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                <title>Radoslaw Sikorski - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Radoslaw Sikorski RSS Feed</description>
                
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                <title>विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचों को किसी भी प्रकार की सहायता न दें पोलैंड </title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात कर आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' अपनाने और भारत के पड़ोस में आतंकी बुनियादी ढांचे को समर्थन न देने का आग्रह किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/foreign-minister-jaishankar-said-that-poland-should-not-provide-any/article-140127"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jai-shankar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर ने पोलैंड से आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाने का आग्रह करते हुए कहा है कि उसे भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचों को किसी भी प्रकार से सहायता नहीं देनी चाहिए। डा. जयशंकर ने भारत यात्रा पर आये पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ सोमवार को यहां के दौरान प्रारंभिक वक्तव्य में कहा कि पोलैंड इस क्षेत्र के लिए कोई अजनबी नहीं हैं और वह सीमा-पार आतंकवाद की लंबे समय से चली आ रही चुनौती से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि पोलैंड को आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनानी चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को किसी भी प्रकार से सहायता नहीं करनी चाहिए।</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों की बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा स्वाभाविक रूप से शामिल होगी। विशेष रूप से अपने-अपने पड़ोस के संबंध में आकलनों का आदान-प्रदान उपयोगी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन संघर्ष और उसके प्रभावों पर भारत के विचार पहले भी स्पष्ट रूप से साझा कर चुके हैं और उन्होंने जोर देकर कहा है कि चुनकर भारत को निशाना बनाना न केवल अनुचित बल्कि अन्यायपूर्ण भी है। विदेश मंत्री ने कहा कि वह आज एक बार फिर इस बात को दोहरा रहे हैं।</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा कि यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया में काफी उथल-पुथल है। उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड  अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित हैं, जिनकी अपनी-अपनी चुनौतियां और अवसर हैं इसे देखते हुए विचारों और दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान करना स्वाभाविक रूप से उपयोगी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध भी निरंतर प्रगति कर रहे हैं लेकिन इन पर निरंतर ध्यान दिये जाने की जरूरत है। </p>
<p>भारत और पोलैंड के बीच परंपरागत रूप से गर्मजोशीपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में ये संबंध उच्च-स्तरीय राजनीतिक आदान-प्रदान तथा सशक्त आर्थिक और लोगों के बीच संपर्कों से आगे बढकर मजबूत हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2024 की पोलैंड यात्रा के दौरान संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया।</p>
<p>डा. जयशंकर ने कहा कि दोनों देश बातचीत के दौरान 2024 से 28 तक कार्ययोजना की समीक्षा करेंगे जिसके माध्यम से हम अपनी रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता को साकार करना चाहते हैं। इसके अलावा व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों तथा डिजिटल नवाचार में सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे।</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा कि पोलैंड मध्य यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 7 अरब डॉलर है जिसमें पिछले एक दशक में लगभग 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पोलैंड में भारतीय निवेश तीन अरब डॉलर से अधिक हो चुका है, जिससे पोलैंड के नागरिकों के लिए रोजगार के अनेक अवसर सृजित हुए हैं। भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, बड़े बाजार का आकार और निवेश-अनुकूल नीतियाँ वहां के व्यवसायों के लिए अपार अवसर प्रदान करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 17:56:42 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली पहुंचे उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की, भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की जयपुर साहित्य उत्सव के बाद दिल्ली पहुंचे। वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ रक्षा, सुरक्षा और व्यापार पर रणनीतिक चर्चा करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/deputy-prime-minister-of-poland-radoslaw-sikorski-reached-delhi-possible/article-140066"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/polamnd.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को नयी दिल्ली पहुंचे। जहां उनका स्वागत अतिरिक्त सचिव पूजा कपूर ने किया। उनके दौरे का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना और भारत और पोलैंड के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों का पता लगाना है।</p>
<p>पोलैंड के उप प्रधानमंत्री के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर चर्चा करने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक पोस्ट में कहा, नयी दिल्ली में आपका हार्दिक स्वागत है।</p>
<p>पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की आज नई दिल्ली पहुंचे। नयी दिल्ली में उनके कार्यक्रम भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर केंद्रित हैं। राजधानी पहुंचने से पहले सिकोरस्की ने 17 से 18 जनवरी तक जयपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने जयपुर साहित्य महोत्सव में भाग लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 12:21:57 +0530</pubDate>
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                <title>यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा के लिए छोड़नी होगी अमेरिका पर पूर्ण निर्भरता, सिकोरस्की ने कहा- यूक्रेन पर हमला, यूरोप की शांति को खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पोलैंड के उपप्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर यूरोप की सुरक्षा और वैश्विक भरोसे पर चिंता जताई। उन्होंने युद्ध के लिए पुतिन को जिम्मेदार ठहराया और यूक्रेनी शरणार्थियों को दिए गए पोलैंड के मानवीय समर्थन का उल्लेख किया। सिकोरस्की ने 1994 के बुडापेस्ट ज्ञापन की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/european-countries-will-have-to-give-up-complete-dependence-on/article-140036"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)36.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में फ्रंट लॉन पर आयोजित सत्र ‘ए कॉन्टिनेंट इन क्राइसिस : रशिया, यूक्रेन एंड द यूरोपियन स्टोरी’ में पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेशी मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की की बातों ने पूरे फेस्टिवल को एक गंभीर वैश्विक विमर्श की ओर मोड़ दिया। यह सत्र केवल रूस-यूक्रेन युद्ध की चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें यूरोप की सामूहिक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय भरोसे की विश्वसनीयता और बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन पर गहरी और स्पष्ट टिप्पणियां सामने आईं। सिकोरस्की की भाषा कूटनीतिक होने के बावजूद तीखी थी और उनके वक्तव्य यूरोप की वर्तमान चिंता और भविष्य की आशंकाओं को साफ  तौर पर उजागर कर रहे थे।</p>
<p><strong>जान बचाने को यूक्रेनी नागरिक पहुंचे पोलैंड :</strong></p>
<p>यूक्रेन के पड़ोसी देश के रूप में पोलैंड की स्थिति पर बात करते हुए सिकोरस्की ने मानवीय संकट की गंभीर तस्वीर खींची। युद्ध शुरू होने के बाद लाखों यूक्रेनी नागरिक जान बचाने के लिए पोलैंड पहुंचे। इतने बड़े पैमाने पर शरणार्थियों के आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतें सुनिश्चित करना आसान नहीं था, फिर भी पोलैंड ने इसे मानवीय दायित्व के रूप में निभाया।</p>
<p><strong>सिकोरस्की ने 1994 के बुडापेस्ट ज्ञापन का किया जिक्र :</strong></p>
<p>अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गारंटी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए सिकोरस्की ने 1994 के बुडापेस्ट ज्ञापन का जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि शीत युद्ध के बाद यूक्रेन ने दुनिया के सबसे बड़े परमाणु हथियार भंडारों में से एक को छोड़ दिया था। बदले में उसकी संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा का आश्वासन दिया गया था।</p>
<p><strong>पुतिन को ठहराया युद्ध का जिम्मेदार :</strong></p>
<p>सिकोरस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह संघर्ष रणनीतिक विवशता से अधिक व्यक्तिगत अहंकार से प्रेरित है। पुतिन ने अपने गौरव और प्रभुत्व की भावना को अंतरराष्ट्रीय नियमों, संधियों और पड़ोसी देशों की संप्रभुता से ऊपर रखा है। यूक्रेन पर हमला केवल एक देश पर आक्रमण नहीं रहा। बल्कि इसने पूरे यूरोप की शांति और स्थिरता को खतरे में डाल दिया।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 10:41:16 +0530</pubDate>
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