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                <title>Military Deployment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>यूरोपीय देशों का बड़ा फैसला: ड्रोन हमले के बाद साइप्रस की ओर भेजेंगे नौसेना, जानिए युद्ध में अब किसकी होगी एंट्री?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[स्पेन और फ्रांस के नक्शेकदम पर चलते हुए अब इटली ने भी साइप्रस की सुरक्षा के लिए अपनी नौसेना भेजने का निर्णय लिया है। रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने पश्चिमी एशिया में बढ़ते ड्रोन हमलों के मद्देनजर मित्र देशों की सहायता की पुष्टि की। यूरोपीय देशों का यह संयुक्त सैन्य कदम क्षेत्र में ईरानी खतरों से निपटने और हवाई अड्डों की सुरक्षा हेतु उठाया गया है।]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-european-countries-will-send-navy-to-cyprus/article-145385"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/eu-navy.png" alt=""></a><br /><p>रोम। स्पेन, फ्रांस और नीदरलैंड्स के बाद अब इटली ने भी ईरान के ड्रोन हमलों के मद्देनजर आने वाले दिनों में साइप्रस की सुरक्षा के लिये द्वीप पर अपनी नौसेना भेजने का फैसला किया है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने गुरुवार को संसद को यह जानकारी दी। पश्चिमी एशिया को सैन्य मदद भेजने पर संसद में मतदान से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के पहले के सुझावों की पुष्टि की।</p>
<p>क्रोसेटो ने कहा, "हम अकेले देश नहीं हैं जो इस स्थिति का सामना कर रहे हैं और हम सभी को मदद के लिए निवेदन मिला है।" उन्होंने कहा, "हम मिलकर जांच कर रहे हैं, जिसमें ज़िम्मेदारी कैसे बांटनी है, यह भी शामिल है। हमें इस इलाके में अपनी स्थिति का फिर से आकलन करना होगा और मुश्किल में फंसे दोस्त देशों के निवेदन पर जवाब देना होगा।" इससे पूर्व, स्पेन के रक्षा मंत्री ने एक बयान में कहा कि वह साइप्रस की ओर एक फ्रिगेट भेजेंगे। यूनान और फ्रांस ने कहा कि वे सोमवार को ईरान में बने ड्रोन से ब्रिटिश विमान केन्द्र को निशाना बनाये जाने के बाद द्वीप पर मदद भेजेंगे।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 17:52:09 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज का दावा: पश्चिम एशिया में सैन्य संसाधनों की तैनाती, ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद करने के लिए आकस्मिक योजना का हिस्सा</title>
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                        <![CDATA[ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथोनी अल्बानीज़ ने पश्चिम एशिया में फंसे 1.15 लाख नागरिकों की सुरक्षा के लिए सैन्य संसाधन तैनात किए हैं। परिवहन और ईंधन भरने वाले विमानों के साथ छह आपातकालीन टीमें भी भेजी गई हैं। यह कदम संघर्ष के बीच फंसे ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की सुरक्षित और व्यवस्थित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए 'आकस्मिक योजना' का हिस्सा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/australian-prime-minister-anthony-albanese-claims-the-deployment-of-military/article-145371"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ ने पुष्टि की है कि ऑस्ट्रेलिया ने नागरिकों की स्वदेश वापसी में सहायता प्रदान करने के लिए पश्चिम एशिया में सैन्य संसाधनों की तैनाती की है।</p>
<p>पीएम अल्बानीज़ ने संसद में कहा कि सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में पश्चिम एशिया में सैन्य संसाधन तैनात किये थे जो चल रहे संघर्ष के कारण व्यापक यात्रा व्यवधानों के बीच क्षेत्र में फंसे ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद करने के लिए आकस्मिक योजना का हिस्सा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तैनात सैन्य संसाधनों में एक परिवहन विमान और एक ईंधन भरने वाला विमान शामिल है।</p>
<p>सरकार ने बुधवार को कहा कि वह नागरिकों को अतिरिक्त कांसुलर सहायता प्रदान करने के लिए विदेश मामलों और व्यापार विभाग से छह आपात प्रतिक्रिया टीमों को पश्चिम एशिया में तैनात कर रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के पश्चिम एशिया क्षेत्र में 1,15,000 नागरिक हैं जिनमें से लगभग 24,000 संयुक्त अरब अमीरात में हैं।</p>]]>
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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 15:56:10 +0530</pubDate>
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                <title>परमाणु मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच तीसरे दौर की बातचीत समाप्त, मिसाइल क्षमताओं पर संभावित सीमाएं और छिपे हुए नेटवर्क पर रोक</title>
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                        <![CDATA[जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच तीसरे दौर की परमाणु वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हुई। अमेरिका ने यूरेनियम भंडार हटाने और केंद्र बंद करने का दबाव बनाया है, जबकि विफल होने पर सैन्य हमले की चेतावनी दी है। क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों की भारी तैनाती के बीच अब अगले हफ्ते वियना में तकनीकी चर्चा होगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/third-round-of-talks-between-us-and-iran-on-nuclear/article-144880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/us-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>जिनेवा। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु हथियारों के मुद्दे पर तीसरे दौर की बातचीत यहां समाप्त हो गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों देश अगले हफ्ते वियना में तकनीकी स्तर की बातचीत कर सकते हैं। अमेरिका इस बात को लेकर सोच रहा है कि क्या नयी कूटनीति से ईरान के परमाणु हथियारों के इरादों पर रोक लग सकती है या आखिरकार सैन्य बलों का ही सहारा लेना पड़ सकता है। </p>
<p>बातचीत से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान पर फोर्डो, नतांज और इस्फ़ाहान में अपने परमाणु केंद्रों को खत्म करने और यूरेनियम के बचे हुए भंडार को देश से बाहर भेजने का दबाव डाला है। सूत्रों के अनुसार ईरान के अपने परमाणु केंद्रों को खत्म करने, काफी यूरेनियम को अमेरिका को भेजने और एक स्थायी समझौते के लिए अमेरिका की ओर से रखी गयी शर्तों मानने की उम्मीद कम है। ईरान का प्रस्ताव अमेरिका की मुख्य मांगों को पूरा नहीं करता है और ईरान अमेरिका से रियायतें लेने के लिए ऐसे आर्थिक फायदे पाने की कोशिश कर रहा है जिनका अमेरिका की मांगों से कोई लेना-देना नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों ने पहले कहा था कि अगर दोनों पक्ष समझौता पर नहीं पहुंच पाते हैं तो अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। </p>
<p>यह कूटनीतिक कोशिश ऐसे समय में हो रही है जब इस इलाके में अमेरिका काफी संख्या में सैनिकों की तैनाती कर रहा है। अधिकारियों ने इसे 2003 में इराक पर हमले के बाद से हवाई और नौसैनिक हथियारों की सबसे बड़ी तैनाती बताया है। ईंधन भरने वाला विमानों और जमीनी हमला करने वाले ए-10 विमानों को इजरायल और ग्रीक आइलैंड क्रीट में नागरिक हवाई अड्डे से दिखने वाली जगहों पर तैनात किया गया है, जो ताकत प्रदर्शन का प्रतीक है।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को प्राथमिकता दी है, भले ही वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के पिछले हमलों से कम नुकसान हुआ था, जबकि ट्रंप ने कहा था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर दिया गया है। ट्रम्प ने बार-बार कहा है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करना चाहता है जबकि ईरान इससे इनकार करता है। </p>
<p>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान अभी यूरेनियम भंडार को बढ़ा रहा है, लेकिन चेतावनी दी कि ऐसा लगता है कि ईरान अपने परमाणु अवसंरचना के कुछ हिस्सों को फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का सुझाव है कि बातचीत से समझौता करना ही बेहतर नतीजा है, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु  हथियारों के बिना रहे और कड़े अंतरराष्ट्रीय निगरानी के दायरे में रहे। फिर भी अमेरिका की शर्तों को लेकर काफी सवाल बने हुए हैं। </p>
<p>यह साफ नहीं है कि अमेरिका नागरिक या चिकित्सा मकसदों के लिए यूरेनियम के सीमित संवर्धन को स्वीकार करेगा, या वह इसे पूरी तरह से रोकने के लिए तैयार होगा। ट्रंप के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन में यूरेनियम संवर्धन को खत्म करने की साफ तौर पर बात नहीं की गयी थी। अधिकारियों ने इशारा किया है कि यूरेनियम संवर्धन को लेकर एक तय सीमा पर विचार किया जा सकता है। यूरेनियम संवर्धन के अलावा, अनसुलझे मुद्दों में ईरान की मिसाइल क्षमताओं पर संभावित सीमाएं और ईरान के  छिपे हुए नेटवर्क पर रोक शामिल हैं।</p>]]>
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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 18:10:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है, परमाणु समझौता न होने पर भयावह परिणाम भुगतने की दी चेतावनी</title>
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                        <![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को सर्वोत्तम विकल्प बताते हुए मध्य पूर्व में दूसरे विमानवाहक पोत की तैनाती की पुष्टि की। उन्होंने चेतावनी दी कि परमाणु समझौता न होना 'भयावह' होगा।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-regime-change-in-iran-would-be/article-143210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है। जो देश के धार्मिक नेतृत्व को हटाने के समर्थन में उनके अब तक के सबसे स्पष्ट बयानों में से एक को दर्शाता है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ये टिप्पणियां उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में सैनिकों से मुलाकात के तुरंत बाद कीं और इससे पहले दिन में उन्होंने पुष्टि की थी कि वह मध्य पूर्व में दूसरा विमानवाहक पोत समूह तैनात कर रहे हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान के साथ परमाणु समझौता न होने पर बेहद भयावह परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने अतीत के सैन्य हमलों और संभावित परिणामों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा, ईरान के साथ हमें समझौता करना ही होगा, अन्यथा यह बेहद-बेहद भयावह होगा। उन्हें पहली बार में ही समझौता कर लेना चाहिए था लेकिन उन्हें इसके बजाय मिडनाइट हैमर मिला। उन्होंने दशकों की कूटनीति की आलोचना करते हुए कहा, पिछले 47 वर्षों से वे सिर्फ बातें करते रहे हैं। इस बीच हमने बहुत सी जानें गंवाई हैं। पैर, हाथ, चेहरे सब उड़ गए। यह संघर्ष बहुत लंबा चल रहा है।</p>
<p>उन्होंने पुष्टि की कि वे पश्चिम एशिया में दूसरा विमानवाहक पोत भेज रहे हैं और कहा, अगर इस्लामिक गणराज्य के साथ हमारा कोई समझौता नहीं होता। जब उनसे पूछा गया कि ईरान का नेतृत्व कौन संभालेगा, तो उन्होंने कहा, Þकुछ लोग हैंÞ लेकिन कोई विशिष्ट जानकारी नहीं दी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अभी तक राष्ट्रपति ट्रम्प की टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।</p>
<p>इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनकी मुलाकात के बाद कोई संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग नहीं हुई, मुलाकात का एकमात्र रिकॉर्ड ओवल ऑफिस में हाथ मिलाना था, जिसे इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा वितरित किया गया। सोशल मीडिया ट्रुथ पर ट्रंप के बयान में निरंतर (एजेंसी) की उनकी इच्छा पर जोर दिया गया, जो प्रधानमंत्री नेतन्याहू के परमाणु समझौते के विरोध और ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर चर्चा करने में उनकी कथित रुचि के विपरीत था।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपनी विदेश नीति के रिकॉर्ड का भी बखान किया, यह दावा करते हुए कि उन्होंने कहा कि 10 महीनों में आठ युद्ध समाप्त किए और रूस-यूक्रेन संघर्ष को सबसे कठिन बताया। उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग के दौरे के दौरान उन्होंने बाइडन प्रशासन द्वारा बेस का नाम बदलने के फैसले की आलोचना की। मूल रूप से एक कॉन्फेडरेट जनरल के नाम पर नामित इस बेस का नाम 2023 में फोर्ट लिबर्टी रखा गया था और फिर राष्ट्रपति ट्रम्प के सत्ता में लौटने के बाद द्वितीय विश्व युद्ध के पैराट्रूपर ब्रैग के नाम पर इसका नाम वापस रख दिया गया।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, हम पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं। रूस-यूक्रेन का मसला बहुत उलझा हुआ है। यह एक भयानक स्थिति है। मुझे लगता है कि हम वहां पहुंच जाएंगे। इसके लिए दोनों पक्षों को सहयोग करने की जरुरत है। हमें विश्व में शांति बनाये रखना होगा।</p>]]>
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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 18:06:30 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>ग्वाटेमाला में पुलिस पर घातक हमला, राष्ट्रपति अरेवलो ने की 30 दिनों के लिए देशव्यापी 'स्टेट ऑफ सीज' की घोषणा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवलो ने गिरोहों द्वारा सात पुलिसकर्मियों की हत्या और जेल दंगों के बाद 30 दिनों के लिए देशव्यापी आपातकाल घोषित किया है। सरकार ने आतंकवादियों से न झुकने की कसम खाई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/fatal-attack-on-police-in-guatemala-president-arevalo-announces-nationwide/article-140098"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/world.png" alt=""></a><br /><p>ग्वाटेमाला सिटी। ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवलो ने देश की राष्ट्रीय नागरिक पुलिस पर हुए समन्वित हमलों की श्रृंखला के बाद 30 दिनों के लिए देशव्यापी 'स्टेट ऑफ सीज' घोषित कर दिया है। इन हमलों में कम से कम सात पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है।</p>
<p>अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रपति अरेवलो ने कहा कि यह आपातकालीन कदम आपराधिक गिरोहों के खिलाफ राज्य की कार्रवाई को मजबूत करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह हिंसा जेलों में हुए दंगों से जुड़ी बताई जा रही है, जिनके दौरान गिरोह के सदस्यों ने तीन हिरासत केंद्रों में 46 लोगों को बंधक बना लिया था।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 15:17:40 +0530</pubDate>
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