं होने के चलते यात्री परेशान होते दिखाई दिए। यहां पर गार्डो की ओर से मना करने के बाद यात्री वापस लौटे।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 May 2022 15:43:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस पर मोदी सरकार के रुख से खफा अमेरिका, क्वाड में भारत का विकल्प बनेगा दक्षिण कोरिया!</title>
                                    <description><![CDATA[रूस को लेकर भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव और नई दिल्ली-मास्को की दोस्ती को देखते हुए अब क्वाड में दक्षिण कोरिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-upset-with-modi-government-s-stand-on-russia--south-korea-will-become-india-s-alternative-in-quad/article-9026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/modi.jpg" alt=""></a><br /><p>मास्को/वॉशिंगटन/नई दिल्ली।  यूक्रेन पर रूस के भीषण हमले के बीच भारत और अमेरिका के रिश्तों में पिछले दिनों तनाव देखने को मिला। भारत के दौरे पर आए अमेरिकी अधिकारी ने दलीप सिंह ने मोदी सरकार को धमकी तक दे डाली। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी पिछले दिनों भारत को सुना दिया। रूस को लेकर भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव और नई दिल्ली-मास्को की दोस्ती को देखते हुए अब क्वाड में दक्षिण कोरिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण कोरिया क्वाड में भारत के विकल्प के रूप में उभर रहा है। एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया आने वाले समय में चीन पर लगाम लगाने के लिए बनाए गए क्वाड में ज्यादा प्रभावी भूमिका निभा सकता है। दक्षिण कोरिया और चीन के बीच लंबे समय से बहुत अच्छे रहे थे। यूक्रेन में चल रही खूनी जंग के बीच दक्षिण कोरिया में नए राष्ट्रपति यून सुक येओल आ रहे हैं और वह हिंद प्रशांत क्षेत्र में दक्षिण कोरिया के रुख में बदलाव कर सकते हैं। उधर, भारत लगातार रूस के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने पर जोर दे रहा है। इससे क्वाड के अंदर ही दो राय हो गई है। अमेरिका के बाइडन प्रशासन ने पीएम मोदी, जयशंकर समेत कई नेताओं के साथ मुलाकात के बाद भारत को रूस के साथ संबंधों को लेकर चेतावनी दी है। उसने कहा कि इससे रूस के खिलाफ अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंध कमजोर हो जाएंगे। वह भी तब जब अमेरिका के विदेश मंत्री और रक्षामंत्री ने अपनी यूक्रेन यात्रा के दौरान साफ कर दिया था कि उनकी वर्तमान रणनीति रूस की पूरी तरह से घेरेबंदी है। भारत ने साफ कह दिया है कि अमेरिका के साथ दोस्ती जरूरी है लेकिन वह रूस को नहीं छोड़ सकता है।<br /><br /><strong>देश विस्तारित क्वाड का सदस्य बनने के लिए तैयार</strong> <br />इससे नाराज बाइडन ने भारत के मानवाधिकार और लोकतंत्र को लेकर निशाना साधा था। रूस को लेकर अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में आई तल्खी से क्वाड के अंदर भारत के विकल्प का रास्ता बनता जा रहा है। दक्षिण कोरिया इस जगह को लेने के लिए आतुर नजर आ रहा है जो एक लोकतंत्र है और बड़े पैमाने पर हथियारों का निर्यात करता है। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था बनाए रखने में अमेरिका का घनिष्ठ सहयोगी है। आने वाले समय में दक्षिण कोरिया क्वाड प्लस और जी-7 प्लस के रूप और ज्यादा प्रभावी भूमिका हासिल करने की कोशिश करेगा। दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति यून ने ऐलान किया है कि उनका देश विस्तारित क्वाड का सदस्य बनने के लिए तैयार है। दक्षिण कोरिया के क्वाड में आने के बाद भी भारत जो दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है, पश्चिमी देशों के लिए भविष्य के लिहाज से रणनीतिक केंद्र बना रहेगा। यही वजह है कि पीएम मोदी के साथ हाल ही में बातचीत के दौरान बाइडन ने व्यापक रणनीतिक भागीदारी बनाने का प्रण किया था। <br /><br />इस तरह से उन्होंने दोनों ही देशों के बीच संबंधों में आई तल्खी को खत्म करने की कोशिश की थी। दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया है कि वह अमेरिका की हवाई रक्षा प्रणाली थाड को भी अपने यहां लगाने के लिए तैयार हैं।इससे नाराज बाइडन ने भारत के मानवाधिकार और लोकतंत्र को लेकर निशाना साधा था। रूस को लेकर अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में आई तल्खी से क्वाड के अंदर भारत के विकल्प का रास्ता बनता जा रहा है। दक्षिण कोरिया इस जगह को लेने के लिए आतुर नजर आ रहा है जो एक लोकतंत्र है और बड़े पैमाने पर हथियारों का निर्यात करता है। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था बनाए रखने में अमेरिका का घनिष्ठ सहयोगी है। आने वाले समय में दक्षिण कोरिया क्वाड प्लस और जी-7 प्लस के रूप और ज्यादा प्रभावी भूमिका हासिल करने की कोशिश करेगा। दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति यून ने ऐलान किया है कि उनका देश विस्तारित क्वाड का सदस्य बनने के लिए तैयार है। दक्षिण कोरिया के क्वाड में आने के बाद भी भारत जो दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है, पश्चिमी देशों के लिए भविष्य के लिहाज से रणनीतिक केंद्र बना रहेगा। यही वजह है कि पीएम मोदी के साथ हाल ही में बातचीत के दौरान बाइडन ने व्यापक रणनीतिक भागीदारी बनाने का प्रण किया था। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/america-upset-with-modi-government-s-stand-on-russia--south-korea-will-become-india-s-alternative-in-quad/article-9026</link>
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                <pubDate>Mon, 02 May 2022 14:37:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजी बसों के लिए नहीं बन सका अभी तक बस स्टैंड </title>
                                    <description><![CDATA[संभाग मुख्यालय होने के बावजूद कोटा शहर में अभी तक भी निजी बसों के लिए स्टैंड तक निर्धारित नहीं किया जा सका है  । जबकि रोडवेज और सिटी बसों के लिए स्टैंड बनकर तैयार भी हो गया है  । शहर से करीब ढाई सौ से ज्यादा निजी बसें संचालित हो रही हैं जो राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा अन्य प्रदेशों तक संचालित हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bus-stand-could-not-be-built-for-private-buses/article-6198"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/niji_bus.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । संभाग मुख्यालय होने के बावजूद कोटा शहर में अभी तक भी निजी बसों के लिए स्टैंड तक निर्धारित नहीं किया जा सका है  । जबकि रोडवेज और सिटी बसों के लिए स्टैंड बनकर तैयार भी हो गया है। शहर से करीब ढाई सौ से ज्यादा निजी बसें संचालित हो रही हैं जो राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा अन्य प्रदेशों तक संचालित हो रही है। निजी बस आॅपरेटरों का कहना है कि उनके द्वारा राज्य सरकार को कोटा से करीब एक करोड़ रुपए मासिक रोड टैक्स के रूप में दिया जा रहा है लेकिन उसके बावजूद भी राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा उन्हें अभी तक भी स्टैंड के लिए जगह नहीं दी गई है। वह पिछले कई सालों से जिला प्रशासन राज्य सरकार और नगर विकास न्यास को इस बारे में अवगत भी करवा चुके हैं । <br /> निजी बस मालिक संघ के अध्यक्ष सतनारायण साहू ने बताया कि तत्कालीन जिला कलेक्टर द्वारा कुछ समय पहले ट्रांसपोर्ट नगर में प्राइवेट बस स्टैंड के लिए जगह तय की गई थी। लेकिन नगर विकास न्यास द्वारा उसे अभी तक भी विकसित नहीं किया गया है जिससे निजी बसों के लिए स्टैंड नहीं बन सका है । इस कारण शहर के नयापुरा , गीता भवन रोड,  डीसीएम रोड,  7 वंडर्स रोड समेत कई जगहों पर प्राइवेट बसें सड़क किनारे खड़ी हो रही है। इससे यातायात भी बाधित हो रहा है और लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है जबकि सिटी बस से शहर में बाद में संचालित होने लगी और उनके लिए 80 फीट रोड पर स्टैंड भी बनकर तैयार हो गया है। प्राइवेट बस मालिक संघ ने कहा कि उनके लिए शहर में यदि स्टैंड निर्धारित कर दिया जाए तो वह बसों को निर्धारित स्थान पर ही खड़ा कर सकेंगे ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bus-stand-could-not-be-built-for-private-buses/article-6198</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Mar 2022 18:06:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस स्टैंड पर यात्रियों को मिलेगी एयरपोर्ट की तरह सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[सिंधी कैंप बस स्टैंड का रोडवेज की ओर से बड़े स्तर पर कार्य शुरू होने जा रहा है। जोधपुर बस स्टैंड की तर्ज पर यहां यात्रियों को एयरपोर्ट की तरह सुविधाएं मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/passengers-will-get-facilities-to-airport-at-bus-stand/article-5451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sindhicamp-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सिंधी कैंप बस स्टैंड का रोडवेज की ओर से बड़े स्तर पर कार्य शुरू होने जा रहा है। जोधपुर बस स्टैंड की तर्ज पर यहां यात्रियों को एयरपोर्ट की तरह सुविधाएं मिलेगी। विकसित फूड कोर्ट, सभी वाहन पार्किग स्टैंड से अलग होगी। वृहत्त स्तर पर इसका काम शुरू होने जा रहा है। डीलक्स बस स्टैंड की अलग से वातानुकूलित बिल्डिंग तैयार भी हो गई है। पेसेंजर फ्रेंडली में पुलिस सुरक्षा भी एडंवास होगी। रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने अधिकारियों के साथ यहां के प्रस्तावित कार्यो को लेकर बस स्टैंड का दौरा भी किया है।</p>
<p><strong>सिंधीकैंप पर कार्य किया जाएगा</strong><br />सिंधी कैंप बस स्टैंड पर यात्री सुरक्षा के लिए बस स्टैंड के आगमन व निकास द्वार से आने-जाने के लिए 10 से 12 फीट का विशेष पैदल पथ बनाने, मेट्रो स्टेशन से प्लेटफार्म, आवागमन व निकास द्वार से प्लेटफार्म जाने के लिए क्रॉसिंग बनाया जाएगा। ताकि यात्री व बसों का आवागमन अलग-अलग व सुरक्षित तरीके से हो सकें। वहीं प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2, 3 व 4 का रिनोवेशन कराया जाएगा। मेट्रो स्टेशन व रोडवेज के निकास द्वारा के पास फुटपाथ की चौड़ाई बढ़ाने व रेलिंग लगाकर यात्रियों के आवागमन के लिए कार्य किया जाएगा। बस स्टैंड के बाहर निजी दुकानों को व्यवस्थित कर पार्किंग फ्री बनाया जाएगा। इस कार्य में लगभग एक करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।</p>
<p><strong>सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे</strong><br />सिंधीकैंप थाने का डीलक्स की वर्तमान में बुकिंग के पास प्रथम मंजिल पर बैरक, ऑफिस, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह पूरी बिल्डिंग शीशे की बनेगी, ताकि आसानी से यात्रियों पर नजर रखी जा सके। इस कार्य में लगभग एक करोड़ रुपए खर्च होंगे। रोडवेज प्रशासन ने सरकार से एक करोड़ रुपए की राशि की मांग की है।</p>
<p><strong>वातानुकूलित बस स्टैण्ड बनाया गया है</strong><br />रोडवेज प्रशासन की ओर से सिंधीकैंप बस स्टैण्ड के आधे भाग में (डीलक्स बसों की बुकिंग के पास) वातानुकूलित बस स्टैण्ड बनाया गया है। इसके तहत यहां पर फूड कोर्ट, दुकानें, अंडरग्राउंड पार्किंग, वेटिंग हॉल, सड़क व अन्य निर्माण कार्य कराए गए है। इसको लगभग तीन से चार माह में यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/passengers-will-get-facilities-to-airport-at-bus-stand/article-5451</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Mar 2022 11:40:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस का रवैया</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर अमेरिका व अन्य नाटो देश के सख्त रवैया अख्तियार करने के बाद रविवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक तरफ तो अपने परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया तो दूसरी तरफ उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से वार्ता की पेशकश भी कर डाली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/russian-president-putin-on-sunday-ordered-his-nuclear-forces-to-be-on-high-alert-after-the-us-and-other-nato-countries-took-a-tough-stand-on-the-russian-attack-on-ukraine--and-on-the-other-he-offered-to-hold-talks-with-ukrainian-president-zelensky/article-5264"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/pitin1.jpg" alt=""></a><br /><p>यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर अमेरिका व अन्य नाटो देश के सख्त रवैया अख्तियार करने के बाद रविवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक तरफ तो अपने परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया तो दूसरी तरफ उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से वार्ता की पेशकश भी कर डाली। पहले तो जेलेंस्की ने वार्ता से इंकार कर दिया फिर बिना शर्त वार्ता को तैयार हो गए। देर से ही सही आखिर पुतिन को यह समझ आ गई कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो उसे लेने के देने भी पड़ सकते हैं। युद्ध में कूदने से पहले यदि पुतिन सोवियत संघ के विघटन के कारणों को याद कर लेते तो इस तरह युद्ध छेड़ने की शायद पहल नहीं करते। गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर कब्जा जमाने के प्रयासों की वजह से ही सोवियत संघ का बिखराव हुआ था। किसी देश पर कब्जा जमाना तब तक आसान नहीं होता जब तक उस देश की जनता का समर्थन नहीं मिलता। आज यूक्रेन की जनता रूसी सेना से मुकाबला कर रही है और रूस का विरोध भी। फिलहाल यह कहना मुश्किल कि रूस और यूक्रेन के बीच कोई सार्थक वार्ता होती है अथवा नहीं, लेकिन यह वक्त की मांगें हैं कि वार्ता अवश्य शुरू हो और उसका नतीजा सार्थक हो। युद्ध से विवाद सुलजते नहीं, बल्कि मामला और बिगड़ जाता है और आज के युग में तो किन्हीं भी देशों में युद्ध का प्रभाव सारी दुनिया पर पड़ता है और संकट खड़ा हो जाता है। कोरोना महामारी ने वैसे भी सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चोपट कर दिया था। अर्थव्यवस्था में गति लाने के लिए प्रयासरत दुनिया के सामने यूक्रेन-रूस के बीच का युद्ध भी दुनिया के सामने बड़ा संकट खड़ा करेगा। इस हकीकत से इंकर नहीं किया जा सकता कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने विश्व शांति को खतरे में डाल दिया है। इस बार रूस के लिए अमेरिका व उसके सहयोगी देशों के प्रतिबंधों को झेलना आसान नहीं होगा, क्योंकि उसे अन्तरराष्ट्रीय बैंकिंग तंत्र से भी बाहर करने की तैयारी चल रही है। यदि रूस बातचीत के जरिए समस्या का समाधान करने को ईमानदारी से तैयार है तो उसे सबसे पहले यूक्रेन पर हमलों को रोकना होगा। यह उचित नहीं है कि एक तरफ वह वार्ता की पेशकश करें और दूसरी तरफ हमला भी जारी रखें। अभी वह यही कर रहा है तो रूस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अब समय है कि अमेरिका व यूरोपीय देश कैसे भी युद्ध को रोकने के प्रयास करें व दोनों देशों के बीच सार्थक वार्ता का माहौल बनाए। भारत को भी इसमें अपनी अहम भूमिका निभानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Mar 2022 16:09:42 +0530</pubDate>
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                <title>मदद के हाथ</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के रुख की अनदेखी करके भारत ने अफगानिस्तान की मदद के लिए अपने हाथ बढ़ा दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A5/article-3144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/32.jpg" alt=""></a><br /><p>अमेरिका के रुख की अनदेखी करके भारत ने अफगानिस्तान की मदद के लिए अपने हाथ बढ़ा दिए हैं। संकट से जूझ रहे वहां के नागरिकों के लिए भारी मात्रा में जीवन रक्षक दवाओं की पहली खेप भेजी है। इसके अलावा अब भारत अफगानिस्तान को 50 हजार टन अनाज और कुछ आवश्यक दवाओं की एक और खेप भेजने वाला है। यह मदद पाकिस्तान के रास्ते से जाने वाली है जिसके लिए पाकिस्तान ने अपनी सहमति दे दी है। दवाओं की पहली खेप उस विमान से भेजी गई, जो अफगान शरणार्थियों को भारत लेकर आया था। भारत अफगानिस्तान में व्याप्त संकट की अनदेखी नहीं कर सकता। अफगानिस्तान भारत का पड़ोसी देश है हालांकि अब वहां तालिबान की सरकार है। तालिबान को भारत सहित दुनिया के अनेक देश खतरनाक आतंकी संगठन मानते हैं, लेकिन वहां के नागरिकों की मदद मानवीय दृष्टिकोण से की जानी चाहिए और यही संदेश देने के लिए भारत ने मदद की पहल की है। तालिबान की सरकार बनने के बाद से भारत ने अपनी गतिविधियां लगभग रोक दी थीं, क्योंकि वह अमेरिका सहित दुनिया का रुख देख रहा था। अमेरिका नहीं चाहता था कि कोई देश अफगानिस्तान की मदद करे। लेकिन तालिबान की सरकार बनने के बाद चीन व रूस ने तालिबान की सरकार को समर्थन देना शुरू कर दिया था। यह भी भारत के लिए एक संकट था,क्योंकि चीन ने अफगानिस्तान में अपने पैर पसारने की पहल शुरू कर दी थी। इससे भारत को बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। पाकिस्तान पहले से ही भारत से दुश्मनी भरे रिश्ते रखता आ रहा है। पाकिस्तान भी तालिबान की सरकार का समर्थक है। यदि अफगानिस्तान का झुकाव पाकिस्तान की तरफ बढ़ता है तो यह भी भारत के लिए एक संकट हो सकता है। इसलिए भारत केवल अमेरिका के रुख के साथ नहीं चल सकता। भारत अफगानिस्तान के खिलाफ खड़ा नहीं हो सकता और यह कूटनीतिक दृष्टि से भी ठीक नहीं रहता। अब भारत-रूस के रिश्ते भी मजबूत हुए हैं और भारत ने अमेरिका के विरोध के बावजूद रूस से हथियारों की खरीद की है। रूस तालिबान के प्रति नरम रुख रखता है। अब भारत ने अफगानिस्तान की मदद की तरफ हाथ बढ़ा दिए हैं और इससे वहां के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और उम्मीद है कि तालिबान की सत्ता भी भारत के हितों का ध्यान रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Dec 2021 13:07:08 +0530</pubDate>
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                <title>घोषणा के बावजूद किसानों की आशंका से मोदी सरकार की क्रेडिबिलिटी खत्म:गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों की जीत हुई,हम आगे भी किसानों के साथ खड़े रहेंगे:डोटासरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%98%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A4%A3%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4/article-2539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/gehlot-dotasra.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बावजूद किसानो के लिखित में कानून वापसी की मांग पर  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला है।</p>
<p><br /> गहलोत ने पीसीसी में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब सरकार की क्रेडिबिलिटी खत्म हो जाती है,तब यह आशंका पैदा हो जाती है। क्रेडिबिलिटी का संकट पैदा हो गया है। इस सरकार के सामने घोषणा के बाद भी लोगों में शक है कि यह क्या करेंगे प्रधानमंत्री। अगर घोषणा कर दी उसके बाद भी अगर लोगों के मन में शंका है तो यह क्रेडिबिलिटी का संकट है। इसको भी इन्हें समझना चाहिए। इसलिए हम बार-बार कह रहे हैं कि देश किस दिशा में जाएगा इसके लिए ज्यादा कोई नहीं जानता। इनकम टैक्स ई डी सीबीआई पर जो दबाव है, वह दबाव में पूरा देश है। तीन कृषि कानून वापसी के फैसले को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसानों की जीत बताते हुए कहा कि 1 साल तक चले आंदोलन में किसानों ने इतिहास रचा है। गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बावजूद भी किसानों के मन में शंका है कि यह सरकार सिर्फ घोषणा कर सकती है, इसलिए किसान लिखित में कृषि कानून रद्द होने की बात कर रहे हैं।</p>
<p><strong><br /> किसानों के लंबे संघर्ष के बाद केन्द्र को झुकना पड़ा:</strong><br />  गहलोत ने कहा कि किसानों के लंबे संघर्ष के बाद केंद्र की मोदी सरकार को झुकना पड़ा और मोदी को आज इसकी घोषणा करनी पड़ी। हमारी सरकार ने तो 3 कृषि कानून पहले ही खारिज कर दिए थे।  गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा लगातार यूपी में कैंप किए हुए हैं और बूथ मैनेजमेंट पर लगे हुए हैं। जहां उन्हें जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। यह लोग समझ गए हैं कि कृषि कानूनों को लेकर जनता में गहरी नाराजगी है और चुनाव जीतने के लिए अब इन लोगों ने कृषि कानून वापस लिए हैं। अगर यह लोग यूपी में चुनाव हार गए तो इनका 2024 में सरकार बनाने का सपना पूरा नहीं हो पाएगा।</p>
<p><br /> देशभर में हाल ही में हुए उपचुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया। इनके प्रत्याशियों की जमानत जप्त हो गई। इनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में भाजपा पटखनी खा गई। जिसके बाद केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी की। आज भी देश में महंगाई बहुत ज्यादा है देश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है।</p>
<p><strong><br /> </strong></p>
<p><strong>किसानों की जीत हुई,हम आगे भी किसानों के साथ खड़े रहेंगे:डोटासरा</strong><br /> जयपुर: कृषि कानून वापस होने पर पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने इसे किसानों की जीत बताया है।डोटासरा ने कहा कि  किसानों के संघर्ष के आगे मोदी शाह का घमंड और षड्यंत्र हार गया।</p>
<p><br /> पीसीसी में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा करना किसानों की जीत है। आज अन्नदाता की जीत हुई है और मोदी शाह के घमंड और षड्यंत्र की हार हुई है। आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत हो चुकी है। उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और और भाजपा सरकार के मन में  बेईमानी है। इन लोगों ने केवल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह कदम उठाया है। मोदी सरकार को मालूम था कि कोर्ट में फैसला उनके खिलाफ आने वाला है, इसलिए सरकार को आगे आकर कानून वापस लेने पड़े। हमारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों के संघर्ष के साथ खड़े हैं। कांग्रेस और किसानों का चोली दामन का साथ है। जब भी किसानों पर परेशानी आई है कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रही है।  जो वादे किसानों से मोदी सरकार ने किए थे उन्हें पूरा करना चाहिए,उन्होंने कहा कि आगे भी किसान कृषि कानूनों को लेकर जो भी फैसला लेंगे कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Nov 2021 13:07:32 +0530</pubDate>
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                <title>हवा में जहर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख अपनाने के बाद चेती दिल्ली सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बार फिर स्कूलों को एक हफ्ते तक बंद करने का फैसला लिया है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों से घर से ही काम करने को कहा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%B0/article-2439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/polution_sc1.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख अपनाने के बाद चेती दिल्ली सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बार फिर स्कूलों को एक हफ्ते तक बंद करने का फैसला लिया है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों से घर से ही काम करने को कहा गया है। निजी संस्थानों को भी ऐसा कदम उठाने को कहा है। इसके अलावा दिल्ली में निर्माण गतिविधियों को तीन दिन के लिए प्रतिबंधित किया गया है। ऐसा नहीं है कि दिल्ली में पहली बार ही प्रदूषण का संकट गहराया है, बल्कि पिछले कई सालों से अक्टूबर-नवंबर के महीने में हवा में जहर घुलने का सिलसिला चल रहा है। दिल्ली सरकार ने पिछले सालों में प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के कई प्रयोग किए हैं, लेकिन कोई अपेक्षित नतीजा नहीं निकला। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है और यहां से केन्द्रीय सत्ता भी चलती है, लेकिन केन्द्र सरकार दिल्ली के प्रदूषण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाती। अक्सर हर साल दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण की जिम्मेदारी पड़ोसी राज्यों के किसानों के कंधों पर कह दिया जाता है कि उनके पराली जलाने से हवा में धुआं घुल जाता है जिसकी वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला देते हुए मान लिया है कि पराली के धुएं का केवल 30 प्रतिशत ही योगदान है, जबकि 70 प्रतिशत अन्य स्थानीय कारणों से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण की वजह से आसपास के राज्यों पर पड़ रहा है। खबर है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर, कोटा, उदयपुर के अलावा भिवाड़ी का प्रदूषण स्तर भी काफी बिगड़ा हुआ है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के कई बड़े शहरों की आबोहवा अच्छी तरह सांस लेने वाली नहीं रह गई है। प्रदूषण दिल्ली का ही नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकट बन चुका है, जिससे केन्द्र सरकार को ही कोई ठोस योजना बनानी होगी और प्रदूषण से मुक्ति दिलानी होगी। हकीकत यह है कि प्रदूषण को लेकर राज्य सरकारें और केन्द्र की सरकार कतई गंभीर नहीं हैं। समय रहते ही आवश्यक कदम उठा लिए जाते तो दिल्ली ही नहीं, बल्कि हर शहर को प्रदूषण का ज्यादा दंश नहीं झेलना पड़ता। सरकारें एक्शन प्लान बनाती जरूर है, लेकिन क्रियान्वयन पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना होता है और अनेक प्रकार की बीमारियों की पीड़ा झेलनी पड़ती है। केन्द्र व राज्यों को कारगर योजना बनानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 16 Nov 2021 14:56:46 +0530</pubDate>
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